जल पुलिस ने रेस्क्यू कर युवक को दिया जीवनदान

ऋषिकेश में जल पुलिस ने त्रिवेणीघाट में डूब रहे युवक को बचाया। युवक गृह क्लेश के चलते परेशान बताया जा रहा है।
त्रिवेणीघाटी चौकी प्रभारी उत्तम रमोला ने बताया कि गुरूवार शाम अमित ग्राम दुधुपानी निवासी अनिल दत्त 25 पुत्र यशपाल दत्त त्रिवेणीघाट पर पहुंचा। यहां पर अचानक वह गंगा के तेज बहाव में डूबने लगा। युवक की चीख पुकार सुन जल पुलिस की टीम ने तत्काल रेक्स्यू अभियान शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर गंगा के तेज लहरों में बह रहे युवक को सकुशल बचा लिया।
चौकी प्रभारी ने बताया की युवक के परिजनों को सूचित कर चौकी बुलाया गया। जहां पर से परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बताया कि युवक गृह क्लेश से परेशान चल रहा है, फिलहाल बेरोजगार भी है। जल पुलिस में कॉन्स्टेबल बलबीर सिंह, संतराम सिंह, हरीश गुसाई, गोताखोर विनोद सेमवाल मौजूद रहे।

मुनीकीरेती पालिका आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जागरुक कार्यक्रमों का कर रही आयोजन

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज नगर क्षेत्र में आस्था पथ एवं इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क जानकी सेतु के समीप पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया। इस दौरान गंगा स्वच्छता एवं स्वच्छता अभियान हेतु शपथ पत्र हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में सार्वजनिक शौचालय जन भागीदारी अभियान के तहत क्यू आर कोड के माध्यम से फीडबैक दिए जाने हेतु जनभागीदारी अभियान एवं जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सभासद सुभाष चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, विनोद सकलानी, हिकमत नेगी, कौशल चौहान, रोहित, पालिका से भूपेंद्र कुमार, दीपक कुमार, सत्येंद्र मनोज, जे.बी.बी.टेक्नोक्रेटे से आनंद, प्रमोद, दिनकर, अनुज, जतिन एवं सफाई नायक तथा पर्यावरण मित्र आदि शामिल रहे।

