राज्य स्थापना दिवस पर आंदोलन के संघर्ष को पोस्टरों में उकेरा

राज्य स्थापना दिवस पर श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विद्यालय में एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका शीर्षक मेरे सपनों का उत्तराखंड रखा गया। इस प्रतियोगिता में स्वयंसेवकों द्वारा बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया गया एवं आकर्षक पोस्टर भी बनाए गए। निबंधों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि राज्य को पाने के लिए कई आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी। उत्तराखंड राज्य एक संघर्ष का प्रतीक है। राज्य गठन का मूल उद्देश्य पहाड़ों से पलायन को रोकना एवं बुनियादी सुविधाएं देना है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी वरिष्ठ प्रवक्ता जयकृत सिंह रावत ने कहा स्वयंसेवियों को राज्य गठन के बाद शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा एवं सड़क जैसी मूलभूत क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जितेंद्र बिष्ट, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल, रेडक्रॉस प्रभारी रंजन अंथवाल, नीलम जोशी, रेखा बिष्ट, पूजा आदि उपस्थित रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास ऋषिकेश में राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय तथा रजनी गर्ग ने दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया।
कार्यक्रम में छात्रा साक्षी बड़थ्वाल एवं सानिया पयाल ने उत्तराखंड के लोकगीत गाकर सबका मन मोहा। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा निबंध प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गयी। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य बहुत संघर्ष के फलस्वरूप प्राप्त हुआ है। इसलिए इसके विकास में तथा क्रांतिकारियों के सपने को साकार करने के लिए हम सबको बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा।
कार्यक्रम अधिकारी रामगोपाल रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों द्वारा निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान के फलस्वरुप हमें प्राप्त हुआ है, यहां की वन संपदा और प्रकृति अनमोल है। इस राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को उत्तरांचल के रूप में हुई तत्पश्चात 1 जनवरी 2007 में इसका नाम उत्तराखंड के रूप में परिवर्तित हुआ। राज्य के विकास में हम सब मिलकर यदि प्रयास करेंगे तो यह राज्य भारतवर्ष के सभी राज्यों में सबसे आगे होगा।
कार्यक्रम में रजनी गर्ग, सतीश चौहान, नरेन्द्र खुराना, कर्णपाल बिष्ट, रामगोपाल रतूड़ी, अनिल भण्डारी, राजेश बडोला आदि उपस्थित रहे।

राज्य आंदोलन के संस्मरण सुनाते हुए भावुक हुए विधानसभा अध्यक्ष

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के आंदोलनकारीयों एवं शहीद हुए आंदोलनकारी के परिजन को पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष के बल पर हुआ है।
इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी शहीद सूर्य प्रकाश थपलियाल की माता सत्यभामा थपलियाल, वरिष्ठ आंदोलनकारी सत्येश्वरी मनुड़ी, शकुंतला नेगी, गंभीर सिंह, विजय रावत, बीजेपी के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य संजय शास्त्री, जयंती नेगी को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं, पुरूषों एवं युवाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा है कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्थी के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।
विस अध्यक्ष ने कहा है कि राज्य आंदोलन कार्यों का सपना था कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ पर बने। उन्होंने कहा कि उनके विधान सभा अध्यक्ष के कार्यकाल में सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बना कर आंदोलनकारियों का सम्मान करते हुए उनके सपनों को साकार करने का काम किया है।
विस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के लिए जिन लोगों ने अपना बलिदान दिया है अब उनके सपनों को साकार करने का समय आ चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण को 21 वर्ष पूरे हो चुके हैं और 22 वें वर्ष में हम प्रवेश कर रहे हैं। अब उत्तराखंड अपने पैरों पर खड़ा हो चुका है, अब हमें विकास के नए नए आयाम स्थापित करने की आवश्यकता है।
विस अध्यक्ष ने राज्य निर्माण के दौरान चले आंदोलन के अनेक संस्मरण भी सुनाए जब मुजफ्फरनगर कांड की बात आई तो उनका गला भर आया। उन्होंने कहा है कि हमारे मातृशक्ति को अपमानित होना पड़ा परंतु उनके अपमान का बदला राज्य प्राप्त करके लिया। उन्होंने कहा कि अब हमें राज्य को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है प्रत्येक व्यक्ति को अपने निष्ठा व ईमानदारी के साथ इस राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का भी स्मरण किया है। उन्होंने कहा कि उन्हीं के प्रण से उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई है। बाजपेई ने उत्तराखंड राज्य बनाया है एवं प्रधानमंत्री मोदी जी उसको संवारने का काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान अनिल कुमार, अनीता तिवारी, जयंत किशोर शर्मा, रविंद्र राणा, शंभू पासवान, माधुरी गुप्ता, पूर्व प्रचारक चित्रमणि, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, गौतम राणा, समां पवार, हेमलता चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

