रेड सैंड बोआ दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक दुलर्भ प्रजातियों के वन्यजीवों की तस्करी रोकने को लेकर एसएसएपी देहरादून जन्मजेय खंडूड़ी की ओर से थाना पुलिस को निर्देश जारी हुए थे। शनिवार रात को थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी को वन्यजीव की तस्करी की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने एक कार चेकिंग के लिए रोक दिया। वाहन के भीतर से रेड सैंड बोआ नाम का सांप मिला। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने मौके वन विभाग की टीम को बुलाया।
थानाध्यक्ष पुजारी ने बताया इस दुलर्भ प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में हैं। सांप को वन विभाग मोतीचूर रेंज के सुपुर्द कर दिया है। वाहन में सवार पांच लोगों की पहचान अनीस पुत्र रफीक निवासी भोजपुर मुरादाबाद, सलीम पुत्र वकील अहमद, सद्दाम पुत्र फैय्याज, जैदी पुत्र जहीर, जोबिन पुत्र अव्वार हुसैन चारों निवासी रानी नागल भोजपुर जिला मुरादाबाद यूपी के रूप में कराई है। सभी पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है। टीम में उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कुशाल सिंह रावत, कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे।

लापता युवक को पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द किया

कोतवाल रवि सैनी के मुताबिक लक्ष्मी देवी पत्नी सुरेंद्र निवासी गुमानीवाला ने पुलिस को बताया कि उनका 12 साल का बेटा नवदीप बिना बताए घर से कहीं चला गया है। आस पड़ोस में पूछताछ करने पर उसका कहीं पता नहीं चल पाया। जिसके बाद पुलिस ने बालक की खोजबीन शुरू कर दी। इस दौरान कुछ ही घंटों में गुमानीवाला के निर्माणाधीन मकान से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। बालक ने पुलिस को बताया परिजन की डांट से नाराज होकर वह यहां पर छुप गया था। परिजन को बुलाकर बालक को उनके सुपुर्द कर दिया है।

लगातार बढ़ रहे मामलों ने चिंता बढ़ाई, आज मिले 3848

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को राज्य में 3848 नए मरीज मिले और दो संक्रमितों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में कुल मरीजों की संख्या तीन लाख 67 हजार से अधिक हो गई है। जबकि मरने वालों का आंकड़ा 7440 पहुंच गया है। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 14 हजार 892 हो गई है।
स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को देहरादून में 1362, नैनीताल में 719, हरिद्वार में 641, यूएस नगर में 412, अल्मोड़ा में 128, बागेश्वर में 75, चमोली में 63, चम्पावत में 67, पौड़ी में 168, पिथौरागढ़ में 50, रुद्रप्रयाग में 26, टिहरी में 109 और उत्तरकाशी में 28 नए मरीज मिले हैं। यूएस नगर और नैनीताल जिले के अस्पतालों में एक एक संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है।
राज्य भर के अस्पतालों और होम आईसोलेशन से कुल 1184 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया जिससे एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 14892 हो गया है। शनिवार को विभिन्न लैब से कुल 27135 सैंपलों की रिपोर्ट आई जबकि 30 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य में कोरोना संक्रमण की दर 12.42 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 92 प्रतिशत से कम रह गई है। राजधानी देहरादून में छह हजार से अधिक एक्टिव मरीज हो गए हैं।

सीएमएस, एसपी देहात समेत 297 पॉजिटिव
रुड़की में कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। अकेले रुड़की में ही 237 मरीज मिले हैं। आसपास क्षेत्र में मिलाकर आंकड़ा 297 पहुंच गया। सिविल अस्पताल के सीएमएस, एसपी देहात भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब फिर से बढ़ते आंकड़े लोगों को डराने लगे हैं। शनिवार को जारी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रुड़की में 237 मरीज मिले हैं।
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल सहित अस्पताल के आठ कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। एसपी देहात परमेंद्र डोबाल और उनके साथ तैनात एक पुलिस कर्मी भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेज में 19 छात्र और कर्मचारियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई हे। डायट में तैनात पांच कर्मी भी कोरोना संक्रमित हुए है।