कैबिनेट में लाया जायेगा सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के एकीकरण का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा की, उन्होंने सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के एकीकरण की कार्य योजना तेयार कर इस सम्बन्ध में शीघ्र प्रस्ताव कैबिनेट में रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित जमरानी एवं सौंग बांध के निर्माण के प्रयासों में तेजी लाये जाने, ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज के लिये छोटे-छोटे बांध एवं चेकडैम के निर्माण की कार्य योजना बनाये जाने, सिंचाई एवं बाढ़ सुरक्षा कार्यों में बदलते समय के अनुरूप आधुनिक तकनीक का उपयोग किये जाने तथा बैराज एवं नहरों में जमा सिल्ट सफाई की व्यवस्था करने के साथ ही प्रदेश में ग्राउंड वाटर रिसोर्स की स्टडी किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के निर्माण की प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल तैयार करने के भी निर्देश दिये। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने योजनाओं की जीओ टेगिंग की भी व्यवस्था बनाने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं बाढ़ सुरक्षा आदि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये वन भूमि हस्तान्तरण प्रक्रिया का भी सरलीकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जन संसाधनों का प्रदेश हित में कैसे बेहतर उपयोग हो सके इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्य में संचालित सिंचाई योजनाओं के स्वामित्व आदि के सम्बन्ध में भी प्रभावी प्रयास किये जाने की मुख्यमंत्री ने जरूरत बतायी तथा इस सम्बन्ध में आपसी समन्वय पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई निर्माण निगम के माध्यम से निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने, विभाग में उपलब्ध मानव संसाधनों का शत प्रतिशत उपयोग करने, सिंचाई एवं लघु सिंचाई की मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लिये अलग अलग नीति के अनुरूप योजनाओं को क्रियान्वयन के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में ड्रिप इरिगेशन की योजना संचालित करने की भी बात कही।
सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश मोहन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सिंचाई विभाग के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3051 नहरों, 1700 नलकूपों एवं 268 लघु नहरों के द्वारा गत वर्ष खरीफ फसल में 1.638 हेक्टेयर तथा रबी फसल में 1.593 लाख हेक्टेयर सींच दर्ज की गई है। राज्य में कुल 1282 बाढ़ सुरक्षा योजनायें संचालित हैं। प्रदेश में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में चरणबद्ध ढंग से बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण की योजना क्रियान्वित की गई है।
उन्होंने बताया कि हल्द्वानी से 10 कि.मी. अप स्ट्रीम में 2584 करोड़ लागत की जमरानी बांध परियोजना का कार्य उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम के अंतर्गत गठित पी.आई.यू. के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इस बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के अंतर्गत 150.60 मी. ऊंचा रोलर कम्पेक्ड कंक्रीट ग्रेविटी बांध निर्मित किया जायेगा। जिसमें 14 मे.वा. विद्युत का उत्पादन होगा तथा उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में 150027 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जबकि सौंग बांध मालदेवता से लगभग 10 कि.मी. दूर सौंग नदी पर प्रस्तावित है। इस पर 130.60 मी. ऊंचा बांध व 12.40 कि.मी. लम्बी पाइप लाइन का निर्माण होगा जिसकी लागत 1580.25 करोड़ है। इससे देहरादून की 2053 तक की आबादी को पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
लघु सिंचाई के विभागाध्यक्ष वी.के. तिवारी ने विभाग की कार्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा राज्य के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में सोलर पंप सेटों, सिंचाई हेतु सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, स्प्रिंकलर/ड्रिप की स्थापना, भूजल सुधार हेतु रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण, आर्रिजन कूपों के निर्माण के साथ ही प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान एवं महाअभियान के अंतर्गत डीजल चालित पंपसेटों को सोलर पंप सेटों में परिवर्तित करने की योजना प्रस्तावित है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अमित नेगी, हरिचन्द सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मिड डे मिल का नाम अब पीएम पोषण, केन्द्र सरकार 1.30 लाख करोड़ करेगी खर्च

स्कूली बच्चों को पर्याप्त पोषण मुहैया कराने में जुटी केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लिया। इसके तहत स्कूली बच्चों से जुड़ी करीब 26 साल पुरानी मिड-डे मील स्कीम के नाम को बदलकर पीएम पोषण (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) करने का एलान किया गया है। इसका मतलब है कि केन्द्र सरकार अब भोजन देने के साथ ही बच्चों को सेहतमंद भी बनाएगी। पूरी स्कीम में कई अहम बदलावों को भी मंजूरी दी गई है। अगले पांच साल में स्कीम पर करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में मिड-डे मील स्कीम में बदलाव को यह मंजूरी दी गई। इस पूरी योजना का लाभ देशभर के करीब 12 करोड़ स्कूली बच्चों और करीब 11 लाख स्कूलों को मिलेगा। पीएम पोषण के नाम से यह स्कीम इसी वित्तीय वर्ष से लागू होगी।
स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन मुहैया कराने के लिए मिड-डे मील स्कीम की यह शुरुआत वर्ष 1995 में की गई थी। तब से यह स्कीम लगातार संचालित है और सरकार की लोकप्रिय स्कीमों में शुमार है। इस पूरे बदलाव के पीछे जो अहम वजह बताई जा रही है, उनमें स्कीम के मौजूदा नाम और स्वरूप में फोकस सिर्फ भोजन पर था, जबकि सरकार का फोकस स्कूली बच्चों को अब पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने पर है जो नई स्कीम से स्पष्ट हो रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को सीसीईए की मंजूरी के बाद योजना में किए गए बदलावों को साझा किया और कहा कि इसमें पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। स्कूलों को पैसा अब सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिये भेजा जाएगा। साथ ही पोषण युक्त भोजन देने में प्रत्येक जिले को यह छूट भी दी जाएगी कि वह स्थानीय स्तर पर उपयुक्त पोषण युक्त खाद्यान्न या फिर मोटे आनाज को स्कूली बच्चों के खाने में शामिल कर सके।
वहीं, पीएम पोषण के दायरे में अब प्री-प्राइमरी के बच्चे भी शामिल होंगे। यानी उन्हें भी स्कूलों में अब पोषण युक्त भोजन मिलेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद ही प्री-प्राइमरी को स्कूली शिक्षा में जोड़ा गया है। स्कूलों में इसके लिए बाल वाटिका खोलने का प्रस्ताव है। एक सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि अगले दो से तीन साल में सभी स्कूलों में बाल वाटिका खुल जाएंगी।
पोषण मुहिम में सरकार ने स्कूली बच्चों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने के लिए तिथि भोजन की पहल को भी तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इसमें स्कूली बच्चों को महीने में कम से कम एक दिन या विशेष अवसरों पर घर से खाने का एक और टिफिन लाना होगा जो वे आस-पास के किसी दूसरे स्कूल में जाकर बच्चों को खिलाएंगे। साथ ही उसके साथ अपना टिफिन भी खाएंगे।
यह स्कीम सीबीएसई स्कूलों में शुरू की जा चुकी है। साथ ही यह स्वैच्छिक है। जो बच्चे चाहें, इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। नई स्कीम में स्कूलों में शुरू हुई पोषण बगीचे (न्यूट्रिशन गार्डन) की मुहिम को रफ्तार देने पर भी जोर दिया गया है, जिसमें ताजी सब्जियां आदि उगाई जाती हैं।