21 सालों से राष्ट्रीय पार्टियों ने किया राज्य का दोहन-आप

राज्य स्थापना दिवस पर 21 सालों की विफलताओ को लेकर आम आदमी पार्टी ने आज दोपहर नेपाली फार्म तिराहे पर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुवे मौन रूप से प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य निर्माण के दो दशक के बाद भी अभी तक बलिदानियों के सपने का उत्तराखंड नहीं बन पाया है।
मंगलवार की दोपहर अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेश की विफलताओ को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मौन रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राजे सिंह नेगी ने कहा कि सत्ता की मलाई काटने की चाहत में राज्य की सत्ता पर राज्य निर्माण के बाद काबिज हुए दोनों राष्ट्रीय दलों ने बारी-बारी से राज्यवासियों को छलने का काम किया है। उत्तराखंड की स्थाई राजधानी, पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सिर्फ सियासत ही इन दो दशक से ज्यादा वक्त में होती रही है। उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के दो दशक बाद भी सरकारें आज तक कोई ठोस नीति नहीं बना पाई है। उत्तराखंड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों ने जिस सपने के लिए अपनी शहादत दी थी, वह सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
विधानसभा प्रभारी नेगी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए ठोस विकास नीति बनाने की जरूरत है। पलायन पर रोक के लिए राज्य में शिक्षा व्यवस्था, चिकित्सा और रोजगार पर सुदृढ़ नीति बनाने की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों में जिला संगठन मंत्री दिनेश असवाल, दिनेश कुलियाल, देवराज नेगी, अनूप रावत, उषा बुडाकोटी, सुषमा राणा, सृष्टि, सृजना, विक्रांत भारद्वाज, पंकज गुसाईं, नरेन सिंह, अजय रावत, मनमोहन नेगी, चंद्रमोहन भट्ट, आशु पाल, सुनील सेमवाल, जय प्रकाश भट्ट, शुभम रावत, प्रभात झा, मनोज कुमार, राजेन्द्र चौहान, पवन प्रजापति, अश्वनी सिंह शामिल रहे।

मरणोपरांत एनडी तिवारी को मिलेगा उत्तराखण्ड गौरव सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड गौरव सम्मान वर्ष 2021 प्रदान किये जाने हेतु गठित की गयी समिति की संस्तुति के आधार पर सम्मान हेतु चयनित अनिल जोशी, रस्किन बॉण्ड, बछेन्द्री पाल, नरेन्द्र सिंह नेगी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी को यह सम्मान प्रदेश के विकास में उनके द्वारा दिये गये योगदान का राज्य की ओर से दिया गया सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड महोत्सव के अंतर्गत प्रतिवर्ष 5 व्यक्तियों को दिये जाने वाला उत्तराखण्ड गौरव सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को पहचान दिलाने वालों का सम्मान है, यह सम्मान प्रेरणा का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए सचिव स्तर पर हो रही समीक्षा

