मुख्य सचिव ने की स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों एवं चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अतिरिक्त फण्ड का उचित उपयोग किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल को ग़ैर पेयजल कार्यों में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, उनसे उपचारित जल को आसपास के क्षेत्रों में ग़ैर पेयजल कार्यों में 100 प्रतिशत उपयोग में लाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रदेश के भीतर सभी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को भी शीघ्र से शीघ्र शुरू क्या जाए, ताकि डोर टू डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान एवं डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड पहुंचे आरबीआई गवर्नर, वित्तीय साक्षरता शिविरों का किया दौरा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देहरादून जिले के भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए क्रिसिल फाउंडेशन के सहसपुर स्थित वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया।

इस मौके पर उन्होंने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर ज़ोर देते हुए नागरिकों को सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने वित्तीय जागरूकता, समृद्धि और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने, भारत सरकार की विभिन्न पेंशन तथा बीमा संबंधित सामाजिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने सीएफएल अधिकारियों से समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में रहने वालों को शिक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने प्रतिभागियों से ऐसे शिविरों के दौरान प्राप्त वित्तीय जागरूकता को अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और पड़ोसियों के साथ साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों से भी बातचीत की।

शिविर में बिजनेस कोरेस्पोंडेंटों (बीसी) द्वारा बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर स्थल पर सिक्के और नीट बदलने के लिए काउंटर भी स्थापित किए गए थे। इस मौके पर एक मोबाइल एटीएम वैन उपलब्ध थी तथा कुछ स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया, जिसमें गवर्नर ने काफी रुचि दिखाई और सराहना की।

इस मौके पर क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई, देहरादून अरविंद कुमार सहित भारतीय रिज़र्व बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा ब्लॉक विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

मन की बात कार्यक्रम से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोथरोवाला, देहरादून में बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक कार्यों, नवाचारों, स्टार्टअप, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक संस्कृति से जुड़े विषयों को प्रभावी रूप से सामने रखते हैं, जिससे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने आमजन के प्रयासों को एक मंच प्रदान किया है। इससे देश के कोने-कोने में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से निरंतर जारी है, जो करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत, परिश्रम और काम करने वाले लोगों को अवश्य फल मिलता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान, स्वाभिमान प्रत्येक क्षेत्र में बड़ रहा है। भारत बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। हमारा देश विज्ञान, रक्षा, ए.आई के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज हम रक्षा उपकरणों, हथियारों का अन्य देशों को निर्यात भी करते हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के सीमांत क्षेत्रों में भी अब रोड, रेल और आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड, विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। बाबा केदार की भूमि से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस संकल्प पर राज्य सरकार निरंतर आगे कार्य कर रही है और अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि हम उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और साधना को हमेशा संरक्षित रखें। राज्य सरकार, देवभूमि के दैवत्व को हमेशा अमर रखने का काम करेगी। राज्य सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी कानून, जैसे कई कानून लागू किए हैं जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा जहां डबल इंजन की सरकार है वहां विकास दुगनी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, दायित्वधारी प्रताप सिंह पंवार, सरिता डंगवाल, मोहित शर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ धाम में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जहां राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगम और सुरक्षित दर्शन कर सकें।

केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि केदारनाथ के कपाट खुले हुए तीसरा दिन है। साथ ही भगवान भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने बताया अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। वर्तमान समय में केदारनाथ धाम में व्यवस्थाएं बिल्कुल ठीक हैं। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कुछ अराजक तत्व द्वारा धाम को बदनाम किया जाना बेहद निंदनीय है।

केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य श्री उमेश चंद्र पोस्ती ने कहा कि बीकेटीसी एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने बाबा केदार के दर्शन कर लिए हैं। उन्होंने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोग असत्य और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से निश्चिंत होकर केदारनाथ धाम आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, सब मिलकर दिन रात व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। केदारनाथ में किसी तरह की अव्यवस्थाएं नहीं है। मंदिर में दर्शन के लिए यात्रियों के लिए टोकन व्यवस्था की गई है। जिससे जल्दी दर्शन हो रहे हैं।

केदार सभा के सदस्य संजय तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं का केदारनाथ में स्वागत करते हुए कहा कि अब बाबा भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने कहा शासन, प्रशासन, केदार सभा एवं स्थानीय लोगों द्वारा केदारनाथ आने वाले यात्रियों के ठहरने, दर्शन और खाने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में केदारनाथ धाम के बारे में चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई है।

सीएम ने आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री आवास परिसर में इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा तथा इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने इसे स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधारोपण अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को भी स्थायी रूप से बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

फरियादियों की समस्या जानते हुए सीएम धामी ने अधिकांश का किया मौके पर निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया तथा कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आर्थिक सहायता से संबंधित विभिन्न मामलों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आमजन के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान होता है, बल्कि शासन की कार्यप्रणाली में भी निरंतर सुधार होता है।

