मार्च से राज्य में एलाइन्य एयर के साथ एमओयू के बाद शुरू होंगी हवाई सेवाएंः राधा रतूड़ी


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग तथा एलाइन्स एयर के साथ राज्य में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार की एयर कनेक्टिविटी स्कीम लॉच की जाएगी। इस सम्बन्ध में एलाइन्स एयर के साथ एक एमओयू किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा वीजीएफ स्पोर्ट मॉडल के माध्यम से आरम्भ में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर फिक्सड वीजीएफ मॉडल पर वाराणसी -पंतनगर- वाराणसी तथा पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर एयर कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही ब्वेज डपदने त्मअमदनम डवकमस के आधार पर अमृतसर-देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-देहरादून तथा देहरादून-अयोध्या-देहरादून रूट्स पर एयर कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी। इन रूट्स पर 70 सीटर प्लेन आई ई 72 की सेवाएं ली जाएगी। यह हवाई सेवा मार्च के पहले सप्ताह में आरम्भ हो जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन राज्य होने के कारण प्रदेश में मजबूत एयर कनेक्टिविटी तथा हवाई सेवाओं में सुधार होना आवश्यक है। बेहतर हवाई सेवाओं के कारण राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों को अधिक से अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा आपात स्थितियों में स्थानीय लोग भी लाभान्वित होंगे।
बैठक में अपर सचिव सी रविशंकर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यसभा में निर्विरोध सांसद चुने जाने पर सीएम ने दी महेंद्र भट्ट को शुभकामना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट को राज्यसभा के सदस्य सम्यक रूप से निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महेन्द्र भट्ट के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने से केंद्र सरकार के स्तर पर राज्य के विकास से जुड़े विषयों के क्रियान्वयन में और अधिक तेजी आएगी।

लोकसभा निर्वाचन को लेकर मुख्य सचिव ने जानी तैयारियां

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी लोकसभा निर्वाचन के दृष्टिगत शिक्षा एवं सम्बन्धित विभागों को राज्य में सभी 11729 पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं हेतु पेयजल एवं शौचालय, बिजली, पर्याप्त फर्नीचर, शेड तथा दिव्यांगजनों तथा बुजर्ग मतदाताओं के लिए रैम्प, व्हील चेयर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन ड्यूटी में लगे कार्मिकों की स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याओं तथा आकस्मिक चिकित्सा उपचार की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने एक एयर एम्बुलेंस, केशलेस उपचार की व्यवस्था, मेडिकल किट्स की उपलब्धता आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार हमें केजुअल्टी फ्री इलेक्शन 2024 के विजन के साथ कार्य करना है। मुख्य सचिव ने सभी निर्वाचन कार्मिकों की हेल्थ स्क्रीनिंग करवाने एवं जिला स्तरीय मेडिकल कमेटी के माध्यम से इस सम्बन्ध में मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए।

आबकारी विभाग को विशेषरूप से निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अवैध शराब की जमाखोरी तथा तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए पुलिस तथा आबकारी का जॉइन्ट ऑपरेशन चलाने, शराब की उत्पादन ईकाइयो, गोदामों तथा लाइसेन्स वाली दुकानों की सीसीटीवी से निगरानी करने, अर्न्तराज्यीय सीमाओं पर चेक पोस्ट एवं कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी चेक पोस्ट की भी सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने विभाग में राज्य स्तर, जिला स्तर तथा ब्लॉक स्तर पर निर्वाचन नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कार्मिकों, निर्वाचन की ड्यूटी में लगे कार्मिकों, पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट या ईडीसी के माध्यम से मतदान हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में कुल 189000 सरकारी कार्मिक, 5700 होम गार्ड्स, 9487 पीआरडी कर्मी तथा लगभग 25000 उपनल कार्मिकों मिलाकर कुल 229187 मतदाता हैं। यदि शत् प्रतिशत कार्मिक अपने मतदान का प्रयोग करते हैं तो मतदान प्रतिशत में 2.78 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं कार्यालयों को अपने शत् प्रतिशत कार्मिकों को मतदान की शपथ दिलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को सभी जिलों में सर्विस वोटर्स की लिस्ट अपडेट करने तथा सर्विस वोटर्स के शत् प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को सभी श्रमिकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मियों का मतदान सुनिश्चित करने के लिए फैक्ट्री एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई, एडीजी एपी अंशुमान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरूषोतम सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने काठगोदाम-अमृतसर के बीच ट्रेन संचालन को मंजूरी मिलने पर पीएम का जताया आभार

काठगोदाम रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन के लिए ट्रेन संचालन को रेल मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस रेल के चलने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 2 दिसंबर 2023 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर काठगोदाम से अमृतसर के मध्य सीधी रेल सेवा के संचालन का अनुरोध किया था।

अब, रेल मंत्रालय ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए काठगोदाम-अमृतसर के मध्य ट्रेन संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है नयी ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।

हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएंः धामी

मुख्यमंत्री ने चंपावत से वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। उन्होंने कहा कि सुमित पेशे से एक इंजीनियर हैं और स्नेहा एक मार्केटिंग पेशेवर हैं। देवभूमि से होने के कारण, दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती और उनके पहलुओं से संबंधित विकल्पों पर विचार कर हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।

हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी, पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदकर इनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई करते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद ’चुरपी’ और ’घी’ की अधिक डिमांड है। क्योंकि चुरपी गाय के दूध से बना एक विशेष कठोर पनीर है और दोनों ने उत्तराखंड में इसके उत्पादन का बीड़ा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार और जिला प्रशासन की मदद से दोनों को बागवानी कोल्ड स्टोर लीज पर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं हमारी सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएं। इसके लिए हमें चाहिए कि चंपावत के जो भी उत्पाद हैं, वो सभी आदर्श होने चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवनीत पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा आदि उपस्थित रहे।

सीएस ने किया सचिवालय कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक बस का शुभारंभ

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय के कार्मिकों के लिए सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम से सचिवालय के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारम्भ किया। इस बस सेवा के माध्यम से नियमित रूप से सुबह कार्यालय समय पर सचिवालय के कार्मिकों को सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम से सुभाष रोड सचिवालय तथा शाम को सचिवालय से सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम के लिए यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर सचिवालय कार्मिकों को बधाई देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि सचिवालय कार्मिकों के लिए इस इलेक्ट्रिक बस सेवा के संचालन से कार्मिक लाभान्वित होंगे तथा साथ ही देहरादून की ट्रैफिक समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक समस्या के समाधान तथा पर्यावरण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लोगों की सुविधाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी तथा सचिवालय के विभिन्न अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।

युवा मुख्यमंत्री धामी सौर स्वरोजगार योजना में दिखा रहे बेहद दिलचस्पी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनने का संकल्प सिद्ध होता हुआ नजर आ रहा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बेहद सफल साबित हो रही है। बड़ी बात यह है कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक 20 से लेकर 200 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश के युवा खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर 13 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) को संशोधित का किया गया। इसके बाद प्रदेश में 20 / 25/ 50 /100 और 200 किलोवाट के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पोर्टल msy.uk.gov.in पर 839 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें 297 आवेदनों के LOI भी जारी की जा चुकी है।

पूर्ववर्ती MSSY योजना में 3.43 मेगावाट स्थापित क्षमता ₹13.6 करोड़ के अनुमानित निवेश की तुलना में मॉडिफाइड MSSY योजना में 839 आवेदनों में से 297 संख्या ,संचयी क्षमता 44.94 MWp के एलओए, अब तक जारी किए जा चुके हैं, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर के साथ-साथ लगभग ₹224 करोड़ के निवेश के अवसर पैदा होंगे।

नई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 44.94 मेगावाट की स्थापना के बाद प्रदेशवासियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर Net Zero लक्ष्य प्राप्त करने के अधिक अवसर पैदा होंगे। मॉडिफाइड MSSY योजना में उत्तराखंड के निवासी उत्सुकता से आवेदन कर रहे हैं और आवंटन प्रक्रिया 246 MWp संचयी लक्ष्य उपलब्धि तक जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन के साथ ही ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

पंजीकृत श्रमिकों को प्रदान किए जाने हैं कंबल व अन्य सामान

’अंत्योदय’ की भावना के साथ आगे बढ़ रही उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में पंजीकृत श्रमिकों के लिए 3 लाख कंबल वितरण का जो लक्ष्य तय किया है, उस दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 31 जनवरी 2024 को सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क के समीप उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण कर पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण व अन्य सामान वितरण के अभियान की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी 03 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को कंबल वितरण किया जाए।

इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा श्रम विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की ओर से 16 फरवरी 2024 को सभी प्रदेश के समस्त जिलों में कैंपों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के नियंत्रण में पंजीकरण निर्माण श्रमिकों को लगभग 25,000 कंबल, छाता तथा 15,000 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। इसी के साथ लगभग 25,000 श्रमिकों का फ्री हेल्थ चेकअप भी किया गया। अवगत कराया गया है कि यह कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेगा और उक्त लाभ सभी पंजीकृत श्रमिकों को प्रदान किए जाएंगे।

अच्छी खबरः चंपावत के आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ की बड़ी उपलब्धि, उत्तराखंड को पहली बार मिला एनक्यूएएस नेशनल सर्टिफिकेशन पुरस्कार

देहरादून। राज्य के चंपावत जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ को स्वास्थ्य सेवा में बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आष्वासन मानक (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन दिया गया है। उत्तराखंड के किसी स्वास्थ्य केंद्र को पहली बार यह पुरस्कार मिला है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए गैरीगोठ टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेष के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनके मुताबिक प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।

हर मानकों पर फिट रहा केंद्र
राष्ट्रीय गुणवत्ता आष्वासन मानक के तहत गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात की देखभाल, किशोर अवस्था के दौरान स्वास्थ की देखभाल गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएँ और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ, संचारी रोगों का प्रबंधनः राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन और गंभीर साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए सामान्य बाहा रोगी देखभाल, गैर-संचारी रोगों और टीबी और कुष्ठ रोग जैसी पुरानी संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, सामान्य नेत्र एवं ईएनटी समस्याओं की देखभाल आदि मानक तय किये जाते हैं। इनके आधार पर ही एनक्यूएएस सर्टिफिकेषन किया जाता है।

