सीएम धामी ने कनिष्ठ अभियंताओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में वर्चुअल किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वर्चुअल उपस्थिति में उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य कनिष्ठ अभियन्ता सेवा परीक्षा, 2023 के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में चयनित 1094 कनिष्ठ अभियन्ताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। नींबूवाला, गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा प्रेमचन्द अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं विधायक सविता कपूर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कनिष्ठ अभियन्ता पद के लिए चयनित हुए अभ्यर्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया। योगेश कड़ाकोटी ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आयी है। यह भर्ती प्रक्रिया काफी कम समय में पूर्ण हुई है। उन्होंने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को संदेश दिया कि कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास रखें। राज्य सरकार द्वारा जिस तेजी से भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं, इससे युवाओं में नई आशा जगी है। संदीप उनियाल ने कहा कि उन्होंने 2014 में डिप्लोमा किया था और वे 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद और भर्ती परीक्षाओं में तेजी आने से युवाओं का सरकारी नौकरियों के प्रति रूझान और बढ़ा है। रूड़की की महजबी ने कहा कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया एक साल से कम समय में पूरी हुई, अभी जिस तेजी से राज्य में भर्तियां आ रही हैं, सभी लोग तैयारी करने के लिए उत्साहित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी कनिष्ठ अभियन्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आज आपके जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अपने माता-पिता गुरूओं और ईश्वर की कृपा से सभी को देवभूमि उत्तराखण्ड में सेवा करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज जिन 1094 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है, इनसे विभागों को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि ज्ञान, विज्ञान और तकनीक का जिस तेजी से विस्तार हो रहा है, उस हिसाब से नियमित अपडेट रहें। उन्होंने कहा कि सभी पूर्ण निष्ठा और समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, इसके लिए कार्यक्षेत्र में नियमित दिनचर्या बनाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले तीन सालों में राज्य में सरकारी विभागों में 17 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 04 जुलाई 2021 को शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट में हमने निर्णय लिया कि राज्य के सभी रिक्त पदों पर भर्ती की जायेगी। अभी अनेक भर्ती परीक्षाएं गतिमान हैं। राज्य में भर्ती परीक्षाओं के अधियाचन से नियुक्ति पत्र प्रदान करने तक की पूरी समयावधि को कम किया गया है। पूरे साल के लिए भर्ती परीक्षाओं के लिए कलेण्डर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई है। आज योग्य युवा हर भर्ती परीक्षा में सफल हो रहे हैं। नकल विरोधी कानून में सख्त सजा के प्राविधान किये गये हैं। इसमें उम्रकैद और सारी सम्पति जब्त करने तक का प्राविधान किया गया है। राज्य में नकल को जड़ से समाप्त करने के लिए नकल माफियाओं पर सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश नया वर्क कल्चर शुरू हुआ है। उत्तराखण्ड में भी राज्य सरकार द्वारा नया वर्क कल्चर लाने की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों के इंडिकेटर में राज्य को देश में प्रथम स्थान मिला है। उत्तराखण्ड देश में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य में 1094 नये कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति होने से कार्यों में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान अनेक लोगों से मिलने का मौका मिलेगा, उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी बड़ी सकुशलता से जन समस्याओं का समाधान करेंगे और उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नये कनिष्ठ अभियंताओं के आने से प्रदेश के विकास और आवश्यकता के लिए एक कड़ी और जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और आवास विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं की बड़ी कमी थी। नये कनिष्ठ अभियंताओं के आने से कार्यों में तेजी आयेगी। अब विकास कार्यों को गति मिलेगी।

