अभद्रता और गाली गलौच मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी निलंबित हुए

जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालय के पत्र संख्या 681 दिनांक 12 अगस्त, 2025 के द्वारा अकिंत कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर से एक सप्ताहान्तर्गत स्पष्टीकरण माँगा गया था कि वह अधोहस्ताक्षरी को प्राप्त एक ऑडियो क्लिप में किसी व्यक्ति से गाली-गलौच करते हुए सुनाई दे रहे है। इतना समय व्यतीत होने के उपरान्त् भी अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर द्वारा आतिथि तक अपना इस संबंध में कोई भी प्रतिउत्तर इस कार्यालय को उपलब्ध नही कराया गया है। इस प्रकार अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के विरूद्ध उक्त अभिकथन इतने गम्भीर है कि इनके स्थापित हो जाने पर अंकित कुमार को दीर्घ शास्ति दी जा सकती है।

एक शासकीय कर्मचारी के लिए किसी व्यक्ति से फोन पर इस प्रकार की अभद्र भाषा और गाली-गलौच किया जाना कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के पूर्णतया विपरीत है। इसके साथ ही इस संबंध में कोई भी स्पष्टीकरण इतना समय व्यतीत हो जाने के बाद भी ना दिया जाना अंकित कुमार के अनुशासनहीनता को परिलक्षित करता प्रतीत हो रहा है।

अतः अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पं०) बहादराबाद के कार्यालय में सम्बद्ध किया जाता है। निलम्बन अवधि में अंकित कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 में 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता, अर्ध औसत वेतन/वेतन पर देय मंहगाई भत्ता भी देय होगा। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते निलम्बन काल में इस शर्त पर देय होगें कि सम्बन्धित कमचारी द्वारा इन मदों पर वास्तव में व्यय किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप ऐसे प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।

उपरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लेखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब अंकित कुमार इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करेगें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति या व्यवसाय में नहीं लगे है। इस सम्बन्ध में आरोप पत्र पृथक से निर्गत किया जाएगा।

मेडिकल स्टोर्स पर एफडीए की छापेमारी शुरू, सीएम ने प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त कार्रवाई के दिए थे निर्देश

बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में प्रतिबंधित कफ सिरप और औषधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) की संयुक्त टीमें प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। यह अभियान हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा (कफ सिरप) के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्परता से कार्रवाई प्रारंभ की है।

केंद्र की एडवाइजरी पर तुरंत कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि भारत सरकार की एडवाइजरी को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरपों के नमूने एकत्र करें और उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच कराएं, ताकि किसी भी दोषपूर्ण या हानिकारक दवा को बाजार से तत्काल हटाया जा सके।

बच्चों के लिए प्रतिबंधित सिरप न लिखें डॉक्टर
डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी का संज्ञान लेते हुए वे बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप न लिखें। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यदि चिकित्सक इन सिरपों को लिखेंगे तो मेडिकल स्टोर भी उन्हें बेचेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि डॉक्टर स्वयं भी जिम्मेदारी दिखाएं और प्रतिबंधित दवाओं से परहेज़ करें।

कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं

भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार कृ

दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए।

पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है।

केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है।

सरकार ने विशेष रूप से Dextromethorphan युक्त सिरप और Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride संयोजन वाली दवाओं को चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया है।

प्रदेशभर में छापेमारी और सैंपलिंग अभियान
प्रदेश में इस आदेश के बाद अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में युद्धस्तर पर छापेमारी की जा रही है। स्वयं अपर आयुक्त ने देहरादून के जोगीवाला, मोहकमपुर समेत कई क्षेत्रों में औषधि दुकानों का निरीक्षण किया। सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस माह के भीतर सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और खुदरा दुकानों से सिरपों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण करवाएँ। ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि एफ.डी.ए. की टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हैं। यदि किसी भी स्तर पर दोष पाया गया तो संबंधित कंपनी या विक्रेता के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त संदेश दृ जनस्वास्थ्य सर्वाेपरि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रदेश में बिकने वाली हर दवा सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली हो। जनस्वास्थ्य हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और बच्चों की सुरक्षा पर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्रदेश में औषधि गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम कर रही है।

बच्चों की दवा में लापरवाही अस्वीकार्य- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा राज्य सरकार केंद्र की एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन कर रही है। बच्चों की दवाओं से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी चिकित्सकों और औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित सिरप को न लिखें और न बेचें। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनता से अपील दृ डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवा न दें
एफ.डी.ए. ने राज्यभर में कफ सिरप की सैंपलिंग शुरू कर दी है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने जनता से अपील की है कि वे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। यदि किसी दवा के सेवन से कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल से संपर्क करें।

