उत्तराखंड पहला राज्य, जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गईः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन के लिए तथा टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. संचालित करने के लिए एमओयू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट हाउस अपने “सोशल रिस्पांसिबिलिटी इनिशिएटिव“ के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। राज्य में आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड, अवाना फाउंडेशन, टोयटा, नेस्ले, टीएचडीसी, आईआरसीटीसी, एचडीएफसी, ब्रिटानिया जैसी अनेक संस्थाएं विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु वर्ष 2023 में ’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया गया था, जिसके अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अभी तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही स्टार्टअप्स को फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना। क्वालिटी एजुकेशन के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। राज्य में पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता मिली है। इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि आज हमारे युवा सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं, इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक कराने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया और उसके नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चौन से नहीं बैठेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर, टोयटा के कंट्री हेड श्री विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग श्री विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली तथा विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के साथ बाजार भ्रमण पर सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के कुँआवाला बाजार में स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बाजार भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लाभों और कर प्रणाली में हाल ही में लागू की गई नई दरों के संबंध में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश की आर्थिकी को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वदेशी अपनाओ अभियान को व्यापक सफलता मिलेगी और राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
इस अवसर पर विधायक श्री बृजभूषण गैरोला भी मौजूद थे।

सीएस ने प्रदेश की 13 ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने को वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को जिम्मेदारी दी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान, जीएसआई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, सेंट्रल वॉटर कमीशन आदि राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ लैंड स्लाइड न्यूनीकरण के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक के दौरान सभी वैज्ञानिक संस्थानों के साथ भूस्खलन न्यूनीकरण की समस्याओं के निराकरण पर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने सभी वैज्ञानिक संस्थानों को प्रदेश के अंतर्गत भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर एक प्रिडिक्शन मॉडल तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें एक इस प्रकार के मैकेनिज्म को तैयार किए जाने की आवश्यकता है, जो सैटेलाइट इमेज और धरातल परीक्षण के बाद तैयार मॉड्यूल के आधार पर यह पूर्वानुमान लगा सके कि कितनी वर्षा होने पर किसी विशेष स्थान के भूस्खलन की संभावना है, ताकि हम निचले स्थानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा सकें।

मुख्य सचिव ने इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान एवं सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट को मिलकर इस दिशा पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में वृहत स्तर पर और तत्काल कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश की 13 ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगवाए जाने हेतु वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रदेश की 6 संवेदनशील झीलों का सैटेलाइट एवं धरातलीय परीक्षण कर सेंसर स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील झीलों की संवेदनशीलता किस प्रकार से कम की जा सकती है, इस दिशा में भी कार्य किए जाना है। उन्होंने कहा कि वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल वॉटर कमीशन, यू-सैक आदि आवश्यक वैज्ञानिक संस्थानों की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने वाडिया संस्थान को आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिए आवश्यक फंड्स की किसी प्रकार से कमी नहीं होने दी जाएगी और उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह एक मल्टी इंस्टीट्यूशनल टास्क है। इसे हम सभी को गंभीरता के साथ तत्काल इस दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव विनोद कुमार सुमन, आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल वॉटर कमीशन के वैज्ञानिक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के निर्देश पर प्रदेशभर में मिलावटखोरी पर हो रही सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर प्रदेश सरकार ने आगामी त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह अभियान सभी जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है।

किन उत्पादों पर रहेगी विशेष नजर

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि दूध व दूध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन और सूखे मेवे जैसे उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों, थोक/रिटेल विक्रेताओं और ट्रांसपोर्टेशन चैनल से नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाएगी।

राज्य स्तरीय अभियान की रूपरेखा

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। असुरक्षित या मानव उपभोग योग्य न पाए जाने वाले उत्पादों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई संभव होगी।

प्रयोगशालाओं से हर सप्ताह रिपोर्ट

राजकीय खाद्य प्रयोगशालाओं से प्रत्येक सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। रिपोर्टों के आधार पर प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई होगी। Schedule-IV व FSSAI मानक का उल्लंघन करने वालों पर धारा-32 के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन और WhatsApp शिकायत

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन और WhatsApp नंबर पर आमजन सीधे शिकायत दर्ज कर सकेंगे। विभाग ने तय किया है कि सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

दिल्ली और उत्तराखंड की प्रयोगशालाओं से समन्वय

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य नमूनों की जांच दिल्ली स्थित भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी। इन प्रयोगशालाओं से प्राप्त रिपोर्टों को प्रत्येक सप्ताह सार्वजनिक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि त्योहारों के समय जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य सुरक्षा का बयान

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छापेमारी और नमूना जांच में कोई ढिलाई न बरतें। जनता भी हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सीएम धामी से मिला बेरोज़गार संघ का प्रतिनिधिमंडल

