सल्ट के पूर्व विधायक स्व. जीना की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभी में शामिल होंगे सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 27 जनवरी से अल्मोड़ा व पौड़ी के तीन दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रमों में शिरकत करने के साथ ही विकास योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

27 जनवरी को मुख्यमंत्री अल्मोड़ा के सल्ट में पूर्व विधायक स्व सुरेंद्र सिंह जीना की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उसके बाद अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसी दिन सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद मुख्यमंत्री जी पत्रकारों से रूबरू होंगे। उसके बाद अल्मोड़ा में प्राचीन वस्तु शिल्प के आधार पर निर्मित हिमालयन बंगलो, होली एन्जिल पब्लिक स्कूल के होम स्टे का अवलोकन करेंगे।

28 जनवरी को माननीय मुख्यमंत्री अल्मोड़ा के विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेंगे। इसके बाद नवसृजित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम है, वह उसमें शिरकत करेंगे। 28 जनवरी को ही दोपहर बाद मुख्यमंत्री पौड़ी जनपद के संयुक्त चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। उसके बाद जनपद मुख्यालय पौड़ी में कंडोलिया पार्क का लोकार्पण करेंगे। साथ ही पौड़ी में माल रोड का शिलान्यास, शहर के अपर बाजार को हैरिटेज स्टीट के रूप में विकसित किए जाने की योजना का शिलान्यास, कलेक्टेट भवन का रेस्टोरेशन एवं कलेक्टेट परिसर के लैंडस्केपिंग कार्य, बासा होम स्टे द्वितीय, पटेलिया नर्सरी में कॉटेज निमार्ण योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

29 जनवरी को मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में पहले कार्यक्रर्ताओं से मिलेंगे और उसके बाद टेका रोड को चेरी ब्लोजम लेन के रूप में विकसित करने के लिए यहां चेरी ब्लोजम के पेड़ों का रोपण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और उसके बाद विकास भवन के सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

किसानों का हित पहला लक्ष्यः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सितारगंज चीनी मिल के संबंध में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी पेराई सत्र तक सितारगंज चीनी मिल दुबारा शुरू हो जाय। इसके लिए पूरी योजना जल्द बनाई जाय। किसानों का हित पहला लक्ष्य होना चाहिए। सितारगंज में निर्मित इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही उपयोग होना जरूरी है। इससे गन्ना उत्पादकों को गन्ने की बिक्री में परेशानी नहीं होगी व अन्य लोगों के रोजगार भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सितारगंज चीनी मिल को आगामी पेराई सत्र से शुरू करने के लिए अभी से प्रक्रिया शुरू की जाय। इसके लिए टेक्निकल टीम एवं विशेषज्ञों की राय ली जा सकती है।

बैठक में विधायक सौरभ बहुगुणा, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस.नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, राधिका झा, निदेशक शूगर फेडरेशन चन्द्रेश यादव, अपर सचिव डा. वी. षणमुगम आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः दवा खरीद घोटाले और फर्जी गूल निर्माण में होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद घोटाले और भीमताल में करीब 15-16 साल पहले हुए फर्जी गूल निर्माण मामले में कार्मिक और सतर्कता विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दोषी कार्मिकों से वसूली के निर्देशः स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि के सापेक्ष क्रय की की गई दवाईयों की किट-ए, किट-बी और आशा किट का संपूर्ण उपयोग नहीं हो पाया। इसकी वजह से दवाईयां रुड़की ड्रग वेयर हाउस में कालातीत हो गई। मुख्यमंत्री ने कार्मिक और सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर इस मामले की विभागीय जांच किए जाने और दोषी कर्मचारियों से नियमानुसार धनराशि की वसूली किए जाने की संस्तुति दी है।

गूलों के निर्माण में फर्जीवाड़ाः लघु सिंचाई विभाग में वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच राज्य में गूलों के निर्माण के लिए शासन से आवंटित बजट में फर्जीवाड़ा किया गया। बिना गूल बनाए धनराशि हड़पने और धरातल पर कोई कार्य नहीं होने से संबंधी मामले की जांच जस्टिस बीसी कांडपाल एकल जांच आयोग द्वारा की गई थी। इस मामले में आयोग द्वारा संबंधित अधीक्षण अभियंता, लघु सिंचाई की निरीक्षण रिपोर्ट व सतर्कता अधिष्ठान से उपलब्ध कराई गई जांच आख्या व संस्तुतियां के क्रम में नैनीताल के भीमताल ब्लाक में तत्समय कार्यरत कमलेश भट्ट तत्कालीन अवर अभियंता (सेवानिवृत 30 जून, 2017), सुरेश चंद्रा तत्कालीन सहायक अभियंता ( अधिशासी अभियंता- सेवानिवृत्त 30 जून, 2020 ) तथा परमजीत सिंह बग्गा, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) के खिलाफ कार्मिक व सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्रवाई किए जाने की मंजूरी दे दी है।

