तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात में सीएम ने कहा, नहीं होगा अहित


सीएम आवास में देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और पण्डा समाज का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता श्री मनोहर कांत ध्यानी जी को संबंधित तीर्थ पुरोहितों के पक्ष को जानकर पूरी रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार सभी को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी।

बदरीनाथ मास्टर प्लान को मूर्त रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों की भी बात सुनी जाएगी और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाऐगा। सभी के हित यथासंभव सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से रास्ता निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।

चारों धामों को श्राइन बोर्ड से जोड़ने पर गाडू घड़ा का होगा विरोध

राज्य सरकार के राज्य के चारों धामों को श्राइन बोर्ड (देवस्थानम अधिनियम) से जोड़ने के फैसले का देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी का विरोध करेगी। तीर्थ पुरोहितों ने बैठक कर गाडू घड़ा यात्रा का पूर्ण रूप से विरोध दर्ज करने का निर्णय लिया है।

रविवार को हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महा पंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि गाडू घड़ा यात्रा के आयोजन का पंचायत पूर्ण रूप से विरोध करेगी। इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देश के प्रमुख संतों के सानिध्य में अखिल भारतीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संयोजक सुरेश सेमवाल ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देवस्थानम अधिनियम के विरोध में अखिल भारतीय महापंचायत का आयोजन हरिद्वार में किया जाएगा। इसके अलावा महापंचायत का प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज में देश के चारों पीठों के शंकराचार्य, अखाड़ा परिषद, भारत साधु समाज के अलावा अन्य सभी धार्मिक संगठनों के लोगों से मिलेगा। बैठक में महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी, महेश सेमवाल, आलोक सेमवाल, जगमोहन उनियाल, विनोद शुक्ला, उमेश सती, सतेंद्र सेमवाल, डा. बृजेश सती आदि मौजूद रहे।