सीएम धामी ने आपदा में सहयोग वाले कर्मियों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित ’’प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह’’ में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में योगदान देने पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी के कर्मियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सम्मान ऐसे कर्मियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियान में अपनी जान की परवाह किए बिना योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम उत्तराखंड की बात करते हैं, तो केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता की ही नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक कठिनाइयों और प्रत्येक वर्ष होने वाली आपदाओं की चुनौती भी स्वतः ही सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे हमारे राज्य में भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ आना आम बात हैं। देवभूमि में रहते हुए हम ये जानते हैं कि प्रकृति का सौंदर्य जितना मनोहारी है, उतनी ही यहां चुनौतियाँ भी अप्रत्याशित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सबने 2013 की केदारनाथ आपदा की त्रासदी को देखा है, जब जय प्रलय में हजारों लोगों की जानें चले गईं थी। इसी प्रकार 2021 में चमोली की ऋषिगंगा और धौलीगंगा घाटी में आई आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 2023 में जोशीमठ का धंसाव भी एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने आया। इस वर्ष भी उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की अनेक घटनाओं का हमने सामना करना पड़ा। इन आपदाओं में कई लोगों की मृत्यु हुई, कई लोग लापता हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मानव जीवन की रक्षा करने की थी, यही समय था जब एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस- प्रशासन के लोगों ने आपदा में घायल और मलबे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर लगातार काम किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा के समय हमारे राहत कर्मियों ने न केवल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि पुनर्वास और राहत शिविरों का भी संचालन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिल्क्यारा टनल में फंसे मजूदरों के लिए चलाए गए अभियान को नहीं भूल सकते। तब दिन-रात चलने वाले बचाव अभियान पर पूरे देश की निगाह थी। परंतु बाबा बोखनाग के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने हमारे अभियान को सफल बनाया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वो जब भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो बचाव और राहत कर्मियों के जज्बे को देखकर उन्हें विश्वास हो जाता है कि हम प्रत्येक चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों में सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देहरादून आकर आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द बाँटा, उनकी समस्याएँ सुनीं और समीक्षा बैठक कर त्वरित निर्णय भी लिए। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के लिए 1200 करोड़ रुपये की विशेष राहत राशि की घोषणा भी की, जिससे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य में हमें बड़ी सहायता मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा केवल इमारतें या सड़कें ही नहीं तोड़ती, आपदा लोगों के आत्मविश्वास और भविष्य को भी चोट पहुंचाती है। इसलिए राज्य सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि आपदा पीड़ितों को केवल मुआवज़ा ही न दिया जाए, बल्कि उनके पुनर्वास और उनकी आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एसडीआरएफ जवानों को ड्रोन, सैटेलाइट आधारित मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक रेस्क्यू गियर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, आपदा मित्र योजना के अंतर्गत गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क और पुल निर्माण में डिजास्टर रेज़िलिएंट तकनीक का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को स्कूल-कॉलेजों में शामिल करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी आपदा के खतरों से और बेहतर तरीके से निपट सके। समारोह में नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए छात्रों द्वारा मुख्यमंत्री धामी का विशेष तौर पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, कृष्ण गिरी महाराज, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, कार्यक्रम की संयोजक हनी पाठक मौजूद थे।

राधेश्याम जी का संपूर्ण जीवन समाज, संगठन और राष्ट्र के लिए समर्पित रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज रेसकोर्स स्थित स्वर्गपपुरी आश्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राधेश्याम जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र नमन किया और उनके निधन को समाज एवं राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राधेश्याम जी का संपूर्ण जीवन समाज, संगठन और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा है। वे संघ की मूल भावना दृ निःस्वार्थ सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति दृ के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से हजारों युवाओं और कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में असंख्य कार्यकर्ताओं ने समाज सेवा का संकल्प लिया और आज भी उनकी शिक्षाएं संगठन और समाज को ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राधेश्याम जी का त्यागमय जीवन, सरलता, तपस्या और राष्ट्रहित के प्रति उनकी निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन को सशक्त बनाने और समाज को जोड़ने के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पथप्रदर्शक का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों एवं संघ परिवार के सभी कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और उन्हें ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान मिलने की प्रार्थना की।

राज्य स्थापना दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 09 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर इस अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में जन सामान्य की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने नन्दा राज जात यात्रा मार्गों के रख रखाव तथा यात्रा के रात्रि पडावों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास से संबंधित कार्य योजना भी शीघ्र तैयार किये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में हाल ही में आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सभी संबंधित संस्थानों एवं अधिकारियों द्वारा किये गए प्रयासों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने शहरों में बढते यातायात के दबाव को कम करने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने, साफ सफाई के साथ खाद्य सामग्री में मिलावट खोरी रोकने के लिये जांच अभियान सघनता से संचालित किये जाने के साथ प्रदेश में पूर्ण होने वाली फ्लैगशिप योजनओं व कार्यक्रमों का भी पूर्ण विवरण तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्माण और नव निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों से बार-बार सड़क संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की कार्य प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा 31 अक्टूबर तक पैच वर्क पूर्ण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण के भी निर्देश दिये हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर दिए निर्देश

