ऋषिकेश।
राजाजी पार्क से हाथियों का एक जोड़ा गुरुवार देर रात करीब दो बजे भट्टोंवाला गांव में पहुंचा जहां उन्होंने एक के बाद एक गेहूं की फसलें रौंदकर तहस-नहस कर दी जिसमें यशपाल पोखरियाल, सुरेंद्र सिंह राणा, जगमोहन सिंह, रविंद्र राणा के खेत शामिल थे। यही नहीं हाथियों ने जोत सिंह के घर के आसपास की क्यारियों में बैंगन और भिंडी की फसल को भी चट कर दिया। इसके बाद हाथी सुंदर सिंह के आंगन में पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ न मिलने पर हैंडपंप ही उखाड़ डाला। ग्रामीणों ने वनकर्मियों को मामले की सूचना दी। वनकर्मियों के साथ ही ग्रामीणों ने खूब शोर मचाया लेकिन हाथी टस से मस नहीं हुए और चिंघाड़ते रहे। ग्रामीणों के अनुसार हाथी तड़के चार बजे गांव में उधम मचाने के बाद जंगल की तरफ लौटे। गांव में हाथियों के आए दिन उत्पात से ग्रामीण खौफजदा हैं। उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा की मांग की है।
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व्यवस्था परिवर्तन मंच ने किया युवाओं को जागरूक
ऋषिकेश।
शुक्रवार को सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में रक्तदान शिविर का मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी ने शुभारंभ किया। शिविर में ब्लड डोनेशन के लिए 30 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया। जिसमें से 24 युवाओं को रक्तदान के लिए ही स्वस्थ पाया गया। शेष युवाओं में हीमोग्लोबिन, वजन और ब्लड प्रेशर की कमी मिली। ब्लड बैंक प्रभारी डा. मुकेश पांडेय ने रक्तदाताओं को स्वस्थ रहने के लिए समुचित खानपान, पानी का अधिक उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही रक्तदान को प्रेरित किया।
इस दौरान मंच अध्यक्ष डा. नेगी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रकाश डाला। बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर व्यक्ति को समुचित उपचार देने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से यह दिन निर्धारित किया। ताकि दुनिया में रक्ताल्पता, पोलियो, टीबी, मलेरिया, एड्स, स्वाइन फ्लू जैसी बिमारियों की रोकथाम की जा सके।
शिविर में शहर के अलावा हरिपुरकलां, श्यामपुर, गुमानीवाला, बापूग्राम, ढालवाला, चौदहबीघा, आदि इलाकों से युवाओं ने प्रतिभाग किया। मौके पर ज्योत्सना थपलियाल, भूपेंद्र फरस्वाण, संदीप पांडेय, विक्की कठैत, राजा ढिंगरा, एचबी नौडियाल, उत्तम सिंह असवाल, लक्ष्मण धर्मशक्तू, वीरेंद्र नौटियाल, रवि कुकरेती, धूर्म ंसह रावत, द्वारिका भट्ट, नितेश अग्रवाल, बलराम शाह आदि ने सहयोग किया।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एसआरएचयू ने किया लोगों को जागरूक
डोईवाला।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक चिकित्सा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रजत रे ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संस्था के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 350 मिलियन लोग अवसाद से ग्रसित हैं। बताया कि अवसाद के कई कारण हंै। जिसमें व्यक्ति का विपरीत परिस्थितियों के साथ तालमेल करने में असफल रहने पर नकारात्मक हो जाना प्रमुख है। उन्होंने मरीजों को पुरानी बातें भूलकर तनाव से बचने की सलाह दी।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से डॉ. एके श्रीवास्तव की अगुवाई में कुड़कावाला डोईवाला में अवसाद को लेकर जागरूकता रैली निकालने के साथ नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। जिसमें एमबीबीएस के छात्रों ने राइका तेलीपाड़ा में नुक्कड़ नाटक व पोस्टर प्रर्दशनी से बच्चों को अवसाद के लक्षणों व उपचार की जानकारी दी। साथ ही रैली से लोगों को सही जीवनशैली अपनाने को जागरूक किया।
सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. जयंती सेमवाल ने बताया कि आजकल के समय में उम्रदराज व व्यस्क व्यक्तियों के अलावा युवा वर्ग भी अवसाद की चपेट में तेजी से आ रहा है। इसका कारण युवकों को अपने करियर में कड़ी प्रतिस्पद्र्धा एक कारण है। जिससे लक्ष्य तय करने में उन्हें अवसाद जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. शिल्पी, डॉ. रजनीश, फरजाना अंसारी, रीता भट्ट व आराधना मौजूद थे।
सुप्रिया शुक्ला पहुंची ऋषिकेश, निभायेंगी मां का किरदार
ऋषिकेश।
दूसरे दिन भी शुक्रवार को ऋषिकेश में शुभ मंगल सावधान फिल्म की शूटिंग हुई। बंद धर्मशाला में अभिनेता आयुष्मान खुराना और अभिनेत्री भूमि पर कई दृश्य फिल्माएं गए। दोपहर एक बजे अभिनेत्री भूमि की मां का रोल निभाने वाली छोटे पर्दे की लोकप्रिय कलाकार सुप्रिया शुक्ला भी शूटिंग स्थल पहुंच गईं जहां उन पर कई दृश्य फिल्माएं गए। सुप्रिया शुक्ला टीवी सीरियल कुमकुम भाग्य, साहिब बीबी और बॉस, संस्कार-धरोहर अपनों की, तेरे लिए, पलकों की छांव में, वो रहने वाली महलों की, राखी अटूट रिश्तों की डोर, में अपनी अदाकारी से लोगों चहेती रही हैं। सुप्रिया ने हिन्दी फिल्म परिणीता, सलामे इश्क, लगे रहो मुन्नाभाई, थ्री इडिएट, दो दुनी चार, मैं तेरा हीरो, बुड्ढा होगा तेरा बाप, मम्मी पंजाबी सहित कई अन्य फिल्मों में काम कर चुकी हैं। कलर येलो के बैनर तले बन रही हिन्दी फिल्म की शूटिंग ऋषिकेश के कई स्थानों पर तीन सप्ताह तक होनी है। गुरुवार को पशु चिकित्सालय में हरिद्वार का बोर्ड लगाने पर लोगों ने हंगामा किया था। जिस पर शुक्रवार को पत्रकारों तक को धर्मशाला परिसर में नहीं जाने दिया गया।
सप्ताहभर पहले हुई कार्रवाई नहीं दिख रहा असर
ऋषिकेश।
शुक्रवार को फिर से दुकानें सड़क तक जा पहुंचीं। हिदायत देने और जुर्माने लगाने के बाद भी अतिक्रमण कर रहे लोगों में कोई डर नहीं है। शहर में यातायात दिनोंदिन बढ़ता रहा है। जनसंख्या के हिसाब से भी शहर की आबादी एक लाख से ऊपर हो गई है। ऐसे में जन सुविधाओं के हिसाब से सड़क चौड़ी होने के बजाय अतिक्रमण के चलते आवागमन के लिए भी कम पड़ रही है।
पार्किंग स्थल नहीं होने से ग्राहक दुकानों के बाहर ही वाहन पार्क करते हैं। ऐसे में स्थिति और विकट हो जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में ऐसे अतिक्रमण को चिह्नित किया गया था। सड़क पर दुकानें नहीं बढ़ाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन पालिका ने इस मामले में दोबारा निरीक्षण ही नहीं किया जिससे नगर के आंतरिक मार्गों पर अतिक्रमण को लेकर हालत ज्यादा खराब हो गए। नगर के आंतरिक मार्ग नगर पालिका ऋषिकेश के पास हैं जिनके रखरखाव का जिम्मा पालिका ही वहन करती है।
गोदाम संचालक की हरकतों से लग रहा जाम
ऋषिकेश।
हरिद्वार रोड का लिंक मार्ग होने और प्राइवेट बसों के हरिद्वार जाने के लिए मुख्य मार्ग होने से इस मार्ग पर ट्रैफिक अधिक रहता है। रेलवे रोड पर एक प्राइवेट गोदाम पर आने-जाने वाले माल वाहनों की संख्या अधिक होने से जाम लगना आम बात है। सड़क पर लोडिंग होने और कर्मचारियों के दोपहिया वाहन खड़े होने से आधी सड़क तो पहले ही घिर जाती है। वहीं छोटे माल वाहन गोदाम से माल भरने के लिए सड़क पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं जिससे इस पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
