अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रेविटी का जल मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को एटलांटिस क्लब पंडितवाडी, देहरादून मे इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन, देहरादून सेंटर द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने सेमिनार से सम्बन्धित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। सेमिनार में देश के 12 राज्यों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जल संरक्षण एवं स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर इस सेमिनार में मंथन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच सालों में हर घर में जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हर घर तक शुद्ध जल पहुॅचें इसके लिए इंजीनियरों को मंथन करने की जरूरत है कि कैसे पानी की बचत हो और कैसे बेहतर इस्तेमाल किया जा सके। आज सेमिनार में विषय विशेषज्ञ एक दूसरे के साथ अपने अनुभवों को सांझा करेंगे। जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल का कैसे बैहतर तरीके से संरक्षण और पूर्ति हो, इसके लिए लोगों में भी जागरूकता लाने की जरूरत है। जल संचय का सबसे अच्छा तरीका वर्षा जल का एकत्रीकरण है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रेविटी का जल मिल सके, इसके लिए सौंग, सूर्यधार व मलुढूंग बांध पर कार्य किया जा रहा है। सौंग बांध का कार्य शुरू होने से 350 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सूर्यधार डेम पर कार्य प्रारम्भ हो गया है। इससे 29 गांवों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा। पंचेश्वर बांध बनने से ऊधमसिंह नगर एवं चम्पावत के तराई क्षेत्र में ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध होगा।

न तहरीर रिसीब की और न लिखी एफआईआर, ऊपर से ले लिए एक हजार

गुमशुदा बेटे का पता लगाने के लिए कोतवाली ऋषिकेश में एफआईआर दर्ज कराने पहुंची बुजुर्ग महिला ने एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि रुपये देने के बावजूद भी न तो उनकी तहरीर रिसीब की और ना ही एफआईआर दर्ज की है। बीते माह 21 सितंबर को वाल्मीकि बस्ती ऋषिकेश निवासी बिट्टू उर्फ ब्रजपाल पुत्र इलम सिंह बिना बताए घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। बेटे की तलाश में बुजुर्ग मां प्रकाशी देवी ने छोटे बेटे के साथ अमृतसर सहित हर संभावित जगहों की खाक छान डाली। जब बेटे का कोई सुराग नहीं लगा तो वह कोतवाली पहुंची।

महिला ने बताया कि कोतवाली परिसर में बैठे एक पुलिसकर्मी ने उनके छोटे बेटे से कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए एक हजार रुपये देने पड़ते हैं। मजबूरन एक हजार रुपये पुलिसकर्मी को दे दिए। इसके बाद पुलिसकर्मी ने कहा कि वह अपने गुमशुदा बेटे के 60 पोस्टर भी छपवाकर लाएं। पैसों की कमी के कारण वह 50 पोस्टर छपवाकर ले आई। प्रकाशी देवी का आरोप है कि पुलिस ने पोस्टर छपवाने के नाम पर पैसे खर्च करवाए, ऊपर से एक हजार रुपये भी लिए। इसके बावजूद न तो तहरीर रिसीव की गई और न ही मुकदमा दर्ज किया गया।

कुभ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिए बिजली व गैस पाइप लाइन के निर्माण में तेजी लाएंः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मेला नियन्त्रण भवन हरिद्वार में कुम्भ मेला 2021 की आयोजन व्यवस्थाओं की शासन के उच्चाधिकारियों एवं सभी अखाड़ो के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नगर विकास शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी मेला संजय गुंज्याल, अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि, महामंत्री मंहत हरिगिरी सहित सभी अखाड़ो के प्रतिनिधि तथा सभी सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर मुख्यमंत्री ने संत महात्माओं को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कुम्भ मेला दिव्य एवं भव्यता के साथ आयोजित हो, इसके लिये समेकित प्रयासों पर ध्यान दिया जाय, सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी भी समझनी होगी। आगामी कुम्भ मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना के दृष्टिगत व्यवस्थाये सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ ही नेत्र चिकित्सा के लिए नेत्र कुम्भ भी आयोजित किया जाय। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिये बिजली व गैस पाइप लाइन को अण्डर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को जोड़ने वाली सभी सड़को एवं पुलों के निर्माण मंे तेजी लाई जाय। इसके लिये दो या तीन शिफ्ट में कार्य करने की प्रक्रिया अपनायी जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थाई प्रकृति के काम अक्टूबर 2020 तक पूरे कर लिए जाएं। समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस वैश्विक मेले में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु, राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों में भी जा सकते हैं। तमाम तरह की सुविधाएं विकसित करने मे आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग करने पर भी उन्होंने बल दिया।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामुहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्वालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि तथा महामंत्री महंत हरिगिरि ने कुम्भ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, आन्तरिक सड़को के निर्माण साफ सफाई पेयजल पेशवाई मार्गो के निर्माण मेला क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने अखाड़ो को भूमि उपलब्ध कराने, अखाड़ो के निर्माण के लिये आवश्यक धनराशि की उपलब्धता की बात कही। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिये पूरा सहयोग का भी आश्वासन दिया।

