बाल विधानसभा के सीएम मिले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र से, नेता प्रतिपक्ष ने भी की मुलाकात

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सोमवार को विधानसभा में उत्तराखण्ड बाल विधानसभा के सदस्यों ने शिष्टाचार भेंट की। बाल अधिकारों के संरक्षण, बच्चों से संबंधित मुद्दों को विधानसभा में उठाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में बाल विधानसभा बनाई गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बच्चों का अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना जरूरी है। इस तरह की प्रक्रियाओं से इन बच्चों को काफी सीखने को मिलेगा।

इस विधानसभा में प्रदेश के सभी 13 जनपदों से 70 सदस्य हैं। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नमन जोशी, मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी एवं नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन हैं। प्लान इण्डिया के प्रोजक्ट मैनेजर गोपाल थपलियाल ने बताया कि 2014 में पहली बाल विधानसभा का आयोजन देहरादून में किया गया। 2018 में तीसरी बाल विधानसभा का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को रोकने एवं बालिका सुरक्षा को फोकस किया जा रहा है। इन बच्चों ने सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही को देखा।

इस अवसर पर विधायक गोपाल रावत, देशराज कर्णवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर भुवनेश्वरी महिला आश्रम गिरीश डिमरी, बाल विधानसभा से सृष्टि गोस्वामी, काजल, प्राची, आसिफ हसन आदि उपस्थित रहे।

हवा में चलने वाली मेरी बाइक प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का हिस्साः अद्वैत क्षेत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से गुरूवार को हर्रावाला के छठवीं कक्षा के छात्र अद्वैत क्षेत्री ने भेंट की। अद्वैत ने बताया कि उन्होंने हवा से चलने वाली बाइक बनाई है। इस बाइक को बनाने में उन्हें डेढ़ साल का समय लगा। इससे वायु, ध्वनि और मृदा से संबंधित कोई प्रदूषण नहीं होता है। यह बाइक वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित करना चाहते हैं।

अद्वैत ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान में यह उनका छोटा सा योगदान है। अद्वैत ने कहा कि वे भविष्य में एस्ट्रोनॉटिक्स के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं। यह बाइक उन्होंने गुब्बारे से प्रभावित होकर बनाई है। उन्होंने कहा कि यह विचार मेरे मन में तब आया जब गुब्बारा कम प्रेशर से इधर से उधर उड़ सकता है, तो अधिक प्रेशर से एयर से चलने वाली बाइक बनाई जा सकती है। उन्होंने इस बाइक मॉडल को देखने के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अद्वैत को इस मॉडल को बनाने पर बधाई देते हुए उनका आमंत्रण स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में अनेक प्रतिभाशाली बच्चे हैं। हमारा प्रयास है कि ऐसे बच्चों को आगे भी इसी तरह के इनोवेटिव कार्यों के लिए अलग फंड की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्तर पर इस बाइक मॉडल का प्रस्तुतीकरण कराया जायेगा। इस अवसर पर अद्वैत के पिता आदेश क्षेत्री एवं माता अमृता क्षेत्री भी उपस्थित रहीं।

प्रकृति संरक्षण में सहायक है नमामि गंगेः किंग कार्ल-16 गुस्ताफ

बृहस्पतिवार को स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे के अंतर्गत 14 एमएलडी क्षमता का है तथा इसकी लागत 41.40 करोड़ रूपए है।

किंग कार्ल 16 गुस्ताफ ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। भारत एवं भारत के लोगों में बहुत सी सम्भावनाएं हैं। उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये किये जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत में प्रकृति और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों से प्रकृति के संरक्षण में सहायता मिलेगी।

गंगा की निर्मलता के लिए गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के क्षेत्र में ठोस पहल हुई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जलीय जीवों के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

रसायनों के प्रयोग को कम करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में गंगा की निर्मलता के लिए सराहनीय कार्य हुए हैं। खेतों में प्रयोग किए जाने वाले रसायन का गंगा के प्रदूषण में महत्वपूर्ण भाग है, जिसे रोकने की जरूरत है। गंगा की निर्मलता को बनाये रखने के लिए औद्योगिक कचरे के उपचार की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही, कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रयोग को अत्यधित न्यून करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने आस-पास के नदी-नालों को स्वच्छ रखने में आमजन के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करके अपने प्रदेश के साथ ही देश को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए।

उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स में 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ एवं क्वीन सिल्वा का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह देवभूमि विश्व प्रसिद्ध पावन नदी गंगा का उद्गम स्थल भी है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी भारत के 32 प्रतिशत भूभाग को सिंचित करती है और भारत की लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गंगा नदी के संरक्षण के साथ ही स्वच्छ एवं अविरल बनाये रखने के लिए भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस अभियान के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पृथ्वी की ईकोलॉजी एवं स्वस्थ नागरिक जीवन के लिए प्रोपर वेस्ट मैनेजमेंट की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें से 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो चुके हैं।

इससे पूर्व स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया का जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचने पर राज्य के प्रोटोकॉल मंत्री धनसिंह रावत ने स्वागत किया। यहां से किंग कार्ल-16 गुस्ताफ और क्वीन सिल्विया ऋषिकेश गए जहां उन्होंने प्रसिद्ध रामझूला पुल, गंगा माता मंदिर व स्नान घाट का भ्रमण किया एवं पूजा अर्चना भी की।

पलायन रोकने को हो चुका सर्वे, भविष्य की कार्ययोजना भी तैयार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग उत्तराखण्ड द्वारा जनपद पिथौरागढ़ का विशलेषण कर पलायन को कम करने से सम्बन्धित रिपोर्ट का विमोचन किया। इस रिपोर्ट में जनपद पिथौरागढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन के कम करने के उपायों पर सुझाव दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन को रोकने के लिए जिन जनपदों का सर्वे हो चुका है। उन जनपदों के भविष्य की कार्ययोजना भी तैयार किया जाए। पलायन को किस प्रकार नियंत्रित कर रिवर्स माईग्रेशन की संभावनाओं के लिए सुनियोजित आधार तैयार किये जाएं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आयोग द्वारा जनपदवार किये जा रहे विशलेषण एवं अर्थव्यवस्था, आजीविका सुधार तथा स्वरोजगार सृजन के अवसरों से सम्बन्धित सुझाव निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि पलायन प्रभावित जनपदों के विकास हेतु विभिन्न विभागों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए इन क्षेत्रों को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है इस पर भी गहन अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने व रिवर्स माइग्रेशन के लिए विशेषज्ञों व विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बुद्धिजीवी वर्ग से भी सुझाव लिये जाने चाहिए।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने व पलायन को कम करने के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञों व स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श किया गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों व संस्थानों पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन पर अंकुश लगाने के लिए विषय विशेषज्ञों व छात्रों के भी सुझाव लिये गये। शासन स्तर पर भी बैठकें आयोजित की गई।

ऋषिकेश नगर निगम के एक वर्ष पर संकल्प से शिखर की ओर शीर्षक पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सोमवार को श्रीभरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, ऋषिकेश में नगर निगम ऋषिकेश के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने खाण्ड गांव बाईपास रोड एवं कृष्णा नगर कालोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल किये जाने, भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज को फर्नीचर के लिए 10 लाख रूपये प्रदान करने। ऋषिकेश में लोक निर्माण विभाग के भवन का पुनरूद्धार कर एक अतिथि गृह बनाये जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के लिए 10 कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया एवं नगर निगम की विकास पुस्तिका ‘संकल्प से शिखर की ओर’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम में पिछले एक साल में विकास के अनेक कार्य हुए। 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। इस दृष्टि से हमें सुनियोजित तरीके व तेजी से कार्य करने होंगे। ऋषिकेश में जो सीवरेज ओर पाईपलाईन का कार्य चल रहा है, उनमें और तेजी लाने के निर्देश उन्होंने दिये। विश्व में देवभूमि के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों का नियोजित विकास हो। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस वर्ष 36 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधायुक्त तथा सुरक्षित कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन किया जा रहा है। यह श्राइन बोर्ड हमारी भविष्य की जरूरत है। इससे सभी के हितों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जायेगा। देश के अनेक बड़े मन्दिरों के लिए श्राइन बोर्ड की व्यवस्था है। राज्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन राज्य सरकार का अहम सुधारवादी कदम है। ऋषिकेश में स्वछता, सीवरेज, पेयजल व अन्य कार्यो के लिए 2100 करोड़ रूपये की योजना बनायी गई है। हमारा प्रयास है कि आगामी कुम्भ स्वच्छ एवं ग्रीन कुंभ के रूप में आयोजित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वच्छता में सबको अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 हजार खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। युवा सरकारी सेवाओं में जाने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई करें।

मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं ने कहा कि पिछले एक साल में नगर निगम ऋषिकेश के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वच्छता, पथ प्रकाश, सीवरेज, पेयजल एवं निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले एक साल में 09 करोड़ से अधिक के कार्य किये गये एवं 07 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को सीएम ने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रभावी बताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सम्बन्धित पोस्टर लॉन्च कर इस योजना का शुभारंभ किया, उन्होंने नव नियुक्त ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं एसएसजी को संबोधित पत्र को भी हस्ताक्षरित किया।

इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिला को गर्भावस्था में ही 5000 की धनराशि सरकार द्वारा बचत खाते में जमा की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिला सशक्तिकरण के लिये भी प्रभावी पहल बताया है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

कश्मीर अब खुले में सांस लेने लगा हैः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के फिल्म का टीजर रिलीज किया। उन्होंने फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों तथा समसामयिक विषय पर आधारित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 370 के हटने से कश्मीर को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने में मदद मिली है। इस धारा के कारण कश्मीर देश की मुख्य धारा से अलग ही नहीं था, बल्कि तमाम बन्दिशों का भी सामना कर रहा था। अब कश्मीर खुले में सांस लेने लगा है, आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे तथा कश्मीर पुनः धरती का स्वर्ग बनेगा।

उन्होंने फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तरकाशी के जखौल, मोरी, पुरोला क्षेत्र में किये जाने की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के साथ ही प्रदेश व अन्य क्षेत्र भी फिल्मांकन के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के जखौल क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं।

वहां पर हेलीपैड के साथ ही हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र को हिमाचल से जोड़ने के लिये 12 कि.मी सडक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड माउन्टेनियरिंग का भी पसंदीदा स्थल है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्य में फिल्मों के निर्माण से देश व दुनिया के सामने यहां के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य की पहचान बनेगी तथा अनेक अनछुए क्षेत्र, देश व दुनिया के सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे अपनी अगली फिल्म पी.ओ.के का निर्माण आरम्भ करेंगे।

फिल्म के निर्माता भवर सिंह पुंडीर तथा निर्देशक राकेश सावंत ने बताया कि यह फिल्म कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों तथा कश्मीर से हुए पलायन के दर्द को बयां करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड में की गई है। उनका मानना था कि उत्तराखण्ड का सौन्दर्य कश्मीर से कम नहीं है। स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि यह फिल्म देश भर के थियेटरों में प्रदर्शित की जायेगी। कश्मीर के लिये उत्तराखण्ड का परोक्ष रूप से बड़ा योगदान रहा है। यहां के सैनिकों ने वहीं पर अपना बलिदान दिया है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री से इसका टीजर रिलीज करने का अनुरोध किया गया है।

डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को डोईवाला में उत्तराखण्ड सरकार एवं हंस फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में डोईवाला क्षेत्र के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन हेतु थालियों एवं गिलास का वितरण किया। हंस फाउण्डेशन के सहयोग से प्रदेश के 2197 विद्यालयों में 02 लाख विद्यार्थियों को थालियों एवं गिलास का वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने हंस फाउण्डेशन द्वारा मसूरी, ऊखीमठ और पिथौरागढ़ के लिए 03 एम्बुलेंस एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विद्या मन्दिर स्कूल, नैनीताल को प्रदान की गई 01 स्कूल बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा भानियावाला में निर्मित सामुदायिक शौचालय कॉम्प्लेक्स का भी लोकापर्ण किया। मुख्यमंत्री ने डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत 03 विद्यालयों के लिए वर्चुअल रियलटी लैब को भी लांच किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की कि डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत किया जायेगा। डोईवाला नगर में सीवरलाईन बनाई जायेगी। रेशम माजरी में टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाया जायेगा। भोगपुर पेयजल योजना के तहत अल्ट्रा फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जायोगा। डोईवाला, भानियावाला एवं दुर्गा चौक पर 03 वाटर एटीएम लगाये जायेंगे। डोईवाला में प्रेस क्लब के लिए विधायक निधि से प्रेस क्लब भवन बनाने की भी बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी का भानियावाला में लगभग 22 लाख रूपये की लागत से दो शौचालयों के निर्माण, एम्स ऋषिकेश में लैब के लिए 10 करोड़ रूपये एवं देहरादून में सेंट्रल लाईब्रेरी के लिए 7.5 करोड़ रूपये प्रदान करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं मंगला माता ने उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी हर सम्भव मदद का आश्वासन हंस फाउण्डेशन के द्वारा दिया गया। कम्यूनिटी किचन के लिए हंस फाउण्डेशन द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं समाज के विकास में हंस फाउण्डेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एकसमान शिक्षा के लिए किया गया है एनसीईआरटी सिलेबस लागूः अरविंद पांडेय
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि हंस फाउण्डेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को भरपूर सहयोग दिया है। 07 कम्यूनिटी किचन बनाने के लिए हंस फाउण्डेशन ने सहमति दी है। अगले वर्ष मार्च-अप्रेल तक 02 कम्यूनिटी किचन प्रारम्भ हो जायेंगे। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सभी को एक जैसी शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया गया है।

