अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की होगी पहचान

दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेश में *कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु सघन सत्यापन प्रारंभ* किया गया है। यह विशेष अभियान *प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा।*

▪️ अभियान के अंतर्गत *मल्टी स्टोरी अपार्टमेंटस, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल एवं गेस्ट हाउस* में निवासरत व्यक्तियों का verification किया जाएगा। *प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा तथा उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी।* बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने अथवा *संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।*

▪️ *होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों तथा इंडस्ट्रियल एरिया में ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। Amazon, Zomato, Blinkit सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से संबद्ध कार्मिकों की पहचान एवं सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।*

▪️ अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हेतु *आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। National Intelligence Grid (NATGRID), CCTNS, ICJS सहित अन्य केंद्रीय/राज्य सुरक्षा पोर्टलों* के माध्यम से सूचना मिलान एवं सटीक विश्लेषण किया जाएगा।

▪️ अवैध रूप से निवास कर रहे *प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा वीज़ा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही* सुनिश्चित की जाएगी।

▪️ प्रदेश के *समस्त रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर एवं सैलून आदि प्रतिष्ठानों में High Resolution सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति एवं रिकॉर्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग प्रदान की जाएगी।*

▪️ क्षेत्रों में निवासरत *एकल नागरिकों एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। उनकी सेवा में लगे घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर एवं अन्य सहयोगी कार्मिकों का भी अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।*

▪️ अभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, *स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी एवं एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्यवाही की जाएगी।* प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। *प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है। CO से लेकर IG रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।*

▪️*पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।*
*” पूरे अभियान की monitoring के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।”*

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।

महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन कर सीएम ने भक्तों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मन्दिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया व सभी श्रद्धांलुओं एवं प्रदेश वाशियों को महाशिवरात्रि की बधाई व शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री ने वंखण्डी महादेव मन्दिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-शान्ति, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा की वंखण्डी महादेव मन्दिर में बड़ी संख्या श्रद्धांलुओं का आवागमन होता है, इसीलिए कार्ययोजना बना कर मन्दिर को विकसित किया जायेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मन्दिर समिति के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

सीएम के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता: डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण सहित विभिन्न लंबित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं। विशेष रूप से शपथ-पत्र के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि संगठनों द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्रों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रकरण को प्रबल संस्तुति के साथ शासन को प्रेषित किया जाएगा, ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि आप हमारे राज्य के निर्मातागण आपकी समस्याओं का निस्तारण करना शासन-प्रशासन का परम दायित्व है। जिलाधिकारी ने समिति के गठन के संबंध में कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय एवं सर्वसम्मति से समिति सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर प्रेषित करें। प्राप्त नामों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं एवं योगदान का सम्मान करता है तथा विषय के समाधान हेतु संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता है। प्राप्त सुझाव, मानको में संशोधन चयन कमेटी निर्धारण आपके सौजन्य व विमर्श से ही किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि संवाद एवं समन्वय के माध्यम से ही समस्याओं का सकारात्मक समाधान संभव है तथा प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने यूएस नगर में 295.21 करोड़ के विकास कार्यो का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित भव्य उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का फीता काटकर किया शुभारम्भ। उन्होने 295.21 करोड़ के 61 कार्यो का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री धामी ने 123.91 करोड़ के 26 कार्य जिसमे चिकित्सा विभाग का 20.35 करोड़ के 01 कार्य, लोनिवि के 9.01 करोड़ के 05, नगर निगम रूद्रपुर के 38.60 करोड़ के 09, पशुपालन विभाग के 4.74 करोड़ का 01, संस्कृति विभाग का 95 लाख का 01, सिंचाई विभाग का 26.52 करोड़ के 02, खेल विभाग के 19.02 करोड़ के 04, शिक्षा विभाग के 3.18 करोड़ का 01, नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का 96 लाख का 01, नगर पालिका परिषद बाजपुर का 58 लाख का 01 कार्य का लोकार्पण किया। इस तरह 171.30 करोड़ के 35 कार्यो का लोकार्पण किया। जिसमे लोनिवि के 93.92 करोड़ के 05 कार्यो का, नगर निगम रूद्रपुर के 59.53 करोड़ के 19 कार्याे का, पशुपालन विभाग के 3.47 करोड़ का 01 कार्य, शिक्षा विभाग के 7.41 करोड़ के 02 कार्यो, ग्रामीण निर्माण विभाग के 6.97 करोड़ के 08 कार्यो का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 05 घोषणाएं की जिसमें मानसखंड कोरिडोर के अंतर्गत गोल्ज्यू मंदिर,शिव मंदिर व नीलकंठ धाम को जोड़ते हुए शिव प्रतिमा की स्थापना, नगर निगम रूद्रपुर के पर्यावरण मित्रों के लिए खेड़ा में आवास निर्माण किए जाने, भूरारानी व गंगापुर रोड का चौड़ीकरण, अटारिया चौक से इंद्रा कॉलोनी तक रोड का निर्माण, गुरु चांद ठाकुर स्मृति सहायता कोष O2 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की घोषणा की।

