मुख्यमंत्री आवास में सीएम ने किया ध्वजारोहण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 72वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, कार्मिकों एवं पुलिस के जवानों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रदेश वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। स्वतंत्रता आन्दोलन में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले एवं देश की एकता एवं अखण्डता के लिए कार्य करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने उनको श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत गणतंत्र बनकर उभरा है। आज दुनिया की नजर भारत पर है। भारत में वसुधैव कुटुम्बकम की सोच है। आज भारतीय अपनी पहचान के साथ दुनिया में जाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद भी देश एव प्रदेश में कोविड काफी नियंत्रण में है। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत कम समय में कोरोना वैक्सीन तैयार की है। भारत कोविड पर पूर्ण नियंत्रण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परेड ग्राउण्ड देहरादून में गणतंत्र दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

हरिपुरकलां में टूटा संपर्क मार्ग, कांग्रेस के साथ ग्रामीणों ने दिया सांकेतिक धरना


हरिपुरकलां में राष्ट्रीय राजमार्ग से सम्पर्क टूटने पर हरिपुरकलां वासियों ने मोतीचूर में कांग्रेस नेता व समाजसेवी प्रेमकिशोर जुगलान के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया। इसमें पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने भी सम्मिलित होकर समर्थन दिया। वहीं शाम को पूर्व मंत्री की फोन पर वार्ता हुई, इसके बाद एनएच अधिकारी एके मित्तल, रजनीश, रमेश चन्द्र उप्रेती ने मौके पर पहुँच कर समस्या का समाधान जल्द करने की बात कही।

पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि क्षेत्र का विकास होना चाहिये परन्तु विकास के नाम पर आमजन के हितों का भी ध्यान रखना चाहिये। आज ये फ्लाइओवर पूर्ण हो गया लेकिन हरिपुरकलां के लोगों के घरों का सम्पर्क पूर्ण रूप से काट दिया गया जोकि सही नहीं है, अधिकारियों ने मौक़े पर समाधान बताया जिसकी समीक्षा ग्रामसभा के लोगों के साथ बैठकर की जायेगी।

एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि बड़े ही शर्म की बात है जहॉं प्रधानमंत्री से लेकर प्रधान तक बीजेपी के हैं वहाँ आज अपने अधिकारों के लिये लोगों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है जहॉं एक ओर विकास के नाम पर रोड़ों को सुचारू बनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर बड़ी आबादी के गाँव को अलग थलग किया जा रहा है जो कि निंदनीय है हम इसका विरोध करते हैं और सरकार से माँग करते हैं कि हरिपुरकलां के लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाय अन्यथा बड़ा आंदोलन होगा ।

प्रेम किशोर जुगलान ने कहा कि लगातार ग्रामीण माँग करते आ रहे हैं कि गाँव का ध्यान रखते हुऐ राष्ट्रीय राजमार्ग के फ्लाइओवर का निर्माण होना चाहिये और जनप्रतिनिधि भी आश्वासन देते रहे कि हरिपुरकलां को राजमार्ग से अलग नहीं किया जायेगा परन्तु आज काम पूरा हो चुका है और हरिपुरकलां के लिये लोगों को पहले हरिद्वार जाना होगा फिर हरिपुरकलां आना पड़ेगा जोकि न्यायोचित नहीं है जल्द ही हरिपुरकलां के लोगों को लेकर कर एक संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन किया जायेगा।

मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बर्फ सिंह पोखरियाल, महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, जितेन्द्र त्यागी, राजेश दास, राजेश कुमार, राम स्वरूप, सोहनलाल बैलवाल, तुषार कपिल प्रदेश प्रवक्ता उत्तराखंड युवा कांग्रेस, प्रेम किशोर जुगलान, अनिल शर्मा, विक्रांत राणा, आशा सिंह चैहान, दीप चन्द्र कुकरेती, गुजराल असवाल, मुन्ना असवाल, श्याम कश्यप, गोलू शर्मा, मेहुल शर्मा, दिलप्रीत, गोपाल गिरी, शानू आदि मौजूद थे।

किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 63 मकान मालिकों के कटे चालान