लाठी, डंडो से लैस पांच लोगों ने राजमिस्त्री की कर दी पिटाई

काम से घर लौट रहे एक राजमिस्त्री के ऊपर महिला सहित पांच लोगों ने लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवक के दोनों हाथ और पैर जख्मी हो गए। चिकित्सकों के अनुसार पीड़ित युवक का ऑपरेशन किया जाना है। वहीं, पीड़ित के भाई ने श्यामपुर चौकी में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है।

शनिवार को श्यामपुर रूषा फॉर्म निवासी सिकंदर यादव ने श्यामपुर पुलिस चौकी में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनका भाई गुड्डू राजमिस्त्री का काम करता है। शुक्रवार की शाम करीब छह बजे उनका भाई काम से घर लौट रहा था। रूषा फॉर्म के समीप पहुंचते ही शंभू यादव और उनकी पत्नी, उमाशंकर, विरेंद्र और घमंडी ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से गुड्डू पर हमला कर दिया। इस दौरान कोई भी बीच बचाव को नहीं पहुंचा।

उन्होंने बताया कि हमले में उनके भाई के दोनों हाथ और पैर की हड्डी टूट गई है। उनके भाई को एक आदमी ने राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्लास्टर चढ़ाने के बाद चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कही है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हमले के बाद पुलिस को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई पुलिसकर्मी पीड़ित को देखने नहीं आया। इसके अलावा पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।

हिन्डन एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री ने किया गाजियाबाद से पिथौरागढ़ हवाई सेवा का शुभारंभ

उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के प्रयासों में एक और सफलता मिली है। गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा प्रारम्भ कर दी गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हिन्डन एयरपोर्ट पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में हिन्डन- पिथौरागढ़ -हिन्डन हवाई सेवा का औपचारिक शुभारम्भ किया।

हेरिटेज एविएशन कम्पनी का 9-सीटर विमान, सप्ताह में 6 दिन (गुरूवार को छोड़कर) उड़ान भरेगा। प्रतिदिन पिथौरागढ़ से सुबह 11.30 बजे प्रस्थान कर विमान 12.30 बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेगा। जबकि हिंडन एयरपोर्ट से अपराह्न 1 बजे प्रस्थान कर अपराह्न 2 बजे विमान पिथौरागढ़ पहुंचेगा।

गाजियाबाद से पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इससे प्रदेश के पिथौरागढ़ के अलावा अल्मोड़ा, चम्पावत, बागेश्वर से देश की राजधानी तक पहुंचने में समय की काफी बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से पिथौरागढ़ तक सड़क मार्ग से जाने में काफी समय लगता था, जो मंहगा भी था। इस हवाई सेवा के शुरू होने से जहां लोगों के समय की बचत होगी, वहीं आर्थिक दृष्टि से भी लोगों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़, सीमान्त जनपद होने के कारण यह हवाई सेवा सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड, आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। कई बार गम्भीर स्थिति होने के कारण मरीजों को हायर सेंटर रैफर करना होता है। कम समय में दूरस्थ क्षेत्रों से हायर सेंटर तक पहुंचाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई सेवाएं बहुत जरूरी हैं। कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों को भी इस हवाई सेवा से लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिथौरागढ़ में एक ट्यूलिप गार्डन बनाया जा रहा है। ट्यूलिप गार्डन बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय पर्यटक यहां आयें और यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य का आनन्द भी ले सकें। पर्वतारोहण के लिए पिथौरागढ़ आने वाले पर्यटकों को भी इस हवाई सेवा के शुभारम्भ होने से आसानी होगी।

