राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर, मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की अद्यतन जानकारी ली |

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन NDRF, SDRF के अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम से मिले राज्यमंत्री अनिल डब्बू, सीएम राहत कोष में दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य उत्पादन एवं कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर डॉ. अनिल डब्बू ने राज्य में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1 करोड़ (एक करोड़ रुपये) की सहयोग राशि भेंट की।

मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए विपणन बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में हुई अतिवृष्टि व आपदाओं से प्रभावित परिवारों की सहायता एवं पुनर्वास के लिए यह सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की हर स्थिति से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में शासन, प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं तथा जनप्रतिनिधियों का सहयोग सराहनीय है। उन्होंने सभी संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे आगे आकर इस पुनीत कार्य में योगदान दें।

पूर्व सीएम व गर्वनर ने सीएम धामी को दी जन्मदिन की बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल माननीय भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून पहुंच कर शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कोश्यारी ने मुख्यमंत्री धामी को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए जो संकल्प लिया है, वह प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी कोश्यारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमेशा से उनके मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोश्यारी जैसे वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद और अनुभव उन्हें जनसेवा के कार्यों में ऊर्जा प्रदान करता है।
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चमोली के सारकोट गांव में सादगी से मनाया गया सीएम का जन्मदिन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गोद लिए गए चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। सारकोट के ग्रामवासियों ने ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी के नेतृत्व में एक स्थान पर एकत्र होकर भजन कीर्तन, एवं ग्राम देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर मुख्यमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के सारकोट गांव गोद लेने के बाद यहां की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा गांव में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के द्वार खुले हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपना भाई बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक भाई, बेटे के रूप में सारकोट ग्राम की सेवा की है, जिसके लिए ग्रामवासी उनके आभारी हैं।

प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यक्रम सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए। विभिन्न जिलों में आमजन ने जरूरतमंदों की सेवा, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

लोस अध्यक्ष बिरला और सीएम धामी ने किया इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।

स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सेक्रेटरी जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।

इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलियम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तहसील दिवसः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस पर आमजन की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय, शासन न जाना पड़े। उन्होंने कहा सभी ने मिलकर तहसील दिवस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा शिकायतों का त्वरित समाधान के साथ ही अन्य शिकायतों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर समस्या न रहे। उन्होंने कहा सभी अधिकारी तहसील दिवस को गंभीरता से लें। यह दिवस सरकार की जनसेवा की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जिन्होंने गलत जानकारी के आधार पर आयुष्मान, राशन कार्ड, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनाए हैं। उन्हें भी चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि, नदी-नालों की ज़मीनों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिसमें पुलिस विभाग, वन विभाग और सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा यह समिति सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगी। साथ ही निजी भूमि के विवाद का निस्तारण भी इस समिति द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा पखवाड़ा में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और जनहित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा राज्य आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवाद करने एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में भागीदारी से अधिकारियों को ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा सकेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एवं वर्चुअल माध्यम से प्रत्येक तहसील से अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

न्यायालयों के आवासीय व अनावसिया भवनों के निर्माण को भूमि हस्तांतरण के संबंध में हुई बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद एवं अधीनस्थ न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों आदि के आवासीय एवं अनावसिया भवनों के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग एवं देहरादून को जनपद न्यायालयों के आवासीय एवं अनावसिया भवनों हेतु शीघ्र भूमि चिन्हित कर हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 21 सितंबर, 2025 को प्रस्तावित स्नातक स्तरीय परीक्षा को सफलता और पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने परीक्षा को पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाने हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने गोपनीय सामग्री को डबल लॉक, सीसीटीवी और सुरक्षा गार्डों की निगरानी में रखे जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पूर्व संवेदनशील जनपदों की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान, नकल सम्बन्धी गतिविधियों में लिप्त और संदिग्ध लोगों और कोचिंग संस्थानों की निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फ़ैनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अध्यक्ष यूकेएसएसएससी जीएस मर्ताेलिया, सचिव शैलेश बगौली, नीतेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं जनपद न्यायाधीश उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से आरबीआई गवर्नर ने की शिष्टाचार भेंट

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में शिष्टाचार भेंट की। यह भेंटवार्ता राज्य के आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय समावेशन तथा उत्तराखंड में बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही।

मुख्यमंत्री धामी ने आरबीआई गवर्नर का उत्तराखंड आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि देश की वित्तीय संस्था के प्रमुख से मुलाकात राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मल्होत्रा से उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल भुगतान प्रणाली के प्रसार, और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आरबीआई के सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि ऐसे क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाएं सुलभ हों जहाँ अभी भी पहुँच की कमी है, जिससे जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने हाल के वर्षों में डिजिटल लेनदेन, क्ठज् (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्धता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उत्तराखंड सरकार द्वारा वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, और सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक राज्य के वित्तीय विकास और बैंकिंग आधार के विस्तार में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आरबीआई की ओर से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को वित्तीय सहायता की सुविधा भी अधिक सुलभ बनाने पर विचार किया जाएगा।

आखिर सीएम ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य के लिए ₹547.83 करोड़ की महत्वपूर्ण धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग ऋषिकेश में वितरण संरचना एवं भूमिगत केबलिंग कार्यों और राजधानी देहरादून में आधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली विकसित करने में किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से दोनों नगरों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था न केवल और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सुगम, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली भी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को लगातार केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य की विकास गति को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए महाराणा प्रताप चौक के समीप मुख्य रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास निर्माण की दिशा में ठोस पहल की है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम धामी जन्मदिवस पर आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में देंगे समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह दिन सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसर को समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित करना ही सच्चा उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस दिन आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में समय देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में समाज का प्रत्येक वर्ग उनके सहयोग के लिए आगे आए। हर एक प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए संबल और आशा का स्रोत बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा सहयोग और आपदा राहत जैसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। सेवा और त्याग की भावना ही उत्तराखंड की असली पहचान है और यदि हर नागरिक इसी सोच के साथ कार्य करे तो राज्य को हर क्षेत्र में मजबूती और नई ऊर्जा मिलेगी।