रक्त का दान कर नववर्ष पर दिया रक्तदान करने को प्रेरित

नववर्ष के पहले दिन तीन यूनिट रक्त देकर तीन लोगों की जान बचाई गई। यह सब संभव हो सका रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण की बदौलत।

दरअसल एम्स ऋषिकेश में उधमसिंह नगर निवासी रामप्रताप की बीमारी के चलते सर्जरी होनी थी, सर्जरी से पूर्व उन्हें चिकित्सकों ने एक यूनिट के लिए कहा। इसी तरह अल्मोड़ा निवासी गोपाल को एक यूनिट व मुरादाबाद निवासी मरीज के लिए एक यूनिट रक्त की आवश्यकता थी।

इसी बीच रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण को इसकी जानकारी मिली, तो वह अपने साथियों के साथ एम्स पहुंचे और तीनों की भर्ती मरीजों को रक्त दिलवाया। रोहित ने बताया कि मुरादाबाद निवासी के लिए तीर्थनगरी के अखिलेश, अल्मोड़ा निवासी के लिए दीपांशु और उधमसिंह नगर निवासी के लिए बंसल भाई ने रक्त का दान किया। इस प्रकार तीनों के रक्तदान करने से भर्ती मरीजों को नवजीवन मिल सका।

हरीश रावत को हारों का हार पहनने की चिंता सता रहीः वंशीधर भगत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों अजीब सी उलझन के शिकार हो गए हैं। उन्हें हारों (पराजय) का हार पहनने की चिंता सता रही है। कहा कि कभी विपक्ष को लोकतंत्र का कहकहा सिखाने वाले रावत अब विधायको के बिखराव और टूट को लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत बता रहे है।

पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान का पलटवार करते हुए वंशीधर भगत बोले, हरीश रावत परिस्थितियों को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष पार्टी की रणनीति का हिस्सा रावत को नहीं बना रहे है और रावत की हालात खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे जैसी हो गयी है। रावत की बेचैनी को इससे भी समझा जा सकता है की वह टूट के सूत्रधार नेता को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करने को तैयार है।

भगत ने कहा कि हरीश रावत की मनमानी और तानाशाही के कारण प्रदेश में राजनैतिक अस्थिरता का वातावरण जनता ने देखा और इसका असर प्रदेश के विकास पर पड़ा है। वह एक बार फिर प्रदेश में राजनैतिक अस्थिरता को हवा देने का जो दिवास्वप्न देख रहें हैं, वह पूरी तरह निराधार है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा एकजुट है और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में विकास कार्यो की बदौलत पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी। भाजपा में टूट का जो सपना कांग्रेस देख रही है वह कभी साकार नही हो पाएगा। बेहतर होगा कि अपने अस्तित्व के लिए तरस रही कांग्रेस अपने बचे-खुचे कुनवे के बारे में सोचे और दूसरे घरो में ताक झांक करना बन्द करे।