02 लाख 16 हजार की मिलेगी धनराशि
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया ने कहा राष्ट्रीय गुणवत्ता अस्वाशन मानकों को प्राप्त करने के लिए विगत 01 वर्ष से प्रयास किया जा रहा था। औषधियों की कमी, उपकरणों, लैब जाँच की सुविधा न होना, प्रषिक्षण, बजट की आपूर्ति इत्यादि। जिसके लिए समय-समय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया ने कहा इसके साथ ही प्रषिक्षण हेतु राज्य स्तर एवं रीजनल कुमांऊ मंडल रुपेश मंमगाईं द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। आयुष्मान आरोग्य मन्दिर गदिगोठ से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संजय सामंत एवं उनकी पूरी टीम ए०एन०एम०, आशाओं के भरकस प्रयत्नों के उपरान्त ही राष्ट्रीय गुणवत्ता अस्वाशन मानकों का प्रमाणीकरण की अहर्ता प्राप्त की गयी है। जिसका उद्देश्य आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना जिससे जन समुदाय को निम्नांकित प्रकार की गुणवत्ता युक्त सेवाओं का लाभ मिल सके। स्टेट क़्वालिटी नोडल ऑफिसर- Quality Assurance Program डॉक्टर मुकेश राय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीकोठ को दो लाख सौलह हजार की धनराशि से सम्मानित किया जायेगा। जनमानस को गुणवत्तापूर्व इलाज देने के लिये राज्य निरंतर प्रयारत है।

गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर पर फोकस
स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेष कुमार ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। राज्य के सभी अस्पतालों में बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता में वृद्धि तथा गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर की बढ़ती मांग के चलते हमें निरंतर बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र का भी सहयोग ले रहे हैं। सरकार व निजी क्षेत्र के सम्मिलित प्रयासों से हम हर क्षेत्र तक स्तरीय हेल्थकेयर सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जन-समुदाय के जीवन की गुणवत्ता को भी सुधार करने को प्रयासरत हैं। राज्य सरकार ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज, हर्रावाला देहरादून स्थित 300 बेड के सुपर स्पेशलिटी कैंसर अस्पताल, मोतीनगर हल्द्वानी स्थित 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, हरिद्वार स्थित 200 बेड के एमसीएच सेंटर को लीज-ऑन एंड ट्रांसफर मॉडल पर निजी क्षेत्र के सहयोग से संचालित करने का निश्चय किया है।

गौरतलब है कि क्यालिटी एश्योरेंस मानकों के तहत चिकित्सा इकाइयों को गुणवत्ता एवं उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य स्तर से निरंतर सहयोग प्रदान किया जाता है। जिला क्वालिटी एश्योरेंस टीम एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर गैरीगोठ की टीम के फैसीलिटीइंचार्ज, नर्सिंग टीम एवं हाउसकीपिंग टीम ने यह सर्टिफिकेषन प्राप्त करने में अहम योगदान दिया है।

हल्द्वानी अतिक्रमण विवादः डीएम वंदना को कट्टरपंथियों से ट्रोलिंग, जनता ने किया समर्थन

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जिलाधिकारी वंदना सिंह सोशल मीडिया पर चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। कुछ कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करवा रहे थे और उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चला रहे थे।

अब्दुल मलिक पर कार्रवाई का नतीजा?

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कट्टरपंथियों ने डीएम वंदना के खिलाफ “#अरेस्ट_वंदना_सिंह” ट्रेंड चलाया। उन पर आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक रंग दिया गया। सोशल मीडिया ट्रेंड के विश्लेषण से पता चला कि इसमें ज्यादातर एक समुदाय विशेष के कट्टरपंथी समूह शामिल थे।

कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस और झूठा माहौल

इसी कट्टरपंथी मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों ने दिल्ली प्रेस क्लब में डीएम के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये लोग कभी बनभूलपुरा गए ही नहीं थे, लेकिन वहां से एक वीडियो के आधार पर वंदना सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। यही गिरोह अक्सर लोगों को भड़काने के लिए जाना जाता है।

सच सामने आया, मिला जनता का विश्वास

लेकिन सच छिपाए नहीं छिपता। जैसे ही सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया साईट एक्स पर “#isupportdmvandana” ट्रेंड शीर्ष पर चला गया। राष्ट्रीय मीडिया में भी डीएम वंदना की चर्चा होने लगी। शायद उत्तराखंड में पहली बार किसी डीएम ने इतनी ख्याति प्राप्त की, उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा सपोर्ट और फॉलो किया जा रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अराजक तत्वों पर सम्पूर्ण नारी शक्ति का तमाचा है।

सरकार का समर्थन, डीएम की निष्ठा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम में डीएम का समर्थन किया, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपना कर्तव्य पूरा कर सकीं। डीएम वंदना ने साबित किया कि अगर आप सत्य के साथ खड़े हों तो कोई ताकत आपको झुका नहीं सकती। उन्होंने सरकार और सीएम धामी को हर परिस्थिति में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया।