कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने को असीम संभावनाएंः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2023- 24 के तहत् राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने को असीम संभावनाएं हैं। कृषि और बागवानी के क्षेत्र में अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ कृषकों को उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित विभाग सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में फार्म मशीनरी बैंकों की सफलता को देखते हुए योजना से प्रदेश को परिपूर्ण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष कम से कम 50 करोड़ का बजट का प्रावधान किया जाए, ताकि अगले 5 वर्षों में प्रदेश को सैचुरेट किया जा सके। उन्होंने फार्म मशीनरी बैंकों की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों के साथ-साथ सहकारी समितियों (पैक्स) को भी दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में पावर टिलर और पावर वीडर की मांग को देखते हुए इसके लिए भी बजट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता के लिए नियोजन विभाग में सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन अनिवार्य रूप से करवाया जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना बन रही वरदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयासों में जुटे हैं। उत्तराखंड ही नहीं अब विदेशों में भी नौकरी का मौका सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना युवाओं के लिए वरदान बन रही है। योजना के तहत 15 युवाओं ने जापान में सेवायोजन के लिए ली जाने वाली नेट-4 दक्षता परीक्षा में सफलता हासिल की है।

सफल युवाओं में से दो अभ्यर्थियों को जापान के चीदा प्रान्त में जॉब मिला है। उन्हें वेतन के रूप में प्रति माह 200000 येन (जापानी मुद्रा) मिलेंगे। दोनों अभ्यर्थी फरवरी में जापान जाएंगे। अन्य अभ्यर्थियों का अगले माह जनवरी में जॉब इंटरव्यू प्रस्तावित हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ गठित किया गया है। यह प्रकोष्ठ राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। योजना के तहत 33 अभ्यर्थियों को जापानी भाषा का तीन माह प्रशिक्षण दिया गया। इनमें 15 युवाओं ने जापानी एजेंसी द्वारा ली जाने वाली नेट-4 दक्षता परीक्षा उतीर्ण कर ली है।

अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री धामी को धन्यवाद कहा

जापान की सेवायोजन नेट-4 दक्षता परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद कहा है। पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम ऐंठी निवासी उज्जवल सिंह की पुत्री प्रियंका का भी जापान में जॉब के लिए चयन हुआ है। उनका कहना है कि विदेश जाकर काम करने का अवसर मिलना एक बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें भी एक ऐसा अवसर मिलेगा।

टिहरी गढ़वाल निवासी दूसरी छात्रा कल्पना बिष्ट ने भी उत्तराखंड सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार की योजना ने उन्हें विदेश में नौकरी का अवसर दिया है।

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिटः मुंबई में हुए 30200 करोड़ रुपए के एमओयू

उत्तराखंड सरकार तथा राज्य में निवेश हेतु उत्साहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों के मध्य मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ के एमओयू किए गए हैं। जिन बड़ी कंपनियों से एमओयू किए गए उनमें से कुछ प्रमुख है, इमेजिका (थीम पार्क) आत्मन्तनः(रिजॉर्ट), एसीएमई (सौर सेल विनिर्माण), (डेटा सेंटर) पर्फ़ेटी (नवीकरणीय ऊर्जा), लॉसंग अमेरिका (आईटी), क्रोमा एटोर, क्लीन मैक्स एनवाइरो (नवीकरणीय ऊर्जा), साइनस (हेल्थ केयर)

इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण फर्मों से बातचीत हुई जिनमें जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स, गोदरेज केमिकल्स, एस्टार भोजन, वी अर्जुन लॉजिस्टिक्स पार्क प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक देश से बाहर लंदन, बर्मिघम, अबुधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में 12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में 15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में 10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में 4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में 24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है। अब मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए हैं।