स्थानीय लोग गोदाम संचालक को कई बार मौखिक रूप से वाहनों को सड़क पर पार्क नहीं करने की हिदायत दे चुके हैं। बावजूद इसके गोदाम से पहली गाड़ी बाहर नहीं आ पाती है कि दूसरी गाड़ियां सड़क पर लग जाती हैं। एक दिन में दो से तीन ट्रक और 10 से 12 छोटी-बड़ी गाड़ियां प्रतिदिन लोड हो रही हैं। यह मार्ग हरिद्वार रोड का लिंक मार्ग है। प्राइवेट बसें चीला मार्ग से हरिद्वार जाती है। वे इसी मार्ग का उपयोग करती हैं।
सड़क पर खड़े हो रहे वाहनों से स्थानीय लोग परेशान हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक अधिक है। बावजूद इसके सड़क पर वाहन खड़े हो रहे हैं। सड़क पर वाहन खड़ा रहने से राहगीरों को भी परेशानी हो रही है। पुलिस को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
हरीश तिवाड़ी, स्थानीय सभासद नगर पालिका ऋषिकेश।
नहाते समय गंगा में डूबी दिल्ली की छात्रा
ऋषिकेश।
गंगा टॉवर बी-6 बसंत कुंज नई दिल्ली निवासी सौम्या सुगम (20) पुत्री राजेश कुमार झा अपनी चार बहनों, भाई और मौसा के साथ ऋषिकेश घूमने आई थी। वे तपोवन स्थित एक होटल में ठहरे थे। होटल से गंगा में नहाने के लिए वे नीमबीच गए। साढ़े चार बजे सौम्या नहाने के लिए गंगा में उतर गई लेकिन इस बीच वह तेज बहाव की चपेट में आ गई। उसके बहते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। एसडीआरएफ, जल पुलिस, गोताखोर की टीम ने गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। मुनिकीरेती थाने के कार्यवाहक एसओ धीरजमणि बलूनी ने बताया कि शुक्रवार को सौम्या सुगम अपनी चार बहनें रचना कुमारी, शांभवी, सान्या, चचेरी बहन कामिनी, छोटे भाई सार्थक और मौसा उज्जल कुमार के साथ नीमबीच पर नहाने गई लेकिन नहाते समय अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गई। शाम सात बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया लेकिन नहीं मिली। शनिवार को भी युवती की तलाश की जाएगी।
बीइओ ने ओमकारानंद स्कूल को नोटिस भेजा
ऋषिकेश।
खंड शिक्षा अधिकारी नरेन्द्रनगर पंकज कुमार उप्रेती ने जानकारी दी कि अभिभावकों ने मुनिकीरेती स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। जिसमें उनके बच्चों को कक्षा आठ से पूर्व फेल कर दिया गया है। अभिभावकों के द्वारा स्कूल से पूछताछ करने पर स्कूल प्रशासन उनके बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने की बात कहकर टीसी पकड़ा रहा है। लिखित शिकायत दर्ज करने पर बीइओ पंकज कुमार उप्रेती ने स्कूल के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। जिसकी प्रति डीएम टिहरी व शिक्षा विभाग को भी भेजी है।
बीइओ का कहना है कि स्कूल को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नोटिस तामील कराया है। नोटिस में अधिनियम के अनुच्छेद-16 व 17 का हवाला दिया गया है जिसमें किसी भी छात्र को दूसरी कक्षा में जाने से रोकने व मानसिक उत्पीड़न करने या दूसरे स्कूल में उसकी स्वेच्छा से पूर्व जाने को अधिनियम का उल्लंघन माना है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल उनके बच्चों को बाहर का रास्ता दिखाने की जुगत लगा रहा है। इसीके तहत उनके बच्चों को जबरन फेल किया गया है। और दूसरे स्कूलों में जाने का दबाब भी बनाया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो फेल किये गये छात्रों की संख्या सौ से अधिक बताई जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि ओएसएन के प्रधानाचार्य को दिये गये नोटिस में स्कूल ने बीइओ को छात्रों के नाम बताने की मांग कर डाली है। पूर्व के अनुभव बताते है कि प्राइवेट स्कूल सरकारी व शिक्षा विभाग के नोटिसों को खासा तवज्जों नही देते है। बरहाल नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग इस मामले को किस तरह से सुलझा पाता है, यह देखने वाली बात है। वहीं, ओएसएन के प्रधानाचार्य देबाशीष दास के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।