सावधान! यदि आप मकान मालिक है, और आपने किरायदारों का सत्यापन अभी तक नहीं कराया है, तो पुलिस जल्द ही आपके घर पहुंचकर चालान कर सकती है। समय रहते किरायदारों का सत्यापन करवा लें। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने आज 63 मकान मालिकों का सत्यापन न कराने पर छह लाख, तीस हजार रुपये का जुर्माना किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने व अपराधियों की धरपकड़ के लिए किरायेदारों के सत्यापन कराने व सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आज श्यामपुर चैकी क्षेत्र के गुमानीवाला, मनसा देवी, रुषा फार्म, अमित ग्राम में सत्यापन किया गया। पुलिस की चार टीमों ने 326 सत्यापन किए। 63 ऐसे भी थे जो सत्यापन नहीं करवाना चाहते थे। उनका चालान कर छह लाख तीस हजार रूपये वसूल किए गए।

बाल सदन के जरिए एक दिन की सीएम सृष्टि गोस्वामी ने चलाई सरकार


राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज दिखी। बाल सदन के जरिये सरकार भी चलायी और कई विभागों की समीक्षा की। वाकपटु व हाजिरजवाब सीएम सृष्टि ने अपनी बौद्धिकता से भी दिल जीता।

उत्त्तराखण्ड की विधानसभा में रविवार को सीएम सृष्टि ने हनक और बेलौस अंदाज में एक दिन पूरी सरकार चलाई। दोपहर 12 बजे से सीएम ने अपने एजेंडे को मूर्त रूप देते हुए शाम को पत्रकारों को ब्रीफ भी किया।
बतौर ‘मुख्यमन्त्री’ सृष्टि ने कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के बाबत डीजीपी को ‘निर्देश” दिए। इसके अलावा नशे की बढ़ती प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में किसी भी नशायुक्त सामग्री के बेचने पर पाबंदी भी लगाई।

सीएम की भूमिका निभाने के बाद सृष्टि ने पत्रकारों के सवालों के सधे जवाब दिये। कहा कि उन्हें आज नायक फिल्म की याद आयी। लेकिन वो फिल्म थी जबकि यह हकीकत है। विभागीय समीक्षा के बाबत पूछे गये सवाल के जवाब में मनोनीत सीएम सृष्टि ने कहा कि कुछ काम ठीक हो रहे हैं।
सीएम की अध्यक्षता में विधान सभा में बाल विधायक सदन का आयोजन किया गया। बाल सदन में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी और 13 विभागों ने अपना विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।

विभागीय समीक्षा और प्रस्तुतिकरण से पूर्व मनोनीत मुख्यमंत्री की अनुमति से बाल सदन का आयोजन किया गया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन ने सदन में सरकार के समक्ष प्रश्न उठाये। जिनका मनोनित मुख्यमंत्री तथा उनकी अनुमति से अन्य मंत्री और बाल विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के सवालों का क्रमवार उत्तर दिया गया ।

इसके पश्चात बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करते हुए महिला, बच्चों, दिव्यंगजनों, निराश्रितों आदि के हित में सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनओं तथा उनके कल्याण के लिए उठाये गये कदम की जानकारी दी। इस दौरान महिला व बच्चों से सबन्धित अपराध तथा उनका उन्मूलन तथा महिला एवं बच्चों के समुचित विकास के लिए उठाये गये कदमों की बात कही।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में किये जा रहे पुल, सडक, तथा अन्य सम्पर्क निर्माण कार्यो से अवगत कराया। सिंचाई विभाग द्वारा सूर्याधार झील तथा अन्य संचालित व निर्मित्त की जा रही परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। पुलिस विभाग द्वारा अपराधों की प्रकृति तथा उनके उन्मूलन हेतु उठाये गये प्रयासों तथा अभिनव स्टेप्स से अवगत कराया। उन्होने बाल अपराध की रोकथाम, साईब्रर क्राईम रोकथाम, नशा मुक्ति अभियान, आपरेशन सत्य, तथा बाल तस्करी मुक्ति हेतु आपरेशन स्माईल के उदाहरण प्रस्तुत किये।

इसके अतिरिक्त उद्योग, उरेडा, स्मार्ट सिटी, शिक्षा, आदि विभागो ने भी विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।
इस दौरान मा. उच्च शिक्षा मंत्री (आज के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि) ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन से बालिकाओं के आत्म विश्वास में वृद्धि होती है साथ ही सरकार की कार्यशैली तथा उनकी विशिष्ट प्रक्रियाओं से व्यवहारिक रूप मे अवगत होने का भी अवसर प्राप्त होता है।

मनोनीत मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी द्वारा इस दौरान सदन में महिला एवं बाल संरक्षण तथा विभिन्न विकास कार्यो के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। उन्होने बालिकाओं को विद्यालय आने जाने के लिए वाहनों में सुरक्षित माहौल बनाने, धरेलू हिंसा, नशाखोरी और बाल अपराधों पर लगाम लगाने तथा महिलाओं को सूरक्षित, सहज और सर्व स्वीकार्य वतावरण बनने के सुझाव दिये।