एसटीएफ को मिली कामयाबी, इनामी बदमाश गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ टीम ने नौ साल पहले हुए अपहरण और लूट के एक मामले में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड के कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ का बदमाश गुरमीत सिह पुत्र जगीर सिह निवासी ग्राम बिडौरा थाना नानकमत्ता (ऊधमसिहनगर) किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है और कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसके बाद एक टीम मेरठ भेजी गई। वहां गोपनीय जानकारी मिली कि शातिर कुछ दिन पहले ही एक गैंग बनाकर वारदात को अंजाम देने के लिए नैनीताल की ओर गया है।
इस पर एसटीएफ की कुमंऊ यूनिट को सतर्क कर प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ और पंतनगर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया गया। इस बीच ये जानकारी भी मिली थी कि साल 2011 अप्रैल माह में अभियुक्त और उसके दो साथियों ने रुद्रपुर के पांच सितारा होटल रेडीशन के जीएम अरविन्द शिनॉय को रुद्रपुर स्थित सुपर मार्केट के सामने से हथियारों के बल पर उनकी होंडा सिटी कार के साथ किडनैप कर लिया था। उन्हें बंधक बनाकर गन्ने के खेत में फेंक दिया और मोबाइल के साथ ही पचास हजार नगदी, कार लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दो आरोपितों को घटना के कुछ दिनों बाद लूटे हुए माल के साथ पुलिस गिरफ्तार कर लिया था और अभियुक्त गुरमीत सिंह लूटी गई होंडा सिटी कार के साथ नेपाल भाग गया था। अभियुक्त करीब नौ वर्षों तक फरार रहा। उसके खिलाफ नेपाल में भी मुकदमा दर्ज है और वो नेपाल में भी जेल में रहा था। वो पुलिस से बचने के लिये समय-समय पर नेपाल में शरण लेता रहा है। हाल ही में वह मेरठ से किसी वारदात को अंजाम देने के लिए सितारगंज क्षेत्र में फर्जी आइडी बनाकर रह रहा था। शनिवार को देर रात एसटीएफ और पतंनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिर्पोट का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की बैठक आयोजित हुई। आयोग में सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात आयोग की यह पहली बैठक रही जिसमें उपाध्यक्ष सहित सभी नामित सदस्य एवं उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन को कम करने हेतु आयोग द्वारा की गई सिफारिशों से सम्बन्धित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पलायन आयोग द्वारा पलायन के मूल कारणों से सम्बन्धित दी गई प्राराम्भिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट था कि राज्य से पलायन मुख्यतः शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा एवं रोजगार की कमी रही है। उन्होंन कहा कि आयोग के सुझावो पर राज्य सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि आयोग को वर्किंग एजेन्सी के रूप में नहीं अपितु राज्य से पलायन रोकने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिये थिंकटेक के रूप में कार्य करना होगा। आयोग के सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव है। उनके अनुभव राज्य के समग्र विकास में उपयोगी होंगे इसका उन्होंने विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से पूर्व ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सोलर स्वरोजगार योजना तथा ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना, एलईडी योजना का कार्य गतिमान रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास एवं स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करना इसका उद्देश्य था। सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये मुख्यमंत्री सीमान्त सुरक्षा निधि की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सरकारी खरीद के लिये 5 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यूनीफार्म आपूर्ति के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में इसे और विस्तार दिये जाने की जरूरत है। इनमें आत्मविश्वास जगाने की भी उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिये भी सदस्यों से सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के कारगर ढ़ंग से उपयोग की दिशा में पहल की गई है। चीड़ से बिजली व पेलेटस बनाये जा रहे है। एलईडी निर्माण में 15 संस्थाये कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वयं का रोजगार खड़ा कर समाज को प्रेरणा देने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को तकनीकि प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरों में क्रेडिट कार्ड योजना आरम्भ किये जाने की भी बात कही।
बैठक में उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ0 एस0एस0नेगी ने बताया कि आयोग द्वारा अब तक राज्य के पर्वतीय जनपदों, ईको टूरिज्म, ग्राम्य विकास एवं कोविड-19 के प्रकोप के दौरान राज्य में लौटे प्रवासियों एवं उनके पुनर्वास पर आधारित 11 सिफारिशे प्रस्तुत की जा चुकी है।
बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट के सम्बन्ध में डॉ. नेगी ने बताया कि जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार जनपद बागेश्वर की जनसंख्या 2,59,898 है, इनमें 1,24,326 पुरूष तथा 1,35,572 महिलाएं है। पिछले 10 वर्षों में 346 ग्राम पंचायतों से कुल 23,388 व्यक्तियों द्वार अस्थायी रूप से पलायन किया गया है। पिछले 10 वर्षों में 195 ग्राम पंचायतों से 5912 व्यक्तियों द्वार पूर्णरूप से स्थायी पलायन किया गया है। आंकड़े दर्शाते है कि जनपद के सभी विकासखण्डों में स्थायी पलायन की तुलना में अस्थायी पलायन अधिक हुआ है। जनपद की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 के लिए अनन्तिम रूप से 1,00,117 रूपये है।
आयोग द्वारा जनपद हेतु जो सिफारिशें रखी हैं उनमें प्रमुख रूप से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों की संख्या बढ़ाना, दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकों की उपज हेतु पनीर, घी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिये जाने, दुग्ध समितियों की सक्रियता बढ़ाने एवं दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र खोले जाने। होम स्टे की संख्या बढ़ाये जाने, इकोटूरिज्म गतिविधियों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किए जाने, पर्यटन से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाए जाने, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाने, मनरेगा में समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करके महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बनाए रखना, फसलों को बंदरों और जंगली सूअरों जैसे जानवरों से नुकसान से बचाव हेतु वन विभाग की सहायता से बन्दरबाड़ो, सोलर पावर फैन्सिंग का निर्माण कराये जाना, ग्राम पंचायतों में नर्सरियों बनाये जाना तथा औषधीय एवं सुगंधित पौंधों की कृषि को महत्वपूर्ण आजीविका उत्पादन गतिविधियों में विकसित किए जाना, जनपद में जड़ी-बूटी की खेती एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में चाय के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में बागवानी के क्षेत्रों को बढ़ाये जाना शामिल है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्यों रामप्रकाश पैन्यूली, सुरेश सुयाल, दिनेश रावत घण्डियाल, अनिल सिंह शाही एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रूद्रप्रयाग से रंजना रावत ने अपने सुझाव रखे।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने आयोग की सिफारिशों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। आयोग के सदस्य सचिव रोशन लाल एवं अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