उत्तराखण्ड में पिछले कुछ वर्षों से हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया गया है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। हाल ही में मुम्बई-देहरादून-वाराणसी हवाई सेवा शुरू की गई है। देहरादून को मुम्बई, वाराणसी, जम्मू, लखनऊ, हैदराबाद, पटना, रायपुर, बंगलौर, दिल्ली, कलकत्ता, अमृतसर, जयपुर गुवाहाटी सहित दर्जनों शहरों से जोड़ा जा चुका है। टिहरी झील में सी-प्लेन के लिए एमओयू किया जा चुका है। देहरादून से पंतनगर व पिथौरागढ़ के लिए भी हवाई सेवा संचालित की जा रही है।

वेश्यावृत्ति के आरोप में पकड़ी गई महिला को लोगों ने बताया कर्जदार, इसलिए किया करते थे संपर्क

मुनिकीरेती के तपोवन स्थित होटल इंपीरियल हाइट में पुलिस की छापेमारी में देह व्यापार के मामले में गिरफ्तार महिला की कॉल डिटेल खंगालने पर लोगों ने दिलचस्प बयान दर्ज करवाए हैं। अधिकांश लोग उक्त महिला को मुंहबोली बहन बता रहे हैं, तो कोई महिला को अपना कर्जदार बताकर संपर्क करने की बात कह रहा है।

बता दें कि बीते 24 अगस्त को मुनिकीरेती पुलिस ने देह व्यापार में महिला सहित पांच लोगों गिरफ्तार किया था। महिला की कॉल डिटेल खंगालने पर करीब तीन दर्जन नाम सामने आए, जोकि समय-समय पर महिला से संपर्क करते थे।

पुलिस ने जांच शुरू कर उक्त लोगों के बयान लिए तो कुछ पुलिस शिकंजा कसता देख किसी ने देह व्यापार की आरोपी महिला को अपनी मुंहबोली बहन बताया तो किसी ने उसे अपना कर्जदार बताकर बकाया वसूली के लिए बार-बार संपर्क करने की बात कही। थानाध्यक्ष मुनिकीरेती आरके सकलानी के मुताबिक एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है। देह व्यापार मामले में तीन दर्जन लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी थी। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद ज्यादातर संदिग्धों ने अपनी पत्नी को मायके रवाना कर दिया है।

थानाध्यक्ष के मुताबिक कॉल डिटेल के आधार पर जो लोग चिह्नित किए गए हैं, उन्हें थाने में बुलाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी की गई। नोटिस की सूचना मिलने पर उक्त लोग थाने पहुंचे और स्वयं का महिला के साथ मौजूद रिश्ता बयान किया। थानाध्यक्ष आरके सकलानी व जांचकर्ता के मुताबिक इनमें से किसी ने कहा कि वह उनके प्रतिष्ठान से उधार गुड़ लेकर गई थी। इसी तरह तेल व्यापारी ने कहा कि वह उधार तेल लेकर गई थी। बार-बार कहने पर भी बकाया रुपये वापस नहीं कर रही दे रही थी। लिहाजा वह रुपये मांगने के लिए ही संपर्क किया करते थे।

यदि आवंटित खनन पट्टे से 80 प्रतिशत खनन न हुआ तो पट्टा होगा निरस्त

राज्य सरकार प्रदेश में हो रहे अवैध खनन से राजस्व वसूली कम मिलने पर चिंताजनक है, उन्होंने अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए नई खनन नीति लाने जा रही है। इसके तहत क्रेशर का लाइसेंस उसी को दिया जाएगा, जिसके पास खनन का पट्टा है। अभी तक बिना खनन पट्टे के क्रेशर का लाइसेंस जारी किया जा रहा है, इससे धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। इसके अलावा नई नीति में आवंटित पट्टे से 80 प्रतिशत खनन नहीं होने की स्थिति में उसे निरस्त कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार का खनन से राजस्व नहीं बढ़ रहा है, जिसके लिए अवैध खनन को सबसे बड़ा कारण माना गया है।

खनन नीति में मौजूद प्रावधानों से खनन माफिया पर नकेल कसने में कामयाबी नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खनन विभाग की समीक्षा के दौरान खनन से होने वाले राजस्व को दोगुना करने के निर्देश दिये।

इसके लिए उन्होंने मौजूद खनन नीति में सख्त प्रावधान करने के प्रस्तावों पर सहमति जताई है। विभाग ने अवैध खनन रोकने का नया फार्मूला बनाया है। इसके तहत क्रेशर लाइसेंस को सख्त बनाया जा रहा है।