अब तक प्रदेश सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस सन्धु, सचिव डॉ0 आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम ने नंदा गौरा योजना व मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश की 167 आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त होने पर नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नन्दा गौरा योजना एवं मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुर्गा अष्टमी के दिन 167 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी माताओं-बहनों को सुपरवाईजर के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों की समाज में अहम भूमिका है। बच्चों के पालन पोषण में आंगनवाड़ी की अहम भूमिका है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां, मां यशोदा की तरह बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। राज्य सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंगनबाड़ी पद से चयन कर सुपरवाइजर हेतु निर्धारित कुल 299 पदों के सापेक्ष 167 रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। साथ ही समस्त आंगनवाड़ी कर्मियों का मानदेय राज्य स्तर से सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाईन लगभग 24 करोड़ रूपये प्रति माह भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में 23895 महिलाओं को ₹9.35 करोड़ की धनराशि उनके बैंक खाते में जारी की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज महालक्ष्मी किट योजना के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) हेतु पोर्टल के उद्घाटन से प्रति वर्ष राज्य की लगभग 50 हजार धात्री महिलाओं व नवजात शिशुओं को आवश्यक कपड़े एवं किट की सामग्री सुलभता से उपलब्ध होगी। साथ ही नन्दागौरा योजना के पोर्टल के उद्घाटन से प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार बालिकाओं को जन्म पर ₹11 हजार व कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर ₹51 हजार की धनराशि हेतु आवेदन करने की ऑनलाईन सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। यह डिजिटल उत्तराखण्ड की ओर राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को 3940 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए ₹12 लाख की धनराशि – मनरेगा, केन्द्र व राज्य का अंश मिलाकर-निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल ₹ 472 करोड़ की धनराशि व्यय कर महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुविधाजनक आंगनवाड़ी केन्द्र उपलब्ध कराये जायेगें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, महिलाएं समाज का नेतृत्व कर रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश के अंदर आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों के हित में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सभी के मानदेय में वृद्धि की गई है। आज प्रदेश के अंदर महिलाओं का मनोबल बढा है। महिलाओं के कल्याण एवं उनको स्वावलंबी बनाने हेतु राज्य में कई नीतियों पर कार्य हुआ है। राज्य सरकार महिलाओं के विकास एवं कल्याण हेतु हमेशा तत्पर है।

इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य के युवाओं को देश-विदेश में उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर, धामी सरकार के युवा महोत्सव से खुलेगी रोजगार की नई राहें

युवाओं को देश एवं विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य की धामी सरकार द्वारा आगामी 9 अक्टूबर को राजधानी देहरादून में कौशल विभाग विभाग की ओर से परेड मैदान में युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि प्ररिभाग करेंगे। इस महोत्सव के जरिये रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचायी जाएगी। साथ ही युवा अपनी अभिरुचि एवं योग्यता के आधार पर योजनाओं का चयन कर सकते हैं। उक्त आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनपदों से 8000 से 10000 युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस महोत्सव में विदेशों में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा राज्य में आउटसोर्सिंग के पदों की जानकारी युवाओं को हो सके इस हेतु एक पोर्टल का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री के हाथों किया जाएगा।

विदेश में रोजगार के लिए भी होंगे एमओयू

बताया गया कि विदेश में उत्तराखंड के छात्रों को रोजगार दिलाने के लिए भी इस महोत्सव में विभिन्न कंपनियों से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसमें जापान में एल्डरली केअर गिवर के रूप में राज्य के युवाओं को जापानी भाषा एवं रहन सहन संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किए जाने हेतु Learnet Skills Pvt. Ltd. के साथ एम0ओ0यू0 किया जाएगा। इसके अलावा विभाग द्वारा राज्य के नर्सिंग प्रशिक्षित युवाओं को इंग्लैंड एवं आयरलैंड में नर्स के रूप में कार्य करने हेतु अवसर उपलब्ध कराये जाने एवं प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु Envertiz Consultancy के साथ एम०ओ०यू० जाएगा। वहीं, जर्मनी में नर्स के रूप में कार्य करने हेतु भी इस अवसर पर एमओयू होना प्रस्तावित है।

पोर्टल पर उपलब्ध होगी राज्य के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पदों की जानकारी