ऋषिकेश में कोरोना के 59 नए मामले आए
सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में 252 लोगों ने आरटीपीसीआर जांच करायी थी, जिसमें 59 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि शुक्रवार को आरटीपीसीआर सैंपल एम्स ऋषिकेश भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट शनिवार को मिली है। बताया कि 59 संक्रमितों में 49 को कोरोना किट उपलब्ध करा दी है। सभी को 10 दिन होमआइसोलेशन में रखा गया है।

कोरोना जांच को बढ़ने लगी भीड़
ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में कोरोना जांच कराने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है। मामूली खांसी जुकाम वाले भी जांच के लिए आ रहे हैं। लैब टैक्निशियन भूपेंद्र फर्सवाण ने बताया कि पिछले तीन दिन से जांच कराने वालों का आंकड़ा 250 के पार जा रहा है। शनिवार को भी 275 लोगों ने आरटीपीसीआर कराया। ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं।

फ्लैग मार्च निकालकर पुलिस ने दिया निर्भिक मतदान का संदेश

विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान निर्भिक मतदान को लेकर बीएसएफ और पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। जनता को संदेश दिया कि मतदान निर्भिकता से करें। किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं आएं। सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव आपके साथ है।
शनिवार को संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा परिसर से रिटर्निंग ऑफिसर और एसडीएम अपूर्वा पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंढियाल, तहसीलदार डॉ. अमृता रावत और बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंड संतोष कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शुरू हुआ। जो चंद्रभागा पुल से चंद्रेश्वरनगर, हरिद्वार रोड, मेन बाजार, घाट रोड से घाट चौक होते हुए रेलवे रोड, हीरालाल मार्ग, देहरादून मार्ग स्थित कोतवाली पहुंचकर संपन्न हुई। फ्लैग मार्च में बीएसएफ की एक कंपनी और पुलिस के जवान कदम ताल करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस के शक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य आम जन को निष्पक्ष के साथ निर्भिक होकर मतदान करने का रहा। सीओ ढौंढियाल ने बताया कि फ्लैग मार्च के माध्यम से जनसंदेश दिया कि निर्भिक होकर मतदान करें। किसी भी दल के नेता के जबरदस्ती मतदान के लिए धमकाने की शिकायत तत्काल पुलिस को करें। फ्लैग मार्च में कोतवाल रवि कुमार सैनी, एसएसआई डीपी काला, एसआई त्यागी अरुण त्यागी, रामनरेश शर्मा मौजूद रहे।

विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति को विशिष्ट पहचान दिलाई

आज स्वामी विवेकानंद की जयंती पर अभाविप के द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य राजेंद्र पांडे के द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श रहे हैं क्योंकि उन्होंने भारत के वेदों साहित्य और हिंदू धर्म का बहुत गहन अध्ययन कर उसका प्रचार प्रसार विदेशों तक किया। भारतवर्ष की महानता को संपूर्ण विश्व में प्रकाशित किया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष एबीवीपी प्रवीन रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को उठो जागो और तब तक लक्ष्य ना मिल जाए तब तक कर्म करते रहो सफलता अवश्य मिलेगी की प्रेरणा दी। साथ ही स्वामी विवेकानंद बहुत अल्प समय में संपूर्ण विश्व में भारतवर्ष को वह पहचान दिला गए जो आज तक भी धूमिल नहीं पड़ी है।
इस अवसर पर प्रांत मंत्री काजल थापा ने कहा कि इस तरह की गोष्ठियों के द्वारा महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाता है और एक उत्कृष्ट समाज के निर्माण में भी सहायता मिलती है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं जिला प्रमुख विवेक शर्मा ने कहा कि हम जल्द ही एक ऐसी मुहिम चलाएंगे जिससे प्रत्येक युवा को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से रूबरू कराया जाएगा क्योंकि हमारा युवा विवेकानंद के विचारों को सबसे ज्यादा पसंद करता है जिसके लिए संगठन को कार्य करना होगा। इस अवसर पर विभाग प्रमुख अमित गांधी, विनोद चौहान प्रांत खेल प्रमुख, प्राची सेमवाल, वीरेंद्र चौबे, अंकुर अग्रवाल सहित एबीवीपी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कनक धनाई ने विजेताओं को सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया

उत्तराखंड जन एकता पार्टी के नेता कनक धनाई द्वारा पॉवर लिफ्टिंग, बॉडी बिल्डिंग और मिस्टर व मिसेज नार्थ इंडिया प्रतियोगिताओं के विजेताओं को देहरादून रोड स्थित उजपा कार्यालय में सम्मानित किया गया।
बता दें कि बीते दिनों में श्री भरत मंदिर परिसर में पावर लिफ्टिंग, बॉडी बिल्डिंग और मिस्टर व मिस नार्थ इंडिया की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी, जिसमें उक्त विजेताओं ने खिताब अपने नाम किये थे। इसी परिपेक्ष्य में उजपा ऋषिकेश द्वारा इन खिलाड़ियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में पॉवर लिफ्टिंग के विजेता परमवीर सिंह, शिवम कोहली, पॉवर लिफ्टिंग और बॉडी बिल्डिंग के विजेता सार्थक थपलियाल, पूजा भट्ट, पूजा पयाल, बॉडी बिल्डिंग के विजेता विशाल मौर्य को उजपा की ओर से सम्मानित किया गया जिसमें से सार्थक थपलियाल और पूजा भट्ट को मिस्टर एवं मिसेज नार्थ इंडिया का खिताब मिला था।
इस मौके पर मेंटर प्रवीण सिंह सजवाण पॉवर लिफ्टिंग एवं बॉडी बिल्डिंग, शिवम बिड़ला बॉडी बिल्डिंग, अर्जुन गुलाटी पॉवर लिफ्टिंग समेत उजपा के कार्यकर्ता एवम पदाधिकारी मौजूद रहे।

टिहरी पुलिस ने चुनाव में सुरक्षा के इंतजाम किए पुख्ता

टिहरी जनपद की पुलिस ने चुनाव को लेकर सुरक्षा समेत तमाम तैयारियों को पूरा कर लिया है। जिले और थाना क्षेत्रों के नाकों पर चेकिंग से लेकर सुरक्षा से जुड़े सभी व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने के लिए दो कंपनी बीएसएफ भी जिले में पहुंच चुकी हैं। जिनमें से एक कंपनी की तैनाती मुनिकीरेती क्षेत्र जबकि दूसरी कंपनी को जनपद के अन्य इलाकों में ड्यूटी पर लगाया गया है।
बता दें कि क्षेत्र में बीएसएफ की कंपनियां पहुंचने पर एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बीएसएफ समेत पुलिस कर्मियों को मुनी की रेती में ब्रीफ किया। इस दौरान उन्हें ड्यूटी समेत अन्य व्यवस्थाओं से अवगत कराया। खासकर एसएसपी ने सुरक्षाकर्मियों को स्थानीय लोगों के साथ व्यवहार मधुर रखने के निर्देश दिए। लाइसेंस धारी शस्त्र धारकों को चेताया कि 2 दिन के भीतर वह संबंधित थाना क्षेत्रों में अपने असला जमा करा दें। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करने की बात भी कही है। मौके पर एसएसपी ने बीएसएफ के जवानों से सुझाव भी मांगे।
मीडिया से बातचीत करते हुए एसएसपी ने बताया कि जनपद में चुनाव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस अपनी नजर बनाए हैं। असामाजिक तत्वों के खिलाफ भी पुलिस अभियान चला रही है। चुनाव प्रभावित न हो इसके लिए पूरे जनपद के हिस्ट्रीशीटर को भी तलब कर सख्त हिदायत दे दी गई है। फिलहाल दो हिस्ट्रीशीटर जनपद से फरार चल रहे हैं। जिन्हें जल्द पकड़ने का दावा भी एसएसपी ने किया है। बताया उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण को देखते हुए चुनाव सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना पुलिस के लिए चुनौती है। इस चुनौती को आमजन के सहयोग से कम किया जा सकता है। इसलिए वह नागरिकों से अपील करते हैं कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में पुलिस को अपना सहयोग दें। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मास्क पहने और सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें। बताया कि यदि उनकी अपील पर नागरिक ध्यान नहीं देते तो पुलिस को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान और मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दे दिए हैं।
इस दौरान बीएसएफ से असिस्टेंट कमांडर संदीप राजपूत, पुलिस क्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार चमोली, इंस्पेक्टर रितेश शाह, प्रदीप पंत, सिद्धार्थ कुकरेती, इंस्पेक्टर रामकिशन बीएसएफ, सब इंस्पेक्टर राम कुमार, सब इंस्पेक्टर योगेश पांडे, विकास शुक्ला, सुनील पंत, पिंकी तोमर आदि मौजूद थे ।