इससे पगले, मुख्यमंत्री धामी ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया उससे पूर्व उन्होंने कांवरियों की पैर पखारे एवं उनको अंगवस्त्र व पुष्प माला भेंट कर उनका अभिवादन किया, इसके उपरांत त्रिशूल चौक से सरस मेला कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क तक आयोजित शिव बारात में प्रतिभाग किया। शिव बारात में माननीय मुख्यमंत्री का विभिन्न संगठनों व जनता द्वारा फूलमाला,पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रुद्रपुर के चहुंमुखी विकास के लिए 295,21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रुद्रपुर को विकास, विश्वास और भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मज़बूत आधार बनेंगी। आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारी सरकार द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। आज हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनों और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, और सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने आज उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर हवाईअड्डा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के रूप में बदलने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास और रोजगार को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान करने का प्रबन्ध कर दिया है। जिस दिन ये परियोजना पूर्ण होगी, हमारे पूरे तराई क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या पूर्ण रूप से दूर हो जाएगी। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी को पता होगा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं। दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यसेवक के रूप में राज्य की सत्ता सँभालने के बाद ये कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने का काम भी किया, जिससे वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि हम राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। एक ओर जहां हम प्रदेश का चहुंमुखी विकास कर रहे हैं, वहीं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए एक है, इसलिए हम धर्मांतरण विरोधी कानून लाए, दंगा फैलाने वालों पर लगाम कसी और देवभूमि को अस्थिर करने वाली हर साज़िश पर सीधी चोट की। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की, जिसे देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि हमने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक प्राधिकरण शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जो अब ये सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने, न की कट्टरता का।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 250 से अधिक अवैध मदरसों पर ताला लगाकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब उत्तराखंड में अवैध मदरसों की आड़ में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हमने नकल को उद्योग बनाने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि हमने साढ़े चार वर्षों में जहां 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की, वहीं 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार, आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है। इस सख्ती और पारदर्शिता का सीधा लाभ हमारे उद्यमियों को मिल रहा है और उन्हें योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अब अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना पड़ता।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया व स्टॉलों की निरिक्षण की दौरान उन्होंने दिए बनाये एवं सूत भी काता।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं जनता का स्वागत व आभार व्यक्त किया एवम् सभी को बधाई दी। उन्होंने रूद्रपुर व जनपद में किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम व जनपद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगे भी रखी।

कार्यक्रम की उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले की प्रथम दिवस में स्टार नाईट में शिव जागरण का ज्योति जलाकर शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह, खतीब अहमद, मुकेश कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, गुंजन सुखीजा, श्रीनेत्र पाल मौर्या, रामपाल सिंह,अनिल चौहान, राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, पी डी हिमांशु जोशी नगर आयुक्त शिप्रा जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जनता मौजूद थे।

कुंभ 2027 से पहले अतिथि गृहों की बदलेगी सूरत, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों से होंगे सुसज्जित

राज्य में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों को उच्च स्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को देहरादून से लेकर हरिद्वार तक विभिन्न राजकीय गेस्ट हाउसों का व्यापक निरीक्षण किया। यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखने और उन्हें आधुनिक मानकों के अनुरूप ढालने की ठोस पहल के रूप में सामने आया। सचिव ने गेस्ट हाउसों की संरचना, अनुरक्षण, स्वच्छता, सुरक्षा, फर्नीचर, विद्युत एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य की छवि इन अतिथि गृहों से भी जुड़ी होती है, इसलिए यहां ठहरने वाले अतिथियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना अनिवार्य है। रिनोवेशन कार्यों की गुणवत्ता, किचन की साफ-सफाई, फायर सेफ्टी सिस्टम की मजबूती और समग्र सौंदर्यीकरण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए। साथ ही आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और मानक अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि अतिथि गृह केवल भवन नहीं, बल्कि राज्य की आतिथ्य परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

