चारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी, सोशल मीडिया पर हर समय निगरानी

चारधाम यात्रा के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में उत्तराखंड पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। इस क्रम में थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा श्रद्धालु व्यवस्थित ढंग से दर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक एवं अप्रमाणित सूचनाएं न केवल जनमानस में भ्रम उत्पन्न करती हैं, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 4-5 अन्य संदिग्ध वीडियो की भी पुलिस टीम द्वारा गहन जांच की जा रही है। जांच के उपरांत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड पुलिस द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि चारधाम यात्रा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24Û7 निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का समय रहते संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा-2026: सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान तैयार

सीएम धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा चारधाम यात्रा को हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने संबंधी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए | देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे थे ।

मुख्यमंत्री धामी ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और अधिक प्रभावी रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने तथा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी भ्रामक या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित SOP का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य हो तथा ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर सेवाओं को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनज को बेहतर बनाने को कहा।

आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही CSR और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकता अनुसार AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।

आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती करने को कहा। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

सीएम धामी ने यात्रा अवधि के दौरान नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर गड्ढों को तुरंत भरने और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष भंडारों को लेकर उत्पन्न विवादों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि प्रशासन स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती करते हुए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायकगण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उत्तराखंड के चारों धामों में विशेष पूजा सम्पन्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बुधवार को उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की गई। जहां तीर्थ पुरोहितों ने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए भगवान से प्रार्थना की।

बद्रीनाथ धाम में बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर हवन किया गया। जिसमें तीर्थ पुरोहितों ने भगवान बद्री विशाल से प्रधानमंत्री के लिए मंगल की कामना की। इसी तरह केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों ने महारुद्राभिषेक का आयोजन कर बाबा केदार से प्रार्थना की। दोनों धामों के तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों से उत्तराखंड के चारों धामों में पुनर्निर्माण और विकास के अभूतपूर्व काम हुए हैं। प्रधानमंत्री खुद कई बार बद्रीनाथ और केदारनाथ के दौरे पर आ चुके हैं। इधर, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी तीर्थ पुरोहितों ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर उनके लिए विशेष पूजा अर्चना सम्पन्न की। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और तीर्थ यात्रियों ने भाग लिया। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान सम्मान विदेशों में तक बढ़ा है, भारत अब विश्व को नेतृत्व प्रदान करने की स्थिति में आ गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों में भी स्वतःस्फूर्त तरीके से विशेष पूजा अर्चना संपन्न की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है, इसी तरह उत्तराखंड के जनमानस के मन में भी प्रधानमंत्री के लिए विशेष जगह है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में कई जगह लोगों ने स्वतः स्फूर्त तरीके से प्रधानमंत्री के लिए मंगल कामना करते हुए हवन एवं पूजा अर्चना की। मैं पुनः प्रदेशवासियों की तरफ से माननीय प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई प्रेषित करता हूं, भगवान बद्री विशाल उन्हें दीर्घायु रखें।

– पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

उत्तराखंडः चारों धाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

चारधाम यात्रा में इस बार अब तक करीब 32 लाख यात्री पहुंच चुके हैं। अच्छी बात यह है तीर्थयात्री अब चार धामों के साथ ही अन्य मंदिरों/तीर्थ स्थलों में भी पहुंच रहे हैं। जिससे चारधाम यात्रा मार्ग की तरह, अन्य स्थानों पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।

उत्तराखंड में स्थित चारों धामों में प्रतिवर्ष यात्रा काल के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस यात्रा सीजन में ही चारधाम और हेमकुंड के लिए कुल पंजीकरण की संख्या 44 लाख से अधिक हो चुकी है। इसमें यमुनोत्री धाम के लिए 713456, गंगोत्री के लिए 780554, केदारनाथ के लिए 1443513, बद्रीनाथ के लिए 1336923 और हेमकुंड के लिए 169180 पंजीकरण हुए हैं, जिसमें से अब तक करीब 32 लाख तीर्थयात्री यात्रा पूरी कर चुके हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर इसका सकारात्मक आर्थिक प्रभाव नजर आ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार, अन्य तीर्थ स्थलों और धामों के भी प्रचार-प्रसार पर जोर देते रहे हैं, ताकि तीर्थयात्रियों के आने से इन क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज हो सके। इसका सकारात्मक असर रुद्रप्रयाग स्थित कार्तिकेय स्वामी मंदिर, उत्तरकाशी स्थित जगन्नाथ मंदिर के साथ ही अन्य मदिंरों में आने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के रूप में नजर आने लगा है। आंकड़ों के मुताबिक कार्तिकेय स्वामी मंदिर में गत वर्ष करीब चार लाख तीर्थ यात्री पहुंचे थे, जबकि इस बार यह संख्या जून मध्य तक ही 10 लाख के पार पहुंच गई है। उत्तरकाशी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी इस वर्ष अब तक 25 हजार तीर्थ यात्री पहुंच चुके हैं। जिस कारण अब चारधाम यात्रा मार्ग की तरह अन्य स्थानों पर भी होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, प्रसाद सहित तमाम तरह की गतिविधियां बढ़ रही हैं। जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका को सहारा मिल रहा है।

उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए, सभी क्षेत्रों में तीर्थाटन, पर्यटन की गतिविधियां तेज होना जरूरी है। उत्तराखंड देवभूमि है, यहां प्रत्येक देवालय का अपना महत्व है। सरकार सभी तीर्थ स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास करने का प्रयास कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद नैनीताल के विधान सभा नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट (पाडली) तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 505.71 लाख, जनपद रुद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड अगस्तमुनि में खांकरा छातीखाल मोटर मार्ग के कि०मी० 01 से 05 में डीबीएम व बी०सी० द्वारा सुदृढीकरण एवं सड़क सुरक्षा कार्य हेतु 444.66 लाख, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी के विकासखण्ड हल्द्वानी के अन्तर्गत रामनगर-कालाढुंगी- हल्द्वानी-काठगोदाग-चोरगलिया-सितारगंज-बिजटी राज्य मार्ग सं0 41 किमी 36 में निहाल नदी पर 24 मी० विस्तार आर०सी०सी० सेतु का नवनिर्माण कार्य हेतु 319.20 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/निकायों में, जहां सातवां वेतनमान लागू है, के कार्यरत नियमित कार्मिकों एवं पेंशनरों को राजकीय कार्मिकों की भांति दिनाक 01.01.2025 से वर्तमान दर 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत अनुमन्य किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा में थाना देघाट के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य हेतु 475.25 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

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इन विकास योजनाओं को भी मिली वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के तहत पौड़ी गढ़वाल के विधान सभा क्षेत्र पौड़ी के विकास खंड पाबो में तुगडुण्डा भैंसवाडा मोटर मार्ग का सुदृढीकरण एवं डामरीकरण के कार्य हेतु 344.98 लाख, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के विकासखण्ड गैरसैण में मालकोट कालीमाटी सेरा तिवाखर्क मोटर मार्ग में रागगंगा नदी के ऊपर 48 मी० स्पान स्टील गर्डर सेतु का निर्माण कार्य हेतु 512.46 लाख, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी के निगम नाला वाला मार्ग का पी०सी० द्वारा पुनर्निर्माण कार्य एवं सोबन राम के घर से सुरेश भट्ट के घर तक मार्ग का नवनिर्माण कार्य हेतु 183.47 लाख, विधान सभा क्षेत्र गंगोलीहाट में चौडमन्या-कमतोली मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य हेतु रू0 528.91 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने सैनिक स्कूल, घोडाखाल नैनीताल को सुचारू रूप से संचालन एवं विद्यालय की वित्तीय स्थिति को सुधारने हेतु वार्षिक स्वीकृत बजट को रू0 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड किये जाने के लिए अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में अग्निशमन सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण हेतु 23.667 करोड़ व्यय हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है। श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज सुबह मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाट खुलने के अवसर पर देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किये तथा गंगा और यमुना में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।

गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोहों में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉ गंगा एवं यमुना के मंदिरों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की। धामी ने दोनों धामों में पहुंची लोक देवताओं की डोलियों से भी आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उत्तराखण्ड के चार धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं और इन धामों की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करने की आकांक्षा हर श्रद्धालु के मन में रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए राज्य में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि देवो भवः की परंपरा के अनुसार हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से दिव्य धामों के शुभाशीष के साथ ही यात्रा का सुखद अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के आयोजन के लिए सभी लोगों से सहयोग की अपील भी की है।

गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, किशोर भट्ट, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, आदि मौजूद थे। यमुनोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी एस.एल सेमवाल, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, सचिव सुनील उनियाल भी मौजूद थे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