आज जिन 1094 कनिष्ठ अभियन्ताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें लोक निर्माण विभाग में 252, ग्रामीण निर्माण विभाग में 201, सिंचाई विभाग में 137, लघु सिंचाई विभाग में 46, पंचायती राज विभाग में 41, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलसंस्थान में 91, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पेयजल निगम में 50, आवास विभाग में 134, शहरी विकास विभाग में 32, पॉवर ट्रांसमिशन कॉर्पाेरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड में 5, उत्तराखंड जल विद्युत लिमिटेड में 49, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में 37, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) में 10, ऊर्जा विकास में 9 पद शामिल है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, एस.एन.पाण्डेय, डॉ. आर.राजेश कुमार, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, रंजना राजगुरू, अतर सिंह, विनीत कुमार, निदेशक शहरी विकास नितिन भदौरिया एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना से स्थानीय युवाओं को मिल रहा लाभ

अपने लुभावने परिदृश्यों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड भारत में पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और स्थानीय जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलों को लागू किया गया है, जिससे क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित हो सके। ऐसी ही एक पहल है ‘‘ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना,’’ पर्यटन में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण योजना है।

ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय भागीदारी के महत्व पर जोर देती है। पहचाने गए ट्रेकिंग केंद्रों के 2 किलोमीटर के दायरे में ग्रामीणों को वित्तीय सहायता प्रदान करके, सरकार का उद्देश्य होम स्टे के निर्माण और सुधार को प्रोत्साहित करना है। यह पहल पर्यटन और स्थानीय समुदायों के बीच एक सहजीवी संबंध बनाने में महत्वपूर्ण है, यह सुनिश्चित करते हुए कि पर्यटन के आर्थिक लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचें।

इस योजना के तहत, राज्य सरकार विभिन्न उद्देश्यों के लिए वित्तीय अनुदान आवंटित करती है। ग्रामीणों को नए भवनों के निर्माण के लिए प्रति कमरा 60,000 रुपये तक मिल सकते हैं, जिसमें शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएँ शामिल हैं। जिन लोगों के पास पहले से ही बने हुए कमरे हैं, उन्हें सरकार पर्यटकों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इन स्थानों को सुसज्जित करने के लिए 25,000 रुपये प्रदान करती है। यह वित्तीय सहायता न केवल होम स्टे विकास को प्रोत्साहित करती है, बल्कि पारंपरिक पहाड़ी शैली की इमारतों सहित स्थानीय स्थापत्य शैलियों के पालन को भी बढ़ावा देती है, जो पर्यटकों के अनुभव की सौंदर्य अपील और प्रामाणिकता को बढ़ा सकती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह योजना वास्तव में उत्तराखंड के निवासियों को लाभान्वित करती है, इसमें विशिष्ट पात्रता मानदंड शामिल हैं। ट्रेकिंग केंद्रों के पास रहने वाले मूल ग्रामीणों को वरीयता दी जाती है। यह शर्त आगंतुकों के लिए समृद्ध अनुभव प्रदान करने में स्थानीय ज्ञान और आतिथ्य के महत्व को पुष्ट करती है। इसके अलावा, होम स्टे संचालकों के लिए अपने परिवारों के साथ परिसर में रहने की आवश्यकता एक स्वागत योग्य वातावरण को बढ़ावा देती है जहाँ पर्यटक वास्तविक स्थानीय संस्कृति और गर्मजोशी का अनुभव कर सकते हैं। होम स्टे पंजीकरण के लिए अनिवार्यता इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। यह न केवल पर्यटकों के लिए सेवा और सुरक्षा के मानकों को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि सरकार को इस उभरते क्षेत्र के विकास की निगरानी और समर्थन करने की भी अनुमति देता है। होम स्टे को औपचारिक रूप देकर, सरकार यह सुनिश्चित कर सकती है कि पर्यटन का अनुभव उत्तराखंड के मूल्यों के अनुरूप हो और साथ ही स्थानीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राजस्व प्रदान करे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इच्छशक्ति के तहत, ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास सतत पर्यटन विकास के लिए एक उल्लेखनीय दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता देकर, पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित करके और वित्तीय सहायता प्रदान करके, उत्तराखंड सरकार एक ऐसा मॉडल बना रही है जो न केवल आगंतुकों के अनुभव को बढ़ाता है बल्कि स्थानीय समुदायों का उत्थान भी करता है। ये पहल एक संपन्न पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जबकि यह सुनिश्चित करता है कि इस तरह के विकास का लाभ उत्तराखंड के लोगों के बीच समान रूप से साझा किया जाए।

