आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकताः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने जिला पंचायत सभागार, रुद्रप्रयाग में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति और श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।

मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर प्रधानमंत्री ले रहे थे। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रभावितों से भेंट करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी-नालों पर अतिक्रमण हटाने पर विशेष निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक – चौबंद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल तथा 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों तथा श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

विधायक रुद्रप्रयाग एवं विधायक केदारनाथ ने आपदा की घड़ी में त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सीएम ने दी 127 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश के 12 नगर निकायों में देवभूमि रजत जयंती पार्कों के निर्माण हेतु रू. 13 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उत्तरकाशी के धराली गांव में आयी आपदा में मलबे में दबे मृत शरीर के डीएनए नमूनों के परीक्षण व प्रोफाईल के मिलान एवं मृतकों की पहचान किये जाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून के लिए विभिन्न उपकरणों/रसायनों/कंज्यूमेबल्स की आवश्यकता हेतु रू. 93 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधम सिंह नगर एवं जनपद पौड़ी के अन्तर्गत अतिवृष्टि एवं भूस्खलन, जलभराव एवं बाढ़ से राहत एवं बचाव इत्यादि कार्यों हेतु राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत राहत एवं बचाब कार्यों हेतु जनपद उधम सिंह नगर को रू. 10 करोड़ एवं जनपद पौड़ी को रू. 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने KFW द्वारा वित पोषित Environmentally Friendly Urban Development Programme in Ganga Basin States कार्यक्रम के अन्तर्गत हरिद्वार एवं ऋषिकेश नगर में सीवर नेटवर्क को सुदृढ़ किये जाने हेतु KFW परियोजनान्तर्गत रू. 100 करोड़ की धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवमुक्त किये जाने का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

सीएस ने दिए सैनिक कल्याण द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विभागों को आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों ने अपने कार्य क्षेत्र में विगत वर्षों के सापेक्ष कितना बढ़ोत्तरी की है, इसे आउटकम इंडिकेटर्स में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन भी हो सकेगा और विभाग किस दिशा में जा रहा है इसकी भी जानकारी मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि ‘‘की आउटकम इंडिकेटर’’ (केओआई) निर्धारित करने में इन बातों का ध्यान रखा जाए कि विभान द्वारा संचालित योजनाओं का क्या आउटकम रहा, इसका आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अपना आउटकम इंडिकेटर यह रखे कि उन्होंने प्रदेश की कितने प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई को निश्चित सिंचाई में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किसी योजना से पर्यटकों के औसत फुटफॉल में कितना बढ़ोत्तरी हुई है, या पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या आदि गतिविधियों में कितने प्रतिशत ग्रोथ प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत् उत्पादकता कितनी बढ़ी है, या एफपीओ का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा है, इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा गुणवत्ता में सुधार, क्षमता का उपयोग और आय में बढ़ोत्तरी को शामिल किया जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्रीधर बाबू अद्दांकी, धीरज सिंह गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ कपिल लाल, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः पहली बार आयोजित एशियन कैडेट फेंसिंग कप में 17 देशों से हल्द्वानी पहुंचे खिलाड़ी

आज हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में एशियाई कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपने अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच से न केवल खेलों में नई ऊंचाइयाँ हासिल करेंगे, बल्कि समाज के समक्ष भी आदर्श प्रस्तुत करेंगे तथा उत्तराखंड को सभी क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव सजग रहें और पौधारोपण, जल-संरक्षण व स्वच्छता के प्रति न केवल स्वयं का योगदान सुनिश्चित करें, बल्कि समाज को भी इसके लिए जागरूक करें, साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति स्वयं भी सजग रहें और युवा पीढ़ी को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जब एक फिट व्यक्ति नशा मुक्ति का संदेश देता है, तो वो संदेश हर युवा तक जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है, साथ ही उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दौरान राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने नई खेल नीति लागू की है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं साथ ही, माननीय रेल मंत्री जी से यहाँ नई ट्रेनें देने के लिए भी आग्रह किया है, जिससे यहां आने वाले यात्रियों, पर्यटकों और खिलाड़ियों को बेहतर यातायात सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के अपने संकल्प को साकार करने हेतु तत्परता से कार्य कर रही है। विश्व विद्यालय की स्थापना के बाद खेल शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। यहाँ बढ़ती स्पोर्ट्स एक्टिविटी को देखते हुए यहाँ के कारोबारियों को भी भविष्य में लाभ प्राप्त होगा। और पर्यटकों की सुविधा में भी बढ़ोत्तरी होगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है। राज्य में 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। जिसका एक उदाहरण ये एशियन कैडेट कप भी है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वरूप में भारत में फेंसिंग खेल की शुरुआत काफी देर से हुई और अन्य खेलों की तुलना में फेंसिंग को उतना प्रोत्साहन भी नहीं मिल पाया। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में फेंसिंग ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित भवानी देवी के राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलो में मेडल के बाद अब युवाओं का इसके प्रति रुझान और अधिक बढ़ा है। आज युवा न केवल इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी देश का नाम रोशन कर रहे हैं। आज जिस प्रकार शूटिंग, आर्चरी और जैवलिन थ्रो जैसे खेलों में पूरे विश्व में भारत का परचम लहराता है। आने वाले समय में फेंसिंग में भी हमारे युवा अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन से नए-नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। फेंसिंग यानि तलवारबाजी की कला मानव सभ्यता के आरंभ से ही अस्तित्व में रही है। प्राचीन भारत में शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञान को ही पूर्ण शिक्षा माना जाता था और प्राचीन काल में शस्त्रविद्या हमारी शिक्षा का अनिवार्य अंग हुआ करती थी। हमारे गुरुकुलों में युवाओं को केवल वेद-पुराण और शास्त्रों का अध्ययन ही नहीं कराया जाता था, बल्कि आत्मरक्षा और समाज की रक्षा हेतु तलवार चलाने, गदा एवं धनुष-बाण चलाने और युद्धकला का प्रशिक्षण भी दिया जाता था। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि देश में प्रथम बार आयोजित हो रही इस अंतर्राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता ने आयोजन के संबंध में विभिन्न जानकारियां दी उन्होंने अवगत कराया कि खेल एशियाई फेंसिंग परिसंघ की ओर से आयोजित 5 दिन स्पर्धा के मुकाबले आगामी 23 सितंबर तक खेले जाएंगे जिसमें देश-विदेश के लगभग 250 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जिसमें भारत से लगभग 150 खिलाड़ी प्रतिभा कर रहे हैं बालक बालिका वर्ग में होने वाले होने जा रही इस स्पर्धा में तजाकिस्तान सीरिया मलेशिया श्रीलंका थाईलैंड इंडोनेशिया आदि देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, प्रमोद नैनवाल, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा, दीपक महरा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, आयुक्त कुमाऊं मंडल व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अन्य देशों से आए खिलाड़ी, खेल प्रेमी आदि उपस्थित रहे।