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी की छात्रा साक्षी द्वारा विवि के स्तर से डिग्री नहीं दिए जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन किए जाने के बावजूद इस प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया।
सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान उक्त प्रकरण जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस पर सख़्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा एक सप्ताह में इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ ही संबंधित अधिकारी पर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी को एक सप्ताह के अंदर डिग्री उपलब्ध कराई जाए। छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाए। सेवा के अधिकार के तहत दी जाने वाली सेवाओं को कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज किया जाए। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण तेजी से किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें कि वे किस निर्धारित दिन समस्याओं के समाधान के लिए बैठेंगे।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याओं के यथाशीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह, सचिवगणों को माह में दो बार और मुख्य सचिव को प्रत्येक माह में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि 3 माह से अधिक लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारियों को जनता मिलन कार्यक्रमों का आयोजन नियमित तौर पर करना होगा, साथ ही शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों, सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के साथ ही रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान तभी माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट होगा। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी विभागों को हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और विभागों द्वारा समाधान के लिए की गई कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड पेयजल, गृह विभाग, ऊर्जा से संबंधित लोगों की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंगः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं, हमारे देवी – देवताओं ने भी इनके साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया है। मां दुर्गा का वाहन शेर, गणेश जी का वाहन मूषक, मां सरस्वती का हंस, भगवान कार्तिकेय का मोर, लक्ष्मी जी का उल्लू और देवाधिदेव महादेव के कंठ पर विराजमान नागराज और साथ बैठे नंदी हमारी सनातन संस्कृति में मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव के प्रतीक हैं। यही कारण है कि आदिकाल से वन्यजीवों का संरक्षण भारत की जीवन पद्धति का स्वाभाविक हिस्सा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि, 6 राष्ट्रीय उद्यानों, 7 वन्यजीव विहारों और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों के रूप में संरक्षित है, जबकि पूरे देश में ये अनुपात मात्र 5.27 प्रतिशत ही है। ये अंतर हमारे राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की हरियाली और इसमें स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव वर्ष भर देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ – साथ राज्य सरकार वनों के प्राकृतिक स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने और वन्य जीवों को सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग से कहा कि हर जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान करते हुए उसे विकसित करें, साथ ही बिना प्राकृतिक स्वरूप को बदले, उसे पर्यटकों के लिए सुलभ बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है, ताकि लोग जंगलों से जुड़ें, लेकिन प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुवे जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। परंतु इनके साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। इस संघर्ष को कम करने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग कर रही है। वन विभाग को ड्रोन और जीपीएस की तकनीकी सुविधा दी जा रही है, ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा और बेहतर ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि वे जंगलों की रक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदार बन सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक लाख युवाओं को ’’सीएम यंग ईको-प्रिन्योर’’ बनाने की बात कही थी, अब ये स्कीम रंग ला रही है। इस स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पाइलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज्म, वन्यजीव टूरिज्म आधारित कौशल कार्यों को एक उद्यम के रूप में परिवर्तित किए जाने की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। इस सबके साथ- साथ अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में छात्रों के लिए इको क्लब के जरिए वन्यजीवों से संबंधित शैक्षिक यात्रा के आयोजन भी कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व मंच से ’’लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’’ का आह्वान किया है जो मात्र एक नारा नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने का एक मंत्र है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से ये आह्वान करते हुए कहा कि वे जब भी जंगल सफारी या किसी धार्मिक पर्यटन स्थल पर जाएं तो वहां गंदगी न फैलाएं।

इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन और वन्य जीवों को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी, इकोलॉजी और टैक्नोलॉजी के मेल से ही प्रदेश आगे बढ़ सकता है।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बसंल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

