प्रदेश में प्रत्येक जनपद में एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण सम्बन्धी विभागों के मध्य बैठक हुई। बैठक के दौरान एडीबी द्वारा उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों के चल रहे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव के निर्देश पर विभागों द्वारा अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।

मुख्य सचिव ने एडीबी के अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए। इसमें युवाओं के कौशल विकास के साथ ही सर्टिफिकेशन और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए एक होलिस्टिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के प्रदेश में पुलों के निर्माण और लैंड स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट कार्य को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने हेतु प्रस्ताव एडीबी को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने की बात भी कही। कहा कि इस योजना को प्राथमिकता पर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जा सकता है। उन्होंने JICA से वित्तपोषित जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों के प्रस्तावों को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जाए। मुख्य सचिव ने अर्बन मोबिलिटी और अर्बन प्लानिंग को भी एडीबी में शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तैयार कर एडीबी को सौंपे जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय करनी हैं। उन्होंने चरणवार तरीके से अपने महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव एडीबी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका (Mio Oka) ने उत्तराखण्ड में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स के विषय में चर्चा की। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागों द्वारा शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, दिलीप जावलकर, एडीबी से अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा-2026: सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान तैयार

सीएम धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा चारधाम यात्रा को हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने संबंधी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए | देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे थे ।

मुख्यमंत्री धामी ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और अधिक प्रभावी रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने तथा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी भ्रामक या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित SOP का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य हो तथा ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर सेवाओं को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनज को बेहतर बनाने को कहा।

आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही CSR और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकता अनुसार AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।

आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती करने को कहा। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

सीएम धामी ने यात्रा अवधि के दौरान नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर गड्ढों को तुरंत भरने और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष भंडारों को लेकर उत्पन्न विवादों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि प्रशासन स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती करते हुए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायकगण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक

मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को श्री बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने की राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक के दौरान राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर तथा ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के अंतर्गत कार्यों में तेजी लाई जाए और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने के लिए कार्यों के सरलीकरण पर विशेष बल दिया, ताकि परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं के तहत कार्यों की वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए तथा तय समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शारदा कॉरिडोर योजना के कार्यों में तेजी लाए जाने हेतु परियोजना के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ इस क्षेत्र की भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशीलता का भी अध्ययन कर सुरक्षात्मक उपायों की प्राथमिकता पर ध्यान दिए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट के विकास तथा घाटों के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र में आनेवाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता के साथ हरिद्वार एवं ऋशिकेश के घाटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके और उत्तराखंड को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा और गंगा कोरिडोर का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा श्रद्धालुओं को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं में अलग-अलग डिजाइन पर कार्य किये जायेंगे। शारदा कोरिडोर के तहत बुनियादी ढ़ांचे, पर्यटन और लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने से संबधित अनेक कार्य किये जायेंगे।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव अजय मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्वेता चौबे मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी: धामी

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जन समस्याओं का समाधान करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

डीएम जनता दर्शन में 100 से अधिक मसले, अन्य जिले से भी प्राप्त हुई फरियाद

जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज अपने कार्यालय कक्ष में जनमानस की शिकायतें सुनी। जिलाधिकारी प्रत्येक दिन अपने कार्यालय कक्ष में आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनते है तथा सम्बन्धित विभागों से उनका समयबद्ध निस्तारण भी करवाते है। डीएम स्वयं शिकायतों की मॉनिटिरिंग करते है। डीएम अपने कार्यालय कक्ष में प्रतिदिन अपने कार्यों के साथ ही जनमानस की शिकायतें भी सुनते है प्रतिदिन फरियादियों की संख्या 40 से अधिक ही होती है।

जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में चले आज के जनदर्शन में संगतियावाला भानियावाला निवासी दीपा ने गुहार लगाई कि एकल अभिभावक है उनकी 04 वर्षीय बेटी का लालन पोषण की जिम्मेदारी है उन्होंने डीएम से उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलवाने का अनुरोध किया जिस जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को असहाय दीपा को उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलाते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए। दीपा जिलाधिकारी का धन्यवाद किया दीपा इससे पूर्व दीपा की बेटी को स्कूल में दाखिला दिलाया तथा दीप के प्रकरण पर ई एफआईआर भी कराई।

जिला उत्तरकाशी तहसील पुरोला ग्राम वेष्टी पल्ली निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मंजरी देवी ने अपने आवेदन पत्र के माध्यम से फरियाद लगाई कि उनके परिवार में एक पुत्र व एक पौत्री है पुत्र मानसिकरूप से बीमार है जिनका उपचार चल रहा है पौत्री शारीरिक रूप से असहाय है तथा बिस्तर से उठने में असमर्थ है। अपनी उम्र एवं शारीरिक अक्षमता के कारण पौत्री को नही संभाल पा रही हॅंू, उनके बाद पौत्री का क्या होगा इसकी चिंता लगी रहती है, मंजरी देवी ने अपनी पौत्री को दिव्यांगजनों हेतु कार्य कर रहे संस्थान में प्रवेश दिलाने का अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को रफेल होम में प्रवेश दिलाते हुए समन्वय करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।

अधोईवाला निवासी बीना देवी एवं त्यागी रोड निवासी राखी ने अपनी खराब पारिवारिक स्थिति के कारण बेटी की फीस भरने में असमर्थता के चलते पढाई बाधित होने की फरियाद सुनाते हुए डीएम से सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने बीना देवी की 02 पुत्रियों तथा राखी की पुत्री की स्कूल फीस हेतु प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने के जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास को निर्देश दिए।

नेमी रोड डालनवाला निवासी प्राची सिंह जिनकी जिला प्रशासन द्वारा नंदा-सुंनदा से एमसीए में दाखिला दिलाने के साथ ही संस्थान तक आवागमन पूर्ण व्यय जिला प्रशासन वहन कर रहा है ने शिक्षा हेतु लैपटॉप का अनुरोध किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से लेपटॉप दिलाने हेतु कार्यवाही के निर्देश दिए।
ब्रहा्रमपुरी निवासी मनीष शर्मा ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि वर्ष 2006 में चार बच्चों को कंरट से बचाने में उनके बुरी तरह झुलस जाने के कारण काट दिए गए है। उनके 02 बच्चें है उन्होने जिलाधिकारी से सहायता की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब से 25000 आर्थिक सहायता हेतु पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों महिलाओं एवं असहायों के तीन शिकायती प्रकरणों पर ईएफआईआर भी दर्ज कराई गई।

मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने संभाला पदभार

ध्रुव रौतेला ने सचिवालय में मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने सचिव सूचना शैलेश बगौली से भी भेंट की।

ध्रुव रौतेला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के प्रति निरंतर प्रयासरत है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होगी, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में मीडिया एवं पत्रकार बंधुओं के कल्याण, उनकी समस्याओं के समाधान तथा उनके हितों की रक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया एवं सरकार के मध्य बेहतर समन्वय से राज्य सरकार द्वारा जनहित में लिये गये निर्णयों एवं नीतियों का लाभ समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में भी और अधिक सफलता मिल सकेगी।