उत्तराखंडः धरातल पर दिखाई दे रहा महिला सशक्तिकरण को समर्पित प्रोजेक्ट ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून शहर में निर्माणाधीन स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य पूर्ण ही गया है तथा इसका कोरोनेशन तथा परेड ग्राउंड में पार्किंग का संचालन भी शुरू हो गया है । जल्द ही यह पार्किंग मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।
यह राज्य की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित प्रथम पार्किंग है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित इस पार्किंग को जिला प्रशासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। शहर के तीन स्थानों पर बनाई गई इन ऑटोमेटेड पार्किंग की परेड ग्राउंड पर 96, तिब्बती मार्केट पर 132 ,तथा कोरोनेशन चिकित्सालय में 18 वाहन क्षमता वाली इस पार्किंग में परेड ग्राउंड तथा कोरोनेशन में स्वसंचालन शुरू हो गया है जिसे विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश व जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से जनपद देहरादून अंतर्गत आधुनिक सुविधायुक्त आटोमेटेड पार्किंग निर्माण कार्य पूर्ण। जिलाधिकारी के अभिनव पहल से एक ओर जहाँ कोरोनेशन अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अब भौतिक ढांचे को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे शहर की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी। वहीं शहर के बढ़ती ट्रैफिक के दृष्टिगत शहर में व्यवस्थित रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने में डीएम का प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आधुनिकता की दौड़ में ऑटोमेटेड पार्किंग आवश्यकता अनुसार कम स्थान पर निर्मित हो जाती है जिसे भविष्य में एक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर सड़कों पर यातायात का बहुत अधिक दबाव है वही पर्याप्त पार्किंग न होने की वजह से शहर वासी वह पर्यटक नो पार्किंग जोन में वाहन पार्क करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन का यह प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव कम करने को एक उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है यदि यह सफल रहा वह भविष्य में शहर में कई स्थानों पर इस प्रकार की पार्किंग नजर आएँगी। यह इस पार्किंग की सबसे बड़ी खूबी है कि इसे जरूरत के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

वन्य जीव सप्ताह के तहत सीएम ने वन विभाग की बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वन्यजीव सप्ताह का राज्य में विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइक रैली वन्यजीव संरक्षण के संदेश का प्रचार-प्रसार करते हुए मुख्य स्थलों घण्टाघर, परेड ग्राउंड, सर्वे चौक से होते हुए मालसी जू तक पहुँची। हर वर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण तथा उनके प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की 74वीं थीम “मानव वन्यजीव सह-अस्तित्व“ रखी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं जिनके संरक्षण के बिना जीवन संभव नहीं। मानव और वन्यजीव के बीच सह-अस्तित्व ही प्रकृति की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण की कुंजी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हरित विरासत को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील की कि वे वन्यजीव संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करें।

इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वन्यजीव सप्ताह के दौरान 02 से 08 अक्टूबर तक दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में वन्यजीव संरक्षण एवं जागरूकता हेतु वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत आगामी दिनांक 03 अक्टूबर को मालसी जू, देहरादून में वन्यजीव संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ एवं नागरिक भाग लेंगे।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधाशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ डॉ. समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्र सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी पहुंचे रामपुर तिराहा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामपुर तिराहा शहीद स्थल के री-डेवलपमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। संग्रहालय को भव्यता प्रदान करने के लिए कार्य किए जाएंगे।इस स्थल पर एक कैंटीन बनाई जाएगी और उत्तराखण्ड की बसों को ठहरने के लिए स्टॉपेज भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 का रामपुर तिराहा गोलीकांड, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के इतिहास में सबसे क्रूर और गहरे घाव देने वाले काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। आज भी उस बर्बर गोलीकांड और महिलाओं की अस्मिता पर किए गए अमानवीय अत्याचारों को याद करके प्रत्येक उत्तराखंडी की रूह कांप उठती है। जिन पर जनता की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही हिंसा और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयतापूर्वक कुचलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सदा याद दिलाता रहेगा कि उत्तराखंड की नींव हमारे शहीदों ने अपने खून से सींची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आंदोलनकारियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप ही हमें अलग राज्य मिला।आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार ने नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा प्रारंभ की गई है। साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनका सम्मान करते हुए राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। रामपुर गोलीकांड के समय इस क्षेत्र के लोगों द्वारा राज्य आंदोलनकारियों की सहायता को चिरस्थायी बनाने हेतु रामपुर, सिसौना, मेघपुर और बागोंवाली में जनमिलन केन्द्रों का निर्माण कराया गया है। शहीद स्मारक हेतु भूमि दान करने वाले स्वर्गीय महावीर शर्मा के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित किए गए हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड के लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त दंगारोधी कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इस अवसर पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कपिल देव, पूर्व सांसद सजीव बालियान, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक खानपुर उमेश कुमार, विधायक झबरेड़ा विरेंद्र जाति, दर्जाधारी मधु भट्ट, राजेंद्र अंथवाल, शोभाराम प्रजापति, सचिव युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल, राज्य आंदोलनकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

