राज्य में पांच चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण पर खर्च होंगे 147 करोड़

राज्य सरकार ने चार धाम एवं यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये केन्द्र सरकार से 500 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के समक्ष योजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देकर डीपीआर को अंतिम रूप दिया। नई योजनाओं के तहत चार धाम के अंतर्गत आने वाले पांच चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित करना शामिल है। इसके साथ ही चार धाम यात्रा पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं अन्य कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की भी योजना है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कलोनी स्थित अपने शासकीय आवास में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने चार धाम यात्रा के अंतर्गत चारों धामों सहित यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण संबंधी योजना का प्रस्तुतिकरण दिया। डॉ. रावत ने बताया कि प्रत्येक वर्ष चार धाम यात्रा पर पूरे भारतवर्ष से लाखों यात्री पहुंचते हैं, लेकिन इन स्थानों पर समिति स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते यात्रियों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना संभव नहीं हो पाता है। जिसको देखते हुये पिछले दिनों केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तारीकरण के लिये पृथक पैकेज की मांग रखी गई थी। जिसकी विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर भारत सरकार को भेजी जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिय लगभग 500 करोड़ की मांग की गई है।

जिसके अंतर्गत जोशीमठ, गुप्तकाशी, भटवाडी, पुरोला व बड़कोट चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के लिये 150 करोड़, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर की स्थापना के लिये 27 करोड़, विभिन्न स्थानों पर ट्रंजिट हास्टल एवं स्वास्थ्य कुटिर की स्थापना हेतु 37 करोड़, मानव संसाधन के वेतन भत्तों एवं प्रोत्साहन राशि के लिय 270 करोड़, कार्डिक मोबइल वैन/एम्बुलेंस हेतु 1.5 करोड़, जनजागरूकता एवं चिकित्सकों व कार्मिकों के विशेष प्रशिक्षण हेतु 2 करोड़ तथा विभिन्न मेडिकल उपकरणों हेतु 6.5 करोड़ शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य राज्यों से भी मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों को यात्रा काल के लिये चार धाम यात्रा में तैनात करने की मांग केन्द्र सरकार से की जायेगी ताकि देशभर से उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, डा. सुजाता सहित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट की टीम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सीएम के निर्देश पर हुई बैठक

उत्तराखण्ड में आगामी माह से शुरू होने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा से जुड़े होटल व्यवसायियों, तीर्थपुरोहित समाज व टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक आयोजित की गई।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में जितनी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे थे, इस बार उससे अधिक आने की संभावना है, लिहाज़ा सरकार हर स्तर पर तैयारियों की समीक्षा कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने से पहले बिजली- पानी की व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाए। अपर मुख्य सचिव ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और भी सुलभ बनाए जाने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर पूरे देश में सकारात्मक संदेश जाए उस दिशा में हम सबको सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में हमारे प्रदेश की छवि पर्यटन प्रदेश कि रूप में है ऐसे में हम सबको को इस बात को ध्यान रखना होगा कि जो भी यात्री प्रदेश में आए वह एक अच्छा अनुभव लेकर वापस जाए।

बैठक में सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने कहा जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए गुरुवार तक 2 लाख 12 हज़ार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। चारधाम यात्रियों को पंजीकरण के लिए 65 दिनों का समय दिया गया है, इसके अलावा यात्रियों की सुविधा हेतु ऑन कॉल पंजीकरण और व्हास्ट्सएप्प के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है।

सचिव पर्यटन ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा के पंजीकरण के लिए और भी बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था इस वर्ष लागू की जा रही है।

बैठक के दौरान गंगा सभा के अध्यक्ष संजीव सेमवाल ने गंगोत्री धाम में नए घाट निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार प्रकट किया। उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने पार्किंग संबंधी सुझाव दिए। इस दौरान उत्तराखण्ड टूर ऑपरेटर एसोसिएशन के अभिषेक आहलूवालिया, चारधाम महापंचायत से डॉ बृजेश सती, गंगोत्री तीर्थपुरोहित समाज से रजनीकांत सेमवाल ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बैठक में विभिन्न धामों से आये प्रतिनिधियों द्वारा जो भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये हैं उन्हें माननीय मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी किशोर भट्ट, बदरीनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता समेत चारों धामों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा से पूर्व लोक निर्माण विभाग की शत प्रतिशत सड़कें शीघ्र गड्ढ़ा मुक्त की जाएं

चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी विभाग अपने स्तर से सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। श्री बद्रीनाथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए बीआरओ की एक टीम नियमित जोशीमठ में रहेगी। यदि जोशीमठ में सड़कों में दरार या कोई अन्य समस्याएं आती हैं, तो उनका शीघ्र ट्रीटमेंट किया जायेगा। यात्रा के सफल संचालन के लिए जोशीमठ में आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को लोक निर्माण विभाग की सड़कों को शत प्रतिशत गड्ढ़ा मुक्त करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन अभी भी कई जगह सड़कों पर गड्ढ़े की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने एवं सड़कों के सुधारीकरण के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग प्रत्येक सप्ताह जिलाधिकारियों एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा तब तक जारी रखी जायेगी, जब तक जिलाधिकारियों से लोक निर्माण विभाग की सड़कों के शत प्रतिशत गड्ढा मुक्त होने एवं सुधारीकरण की रिपोर्ट न आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के चारों धाम श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो यह हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की चारधाम यात्रा में जो कमियां रह गई थीं, सभी संबंधित विभागों द्वारा उन कमियों का निदान करते हुए, इस बार श्रद्धालुओं को क्या बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए। वाहन चालकों के लिए पार्किंग स्थलों पर आराम करने की व्यवस्थाएं भी की जाए। चारधाम यात्रा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। पैदल मार्गों में भी स्वच्छता के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पेट्रोल पम्पों पर पेयजल एवं टॉयलेट की उचित व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर साइनेज एवं क्रैश बैरियर की आवश्यकतानुसार पूरी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए खर्चे की पूरी व्यवस्था की जायेगी, लेकिन कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। चारधाम यात्रा के लिए वाहनों के फिटनेस टेस्ट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाए। चारधाम यात्रा मार्गो पर स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालयों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। चारधाम यात्रा के पैदल मार्गों पर घोड़े-खच्चरों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था के साथ ही पशुपालन विभाग से डॉक्टरों की टीम की पूरी व्यवस्था रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए यात्रा शुरू होने से पूर्व अधिकारी धरातल पर जाकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। चारधाम यात्रा मार्गों के आस-पास के मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ इन धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने श्रद्धालुओं से आह्वाहन किया है कि, अपने यात्रा खर्च का 05 प्रतिशत खर्च स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए चारधाम में किन स्थानीय उत्पादों को प्रमोट किया जा सकता है, इस दिशा में प्रयास किये जाएं। मिलेट पर आधारित उत्पादों को भी चारधाम यात्रा के दौरान प्रमोट किया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, चंदन राम दास, बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक भरत चैधरी, शैला रानी रावत, दुर्गेश्वर लाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिवगण, संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

केदारनाथ धाम के संचालन को लेकर मंदिर समिति की हुई बैठक

वर्ष- 2023 श्री केदारनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु की जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में जिला कार्यालय एनआईसी कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गईं।

