सीएम ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा को महानता में बदलने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपनी देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखण्ड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को खेल छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। छोटे गांवों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड के युवाओं में अद्भुत ऊर्जा और प्रतिभा है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए खेल इंजरी एवं आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अभी से विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग के माध्यम से खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई अथवा अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक खिलाड़ी हिमालय की तरह अडिग रहकर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करे।

देवभूमि खेल पुरस्कार से खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मानित
वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग में एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर एवं शॉल प्रदान किए गए।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक भी पुरस्कृत
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर, मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी एवं भूमि शामिल रहे।

उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार एवं कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट तथा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

सीएम का आग्रह रंग लाया, पीटी उषा ने प्रतीकों के लॉन्चिंग कार्यक्रम में दी जानकारी

38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर समारोह की भव्यता के बीच योग और मलखंभ जैसे दो पारंपरिक खेल भी राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बन गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह को भारतीय ओलंपिक संघ ने स्वीकार कर लिया। रविवार को आयोजित भव्य शुभंकर समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी ऊषा ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर प्रतीक मौली, लोगो, जर्सी, एंथम और टैग लाइन को लॉन्च किया। राष्ट्रीय खेलों के लिए टैग लाइन संकल्प से शिखर तक घोषित की गई है।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संपूर्ण उत्तराखंड वासियों की ओर से धन्यवाद प्रकट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का सुंदर लोगो उत्तराखंड के विविध रंगों को पूरे देश के सामने प्रदर्शित करता है। यह एंथम, हमारी एकजुटता को प्रदर्शित करने के साथ खिलाड़ियों को और अधिक परिश्रम करने हेतु प्रेरित करता है। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर, मोनाल हमारे प्रदेश की विशिष्टता को प्रदर्शित करने के साथ युवा खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्यों को सामने रखकर जी-तोड़ मेहनत करने हेतु भी प्रेरित करता है। और लोगो हमारे राज्य पक्षी मोनाल से प्रेरित है जो उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विविधता के रंगों को भारत के प्रत्येक कोने तक पहुँचाएगा। राष्ट्रीय खेलों की सुंदर मशाल प्रज्वलित की है वो देश में एकता और सामूहिक प्रयास के प्रतीक के रूप में राज्य भर की यात्रा करेगी और समाज में खेल भावना और खेल संस्कृति विकसित करने में सहायता करेगी।

बतौर मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प, विकल्प रहित होना चाहिए। संकल्प से ही हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन हेतु अब पूर्ण रूप से तैयार है। इस आयोजन के लिए राज्य सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं में लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे राज्य में कई नए खेल मैदानों का निर्माण, स्टेडियम और स्विमिंग पूलों का पुनर्निर्माण, वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइकिलिंग ट्रैक, शूटिंग रेंज को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी छोटे खेल स्टेडियमों का निर्माण कर रही है। जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने हेतु प्रत्येक स्तर पर अभिनव प्रयास किए गए हैं। फिट इंडिया, खेलो इंडिया योजना के साथ मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। प्रदेश में नई खेल नीति लागू कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने, प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले देश के तमाम खिलाड़ी उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएंगे।

इस मौके पर केंद्रीय खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि देश के खिलाड़ी आज अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ी देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल विकास में केंद्र सरकार उत्तराखंड को पूरी मदद देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि ओलंपिक का आयोजन भारत में कराया जाए। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया का वीडियो संदेश भी इस मौके पर प्रसारित किया गया।

भारतीय ओलपिंक संघ की अध्यक्ष डा. पीटी ऊषा ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए उत्तराखंड को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि खेलों के विकास में उत्तराखंड में बेहतर कार्य होगाा।

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन बेहद उत्साहित करने वाला है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सुनैना कुमारी, राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, खेल निदेशक प्रशांत आर्य समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे। संचालन आरजे काव्य ने किया।

सीएम ने दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम को दी ट्रॉफी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों से दृढ़ इच्छा शक्ति एवं मेहनत के साथ विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सफलता का एक ही मूलमंत्र है विकल्प रहित संकल्प। युवा खिलाड़ी अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिये पूरी मेहनत एवं एकाग्रता के साथ प्रयास करे। युवा जिस भी क्षेत्र में जाए वहां लीडर बनने का प्रयास करें।

स्थानीय पवेलियन ग्राउण्ड में दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबाल टूर्नामेंट के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल की प्रतियोगिताओं में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे है। जिससे देश में उत्तराखण्ड की पहचान बन रही है। यह हमारे खिलाड़ियों की खेलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक है। हमारा यह भी प्रयास है कि भारत के पौराणिक खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल अथवा प्राचीन मल्ल, अखाड़ों से निकला गतका और मलखम्ब को विश्व पटल पर पहचान दिलायी जाए। एक समय पर भुला दिए गए ये सभी खेल आज देश-विदेश में खूब प्रसिद्ध हो रहे हैं। हमारा निरंतर यह प्रयास है कि हम खेलों के माध्यम से भी सांस्कृतिक संवर्धन का कार्य करें ताकि हमें अतीत का ज्ञान रहे और लुप्त हो रही विधाएं जीवित रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी फुटबॉल के प्रशंसक रहे हैं। खेल के मैदान में भी उत्तराखंड अग्रणी राज्य बने, इसी के तहत राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु नई खेल नीति बनाई गई है। हमारी सरकार ने खेल दिवस-2022 के अवसर पर “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ प्रारंभ की थी तथा कुछ समय पहले राज्य के प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था जो शुरू कर दी गयी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। हर जिले के 150 बालक और 150 बालिकाओं अर्थात प्रदेश के कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता 175 रूपए से बढ़ाकर 225 रूपए प्रति छात्र किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड योजना के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये भारत, शक्तिशाली भारत और गौरवशाली भारत का निर्माण हो रहा है। आज पूरे देश का युवा पूरी तरह से प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। पूरे विश्व में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र की भांति खेलों में भी भारत का मान सम्मान बढ़ रहा है। दुनिया में कहीं भी खेल का मैदान हो, आज भारत का तिरंगा लहराता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की। खेलो इंडिया कार्यक्रम इसी सोच का एक अच्छा उदाहरण है। आज खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें हर जरूरी सहयोग देना शुरू किया गया है। बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। भारत खेल शक्ति के तौर पर भी उभर रहा है। हमारे खिलाड़ियों के जीते सोने और चांदी के पदकों ने देश के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। विश्व स्तर पर भी हमारे खिलाड़ियों को सम्मान प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा के अनुरुप वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं तथा इसके लिये हम संकल्पबद्ध भी है। देवभूमि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए पूरी निष्ठा से हमे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा तभी सबके समेकित प्रयासों से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एम वी एजुकेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित ऑल इण्डिया हिमालयन फुटबॉल कप टूर्नामेंट में विजेता टीम गढ़वाल हीरोज को ट्रॉफी प्रदान की।

समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार एवं खेल विभाग के अधिकारी, खेल संघों के प्रतिनिधि, फुटबॉल के साथ ही अन्य खिलाड़ी उपस्थित थे।