उत्तराखंड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेशः त्रिवेन्द्र

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुलाकात कर अर्धसैनिकों के लिये भर्ती केंद्र की स्थापना के विषय पर चर्चा की। त्रिवेन्द्र ने उत्तराखंड में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का राजनाथ से निवेदन भी किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक सैनिक प्रदेश है। यहां के युवा देश सेवा को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान एवं भर्ती केंद्र की स्थानों से नवयुवकों को सेना एवं अर्धसैनिक बलों से जुड़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत चल रही योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी और पलायन की समस्या का समाधान होगा।

फीस वृद्धि वापस होने से होगा छात्रों को फायदा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के निजी मेडिकल संस्थानों से हुयी वार्ता के बाद उनके द्वारा फीस वृद्धि का निर्णय वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी मेडिकल संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में उनसे भेंट कर अवगत कराया था कि उन्हें संस्थानों की अवस्थापना सुविधाओं आदि के विकास के लिये बड़ी धनराशि व्यय करनी पडती है। इसके लिये उनके द्वारा मेडिकल छात्रों की फीस में वृद्धि का अनुरोध किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस में कई गुना वृद्धि किये जाने तथा कई अभिभावकों द्वारा उन्हें फीस वृद्धि के संबंध में अवगत कराये जाने पर मेडिकल छात्रों के हित में संस्थानों को फीस वृद्धि वापस लेने को निर्देशित किया गया। जिस पर उनके द्वारा फीस वृद्धि वापस लेने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस वृद्धि वापस लिया जाना मेडिकल छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल के छात्रों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी को भी मनमानी नही करने दी जायेगी। यदि कोई मनमानी करेगा तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मेडिकल कॉलेज के छात्रों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जायेगा।

एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्रदेश के विद्यालयों में लागू करने के निर्णय के संबंध में निजी स्कूल प्रबंधकों के असंतोष के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि इस संबंध में जायज बातों को सुना जायेगा।

इस कानून के तहत गैर जमानती अपराध होगा जबरन धर्म परिवर्तन

हिमाचल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लाया गया है। इस सिलसिले में हाल में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था।

विधानसभा के बजट सत्र में इससे संबंधित विधेयक सदन में पेश कर दिया गया। इसके पारित होने पर उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 अस्तित्व में आ जाएगा। इसके तहत राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।

इस विधेयक के अधिनियम बनने पर कोई भी व्यक्ति मिथ्या निरुपण, बल, असर, प्रपीड़न, प्रलोभन के प्रयोग या कपटपूर्ण माध्यम अथवा विवाह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को एक से दूसरे धर्म में परिवर्तित या परिवर्तन का प्रयास नहीं करेगा। न किसी व्यक्ति को ऐसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाएगा या षड़यंत्र करेगा। यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्व धर्म में वापस आता है तो ऐसा इस अधिनियम के अधीन एक धर्म से दूसरे धर्म का परिवर्तन नहीं कहा जाएगा।

धर्म परिवर्तन के प्रति परिवाद दायर किया जा सकेगा। जो भी अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करेगा उसमें दंड का प्रावधान है। इसमें कारावास व जुर्माना दोनों का प्रावधान किया जाएगा। यही नहीं, धर्म परिवर्तन के एकमात्र उद्देश्य से किया गया विवाह अकृत और शून्य माना जाएगा। विधेयक के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन का इच्छुक है तो वह कम से कम एक माह पहले जिला मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्टेट के समक्ष उद्घोषणा करेगा। शुद्धता संस्कार के संबंध में पूर्व में रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी। जिला मजिस्ट्रेट इस सूचना के बाद प्रस्तावित धर्म परिवर्तन के वास्तविक आशय, प्रयोजन व कारण के संबंध में पुलिस के माध्यम से जांच करेगा।

