मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय सेवा में चयनित 483 अभ्यर्थियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई विभाग एवं कृषि विभाग के अन्तर्गत विभिन्न पदों पर चयनित कुल 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 473 पद सिंचाई एवं 10 पद कृषि विभाग के शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री और मेजर जनरल (से.नि) भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खंडूड़ी ने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहाँ युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा आज युवाओं को मिलने जा रहे नियुक्तिपत्र इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार उनके सवप्नों को पूरा कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा यह नियुक्ति पत्र वितरण प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि निश्चित ही युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा युवकों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तभी व्यवस्था में योग्य और ईमानदार लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। नकल विरोधी कानून के परिणाम सामने आ रहें हैं। आज नौकरी में चयन, मेहनत और प्रतिभा से हो रहा है। यह नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। जिसका परिणाम है कि साढ़े चार वर्षों में सरकार में करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करना होना चाहिए। कोई भी विभाग, भवनों और फाइलों से नहीं अपितु कर्मठ और ईमानदार लोगों से चलता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सिंचाई एवं कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है। रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है आज पहाड़ का युवा पलायन नहीं, संभावनाएँ देख रहा है।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सभी चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पल उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा में युवाओं की सक्रिय सहभागिता का शुभारंभ है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया को निरंतर मजबूती मिली है। आज उत्तराखंड का युवा यह महसूस करने लगा है कि उसकी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण का उसे लाभ अवश्य मिलेगा।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग केवल नहरों और परियोजनाओं का विभाग नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नव नियुक्त कर्मचारी राज्य की प्रगति और जनता की अपेक्षाओं के सहभागी भी बनेंगे।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सभी युवा अपने जीवन में नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब पात्र और मेहनती बच्चों को ही नियुक्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा आज लाखों नौजवान स्टार्टअप, नवाचार के माध्यम से भी नया अध्याय शुरू कर रहें हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, महंत दलीप सिंह रावत, प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, युगल किशोर पंत मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार साल में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं प्रेषित की है।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में कहा है कि उत्तराखण्ड की जनता द्वारा उन्हें वर्ष 2022 में दूसरी बार मुख्य मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा गया था। इस जनादेश की भावना के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने के लिए, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान शुरु किया गया। इसके बाद बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, यह अभियान आगे भी जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र में कहा है कि अब युवा अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के आधार पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहे हैं। इस योग्यतम चयन में जहाँ एक ओर युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का योगदान है, वहीं राज्य सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के साथ ही निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने भी युवा प्रतिभा को उचित सम्मान मिलना सुनिश्चित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चयन होना सभी कार्मिकों के परिवार के साथ ही राज्य सरकार के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से निष्पक्ष एवं ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा है कि राजकीय सेवक के रूप में वो मानवीय मूल्यों के साथ आमजन की सेवा में हमेशा तत्पर रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर बात कर, उन्हें उत्साह पूर्वक जनसेवा में योगदान देने की भी अपील की है।

उत्तराखंड: मानचित्रक के पद पर चयनित 12 अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत मानचित्रक के पद पर चयनित 12 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और लगन से कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद प्रदेश में अब तक 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सुशासन का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही मिलेट के उत्पादन और विपणन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य में सेब, कीवी, बागवानी एवं औषधीय पौधों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभकारी और युवाओं के लिए आकर्षक बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़ सकें।

कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कैशलेस उपचार: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है। 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

जर्मनी में उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप क्षेत्रों में मौका, हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।

परिवहन विभाग में नियुक्त आठ अभ्यर्थियों को मिला सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परिवहन विभाग के अन्तर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त 08 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार करेंगे और परिवहन विभाग में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में परिवहन के क्षेत्र में बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाहनों की फिटनेस जाँच, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के पालन कराने और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में सम्भागीय निरीक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस से संबंधित कार्यों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रीना जोशी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया दून मेडिकल कॉलेज के सभागार का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्रदेश में 1232 नये नर्सिंग अधिकारियों का नियुक्ति दी गई है। इस अवसर पर उन्होंने 26 करोड़ की लागत से बने दून मेडिकल कॉलेज के सभागार का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब पूरा विश्व इस संकट से जूझ रहा था, तब हमारे नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी फ्रंटलाइन वॉरियर बनकर निःस्वार्थ सेवा में जुटे हुए थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की देखभाल करते हुए उनके जीवन को बचाने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारी पूर्ण निष्ठा, समर्पण और मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊँचाई प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में लगभग 11 लाख से अधिक मरीजों को 2100 करोड़ रुपये से अधिक के कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा, राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रहे हैं, ताकि हमारे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र के लिए हेली एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए भी निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं, इसी क्रम में, चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए अब तक 173 असिस्टेंट प्रोफेसर्स, 56 संकाय सदस्य और 185 तकनीशियन नियुक्त किए जा चुके हैं। इसी का परिणाम है कि 3 वर्ष में ही प्रदेश के 22 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि लोगों को उनके घर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के जल्द संचालन की तैयारी है। जिससे एक ओर सरकार को चिकित्सक वहीं,दूसरी ओर लोगों को रोजगार भी मिलेगा। मेडिकल कॉलेज के बेहतर संचालन के लिए सुव्यवस्थित ट्रांसफर पॉलिसी, फैकल्टी को समय पर प्रोन्नति, मेडिकल कॉलेज में सीटों के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति आदि की योजना है। इसके साथ ही संविदा कार्मिकों के मानदेय को संशोधित करने और संविदा में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को समायोजित करने का भी प्रयास किया जाएगा।

सचिव चिकित्सा डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि विभाग का संकल्प है कि चिकित्सा के साथ ही चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए समय-समय पर चिकित्सक से लेकर चतुर्थ श्रेणी स्तर के कार्मिकों की भर्ती हो रही है। चिकित्सा विभाग के इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूर्ण प्रयोग हो इसके लिए मानवीय संसाधनों की नियुक्ति हो रही है। जहां मानवीय संसाधन है वहां भौतिक संसाधनों की आपूर्ति की जा रही है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज, डॉ. गीता जैन एवं सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य उपस्थित थे।

सरकारी परीक्षा में चयनित 289 अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा -2021 के अन्तर्गत चयनित 19 विभागों के 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। राज्य में पिछले तीन सालों में 17500 से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना एवं बधाई देते हुए कहा कि आज हमारे इन युवा अधिकारियों के जीवन में एक नई शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साल 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में हमारे इन युवा कर्णधारों का योगदान भी महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि हमारे ये युवा अधिकारी आजादी के अमृत काल के सिपाही हैं, जो विकसित भारत के स्वप्न को पूरा करेंगे। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में हमारे इन अधिकारियों की नियुक्ति होने से जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आयेगी। इससे व्यवस्था को नई गति और दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया था कि राज्य के सरकारी विभागों में रिक्त सभी 24 हजार पदों को भरा जायेगा। अभी अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी और आदर्श राज्य बनाने के लिए सभी को टीम उत्तराखण्ड की भावना से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश में विशिष्ट पहचान बना रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में राज्य को प्रथम स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री ने चयनित सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नियमित नवाचार लायेंगे। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अन्तिम छोर के लोगों तक सहजता से पहुंचायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे ये अधिकारी सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आजादी के अमृतकाल के हमारे ये कर्मयोगी अपनी प्रशासनिक क्षमता के माध्यम से आमजन की सेवा कर राज्य को लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ायेंगे।

आज जिन 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें 10 डिप्टी कलैक्टर, 10 डिप्टी एस.पी., 18 वित्त अधिकारी, 16 सहायक आयुक्त राज्य कर, 03 कारागार अधीक्षक, 11 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ए.आर.टी.ओ.), 28 खण्ड विकास अधिकारी, 04 कार्य अधिकारी जिला पंचायत, 07 सहायक निबन्धक सहकारिता, 04 जिला पूर्ति अधिकारी, 03 उप संभागीय विपणन अधिकारी, 05 जिला समाज कल्याण अधिकारी, 17 सहायक निदेशक उद्योग, 02 सहायक श्रम आयुक्त, 03 सहायक निदेशक कारखाना, 32 उप शिक्षा अधिकारी, 11 जिला सूचना अधिकारी/सूचना अधिकारी, 03 सहायक निदेशक मत्स्य, 01 सहायक गन्ना आयुक्त, 19 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 02 जिला परिवीक्षा अधिकारी, 02 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, 28 राज्य कर अधिकारी, 12 उप निबंधक श्रेणी-2, 01 अधीक्षक राजकीय प्रमाणित संस्था, 01 प्रचार अधिकारी पर्यटन, 03 केस वर्कर, 10 सहायक निदेशक कृषि एवं उद्यान, 20 उद्यान विकास अधिकारी, 01 मशरूम विकास अधिकारी, 01 पौध सुरक्षा अधिकारी, 01 खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी शामिल हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्या, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल. फैनई, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिवगण और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार युवाओं को दे रही है स्किल प्रशिक्षण

कोटद्वार निवासी प्रशांत रावत, जीएनएम का कोर्स करने के बाद वर्तमान में देहरादून के निजी अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं। प्रशांत अब जर्मन भाषा में बी- 2 का प्रशिक्षण पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद वो जर्मनी में ढाई से साढ़े तीन लाख रुपए मासिक वेतन वाली नौकरी शुरू कर सकेंगे, जिसका ऑफर लेटर उन्हें पहले ही मिल चुका है। उत्तराखण्ड सरकार की ओर से चलाई जा रही ’मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ ने प्रशांत के इन सपनों को रंग भरने का काम किया है। इसके लिए चयनित सभी युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन से सेवायोजन विभाग की ओर से चलाई जा रही ’मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’, राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। योजना के तहत जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक 15 युवाओं को देहरादून में जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उक्त सभी युवा बीएससी नर्सिंग, जीएनएम जैसे कोर्स करने के बाद वर्तमान में देहरादून में प्राइवेट जॉब कर रहे हैं। अब वो विदेशी भाषा का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद, जर्मनी में रोजगार हासिल कर, उत्तराखण्ड ही नहीं देश का भी नाम रोशन करने जा रहे हैं। उत्तराखण्ड सरकार के प्रयासों से इन युवाओं का चयन पहले ही जर्मनी के विभिन्न अस्पतालों में ढाई से साढ़े तीन लाख रुपए प्रति माह के वेतन पर हो चुका है, बस उन्हें इसके लिए जर्मन भाषा में बी – 2 परीक्षा पास करनी है।

सरकार का भरोसा और आधे से कम खर्च

योजना के तहत प्रशिक्षण ले रही देहरादून त्यागी रोड निवासी अवंतिका बताती हैं कि यदि वो बाहर से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेती तो, इसमें चार लाख रुपए तक का खर्च आता। लेकिन उत्तराखंड सरकार के अधीन आधे से कम खर्च में प्रशिक्षण मिल रहा है। उस पर सरकार के जरिए चयन होने से किसी तरह की ठगी की भी संभावना नहीं है। वो इसके लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त कर रही हैं।

मिलेगा दो साल का वर्क वीजा

देहरादून रानीपोखरी निवासी आस्था शर्मा भी चयनित युवाओं में शामिल है। आस्था बताती हैं कि करीब एक साल के प्रशिक्षण पर औसत डेढ़ लाख का व्यय आ रहा है। इसमें 20 प्रतिशत व्यय उत्तराखण्ड सरकार उठा रही है, इसमें वीजा खर्च भी शामिल है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें जर्मनी मे दो साल का वर्क वीजा भी मिलेगा। टिहरी निवासी काव्य चौहान के मुताबिक उन्होंने सरकारी नौकरी के उद्देश्य से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन योजना की जानकारी के बाद उन्होंने जर्मनी में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया, जहां नौकरी के लिए उन्हें ऑफर लेटर भी मिल चुका है। देहरादून निवासी प्रवीण लिंगवाल के मुताबिक इस योजना के कारण ही उनका विदेश में रोजगार का सपना पूरा हो रहा है।

उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, हमारे युवा मेहनत और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। इसलिए हमारी कोशिश है कि युवा शक्ति को कौशल प्रदान कर वैश्विक रोजगार के लिए तैयार किया जाए, उक्त युवा विदेश में उत्तराखण्ड ही नहीं वरन देश का भी नाम रोशन करेंगे, सभी प्रशिक्षणरत युवाओं को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकानाएं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में हुई बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी अक्टूबर में नियोजन विभाग व सेतु आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त करते हुए उनकी रोजगार की चुनौतियों के समाधान के साथ समावेशी व सतत् विकास की रणनीतियों पर मंथन के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली इस कॉन्फ्रेस से नीति आयोग, अर्न्तराष्ट्रीय श्रम संगठन, इंस्टीटयूट ऑफ हूयमन डेवलपमेंट, इन्टप्रयोन्रशिप डेवलपमेंट इंस्टीटयूट ऑफ इण्डिया, यूएनडीपी व यूनीसेफ को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उक्त कॉन्फ्रेंस में युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर तथा विदेश की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं हेतु कौशल विकास के कोर्स संचालित करने पर एक विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कौशल विकास के साथ विदेशी भाषाओं के कोर्स संचालित करने की रणनीति पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को प्रभावी समन्वय के साथ एकीकृत होकर कौशल विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से वन विभाग को कौशल विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य में ट्रेकिंग हेतु आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कौशल विकास व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु सरकारी विभागों व संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र व गैर सरकारी संगठनों के मध्य सुदृढ़ सहभागिता को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।