राज्य में विभिन्न रोजगार के अवसरों को एक ही पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से युवाओं हेतु “रोजगार प्रयाग पोर्टल” विकसित किया गया है। प्रथम चरण में इस पोर्टल पर विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों की प्रक्रिया को सुगम एवं पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से आउटसोर्सिंग पोर्टल का शुभारंभ भी माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। यह पोर्टल आने वाले समय में रोजगार के प्रयासों का युवाओं तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

आईआईटी रुड़की एवं माइक्रोसॉफ्ट से होंगे करार

युवा महोत्सव में आईआईटी रुड़की की तकनीकी विशेषता को राज्य की श्रमशक्ति की अपस्किलिंग किए जाने हेतु एक एम०ओ०यू० जाना है जिसके प्रथम चरण में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कार्यरत श्रमशक्ति की उच्च स्तरीय अपरिकलिंग हेतु आईआईटी रुड़की के Incubation Centre (TIDES) द्वारा विभाग को Technical Support प्रदान किया जाएगा। भविष्य में अन्य सेक्टर हेतु भी आईआईटी रुड़की का सहयोग प्राप्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक एम०ओ०यू० माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी किया जाना प्रस्तावित है। जिसके माध्यम से राज्य के उच्च तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डिजिटल रिकल संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें उच्च स्तरीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके साथ-साथ फैकल्टी का प्रशिक्षण भी इस एम० ओ०यू० का उद्देश्य है। राज्य की युवाशक्ति को डिजिटल स्किल में प्रशिक्षण प्रदान कर तथा उनके कौशल में वृद्धि होने से निश्चित रूप से राज्य की आर्थिकी मजबूत होगी।

युवा उत्तराखंड एप का होगा शुभारंभ

युवा महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित की जा रही स्वरोजगार योजनाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से आई०टी०डी०ए० द्वारा “युवा उत्तराखंड” ऐप विकसित की गई है। इस ऐप का शुभारंभ भी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री करेंगे।

देहरादून एवं उधमसिंहनगर सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार केन्द्रों का होगा शुभारंभ

जनपद स्तर पर सभी सेवायोजन कार्यालय को रोजगार केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री द्वारा की गयी है। इस घोषणा के क्रम में प्रथम चरण में जनपद देहरादून एवं उधमसिंहनगर सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार केन्द्रों का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। इन केन्द्रों में वी०सी० कक्ष स्थापित कर विशेषज्ञों से दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं का संवाद कराया जाने के प्रयास किए जायेंगे।

युवाओं को सीएम प्रदान करेंगे नियुक्ति पत्र

राज्य सरकार द्वारा युवाओं हेतु किया जा रहे प्रयास स्वयं योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु विभिन्न विभाग अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयास है रोजगार मेला / प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से युवाओं को निजी क्षेत्र में उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना। विगत माहों में रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट ड्राइव के जरिये कई युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। युवा महोत्सव के अवसर पर कुछ युवाओं को नियुक्ति पत्र माननीय मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किए किये जाएगें।

ईको पार्क को लेकर डीएम और डीएफओ के साथ मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में ईको पार्क के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों एवं डीएफओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भूभाग वन क्षेत्र होने के कारण यह प्रदेश की आर्थिकी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हमें इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए प्रदेश के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराना है। ईको पार्क तैयार कर स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से जनपदों के प्रस्तावों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। कहा कि सीजन में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में क्षमता से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। आसपास के खूबसूरत स्थलों को ईको टूरिज्म की दृष्टि से विकसित कर पर्यटकों को इन पर्यटन स्थलों की ओर मोड़ने की आवश्यकता है। इससे इन नए पर्यटन स्थलों के आसपास रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग के आसपास अधिक से अधिक ईको पार्क विकसित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि उधमसिंह नगर कुमांऊ क्षेत्र का द्वार है, इसके आसपास बहुत सी वाटर बॉडीज हैं, जिन्हें बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए विकसित कर आर्थिकी से जोड़ा जा सकता है।
मुख्य सचिव ने ईको पार्क विकसित करने में कम से कम कंक्रीट और स्टील का प्रयोग करने के निर्देश भी दिए। कहा कि अधिक से अधिक लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए प्रत्येक स्तर की समय सीमा निर्धारित की जाए। प्रोजेक्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। वन विभाग से सम्बन्धित प्रस्तावों को वन विभाग को शीघ्र भेजे जाएं।
सभी जिलाधिकारियों ने अपने अपने जनपदों के प्रस्तावों पर विस्तार से जानकारी दी। जिलाधिकारियों द्वारा बताया गया कि अधिकतर प्रस्तावों में डीपीआर तैयार हो चुकी है। कुछ योजनाओं में कार्य प्रारम्भ भी हो चुका है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक एवं एसीईओ यूटीडीबी युगल किशोर पंत सहित सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं डीएफओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

