केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में खलल, बदरीनाथ हाईवे भी बंद

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में उमड़े बादलों ने सोमवार को भी चारधाम समेत चोटियों को बर्फबारी दे डाली, जबकि निचले इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई।

Kedarnath_town_295बारिश व बर्फबारी ने मार्च में फिर से ठंडक का अहसास तो कराया ही, पर्वतीय इलाकों में दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। केदारनाथ में विद्युत व संचार व्यवस्था की बहाली में बर्फबारी ने बाधाएं खड़ी की हुई है। साथ ही वहां पुनर्निर्माण कार्य में व्यवधान पड़ा है। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ में अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा बारिश-बर्फबारी के साथ ही जगह-जगह ओलावृष्टि के कारण गेहूं, मटर, सरसों आदि की फसलों को खासा नुकसान पहुंचने से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। यही नहीं, दो दिन से रुक रुककर बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा।

हालांकि, सोमवार को शाम तक अधिकांश इलाकों में वर्षा थम गई थी, मगर आसमान में आंशिक रूप से बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। उधर, मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार को भी उत्तरकाशी, चमोली व पिथौरागढ़ में वर्षा-बर्फबारी हो सकती है।

यहां हुई बर्फबारी –

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब, गोरसों, चोपता, हनुमानचट्टी, तुंगनाथ, मदमहेश्वर, पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियां आदि।

मौसम की दुश्वारियां –

-बर्फबारी से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य बाधित, विद्युत व संचार सुविधा की बहाली में बाधा

-बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद, हनुमानचट्टी में भी बर्फ हटाने का कार्य बाधित

-टिहरी जिले में हेंवलघाटी और चंबा-मसूरी फलपट्टी में ओलावृष्टि व बारिश से टमाटर समेत नकदी फसलें चौपट

-चमोली के थराली, नारायणबगड़, गैरसैण व देवाल के दूरस्थ गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति

मौसम का पूर्वानुमान –

मंगलवार को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों के 10 फीसद क्षेत्रफल में वर्षा व बर्फबारी की संभावना है। सूबे के अन्य जनपदों में मौसम शुष्क रहेगा।

बेमौसमी बारिश के गेंहू को नुकसान

विकासनगर: कई बार हो चुकी बेमौसमी बारिश से पछवादून में गेहूं की फसल पकने की अवधि में करीब 15 दिन का फर्क पड़ गया है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक पकने वाली गेहूं की फसल इस बार अप्रैल अंतिम व मई प्रथम सप्ताह तक पककर तैयार होगी। बारिश के साथ तेज हवा से गेहूं की खड़ी फसल गिरने से उत्पादन में बीस प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। Read more

80 राफ्टों का किया गया निरीक्षण

गढवाल मे आई प्राकृतिक आपदा के बाद तीन माह के लिए पर्यटन विभाग व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन विभाग की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा आयेाजित जांच कैंप मे राफ्टिंग कंपनियो के उपकरणों का भौतिक सत्यापन किये जाने के बाद 80 कंपनियों को नये लाइसेन्स जारी कर दिये गये। शिविर के दौरान 80 कंपनियो की राफ्टों और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। उनमे पाई गई कमियो को मौके पर दुरूस्त किया गयां मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजार्ट मे पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कैंप के तहत विशेषज्ञों ने दूसरे दिन 80 कंपनियो की राफ्टों का निरीक्षण और गाइडो के लाइसेंस रिन्यू किए। इस दौरान कई कंपनियो की राफ्टों मे कमियां भी सामने आई। बताया कि कई राफ्टों मे उनकी कंपनी का नाम अंकित नहीं था। मौके पर पेंटर बुलाकर कंपनियो का नाम लिखवाया गयां इस अवसर पर तकनीकी कमेटी के संयुक्त निदेशक पर्यटन एके सिंह डिप्टी डायरेक्टर पर्यटन आरसी भारद्वाज, केशव प्रसादएसुधीर,युशूफ, जहीर मौजूद थे। कैंपिग व्यवसाय से जुडे लोगो का कहना था कि पर्यटन और वन विभाग द्वारा उनके लाइसेंस रिन्यू किए जाने के बाद कैंपिंग की तैयारी की जाएगी। उन्होने बताया कि गंगा तटो पर ब्रहमपुरी, कौडियाला, शिवपुरी और माला कुंठी मे कैंपिग की व्यवस्थाएं बनाई जाएगी। उन्होने कैंपिंग व्यवस्थाएं बनाए जाने के बाद ही पर्यटनको के आने की संभावनाएं जताई। कपंनियों के प्रतिनिधि सुधीर ने बताया कि गाइडों को नए लाइसेंस जारी करने के लिए कुछ समय बाद उनका शारीरिक और कौशल टेस्ट लिया जाएगा। इसके तहत राफ्ट को चलाने का अनुभव और शिवपुरी से ब्रहमपुरी तक खतरनाक जोन मे अकेले राफ्ट लोन और अन्य टेस्टों परखरा उतरने वाले गाइडो को पर्यटन विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किए जाएगें।

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गोमुख की राह मुश्किल

इस बार मार्च माह तक हुई बर्फबारी ने गोमुख यात्रा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में यात्रा सीजन शुरू होने तक भी गोमुख ट्रैक को खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालत यह है कि अभी गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी ट्रैक की रेकी तक नहीं कर सके हैं। जबकि बीते सालों तक मार्च के अंतिम हफ्ते में ट्रैक को दुरुस्त करने का काम शुरू हो जाता था।

गंगोत्री धाम से 18 किलोमीटर का ट्रैक कर गोमुख तक पहुंचा जाता है। Read more

राष्ट्रपति के भ्रमण को लेकर सौंपी जिम्मेदारी

आगामी 24 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर राष्ट्रपति भी दर्शन को पहुंचेंगे। राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों के संदर्भ में डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही जिम्मेदारियां भी सौंपी गई।

जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम डॉ. राघव लंगर ने बताया कि मंदिर के पीछे बने हेलीपैड पर राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उतरेगा। वहां लोनिवि गुप्तकाशी को निम के साथ समन्वय स्थापित कर शौचालय एवं पैदल मार्ग की बैरिकेटिंग करने के निर्देश दिए। मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी को मंदिर में कार्यक्रम स्थल पर कनात, बैरिकेटिंग मंच निर्माण के साथ ही आयोजित कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई। Read more