उत्तराखण्ड बनेगा भारतीय ज्ञान विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्रः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।

बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार, डॉ. आर. राजेश कुमार, रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण सोनिका, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित मौजूद थे।

आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।

उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।

किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया पदभार ग्रहण

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पदभार सौंपा। इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि सरकार की नीतियों का राज्य के विकास में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आजीविका, रोजगार, कौशल विकास व रिवर्स माइग्रेशन भी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

आजीविका के नए-नए अवसरो पर काम करना तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण तथा राज्य का स्वास्थ्य क्षेत्र भी एक बड़ी चुनौती है। हमें शहरों को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य करना होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण भी एक बड़ा मुद्दा है, जल संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है। इन मुख्य मुद्दों पर आम नागरिक के हित में धरातल पर प्रभावी कार्य करने की जरूरत है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हमें नए संसाधनों की खोज तथा वर्तमान संसाधनों को बढ़ाने पर निरंतर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर सचिवालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर, संपूर्ण उत्तराखंड में लागू होगा यूसीसी

यूसीसी नियमावली हाईलाइट

दायरा – अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर, सम्पूर्ण उत्तराखंड राज्य, साथ ही राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर लागू।

प्राधिकार – यूसीसी लागू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। जबकि नगर पंचायत – नगर पालिकाओं में संबंधित एसडीएम रजिस्ट्रार और कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
इसी तरह नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार होंगे। छावनी क्षेत्र में संबंधित CEO रजिस्ट्रार और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर या सीईओ द्वारा अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। इन सबके उपर रजिस्ट्रार जनरल होंगे, जो सचिव स्तर के अधिकारी एवं इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन होंगे।

रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्य
यदि रजिस्ट्रार तय समय में कार्रवाई नहीं कर पाते हैं तो मामला ऑटो फारवर्ड से रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा। इसी तरह रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकेगी, जो 60 दिन के भीतर अपील का निपटारा कर आदेश जारी करेंगे।

रजिस्ट्रार के कर्तव्य
सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील पर 60 दिन में फैसला करना। लिव इन नियमों का उल्लंघन या विवाह कानूनों का उल्लंघन करने वालों की सूचना पुलिस को देंगे।

सब रजिस्ट्रार के कर्तव्य
सामान्य तौर पर 15 दिन और तत्काल में तीन दिन के भीतर सभी दस्तावेजों और सूचना की जांच, आवेदक से स्पष्टीकरण मांगते हुए निर्णय लेना
समय पर आवेदन न देने या नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ ही पुलिस को सूचना देना, साथ ही विवाह जानकारी सत्यापित नहीं होने पर इसकी सूचना माता- पिता या अभिभावकों को देना।

विवाह पंजीकरण
26 मार्च 2010, से संहिता लागू होने की तिथि बीच हुए विवाह का पंजीकरण अगले छह महीने में करवाना होगा

संहिता लागू होने के बाद होने वाले विवाह का पंजीकरण विवाह तिथि से 60 दिन के भीतर कराना होगा

आवेदकों के अधिकार
यदि सब रजिस्ट्रार- रजिस्ट्रार समय पर कार्रवाई नहीं करता है तो ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

सब रजिस्ट्रार के अस्वीकृति आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपील की जा सकती है।

रजिस्ट्रार के अस्वीकृति आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकती है।

अपीलें ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से दायर हो सकेंगी।

(लिव इन)
संहिता लागू होने से पहले से स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का, संहिता लागू होने की तिथि से एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा। जबकि संहिता लागू होने के बाद स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, लिवइन रिलेशनशिप में प्रवेश की तिथि से एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा।

लिव इन समाप्ति – एक या दोनों साथी ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से लिव इन समाप्त करने कर सकते हैं। यदि एक ही साथी आवेदन करता है तो रजिस्ट्रार दूसरे की पुष्टि के आधार पर ही इसे स्वीकार करेगा।

यदि लिव इन से महिला गर्भवती हो जाती है तो रजिस्ट्रार को अनिवार्य तौर पर सूचना देनी होगी। बच्चे के जन्म के 30 दिन के भीतर इसे अपडेट करना होगा।