*बीजापुर गेस्ट हाउस में तीन चरणों में होगा उन्नयन*
देहरादून गढ़ी कैंट स्थित राज्य अतिथि गृह बीजापुर का संयुक्त निरीक्षण आवास एवं राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। निरीक्षण में राज्य संपत्ति अधिकारी, मुख्य व्यवस्थाधिकारी तथा आवास एवं सिविल/विद्युत अनुरक्षण इकाई के अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सचिव ने भवन की सिविल एवं विद्युत व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। प्रथम चरण में संपूर्ण रिपेयरिंग, वीवीआईपी कक्षों के उन्नयन, पुराने एवं क्षतिग्रस्त फर्नीचर के प्रतिस्थापन तथा फायर सेफ्टी सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। द्वितीय चरण में सभी कक्षों एवं बालकनियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने और भवन के समग्र सौंदर्यीकरण पर जोर दिया गया। तीसरे चरण में ड्रॉइंग रूम, गार्ड कक्ष तथा खुले प्रांगण की मरम्मत के साथ समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हों और गुणवत्ता सर्वोपरि रखी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य अतिथि गृह बीजापुर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर इसे एक आदर्श अतिथि गृह के रूप में विकसित किया जाएगा।

*ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल में 2.95 करोड़ से अधिक के कार्यों को मिली रफ्तार*
बीजापुर गेस्ट हाउस के निरीक्षण के बाद सचिव रेसकोर्स स्थित ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल पहुंचे, जहां संयुक्त निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर सचिव/राज्य संपत्ति अधिकारी, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी, परियोजना प्रबंधक, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम तथा विद्युत यांत्रिक खंड लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा में बताया गया कि हॉस्टल में 2 करोड़ 33 लाख 78 हजार रुपये की लागत से भवन की रंगाई-पुताई, शौचालयों के नवीनीकरण, क्षतिग्रस्त टाइल्स के प्रतिस्थापन एवं जलापूर्ति मरम्मत जैसे अनुरक्षण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त 2 करोड़ 95 लाख 12 हजार रुपये की लागत से फर्नीचर, फर्निशिंग, विद्युत एवं सिविल कार्यों को गति दी गई है। बैठक में पुरानी लिफ्ट को हटाकर नई आधुनिक लिफ्ट स्थापित करने, छत पर टिन शेड निर्माण, प्रथम से तृतीय तल तक गैलरी में पीवीसी/मेटल फॉल्स सीलिंग, नई इलेक्ट्रिकल वायरिंग और सीलिंग लाइट लगाने का निर्णय लिया गया। सुविधाओं के विस्तार के तहत पार्किंग स्थल के समीप 9 नए डबल/सूट कक्षों के निर्माण की योजना भी स्वीकृत की गई है। सभी कमरों में टीवी हेतु डेटा केबलिंग और नया इंटरकॉम सिस्टम स्थापित किया जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि हॉस्टल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर अधिकारियों और अतिथियों को उच्चस्तरीय आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

हरिद्वार स्थित अटल बिहारी वाजपेई राजकीय अतिथि गृह, मायापुर का निरीक्षण करते हुए सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के दृष्टिगत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भवन की छत से पानी टपकने और कुछ कमरों में सीलन की समस्या सामने आई, जिस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विद्युत व्यवस्था में आवश्यक सुधार, वायरिंग की जांच और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने पुराने एवं अनुपयोगी फर्नीचर को नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया से हटाने को कहा, ताकि परिसर को सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने रूम, डोरमेट्री, पार्किंग, डाइनिंग हॉल, किचन, मीटिंग हॉल एवं वीआईपी कक्षों का निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया। सचिव ने कहा कि कुंभ मेला 2027 अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, ऐसे में हरिद्वार के अतिथि गृहों को उच्च मानकों के अनुरूप तैयार करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अपर सचिव राज्य संपत्ति लक्ष्मण सिंह, अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता पंकज नयाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम की निरीक्षण जांच का त्वरित संज्ञान, ऋषिकेश उप निबंधक निलम्बित

जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना,  कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए  बताया कि मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई। जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर यह एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) की संयुक्त जॉच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तत्समय तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया। तथा फर्जी कर्मचारी से अनाधिकृत तौर से विलेखों का पंजीकरण निष्पादित कराया जाना, पंजीकृत दस्तावेजों को कार्यालय में महिनों / वर्षों तक विधि विरूद्ध तरीके से धारित/लंबित रखना, ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला में दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि का आवासीय दरों पर पंजीकरण की कार्यवाही चल रही थी। उप निबन्धक हरीश कुमार द्वारा वर्तमान में प्रचलित / विद्यमान नियमों / अधिनियमों का यथा-भारतीय स्टाम्प (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47क, भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, नियम 195 व 196, सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 368/28.04.2016 का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे स्टाम्प अपवंचना के दृष्टिगत सरकार को गहन राजस्व क्षति हुई है।
निरीक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में खुलेआम कानून उल्लंघन, फर्जी कर्मचारी से रजिस्ट्रियां कराना तथा वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।  उप निबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं तथा पंजीकृत दस्तावेज महीनों-वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखे गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जांच में दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जिससे न केवल स्टांप अपवंचना हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबन्धक के निलम्बन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन द्वारा उप निबन्धक को निलिम्बित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है तथा भविष्य में भी इस तरह के एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

बिन पिता की बेटियां शिक्षारूपी पंख से अब पूरे कर सकेंगी अपने सपनो की उड़ान

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये। 34 बालिकाओं की शिक्षा 9 लाख धनराशि से पुनर्जीवित की गई। अब तक लगभग 62 लाख से अधिक धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान है हमने नंदा-सुनंदा देवियों को नही देखा। बालिकारूपी इन देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति करना है। उन्होंने बालिकाओं से कहा की अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे छात्र जीवन के लिए इससे अधिक आईडल और कुछ नही है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनें।
इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मा0 मुख्यमंत्री एवं जिलाप्रशासन का उनकी खराब आर्थिक स्थिति में बच्चों की शिक्षा पुनर्जीवित रखने के लिए आभार व्यक्त किया। शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि स्कूल वालों ने फीस न भरने के कारण होनहार बालिकाओं को 15-15 दिन स्कूल नही आने दिया, परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी ऐसे में जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हुई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिला प्रशासन ने बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद की इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं खुशी कौर की माता ने कहा कि वह घरों में काम कर बच्चों को शिक्षित कराने में समस्या हो रही थी जिस कारण बच्चों की पढाई छूट रही थी उन्होंने जिला प्रशासन का सहायता हेतु आभार व्यक्त किया। कु0 सृष्टि जिनके पिता कैंसर पीड़ित हैं की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पारिवारिक खराब आर्थिक स्थिति के कारण बधित हो रही थी जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से शिक्षा को पुनर्जीवित कर दिया है। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे बिन पिता की बेटी अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा पुनर्जीवित, आकृति बडोनी बी-कॉम की शिक्षा जिनके पिता की मृत्यु 2023 में हो गई थी। कु0 तनिका कक्षा 10वीं पिता की मृत्यु होने उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी। कु0 लावण्या पिता की मृत्यु उपरान्त 9वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु के उपरान्त दिव्या की 6वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरांत नंदनी की यूकेजी की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरान्त ईशिका कक्षा 3 की शिक्षा बाधित हो गई थी। इसी प्रकार कु0 शिवांगी जिनके माता निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है की आर्थिक स्थिति खराब है बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। यूकेजी की शिक्षा ग्रहण कर रही मानवी की पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब है। इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित की गई।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति, पीएम आवास योजना, लैण्ड पूलिंग स्कीम और डिकंजेशन पॉलिसी पर व्यापक समीक्षा: सचिव आवास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीक आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में आवास विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

सचिव आवास ने डिस्पेन्सरी रोड स्थित राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स में संचालित उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद, नगर नियोजन विभाग तथा रेरा कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, जनसुविधाओं, लंबित प्रकरणों और सेवा वितरण प्रणाली का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

*समीक्षा बैठक में समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर*
उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आवास/मुख्य प्रशासक एवं आयुक्त के रूप में डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए।

*‘ईज एप’ को और अधिक सरल व एकीकृत बनाने के निर्देश*
सचिव आवास ने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली ‘ईज एप’ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस एप को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के साथ एकीकृत किया जाए ताकि पूरे राज्य में एक समान डिजिटल व्यवस्था लागू हो सके। उन्होंने नागरिकों की सुविधा के लिए चैटबॉट विकसित करने तथा एक सप्ताह के भीतर एप को और सरल एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के सुझावों सहित विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