1425 अभ्यर्थियों को आज उत्तराखण्ड पुलिस में नियुक्ति दी गई है। पुलिस लाईन, देहरादून में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 55 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। आरक्षी जनपद पुलिस, आरक्षी पी.ए.सी/आई.आर.बी तथा फायरमैन में चयनित कुल सभी 1425 अभ्यर्थियों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस आरक्षी के जो 1550 शेष रिक्त पद हैं, उन पर नई भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज राज्य के जनपदों एवं पीएसी वाहिनियों में पुलिस विभाग के विभिन्न संवर्गों में पुलिस आरक्षी के रूप में हमारे ऊर्जा से भरे नवयुवक एवं नवयुवतियां पुलिस का अभिन्न अंग बनने जा रहे हैं। पुलिस आरक्षी पुलिस फोर्स की प्राथमिक इकाई है, जो विभाग में नींव की तरह कार्य करते हैं एवं विभिन्न थाने चौकियों एवं चौराहों पर पुलिस का मुख्य चेहरा बनकर तैनात रहते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे ये पुलिस आरक्षी कड़ी मेहनत, लगन एवं ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस हमेशा से अपने कार्य के प्रति समर्पित रही है, कोरोनाकाल हो या फिर प्राकृतिक आपदा, हर विपरीत परिस्थितियों में हमारी पुलिस फोर्स ने बेहतरीन कार्य किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार उत्तराखंड पुलिस को एक आधुनिक और स्मार्ट पुलिस बल बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उत्तराखण्ड पुलिस ने मित्रता, सेवा एवं सुरक्षा के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उत्तराखण्ड की आबादी के अलावा राज्य में राज्य की आबादी से लगभग पांच गुना श्रद्धालुगण देवभूमि आते हैं। प्रदेश में चारधाम यात्रा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं। हमारी मित्र पुलिस के जवान पूरी तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हम दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझकर सेवाभाव से अपनी ड्यूटी करते हैं तभी हम सही अर्थों में अपने कर्तव्यों का भली भांति निर्वहन करने में सफल रहते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं कराने के लिए कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। इस कानून के लागू होने के बाद अभी तक सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से सकुशल संपन्न कराई जा चुकी हैं। इस कानून के प्राविधान इतने कड़े किये गए हैं कि युवाओं के भविष्य के साथ कोई भी नकल माफिया खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए उन्होंने तय किया कि इसके लिए चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े, कितने भी लोगों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़े, लेकिन एक गरीब माता-पिता के बेटे एवं बेटी के साथ अब वे अन्याय नहीं होने देंगे। एक सामान्य परिस्थिति में रहने वाले बेटे व बेटियों के माता-पिता के पास यदि कोई पूंजी होती है, तो उनकी शिक्षा होती है, उस पर भी लूट हो जायेगी, तो जो माता-पिता विपरीत परिस्थितियों में भी अपने बच्चों का लालन-पालन करते हैं और उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाते हैं, उनके पास कुछ नहीं रह जायेगा। इस कानून के बनने के बाद प्रदेश सख्त नकल विरोधी कानून बनाने वाले राज्यों की श्रेणी में अग्रणी राज्य है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड पुलिस में भर्ती होने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अब हमारे इन युवाओं को जन सेवा करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। समाज के लिए पुलिस का रोल बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि समाज के साथ मधुर व्यवहार रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना एवं समाज को सही दिशा में ले जाने में भी पुलिस की बड़ी भूमिका होती है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा आज उत्तराखण्ड पुलिस को 1425 नये जवान मिल गये हैं। 2016 के बाद लगभग सात साल बाद उत्तराखण्ड पुलिस को नये आरक्षी मिले हैं। उन्होंने कहा कि इनकी प्रशिक्षण की शुरूआत भी आज से ही की जायेगी। इन सभी आरक्षी को सामान्य प्रशिक्षण के साथ ही तकनीक आधारित प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वर्तमान में मुख्य आरक्षी दूरसंचार, उपनिरीक्षक तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अन्तर्गत कुल 538 पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की समूह ’ग’ परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामलीला मैदान, हल्द्वानी, में नकल विरोधी कानून लागू करने के उपलक्ष में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग कर जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि समूह ’ग’ की कोई भी परीक्षा चाहे वह लोक सेवा आयोग से बाहर की हो या लोक सेवा आयोग के द्वारा कराई जा रही हो। सभी परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाय। इसमें तकनीकी और गैर तकनीकी पद भी सम्मिलित होंगे अर्थात् जेई जैसे तकनीकी पदों में भी साक्षात्कार की व्यवस्था पूर्ण रूप से समाप्त कर दी जाएगी। उच्च पदों में जहाँ साक्षात्कार आवश्यक हो, जैसे- पी०सी०एस० या अन्य उच्च पद वहां भी साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। साक्षात्कार के अकों को भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में किसी भी अभ्यर्थी को यदि 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक दिए जाते हैं तो साक्षात्कार लेने वाले व्यक्ति या बोर्ड को इसका स्पष्ट कारण बताना होगा।