उत्तरायणी का त्योहार और मकर सक्रांति का पर्व हिन्दुओं के लिए है महत्वपूर्ण

उत्तराखंड में हर तीज-त्योहार का अपना अलग ही उल्लास है। यहां शायद ही ऐसा कोई पर्व होगा, जो जीवन से न जोड़ता हो। ये पर्व-त्योहार उत्तराखण्डी संस्कृति के प्रतिनिधि भी हैं और संस्कारों के प्रतिबिंब भी। हम ऐसे ही अनूठे पर्व ‘मकरैंण’ से आपका परिचय करा रहे हैं। यह पर्व गढ़वाल, कुमाऊं व जौनसार में अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है।
मकर संक्रान्ति का त्यौहार उत्तराखण्ड में उत्तरायणी, उत्तरैण आदि नामों से जाना जाता है। उत्तरायणी शब्द उत्तरायण से बना है। उत्तरायण मतलब जब सूर्य उत्तर की ओर जाना शुरू होता है। दरअसल, त्योहार एवं उत्सव देवभूमि के संस्कारों में रचे-बसे हैं। पहाड़ की ‘पहाड़’ जैसी जीवन शैली में वर्षभर किसी न किसी बहाने आने वाले ये पर्व-त्योहार अपने साथ उल्लास एवं उमंगों का खजाना लेकर भी आते हैं।
हिन्दुओं के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक मकर सक्रांति भी है। सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रान्ति के दिन गंगा स्नान और दान पुण्य का विशेष महत्व है। साल 1982 में उत्थान मंच में उत्तरायणी मेले का पहली बार आयोजन किया गया था। चार दशक बाद भी पूरे रीति-रिवाजों के साथ इस त्योहार को मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश, केरल और कर्नाटक में इसे “संक्रांति” कहा जाता है और तमिलनाडु में इसे “पोंगल पर्व” के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इस समय नई फसल का स्वागत किया जाता है और लोहड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है। वहीं असम में “बिहू पर्व” के रूप में इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर कुमाऊ क्षेत्र के बागेश्वर जिले में प्रसिद्ध उत्तरायणी कौथिक (मेला) का आयोजन किया जाता है। यह उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में आयोजित सबसे बड़े मेलों में से एक है और हर साल 14 जनवरी को आयोजित होने वाले मकर संक्रांति उत्सव के दौरान मनाया जाता है। उत्तरायणी महोत्सव उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में मनाया जाता है। मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटक व स्थानीय लोग यहां पर होने वाली विभिन्न गतिविधियों के साथ मनोरंजन का भी आनंद लेते हैं। साथ ही, स्वादिष्ट भोजन का आनंद उठा सकते हैं और राज्य के हस्तनिर्मित शिल्प खरीद सकते हैं। भारत में सबसे लोकप्रिय मेलों में से एक के रूप में जाना जाता है, उत्तरायणी मेला बागेश्वर में शुरू हुआ, लेकिन अब उत्तराखंड के अंदर और बाहर विभिन्न शहरों में फैल गया है। यह त्योहार स्थानीय लोगों के लिए अपनी संस्कृति, विरासत, नृत्य और संगीत को प्रदर्शित करने का एक अवसर है।