एम्स में नौ माह का शिशु का सिकुड़ा हार्ट सर्जरी के जरिए हुआ सही

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कॉर्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उधमसिंहनगर निवासी एक 9 महीने के शिशु के सिकुड़े हुए हार्ट की सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने इस उपलब्धि के लिए चिकित्सकीय टीम की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी एक टीम वर्क है। जिसमें बच्चों के दिल के विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक सीटीवीएस सर्जन व कॉर्डियक एनेस्थिटिस्ट के अलावा पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट, कॉर्डियक रेडियोलॉजिस्ट, नर्सिंग आदि की अहम भूमिका होती है। निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि एम्स ऋषिकेश बच्चों के हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज का विशेष ध्यान रखते हुए ​भविष्य में हृदय संबंधी सभी गंभीर बीमारियों के समुचित उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्रयासरत है। जिससे कि मरीजों को हृदय से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड से बाहर के चिकित्सालयों में परेशान नहीं होना पड़े।
चिकित्सकों के अनुसार उधमसिंहनगर निवासी 9 महीने के शिशु को बचपन से ही दूध पीने में कठिनाई होती थी। जांच के बाद पता चला कि उसके हार्ट के वाल्ब में जन्म से सिकुड़न है एवं एक पीडीए नामक धमनी जिसे जन्म के बाद बंद होना चाहिए मगर वह नहीं हुई थी। इससे बच्चे के दिल पर अधिक दबाव बन रहा था एवं बच्चे का वजन नहीं बढ़ पा रहा था। इस बच्चे का वजन मात्र 5 किलोग्राम था, उसे दूध पीते वक्त माथे पर पसीना आता था और दूध रुक रुक कर पाता था, जो कि बच्चों में हार्ट फेलियर के लक्षण है। उन्होंने बताया ​कि बच्चे की पहली जांच हल्द्वानी में हुई थी जहां से उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था।

आवश्यक परीक्षण एवं जांच के उपरांत बच्चे की धमनी का संस्थान के पीडियाट्रिक सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों की टीम ने डा. अनीश गुप्ता के नेतृत्व में सफलतापूर्वक किया। चिकित्सक के अनुसार सर्जरी के बाद उसके वाल्ब की दिक्कत काफी हद तक कम हो गई है तथा शिशु की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया ​कि भविष्य में बच्चे के वाल्ब का आपरेशन किए जाने की संभावना है। ऑपरेशन के बाद शिशु को आईसीयू में डा. अजय मिश्रा की देखरेख में रखा गया व इसके बाद उसे डा. यश श्रीवास्तव की निगरानी में शिफ्ट किया गया।

एम्स का अनुरोध, बच्चों में निम्न लक्षण होने पर पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट से कराएं जांच – 1-होंठ एवं नाखून का नीला पड़ना, 2- सांस फूलना, 3-वजन न बढ़ना, 4-दूध पीने में कठिनाई या माथे पर पसीना आना, 5-जल्दी थकान होना, 6- धड़कन तेज चलना।

हाईकोर्ट ने ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों को नकारा, याचिकाएं खारिज

हाईकोर्ट ने विधान सभा चुनाव 2017 में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर पांचों चुनाव याचिकाओं को खारिज कर दिया है ।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने प्रदेश के 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में ईवीएम मशीनों में हुई गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को अपना निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने पांच चुनाव याचिकाओं को वेरिफाइड नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया है। जिनकी 14 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट के फैसले से ईवीएम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जबकि भाजपा को विपक्ष पर हमलावर होने का अवसर मिल गया है। हालांकि याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री नवप्रभात, विक्रम सिंह नेगी, राजकुमार, अम्बरीष कुमार, मसूरी की गोदावरी थापली ने बीजेपी के जीते हुए प्रत्याशी मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, आदेश कुमार चैहान और गणेश जोशी व अन्य के निवार्चन को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने चुनाव आयोग व सरकार पर आरोप लगाया गया था कि इन भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की हुई है, लिहाजा इनके निवार्चन को निरस्त किया जाय, जबकि जीते हुए प्रत्याशियों की तरफ से कहा गया था कि ये याचिकाएं आधारहीन हैं। ईवीएम मशीनों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नही हुई है, अभी तक याचिकर्ताओ ने गड़बड़ी होने का कोई सबूत पेश नही किया है लिहाजा सभी याचिकाएं निरस्त किए जाने योग्य है।