हजारों की संख्या में मौजूद युवाओं का अभिनंदन स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हल्द्वानी में युवाओं द्वारा किए गए इस भव्य स्वागत से मैं अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत के दम पर परीक्षा देने वाले नौजवान के हक पर कोई डाका न डाले सके। युवाओं के हिस्से की सफलता का कोई और लाभ न उठा सके इसके लिए राज्य सरकार कड़े से कड़ा कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन्हीं कदमों के अंर्तगत प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार ने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। ये कानून नकल माफिया को काल कोठरी के अंदर तक ले जायेगा। राज्य सरकार किसी भी युवा साथी के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के लिए राज्य की जनता सर्वाेपरि है और हमारा हर एक फैसला जन भावनाओं के आधार पर लिया जा रहा है। समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को ऊंचा उठाए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष केदारनाथ की पुण्य भूमि से कहा था कि 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए आप और हम मिलकर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार जनता के हित में सदैव कार्य करने का प्रयास करता रहेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाला बजट युवा और रोजगार केंद्रित बजट हो। हम ऐसा बजट लाने का प्रयास करेंगे जो प्रदेश के युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। हम आने वाला बजट में प्रदेश की माताओं और बहनो को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेंगे और प्रदेश के किसानों को खुशहाली प्रदान करने का भी प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि आम लोगों का जीवन सुगम बनाया जा सके। आम जन की प्रगति, विकास से ही उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड की सेवा करने का मुझे जितना भी अवसर मिला है, मैंने उसका एक- एक पल राज्य के लिए समर्पित करने का प्रयास किया है। राज्य सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का अपना फैसला, धरातल पर उतारा वहीं खेल कोटा भी पुनः प्रारंभ किया। सरकार ने उत्तराखंड में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू किया। नई खेल नीति लाकर युवा खिलाड़ियों से किए गए वादे को भी पूरा करने का प्रयास किया। इसी प्रकार से हम प्रदेश में पर्यटन नीति, ऊर्जा नीति सहित विभिन्न विभागों से संबंधित नीतियां लाने का कार्य कर रहे हैं, ये नीतियां भविष्य में रोजगार को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में लागू किए गए नकल विरोधी कानून का कठोर निर्णय नकल माफियाओं को नेस्तनाबूद करने का काम करेगा। पहली बार नकल करने वालों ,कराने वालों और प्रक्रियाओं को सही प्रकार से लागू न करने वालों को जेल की काल कोठरी में डालने का काम किया है। उन्होंने कहा वर्तमान में भर्ती घोटाले की जो भी जाँच हमारी सरकार करवा रही है वह जाँच निष्पक्ष हो और किसी भी माफिया या अपराधी को छोड़ा न जाय यह सुनिश्चित करने के लिए मैं स्वयं निरन्तर जाँच और कार्यवाही का पर्यवेक्षण कर रहा हूँ। जाँच में किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे, कोई पक्षपात न हो, कोई माफिया या अपराधी छूटे नहीं, इसके लिए सरकार ने उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति से पूरी जाँच की निगरानी करने का अनुरोध भी किया है। इस कानून में हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करवाने वाले और नकल करने वाले दोनों को ही कठोतम् सजा का प्रावधान किया है। जहाँ नकल में शामिल अपराधियों को आजीवन कारावास भी होगा, 10 करोड़ तक जुर्माना भी होगा और घोटाले से अर्जित सम्पत्ति को भी जब्त कर लिया जाएगा। सरकार ने हाल ही में पीसीएस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य किया है, इस परीक्षा में करीब एक लाख से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल विरोधी कानून केवल और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है न कि किसी स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं के लिए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में भी जो सुझाव आएंगे उन्हें भी हमारी सरकार आवश्यकतानुसार लागू करेगी। राज्य सरकार अंत्योदय के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ रही है। विकसित उत्तराखंड का जो स्वप्न हमने देखा है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।

इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, केबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक अरविंद पांडे, दीवान सिंह, मोहन सिंह बिष्ट, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा, शिव अरोड़ा, त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, भाजपा महामंत्री संगठन अजेय कुमार, जिला अध्यक्ष भाजपा प्रताप बिष्ट, भा.ज.यु.मो प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को नई सदी के लिए तैयार करती हैः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तराखंड रोजगार मेले को सम्बोधित किया। उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिये नई शुरुआत का दिन है, जिन्हें अपने नियुक्त पत्र मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल जीवन को बदलने वाला अवसर है, बल्कि समग्र बदलाव के लिये एक माध्यम भी है। शिक्षा क्षेत्र के संदर्भ में देश में होने वाले नये प्रयोगों को रेखांकित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग शिक्षा क्षेत्र में सेवा देंगे। इस संकल्प को आगे बढ़ाने के क्रम में उत्तराखंड के युवाओं के कंधों पर आने वाली जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “नई शिक्षा नीति भारत के युवाओं को नई सदी के लिये तैयार कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार का सतत प्रयास है कि आगे बढ़ने के लिये सही माध्यम को सुगम्य बनाने के क्रम में हर युवा को उसकी रुचि के अनुसार नये अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में बहाली अभियान भी इसी दिशा में की जाने वाली पहल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार से नियुक्त पत्र मिले हैं और उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता भी व्यक्त कि उत्तराखंड इसका हिस्सा बन रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे बहाली अभियान देशभर में भाजपा-शासित प्रदेशों तथा केंद्र शासित प्रदेशों मे बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे प्रसन्नता है कि आज उत्तराखंड भी इसका हिस्सा बन गया है।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा हमें उस पुरानी धारणा को बदलना है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। प्रधानमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में नये रोजगार और स्व-रोजगार अवसरों के सृजन को रेखांकित करते हुये कहा, “केंद्र सरकार का यह सतत प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा अपने गांव वापस आ सकें।” उत्तराखंड में अवसंरचना विकास में होने वाले निवेश पर प्रकाश डालते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सड़कों का निर्माण और रेल लाइनों के बिछाने से न केवल कनेक्टिविटी बढ़ रही है, बल्कि रोजगार के अनेक अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर जगह रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उन्होंने इस सिलिसले में निर्माण कामगारों, इंजीनियरों, कच्चे माल के उद्योगों और दुकानों का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण नये अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार के लिये बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन आज, हजारों युवा सामान्य सेवा केंद्रों में काम कर रहे तथा गांवों में इंटरनेट व डिजिटल सेवायें उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड में पर्यटन सेक्टर बढ़ रहा है, क्योंकि सुदूर क्षेत्रों को सड़क, रेल और इंटरनेट से जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मानचित्र में नये पर्यटन स्थल सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके कारण उत्तराखंड के युवाओं को अब बड़े शहर जाने की बजाय उन्हें उनके घर के समीप ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पर्यटन सेक्टर में रोजगार व स्व-रोजगार अवसरों के बढ़ने में मुद्रा योजना महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दुकानों, ढाबों, अतिथिगृहों और होमस्टे का उदाहरण देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कारोबारों के लिये बिना किसी जमानत के 10 लाख रुपये तक ऋण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देशभर में अब तक 38 करोड़ मुद्रा ऋण दिये जा चुके हैंय लगभग आठ करोड़ युवा पहली बार उद्यमी बने हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और अजा,अजजा,ओबीसी वर्ग के युवाओं का हिस्सा इसमें अधिकतम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के युवाओं के लिये अद्भुत संभावनाओं का ‘अमृत काल’ है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी सेवाओं के जरिये भारत के विकास को गति दें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में 05 विषयों के चयनित सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 1431 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्य सेवक सदन में 150 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेरणादाई संबोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

