राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के 212 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से चयनित 212 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के इन छात्र-छात्राओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिली है। इस वर्ष अभी तक राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से 65 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिल चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र सभी युवाओं के सपनों की पहली सीढ़ी है। यह परिश्रम और लगन से किए कार्य का सम्मान भी है। हर छात्र पूर्ण मनोयोग निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को हर क्षेत्र में रोजगार के उचित अवसर मिलें। राज्य के अंदर निजी क्षेत्र भी रोजगार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गैर सरकारी औद्योगिक इकाइयों का विकास हमारी आर्थिक विकास का प्रमुख स्तंभ है। देवभूमि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को राज्य में सही दिशा और उचित अवसर देने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षाे में टेक्नोलॉजी, रोजगार, कौशल विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। देश के अंदर हर क्षेत्र में नौजवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी को प्रथमिकता दी गई है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से देश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों हेतु राज्य में ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेंटर का निर्माण किया गया है। जिसके माध्यम से छात्रों को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होने छात्रों से कहा कि आपके द्वारा किए गए कार्य एवं अनुभव ही आपकी पूंजी के रूप में हमेशा आपके पास रहेगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार से जोड़ना है। बीते 3 सालों में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में 15000 से भी ज्यादा युवाओं को नियुक्तियां दी है। राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाया गया है। परीक्षा से लेकर नियुक्तियां तक तय समय के अंदर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता से युवाओं का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह पारदर्शिता युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान लोगों/युवाओं द्वारा नकल विरोधी कानून लागू करने हेतु विशेष रूप से सरकार का आभार व्यक्त किया जा रहा है। यह पारदर्शिता तभी संभव है जब सरकार की नीति और नीयत दोनों साफ हो। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए निरन्तरता से काम कर रही है। समेकित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर आया है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता परक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को सीधे रोजगार मिले इसके लिए औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के हिसाब से नये कोर्स चलाये जा रहे हैं। बच्चों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में फाइनल वर्ष के 3500 बच्चों में से 2303 बच्चों को रोजगार से जोड़ दिया गया है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। युवाओं को अन्य देशों में भी रोजगार के अवसर मिले इसके लिए सरकार ने राज्य के पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में जर्मन और फ्रेंच भाषा पढ़ाने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन के लिए हर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि केवल सर्विस प्राप्त करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, निजी सेक्टर में अपने समर्पण, ज्ञान, कार्यशैली के माध्यम से सफलता को प्राप्त करना है। जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस क्षेत्र में हमेशा सर्वश्रेष्ठ कार्य कर निरन्तर सफलता के मार्ग पर आगे बढ़े। युवाओं को राज्य और समाज के बेहतर भविष्य के लिए सोचना चाहिए।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा स्वाति भदौरिया, निदेशक तकनीकि शिक्षा आरपी गुप्ता, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

170 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 24, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 44, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (उत्तराखण्ड जल संस्थान) के पद पर 20, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) के पद पर 41, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (आवास विभाग) के पद पर 14, सहायक अभियंता, यांत्रिक अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 10, सहायक अभियंता, कृषि अभियंत्रण (लघु सिंचाई विभाग) के पद पर 06, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण ( लघु सिंचाई विभाग) एवं सहायक विद्युत निरीक्षक, (ऊर्जा विभाग) के पद पर 02-02 एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 01-01 अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना देते हुए आशा व्यक्त की कि नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को जिस भी क्षेत्र में सेवा करने का अवसर मिल रहा है, वे कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण भाव से जन सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति देने का मुख्य उद्देश्य है कि, सभी अभ्यर्थियों को चयन वर्ष का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की किअपने क्षेत्र में बेहतर कार्य कर उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में सभी चयनित अभ्यर्थी अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको अपने कार्यक्षेत्र में शत प्रतिशत योगदान देकर अपने माता-पिता और राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 03 सालों में राज्य सरकार का प्रयास रहा है कि हर क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इन 03 वर्षों में लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और मेडिकल चयन बोर्ड के माध्यम से कुल 14 हजार 800 नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई हैं। इस कानून के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई के प्राविधान किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय से ही युवा राजनीति में कार्य किया है, युवा वर्ग हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहा है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि सभी सहायक अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के साथ कार्य कर उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थी मन में यह भाव लेकर चलें कि कार्यक्षेत्र में हर समय नई चीजें, सीखने को मिलेगी, उनको आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह जीवन की नई पारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कई समय से सहायक अभियंताओं की कमी थी। नई नियुक्तियों से कार्यों में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 09 जिलों में विकास प्राधिकरण हैं, जिनमें सहायक अभियंताओं को नियुक्ति मिलेगी। राज्य में प्राधिकरण बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि क्षेत्रों का नियोजित विकास हो सके।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विनीत कुमार, कर्मेन्द्र सिंह एवं संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