बाल विधायकों में मनोनीत मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष के अलावा मनोनीत गृह मंत्री कुमकुम पन्त, जान्हवी, हरेन्द्र, चिराग, मानसी, ऋतिका आदि ने समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमंती उषा नेगी ने भी अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालिकाओं व बच्चों को इस तरह के बाल सदन में अवसर देने पर उनको जीवन में और आगे बढने और कुछ करने की प्रेरणा मिलती है साथ ही शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी ज्ञान होता है।

बाल विकास में अपर सचिव झरना कमठान ने बाल सदन का विधिवत समापन किया।

बाल मुख्यमंत्री का बनना बालिकाओं का सम्मान- त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राज्य विधानसभा में बाल विधायक सदन में बालिका सुश्री सृष्टि गोस्वामी को एक दिन की बाल मुख्यमंत्री मनोनीत कर बाल सदन की कार्यवाही का आयोजन किया जाना प्रदेश की बालिकाओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने में भी मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के बालक कल के नागरिक हैं। हमारे ये भावी कर्णधार देश को बेहतर दिशा की ओर ले जायें इसके लिये आवश्यक है कि इन्हें सम-सामयिक विषयों के साथ ही विधायिका के स्तर पर होने वाले कार्यों की जानकारी रहे। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन की भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां आगे बढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी कामयाबी का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बाल सदन द्वारा एक दिन के लिये मनोनीत मुख्यमंत्री सुश्री सृष्टि गोस्वामी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया है।

फाइनेंसर व भाजपा नेता के पिता के मर्डर केस में एसएसपी देहरादून ने किया खुलासा


आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के कार्यालय पर राजकुमार गुप्ता मर्डर केस को लेकर प्रेस वार्ता की गई। एसएसपी डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने आरोपियों की पहचान सुरेश चैधरी पुत्र स्वर्गीय मुंशी राम निवासी ग्राम गुरदासपुर थाना स्योहारा बिजनौर हाल निवासी सुमन विहार बापू ग्राम आईडीपीएल के रूप में कराई जबकि इसके दो अन्य साथी इंद्रपाल सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जयपाल सिंह हाल निवासी छाबरा फार्म मनसा देवी श्यामपुर ऋषिकेश व राजकुमार पुत्र स्वर्गीय बाबूराम निवासी शक्तिनगर चक्कर रोड कोतवाली शहर जिला बिजनौर के रूप में कराई।

क्या था मामला
बीते 15 जनवरी को भाजपा नेता रूपेश गुप्ता ने अपने पिता फाइनेंसर राजकुमार गुप्ता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में करीब 100 से अधिक नंबरों की कॉल डिटेल व 55 सीसीटीवी फुटेज खगाली। जिसमें मृतक के साथ जाते आरोपियों को देखा गया।

कैसे दिया घटना को अंजाम
15 जनवरी की रात को आरोपियों ने मृतक को स्मृति वन के जंगल में ले जाकर रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी। 16 जनवरी की सुबह 3रू30 बजे एक वाहन में रखकर श्यामपुर के कच्चे रास्ते से होते हुए मंडावर बिजनौर ले गए यहां सुनसान इलाका इनाम पुर रजवाड़े के किनारे पेट्रोल डालकर जला दिया। बिजनौर उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक आध जला शव बरामद हुआ उस दौरान शव की शिनाख्त नहीं हो पाई इसके चलते 19 जनवरी को यूपी पुलिस ने मृतक का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से कर दिया।

घटना में उपयुक्त सामानों का विवरण
एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि घटना में प्रयुक्त वाहन, गुमशुदा की स्कूटी, हत्या करने के बाद शव को जलाने के लिए पेट्रोल में प्रयोग की गई प्लास्टिक की बोतल तथा शव को छिपाने के लिए प्रयोग में लाई गई काली पन्नी बरामद की है।

सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर की सक्रियता से युवाओं की समस्याओं का हो रहा निराकरण

मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर नितिन सिंह रावत इन दिनों लगातार युवाओं से सपंर्क कर संवाद स्थापित कर रहे है। दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका निराकरण करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना उनके दिनचर्या का हिस्सा है। अपने दैनिक कार्यक्रमों में से वह प्रतिदिन मुख्यमंत्री की विधानसभा के क्षेत्रों में युवाओं से संपर्क कर एक टीम का गठन भी कर रहे है। इस दौरान युवाओं से संवाद कर सरकार के कार्यों की चर्चा और उन्हें बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सरकार और क्षेत्र के लोगों के बीच पुल का माध्यम बनकर कार्य कर रहे है।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर नितिन रावत आज डोईवाला विधानसभा के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र इठारना पहुंचे। यहां नव युवक मंगल दल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

खास बात यह रही कि इठारना गांव के साथ ही मतसी, केमट, मानकी, गोनेन्ड क्षेत्र के युवा यहां पहुंचे थे। नितिन रावत ने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो और युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की युवाओं को जानकारी दी। उन्होंने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को धरातल पर परखा। युवाओं ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में मुख्यमंत्री के द्वारा कई कार्य किये जा रहे है। क्षेत्र की जनता भी उनके कार्यों से सतुंष्ठ है।
गौरतलब है कि नितिन रावत मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया के अलावा उनके क्षेत्र के कार्यों का भी संपादन करते है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले नितिन रावत ईमानदार कार्यप्रणाली और साफ छवि के युवा है। माना जाता है कि मुख्यमंत्री तक क्षेत्र की समस्या पहुंचना और सही जानकारी देने से मुख्यमंत्री को काफी मदद मिलती है।
इस अवसर पर बालावाला, शमशेर गढ़ और आगरखाल के युवाओं की टीम ने भी उनसे मुलाकात की और अपने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस मौके पर राजीव रावत, मोंटी रावत, सोहन, मोहन, दिनेश, मयंक, रश्मि नेगी, ज्योति सहित सैकंड़ों की संख्या में युवा मौजूद रहे।

सीएम ने किया पुरकुल गांव में राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुरकुल गांव में भारतीय सेना के जज्बे, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों व अर्द्ध सैनिक बलों की विधवाओं, आश्रितों को एकमुश्त 10 लाख रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 15 लाख रूपये किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने उपनल के मुख्यालय का शिलान्यास भी किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस को ‘‘पराक्रम दिवस’’ के रूप में मनाये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पंचम धाम के रूप में आज सैन्यधाम का शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब सैन्यधाम को पंचम धाम की संज्ञा दी गई उसके बाद इस दिशा में तेजी से प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि यह सैन्यधाम जीवंत और जागृत हो। यहां कोई भी आये तो उसको इसकी वास्तविकता की पूर्ण अनुभूति हो। जो लोग यहां आयेंगे इस सैन्यधाम की मिट्टी पर पैर रखें तो उन्हें इससे प्रेरणा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि भविष्य में उत्तराखण्ड में सरकार का शपथ ग्रहण इस शहीद स्थल (सैन्यधाम) में हो। प्रदेश की राजधानी में अन्य देशों एवं अन्य राज्यों से कोई देहरादून आते हैं तो सैन्यधाम में जरूर आयें। उन्होंने कहा कि राज्य के शहीदों के गांवों की मिट्टी और शिला इस सैन्यधाम में आनी चाहिए। राज्य की प्रमुख नदियों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों की मिट्टी सैन्यधाम में आये। गढ़वाल राइफल, कुमायूं रेजीमेंट और गोरखा रेजीमेंट में दुश्मनों के दांत खट्टे करने की ताकत एवं पहचान हैं। हमारे सैनिकों की प्रेरणा देशवासियों को प्रेरित करती रहे यह परिकल्पना सैन्यधाम के पीछे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि और वीरभूमि है। जब भी देश को जरूरत पड़ी हमारे जवानों ने देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ अर्पित कर दिया और पूरी बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारे शहीद सैनिकों के घरों में यदि उनकी कोई निशानी हो तो उनके संरक्षण के लिए सैन्यधाम में एक संग्रहालय बनाया जायेगा। लोगों को प्रेरित करने वाली अनेक स्मृतियां यहां पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए यहां पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। यहां पर एडवेंचर एवं उससे संबंधित गतिविधियां कर सकते हैं। देहरादून में इस भव्य सैन्यधाम को बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किये जायेंगे। विशेषज्ञ समिति इन सभी सुझावों को देखेगी, जो सुझाव सही लगेंगे। अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण को सभी लोग अपने सुझाव भेज सकते हैं।
विधायक गणेज जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर अपर मुख्य सचिव और जिला स्तर अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तैनात किया है। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों व अर्ध सैनिकों के एक परिजन को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था की है। सचिवालय में प्रवेश के लिए सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अलग से प्रवेश पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने आईकार्ड से ही सचिवालय में प्रवेश कर सकते हैं। वीरता पदक प्राप्तकर्ता सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली वार्षिकी राशि 30 वर्ष के स्थान पर अब आजीवन दिये जाने की व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार की सेवाओं में समूह ‘ग’ की रिक्तियों में 5 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य किया गया हैं।