16 हजार से ज्यादा युवाओं को धामी सरकार में अब तक मिला रोजगार, अब 4400 पदों को भरने की तैयारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। सरकार 11 विभागों में रिक्त समूह ग के 4405 पदों पर इसी माह भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 15 सितंबर से आवेदन से लेकर परीक्षा और परिणाम का शेड्यूल जारी करने का निर्णय लिया है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार अब तक 16 हजार से ज्यादा नौकरी देने का भी रिकॉर्ड बना चुकी है।

राज्य में बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने में पुष्कर सिंह धामी सरकार सबसे धाकड़ साबित हो रही है। सरकार ने महज तीन साल के भीतर 16 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में नौकरी देने का रिकॉर्ड बनाया है। यह आंकड़ा राज्य बनने के 23 साल में किसी सरकार में युवाओं को सबसे ज्यादा नौकरी मिलने में बड़ा है। नौकरी में पारदर्शिता रहे, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। अभी भी सरकार यूकेएसएसएससी, यूकेपीएससी, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड आदि के मार्फत नौकरी दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है। इसमें पुलिस दरोगा समेत शिक्षकों के सैकड़ों पदों पर वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इसी क्रम में धामी सरकार ने राज्य के करीब 11 विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती करने का सिलसिला जारी रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी के द्वारा स्वीकृत अधियाचन वाले पदों पर पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष जी एस मर्ताेलिया ने बताया कि 11 विभागों से करीब 4405 रिक्त पदों पर भर्ती के अधियाचन स्वीकृत हुए हैं। आयोग ने इन रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती की तैयारी पूरी कर ली है। इस माह के 15 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगा। साथ ही परीक्षा तिथि से लेकर परिणाम का शेड्यूल भी जारी कर दिया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष मर्ताेलिया ने कहा कि आयोग द्वारा संपादित की जा चुकी भर्ती तय शेड्यूल से रिकॉर्ड समय में संपन्न हुई हैं। आयोग का प्रयास रहता कि परीक्षा से लेकर परिणाम समय पर जारी हो। आगे भी पारदर्शिता और समय सीमा पर रिक्त पदों की भर्ती कराई जाएगी।

युवाओं को इन पदों पर मिलेगी नौकरी

आयोग के अनुसार 15 सितंबर से पुलिस आरक्षी के 2000, वन आरक्षी के 700, इंटर स्तरीय सींचपाल, कनिष्ठ सहायक, राजस्व सहायक, मेट, कार्य पर्यवेक्षक के 1200, वैयक्तिक सहायक के 280, वैज्ञानिक सहायक के 50, स्नातक स्तरीय 50, सहायक विकास अधिकारी के 40, वाहन चालक 25, लाइब्रेरियन के 10, प्राइमरी शिक्षक एसटी के 15, आईटीआई विभिन्न ट्रेड के 35 पदों पर भर्ती होनी है।

‘‘राज्य गठन के 23 सालों के भीतर युवाओं को समय पर रिकॉर्ड नौकरी मिली हैं। करीब 16 हजार युवाओं को अब तक नौकरी मिल चुकी हैं। खुद मेरे द्वारा युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। हमारी सरकार द्वारा राज्य में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनाने के बाद प्रतिभावान युवाओं को चार-चार नौकरी मिल रहीं हैं। पहले नकल माफियाओं द्वारा नौकरी का सौदा कर दिए जाने से एक ही परिवार के सदस्यों को चार-चार नौकरी मिलती थी। हमने संकल्प लिया कि उत्तराखंड के हितों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’’

