मुख्यमंत्री धामी ने दिए निर्देश, महानवमी पर रहेगा अवकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महानवमी को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन द्वारा इसके आदेश जारी कर दिये गए हैं। अब प्रदेश में दिनांक 01 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। बैंक एवं कोषागारों में भी यह अवकाश रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पर्व समाज में नारी के महत्व एवं सम्मान को प्रदर्शित करने वाला है। यह हमारी समृद्ध, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना भी की है।

युवाओं की भागीदारी से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के देहरादून जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के विजयी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री आवास में भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि युवा ही देश और राज्य की प्रगति की असली शक्ति हैं, और उनकी सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

विजयी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री को अपनी आगामी योजनाओं और छात्र समाज के हित में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

सीएम ने प्रदेश में निर्माण व नव निर्माण कार्यों में तेजी लाने को दिए लोनिवि को निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माण और नव निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि अब मानसून अवधि पूर्ण हो चुकी है, सभी विभाग धरातल पर कार्यों में तेजी लाएं।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सड़कें निर्धारित समय सीमा में गड्ढा मुक्त की जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। जिन क्षेत्रों से बार-बार सड़क संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की कार्य प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा 31 अक्टूबर तक पैच वर्क पूर्ण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज पांडेय, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड सीएम ने परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं से की मुलाकात, सीबीआई जांच की संस्तुति दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गत सप्ताह आयोजित परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच कराने पर सहमति दे दी है।

आज दोपहर बाद सीएम धामी अचानक, परेड ग्राउंड में आंदोलनरत युवाओं के बीच पहुंच गए। यहां सीएम ने युवाओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि युवा इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं, इससे खुद उन्हें भी अच्छा नहीं लग रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। विगत चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है, छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए, इसका अनुभव लिया है।

युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विगत दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी द्वारा की जा रही है। कमेटी ने काम भी शुरु किया है, लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी।

मैं भी आया हूं धरना स्थल पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो चाहते तो ये बातचीत कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन युवाओं के कष्ट को देखते हुए, उन्होंने खुद धरना स्थल पर आने का निर्णय लिया है, वो पूरी तरह युवाओं के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में पारदर्शी तरीके से 25 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां की है, इसमें कहीं कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ एक प्रकरण में यह शिकायत आई है, इसलिए युवाओं के मन से हर तरह की शंका को मिटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सीएम धामी ने कहा कि विगत सप्ताह भी जब युवा उनसे मिले थे तो उन्होंने तब ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार चाहती है कि युवाओं के मन में कोई अविश्वास, संदेह या शंका न रहे। इसलिए वो बिना किसी को बताए सीधे यहां परेड ग्राउंड में चले आए हैं।

मुकदमें वापस होंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कहीं कोई मुकदमें दर्ज हुए हैं तो उन्हें वापस लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, इसमें युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सीएम ने भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डॉ० भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रथ 125 दिनों तक राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 240 बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के लोगों तक केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जायेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सभी लाभार्थी योजनाओं एवं सेवाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर समाज कल्याण अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष देशराज कर्णवाल, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक प्रणव चौंपियन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

छात्र आंदोलन पर बोले सीएम, किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही

अलग राज्य का सपना हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों ने इसलिए साकार किया था ताकि उत्तराखंड के हर बेटे-बेटी का जीवन बेहतर हो, किसी का अहित न हो।

आज जब हमारे कुछ बच्चे सड़कों पर हैं, तो मैं उन्हें यही कहना चाहता हूँ कि वे भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

प्रदेश का ‘मुख्य सेवक’ होने के नाते, हर आवाज़ को सुनना, हर पीड़ा को समझना और हर दिल तक पहुँचना मेरा दायित्व है। आंदोलन कर रहे युवा भी हमारे अपने हैं।

इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2023 में देश का सबसे पहला सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई, पर जैसा हमेशा होता रहा है, कुछ लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, ऐसे हाकमो और उनके हाकिमों को हम इस बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि ऐसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। पर मैं अपने छात्रों को बता देना चाहता हूं कि किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही।
हम सब एक परिवार हैं और परिवार का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों का कल्याण होता है।
मैं, सभी से आग्रह करता हूँ कि संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
हम मिलकर उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को मिलकर पूर्ण करेंगे।