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सोमवार को सचिवालय में आवास एवं शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा की।
शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कोविड 19 के राहत पैकेज से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि पर्यावरण मित्रों एवं पीएम स्वनिधि में पंजीकृत लाभार्थियों को 5 माह तक दी जाने वाली 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अविलम्ब वितरित कर सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने राज्य स्तरीय घोषणाओं के तहत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों को बनाये जाने वाले घरों तथा राज्य के पर्यटन स्थलों में बहुस्तरीय कार पार्किंग निर्माण योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग की जिला स्तरीय 32 घोषणाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा। इसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र खटीमा में पार्कों के सौंदर्यीकरण, शहीद स्थल निर्माण, स्ट्रीट लाइट कार्य, वेंडर जोन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्य, डोईवाला में स्व. मांगेलाल अग्रवाल की मूर्ति स्थापना, जसपुर में नगर पालिका भवन निर्माण, श्रीनगर नगर निगम बनाये जाने, रानीखेत में आंतरिक मार्गों के निर्माण, नैनीताल में पारम्परिक हाट निर्माण सहित विभिन्न जनपदों के लिये विभिन्न निर्माण कार्यों से सम्बन्धित घोषणायें शामिल हैं। उन्होंने इस संबंध में शीघ्रता से कार्यवाही किये जाने को कहा है।
आवास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला स्तरीय 5 घोषणाओं, जिसमें विधानसभा क्षेत्र खटीमा में दीनदयाल पार्क के सौन्दर्यीकरण, शौचालयों के निर्माण, विकासनगर में पार्किंग का निर्माण, देवप्रयाग के जाखणीधार में पार्किंग व्यवस्था शामिल है। इस सम्बन्ध में भी शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डे, उप सचिव एच.एस. बसेड़ा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

22वें राज्य स्थापना दिवस पर धामी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल विहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में बहुत से ऐसे काम हुए हैं, जो कि पहले मुमकिन नहीं लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई। इनमें बहुत सी योजनाओं पर काम हो गया है या काम तेजी से चल रहा है। 16 हजार 216 करोड़ रूपए की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। परियोजना को 2024-25 तक पूरा कर लिया जाएगा। टनकपुर-बागेश्वर और डोइवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जायेगा। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 889 किलोमीटर की चारधाम सड़क परियोजना पर काफी काम किया जा चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है। पिछले कुछ वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को बहुत मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित योजना के अनुसार शीघ्र ही हेमकुंड साहब को रोपवे से जोड़ा जा सकेगा और केदारनाथ तक केबल कार भी चलेगी। जिससे पर्यटन के क्षेत्र में हमें अत्यन्त लाभ होगा। हम उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं लाए हैं। इनमें देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, सीपेट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाईबर शामिल है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी परियोजना उत्तराखण्ड वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, भारत नेट फेज-2 परियोजना सहित अन्य बहुत सी परियोजनाएं भी डबल इंजन का ही परिणाम है। राज्य सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने 24 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य की भर्ती परीक्षाओं में आवेदन शुल्क से राहत दी गई है। समूह-ख व ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है। संघ लोक सेवा प्रयोग, एन.डी.ए, सी.डी.एस. एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। विभिन्न विभागों को स्वरोजगार के टाईम बाउंड लक्ष्य दिये गये हैं। आवेदकों की सुविधा के लिए कैम्प लगाकर एक ही स्थान पर सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत-प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़, चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया जा रहा है। लाभार्थियों के खातों में डीबीटी द्वारा राहत राशि पहुंचनी भी शुरू हो गई है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रूपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी। पिछले वर्षों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रत्येक जिले में आक्सीजन प्लांट प्रारम्भ किए गए हैं। हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा मिल रही है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 44 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 3 लाख 40 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 461 करोड़ अधिक का व्यय किया जा चुका है।
राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखण्ड अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और आज हमारा स्थान तीसरा हो गया है। ऊर्जा और कानून व्यवस्था संबंधी इंडेक्स में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर है। मातृत्व मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर आदि स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है। तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांक में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय दोगुना किया है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को एक हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर बारह सौ रूपए प्रतिमाह किया गया है। ग्राम प्रहरियों का मानदेय रूपए 2 हजार प्रतिमाह किया गया है। सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण व संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के शुरूआती दौर से ही गैरसैंण को राजधानी बनाये जाने की संकल्पना हर आंदोलनकारी के मन में रही। जनभावनाओं को सर्वाेच्च सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। अब हम गैरसैण में राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। सरकार का पूरा कार्यकाल दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहा है। यह पहली सरकार है जिसने पलायन को गम्भीरता से लिया और रिवर्स पलायन को साकार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ’’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 16 ईको टूरिज्म डैस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। ट्रैकिंग मार्गों पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अलग से विंग बनाई गई है। सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार हम वर्ष 2025 तक जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा, तब हम उसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए हम ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को ध्यान में रखकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। जिसके द्वारा हम अन्त्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकें और उत्तराखंड को सच्चे अर्थों में देवभूमि बना सकें।

हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माण की योजना के लिये प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में गायक दलेर मेहंदी ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने दलेर मेंहदी को युवाओं का प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि उनकी गायकी समाज में जन जागरण के साथ ही सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देने का कार्य करती है। उन्होंने मेहंदी को शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
दलेर मेंहदी ने हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़े जाने की योजना के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। गायक दलेर मेहंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारे दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह की तपस्थली ’हेमकुंड साहेब’ को रोपवे से जोड़े जाने की बहुत बड़ी घोषणा की है जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से ही संभव हो पाया है। उन्होंने इसके लिए पूरे सिक्ख समाज की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का दिल से आभार प्रकट किया।
दलेर मेहंदी ने गुरू नानक महाराज से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अच्छी सेहत और लम्बी उम्र प्रदान करने की भी प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इन दोनों के द्वारा यह बड़ा पुण्य का काम हुआ है। रोपवे शुरू होने से हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम हो जाएगी। हमारे बच्चों, बुजुर्गों एवं असहाय व्यक्तियों को इसका विशेष लाभ मिलेगा और वे सुगमता से हेमकुंड साहिब की यात्रा कर सकेंगे।

धामी सरकार के कार्यो को दर्शाता, बातें कम-काम ज्यादा गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ गीत का विमोचन किया। बतातें चलें कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली, व्यवहार, आचार-विचार, युवा जोश, सकारात्मक सोच एवं उनके द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों पर आधारित गीत ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ को यू-ट्यूब पर लॉच किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गीत के माध्यम से सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों एवं समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर जो प्रयास किये जा रहे हैं, इनका समावेश कर गीत के रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
हिन्दी भाषा में तैयार किये गये इस गीत की निर्माता सावित्री बसेड़ा, निर्देशक डी.एस. बिष्ट व रिकॉर्डिंग/मास्टरिंग/मिक्सिंग का कार्य पवन गुसांई द्वारा किया गया है। इस गीत में संगीत राकेश भट्ट द्वारा दिया गया है तथा भूपेन्द्र बसेड़ा, मनोज सिंह सामन्त, भगत मेहता, सोनम एवं राजलक्ष्मी एवं अन्य साथी कलाकारों द्वारा इस गीत को संयुक्त रूप से स्वर प्रदान किया गया है।
गीत के विमोचन के अवसर विधायक देशराज कर्णवाल, गीत से जुड़े हुये बी.बी. इंटरटेनमेंट की टीम एवं गीत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कलाकार उपस्थित रहे।

विलुप्त होती संस्कृति के संरक्षण के लिए इगास पर्व मनाने की अपील

14 नवंबर को पहाड़ के पारंपरिक इगास पर्व को आम आदमी पार्टी ने धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। साथ ही पहाड़ से विलुप्त होती संस्कृति के संरक्षण के लिए इगास पर्व मनाने की अपील भी की।
नेपाली फार्म स्थित कार्यालय में आम आदमी पार्टी की बैठक में ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी डॉ. राजे सिंह नेगी ने कहा कि पुराने समय से ही पहाड़ों में दीपावली के 11 दिन बाद इगास पर्व मनाया जाता है। लेकिन पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन के चलते लगातार संस्कृति विलुप्त हो रही है। यह पर्व लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसके संरक्षण के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। इसलिए आम आदमी पार्टी संस्कृति संरक्षण हेतु इगास पर्व को इस वर्ष धूमधाम से मनाएगी। कहा कि 14 नवंबर को नेपाली फार्म स्थित कार्यालय में इगास पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें ढोल दमाऊं की थाप के बीच लोक पकवान जैसे- स्वाले, दाल के पकोड़े आदि तैयार कर लोगों को परोसे जाएंगे। इसके जरिए लोगों से पहाड़ी संस्कृति से जुड़े रहने की अपील भी की जाएगी।
बैठक में जिला संगठन मंत्री दिनेश असवाल, मंडलाध्यक्ष गोविंद रावत, अनूप रावत, विक्रांत भारद्वाज, पंकज गुसाईं, नरेंद्र सिंह, हिमांशु नेगी, अजय रावत, मनमोहन नेगी, चंद्रमोहन भट्ट, दिनेश कुलियाल, सुनील सेमवाल, अश्वनी सिंह आदि उपस्थित रहे।