विवाह विच्छेद –
तलाक या विवाह शून्यता के लिए आवेदन करते समय, विवाह पंजीकरण, तलाक या विवाह शून्यता की डिक्री का विवरण अदालत केस नंबर, अंतिम आदेश की तिथि, बच्चों का विवरण कोर्ट के अंतिम आदेश की कॉपी।

वसीयत आधारित उत्तराधिकार
वसीयत तीन तरह से हो सकेगी। पोर्टल पर फॉर्म भर के, हस्तलिखित या टाइप्ड वसीयत अपलोड करके या तीन मिनट की विडियो में वसीयत बोलकर अपलोड करने के जरिए।

यूसीसी की यात्रा
27 मई 2022 – यूसीसी पर विशेषज्ञ समिति का गठन
02 फरवरी 2024 – यूसीसी पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत
08 फरवरी 2024 – राज्य विधानसभा द्वारा अधिनियम अनुमोदित
08 मार्च 2024 – भारत के राष्ट्रपति द्वारा अधिनियम अनुमोदित
12 मार्च 2024 – यूसीसी उत्तराखंड अधिनियम 2024 जारी
18 अक्टूबर 2024 – यूसीसी नियमावली प्रस्तुत
27 जनवरी 2025 – यूसीसी लागू
यूसीसी के क्रियान्वयन की कार्ययोजना
ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल (ucc.uk.gov.in) विकसित
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) Training Partner के रूप में नामित
क्रियान्वयन व प्रशिक्षण के लिए जिलों में नोडल अधिकारी नामित
सहायता और तकनीकी परामर्श के लिए हेल्पडेस्क (1800-180-2525) स्थापित
विधिक प्रश्नों के समाधान के लिए जिला स्तरीय अधिकारी नियुक्त
नागरिक जागरूकता और अधिकारियों की सुविधा के लिए Short Video एवं Booklets

मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के लिए की विभिन्न घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली स्थित कुरुड़ पहुंचकर तीन दिवसीय नन्दा देवी लोकजात मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मां नंदा के दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणा भी की। मुख्यमंत्री घोषणा में नंदानगर, नारायणबगड़ और देवाल में खेल मैदान निर्माण, प्राणमती नदी के दोनों तटों पर सुरक्षा कार्य, थराली के ढाडरबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नंदा देवी लोकजात मेले को राजकीय मेला घोषित करने, नंदानगर चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक मेले हमें हमारी संस्कृति के साथ अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के पौराणिक मेलों को संरक्षण करते हुए नए आयामों को जोड़कर भव्यता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में युवाओं के भविष्य को देखते हुए पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर नकल विरोधी कानून बनाकर नकल पर प्रभावी रोक लगाई है, वहीं राज्य में भर्ती परीक्षाओं में नकल करवाने वाले 100 से अधिक दोषियों को जेल भेजने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्य प्रणाली का प्रतिफल है कि अब तक 16 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास का कार्य भी तीव्र गति से हो रहा है। जिसके कारण उत्तराखण्ड देश में सतत विकास में पहले पायदान पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशन में बद्रीनाथ और केदारनाथ का विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, मंदिर समिति अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, राकेश गौड़, मेला समिति अध्यक्ष रेखा देवी, प्रकाश गौड़, कृपाल सिंह, प्रमुख भारती फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्त नंदिता रावत, हरेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।

खिलाड़ियों के बीच आकर हमेशा उत्साह और ऊर्जा का होता है संचारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में 24 जुलाई से 28 जुलाई तक आयोजित होने वाली 22वीं उत्तराखण्ड राज्य जूनियर एवं सीनियर बैडमिंटन चैपियनशिप का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया ।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के बीच आकर उनमें हमेशा उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है। बैडमिंटन के क्षेत्र में उत्तराखंड, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रहा है। लक्ष्य सेन सहित कई खिलाड़ी बैडमिंटन में इतिहास रचते हुए देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्तमान समय में खेल के बेहतर अवसर एवं संसाधन मौजूद हैं। युवा अपने प्रयासों से निरंतर प्रयास करते रहें, जिससे उन्हें भविष्य में निश्चित ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा खेल के प्रति लगन और अनुशासन, जीवन में नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गये है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के शुभारंभ से खेल को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। ओलंपिक में भारत के अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग एवं सुविधाएं दी जा रही है। हर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों पर भारत के कदम निरंतर बढ़़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष आयोजित हो रहे पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा दल प्रतिभाग करने जा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेलो एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश भर में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन, खेल सामग्री का वितरण, आवासीय क्रीडा छात्रावास योजना के तहत खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा, चिकित्सा, भोजन की सुविधा दी जा रही है। ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर क्रमशः 2 करोड़, 1.5 करोड़ एवं 1 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत एवं कास्य पदक विजेताओं को क्रमशः 6 लाख, 4 लाख, 3 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लागू की गई है। इस वर्ष मेडल प्राप्त करने वाले 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के 3900 खिलाड़ियों को 1500 प्रति माह छात्रवृत्ति दी जा रही है। खेल छात्रावास में रहकर तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते को 175 से बढ़ाकर 225 कर दिया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिए 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया है। उत्तराखंड को आगामी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का अवसर मिला है। जो हमारे लिए बड़ा अवसर है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, यूएसबीए की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, सचिव बी.एस मनकोटी, राकेश डोभाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