अभी तक बिना खनन सामग्री निकालने का पट्टा होने पर भी क्रेशर लाइसेंस जारी कर दिया जाता था, लेकिन नई संशोधित नीति में उसी को क्रेशर का लाइसेंस मिलेगा, जिसके पास स्वीकृत पट्टा होगा।

ऐसा नहीं करने वाले क्रेशर मालिकों के लाइसेंस कैंसल होंगे। इससे विभाग के खनन पट्टों का आवंटन बढ़ेगा और राजस्व में भी वृद्धि होगी। इसके साथ अवैध खनन को रोकने के लिए इतना ही नहीं बल्कि स्वीकृत पट्टों पर प्रतिवर्ष निर्धारित खनन सामग्री का अस्सी प्रतिशत दोहन क्रेशर मालिक को करना होगा। ऐसा नहीं करने पर पट्टा कैंसल हो जाएगा।

ऋषिकेश के आस्था पथ पर बुजुर्ग के साथ लूट की कोशिश, आरोपी फरार

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में मॉर्निग वाक को आस्था पथ पर गए एक बुजुर्ग व्यापारी के साथ लूट की कोशिश की गई। हालांकि जिस समय आरोपी से बुजुर्ग को पकड़ लिया था, तभी उन्होंने हिम्मत दिखाई और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सामने से मॉर्निग वाक पर आ रहे दो अन्य युवक वहां पहुंचे तो आरोपी लूटेरा फरार हो गया। वहीं, इस तरह की घटना के बाद ऋषिकेश में अब मॉर्निंग वाक पर जाने वाले लोगों की संख्या में कमी देखने को मिली है।

दरअसल, 65 वर्षीय आदर्श नगर निवासी विजय टक्कर पुत्र हरवंश लाल सुबह करीब सवा पांच बजे अपनी गाड़ी को मौनी बाबा की कुटिया सांई कोनार मंदिर की तरफ पार्क कर पैदल ही आस्था पथ से त्रिवेणी घाट की ओर निकल पड़े। विजय टक्कर जैसे ही 72 सीढ़ी की तरफ पहुंचे तभी पीछे से आ रहे एक युवक ने उन्हें कस के पकड़ लिया। विजय टक्कर के मुताबिक युवक उनसे लूट की कोशिश कर रहा था।

वे बदमाश के चंगुल से छूटने की कोशिश कर रहे थे इस दौरान वह उन्हें जमीन पर गिराने की कोशिश करने लगे। तभी त्रिवेणी घाट की ओर से दो अन्य युवक मॉर्निंग वाक पर आ रहे थे। उन्हें देख बुजुर्ग विजय ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर दोनों युवक बुजुर्ग के पास दौड़कर आए। तब तक लुटेरा वहां से भाग निकला। दोनों युवकों ने लुटेरे को पकड़ने की कोशिश भी की। इसके बाद बुजुर्ग त्रिवेणी घाट गए और गंगा दर्शन कर वापस घर चले गए।