यह है घुघुति की कथा
एक राजा था, जिसकी कोई संतान नहीं थी तो मंत्री हर वक्त इस षड्यंत्र में रहता था कि राजा के बाद राज्य उसे मिल जाए। लेकिन एक संत के आशीर्वाद से राजा को एक पुत्र की प्राप्ति हुई। प्रसन्न होकर रानी मां बेटे को एक माला पहना दी। युवराज थोड़ा बड़ा हुआ और खेलने-कूदने लगा। उसे ये माला बहुत प्रिय थी। रानी अपने बेटे को प्यार से घुघुतिया कहकर बुलाती थी। जब राजकुमार शैतानी करता तो वह कहती कि तंग मत कर नहीं तो तेरी माला कौंवे को दे दूंगी।
फिर वह कहने लगती, काले कौंवा काले घुघुति माला खा ले। यह सुनकर बहुत से कौंवे आ जाते थे। रानी मां उनके लिए भी रोटी और दाने डाल देती। धीरे-धीरे वे कौंवे राजकुमार के मित्र बन गए। उधर मंत्री का षड्यंत्र जारी था। एक दिन उसने राजकुमार का अपहरण कर लिया। जब मंत्री के साथी राजकुमार को लेकर जंगल जा रहे थे तो उसके रोने की आवाज सुनकर बहुत से कौवे आ गए। उन्होंने उसकी घुघती माला पहचान ली और गले से झपट कर उड़ गए। तभी से उत्तराखंड में घुघुती माला बनाए जाने की पंरपरा चल पड़ी। बच्चे घुघुती की बनी माला गले में डाल लेते हैं और कौवों को बुलाते हैं। काले कौवा काले घुघुति माला खा ले। उत्तराखंड की वादियों में ये आवाज आज भी गूंज रही है।

उत्तरायणी का त्यौहार जीवन में सकारात्मक सोच के साथ सदैव कर्म के पथ पर आगे बढ़ने की भी प्रेरणा देता है। यह पावन पर्व मांगलिक कार्यों के शुभारम्भ से भी जुड़ा है। भगवान सूर्य की आराधना का यह पर्व हम सबके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। कोरोना काल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर पर्व मनाएं। शासन व प्रशासन की ओर से सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं।
-दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन

डीजीपी ने चुनाव को लेकर दिये अहम निर्देश

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ऐसे में चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्क तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। लेकिन पुलिस प्रशासन के सामने कोविड के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते चुनौतियां भी बढ़ गई है। ऐसे में फ्रंटलाइन में तैनात पुलिसकर्मियों को भी बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इसी कड़ी में डीजीपी अशोक कुमार ने भी खुद कोविड बूस्टर डोज लगाकर अभियान को शुरू किया।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स की 25 कंपनियों की टुकड़ियां उत्तराखंड पहुंच चुकी है। जबकि, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला जा रहा है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर किसी तरह की अराजकता, सांप्रदायिक और वोट बैंक के लिए गुमराह करने वाले पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस विभाग ने अलग से जिलेवार इंटेलिजेंस सेल के साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को अपग्रेड कर मुस्तैदी से निगरानी के लिए रखा है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने आदि की शिकायत सामने आने पर उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ताकि शांति और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराई जा सके.उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक, चुनाव के दरमियान अराजकता, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले और क्रिमिनल बैकग्राउंड से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। चुनाव से पहले हथियार बंदूक, पिस्टल जैसे लाइसेंसी असलहा धारकों समेत आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर वारंट, तामील कराने और उन्हें शांति व्यवस्था के लिए थाने स्तर पाबंद करने जैसे कानूनी कार्रवाई भी तेजी से सुनिश्चित की जा रही है।
डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में प्रभारियों को कड़े दिशा निर्देश देकर कानून व्यवस्था की सुदृढ तैयारी की जा रही है। जिलेवार सुरक्षा नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस सुरक्षा बलों की अलग-अलग स्थानों में तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील चुनाव इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लैग मार्च निकाल कर जनता को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव का संदेश दिया जा रहा है। फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को कोविड बूस्टर डोजः डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, कोविड-19 की लहर जिस तरह से तेजी से फैल रही है, ऐसे में चुनाव ड्यूटी को कराना एक अलग से चुनौती बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद महामारी में फ्रंटलाइन वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे पुलिसकर्मियों को वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है।