मुख्यमंत्री ने नेताजी के जन्म दिवस पर छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रूपये की धनराशि का चेक दिया गया। राज्य स्तर पर निबंध प्रतियोगिता में डी.डब्ल्यू.टी कॉलेज की बीएड की छात्रा सौम्या ने प्रथम, डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र उज्जवल शर्मा ने द्वितीय एवं बाल गंगा महाविद्यालय सैन्दूल कैमर की छात्रा अंजलि मंमगाई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘‘ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस युवाओं की प्रेरणा’’ विषय पर राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून के श्री गौतम खट्टर ने प्रथम, अल्मोड़ा की हिमानी दुर्गापाल ने द्वितीय एवं नैनीताल के रोहित सिंह रावत एवं हरिद्वार की कुमारी अक्षी गौड़ ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में युवा आयोग का गठन किया जायेगा, ताकि हमारे युवा क्या सोचते हैं, अपने लक्ष्यों को पूरा करने की उनकी क्या आकांक्षायें हैं। इसका स्पष्ट रोड मेप तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि आज के युवा हर क्षेत्र में अपडेट हैं वे अपनी आकांक्षाओं को पूर्ण कर स्वयं के भाग्य विधाता बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जो वीर गाथायें तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है उसे हमारे विश्वविद्यालयों को आगे बढ़ाना होगा ताकि हमारी भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़े तथा देश व दुनिया को भी इसकी जानकारी हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने उन्हें जो सम्मान दिया है वह सराहनीय है। वे सच्चे अर्थों में देश के सच्चे सपूत थे। इसी प्रकार स्वामी विवेकानन्द ने तमाम देशों का भ्रमण कर लोगों को भारत की संस्कृति से परिचित कराया। अमेरिका में उनका सम्बोधन भारत की वैश्विक सांस्कृतिक एकता की पहचान बना। वे सच्चे अर्थों में हमारे सांस्कृतिक गुरू थे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस से 23 जनवरी तक युवा चेतना और ऊर्जा में नवीन प्रवाह गतिमान करने के उद्देश्य से युवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इसमें उच्च शिक्षा विभाग एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। ’’स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य में प्रासंगिकता’’ विषय पर राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल 5229 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस पखवाड़े में 1005 रक्तदाताओं द्वारा 545 यूनिट रक्तदान किया गया।
मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने सनातन धर्म की संस्कृति एवं उच्च आदर्शों का परिचय विश्वभर में कराया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का व्यापक स्तर पर प्रसार किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने राष्ट्र को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनमें साम्प्रदायिक एकता एवं सबको साथ लेकर चलने की भावना थी।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधू सिंह बिष्ट ने अपने विचार व्यक्त किये। स्वामी नरसिम्हानन्द ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन एवं प्रो. संजय कुमार ने सुभाष चन्द्र बोस के जीवन दर्शन के बारे में जानकारी दी।

त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में 108 सेवा को 132 नई एंबुलेंस से मिलेगी संजीवनी