राज्य में मुख्यमंत्री उत्थान योजना एवं ज्ञानकोष योजना शुरू की जायेगी- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री उत्थान योजना एवं ज्ञानकोष योजना शुरू की जायेगी। राज्य में छात्रों को आई.ए.एस., आई.पी.एस., पी.सी.एस., एन.डी.ए, सी.डी.एस., मेडिकल एवं इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री उत्थान योजना आरंभ की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ऐसे सभी छात्रों को जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण इन परीक्षाओं की कोचिंग नहीं कर पाते हैं, को निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी तथा छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, ऑफलाइन कक्षाएं, परीक्षा से सम्बन्धित पाठ्यक्रम, प्रश्नबैंक आदि सुविधाए उपलब्ध करायी जायेंगी। ज्ञानकोष योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा विभागीय छात्रावास, आश्रम पद्धति विद्यालयों और विभागीय प्रतिष्ठानों का उपयोग करते हुए प्रत्येक जिले में समृद्ध पुस्तकालय स्थापित किये जायेंगे। इन पुस्तकालयों का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा, छात्र, हमारे शिक्षक एवं समुदाय के सदस्य कर सकेंगे। पुस्तकालयों में योग्य अनुभवी और प्रोफेशन व्याख्याताओं को सूचीबद्ध करते हुए एक सम्पर्क केन्द्र बनाया जायेगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित विषयगत समस्या को दूर करेंगे। पुस्तकालयों का पूर्ण उपयोग हो सके इसके लिए विशेषज्ञों को सूचीबद्ध किये जाने, पुस्तकों की व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की समीक्षा विशेषज्ञ समिति द्वारा की जायेगी।

विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है नियमित समीक्षा-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित सहायक अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिये जाने के लिए एक अभिनव प्रयास के रूप में इस रोजगार मेले की शुरूआत की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं और उनके सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जा रही है। पूर्व में जिन भर्तियों में अनियमिताएं पाई गई हैं, उन पर भी पूरी ईमानदारी के साथ कार्रवाई कर रही है, इसी का नतीजा है कि आज नकल माफिया और उसे समर्थन देने वाले या आगे बढ़ाने वाले लोग बहुत परेशान हैं,क्योंकि उन्हें अब दिन में भी स्वयं के जेल जाने के सपने दिखाई दे रहे हैं।

राज्य एवं राष्ट्र का भविष्य विद्यालयों में निर्मित होता हैः सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नौजवानों के हितों की किसी भी रूप में अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के लिये प्रदेश में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि कुछ कुत्सित मानसिकता के लोग अभी भी अनाप-शनाप आरोप लगाकर सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, जिनको नौकरी और रोजगार के बीच फर्क नहीं पता, वे उपदेश दे रहे हैं। राज्य में नए-नए नैरेटिव गढ़ने के लिए आधी-अधूरी चीजों को पकड़ कर झूठ फैलाने के साथ-साथ युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य व राष्ट्र का भविष्य विद्यालयों में निर्मित होता है। एक अच्छा शिक्षक ही इस भविष्य को गढ़ता है।