सीएम धामी विजयदशमी पर आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विजयदशमी के अवसर पर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल स्कूल देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लक्ष्मण चौक पर हर वर्ष होने वाला यह आयोजन हमारे लिए विशेष है, क्योंकि इस आयोजन के प्रणेता राज्यसभा सांसद ,भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल हैं। मैं, उन्हें साधुवाद देता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम को जनजागरण और सांस्कृतिक चेतना का एक माध्यम बनाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के भी सौ वर्ष पूर्ण हुए हैं। मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए संघ की विचारधारा और प्रेरणा ही राष्ट्र कार्य करने की शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा एक पर्व मात्र नहीं है, बल्कि ये हमारे जीवन में एक पाथेय का कार्य करता है। यह हमें सिखाता है कि चाहे असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो, उसकी पराजय निश्चित है। यह हमें बताता है कि शक्ति और ज्ञान का दुरुपयोग अंततः पतन की ओर ही ले जाता है। भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। एक आदर्श पुत्र, आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। भगवान राम ने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा के लिए कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, विजय सदैव धर्म की ही होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर हमारे युग का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव बन गया है। हमारे मंदिर, मेले और पर्व न केवल सनातन संस्कृति में हमारी अटूट आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि ये हमारे लिए पर्यटन और रोजगार का भी सशक्त माध्यम हैं, इसी को देखते हुए, हम इन आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार ने लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद, धर्मांतरण जिहाद सहित कई अन्य बुराइयों को प्रदेश से समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया है द्यआज प्रदेश में दंगारोधी कानून द्वारा दंगाइयों की संपत्ति जब्त कर उनसे ही नुकसान की भरपाई कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नक़ल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून भी लागू किया है। जिसका परिणाम है कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त हुई है। परंतु कुछ लोगों को पारदर्शिता के साथ हमारे युवाओं का सरकारी नौकरियों में जाना रास नहीं आ रहा है। जैसा कि आप सभी भलीभांति जानते हैं कि हाल ही में एक नकल का मामला सामने आया था, प्रकरण की जानकारी मिलते ही हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए ैप्ज् का गठन किया। लेकिन विपक्षी दलों ने इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक षड्यंत्र कर प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए और इस प्रकरण की सीबीआई जाँच के लिए युवाओं को उकसाने का प्रयास कर रहे थे। इसलिए मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की सीबीआई जांच कराने के साथ ही हम उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा करेंगे। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ही हमारी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून बनाया है और युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जो भी निर्णय लेना पड़ेगा, मैं, बिना किसी हिचकिचाहट के वो निर्णय लूंगा। इसके अलावा, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि राज्य में ऐसे शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए,न कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को 500 साल पुरानी कबीलाई मानसिकता की ओर धकेला जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए हमारी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार रूपी रावण को भी जड़ से समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखेंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता से की अपील, अधिक से अधिक अपनाएँ स्वदेशी उत्पाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने का आग्रह किया था। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के चकराता रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन से सामान खरीदा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र या उत्पाद नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान और महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया गया स्वदेशी अभियान और वोकल फॉर लोकल आज देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और अधिक से अधिक खादी एवं स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा और यह प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने परेड ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में प्रतिभाग किया।

समस्त प्रदेशवासियो को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान श्रीराम से सभी प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ जीवन, उज्ज्वल भविष्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरे का पर्व न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है बल्कि यह पर्व हमें मानव जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा के महत्व का बोध भी कराता है। यह हमें रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। दशहरे का पर्व हमें ये संदेश देता है कि अधर्म, अन्याय और अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः उसकी हार निश्चित है। रावण के पास अपार बल, सोने की लंका और शक्तिशाली सेना थी, लेकिन वह अपने अहंकार और अधर्म के कारण पराजित हुआ। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उस व्यक्ति का नाश करती है, जिसके भीतर अहंकार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमें यहां सिर्फ पुतला दहन नहीं करना है, बल्कि इस त्योहार से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। दुनिया भर के करोड़ों सनातन प्रेमियों के आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम ने सद्गुण और धर्म के महत्व को रेखांकित करने के लिए ही इस संसार में जन्म लिया। उनके द्वारा स्थापित मानव मूल्यों ने न केवल सनातन भारतीय संस्कृति को आकार दिया, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को प्रेरित करने का कार्य भी किया। उनका आदर्श जीवन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन अवश्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी पर्व हमें हर वर्ष यह भी याद दिलाता है कि अभी भी समाज में कई ’’रावणों’’ का संहार करना बाकी है। क्योंकि, समय बदल गया है, लेकिन रावण आज भी अलग-अलग रूपों में हमारे बीच मौजूद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीएसटी के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक निर्णय से उत्तराखंड सहित पूरे देश के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार प्रकट करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय प्रदेशवासियों के लिए एक सुखद और लाभकारी तोहफा है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर लिए जा रहे ऐसे फैसले देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आमजन को सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी के अवसर पर सभी उत्तराखंडवासी यह संकल्प लें कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे। साथ ही देश को विश्व गुरु बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए भी हम सब मिलकर कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम से यह संकल्प व्यक्त किया था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकल्प को पूर्ण करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक यदि अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देगा तो यह लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त होगा। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, पर्यटन, उद्योग, कृषि या स्वरोजगारकृहर क्षेत्र में उत्तराखंडवासियों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस विश्वास और आशीर्वाद को पूरा करने के लिए राज्य सरकार निरंतर संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमारी कोशिश है कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित हो।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर प्रधानमंत्री के सपनों और संकल्प को साकार करने में अपना सक्रिय योगदान दें, ताकि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में पूरे देश और विश्व के लिए एक आदर्श राज्य बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं और सुधारात्मक कदमों से आम नागरिकों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेशवासियों के जीवन को सुखद, समृद्ध और उज्ज्वल बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की नींव रखेंगे और अपने राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।