शिक्षा विभाग में शीघ्र मिलेंगे 955 कार्मिकः धन सिंह

समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के रिक्त 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उक्त पदों की पात्रता रखने वाले अभ्यर्थी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर 29 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिये दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत चयन प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेश के सभी सीआरपी-बीआरपी केन्द्रों पर चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती आउटसोर्स के माध्यम से कर दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सूबे में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार लाने के दृष्टिगत समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जिस हेतु पात्र अभ्यर्थी सेवायोजन विभाग के अंतर्गत रोजगार प्रयाग पोर्टल पर शनिवार 01रू00 बजे के उपरांत ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे। अभ्यर्थी आवेदन संबंधित समस्त जानकारियां एवं सहायता के लिये संबंधित पोर्टल के दूरभाष संख्या 0135-2653665 तथा आउटसोर्स एजेंसी के दूरभाष नम्बर 0135-4145780 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में वही अभ्यर्थी अवेदन कर पायेंगे जो राज्य के किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होंगे। इसके अलावा 10 प्रतिशत पद सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये आरक्षित किये गये हैं।

विभागीय मंत्री ने बताया कि ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति (बीआरपी) हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणति एवं सामाजिक विज्ञान के कुल 255 पदों हेतु न्यूनतम अर्हता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंकों के साथ उपाधि ग्रहण की हो। इसके अलावा संकुल संदर्भ व्यक्ति (सीआरपी) के लिये 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि होनी जरूरी है। इसके अतिरिक्त बीआरीपी व सीआरपी पदों के लिये बीएड की उपाधि के साथ-साथ सीटीईटी अथवा यूटीईटी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही कम्प्यूटर में कार्य करने की दक्षता भी जरूरी है। जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये बीएड अथवा एलटी अर्हता होनी अनिवार्य है। बीआरपी-सीआरपी पदों के लिये आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पास चिकित्सा प्रमाण पत्रा होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने 27 सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 16 सुपरवाइजरों तथा आबकारी विभाग के अंतर्गत चयनित 10 निरीक्षक व 01 कनिष्ठ सहायक को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस प्रकार कुल 27 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनायें देते हुए कहा कि आपके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, आपका चयन इन पदों पर हुआ है। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत, परिश्रम करने वाले आज सभी मेहनती यवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने अनुशासन का जिक्र करते हुये कहा कि जीवन के निर्माण व सफलता में अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिये अपने जीवन में हमेशा अनुशासित होकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कड़ा नकल विरोधी कानून बनाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है तथा परीक्षओं को पारदर्शी बनाया है, जिससे मेहनती युवाओं को उनकी मेहनत का सुफल प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर सचिव तथा निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पंचायती राज विभाग के 08 सहायक लेखाकारों तथा 342 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक लेखाकारों का चयन लोक सेवा आयोग तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का चयन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले लेखाकार एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्राथमिक इकाई ही नहीं इसकी नींव के समान है। पंचायती राज व्यवस्था जितनी सशक्त होगी हमारा लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा, तभी सुराज की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की परेशानी, उसकी शिकायत को सरकार तक पहुंचाने और सरकार द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार खुद चल कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है, उसको सशक्त बना कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला रही है। आज चाहे, एलपीजी गैस कनेक्शन हो, बिजली कनेक्शन हो, पानी कनेक्शन हो, स्वच्छ भारत अभियान के तहत इज्जतघरों का निर्माण हो या अन्य योजनाएं हों, सरकार की प्रत्येक योजना के केंद्र में समाज का वंचित वर्ग भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाली सरकार में वंचितों की आवश्यकताएं पूर्ण करना ही हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हम निरंतर यह प्रयास कर रहे हैं कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन पूर्व में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तथा विकास की दृष्टि से गांवों को सबसे निचले पायदान पर रखा गया और गांवों के लिए जो पैसा भेजा जाता था, वह वहां तक नहीं पहुंच पाता था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। सरकार ने जन-धन योजना चलाई, देशभर में गांव के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गांवों तक पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक की पहुंच बनाई तथा आज इसका प्रभाव देश के हर गांव में नजर आ रहा है। योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए हर वह कार्य कर रही है, जो पूर्व में इच्छाशक्ति के अभाव में नही हो पाये। उन्होंने कहा कि अगर हमारे युवा अपने गांवों के उत्थान की भावना के साथ गांवों के विकास के लिए समर्पित रहेंगे, तो गांवों के विकास में कोई भी बाधा नहीं आ सकती है। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि आप गांवों को अपना घर समझकर कार्य करें, ताकि गांवों के विकास को पंख लग सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परन्तु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर “नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नकल विरोधी कानून का ही प्रतिफल है कि हम हर रोज अलग अलग विभागों में योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ कर जनहित के कार्य किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड विकास और विश्वास के अभूतपूर्व माहौल में, जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है और इसे सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों में सहयोगी बनें।
इस अवसर पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने पंचायती राज विभाग की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर सचिव पंचायती राज आलोक कुमार पाण्डेय, संयुक्त निदेशक आर. के. एन. त्रिपाठी, उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नवनियुक्त कार्मिकों सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