आज बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूकेएसएसएससी की हाल ही में आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में पूरी सख्ती बरतेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोज़गार अभ्यर्थियों के हित सर्वाेपरि हैं और उनके हितों को सुरक्षित रखते हुए ही जरूरी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम धामी ने जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यवसायियों से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने जीएसटी की नई दरों के लागू होने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा इस ऐतिहासिक निर्णय को जनता के हित में बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में व्यापक सुधार किए गए हैं। नई दरों की वजह से प्रदेश के लाखों परिवारों और छोटे व्यापारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों व दुकानदारों से मिलकर फीडबैक प्राप्त किया और सभी से घटे हुए जीएसटी का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी जागरूकता के लिए प्रदेश में यह अभियान 29 सितम्बर तक चलाया जाएगा, जिसमें मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा अधिक से अधिक लोग नए जीएसटी स्लैब के फायदे समझें और इसका लाभ उठा सकें, इसके लिए स्थान-स्थान पर जानकारी साझा की जाएगी।

राजपुर रोड में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार सीजन से पहले जीएसटी की नई दरें लागू होने से लोगों की बचत बढ़ेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देशवासियों के हित के लिए ऐतिहासिक व क्रांतिकारी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य मंत्री विनय रुहेला, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।

उत्तराखंडः राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में की पुष्टि

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।

सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
• राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
• समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
• आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी “बिमारू” श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखण्ड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
• सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

लोक निर्माण विभाग प्रदेश की सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त करेः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिंदुओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि बजट सत्र 2024-25 के दौरान वित्त मंत्री के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिन्दुओं को सम्बन्धित विभाग, शीघ्र समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों एवं महत्त्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कार्ययोजना के सभी स्तरों की समय सीमा निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश के असुरक्षित पुलों एवं आवागमन हेतु प्रयोग हो रही ट्रॉलियों का शीघ्र ही जीर्णाेद्धार करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ट्रॉलियां संचालित हो रही हैं, वहां शीघ्र से शीघ्र पुल तैयार कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि प्रदेश में कहीं गैर सरकारी ट्रॉली भी संचालित हो रही है, तो ऐसी ट्रॉलियों का भी सेफ्टी ऑडिट करवा लिया जाए, साथ ही सरकार द्वारा इसे नियमानुसार संचालित कराया जाए एवं ऐसी ट्रॉलियों को लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्णाेद्धार किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त किया जाए। उन्होंने इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू किए जाने हेतु सभी विभागों से सूचना मांगी है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को ई-ऑफिस में शिफ्ट किए जाने और शासन के साथ लिंकेज की प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है। उन्होंने आईटी विभाग को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना की दिशा में तेजी लाते हुए कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जनपद रूद्रप्रयाग में विज्ञान एवं नवाचार केन्द्र के लिए जिलाधिकारी से सम्पर्क कर शीघ्र भूमि चिन्हित किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश के 13 रोजगार केन्द्रों को स्वरोजगार केन्द्रों के रूप में विकसित किए जाने और इन स्वरोजगार केन्द्रों को लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि सुविधाओं से आच्छादित करते हुए केन्द्रीयकृत स्वरोजगार केन्द्र तैयार किए जाएं। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश उद्योग विभाग एवं सेवायोजन विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता के साथ ही सभी जनपद मुख्यालयों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में शीघ्र से शीघ्र पुस्तकालय की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों का संचालन दून लाइब्रेरी की तर्ज पर सोसाईटी मोड पर किया जाए, ताकि इनके संचालन एवं रखरखाव की समस्या का हल हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सी. रविशंकर, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरू, हिमांशु खुराना एवं गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

राजभवन परिसर पर हुआ महाराजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित महान राजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजभवन स्थित ‘‘भगीरथ उद्यान’’ में लगभग 10 फीट ऊंची प्रतिमा को 8 फीट ऊँचे ग्रेनाइट चबूतरे पर स्थापित किया गया है। इसे हरिद्वार के प्रख्यात कलाकार श्री शिवम चौरसिया ने फाइबर और रेजिन से निर्मित किया है। उद्यान में प्रतिमा के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का भी रोपण किया गया है, जो इसे हरियाली और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हैं।

इस अवसर राज्यपाल ने कहा यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा-स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यहाँ नक्षत्र, प्रकृति, मंदिर और पर्वत मिलकर उस दिव्य संकल्प का संदेश देते हैं कि जब ध्येय लोक कल्याण हो, तो देवत्व और प्रकृति दोनों मार्ग प्रशस्त कर देते हैं। उन्होंने इस उद्यान को तैयार करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रतिमा राजभवन आने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथियों को कर्तव्यनिष्ठा, लोक कल्याण और भारतीय संस्कृति का संदेश देती रहेगी। उन्होंने कहा यह प्रतिमा हमें सदा स्मरण दिलाएगी कि ‘भगीरथ प्रयत्न’ ही महान लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग है।

उद्घाटन से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राजभवन स्थित राजप्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल कुमार किशोर, अपर सचिव रीना जोशी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, अपर सचिव लो.नि.वि. विनीत कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंडया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लो.नि.वि. विजय धस्माना, उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

नकल विरोधी कानून आने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।
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सीएम ने प्रदान की 72.62 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के ग्राम तुनाल्का में न्यायिक विभाग के टाईप-2 के 06 आवास एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 2.49 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की 25 योजनाओं हेतु 69.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र हेतु 01 करोड़ अनुदान धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।