स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी कार्यक्रम में मीडिया से संवाद के दौरान स्वदेशी के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। ये प्राचीन काल से सनातन संस्कृति की हमारी जीवन पद्धति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प लिया है उस संकल्प को पूरा करने के लिये यह अभियान और मजबूती प्रदान करेगा। स्वदेशी का संकल्प हमारे किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के प्रति सम्मान का भी विषय है। स्वदेशी का संकल्प केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति हमारा प्रेम और समर्पण है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं तो हम न केवल अपने देश की मिट्टी से जुड़ते हैं, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी इतिहास में स्वदेशी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भरी। लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंदो और महात्मा गांधी जैसे नेताओं का नेतृत्व हमें दिखाता है कि स्वदेशी आंदोलन राष्ट्रनिर्माण का आधार था। स्वतंत्रता के बाद भी दत्तोपंत ठेंगड़ी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने स्वदेशी आधारित आर्थिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए जीएसटी की दरों में संशोधन कर इन दरों को 22 सितम्बर नवरात्रि से लागू करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री की यह घोषणा साकार हुई है इसका परिणाम है कि आज जीएसटी की दरों में कमी के कारण व्यापारियों के साथ आम आदमी को फायदा हुआ है। उन्होंने अनेक स्थानों पर जाकर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से स्वयं संवाद कर इससे हुए लाभ की जानकारी ली है, इसके प्रति सभी में उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया है और वोकल फॉर लोकल से लेकर मेक इन इंडिया तक कई अभियान प्रारंभ किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी और दीयों तक सीमित नहीं है, ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी आधुनिक तकनीक तक फैल चुका है। इसका प्रभाव ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर आतंक के ठिकानों को ध्वस्त करने तक दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कोविड के संकट में पीपीई किट और वैक्सीन निर्माण भारत की स्वदेशी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। पीपीई किट पहले आयात करते थे अब स्वदेश में बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड की स्थापना की है। कम संसाधनों के बाद भी इसकी गुणवत्ता बेहतर है। साथ ही एक जिला दो उत्पाद जैसी योजना के माध्यम से भी जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। हमारे किसान और काश्तकार शहद, मंडुवा, झंगोरा, रागी, मसालों और औषधीय पौधों की खेती द्वारा आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं को स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाया जाएगा। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी अभियान के तहत उत्तराखंड में जन जागरण किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के साथ ही सभी देशवासियों का आह्वान किया कि अभी नवरात्रि का पर्व चल रहा है फिर दशहरा व दीपावली पर्व के साथ ही विवाह के अवसरों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के क्रय में हमें स्वदेशी को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वदेशी को अपनाएं तथा हमारे उपयोग में आने वाली अधिकांश वस्तुयें स्वदेशी हो हमें इस पर ध्यान देना होगा। हमारे यही सामूहिक प्रयास हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड मंत्र को अपनाएं तथा इसे आत्मसात करें।