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।

राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के 212 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से चयनित 212 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के इन छात्र-छात्राओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिली है। इस वर्ष अभी तक राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से 65 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिल चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र सभी युवाओं के सपनों की पहली सीढ़ी है। यह परिश्रम और लगन से किए कार्य का सम्मान भी है। हर छात्र पूर्ण मनोयोग निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को हर क्षेत्र में रोजगार के उचित अवसर मिलें। राज्य के अंदर निजी क्षेत्र भी रोजगार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गैर सरकारी औद्योगिक इकाइयों का विकास हमारी आर्थिक विकास का प्रमुख स्तंभ है। देवभूमि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को राज्य में सही दिशा और उचित अवसर देने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षाे में टेक्नोलॉजी, रोजगार, कौशल विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। देश के अंदर हर क्षेत्र में नौजवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी को प्रथमिकता दी गई है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से देश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों हेतु राज्य में ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेंटर का निर्माण किया गया है। जिसके माध्यम से छात्रों को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होने छात्रों से कहा कि आपके द्वारा किए गए कार्य एवं अनुभव ही आपकी पूंजी के रूप में हमेशा आपके पास रहेगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार से जोड़ना है। बीते 3 सालों में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में 15000 से भी ज्यादा युवाओं को नियुक्तियां दी है। राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाया गया है। परीक्षा से लेकर नियुक्तियां तक तय समय के अंदर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता से युवाओं का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह पारदर्शिता युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान लोगों/युवाओं द्वारा नकल विरोधी कानून लागू करने हेतु विशेष रूप से सरकार का आभार व्यक्त किया जा रहा है। यह पारदर्शिता तभी संभव है जब सरकार की नीति और नीयत दोनों साफ हो। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए निरन्तरता से काम कर रही है। समेकित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर आया है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता परक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को सीधे रोजगार मिले इसके लिए औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के हिसाब से नये कोर्स चलाये जा रहे हैं। बच्चों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में फाइनल वर्ष के 3500 बच्चों में से 2303 बच्चों को रोजगार से जोड़ दिया गया है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। युवाओं को अन्य देशों में भी रोजगार के अवसर मिले इसके लिए सरकार ने राज्य के पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में जर्मन और फ्रेंच भाषा पढ़ाने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन के लिए हर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि केवल सर्विस प्राप्त करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, निजी सेक्टर में अपने समर्पण, ज्ञान, कार्यशैली के माध्यम से सफलता को प्राप्त करना है। जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस क्षेत्र में हमेशा सर्वश्रेष्ठ कार्य कर निरन्तर सफलता के मार्ग पर आगे बढ़े। युवाओं को राज्य और समाज के बेहतर भविष्य के लिए सोचना चाहिए।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा स्वाति भदौरिया, निदेशक तकनीकि शिक्षा आरपी गुप्ता, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

170 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 24, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 44, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (उत्तराखण्ड जल संस्थान) के पद पर 20, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) के पद पर 41, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (आवास विभाग) के पद पर 14, सहायक अभियंता, यांत्रिक अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 10, सहायक अभियंता, कृषि अभियंत्रण (लघु सिंचाई विभाग) के पद पर 06, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण ( लघु सिंचाई विभाग) एवं सहायक विद्युत निरीक्षक, (ऊर्जा विभाग) के पद पर 02-02 एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 01-01 अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना देते हुए आशा व्यक्त की कि नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को जिस भी क्षेत्र में सेवा करने का अवसर मिल रहा है, वे कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण भाव से जन सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति देने का मुख्य उद्देश्य है कि, सभी अभ्यर्थियों को चयन वर्ष का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की किअपने क्षेत्र में बेहतर कार्य कर उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में सभी चयनित अभ्यर्थी अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको अपने कार्यक्षेत्र में शत प्रतिशत योगदान देकर अपने माता-पिता और राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 03 सालों में राज्य सरकार का प्रयास रहा है कि हर क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इन 03 वर्षों में लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और मेडिकल चयन बोर्ड के माध्यम से कुल 14 हजार 800 नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई हैं। इस कानून के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई के प्राविधान किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय से ही युवा राजनीति में कार्य किया है, युवा वर्ग हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहा है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि सभी सहायक अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के साथ कार्य कर उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थी मन में यह भाव लेकर चलें कि कार्यक्षेत्र में हर समय नई चीजें, सीखने को मिलेगी, उनको आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह जीवन की नई पारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कई समय से सहायक अभियंताओं की कमी थी। नई नियुक्तियों से कार्यों में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 09 जिलों में विकास प्राधिकरण हैं, जिनमें सहायक अभियंताओं को नियुक्ति मिलेगी। राज्य में प्राधिकरण बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि क्षेत्रों का नियोजित विकास हो सके।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विनीत कुमार, कर्मेन्द्र सिंह एवं संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