हंस फाउण्डेशन की अध्यक्ष माता मंगला ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हंस फाउण्डेशन का विशेष ध्यान है। बच्चों के लिए भोजन एवं स्वच्छता पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से बच्चों को भोजन पात्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक आहार एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। हंस फाउण्डेशन का प्रयास बच्चों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए हर सम्भव मदद करना है।

जिस देश में वीरों को सम्मान नहीं, वहां अधिक समय तक आजादी नहींः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली में वार मैमोरियल फाउंडेशन द्धारा सैंज खैतोलीखाल में आयोजित वीसी दरवान सिंह नेगी शौर्य महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में शिरकत करने से पहले वीसी दरवान सिंह नेगी के चित्र पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमें वीसी दरवान सिंह नेगी की शौर्य गाथा पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जिस देश मे वीरों का सम्मान नही होता वह देश अधिक समय तक आजाद नही रह सकता।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीसी दरवानसिंह नेगी की स्मृति को चिरस्थाई बनाये रखने के लिए शौर्य महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करते हुए प्रति वर्ष इसके आयोजन हेतु 5 लाख की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने वीसी दरवान सिंह नेगी के पैतृक आवास का जीर्णोद्धार कर उसे संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के शहीदों की स्मृति में शहीद म्यूजियम बनाने की भी घोषणा की, जिसमें शहीदों के मेडल्स, कपडे, बाक्स आदि यादगार चीजों को लोगों के दर्शन के लिए रखे जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रा.इ.कालेज चोपता मे चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की भी स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा की इस क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए जियो कंपनी के माध्यम से आपटिकल फाइबर केविल विछाई जा रही है ताकि टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं और सभी स्कूलों मे ई लर्निंग शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, संचार, बिजली, पानी राज्य सरकार की प्राथमिकता मे शामिल है, इस दिशा में राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है हमारे इन प्रयासों के लिए केन्द्र सरकार ने भी सराहा है। क्षेत्रीय जनता की सैनिक स्कूल की मांग पर मुख्यमंत्री ने इसका परीक्षण करने के साथ ही आवश्यक कारवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

सीएम त्रिवेन्द्र से मिले फिल्म निर्देशक अवनीश ध्यानी, की उत्तराखंड की प्रशंसा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में पद्मा सिद्धि फिल्म्स एवं जेएसआर प्रोडक्शन हाउस द्वारा उत्तराखण्ड में शूट की जा रही फिल्म ‘‘सौम्या गणेश‘‘ का मुहूर्त शॉट लिया। फिल्म के निर्देशक अवनीश ध्यानी एवं छायांकन निर्देशक हरीश नेगी हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है, यहां की प्राकृतिक सुन्दरता और खूबसूरत वादियां फिल्म प्रोड्यूसर्स के लिए आकर्षण का केन्द्र बनती जा रही हैं। साथ ही फिल्म निर्माताओं को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा फिल्म पॉलिसी लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी फिल्म प्रोड्यूसर्स को बहुत ही पसंद आ रही है। फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए प्रदेश में प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से 3-4 दिनों में ही सभी प्रकार की क्लीयरेंस दे दी जाती हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। बहुत से फिल्म प्रोड्यूसर प्रदेश में शूटिंग करने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इस समय प्रदेश में बहुत सी फिल्मों की शूटिंग चल रही है, और बहुत सी फिल्मों की शूटिंग शुरू होने जा रही है।