अध्यक्ष बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल, 2023 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन हेतु जिस स्तर से जो भी व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जा रही हैं, वह सभी व्यवस्थाएं 15 अप्रैल, 2023 से पूर्व ही सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू किया जाए तथा जो भी मार्ग क्षतिग्रस्त हैं उनका भी मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को संपादित करने हेतु तैनात किए जाने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को संचालित करने में किसी प्रकार की काई परेशानी न हो। यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए उचित पार्किंग एवं यातायात प्लान तैयार किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जाने वाले पुलिस कर्मियों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए एवं केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था तथा संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए उचित पानी की व्यवस्था एवं यात्रा मार्ग में विद्युत व्यवस्था आदि सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया है कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की सफलता के लिए जो भी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं जिस स्तर से की जानी हैं सभी को आवश्यक निर्देश देते हुए सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए बर्फ हटवाने का कार्य कल से ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में वर्तमान में बर्फ नहीं है उस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने के निर्देश डीडीएमए को दिए गए हैं। उन्होेंने यह भी अवगत कराया है कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए इसकी निगरानी के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है जिन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए विभिन्न यात्रा पड़ावों में तैनात किए जाएंगे।

बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका गीता झिंक्वाण, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि अरुणा बेंजवाल, तिलवाड़ा संजू जगवाण, पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, मंदिर समिति से आरसी तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के बयान से तीर्थपुरोहितों में आक्रोश


उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर तीर्थपुरोहितों ने फिर मोर्चा खोल दिया है। चारधाम के तीर्थपुरोहितों की महापंचायत ने पूर्व सीएम के बयान की निंदा की और कहा कि लगता है कि सत्ता से दूर रहने और जनता के नकारने के चलते वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। यही कारण है कि वह जोशीमठ आपदा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ऊलजलूल बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते है। महापंचायत ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि पूर्व सीएम अपने बयान पर माफी मांगें। अन्यथा वह चारधामों में उनके खिलाफ मोर्चा खोल देंगे।

जोशीमठ में आई आपदा के बाद प्रभावित हुए लोगों के दर्द पर मरहम लगाने के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गत दिवस एक बार फिर देवस्थानम बोर्ड को लेकर बयान दिया है। उन्होंने बयान में कहा कि यदि देवस्थानम बोर्ड अस्तित्व में होता तो उसकी आय से पूरा जोशीमठ का पुनर्निर्माण हो जाता। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद तीर्थपुरोहितों में आक्रोश है। तीर्थपुरोहितों की महापंचायत के प्रवक्ता रजनीकांत सेमवाल ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि लगता है कि पूर्व सीएम रावत। का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। राज्य में चार साल तक तुगलकी फरमान जारी करने के बाद जनता ने उन्हें नकार दिया था। जिसके बाद उनको सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से वह सत्ता में आने के लिए तरस रहे हैं। उनके बयान के पीछे भी यही मंशा दिख रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार चारधामों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पुनर्निर्माण की कमान स्वयं संभाले हुए हैं। पीएम ने केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ संवारने की योजना को भी सहमति दी है। इसी कड़ी में गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में सड़क समेत अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले आपदा और बाद में कोरोना ने चारधाम यात्रा को प्रभावित किया था। लेकिन धामी सरकार ने चारधाम में बेहतर व्यवस्था देकर देश दुनिया में अच्छा संदेश दिया है।

चार साल में क्या काम हुआ नहीं पता

महापंचायत के प्रवक्ता रजनीकांत सेमवाल ने कहा कि पूर्व त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चारधाम के तीर्थपुरोहितों के विरोध के बीच देवस्थानम बोर्ड बनाया था और अफसरों की तैनाती की थी। ऐसे में वह बताएं कि देवस्थानम बोर्ड ने चार साल में क्या किया है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से डेढ़ से दो सौ करोड़ की कमाई की बात करने वाले पूर्व सीएम पहले अपने कार्यकाल के कामों का व्यौरा दें। उन्होंने कहा कि देवस्थानम जितने दिनों में भी अस्तित्व में रहा, उस दौरान चारधाम में क्या विकास हुआ है और कितनी आय हुई है, यह सब जगजाहिर है। ऐसे में बयानबाजी देकर पूर्व सीएम जोशीमठ के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों को प्रभावित करना चाहते हैं।

भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदारनाथ के कपाट

भैया दूज के पावन अवसर पर प्रात: 8.30 बजे 11वें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा के कपाट बंद हुए और सेना के बैंड की मधुर धुन के बीच बाबा केदार की चल विग्रह डोली को मंदिर से बाहर लाकर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कराया गया। इस अवसर पर 2500 से ज्यादा श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। (portal of shri kedarnath dham closed for winter season)

प्रांत 3.30 बजे ही केदारनाथ मंदिर खुल गया था। चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया।इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आव्हान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। इसके साथ ही पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नयी केदार पुरी अस्तित्व में आ चुकी है जहां तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं मुहैया हो रही है। गौरीकुंड- केदारनाथ रोप वे के बनने से केदारनाथ यात्रा अधिक सुगम हो जायेगी।

इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इ़फ्रंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि सामूहिक सहयोग समन्वय से यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हुआ है।

कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। आज पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाल राम पुर पहुंचेगी। कल 28 अक्टूबर शुक्रवार को देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास करेगी तथा 29 अक्टूबर शनिवारको श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसी के साथ इस वर्ष श्री केदारनाथ यात्रा का समापन हो जायेगा तथा पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।

इस यात्रा वर्ष चार धाम यात्रा में 43 लाख से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे। हेमकुंट साहिब को मिला कर यह संख्या पौने छयालीस लाख पहुंच गयी। 26 अक्टूबर गौवर्धन पूजा के अवसर पर श्री गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। आज दोपहर में श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे बाबा केदार और यमुनोत्री के कपाट, आज गंगोत्री के हुए बंद

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर आज दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर बंद हो गए। इस अवसर पर तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ी। साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी पहुंचे हैं।

इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के जवान सेना के बैंड के साथ मौजूद हैं। अब कपाट बंद होने के बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में कर सकेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट
वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर 27 अक्टूबर को दोपहर 12रू 09 बजे बंद होंगे। यमुना की डोली लेने के लिए खरशाली गांव से शनि महाराज की डोली 27 अक्टूबर की सुबह यमुनोत्री पहुंचेगी। शीतकाल में यमुना के दर्शन खरशाली स्थित यमुना मंदिर में होंगे।

उधर, द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ के कपाट 27 अक्टूबर यानी भैयादूज पर्व पर सुबह साढ़े आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं पौराणिक परंपराओं के साथ विधिविधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद भगवान की पंचमुखी उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए प्रथम पड़ाव फाटा, 28 अक्टूबर को भोले बाबा की उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी तथा 29 अक्टूबर को पंचगद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल के छह माह तक यहीं पर भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं व भक्त दर्शन कर सकेंगे।

सुविधाजनक चारधाम यात्रा को पुख्ता इंतजाम होः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा के माध्यम से देश-विदेश में अतिथि देवो भवः का संदेश जाना चाहिए। इस बार बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। चार धाम यात्रा की तैयारियां उसी के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में चारधाम यात्रा 2022 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यात्रा को श्रद्धालुओं की लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर, सभी आवश्यक सुधार कार्य यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को भी यात्रा मार्गों पर कार्यों की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति में तत्काल खोलने के लिए जरूरी मशीनों की व्यवस्था व तैनाती कर ली जाए। जेसीबी मशीनों की ट्रेकिंग के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़ा जाए। यात्रा मार्ग से संबंधित सड़कों पर कहीं भी मलबा या कचरा न रहे। कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। ट्रेफिक प्रबंधन व संचालन के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। जिस पर यात्रा से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हो। इस नम्बर को व्यापक प्रचारित भी किया जाए। इस वर्ष बहुत बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की सम्भावना है। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह पर्याप्त संख्या में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डायवर्जन और वैकल्पक मार्गों की व्यवस्था भी कर ली जाए। जगह-जगह पर साईन बोर्ड भी लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों पर जाने वाले बसों व टैक्सियों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित हो। यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नियमो का पालन कराते हुए यात्रियों व श्रद्धालुओं के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार हो। एक बार एंट्री पाइन्ट पर वाहनों की चौकिंग होने के बाद बार-बार चौकिंग कर यात्रियों को परेशान न किया जाए। विभिन्न स्थानों पर क्वालिटी पेयजल के लिए वाटर एटीएम/वाटर मशीन लगाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती कर ली जाए। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी हो। यात्रा मार्ग पर रेट लिस्ट के निर्धारण के साथ ही मिलावटखोरी को रोकने के लिए नियमित चौकिंग अभियान चलाया जाए। यात्रा शुरू होने से पूर्व श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व श्री हेमकुण्ड साहिब में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ ही यात्रा मार्गों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यात्रा मार्ग पर बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। चार धाम यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व अन्य जरूरी सूचनाओं का प्रचार प्रसार हो। चार धामों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए।