शिक्षा विभाग में शीघ्र मिलेंगे 955 कार्मिकः धन सिंह

समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के रिक्त 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उक्त पदों की पात्रता रखने वाले अभ्यर्थी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर 29 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिये दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत चयन प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेश के सभी सीआरपी-बीआरपी केन्द्रों पर चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती आउटसोर्स के माध्यम से कर दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सूबे में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार लाने के दृष्टिगत समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जिस हेतु पात्र अभ्यर्थी सेवायोजन विभाग के अंतर्गत रोजगार प्रयाग पोर्टल पर शनिवार 01रू00 बजे के उपरांत ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे। अभ्यर्थी आवेदन संबंधित समस्त जानकारियां एवं सहायता के लिये संबंधित पोर्टल के दूरभाष संख्या 0135-2653665 तथा आउटसोर्स एजेंसी के दूरभाष नम्बर 0135-4145780 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में वही अभ्यर्थी अवेदन कर पायेंगे जो राज्य के किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होंगे। इसके अलावा 10 प्रतिशत पद सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये आरक्षित किये गये हैं।

विभागीय मंत्री ने बताया कि ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति (बीआरपी) हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणति एवं सामाजिक विज्ञान के कुल 255 पदों हेतु न्यूनतम अर्हता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंकों के साथ उपाधि ग्रहण की हो। इसके अलावा संकुल संदर्भ व्यक्ति (सीआरपी) के लिये 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि होनी जरूरी है। इसके अतिरिक्त बीआरीपी व सीआरपी पदों के लिये बीएड की उपाधि के साथ-साथ सीटीईटी अथवा यूटीईटी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही कम्प्यूटर में कार्य करने की दक्षता भी जरूरी है। जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये बीएड अथवा एलटी अर्हता होनी अनिवार्य है। बीआरपी-सीआरपी पदों के लिये आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पास चिकित्सा प्रमाण पत्रा होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने 27 सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 16 सुपरवाइजरों तथा आबकारी विभाग के अंतर्गत चयनित 10 निरीक्षक व 01 कनिष्ठ सहायक को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस प्रकार कुल 27 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनायें देते हुए कहा कि आपके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, आपका चयन इन पदों पर हुआ है। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत, परिश्रम करने वाले आज सभी मेहनती यवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने अनुशासन का जिक्र करते हुये कहा कि जीवन के निर्माण व सफलता में अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिये अपने जीवन में हमेशा अनुशासित होकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कड़ा नकल विरोधी कानून बनाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है तथा परीक्षओं को पारदर्शी बनाया है, जिससे मेहनती युवाओं को उनकी मेहनत का सुफल प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर सचिव तथा निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पंचायती राज विभाग के 08 सहायक लेखाकारों तथा 342 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक लेखाकारों का चयन लोक सेवा आयोग तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का चयन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले लेखाकार एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्राथमिक इकाई ही नहीं इसकी नींव के समान है। पंचायती राज व्यवस्था जितनी सशक्त होगी हमारा लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा, तभी सुराज की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की परेशानी, उसकी शिकायत को सरकार तक पहुंचाने और सरकार द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार खुद चल कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है, उसको सशक्त बना कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला रही है। आज चाहे, एलपीजी गैस कनेक्शन हो, बिजली कनेक्शन हो, पानी कनेक्शन हो, स्वच्छ भारत अभियान के तहत इज्जतघरों का निर्माण हो या अन्य योजनाएं हों, सरकार की प्रत्येक