टूट रहे रिकॉर्ड, आज मिले कोरोना के 2127 केस

उत्तराखंड में कोरोना के सारे रिकॉर्ड टूटने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को जारी हेल्थ रिपोर्ट में प्रदेशभर में 2127 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है। आईआईटी रुड़की में कोरोना के 13 केस भी आए हैं। मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक संक्रमित मरीज की मौत हो गई, जिससे राज्य में कोरोना संक्रमण के बाद मरने वाले मरीजों की कुल संख्या 7430 हो गई है। राज्य के विभिन्न अस्पतालों व होम आईसोलेशन में रह रहे 416 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है जिसके बाद अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है।
हेल्थ बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 991 कोरोना केस राजधानी देहरादून में मिले हैं। नैनीताल 451, हरिद्वार 259, उधमसिंह नगर 189, पौड़ी 48, उतरकाशी 13, टिहरी 35, बागेश्वर 04, अलमोड़ा 43, पिथौरागढ़ 30, रुद्रप्रयाग 13, चंपावत 26 और चमोली जिले में कोरोना के 25 नए केस आए हैं। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच हेल्थ विभाग पहले से ज्यादा अलर्ट मोड पर आ गया है। संदिग्धों की पहचान करन उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

संक्रमण दर 10 फीसदी के करीब
मंगलवार को कारोना के अत्यधिक मरीज मिलने से राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की दर दस फीसदी के करीब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। राज्यभर की लैब से 21 हजार से अधिक सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई जिसमें 2127 नए मरीज मिले हैं। जबकि 25 हजार 371 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान पहली बार मंगलवार को 25 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक सरकार ने एक दिन में 25 हजार जांच का लक्ष्य तय किया था लेकिन अब इसे बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।

संक्रमण दर में देहरादून टॉप पर
पहली और दूसरी लहर की तरह ही कोरोना की तीसरी लहर में भी देहरादून जिला कोरोना संक्रमण में सबसे आगे चल रहा है। एसडीसी फाउंडेशन की आरे से मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में देहरादून संक्रमण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है। देहरादून में इस दौरान 11 प्रतिशत से अधिक की संक्रमण दर रही है। नैनीताल में 10 प्रतिशत, पौड़ी में पांच प्रतिशत के करीब, हरिद्वार में 3.27 प्रतिशत संक्रमण दर है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में अभी संक्रमण दर कम है। हालांकि इन जिलों में सैंपलों की जांच भी बेहद कम हो पा रही है।

80 पर्यटकों सहित रिकॉर्ड 117 लोग संक्रमित मिले
तीर्थनगरी ऋषिकेश में मंगलवार को कोरोना के रिकॉर्ड नए मामले सामने आए। लक्ष्मणझूला और ऋषिकेश क्षेत्र में 80 पर्यटकों समेत 117 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में ऋषिकेश रोडवेज डिपो का एक कर्मचारी भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी के होमआइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लक्ष्मणझूला क्षेत्र के कोविड नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में 80 पर्यटकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। संक्रमित पर्यटक दिल्ली, गाजियाबाद, मोदीनगर, रुड़की, राजस्थान आदि इलाके के रहने वाले है। इनकी एक दिन पहले जांच की गई थी। ये सभी लोग वापस लौट चुके है। इसके साथ ही यमकेश्वर और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के 13 स्थानीय लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है। स्थानीय लोग को मिलाकर कुल 93 कोरोना के नए केस क्षेत्र में मिले हैं।
वहीं, सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में बीते सोमवार को 126 लोगों ने आरटीपीसीआर टेस्ट कराया था। सभी के सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजे गए थे, इनकी रिपोर्ट मंगलवार को मिली। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि 24 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। संक्रमित बापूग्राम, 20 बीघा, आवास विकास कॉलोनी, श्यामपुर, गंगा नगर, शिवलोक कॉलोनी, इंदिरानगर, सुमन विहार, मनीराम रोड, तपोवन, हीरालाल मार्ग, ढालवाला आदि क्षेत्रों के निवासी हैं। बताया कि सभी ने बुखार, जुकाम और खांसी की शिकायत होने पर जांच करायी थी।