रेल परियोजना कपंनी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंग में चट्टान गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई। इस मामले में स्वजन ने काम कर रही कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस ने निर्माण कंपनी के सात अधिकारी, कर्मचारी व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में वेद प्रकाश पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी ग्राम व पोस्ट तपोवन, थाना जोशीमठ, जिला चमोली गढ़वाल ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर दी। जिसमें कहा कि चचेरा भाई वेद प्रकाश निवासी ग्राम व पोस्ट- तपोवन थाना जोशीमठ जिला चमोली कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कौडियाला में पैकेज-3 में काम कर रही कंपनी नवयुगा में कार्यरत था।
आरोप है कि नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी कौडियाला में कार्यरत साईट इंजीनियर रंगनाथ, सेफ्टी अफसर मनोज पोखरियाल, पीआरओ रंजन भंडारी, टनल इंचार्ज नरेंद्र कुमार, सुपरवाईजर कमल, ठेकेदार जितेंद्र कुमार तोमर व एचआर भुवन चंद्र जोशी ने कौडियाला स्थित रेलवे प्रोजेक्ट पैकेज- तीन में लापरवाहीपूर्वक कार्य करवाते हुए चचेरे भाई कमलेश पंत (29 वर्ष) को 10 जून को सीधे टनल के फेस के अंदर भेज दिया। जिससे अचानक चट्टान गिरने पर भाई कमलेश पंत को गंभीर चोट आई।
उपचार के दौरान 13 जून को चचेरे भाई की मृत्यु हो गई। उसके साथी इमरान निवासी ग्राम मल्लीपुर सहारनपुर उत्तर प्रदेश व प्रमुख कंवर निवासी वसबेरवा पोस्ट पतगोडा थाना हंसडिहा दुमका झारखंड को भी गंभीर चोटें आई है। मुनिकीरेती थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि तहरीर के आधार पर सभी सात आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की विवेचना चौकी प्रभारी व्यासी उप निरीक्षक धनंजय कुमार को सौंपी गई है।

वन कर्मियों को तत्काल एयरलिफ्ट कर हल्द्वानी बेस अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश

बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि से 4 वनकर्मियों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने इस घटना में झुलसे चार अन्य वनकर्मियों को तत्काल हल्द्वानी बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट किये जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद हृदय विदारक है और दुःख की इस घड़ी में पूरी उत्तराखंड सरकार वनकर्मियों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने इस हादसे में झुलसकर घायल होने वाले चार वन्य कर्मियों को तत्काल हल्द्वानी बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। गंभीर घायलों को आवश्यकतानुसार उपचार हेतु हल्द्वानी से एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री धामी ने दिए। इसके साथ-साथ मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए की अनुग्रह धनराशि दिए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री धामी के द्वारा दिए गए।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने बताया कि घटना पर शासन पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार घायल कर्मियों को एयरलिफ्ट कर हल्द्वानी अस्पताल लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मृतकों का आज ही पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ।
विदित हो कि यह दुर्घटना आज दोपहर में 3.30 बजे के करीब बिनसर वन्यजीव विहार, अल्मोड़ा के सिविल सोयम वन प्रभाग में घटित हुई। बताया गया कि बोलेरो वाहन में 8 वनकर्मी सवार थे। वनाग्नि से बोलेरो वाहन में सवार 4 वन कर्मियों की आग में झुलसने से मृत्यु एवं 4 अन्य वन कर्मियों के आग से झुलसने से घायल होने की सूचना प्राप्त हुई।