अब नई एसओपी में दिये गये समय के अनुसार खुलेंगे स्कूल

उत्तराखंड में स्कूलों के खोलने और बन्द करने को लेकर नई समय सारणी निर्धारित कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए एसओपी भी जारी की है। अब प्रदेश के समस्त स्कूल नए निर्देश के अनुसार खुलेंगे और बन्द होंगे। इसका सख्ती से पालन करना होगा।
एसओपी के अनुसार, राज्य में अब सभी विद्यालयों का संचालन गर्मियों में एक अप्रैल से 30 सितम्बर तक प्रातः 8.00 बजे से लेकर अपराहन 1.00 बजे तक होगा। वही शीतकाल में एक अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रातः 9 बजकर 30 मिनट से अपराहन 3 बजकर 30 मिनट तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निर्माण के लिए सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने सीआरआईएफ (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि) के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के बहादराबाद-धनौरी-इमलीखेड़ा भगवानपुर-गागलहेड़ी राज्य मार्ग-68 तथा पुहाना इकबालपुर-झबरेड़ा-गुरुकुल नारसन राज्य मार्ग-28 पर रोड फर्नीचर, रोड मार्किंग तथा अन्य विविध कार्यों हेतु 260.35 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 389.83 लाख रूपये, टीएसपी के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में बिज्टी मार्ग होते हुये ग्राम करघाटा में कलासेन के घर एवं रसोईपुर मार्ग से बिज़्टी लिंक मार्ग का नव निर्माण हेतु 114.77 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 100.35 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल के अन्तर्गत विभिन्न 7 निर्माण कार्यों हेतु 383.60 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 के कारण चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव के दृष्टिगत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना हेतु ऋण पर 6 माह के ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु प्रथम चरण में राहत कोष से 2 करोड़ रूपये की स्वीकृति तथा मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में कोविड-19 उपचार में तैनात कुल 1559 चिकित्सकों को प्रति चिकित्सक के लिए 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि हेतु 1,55,90,000 रूपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने चीनी मिल सितारगंज में आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से पेराई सत्र 2021-22 में संचालन कराये जाने हेतु 19.27 करोड़ रूपये की भी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