राज्य सरकार सैनिक व आश्रितों की मदद को हर संभव तैयारः जोशी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी एवं आर्मी चीफ बिपिन रावत के साथ सहस्त्रधारा रोड स्थित डांडा लखौण्ड में गढ़वाल राईफल्स के वार मेमोरियल बॉयज एवं गर्ल्स छात्रावास का उद्घाटन किया। इस छात्रावास में कुल 250 छात्र-छात्राएं रह सकते हैं। जिसमें से 125 छात्रों एवं 125 छात्राओं के लिए रहने की व्यवस्था है। छात्रावास में भोजन, छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने के लिए बस की सुविधा, चिकित्सा सुविधा, पुस्तकालय, व्यावसायिक परिक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधा प्रदान की जायेगी। 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस छात्रावास के बनने से हमारे सैनिक परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं एवं अच्छा वातावरण मिलेगा। प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर बच्चे यहां पर आकर शिक्षा ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सेना तैयार हो जाती है, तो हल्द्वानी में भी सैनिक आश्रितों के लिए छात्रावास बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधन होने के बाबजूद भी अपने सैनिको एवं सैन्य परिवारों के लिए हर सम्भव मदद करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की स्थिति को सुधारने के लिए स्कूल को दी जाने वाली ग्रान्ट को तीन करोड़ से बढा़कर पांच करोड़ किया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पलायन एक गम्भीर समस्या है। दूरस्थ क्षेत्रों से किस तरह पलायन रोका जा सके इसके लिये में प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जो पोष्टिक आहार दिया जाता है, उसको राष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रसिद्धि मिली है। इस पोष्टिक आहार में सभी स्थानीय उत्पादों कोदा, झंगोरा, चोलई, कुटू आदि का प्रयोग किया गया है। इनकी पैदावार को और अधिक बढ़ाकर तथा ब्राडिंग कर बेचने पर अच्छी इनकम की जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद मेजर जनरल (से.नि) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने कहा कि सैनिक आश्रितों की सुविधा के लिए यह एक सराहनीय कार्य हुआ है। छात्र-छात्राएं, इस छात्रावास में रहकर अच्छी शिक्षा ग्रहण करेंगे तथा सैन्य एवं अन्य क्षेत्रों में अच्छे पदों पर आगे बढ़ेंगे।

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि चैत्र माह के नवरात्रि के दिन गढ़वाल राईफल्स के वार मेमोरियल बॉयज एवं गर्ल्स छात्रावास का उद्घाटन एक शुभ प्रतीक है। छात्रावास के बनने से सेना मेडल जवानों एवं फौज में तैनात जवानों को बच्चों की परवरिश के लिए अधिक भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस हॉस्टल के निर्माण में सहयोग के लिए उत्तराखण्ड सरकार, विभिन्न संस्थाओं का अभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में छात्र-छात्राओं को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी, जिससे वे आर्मी एवं अन्य संस्थानों में नौकरी करने के लिए अच्छी पढ़ाई कर सकें।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों व उनके आश्रितों की हर सम्भव मदद के लिये तैयार है। उन्होंने अपनी विधायक निधि से छात्रावास के लिये 50 लाख रूपये देने की बात कही।

सीएम ने एक वर्ष के कार्यकाल पर आभार जताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए समाज के हर वर्ग का उत्थान करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान, महिला और गांव सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। पहाड़ से पलायन रोकना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। मात्र कोरी घोषणाएँ नहीं की गयी हैं, बल्कि ऐसी घोषणाएं की गयी हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है।

सीएम बोले ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य के 99.60 प्रतिशत ग्राम विद्युतीकृत हो गये हैं। विगत एक वर्ष में 51 दूरस्थ गाँव विद्युतीकृत किए गए एवं शेष 21 गाँव मार्च के अन्त तक विद्युतीकृत हो जाएंगे।

एक वर्ष में 552 नई बस्तियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। 572 नये स्थानों पर हैण्डपम्प लगाए गए हैं। 1273 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार किया गया है। प्रदेश में 3837 चाल-खाल, जलकुण्ड, फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 600 अतिरिक्त चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किया गया। इनमें 239 बॉन्डधारी चिकित्सकों की भी नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। मैदानी क्षेत्रों में सुविधा जनक स्थानों पर वर्षों से जमें डाक्टरों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें वापस मूल स्थानों पर तैनात किया गया है।

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार सदैव प्रयासरत है। 15 ग्रॉथ सेंटरों में महिलाओं को एलईडी उपकरण निर्माण की टेªनिंग दी जा रही है। सामाजिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित महिलाओं के लिये एक लाख तक ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एकल महिलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना शुरू की गयी है। इसके साथ ही प्रथम स्पर्श सैनेटरी नैपकिन उत्पादक इकाई शुरू कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने हेतु शुरू की गयी योजना के अन्तर्गत अब तक सवा लाख से अधिक किसानों को लगभग 600 करोड रूपये का ऋण मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा चुका है। पर्वतीय क्षेत्र में छोटी एवं बिखरी जोतों की चकबन्दी का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है। एमएसएमई के क्षेत्र में 2951 ईकाइयों की स्थापना की गयी है, जिससे लगभग 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य में सेण्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिये भवन एवं भूमि चिन्ह्ति कर ली गयी है, जिसमें इस वर्ष से कक्षाओं की शुरूआत कर दी जाएगी।

सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत लगभग 2500 करोड रूपये के 460 निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई स्टार्ट अप नीति-2018 भी लागू कर दी गयी है। उद्यमियों को नये उद्यमों हेतु भूमि खरीदने की अनुमति अब जिला स्तर से ही प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के विकास के लिये रोडमैप निर्धारित करते हुए हमने लक्ष्य 2020 के अन्तगर्त 2020 तक राज्य की सभी योजनाओं में डीबीटी लागू करने, राजस्व दोगुना करने, 05 हजार होम स्टे का निमार्ण, 01 लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने, 200 स्टार्ट अप आरम्भ करने, 04 लाख 35 हजार वंचित परिवारों में से कम से कम एक व्यक्ति प्रति परिवार को जीविका के साधन देने, सर्विस सेक्टर में 01 लाख नए रोजगार उत्पन्न करने, सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाईबर कनेक्टिविटी देने जैसे लक्ष्य रखे है।

आज के युवा कल का भविष्यः सीएम

मिलेनियम वोटर्स महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले युवा देश का भविष्य है। भविष्य के भारत निर्माण में युवाओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 57 प्रतिशत युवा मतदाता है। यदि सही मार्गदर्शन मिले तो युवाओं में सब कुछ करने की क्षमता है।

एक वैडिंग प्वाइंट में मिलेनियम वोटर्स महाअभियान का शुभारंभ राज्य के सीएम त्रिवेन्द्र ने किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने 09 मिलेनियम दिव्यांग वोटरों को प्रमाण पत्र बांटे। त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड वासियों में ईमानदारी, मेहनत एवं संस्कार की भावना है। जिस प्रदेश के पास इतना अच्छा मानव संसाधन हो, वह सब कुछ करने में समर्थ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए भ्रष्टाचारियों को जड़ से मिटाना होगा। पिछले 11 माह में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचारियों के प्रति कठोर कदम उठाये हैं। एक ही मामले में अभी तक 20 लोग जेल जा चुके हैं। उन्होंने युवाओं को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वं ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सबके वोट का एक ही मूल्य होता है, चाहे वह राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री का हो चाहे एक सामान्य भारत के नागरिक का। इसलिए युवाओं को स्वयं का और अपने वोट के महत्व को समझना जरूरी है।

गंगा तट पर आना, मेरे लिये सौभाग्यः उपराष्ट्रपति

अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडु तीर्थनगरी स्थित परमार्थ निकेतन पहुंचे। योग फेस्टिवल को संबोधित करते हुये नायडु बोले इस पतितपावनी मां गंगा के तट पर आना मेरे लिये वाकई सुखद अनुभव है। मैं अपने को सौभाग्यशाली समझता हूं कि मैं यहां आया।

अपने संबोधन में कहा कि परमार्थ निकेतन ने दुनिया में योग को समझाने में अहम भूमिका निभाई है। योग तन, मन को संुदर बनाता है। इसके साथ ही लोगों को एकजुट होने का संदेश भी देता है।

उपराष्ट्रपति आगे बोले गंगा किनारे बसे ऋषिकेश में योग नदी, मन और हर जगह बसा हुआ है। भारत हमेशा से दुनिया को जानकारी देता है। दुनिया को शांति का सन्देश देता है। मोदी के प्रयास से पूरी दुनिया 21 जून को योग दिवस मनाती है। भगवान कृष्ण ने भी कर्म, भक्ति और ज्ञान योग की बात की। हमे भी इनका अनुसरण करना चाहिए।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि योग के जरिये दुनिया मे शांति कायम की जा सकती है। आंतरिक शांति यानी मन की शांति योगा के जरिये ही मिल सकेती है। दुनिया में योग एक प्रकार से आपसी प्रेम को उजागर कर रहा है।

आज पूरा विश्व भारत को खासकर उत्तराखंड के ऋषिकेश को योग की राजधानी के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए भी योग करना जरूरी है। न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तनाव भी दूर होता है।