पूर्व पीएम और महात्मा गांधी जयंती पर सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए । मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सत्य व अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनका स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए । मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को स्वाभिमान और एकजुटता के साथ मजबूती से खड़े होने का रास्ता दिखाया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी, सत्यनिष्ठा, लगन, नैतिकता व राष्ट्र के प्रति समर्पण की जो अदभुत मिसाल कायम की, वह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।
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गांधी पार्क पहुंचे सीएम ने बापू की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने सत्य, अहिंसा और त्याग के मार्ग से पूरे विश्व को शांति और एकता का संदेश दिया। उनका जीवन दर्शन आज भी समाज को नई दिशा देने वाला है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से गांधीजी के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी की प्रेरणा से ही हमें स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश मिलता है, जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
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शहीद स्थल कचहरी में राज्य आंदोलनकारी शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आन्दोलनकारियों और शहीदों के परिजनों के कल्याण हेतु निरंतर संकल्पित है तथा उनके हितों और सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन को सीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को सम्मानित किया तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम पर पौधा रोपण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन और वृद्धिजनों की वाकथन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव समस्त समाज के लिए मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से उधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है।रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रमों की स्थापना के लिए प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। राज्य में इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम भी लागू किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक समाज कल्याण चंद्रसिंह धर्मशक्तू मौजूद थे।

सीएम धामी ने चंपावत में विभिन्न रामलीलाओं को किया वर्चुअल संबोधित, बोले चंपावत में तेजी से हो रहा विकास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ चंपावत सहित पूरे प्रदेश में सीधे पहुँच रहा है। चंपावत में विभिन्न मोटर मार्गाे के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ ही जाम की समस्या हल करने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग्स का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं आईएसबीटी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ ही, महिला छात्रावास व आईटी लैब का कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों के पुर्ननिर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ ही माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। चंपावत में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाएं हैं, इसके विकास के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा शारदा कॉरिडोर बनाने की हमारी विस्तृत परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। हम पूर्णागिरि क्षेत्र में स्पिरिचुअल जॉन और ईको टूरिज्म विकसित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य जारी है, जो नई पीढ़ी को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर देगा। साथ ही महिला प्रौ‌द्योगिकी पार्क स्थापित कर महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा श्यामलाताल झील में डेवलपमेन्ट का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत में विभिन्न रामलीला मंचन कार्यक्रमों को वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे।

सभी को शारदीय नवरात्रि की महानवमी एवं विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, ये केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवन का दर्शन है। रामलीला के प्रत्येक पात्र में एक संदेश छिपा है और प्रत्येक प्रसंग हमें बताता है कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की सदैव विजय होती है। जब हमारे बच्चे और युवा रामलीला देखते हैं, तो वे धर्म, त्याग, सत्य, कर्तव्य और मर्यादा जैसे सनातन मूल्यों को आत्मसात करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक अद्भुत दर्शन है और यदि हम उनके आदर्शों का अनुसरण कर अपने जीवन में कुछ कदम भी बढ़ा पाएं, तो हमारा ये जीवन सार्थक हो जाएगा। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वनवास में रहकर उन्होंने बताया कि एक पुत्र का धर्म क्या होना चाहिए।भरत को गले लगाकर उन्होंने ये बताया कि एक बड़े भाई का धर्म क्या होना चाहिए। सुग्रीव और विभीषण से मित्रता निभाकर उन्होंने ये बताया कि एक मित्र का धर्म कैसा होता है। रावण से सामना होने पर भी उन्होंने ये दिखाया कि शत्रुता के बावजूद अपने धर्म का पालन किस प्रकार करना चाहिए। और जब राम राजा बने, तब भी उन्होंने ये बताया किया कि एक राजा का असली धर्म क्या होना चाहिए। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया और आज भी जब हम किसी आदर्श शासन की बात करते हैं, तो उसमें हमारी कल्पना राम राज्य की ही होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रभु श्री राम का आदर्श जीवन हमें ये सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड का भी प्रभु श्री राम से गहरा नाता रहा है। हमारे राज्य के अनेकों तीर्थ स्थल, पर्वत और नदियाँ रामायण कालीन घटनाओं के साक्षी हैं। रावण से युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण जी शक्ति लगने से मूर्छित हो गए थे, तब सुषेण वैद्य के निर्देश पर हनुमान जी ने चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी का जीवन बचाया था। इसी प्रकार, ऋषिकेश स्थित विष्णु पर्वत पर भगवान राम के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ जी की तपस्थली आज भी विद्यमान है। हमारे राज्य के प्रत्येक गाँव और कस्बे में जो रामलीलाएँ मंचित होती हैं, वे केवल नाट्य प्रस्तुतियाँ नहीं बल्कि आस्था, संस्कार और शिक्षा के जीवंत विद्यालय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष रामलीला का मंचन हमें ये स्मरण कराता है कि धर्म की विजय और अधर्म का पतन एक शाश्वत सत्य है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। हमारी प्रदेश सरकार अयोध्या जी की पावन भूमि पर उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करा रही है। इस अतिथि गृह में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के रुकने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, हमने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर ष्सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरीष् रखा है। यही वो पवित्र भूमि है जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम राज्य में विभिन्न रावण रूपी बुराइयों को समाप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है, वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए हमने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात से वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चम्पावत सहित चम्पावत के विभिन्न रामलीला कमेटीयों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने पर बनी एल्बम मानसखंड का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी के गीतों की एल्बम “मानसखंड” का विमोचन किया।