पानी की समस्या से जूझ रहे गीतानगरवासी
ऋषिकेश।
गीतानगर के लोग गुरुवार को जल संस्थान के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने जलकल अभियंता को क्षेत्र में पानी नहीं आने की समस्या बताई। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लो प्रेशर के कारण कई घरों में नियमित पानी नहीं आ रहा है। कुछ बुजुर्ग ने मांग कि उनके क्षेत्र में पानी सप्लाई के वॉल्ब से छेड़खानी न की जाए। जब-जब विभाग के कर्मचारी किसी को फायदा पहुंचाने के लिए वॉल्ब से छेड़छाड़ करते हैं तो क्षेत्र में पानी की समस्या गहराने लगती है।
लोगों में नाराजगी थी कि जल संस्थान लोगों की समस्याओं को लेकर मौका मुआयना नहीं करता है। इसपर जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत ने पानी की समस्या को लेकर मौका करने करने की बात कही। बताया कि शीघ्र ही समस्या से निजात मिल सकेगी। ज्ञापन देने वालों में ज्योति सजवाण, सत्य प्रसाद कोठारी, जय सिंह जरधारी, प्रकाश जरधारी, यशपाल राणा, देवेन्द्र शर्मा, गिरीश कोठारी, महेश्वर प्रसाद, राजीव बड़ोनी, अनिकेत गुप्ता, विजय बड़ोनी, प्रवीन कुमार, अशोक बोड़ाई, अनुसुया प्रसाद, विनोद, सत्य प्रसाद, नवीन अग्रवाल, महेश कोठारी, कुलदीप, मुकेंश सिंह आदि शामिल रहे।
स्पीड पोस्ट से दिया तलाक, पीड़िता ने मोदी और योगी से मांगी मदद
लखनऊ।
मूलरूप से इलाहाबाद की आलिया एक कम्पनी चलाती हैं। उनका निकाह चार माह पहले (23 नवंबर 2016) हुआ था। आरोप है कि शादी के समय ही दहेज के रूप में एक फार्च्यूनर गाड़ी और 25 लाख रुपए की मांग ससुरालियों ने की थी, जिसे लेकर थोड़ा बवाल भी हुआ था। मामला किसी तरह से शांत हुआ और निकाह हो गया। निकाह के बाद ही ससुरालियों ने सभी गहने ले लिए और उन्हें पति के साथ एक होटल में छोड़कर अपने कन्नौज जिले में स्थित अपने पैतृक गांव लौट गए।
अगले दिन जब वह ससुराल पहुंचीं, तो वहां उन्हें पता चला कि उनके पति की एक शादी पहले ही हो चुकी है। आलिया का आरोप है कि उन्होंने विरोध दर्ज कराया तो यह बताते हुए ससुराल से निकाल दिया गया कि पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। वह कानपुर के अशोकनगर स्थित घर लौट आईं, जहां उनकी मां रहती हैं। पिता का निधन हो चुका है। दो भाई हैं, जो विदेश में रहते हैं। एक बार उन्होंने फिर ससुराल जाने का प्रयास किया लेकिन लौटा दिया गया। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि पहली बीवी से उनके पति का तलाक नहीं हुआ है।
आलिया ने बताया कि 30 जनवरी को एक स्पीड पोस्ट आया। स्पीड पोस्ट को खोलते ही उनके होश उड़ गए। उसमें तीन तलाक के कागजात थे। इन कागजात के अनुसार, आलिया को पहला तलाक शादी वाले दिन ही शाम को दे दिया गया था। दूसरा तलाक बीते साल 22 दिसंबर को दिया गया। तीसरा तलाक 22 जनवरी-17 को दिया गया और कागजात पोस्ट से भेज दिए गए।
आलिया ने इस तलाकनामे पर सवाल उठाया है कि स्पीड पोस्ट से तीन तलाक कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि वह इस लड़ाई को जरूर लड़ेंगी। उन्होंने इस मामले में कानून की भी शरण ली है। फिलहाल वह सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं। आलिया ने राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से इस मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ट्वीट कर उन्होंने मामले की जानकारी दी है।