इस मौके पर राज्यपाल डा. केके पॉल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, भगवती सरस्वती, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित भारी मात्रा में योग प्रशिक्षु, योगाचार्य, योग जिज्ञासु मौजूद रहे।

योग के कारण भारत पूरे विश्व में डंका बजा रहाः त्रिवेन्द्र

अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव का विधिवत रूप से शुभारंभ हो गया। तीर्थनगरी ऋषिकेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि भारत की भूमि पर ऋषि-मुनियों के अथक प्रयासों से जन्मा योग आज समूचे विश्व में अपनी महत्ता का सिद्ध कर रहा है।

आज पूरा विश्व योग के लिए भारत और खास कर उत्तराखंड की ओर रूख कर रहा है। उनहोंने कहा कि महर्षि पतंजलि योग के परिणेता रहे हैं, उसी योग को कई ऋषि-मुनियों, संतों और योग गुरुओं ने विस्तार देते हुए आज दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज विश्व भर मनुष्य का स्वभाव हिंसक हो रहा है, उससे बचने के लिए योग एक बेहतर माध्यम है।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग, गढ़वाल मंडल विकास निगम व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव- 2018 के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को योग जिज्ञासुओं ने फूलों की होली खेली। इसके बाद दूसरे दिन योग की कक्षायें चली। आपकों बता दें कि पूरे विश्व के करीब 90 देशों से लगभग 1500 से अधिक योगाचार्य ऋषिकेश में आयोजित योग महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे है। शनिवार को उपराष्ट्रपति परमार्थ निकेतन में योग जिज्ञासुओं को संबोधित करेंगे।

प्रतिदिन चलने वाली योग की 200 से अधिक कक्षाओं में मुख्य रूप से अष्टांग योग, आयंगर योग, विन्यास योग, कुंडलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिंतोह योग, सोमैटिक योग, हठ योग आदि प्रस्तुत किए जाएंगे।

अब दसवीं पास करना हुआ आसान, सीबीएसई ने दी राहत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने का रास्ता आसान कर दिया है। बोर्ड ने दसवीं कक्षा में पास होने का मानदंड ही बदल दिया है। इस मानदंड के अनुसार विद्यार्थी अब आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने पर ही पास हो जाएंगे।

इससे पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करने होते थे। शैक्षणिक सत्र 2017-18 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में विभिन्न मूल्यांकन पृष्ठभूमि से आए परीक्षार्थियों की परिस्थतियों को देखते हुए सीबीएसई की परीक्षा समिति ने 16 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया है। हालांकि, पास होने का यह मानदंड सिर्फ इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए लागू रहेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष अनिता करवल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2018 में परीक्षा दे रहे दसवीं के विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव किया गया है। इसके तहत 20 अंक वाली आंतरिक परीक्षा व 80 अंक वाली विषय परीक्षा के अंकों को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।

यह नियम पांचों मुख्य विषयों के लिए लागू होगा। अगर किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय के तौर पर छठा या सातवां विषय भी लिया है, तो उन विषयों के पास होने का मानदंड भी अन्य पांचों विषयों की तरह ही रहेगा।

कला धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ मजबूत हथियारः विजयन

प्रिया प्रकाश वारियर के वायरल गाने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले पर केरल के सीएम पी विजयन ने फिल्म के गाने के समर्थन में बोलते हुए कहा कि इसी गाने के खिलाफ मजहबी भावनाओं को आहत करने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। सीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की असहिष्णुता को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

विजयन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि कला और विचार की स्वतंत्र अभिव्यक्ति के खिलाफ असहिष्णुता को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ‘मणिक्या मालारया पूवी’ गाने को लेकर हैदराबाद में फिल्म निर्देशक उमर लुलु के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

केरल के सीएम ने कहा कि इस मामले में अगर किसी को शक है कि हिन्दू और मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हाथ मिला लिया है तो उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता। विजयन ने कहा कि यह गाना पारंपरिक मुस्लिम गीत का रीमिक्स है। साल 1978 में इसे आकाशवाणी ने भी प्रसारित किया था।

विजयन ने कहा कि कला और साहित्य धार्मिक कट्टरपंथ और सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूत हथियार है।

पहले भी फिल्म को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी और मुंबई में राजा फाउंडेशन ने सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिखकर गाने पर तत्काल बैन लगाने की मांग की थी।