राज्य में संचालित 108 इमरजेंसी सेवा की अहमियत को त्रिवेंद्र सरकार बखूबी समझ रही है। यही वजह रही कि 108 सेवा के बेड़े को विस्तार देने में राज्य सरकार ने देर नहीं लगाई। 108 सेवा के बेड़े में 132 नई एंबुलेंस शामिल करने पर राज्य कैबिनेट की मुहर इसी ओर इशारा कर रही है।
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में दशक भर पहले 108 इमरजेंसी सेवा का सफर शुरू हुआ था। अपनी शुरूआत से ही इस सेवा ने आम उत्तराखंडी के दिलों-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी है। खासतौर से पर्वतीय जिलों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। बीते वर्षों में 108 इमरजेंसी सेवा की एंबुलेंसों में हजारों नौनिहालों की किलकारियां गूंजी तो हजारों-लाखों घायलों को अस्पतालों तक उपचार के लिए पहुंचाया गया। यहां तक की पहाड़ के दूरस्थ गांवों में अगर कोई गंभीर बीमार हो जाता तो उसे बस यही इंतजार रहता कि किसी तरह रोड हेड तक 108 पहुंच जाए। इसके बाद मरीजों को आसानी से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जाता रहा।
अब यह कहना कतई अतिश्योक्ति नहीं होगा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझते राज्य को इस सेवा ने हमेशा सहारा देने का काम किया है। यही कारण भी है कि त्रिवेंद्र सरकार शुरू दिन से इस सेवा के सुदढ़िकरण के लिए तत्पर रही है। राज्य सरकार ने अब 108 सेवा को और मजबूती प्रदान करते हुए इसके बेड़े में 132 नए वाहनों को जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जानकारों का कहना है कि निश्चित तौर से सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। दरअसल, यह एक ऐसी इमरजेंसी सेवा है जिसके लिए कई बार जिलों में एबुलेंस कम पड़ जाती हैं। ऐसे में इसके बेड़े में वाहनों का इजाफा कर सरकार ने इसे मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है। अधिक से अधिक वाहन होने का लाभ यह मिलेगा कि जिन इलाकों में अभी तक इस सेवा के वाहनों को लंबी दूरी तय करके पहुंचना पड़ता था, अब नए वाहन मिलने से इमरजेंसी प्वाइंट तक पहुंचने में आसानी होगी।

विस्तारीकरण के नाम पर टिहरी बांध विस्थापितों को न किया जाए दुबारा विस्थापित- निशंक

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति की राज्य अतिथि गृह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के अध्यक्ष देश के शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति के समक्ष निदेशक डीके गौतम ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के एजेंडे को रखा।
बैठक में डाॅ. निशंक ने देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं विकास के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देहरादून एयरपोर्ट को देश का नंबर वन एयरपोर्ट बनाने के लिए हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने सभी फ्लाइट प्रबंधकों को सुझाव दिया कि देहरादून से रात्रि 9 बजे भी फ्लाइट जानी चाहिए। जिससे आम जनमानस को सुविधा मिल सके। उन्होंने जीएमवीएन और केएमवीएन के साथ मिलकर पर्यटन के लिए एक अच्छी सी योजना बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बहुत ही खूबसूरत जगह है इसके लिए एक हिमालय दर्शन योजना बनानी चाहिए। जिससे देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को हिमालय दर्शन का अवसर मिले। बैठक में डीके गौतम ने बताया की अभी आने वाले समय में एयर टैक्सी नामक एक योजना शुरू होने वाली है जो चंडीगढ़ से हिसार के लिए शुरू होगी। इसमें लगभग 3 लोग जा पाएंगे और जिसका किराया लगभग ढाई हजार के करीब होगा।
केन्द्रीय मंत्री डाॅ. निशंक जी ने कहा की एयरपोर्ट को सुंदर और नंबर वन बनाने के लिए हमें पूरा प्रयास करना होगा और एयरपोर्ट विस्तारीकरण, विकास कार्य का कार्य तेजी से हो, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध विस्थापित पहले ही अपना घर बार छोड़कर यहां विस्थापित हुए हैं, विस्तारीकरण में दोबारा टिहरी बांध के विस्थापितों को घर ना छोड़ना पड़े, इस पर गहनता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक हिमालयन लाइब्रेरी, एयरपोर्ट के सौजन्य से किसी स्थान पर बने और सीएसआर फंड द्वारा स्थानीय स्कूलों का विकास किया जाए। जिस पर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने माजरी इंटर कॉलेज को गोद लेने को बात कही। उन्होंनेे कहा कि हमारी प्राथमिकता स्थानीय लोगों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, किसी भी कारण से उनका रोजगार ना छीन पाए। वहीं, सलाहकार समिति सदस्य रविंद्र बेलवाल के द्वारा स्थानीय जन समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर उन्होंने गंभीरता लेते हुए उक्त मार्ग को चैड़ा करने के लिए शीघ्र प्रयास करने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट पर बीएसएनल की कनेक्टिविटी में सुधार हेतु केन्द्रीय राज्य मंत्री संजय धोत्रे से फोन पर वार्ता की। बैठक में डायरेक्टर ने एयरपोर्ट बिल्डिंग की आख्या प्रस्तुत की। उसके बाद डाॅ निशंक ने निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया और कार्य को शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में सदस्य रविन्द्र बेलवाल, संजीव चैहान, पूर्व मित्तल, राजीव तलवार, मोहन सिंह बर्निया, राजेंद्र सिंह खाती, एसडीएम लक्ष्मी राज चैहान, मनवीर चैहान आदि उपस्थित रहे।