आनंद गिरि को लेकर सीबीआई हरिद्वार पहुंची

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत मामले में जांच के लिए सीबीआई की टीम गिरफ्तार आनंद गिरि को लेकर हरिद्वार पहुंची गई है। वहीं, इससे पहले सीबीआई देहरादून की टीम ने बुधवार को हरिद्वार पहुंच कर श्यामपुर क्षेत्र के गाजीवाला गांव स्थित आनंद गिरि के आश्रम के सेवादारों से पूछताछ कर मामले की जानकारी जुटाई थी।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम आनंद गिरी को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हरिद्वार लाई है। सीबीआई की टीम में कौन-कौन शामिल है, अभी यह जानकारी सामने नहीं आ पाई है। आश्रम के अंदर जाते वक्त आनंद गिरि ने कहा कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। पूरी मामले की सच्चाई सामने आएगी। इससे पहले एचआरडीए की ओर से लगाए गई सील को काट दिया गया था। जिसके बाद आनंद गिरि को आश्रम के अंदर ले जाया गया।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई की एक टीम आनंद का मोबाइल और लैपटॉप बरामद करने के लिए हरिद्वार आई है। वहां उनके आश्रम में तलाशी करके वांछित सामानों की बरादमगी भी की जाएगी। उनके लैपटॉप और मोबाइल में नरेंद्र गिरि के अश्लील वीडियो संबंधित साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। सीबीआई उसे कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराएगी।
सीबीआई की दूसरी टीम आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी से पुलिस लाइन में पूछताछ कर रही है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को जांच एजेंसी ने कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को सात दिन के लिए कस्टडी रिमांड पर लिया था।
इन तीनों के खिलाफ महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार बताया था। 24 घंटे से अधिक समय तक आनंद गिरि को कस्टडी में रख, पूछताछ करने के बाद बुधवार दोपहर सीबीआई टीम उन्हें लेकर पुलिस लाइन से पीछे के रास्ते निकली। लगभग ढ़ाई बजे तक वह एयरपोर्ट पहुंच गई। वहां पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था।
बताया जा रहा है कि साढ़े तीन बजे की फ्लाइट से आनंद गिरि को लेकर सीबीआई हरिद्वार चली गई। बता दें कि आनंद गिरि निरंजनी अखाड़े से निकाले जाने के बाद हरिद्वार स्थित एक आश्रम में रुके थे। बुधवार को उसी आश्रम से सीबीआई आनंद गिरि का लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद करने की कोशिश करेगी। नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में जिस अश्लील वीडियो का जिक्र किया था, उसी के बारे में सुराग लगाने के लिए सीबीआई छानबीन कर रही है।

पंजाब की सियासत का देश के कई राज्यो में पड़ने वाला है असर

आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब राजघराने के कैप्टन अमरिन्दर सिंह को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय दिया गया हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आज रात या कल प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात हो सकती है। ऐसे में उनके केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।
इस मुलाकात से पहले पंजाब के कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बात हुई। बताया जा रहा है कि शाह ने उनसे बातचीत के बाद प्रधानमंत्री से बात की है, जिसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकात का समय निकाला गया है। आपको बता दें कि कैप्टन दो दिवसीय दौरे पर कल दिल्ली पहुंचे है। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

अपमान का बदला लेने के मूड में में कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अपमान की बात कहकर सीएम पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि भविष्य के लिए उनके पास सभी विकल्प खुले हैं। हालांकि उन्होंने अपने सहयोगियों से चर्चा करने के बाद फैसला लेने की बात कही थी। पंजाब से लेकर दिल्ली के सियासी गलियारों में कैप्टन के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जब अपने पद से इस्तीफा दिया था तो उन्होंने अपमान करने का आरोप लगाया था। अब कैप्टन बदला लेने के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने आज यानी बुधवार को सबसे पहले दिल्ली में गृह मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेताओं के साथ मुलाकात की। इसके बाद अब खबर आ रही है कि वह जी-23 के नेताओं से मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि ये शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे नेताओं का ग्रुप है।
गौरतलब है कि कैप्टन अमिरेंदर सिंह ने यूं तो दिल्ली पहुंचने पर मंगलवार को कहा था कि वह यहां किसी भी राजनीतिक लोगों से मुलाकात नहीं करेंगे, लेकिन अमित शाह के घर पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस को चौंका दिया। आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मंगलवार को पंजाब कांग्रेस कमेटी से भी इस्तीफा दे दिया। कहा जा रहा है कि वह सीएम नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे थे।