सूबे में बनेंगे एक हजार कलस्टर मॉडल स्कूलः डॉ. धन सिंह रावत
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये एक हजार विद्यालयों को कलस्टर मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है जिनमें तीन किलोमीटर सीमा के तहत आने वाले प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों को एक साथ जोड़कर कलस्टर विद्यालय के रूप में स्थापित किये जायेंगे। इससे जहां एक ओर शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं विद्यालयों के उच्चीकरण एवं साधन सम्पन्न बनाने में भी आसानी होगी। कलस्टर विद्यालयों में आने वाले छात्र-छात्राओं को किराये के रूप में प्रतिदिन 100 रूपये दिये जायेंगे।

प्रदेश के 270 विद्यालय पीएमश्री योजना में किये गये चयनित- शिक्षा मंत्री
प्रदेशभर के 270 विद्यालयों को पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। जिनमें अवस्थापना कार्यों से लेकर पुस्तकालय, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास सहित तमान सुविधाओं एवं पठन-पाठन के लिये 1.5 करोड़ से 2 करोड तक की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। डॉ0 रावत ने कहा कि कक्षा-6 से 12 तक के ऐसे छात्र-छात्राओं को जो 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें 600 से लेकर 3000 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। इसके लिये शीघ्र ही मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू की जायेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 17 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, नोट बुक, स्कूली ड्रेस, स्कूल बैग व जूते उपलब्ध करा रही है। निकट भविष्य में सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी सरकार इस योजना का लाभ देगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं के जल्द आयोजन के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की युद्धस्तर पर तैयारियांः डॉ राकेश कुमार

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. राकेश कुमार की अध्यक्षता में दिनांक 20 सितम्बर, 2022 को आयोग की बैठक में शासन द्वारा सन्दर्भित की गई। विभिन्न समूह ग की परीक्षाओं के विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रस्तावित परीक्षा तिथि निर्धारित की गयी है।

निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार पुलिस आरक्षी-पीएसी/आई.आर.बी/अग्निशामक की विज्ञापन प्रकाश तिथि 07 अक्टूबर, 2022 और परीक्षा तिथि 18 दिसम्बर, 2022 निर्धारित की गई है।

राजस्व उप निरीक्षक/लेखपाल की विज्ञापन प्रकाश तिथि 14 अक्टूबर, 2022 और परीक्षा तिथि 08 जनवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

वन आरक्षी की विज्ञापन प्रकाशन तिथि 21 अक्टूबर, 2022 तथा परीक्षा तिथि 22 जनवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

सहायक लेखाकार/लेखा परीक्षक की विज्ञापन प्रकाश तिथि 28 अक्टूबर, 2022 एवं परीक्षा तिथि 12 फरवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

बैठक में सदस्यगण प्रो. (डॉ) जगमोहन सिंह राणा, डॉ० रवि दत्त गोदियाल, अनिल कुमार राणा, नन्दी राजू श्रीवास्तव, डॉ० ऋचा गौड़ एवं आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत, परीक्षा नियंत्रक एस०एल० सेमवाल, विधि सलाहकार सविता चमोली तथा उपसचिव डॉ० प्रशान्त उपस्थित रहे। उक्त बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ-साथ शासन द्वारा सन्दर्भित की गई विभिन्न समूह ग की परीक्षाओं के विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रस्तावित परीक्षा तिथि निम्न प्रकार निर्धारित की गयी है।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु से भेंट की। डॉ कुमार ने कहा कि शासन और विभागीय नियमावलियो के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं के आयोजन के लिए आयोग युद्धस्तर पर पुख्ता तैयारियां कर रहा है। अभी प्रथम चरण की परीक्षाओं की तिथियों का निर्धारण किया गया है। जल्द ही अन्य परीक्षाओं की तिथियां भी निर्धारित की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि शासन द्वारा आयोग को हर प्रकार से सहयोग किया जाएगा।