मुख्यमंत्री धामी ने एचीवर्स अवार्ड में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में *प्रथम* स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। *द्वितीय* स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। *तृतीय* स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश के चेहरे पर मुस्कुराहट

अल्मोड़ा स्थित उदयशंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय युवा एवं खेल राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दीप प्रजवल्लित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार में केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविंद पाण्डे, उत्तराखण्ड विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में देश विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे युवाओं के साथ उत्तराखंड की भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न क्षेत्रों में काम कर चुके युवाओं के अनुभव भी साझा किये गए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने कहा है कि दक्षता व विश्वसनीयता उत्तराखण्ड के युवाओं की विशेषता है। जरूरत है उनमें उद्यमिता का गुण विकसित करने की। युवा देश का कल हैं। उन्हें अपनी शक्ति को पहचानना होगा और नई सोच के के साथ बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री, राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत अल्मोडा में आयोजित युवा सम्मेलन में सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि युवाओं की आकांक्षाओं को जानकर सरकार के बजट व योजनाओं में इन आकांक्षाओं को स्थान दिया जाए। युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश के चेहरे पर मुस्कुराहट आयेगी। देश में एवियेशन का क्षेत्र काफी बढ़ रहा है। इसमें रोजगार की काफी सम्भावनाएं हैं। आने वाले समय में उत्तराखण्ड एडवेंचर टूरिज्म का बेस्ट डेस्टीनेशन बनने जा रहा है। हम साहसिक पर्यटन का अलग निदेशालय बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें वैकल्पिक खेती की ओर जाना होगा। एरोमेटिक, अदरक, हल्दी आदि की खेती को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तमाम बाधाएं हैं परंतु इन्हें नई सोच के साथ दूर किया जा सकता है। उत्तराखण्ड में फाईबर पर आधारित छोटे उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। यहां इंडस्ट्रियल हेम्प और सिसौण की काफी सम्भावनाएं हैं। इनसे सैंकडों तरह के उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अच्छी कीमत मिलती है।

पिरूल व सौर ऊर्जा बन रहे विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिरूल को भी विकास से जोड़ा जा सकता है। इसमें बड़ी पहल की गई है। पिरूल से बिजली बनाने के लिए प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार सोलर नीति के तहत भी परियोजनाओं के आवंटन-पत्र सौंपे जा चुके हैं।

फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन बना उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है। इसका बड़ा कारण यहां के लोगों की प्रकृति है। सभी फिल्मकार कहते हैं कि उत्तराखण्ड के लोग शांति से रहते हैं और अनुशासनप्रिय हैं। फिल्म शूटिंग के समय कभी भी यहां व्यवधान नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फिल्म की शूटिंग में सैंकडों लोगों का क्रू यहां आता है और दो-तीन माह तक रहता है। इससे यहां की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है और हमारे बच्चों को भी अवसर मिलता है। उत्तराखण्ड को बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है।

ग्रोथ सेंटरों से सुधरेगी ग्रामीण आर्थिकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हिमालयी राज्यों की एक जैसी परिस्थितियां हैं। हमें एक दूसरे के अनुभवों और विशेषज्ञता को साझा करना चाहिए। इसी सोच के साथ मसूरी में हिमालयन कान्क्लेव आयोजित किया गया था। विकास एक सतत प्रक्रिया होती है। सरकार की कोशिश है कि संतुलित विकास हो और विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। इसी सोच के साथ सभी न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना पर काम किया जा रहा है। 62 ग्रोथ सेंटर को मंजूरी भी दी जा चुकी है। नए टूरिस्ट डेस्टीनेशन विकसित करने के लिए 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टीनेशन पर काम कर रहे हैं।

भारत-भारती उत्सव में दिखेंगे कलर्स ऑफ इण्डिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में तमाम प्रदेशों के बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में इनका भी योगदान है। राज्य स्थापना दिवस पर भारत-भारती का आयोजन किया जा रहा है। इसे कलर्स ऑफ इण्डिया का नाम दिया गया है। इसमें भारत की संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिलेंगे।

भारत को खेलों में टॉप 10 में लाने की कोशिश
केंद्रीय युवा एवं खेल राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2028 में भारत को खेलों में टॉप 10 में लाने का प्रयास है। खेल में सबसे अच्छा करना हमारा लक्ष्य है। खेलों इंडिया के तहत खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है। खिलाड़ियों को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि मैं हर खिलाड़ी से पर्सनली मिलता हूं। खेल और खुराक, हम हर खिलाड़ी को पूरा देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल का सक्सेस ट्रेनिंग है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ओलंपिक में हमारा झंडा लहराएगा। जब मेडल जीतते हैं तो भारत का झंडा जब फहराता है तो खिलाड़ी रोते हैं। अगर कोई खिलाड़ी देश के लिए खेला है और बीमार है तो उनके लिए हमने राशि रखी है। अगर हमसे नहीं मिल सकते हैं तो सोशल मीडिया पर टैग कर दें तो उसका खर्चा सरकार उठाएगी। लगातार मदद मिल रही है। जिन्होंने देश के लिए खेला है उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए इसलिए सरकार जिम्मेदारी ले रही है। हर स्कीम युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

यह युवा हुए सम्मानित
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं का सम्मान भी किया गया। दीपक डोबरियाल, फिल्म अभिनेता, द्वारिका प्रसाद रतूड़ी, चीन में होटल कारोबारी, पायल आर्य, अंटार्कटिका में सर्वेयर, विनय साह, अंतरराष्ट्रीय धावक, पायल सागर, भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर, पूनम, पर्वतारोही, प्रज्ञा जोशी, कराटे चौंपियन, रिद्धिमा पांडे, बाल पर्यावरण एक्टिविस्ट, देवयानी सेमवाल, माउंटेनियर, नैना अधिकारी, कयाकर, शीतल, पर्वतारोही, गौरव मनकोटी, रैपर, ईशान डोभाल, गायक-संगीतकार, संकल्प खेतवाल, गायक-संगीतकार, योगेश गर्ब्याल, पर्वतारोही, मनोज सरकार, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी और डा. भुवन जोशी, अंतरिक्ष वैज्ञानिक को सम्मानित किया गया।