कोरोना से मृत हुए लोगों को विस अध्यक्ष ने चेक बांटे

कोरोना महामारी के दौरान जिन लोगों ने अपने परिजनों को गंवाया है, ऐसे 85 मृतक आश्रित परिवारों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से 8 लाख 50 हज़ार रुपये के चेक वितरित किए गए।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विस अध्यक्ष अग्रवाल ने चेक वितरित करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से भी अनेक लोग कोरोना की जंग हार गए। ऐसे में 85 मृतक आश्रित परिजनों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से 10-10 हजार रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में संपूर्ण देश भर में अनेक लोगों की क्षति हुई है, जो अत्यंत दुखदाई थी। विस अध्यक्ष अग्रवाल के यह बोलते ही कार्यक्रम में उपस्थित अनेक मृतकों के परिजनों के आंसू छलक आए। विस अध्यक्ष ने ढांढ़स बांधते हुए कहा कि जो लोग कोरोना काल मे अपने परिजनों से बिछड़ गए वह वापस नहीं आ सकते परंतु अब आत्मनिर्भरता के साथ स्वयं के बल पर खड़े होने की आवश्यकता है।
विस अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा है कि कोरोना काल के दौरान अनेक लोगों को राशन के किट, मास्क, सैनिटाइजर एवं जरूरतमंदों को जीवन यापन की सभी सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोये। इसी परिपेक्ष जो लोग काल के ग्रास बने उनके परिजनों को कुछ राहत मिल सके, इसलिए विवेकाधीन कोष से यह राशि उपलब्ध कराई गई । विस अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा वात्सल्य योजना के तहत भी लोगों को लाभ मिल रहा है। इस योजना का उद्देश्य यही है कि कोई भी बच्चा अपने माता-पिता के अभाव में अशिक्षित ना रह सके ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों के सामने आज रोजी रोटी का संकट है उनके लिए इस प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना वरदान साबित होगा।
कार्यक्रम में संघ के जिला संपर्क प्रमुख राकेश शर्मा, नगर निगम के पार्षद राजेश दिवाकर, पार्षद सरदार अजीत सिंह गोल्डी, चेतन चौहान, रीना शर्मा, लव कांबोज, प्रधान भगवान सिंह महर, प्रधान सोवन कैंतूरा, विजयलक्ष्मी शर्मा सहित कोरोना मृतक आश्रितों के परिजनों में निशा देवी, मनीषा देवी, सुरेंद्र सिंह, केशव देवी, महेश्वरी देवी, उमा देवी, सोनल देवी, नेहा झा, ममता , संगीता देवी, सीमा देवी, मिथिलेश शर्मा, पूजा उनियाल, सुनीता, राधा देवी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। वहीं, कार्यक्रम का संचालन कविता शाह ने किया।

आबू धाबी से पदक जीकर आये जु-जित्सु खिलाड़ियों का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आबू धाबी में आयोजित पांचवी एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप, पदक विजेता उत्तराखंड के जु-जित्सु खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आगामी एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स तथा वर्ल्ड जु-जित्सु चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पदक तालिका में स्थान पाकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा मिल सके इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है।
जु-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव विनय कुमार जोशी ने बताया कि 13 से 16 सितंबर 2021 तक आबू धाबी में आयोजित हुई पांचवी एशियन जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत से 38 सदस्यों के दल ने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें उत्तराखण्ड के छह खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक हांसिल किये। जिसमें 2 रजत पदक एवं 4 कांस्य पदक शामिल हैं। इस जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत ने आठवां स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड से शिवानी गुप्ता, नव्या पाण्डे, मंदीप कौर एवं मुकेश कुमार ने विभिन्न भार वर्गों में पदक हासिल किये। सभी विजेता खिलाड़ियों ने वर्ष 2021 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के नेतृत्व में थाईलैंड चोंगबुरी में आयोजित होने वाली एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स 2022 के लिए अपना स्थान पक्का किया।
इस अवसर पर खेल निदेशक जी.एस. रावत, संयुक्त निदेशक खेल धर्मेंद्र भट्ट, जिला जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ़ उधम सिंह नगर के अध्यक्ष भारत भूषण, महासचिव ऋषि पाल भारती एवं एशियन जु-जित्सु चौंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ी मौजूद थे।