इस अवसर पर उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य में प्रभावी एवं दूरदर्शी फिल्म नीति लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र सौंपते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखंड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

जन जागरण अभियान समिति के तत्वाधान में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने राज्य सरकार द्वारा संचालित 15 उत्कृष्ट योजनाओं पर आधारित आकर्षक पोस्टर तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। छात्राओं ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को मिल रहे लाभ के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें समाज और शासन से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशील भी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

इस अवसर पर आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी कांडपाल, अपर आयुक्त गढ़वाल उत्तम सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद थे।

दूरभाष पर वार्ता कर सीएम धामी ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के मेधावियों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले क्रमशः एम.पी. हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर (नैनीताल) के अक्षत गोपाल, एस.वी.एम. इंटर कॉलेज, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) के इशांत कोठारी, जी.बी. पंत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खैरना (नैनीताल) की भूमिका तथा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा (बागेश्वर) के योगेश जोशी से फोन पर संवाद कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाली सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत, भंजूराम अमर इंटर कॉलेज, भूरारानी (उधमसिंह नगर) की सुशीला मेंदीरत्ता, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश के आर्यन तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मायापुर (हरिद्वार) की वंशिका से भी दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही छात्र-छात्राएं इस प्रकार की सफलता प्राप्त कर पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर आगे बढ़ें तथा राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है तथा मेधावी विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

स्व. बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा,खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर गलत जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई

चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में आज जनपद रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी जीमबनतसलचवमज के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। वीडियो में यह गलत जानकारी दी गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु को स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद प्रशासन द्वारा सहायता नहीं दी गई तथा वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।

जबकि वास्तविकता में दिनांक 22.04.2026 को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन द्वारा तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। तत्पश्चात प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा गया।

उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर आमजन को भ्रमित करने एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जिस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी की जा रही है और उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। स्पष्ट किया जाता है कि चार धाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की यह प्रक्रिया लगातार, सख्ती और पूरी सतर्कता के साथ जारी रहेगी।

सचिव आवास व राज्य संपत्ति ने लिया अयोध्या अतिथि गृह निर्माण स्थल का किया विस्तृत जायजा

देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। अयोध्या-फैजाबाद हाईवे पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह अब हकीकत का रूप लेता दिख रहा है। लगभग 54,000 (चव्वन हजार) वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल परिसर उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना बनेगा। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्थल निरीक्षण के बाद परियोजना के क्रियान्वयन ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट सोच और परिणामोन्मुख कार्यशैली दिखाई देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की जो रणनीति बनाई है, यह परियोजना उसी की एक मजबूत कड़ी है। चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ने के बाद अब सरकार अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी उत्तराखंड की पहचान स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना गुणवत्ता, आधुनिकता और तय समयसीमा के मानकों पर खरी उतरे। सचिव आवास-राज्य संपित्त जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट सौंपेंगें। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम राकेश चन्द्र तिवारी, राज्य संपत्ति विभाग से डॉ विनीता सिंह, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी मुन्ना सिंह सहित संबधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

रणनीतिक लोकेशन, आसान पहुंच
प्रस्तावित अतिथि गृह की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। श्रीराम मंदिर से करीब 6.60 किलोमीटर और फैजाबाद शहर से 6.40 किलोमीटर की दूरी इसे अत्यंत सुविधाजनक बनाती है। अयोध्या एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी सुलभ बनाती है। वहीं लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क इसे धार्मिक पर्यटन का अहम केंद्र बना सकता है। देहरादून और नई दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक प्रमुख पड़ाव होगा।

आम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे केवल वीआईपी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था इस योजना को जन-हितैषी बनाती है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलेगा। इससे अयोध्या यात्रा के दौरान ठहरने की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।

सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा परिसर
सरकार की योजना इस अतिथि गृह को केवल ठहरने तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। यहां लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक उत्सव और सरस मेले जैसे आयोजन किए जाएंगे। इससे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। साथ ही विवाह समारोह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी यह परिसर उपयोगी साबित होगा, जिससे राजस्व के नए अवसर भी बनेंगे।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
अयोध्या में तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच यह परियोजना उत्तराखंड के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकती है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच उत्तराखंड की मौजूदगी इस अतिथि गृह के माध्यम से और मजबूत होगी। यह पहल “धार्मिक पर्यटन” और “संस्कृति कनेक्ट” के मॉडल को आगे बढ़ाते हुए राज्य के पर्यटन उद्योग को अप्रत्यक्ष रूप से नई गति देगी।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड की छवि से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।

ड्रीम प्रोजेक्ट से बनेगा सांस्कृतिक सेतु – डॉ. आर. राजेश कुमार
डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार अयोध्या में बनने वाला उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और प्रभावी कार्ययोजना का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि उत्तराखंड को देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करेगी। यह अतिथि गृह केवल एक इमारत नहीं बल्कि उत्तराखंड और अयोध्या के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा। यहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड की परंपराओं और संस्कृति को भी राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।