केदारनाथः तीर्थपुरोहितों की हड़ताल से श्रद्धालुओं को राहत

केदारनाथ धाम में स्थानीय तीर्थपुरोहितों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। केदारनाथ यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए स्थानीय व्यापरियों एवं तीर्थ पुरोहितों के साथ जिला प्रशासन द्वारा यात्रा संचालन को लेकर चल रही वार्ता सफल रही। जिसके बाद सभी व्यापारियों एवं तीर्थ पुरोहितों ने अपने प्रतिष्ठान सुचारू रूप से खोल दिए हैं। हड़ताल खत्म होने से धाम में आए श्रद्धालुओं को बडी राहत मिली है।

बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले ही दिन तीर्थ पुरोहितों ने आक्रोश व्यक्त करते हुये केदारपुरी के व्यापारिक प्रतिष्ठान, प्रसाद की दुकानें, खाने के होटल-ढाबों को बंद कर दिया। साथ ही पंडिताई का काम भी तीर्थ पुरोहितों की ओर से नहीं किया गया। तीर्थ पुरोहितों की मांग है कि विगत 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम में तोड़-फोड़ करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाय। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़े-खच्चर संचालक भी हड़ताल पर रहे। घोड़े-खच्चरों के न चलने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हालात की गंभीरता को समझते हुए जिला प्रशासन तीर्थपुरोहितों से वार्ता कर रहा था। एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में व्यापार संघ एवं तीर्थ पुरोहित समाज के साथ वार्ता सफल एवं सकारात्मक रही। वार्ता के बाद उनकी उचित मांगे मान ली गई हैं एवं वार्ता के बाद विरोध समाप्त कर सभी ने अपने प्रतिष्ठान खोल दिए। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि यात्रा के सफल संचालन के लिए वो हमेशा प्रशासन के साथ तत्परता से खड़े हैं। बताया कि प्रशासन ने उनकी मांगे मान ली हैं जिसके बाद सभी प्रतिष्ठान खोल लिए गए हैं। ताकि केदारनाथ में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी के नाम हुई पहली पूजा

भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 7ः10 बजे शुभ मुहूर्त पर ब्रह्म बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए हजारों संख्या में श्रद्धालु धाम मौजूद थे। आज सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकह कुमारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वी.सी. ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन हेतु राज्य सरकार ने तमाम व्यवस्थाएं की हैं।

हल्की बर्फबारी व बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैण्ड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत व नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा से श्रद्वालु गदगद हो उठे। कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, ईओ सुनील पुरोहित आदि सहित मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हक हकूकधारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

बैकुंठ धाम में अन्य तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों में भी जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीम पुल, वसुधारा जलप्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी है।

कब कितने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ
विगत वर्षों में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुॅचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्धालु ही बदरीनाथ पहुॅचे। जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। इस बार शुरुआत में ही रिकॉर्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुँच रहे है।