चिकित्सा शिक्षा सहित पशुपालन में नौकरी पाए युवाओं को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत टैक्निकल संवर्ग में चयनित अभ्यर्थियों एवं पशुपालन विभाग के अन्तर्गत चयनित सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। 85 चयनित टेक्नीशियनों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति प्रदान की गई है। पशुपालन विभाग के अन्तर्गत 19 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के हाथों ज्वाइनिंग लेटर पाकर उत्साहित नजर आए उच्च शिक्षा व वन निगम की नियुक्तियों में चयनित अभ्यर्थी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित उत्तराखण्ड वन विकास निगम और उच्च शिक्षा विभाग के सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। वन विकास निगम में 88 और उच्च शिक्षा विभाग के 08 सहायक लेखाकारों को शनिवार को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित सहायक लेखाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने कार्यक्षेत्र की शुरूआत से ही नियमित दिनचर्या बनाकर कार्य करें। जब हम कोई कार्य ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित में करते हैं, तो इससे आत्मसंतुष्टि मिलती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से आपको जनसेवा करने का अवसर मिला है। जन सेवा के लिए ईमानदारी और लगन से कार्य करें। उन्होंने कहा कि देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हमारे सभी युवाओं की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जन सहयोग से हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। जन सहभागिता से राज्य सरकार राज्य की प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रही है। रोजगार के साथ स्वरोजगार को भी राज्य में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों के माध्यम से लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अधियाचन भेजे गये हैं। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। राज्य में उद्योगों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत राज्य को जो निवेश प्रस्ताव मिले हैं, उनमें पहले प्राथमिकता उन्हीं को दी जा रही है, जिनमें स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अध्यक्ष वन विकास निगम कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम एस. पी. सुबुद्धि उपस्थित थे।

कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने को असीम संभावनाएंः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2023- 24 के तहत् राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने को असीम संभावनाएं हैं। कृषि और बागवानी के क्षेत्र में अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ कृषकों को उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित विभाग सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में फार्म मशीनरी बैंकों की सफलता को देखते हुए योजना से प्रदेश को परिपूर्ण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष कम से कम 50 करोड़ का बजट का प्रावधान किया जाए, ताकि अगले 5 वर्षों में प्रदेश को सैचुरेट किया जा सके। उन्होंने फार्म मशीनरी बैंकों की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों के साथ-साथ सहकारी समितियों (पैक्स) को भी दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में पावर टिलर और पावर वीडर की मांग को देखते हुए इसके लिए भी बजट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता के लिए नियोजन विभाग में सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन अनिवार्य रूप से करवाया जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना बन रही वरदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयासों में जुटे हैं। उत्तराखंड ही नहीं अब विदेशों में भी नौकरी का मौका सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना युवाओं के लिए वरदान बन रही है। योजना के तहत 15 युवाओं ने जापान में सेवायोजन के लिए ली जाने वाली नेट-4 दक्षता परीक्षा में सफलता हासिल की है।

सफल युवाओं में से दो अभ्यर्थियों को जापान के चीदा प्रान्त में जॉब मिला है। उन्हें वेतन के रूप में प्रति माह 200000 येन (जापानी मुद्रा) मिलेंगे। दोनों अभ्यर्थी फरवरी में जापान जाएंगे। अन्य अभ्यर्थियों का अगले माह जनवरी में जॉब इंटरव्यू प्रस्तावित हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ गठित किया गया है। यह प्रकोष्ठ राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। योजना के तहत 33 अभ्यर्थियों को जापानी भाषा का तीन माह प्रशिक्षण दिया गया। इनमें 15 युवाओं ने जापानी एजेंसी द्वारा ली जाने वाली नेट-4 दक्षता परीक्षा उतीर्ण कर ली है।

अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री धामी को धन्यवाद कहा

जापान की सेवायोजन नेट-4 दक्षता परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद कहा है। पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम ऐंठी निवासी उज्जवल सिंह की पुत्री प्रियंका का भी जापान में जॉब के लिए चयन हुआ है। उनका कहना है कि विदेश जाकर काम करने का अवसर मिलना एक बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें भी एक ऐसा अवसर मिलेगा।

टिहरी गढ़वाल निवासी दूसरी छात्रा कल्पना बिष्ट ने भी उत्तराखंड सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार की योजना ने उन्हें विदेश में नौकरी का अवसर दिया है।

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिटः मुंबई में हुए 30200 करोड़ रुपए के एमओयू

उत्तराखंड सरकार तथा राज्य में निवेश हेतु उत्साहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों के मध्य मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ के एमओयू किए गए हैं। जिन बड़ी कंपनियों से एमओयू किए गए उनमें से कुछ प्रमुख है, इमेजिका (थीम पार्क) आत्मन्तनः(रिजॉर्ट), एसीएमई (सौर सेल विनिर्माण), (डेटा सेंटर) पर्फ़ेटी (नवीकरणीय ऊर्जा), लॉसंग अमेरिका (आईटी), क्रोमा एटोर, क्लीन मैक्स एनवाइरो (नवीकरणीय ऊर्जा), साइनस (हेल्थ केयर)

इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण फर्मों से बातचीत हुई जिनमें जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स, गोदरेज केमिकल्स, एस्टार भोजन, वी अर्जुन लॉजिस्टिक्स पार्क प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक देश से बाहर लंदन, बर्मिघम, अबुधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में 12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में 15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में 10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में 4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में 24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है। अब मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए हैं।

अब तक प्रदेश सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस सन्धु, सचिव डॉ0 आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।