इस अवसर पर गीतकार हेमंत बिष्ट एवं संगीतकार संजय कुमोला सहित पूरी टीम मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुँचाने का यह सराहनीय प्रयास है।

सीएम ने कहा कि लोकगीत हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा हैं। “मानसखंड” जैसी कृतियाँ न केवल हमारी समृद्ध परंपरा को जीवित रखती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार भी करती हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोककला को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड के लोकगायक, लोकनृत्य और लोककला हमारे पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर की पहचान हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “मानसखंड” एल्बम जन-जन तक पहुँचेगी और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को भी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। सरकार की भी कोशिश है कि स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।

कार्यक्रम में उपस्थित लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उनके प्रयास को मुख्यमंत्री ने सम्मान प्रदान किया।

इस अवसर पर सांस्कृतिक और कला जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने किया पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 15,600 नए आवासों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत की गई। इसके साथ ही फेरी व्यवसायियों के पंजीकरण का वृहत अभियान एवं अंगीकार 2.0 को भी लॉन्च किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बी.एल.सी. घटक से नव निर्मित 15 हजार 6 सौ आवासों का लोकार्पण भी किया गया।

सीएम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निकायों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर नगर निगम को प्रथम, पिथौरागढ़ नगर निगम को द्वितीय तथा कोटद्वार नगर निगम को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इसके साथ ही मसूरी नगर पालिका परिषद को प्रथम, डोईवाला नगर पालिका परिषद को द्वितीय तथा भीमताल को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने लालकुआं नगर पंचायत को प्रथम, गुलरभोज नगर पंचायत को द्वितीय तथा भिकियासैंण नगर पंचायत को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। उन्होंने छावनी परिषद लैंसडौन को प्रथम, रानीखेत को द्वितीय तथा रुड़की छावनी परिषद को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । शहरी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 244 नए वाहनों को राज्य को समर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन योजनाओं से शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की दिशा में ठोस सुधार होंगे और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के नगर निकायों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने, फेरी व्यवसायियों को संगठित कर उन्हें आजीविका से जोड़ने तथा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन पहलों से उत्तराखण्ड के नगर निकाय देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे और स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ये सभी नवीन पहलें न केवल राज्य के नगरीय क्षेत्रों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। आज राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है।

युवाओं के प्रकरण पर बोले सीएम
सीएम धामी, “युवाओं के हित में मैं सर झुका भी सकता हूं और खुद को मिटा भी सकता हूं”

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि हाल ही में एक नकल का मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए ैप्ज् का गठन किया। परंतु विपक्ष इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों की परेशानियों को देखकर और अराजक तत्वों के षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सीबीआई जांच कराने के साथ ही उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या सीबीआई जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और स्वयं को मिटा भी सकता हूं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राजयसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित विभिन्न नगर निकायों के मेयर, सचिव नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

हेली सेवाओं से दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन उपलब्ध होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10रू30 बजे एवं दोपहर 1रू50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10रू50 बजे एवं दोपहर 2रू10 बजे चलेगी।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11रू50 बजे एवं दोपहर 3रू10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12रू50 बजे एवं सायं 4रू10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सचिव युकाडा सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