तकनीकी युग में आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय, देहरादून में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं खेल से जुड़ी योजनाओं की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शीघ्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बल दिया कि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार ठोस और सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में योजनाओं की निगरानी और सफल संचालन हेतु आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की त्वरित उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से योजना क्रियान्वयन की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को न केवल सिंचाई के साधन सुलभ होंगे बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से दीर्घकालिक रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी प्राप्त होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों को शीघ्र सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है, और राज्य के दुर्गम इलाकों में निवास कर रहे लोगों की सुविधाओं तथा आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए यह आवश्यक है।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों की प्रगति की भी गहनता से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को और प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सार्थक सुधार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए शासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की प्रगति साझा करें और लोगों को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुख-सुविधा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण सहदेव सिंह पुण्डीर, रेनू बिष्ट, सुरेश गढ़िया, शक्तिलाल शाह, हरीश धामी एवं मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव राधिका झा, नितेश झा, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, एस.एन. पांडेय, आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बैठक में सम्मिलित हुए।

त्योहारी सीजन से पूर्व उत्तराखंड में जारी हुईं जीएसटी की संशोधित दरें

वित्त विभाग ने राज्य में प्रमुख उपभोक्ता सामान और सेवाओं पर 22 सितंबर से लागू होने वाली जीएसटी की संशोधित दरें जारी कर दी है। ज्यादातर सेवाओं और वस्तुओं की जीएसटी दरों में कमी होने से त्योहारी सीजन से उपभोक्ताओं भारी राहत मिलेगी।

सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने बताया कि जीएसटी परिषद की 56 वीं बैठक में लिए गये निर्णयों के क्रम में केन्द्र सरकार द्वारा दिनांक 17.09.2025 को कर दर निर्धारण सम्बन्धी विभिन्न अधिसूचनाएं जारी की गयी है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा भी दिनांक 18.09.2025 को विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों को निर्धारित किये जाने सम्बन्धी अधिसूचनाएं जारी कर दी गयी हैं। इन अधिसूचनाओं के माध्यम से कर की दरों में किया गया परिवर्तन दिनांक 22.09.2025 से लागू होगा।

इस परिवर्तन से आच्छादित समस्त वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे वस्तुओं की मांग में वृद्धि होगी तथा व्यापार व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा।

कर की दरों के सरलीकरण का सीधा लाभ आम जनता को प्राप्त होगा तथा इससे दीर्घकालिक रूप में अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा। इसका उद्देश्य आम जनता, विशेष रूप से निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है तथा इन कर सुधारों से किसान एवं व्यापारी भी लाभान्वित होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में जीएसटी दरों में भारी कमी कर दी है। इसी क्रम में राज्य में भी 22 सितंबर से नई जीएसटी दरों को लागू किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत प्रदेश में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जन सुविधाओं के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगो को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को सेवा पखवाड़ा की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, अन्य जन प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

आपदा की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रगति पर गृहमंत्री ने सीएम से ली जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड में हाल ही में हुई आपदा की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रगति के संबंध में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता की।

गृह मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग एवं आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और प्रभावित जनता को शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अवगत कराया कि राज्य प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड इस कठिन परिस्थिति से शीघ्र उबर सकेगा।

सीएम ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टपकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। अतिवृष्टि के कारण मंदिर के अंदर जलभराव के साथ ही मलबा आ गया था, मलबा हटाने का कार्य अब पूर्ण हो चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की।

निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।