नैनीताल में सीएम ने विद्या भारती विद्यालयों के मेधावी बच्चों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान उत्तराखंड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में विद्या भारती विद्यालयों के उत्कृष्ट स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मैरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सभी में एक नई ऊर्जा का संचार करेेगा, नया उत्साह लाएगा तथा भविष्य में जीवन में आने वाली सभी परीक्षाओं में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के विचारों को आत्मसात करते हुए विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में बडा योगदान दे रहा है। इसके स्पष्ट प्रमाण हैं कि यदि कोई भी कार्य अच्छी सोच के साथ कड़ी मेहनत के साथ निरंतर किया जाए तो उस कार्य को सफल होने से रोका नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष में ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, इस विशिष्ट कार्यक्रम में उपस्थित होना उनके लिये गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात यह अनुभव किया गया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता है इन्हीं विचारों को मूर्त रूप देते हुए 1952 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से गोरखपुर में संस्कारी, चरित्रवान और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाने के दिव्य संकल्प के साथ पहला सरस्वती शिशु मंदिर प्रारंभ हुआ। इसी उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का गठन हुआ। आज विद्या भारती ने भारतीय शिक्षा पद्धति और आधुनिक शिक्षा के मेल से शिक्षा जगत में नई क्रांति फैलाई है। शिक्षा के क्षेत्र में बोया गया वह एक छोटा सा बीज आज एक विशाल वृक्ष बनकर देशभर को शिक्षा और संस्कार की छांव भी दे रहा है। विद्या भारती देश भर में लगभग 13000 औपचारिक एवं 12000 अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से 35 लाख छात्रों में ज्ञान, करुणा, संस्कृति और सदाचार जैसे मानवीय गुणों को उनके संस्कारों में लाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा आदिवासी बहुल इलाकों, अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले क्षेत्रों में भी सैकड़ों विद्यालय खोले गए हैं, उत्तराखंड में भी विद्या भारती का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विद्या भारती के सात स्कूलों को सैनिक स्कूल के रूप में स्थापित करने हेतु चयन किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के भविष्य निर्माण में 70 वर्षों से अधिक समय से अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, विद्या भारती और उसके सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, संचालकों, आचार्याे, शिक्षक गणों को उनके द्वारा शिक्षा के जगत में है किए गए महान योगदान के लिए भी धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखकर उत्तराखंड सरकार ने सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति को उत्तराखंड में लागू करने का काम किया है, साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और व्यवहारिक बनाने के लिए अनेक स्तरों पर सरकार नीति तैयार कर अनेक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ जूट बैक भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत मेधावी छात्रों को प्रतिभा छात्रवृत्ति भी दी जा रही है, इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड के हाई स्कूल और इंटर में टॉप करने वाले छात्रों को भारत भ्रमण पर भी लेकर जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। राज्य में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। महिला छात्रावास, आईटी लैब सहित परीक्षा भवन आदि का निर्माण भी किया जा रहा है इसके साथ ही ब्रिटेन के साथ उत्तराखंड छात्रवृत्ति हेतु समझौता किया गया है जिसके तहत पंच श्रेष्ठ विद्यार्थियों को मास्टर डिग्री के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा, हमने इन्फोसिस स्प्रिंग बोर्ड के साथ भी राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में कंप्यूटर आधारित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने हेतु भी समझौता किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को और बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से देश के 100 श्रेष्ठ रैंकिंग वाली संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले युवाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही हैं। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा को बढ़ाने के साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थीयों की रचनात्मकता को और बढ़ावा देने हेतु बस्ता रहित दिवस को भी पाठ्य चर्चा में शामिल किया गया है। इसके अलावा विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा छः से लेकर आठ तक के छात्रों को भारत की संस्कृति लोक परंपरा और देश और प्रदेश की महान विभूतियों के जीवन परिचय कराने का कार्य भी किया जा रहा है।

उन्होेंने कहा कि राज्य की पुस्तक पाठ्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के जननायकों की शौर्य गाथाओं को भी सम्मीलित किया है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान, आंदोलन व उनके बलिदान को समझ सके और राज्य के प्रति उनके अंदर उत्तरदायित्व की एक भावना विकसित हो सके। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने के लिए कौशल कार्यक्रम भी राज्य में प्रारंभ किया है इसके अतिरिक्त संघ लोक सेवा आयोग सीडीएस एनडीए इन सभी परीक्षाओं में पास होने पर उनके साक्षात्कार की तैयारी करने के लिए 50000 की धनराशि का प्रावधान भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व सनातन धर्म और संस्कृति के महत्व को समझ रहा है इसे देखते हुए देहरादून में दून विश्वाविद्यालय में आईटी सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की है। जिसमें हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े अनेक पहलुओं पर शिक्षण और शोध कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है जिसका परिणाम है पीछले चार वर्षों में राज्य में 25000 से भी अधिक अभ्यर्थियों को योग्यता, क्षमता और प्रतिभा के आधार पर नौकरियां प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है उन्होंने पिछले कुछ दिनों से देवभूमि में घटित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नकल माफियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा की उनकी दाल अभी उत्तराखंड में गलने वाली नहीं है और उनके जीते जी कोई भी राज्य के गरीब माता-पिता के बेटे, बेटियों उनके भाई बहनों के साथ ,युवा नौजवानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं कर पाएगा।

उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर में नकल का प्रकरण एक सेंटर पर एक विशेष व्यक्ति के ऊपर आया है उसकी गिरफ्तारी की जा चुकी है उससे संबंधित सभी लोगों से जानकारियां ली जा रही है व उसकी जांच की जा रही है हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज उसका पूरा सुपरविजन करेंगे,उन्होंने कहा कि कहीं पर भी कोई ऐसा प्रकरण आएगा जिससे छात्रों का अहित हो रहा हो, तो सरकार, वही करेगी जो छात्र हमारे चाहते हैं उनके हित में वही निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा की पूरी जांच होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और जो भी दोषी होंगे उनको कठोर से कठोर दंड दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान देश की युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों संस्कृति के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के इस महान कार्य को और अधिक विस्तार देते हुए देश को विकसित राष्ट्र बनाने के हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका इसी प्रकार निभाता रहेगा जिससे युवाओं में राष्ट्र प्रथम की भावना होगी और राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने में सफल होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों से विद्या भारती के विद्यालयों से बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आए छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। तथा उनके उज्जवल भविष्य का उन्हें आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर डोमेश्वर साहू, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, अखिल भारतीय शिक्षा समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ.नरेंद्र सिंह भंडारी, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी डॉ अनिल डब्बू, शांति माहरा, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा, प्रंबधक पार्वती प्रेमा जगाती श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से नए जीएसटी स्लैब के बारे में सुझाव व फीडबैक लिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून स्थित गढ़ी कैंट बाज़ार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और आमजन से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से नए जी.एस.टी. स्लैब के बारे में सुझाव व फीडबैक लिया तथा उनसे आम जनता को घटे हुए जी.एस.टी. दरों की जानकारी देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनता को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कई आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं पर जी.एस.टी. दरों में कमी की है। “नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी” के रूप में शुरू की गई यह पहल जनता को राहत देने के साथ ही व्यापार और अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों से संवाद कर कहा कि स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना हर नागरिक का कर्तव्य है। स्वदेशी को प्राथमिकता देने से हमारे किसान, कारीगर और छोटे व्यापारी सशक्त होंगे। इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां के स्थानीय उत्पाद देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

सरकार लोककला और संस्कृति को सहेजने के लिए छह महीने की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, देहरादून में आयोजित नरेन्द्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान से हिमाचल के वरिष्ठ साहित्यकार एस.आर हरनोट को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी ने प्रत्येक उत्तराखंडवासी के हृदय को छुआ है। नरेंद्र नेगी ने अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की आत्मा को स्वर दिया है। उन्होंने लोक जीवन की पीड़ा, प्रेम, संघर्ष और सौंदर्य को सुरों में डालकर उसे जीवंत किया और राज्य की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा नरेंद्र नेगी ने पलायन के दर्द, पर्यावरण की चिंता और पहाड़ी महिलाओं के जीवन-संघर्ष पर भी कई मार्मिक गीत रचे हैं। नेगी जी ने अपने गीतों, लोकधुनों और लेखनी के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाइयाँ पर पहुंचाया है। उन्होंने उत्तराखंड की आत्मा को सुरों में पिरोकर उसे विश्वपटल पर प्रतिष्ठित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में जागर, मांगल, खुदेड़, सहित अनेकों तरह के पारंपरिक गीत हमारी जीवन-शैली और भावनाओं को दर्शाते हैं। ढोल, दमाऊ, हुरका, मशाक, तुर्री, भंकोरा और हारमोनियम जैसे वाद्य यंत्र इन गीतों को और भी जीवंत बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक कलाओं को संरक्षित करने और समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार हर छह माह में प्रदेश के लोक कलाकारों की सूची तैयार कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल के दौरान लगभग 3,200 सूचीबद्ध लोक कलाकारों को प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध और अस्वस्थ लोक कलाकारों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन दे रही है। लोककला और संस्कृति को सहेजने के लिए छह महीने की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन भी कर रही है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारी पौराणिक लोक संस्कृति की महत्ता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरुस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित कर रही है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण के लिए भी सतत प्रयास कर रही है जिससे आने वाली पीढ़ियाँ अपनी समृद्ध भाषायी विरासत से जुड़ी रहें।

इस अवसर पर लोक कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, एस.पी सेमवाल, डॉ नवीन बलूनी, डॉ ईशान पुरोहित, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।