*लैण्ड पूलिंग एवं टाउन प्लानिंग स्कीम को प्राथमिकता*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने लैण्ड पूलिंग स्कीम एवं टाउन प्लानिंग स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए जहां इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए इन योजनाओं का प्रभावी संचालन अत्यंत आवश्यक है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा*
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव आवास ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के समाधान हेतु बैंकर्स के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।

*पार्किंग परियोजनाओं और डिकंजेशन पॉलिसी पर सख्ती*
सचिव आवास ने पार्किंग परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने डिकंजेशन एंड रिडेवलपमेंट पॉलिसी को शीघ्र तैयार कर प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने को कहा, ताकि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या का समाधान किया जा सके।

*जीआईएस आधारित महायोजनाओं पर जोर*
महायोजनाओं के निर्माण में अनिवार्य रूप से जीआईएस प्रणाली लागू करने तथा यूसेक के माध्यम से उसके सत्यापन के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ही सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास संभव है।

*लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने पर विशेष बल दिया।

*आलयम आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण*
समीक्षा बैठक के उपरांत सचिव आवास ने सहस्त्रधारा रोड स्थित मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की आलयम आवासीय योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण गुणवत्ता एवं आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक परवीन कौर, संयुक्त सचिव गौरव कुमार चटवाल, वरिष्ठ नगर नियोजक शालू थिन्ड, अधीक्षण अभियन्ता राजन सिंह, अधिशासी अभियन्ता सुनील कुमार, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता विनोद कुमार चौहान, कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश चन्द्र पाण्डेय एवं पीएमयू के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की अवधारणा केवल आधारभूत संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शी प्रशासन, तकनीक आधारित सेवाएं और जनसुविधाओं का सुदृढ़ विस्तार भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी विकास प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम, जीआईएस आधारित महायोजनाएं, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति और आवासीय योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विभाग का लक्ष्य है कि शहरीकरण संतुलित, पर्यावरण-संवेदनशील और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

दून में दिनदहाड़े एक ओर हत्या, कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

राजधानी देहरादून में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक और हत्या हो गई। सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। विक्रम पर झारखंड में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई हत्याएं, अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले शामिल हैं। काशीपुर में विक्रम का स्टोन क्रशर है और वह प्रॉपर्टी के कारोबार में भी सक्रिय था। शुरुआती जांच में पुलिस रंजिश के कारण हत्या होना मान रही है।

विक्रम शर्मा रोज की तरह सिल्वर सिटी स्थित एनी टाइम फिटनेस जिम में व्यायाम करने गया था। वहां से निकलते वक्त करीब 10 बजकर 10 मिनट पर सीढ़ियों पर दो हमलावरों ने उसके सिर में गोली मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे उठाकर मैक्स अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि कुल तीन बदमाश बाइक पर आए थे। इनमें से दो पैदल मॉल के अंदर गए और गोली मारने के बाद वहां से पैदल ही निकल गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बदमाश वहां से कुछ सौ मीटर तक पैदल भागे इसके बाद काले रंग की बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।

आईजी गढ़वाल ने हत्याकांड के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर दी। सख्त जांच अभियान चलाया गया। पुलिस टीमें बदमाशों के आने और वारदात को अंजाम देकर भागने के रास्तों की जांच में जुट गईं। विक्रम शर्मा मूल रूप से सिंहभूमि जमशेदपुर झारखंड का रहने वाला था। वर्तमान में वह देहरादून में अमन विहार में रह रहा था।

उसका काशीपुर में स्टोन क्रशर का कारोबार है। उसके कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंध होने की जानकारी मिली है। ऐसे में पुलिस इस हत्या को आपसी रंजिश, गैंगवार या आर्थिक लेनदेन से जुड़ा मानकर जांच कर रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा के पास एक लाइसेंसी पिस्टल भी थी। इसे घटनास्थल से बरामद किया गया है। घात लगाए हमलावरों ने इतनी तेजी के हमला किया कि वह हथियार निकाल तक नहीं सका। फायरिंग के वक्त मॉल के अधिकतर शोरूम बंद थे लेकिन अंदर कई सफाई कर्मचारी मौजूद थे।