राज्य के लिए उत्सव है चार धाम यात्राः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित “ऋषिकेश से चारधाम यात्रा – 2023“ के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने चार धाम जा रहे श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया एवं यात्रा हेतु श्रद्धालुओं से भरी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हंस फाउंडेशन द्वारा चालकों, परिचालकों एवं श्रद्धालुओं हेतु दी जा रही राहत किट का वितरण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा हेतु आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि बाबा केदार, बद्रीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमनोत्री से प्रार्थना करता हूँ कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी चारधाम यात्रा हर्षाेल्लास एवं धूमधाम से सकुशल संपन्न हो। उन्होंने कहा हमें पूर्ण विश्वास है कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा अपने पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी। राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर चारधाम यात्रा संबंधी तैयारियों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। हमारा प्रयास रहेगा कि जो भी श्रद्धालु, यात्रा खत्म होने के उपरांत अपने घर लौटे वह देवभूमि उत्तराखंड में बिताए गए समय की स्वर्णिम यादों को साथ लेकर जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा उत्तराखंड राज्य के लिए एक उत्सव है। उन्होंने कहा देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। इससे राज्य में रोजगार के कई अवसर पैदा होते हैं। इस वर्ष अभी तक 16 लाख लोगों द्वारा यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित शत प्रतिशत हो। 2022 में यात्रा खत्म होते ही सरकार 2023 की यात्रा की तैयारियों में जुट गई थी। चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं पर भगवान की विशेष कृपा होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केदारनाथ का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है साथ ही इस वर्ष से श्रद्धालुओं को बद्रीनाथ धाम में भी मास्टर प्लान के कार्य दिखेंगे। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने हेमकुंड साहिब एवं गौरीकुंड से केदारनाथ तक के रोप-वे का शिलान्यास कर दिया है इससे आने वाले समय में यात्रा और ज्यादा सुगम होगी। ऑल वेदर रोड के निर्माण से पहले के मुकाबले आज यात्री बेहद कम समय में ऋषिकेश से चार धाम पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति श्रद्धालुओं को यात्रा संपन्न कराने में अपना सहयोग प्रदान करती हैं। जो कि अत्यधिक सराहनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि जब श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आएं तो उन्हें हर सुख सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे भविष्य में बार – बार उत्तराखंड आने का मन बनाएं, जिससे हमारे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिल सके। इस बार सरकार की तरफ से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत में “हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा“ करने का भी निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा में लगे सफाई कर्मचारियों से लेकर सुरक्षा में तैनात रहने वाले प्रत्येक पुलिस के जवान और प्रशासनिक अधिकारी से अपील करते हुए कहा कि हम सभी अपने स्तर में सर्वश्रेष्ठ कार्य करें। जिससे यात्रा में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। आपसी सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से हम सभी इस बार की यात्रा को भी सुरक्षित संपन्न कराने में सफल रहेंगे।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु हमारे परिवार समान हैं। आप सबकी सुगम यात्रा हो यह हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा प्रत्येक निकाय/ पालिका में रेन बसेरा एवं शौचालय में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह जहां भी विश्राम करें एवं भोजन करें वहां से बिल अवश्य लें। साथ ही स्थानीय उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदारी करें।
हंस फाउंडेशन की संरक्षक माता मंगला जी ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार से समन्वय बनाकर हंस फाउंडेशन द्वारा चार धाम के प्रत्येक पड़ाव में विभिन्न प्रकार के सेवा कैंप लगाए गए हैं। चार धामों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार विभिन्न स्थानों पर हंस फाउंडेशन के सेवकों की तैनाती की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सफाई का विशेष ध्यान रखने का आग्रह भी किया।
इस दौरान हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले जी महाराज, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, संजय शास्त्री, मनोज ध्यानी, जितेंद्र सिंह, विभिन्न राज्यों से चार धाम हेतु आए श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य में पांच चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण पर खर्च होंगे 147 करोड़

राज्य सरकार ने चार धाम एवं यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये केन्द्र सरकार से 500 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के समक्ष योजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देकर डीपीआर को अंतिम रूप दिया। नई योजनाओं के तहत चार धाम के अंतर्गत आने वाले पांच चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित करना शामिल है। इसके साथ ही चार धाम यात्रा पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं अन्य कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की भी योजना है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कलोनी स्थित अपने शासकीय आवास में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने चार धाम यात्रा के अंतर्गत चारों धामों सहित यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण संबंधी योजना का प्रस्तुतिकरण दिया। डॉ. रावत ने बताया कि प्रत्येक वर्ष चार धाम यात्रा पर पूरे भारतवर्ष से लाखों यात्री पहुंचते हैं, लेकिन इन स्थानों पर समिति स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते यात्रियों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना संभव नहीं हो पाता है। जिसको देखते हुये पिछले दिनों केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तारीकरण के लिये पृथक पैकेज की मांग रखी गई थी। जिसकी विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर भारत सरकार को भेजी जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिय लगभग 500 करोड़ की मांग की गई है।

जिसके अंतर्गत जोशीमठ, गुप्तकाशी, भटवाडी, पुरोला व बड़कोट चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के लिये 150 करोड़, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर की स्थापना के लिये 27 करोड़, विभिन्न स्थानों पर ट्रंजिट हास्टल एवं स्वास्थ्य कुटिर की स्थापना हेतु 37 करोड़, मानव संसाधन के वेतन भत्तों एवं प्रोत्साहन राशि के लिय 270 करोड़, कार्डिक मोबइल वैन/एम्बुलेंस हेतु 1.5 करोड़, जनजागरूकता एवं चिकित्सकों व कार्मिकों के विशेष प्रशिक्षण हेतु 2 करोड़ तथा विभिन्न मेडिकल उपकरणों हेतु 6.5 करोड़ शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य राज्यों से भी मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों को यात्रा काल के लिये चार धाम यात्रा में तैनात करने की मांग केन्द्र सरकार से की जायेगी ताकि देशभर से उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, डा. सुजाता सहित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट की टीम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।