एंजेल चकमा के पिता से की फोन पर वार्ता कर सीएम ने जताया दुःख, आर्थिक मदद भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर, एंजेल की हत्या पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है, ईनाम घोषित करते हुए उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने तरुण चकमा से कहा कि इस घटना पर वो व्यक्तिगत तौर पर दु:खी हैं। इस स्थिति में परिवार के दु:ख को समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कभी भी इस तरह का माहौल नहीं रहा है, यहां देश- विदेश के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। इसलिए यह घटना हम सबके लिए भी कष्टपूर्ण है। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होने कहा कि घटना के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनकी बात हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की सहायता के लिए वो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे, साथ ही उत्तराखंड सरकार भी परिवार की हर संभव सहायता करेगी।

उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए पहली किश्त के रूप में रूपये 4 लाख 12 हजार 5 सौ की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। यह धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अन्तर्गत स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के लिए यह प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून को भेजा गया था। इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी विकासनगर एवं पुलिस उपाधीक्षक विकासनगर देहरादून की संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त कर जिलास्तरीय समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया को तुरंत संपन्न कराते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अंतर्गत उक्त आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ ही प्रथम किस्त का चैक एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा को भेज दिया गया है।

किसान दिवस के उद्घाटन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने दिए जनवरी 2026 से प्रत्येक माह स्टेट प्रगति बैठक शुरू करने के निर्देश: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पीएम प्रगति के अंतर्गत योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश में पीएम प्रगति की तर्ज पर स्टेट प्रगति शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह का एक दिन निर्धारित कर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप एवं अत्यंत महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने जनवरी, 2026 में स्टेट प्रगति की प्रथम बैठक आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पीएमश्री योजना के अंतर्गत चिन्हित स्कूलों में कम्प्यूटर/सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (आईसीटी लैब), स्मार्ट क्लासेस, लाईब्रेरी आदि की व्यवस्था शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए लिए ईएफसी/डीएफसी सहित अन्य कार्यों को मार्च तक पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय से कार्य पूर्ण हो इसके लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाएं एवं नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने अटल टिंकरिंग लैब की तर्ज पर स्टेट फंड से भी विद्यालयों में टिंकरिंग लैब तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिंकरिंग लैब में ऐसे नवाचारी एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के अध्यापकों को तैनात किया जाए, जो बच्चों के भीतर छिपी उनकी प्रतिभा को निखारकर उन्हें नवोन्मेषी बना सकें। उन्होंने कहा कि शुरूआत में ऐसे 10-12 स्कूलों को तैयार कर नवोन्मेषी प्रोटोटाईप मॉडल तैयार करवाए जाएं, जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सकें।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में अपना खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है, उनके लिए आस पास खेल के मैदान की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कम्प्यूटराईजेशन शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने ऋण समितियों का ऑन-सिस्टम ऑडिट और डे-एंड क्लोजर (Day-End Closure) को 100 प्रतिशत लागू किए जाने में तेजी लायी जाए।

इस अवसर पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव एवं निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सीएम ने नैनीताल में मन की बात का 129वाँ एपिसोड देखा व सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 129 वें एपिसोड को आम जन एवं विद्यार्थियों के साथ सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “मन की बात” देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचार हर नागरिक में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मन की बात” के माध्यम से देश के कोने-कोने से जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है और अनेक उत्कृष्ट कार्यों से देश प्रेरणा लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज सेवा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका जैसे विषयों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से भी इस कार्यक्रम की सीखों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अवसर पर सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, नैनीताल सरिता आर्या रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

किसी भी व्यक्ति के पास अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए: पुलिस

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन विवादों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संवेदनशील घटना थी, जिसकी जानकारी सरकार को प्राप्त होते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।

विवेचना एवं ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान यह प्रकरण उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत हुआ, जहाँ सीबीआई जांच कराए जाने संबंधी याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत मानते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इनकार किया गया तथा याचिका को खारिज कर दिया गया।

इसके पश्चात यह मामला उच्चतम न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी विवेचना की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की याचिका को निरस्त कर दिया गया।

एसआईटी द्वारा की गई विस्तृत विवेचना के उपरांत निचली अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्तमान में यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

हाल ही में इस प्रकरण से संबंधित कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनकी विवेचना प्रचलित है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे विवेचना के दौरान एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। उस समय भी पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, तथ्य अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

उन्होंने पुनः अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में दर्ज प्रकरणों की विवेचना जारी है और यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा सकते हैं।

डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेंगे और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का हुआ विमोचन, सीएम धामी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत जन-जन तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा। उन्होंने कहा इन गीतों के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी एवं उत्तराखंड में पहली बार हुए कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

“पैली-पैली बार” गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली बार हुये विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुये अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण और यूसीसी , शीतकालीन यात्रा, पर्यटन व तीर्थाटन को बढावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा सुविधाओं, सरकारी सेवाओं में हुई नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।

इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान मे चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेडा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश एवं लोकगायिका खुशी जोशी व सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया गया है। साथ ही इसकी धुन व गीत भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा एवं संगीत ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं के बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर दायित्वधारी कैलाश पंत, लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), खुशी जोशी दिगारी ( वर्चुअल ) , भूपेन्द्र बसेडा, ललित गित्यार, राकेश खनवाल, चन्द्रप्रकाश, सोनम, कुंदन कोरंगा, बसंत तिवारी, नवीन जोशी, पूरन नगरकोटी, भागीरथी नगरकोटी, मीनाक्षी जोशी, मोहित जोशी, संगीतकार सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की। मुख्यमंत्री ने राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी, पंजीकरण तथा अन्य सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की हर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनके माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर उनके कौशल विकास से भी जोड़ने का कार्य भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक हमारे राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का दायित्व है कि जो लोग प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं उनका एवं उनके परिजनों का भविष्य भी सुरक्षित हो। उन्होंने कहा राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में श्रमिकों के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही ब्लॉक तहसील एवं गांव स्तर में ही सीएससी के माध्यम से श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी हर सहायता एक ही स्थान पर मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मकार बोर्ड द्वारा अब तक 51 करोड़ रूपये की धनराशि विगत 06 माह में श्रमिको एवं उनके परिजनों के खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। पूर्व में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिको के पंजीकरण / नवीनीकरण तथा लाभ के आवेदन हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यवस्था का शुभारम्भ भी किया जा चुका है।

श्रम आयुक्त पी.सी. दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री द्वारा 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की गई है। उन्होंने कहा भविष्य में भी बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण समाधान निस्तारण और संतुष्टि के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलहाकार बोर्ड कैलाश पंत, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज, आईटी एक्सपर्ट दुर्गा चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर अपने परिवार समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाया है। महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी तू नारायणी के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, लखपति दीदी योजना को लागू एवं ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। महिलाएं उद्योग, कला , शिक्षा, विज्ञान तक, खेल, अनुसंधान, सेना जैसे अनेकों क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया है। 15 हज़ार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत भी की गई है। जिसके अंतर्गत हम उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इनहाउस स्टोर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महिलाएँ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। नारीशक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी ( से नि), मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी का सुशासन मॉडल: 13 जिलों में 126 शिविर, 64,960 नागरिकों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति — सरकार को जनता के द्वार तक पहुँचाना — आज धरातल पर पूरी मजबूती के साथ दिखाई दे रही है।

आज प्रदेश के 13 जनपदों में 126 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64,960 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से 10,962 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7,952 शिकायतों का मौके पर ही या समयबद्ध निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त 12,399 प्रकरणों में विभिन्न प्रमाण पत्र एवं सरकारी लाभ प्रदान किए गए, जबकि 39,923 नागरिकों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

यह आंकड़े नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यसंस्कृति, जवाबदेही और ज़ीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि *“मेरी सरकार का संकल्प स्पष्ट है — जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचेगी।*‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। हर शिकायत का समयबद्ध समाधान और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो दिव्यांग, वृद्ध या कमजोर वर्ग के लाभार्थी शिविरों तक नहीं आ सकते, उनके घर तक अधिकारी स्वयं जाएँ, शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी हो | किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी | प्रत्येक जनपद में फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए| योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और गरिमा के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे | मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसेवा में कोताही करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*सुशासन की नई पहचान*

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुशासन, संवेदनशीलता और जवाबदेही का मॉडल राज्य बना रहा है। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।