बैठक में केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक शैलारानी रावत, सुरेश सिंह चौहान, संजय डोभाल, दुर्गेश लाल, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मुख्य सचिव डा. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डा. पंकज कुमार पाण्डेय, शैलेश बगोली, एस.ए. मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ धाम के कपाट छह मई, बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को खुलेंगे

विश्वप्रसिद्ध 11वें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष के लिए शुक्रवार 6 मई प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर वृश्चिक लग्न में खुलेंगे। (Portals of Kedarnath dham to open on 6th May) बद्रीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खोले जाएंगे।

पंचकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में शिवरात्रि के पावन अवसर पर संक्षिप्त धार्मिक समारोह आयोजित हुआ। जिसमें श्री केदारधाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर की उपस्थिति में पूजा- अर्चना की गई। पंचाग गणना के पश्चात यात्रा वर्ष 2022 हेतु श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई।

भगवान श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी उत्सव डोली 2 मई को पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम को प्रस्थान करेगी जबकि 1 मई को भैरवनाथ जी की पूजा की जायेगी।

डोली 2 मई गुप्तकाशी, 3 मई फाटा, 4 मई गौरीकुंड 5 मई को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 6 मई शुक्रवार प्रातर 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की आप पार्टी ने उठाई मांग

छोटी दीपावली पर्व के बावजूद आप के कार्यकर्ताओं ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार बुधवार की दोपहर नेपाली फार्म तिराहे पर वेदस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार पर हल्ला बोला।

प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा तीर्थ की मयार्दाओं को तार-तार कर रही है जिसे किसी सूरतेहाल में बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होंने देवस्थानम बोर्ड को हिंदू धर्म के खिलाफ बताया है और इसे तुरंत भंग करने की मांग की। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान करते हुए विधानसभा प्रभारी नेगी ने कहा कि अगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता में आते ही सबसे पहले इस काले कानून को समाप्त कर पार्टी तीर्थ पुरोहितों के पारंपरिक अधिकारों को बहाल करने का काम करेगी।

प्रदर्शनकारियों मे पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल, दिनेश कुलियाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा पांडेय, रजनी कश्यप, योगाचार्य भारती, चंद्रमोहन भट्ट,गोविंद रावत,मनसोधन यादव,आशु पाल,अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी, मोनू कश्यप, मोनू भाई, पंकज गुसाईं, सुनील सेमवाल, जगदीश कोहली, प्रभात झा, अनूप रावत, देवराज नेगी, विक्रांत भारद्वाज, हिमांशु नेगी, नीरज कश्यप, अश्वनी सिंह, नरेंद्र सिंह, शीशपाल वर्मा, मनोज कश्यप, पंकज रस्तोगी, मूलचंद कश्यप, जयेन्द्र प्रसाद, सौरव पुंडीर, राहुल दुबे, जाकिर, दीपक कश्यप, पुरुषोत्तम साहू, विकास तोमर, शुभम देव, समीर भारद्वाज, राहुल भंडारी, अजय ठाकुर, समीर, मदन ठाकुर, अंकित डबराल आदि शामिल थे।