25 हज़ार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, 100 से अधिक नकल माफिया जेल मेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के फेयरफिल्ड बाय मेरियट मालसी में टाइम्स ऑफ़ इंडिया कॉन्क्लेव के तहत आयोजित उत्तराखण्ड चौप्टर-2025 कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया।

राज्य के विकास पर प्रगति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 से पूर्व देश की राजनीति में केवल घोटालों, घपलों, कुशासन और भ्रष्टाचार की चर्चा हुआ करती थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को एक कमज़ोर राष्ट्र के रूप में देखा जाता था और राजनीतिक दृष्टि से भी भारत की छवि एक अस्थिर देश की हुआ करती थी। परंतु वर्ष 2014 के बाद, देश में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत के आत्मगौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीयता की भावना के पुनर्जागरण का एक ऐतिहासिक कालखंड आरंभ हुआ। जिससे आज जहां एक ओर भारत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के साथ विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वहीं, वैश्विक मंचों पर यह एक सशक्त, सक्षम और सामर्थ्यवान राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी देश के एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हमारे सुदूरवर्ती और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचकर वहां के समग्र विकास की दिशा में प्रयास किया है। यही नहीं, मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए भी कई ऐतिहासिक कदम उठाएं हैं। आज जहाँ एक ओर मध्यम वर्ग को राहत पहुँचाने के लिए 12 लाख 75 हजार रुपये तक की आय को करमुक्त किया गया है। वहीं, नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों के माध्यम से न केवल नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की गई है, बल्कि हमारे स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी एक नई ऊर्जा और गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे राज्य में भी जो कार्य हुए हैं, वे भी अद्वितीय हैं। आज हमारी सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में एक नकल का मामला सामने आया था, प्रकरण की जानकारी मिलते ही हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। परंतु कुछ लोग इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं और न्यायालय के फैसलों को भी स्वीकार नहीं करते। वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों को गर्मी और धूप में परेशान होता देख और इनके षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं कल वहाँ जाकर युवाओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाएगी और उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा। क्योंकि हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी भी कीमत पर उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को सफल नहीं होने देंगे। कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या सीबीआई जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और सर कटा भी सकता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में आपदाओं का प्रकोप होने के बावजूद अब तक लगभग 42 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पूरी कर सकुशल अपने गंतव्य को लौट चुके हैं। हमने अब राज्य में “शीतकालीन यात्रा” भी प्रारंभ की हैं, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक शीत काल में भी हमारे धार्मिक स्थलों के साथ- साथ अन्य पर्यटक स्थलों के दर्शन कर सकें। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शीतकालीन यात्रा एवं साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए इसी वर्ष मार्च में आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने स्वयं हर्षिल और मुखबा की यात्रा की थी और समस्त देशवासियों से शीतकाल में पहाड़ो में आने का आव्हान भी किया था। हम उत्तराखंड को देश और विश्व का ‘एडवेंचर टूरिज़्म हब’ बनाने के लिए ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं ताकि उत्तराखंड को देश का ही नहीं बल्कि विश्व का ‘एडवेंचर टूरिज़्म हब’ बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा और वर्ष 2027 में देवनगरी हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ को भी दिव्य और भव्य बनाने हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। आज हमारा प्रदेश धार्मिक पर्यटन के साथ – साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में भी एक विशिष्ट केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर औद्योगिक विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। हमने राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर देश-विदेश के उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए थे। मुझे गर्व है कि इस सम्मेलन के डेढ़ वर्ष के भीतर ही हम 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से हमने स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, जबकि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड ने हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। राज्य में हमने ऑपरेशन कालनेमी चलाकर जहां हमने सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले जेहादियों को पकड़ने का काम किया है। वहीं लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत, राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी से ये आग्रह करना चाहता हूँ कि आप सभी आदरणीय प्रधानमंत्री जी के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें। हमारे देश में एक पेन की निब से लेकर अंतरिक्ष यान तक, सब कुछ स्वदेश में बनाने की क्षमता है। हमें अब संकल्पित होकर प्रत्येक वस्तु खरीदने से पहले ये देखना होगा कि वो स्वदेशी है या विदेशी। यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर फ़िल्म अभिनेता आशुतोष राणा सहित फ़िल्म, मीडिया व विभिन्न क्षेत्रों के लोकप्रिय गणमान्य उपस्थित थे।