कई कंपनियों का निजीकरण करने की तैयार कर रही सरकार

केंद्र सरकार ने अपनी कई कंपनियों का निजीकरण करने की पूरी तैयारी कर ली है। दिपावली से पहले इसका खाका तैयार किया जा रहा है। वहीं अब नई पॉलिसी के तहत नीति आयोग, विनिवेश और पब्लिक असेट मैनेजमेंट विभाग (दीपम) को नोडल विभाग बना दिया गया है।
पब्लिक असेट मैनेजमेंट विभाग की भूमिका बढ़ने के बाद अब जिन मंत्रालयों के अंदर यह कंपनियां आती हैं, उनकी किसी तरह की कोई भूमिका नहीं रहेगी। दीपम, नीति आयोग के साथ मिलकर के उन कंपनियों को देखेगा, जिनमें सरकार अपनी हिस्सेदारी घटा सकती है। वहीं दीपम विभाग के सचिव विनिवेश के लिए बने अंतर-मंत्रालय समूह के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जिन कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचेगी, उनकी दो चरणों में बोली लगेगी। पहले चरण में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) मंगाया जाएगा और दूसरे चरण में वित्तीय बोलियां मांगी जाएंगी। पहले चरण के लिए सरकार इच्छुक कंपनियों के साथ बैठक और रोड शो भी करेगी। विनिवेश का पूरा चरण चार से पांच माह में पूरा हो जाएगा।
जिन कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी को बेचने जा रही है, उनमें प्रमुख तेल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) भी शामिल है। इसके अलावा भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया शामिल हैं। कंटेनर कॉरपोरेशन में 30 फीसदी हिस्सा बेचने को मंजूरी दी गई है।
केंद्र सरकार इसके अलावा टीएचडीसी और नीपको में अपनी हिस्सेदारी को एनटीपीसी को बेचने जा रही है। विनिवेश पर हुई सचिवों की बैठक में कुल आठ सचिव शामिल थे. इनमें दीपम, कानून सचिव, रेवेन्यू सेक्रेटरी, एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी, कॉरपोरेट अफेयर सेक्रेटरी भी शामिल रहे।
इस विनिवेश को करने के बाद सरकार एयर इंडिया के विनिवेश के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) का प्रारुप तैयार करेगी। इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बने मंत्रियों का समूह एक पखवाड़े में फैसला लेगा। सरकार एयर इंडिया की 30 हजार करोड़ रुपये की उधारी को अपने ऊपर लेगी। ईओआई से निवेशकों को पूरी तरह से पारदर्शिता मिलेगी।
बीपीसीएल की नेटवर्थ फिलहाल 55 हजार करोड़ रुपये है। अपनी पूरी 53.3 फीसदी बेचकर के सरकार का लक्ष्य 65 हजार करोड़ रुपये की उगाही करने का है। इसके लिए ससंद से भी मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी। पिछले साल सरकार ने ओएनजीसी पर एचपीसीएल के अधिग्रहण के लिए दबाव डाला था। इसके बाद संकट में फंसे आईडीबीआई बैंक के लिए निवेशक नहीं मिलने पर सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में एलआईसी को बैंक का अधिग्रहण करने को कहा था। सरकार विनिवेश प्रक्रिया के तहत संसाधन जुटाने के लिये एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (ईटीएफ) का भी सहारा लेती आई है।

कौशिक समिति करेगी आरक्षण रोस्टर नीति का परीक्षण

सरकारी सेवा में सीधी भर्ती के पदों के लिए लागू आरक्षण रोस्टर नीति के परीक्षण के लिए अब मंत्रिमंडलीय समिति का गठन कर दिया गया है। शहरी एवं आवास मंत्री मदन कौशिक इस समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने समिति के गठन का शासनादेश जारी किया। समिति जल्द अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।
शासन ने गत 11 सितंबर को राजकीय सेवाओं, निगमों, सार्वजनिक उद्यमों व शिक्षण संस्थानों में सीधी भर्ती के पदों पर विभिन्न श्रेणियों को प्राप्त आरक्षण व्यवस्था क्रियान्वयन को नई रोस्टर नीति जारी की थी। पुराने रोस्टर में पहला पद अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी के लिए आरक्षित था, जिसे नए रोस्टर में हटाकर छठे स्थान पर कर दिया है। इस पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को भी एतराज था और उन्होंने मुख्यमंत्री से रोस्टर का परीक्षण कराने का अनुरोध किया था। आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल से रोस्टर का परीक्षण कराने और पुराना रोस्टर लागू करने की मांग उठाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शासन को रोस्टर का परीक्षण कराने के लिए समिति के गठन के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के क्रम में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने समिति का गठन कर दिया है।
प्रदेश में सीधी भर्ती के पदों पर निर्धारित आरक्षण रोस्टर नीति के परीक्षण को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय समिति पर उत्तराखंड एससी एसटी इम्पलाइज फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने सवाल उठाए है। उनके मुताबिक, फेडरेशन का मानना है कि समिति के तीनों सदस्य नए होने चाहिए। यह सवाल भी उन्होंने उठाया कि जब नए रोस्टर पर प्रदेश सरकार को संदेह है और उसका परीक्षण किया जाना है तो पुराना रोस्टर क्यों नहीं लागू किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से पुराना रोस्टर लागू करने की मांग की।
वहीं, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कमेटी के गठन का स्वागत किया है। साथ ही आगाह भी किया है कि नए रोस्टर में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुराने रोस्टर में 19 प्रतिशत एससी आबादी के सापेक्ष 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा था। नए रोस्टर लागू होने के बाद अब एससी का आरक्षण 19 प्रतिशत है, जो सही है।