राज्य में वित्तीय समावेशन को आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में एचडीएफसी बैंक के राजपुर गांव की 111वीं शाखा, युकाडा के विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं चार-धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित एटीएम का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया है, वह मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सामान्य जन सुविधाओं को पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आज राज्य में वित्तीय समावेशन को एक आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों की सराहना करते हुये कहा कि राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं, लेकिन हमें इस क्षेत्र में बुनियादी स्तर पर कार्य करने की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के तहत सुदूर गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में एचडीएफसी बैंक की वर्तमान में कई शाखाएं संचालित हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के निवासियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें एचडीएफसी बैंक लगातार सफल हो रहा है। यही नहीं एचडीएफसी बैंक पेपर लैस वर्क कल्चर को अधिक तरजीह देता है, जो डिजिटल तकनीक का विशिष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का निरन्तर प्रयास और संकल्प है कि प्रदेश के हर कोने और अन्तिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश जनधन खातों का महत्व देख व समझ रहा है तथा बैंक खातों की वजह से ही सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का आधा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है, जिसमें हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने एचडीएफसी बैंक द्वारा सरकार को दिये जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बैंक द्वारा जहां केदारनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी, वहीं जोशीमठ के सहायतार्थ भी आर्थिक मदद की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है तथा जब एचडीएफसी जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक अथवा अन्य बैंक जहां आदर्श स्थिति में खड़े हो सकते हैं, वह आदर्श स्थान, देवभूमि उत्तराखण्ड ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बैंकों सहित विभिन्न व्यवसायों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य मानकों में सुधार किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में एचडीएफसी ने जहां दो लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष भी 5 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड बकुल सिक्का, ब्रांच हेड अखिलेश कुमार राय ने बैंक के क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर सचिव वित्त, नागरिक उड्डयन सी0रवि शंकर सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने सीमान्त गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देने पर दिया जोर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के सीमान्त गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ ही कौशल विकास, आजीविका प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास पर अधिकाधिक फोकस करने की हिदायत सीमान्त जनपदों चमोली, उत्तरकाशी, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एव पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को दी है। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट किया है कि भवन आदि इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों के प्रस्ताव बनाकर मात्र औपचारिकताओं पूरा न समझे बल्कि प्रोजेक्ट्स के निरन्तर सफल संचालन तथा सस्टेनिबिलिटी हेतु कार्य करें। उन्होंने सीमान्त जनपदों में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषरूप से फोकस करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा भवन में बुधवार को मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम विकास कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना की राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी/राज्य स्तरीय एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जनपदों में संचालित हर योजना के आउटकम मॉनिटरिंग की सख्त नसीहत दी है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को महिला स्वयं सहायता समूहों हेतु संचालित सभी योजनाओं के तहत महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता को अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में उन्होंने बैंकों को भी पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सभी योजनाओं को व्यक्तिगत स्तर की अपेक्षा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत जिलाधिकारियों द्वारा प्रेषित प्रत्येक प्रस्ताव, प्रोजेक्ट या योजना में कितने रोजगार सृजित होंगे, इसकी जानकारी भी देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्थानीय अन्न मंडुआ, झंगोरा जैसे मिलेट्स की खेती का अधिकाधिक विस्तार तथा इनका बड़े स्तर पर उत्पादन की ठोस कार्ययोजना पर गम्भीरता से कार्य करने निर्देश दिए हैं। सीएस ने इस सम्बन्ध में कलस्टर अप्रोच के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को विभिन्न योजनाओं की डुप्लीकेसी के प्रति भी सतर्क किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं को भलीभांति परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि दो योजनाएं एक दूसरे को आच्छादित न करें। सीएस ने वाइब्रेंट विलेजस में आईटीबीपी तथा आर्मी द्वारा लोकल प्रिक्योरमेंट को अपनाया जाए, इस दिशा में प्रयास के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मनुज गोयल, रंजना राजगुरू सहित ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सीमान्त जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।