योजना के केंद्र में समाज का वंचित वर्ग भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाली सरकार में वंचितों की आवश्यकताएं पूर्ण करना ही हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हम निरंतर यह प्रयास कर रहे हैं कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन पूर्व में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तथा विकास की दृष्टि से गांवों को सबसे निचले पायदान पर रखा गया और गांवों के लिए जो पैसा भेजा जाता था, वह वहां तक नहीं पहुंच पाता था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। सरकार ने जन-धन योजना चलाई, देशभर में गांव के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गांवों तक पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक की पहुंच बनाई तथा आज इसका प्रभाव देश के हर गांव में नजर आ रहा है। योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए हर वह कार्य कर रही है, जो पूर्व में इच्छाशक्ति के अभाव में नही हो पाये। उन्होंने कहा कि अगर हमारे युवा अपने गांवों के उत्थान की भावना के साथ गांवों के विकास के लिए समर्पित रहेंगे, तो गांवों के विकास में कोई भी बाधा नहीं आ सकती है। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि आप गांवों को अपना घर समझकर कार्य करें, ताकि गांवों के विकास को पंख लग सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परन्तु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर “नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नकल विरोधी कानून का ही प्रतिफल है कि हम हर रोज अलग अलग विभागों में योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ कर जनहित के कार्य किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड विकास और विश्वास के अभूतपूर्व माहौल में, जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है और इसे सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों में सहयोगी बनें।
इस अवसर पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने पंचायती राज विभाग की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर सचिव पंचायती राज आलोक कुमार पाण्डेय, संयुक्त निदेशक आर. के. एन. त्रिपाठी, उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नवनियुक्त कार्मिकों सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

चिकित्सा शिक्षा सहित पशुपालन में नौकरी पाए युवाओं को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत टैक्निकल संवर्ग में चयनित अभ्यर्थियों एवं पशुपालन विभाग के अन्तर्गत चयनित सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। 85 चयनित टेक्नीशियनों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति प्रदान की गई है। पशुपालन विभाग के अन्तर्गत 19 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के हाथों ज्वाइनिंग लेटर पाकर उत्साहित नजर आए उच्च शिक्षा व वन निगम की नियुक्तियों में चयनित अभ्यर्थी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित उत्तराखण्ड वन विकास निगम और उच्च शिक्षा विभाग के सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। वन विकास निगम में 88 और उच्च शिक्षा विभाग के 08 सहायक लेखाकारों को शनिवार को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित सहायक लेखाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने कार्यक्षेत्र की शुरूआत से ही नियमित दिनचर्या बनाकर कार्य करें। जब हम कोई कार्य ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित में करते हैं, तो इससे आत्मसंतुष्टि मिलती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से आपको जनसेवा करने का अवसर मिला है। जन सेवा के लिए ईमानदारी और लगन से कार्य करें। उन्होंने कहा कि देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हमारे सभी युवाओं की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जन सहयोग से हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। जन सहभागिता से राज्य सरकार राज्य की प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रही है। रोजगार के साथ स्वरोजगार को भी राज्य में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न विभागों के माध्यम से लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अधियाचन भेजे गये हैं। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। राज्य में उद्योगों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत राज्य को जो निवेश प्रस्ताव मिले हैं, उनमें पहले प्राथमिकता उन्हीं को दी जा रही है, जिनमें स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अध्यक्ष वन विकास निगम कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम एस. पी. सुबुद्धि उपस्थित थे।