आजादी का अमृत महोत्सव में जनभागीदारी अभियान का पालिका मुनिकीरेती ने किया आयोजन

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला ने ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत पालिका सभागार में नगर क्षेत्र के स्कूलों के विद्यार्थियों के माध्यम से जनभागीदारी अभियान के अर्न्तगत कला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसमें पालिका द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वच्छ गंगा, नमामि गंगे एवं सोर्स सेग्रिगेशन विषय पर आधारित कला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय दिया गया। इस प्रतियोगिता में पालिका क्षेत्र के 10 स्कूलों के 85 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट के द्वारा किया गया। अधिशासी अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को नगर क्षेत्र को साफ रखने एवं स्वच्छ गंगा के सपने को साकार करने की अपील करते हुए संदेश प्रसारित करने का भी आग्रह किया गया।
इस दौरान पालिका के सभासद विनोद सकलानी, वीरेंद्र सिंह चौहान, अजय रमोला, रामकृष्ण पोखरियाल विद्या निकेतन जूनियर हाई स्कूल, वीरेंद्र दत्त कुड़ियाल लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, काजल पूनम पब्लिक स्कूल, सुरेश स्वामी परमानंद स्कूल, विमला बड़ौला एसवीएम इंटर कॉलेज, रिचा मंडल मदर मैरी कल स्कूल, रश्मि बुटोला मदर मेडिकल, शालिनी शर्मा श्री पूनम पब्लिक स्कूल, आदि स्कूल के अध्यापक एवं पालिका से अनुराधा गोयल, भूपेंद्र पंवार, दीपक कुमार, सतेंद्र, मनोज आदि शामिल रहे।

उद्यमियों की सहायता के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का सरलीकरण-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उद्योग विभाग की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयासों की जरूरत बताते हुए बड़े उद्योगपतियों से संवाद कर प्रदेश में उद्योग लगाने हेतु आकर्षित करने, उद्योगों में स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उद्यमियों की सहायता के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का सरलीकरण और अधिक प्रभावी बनाए जाने के साथ ही उद्योगों की स्थिति एवं समस्याओं आदि की जानकारी के लिए कांक्रीट ऑडिट की व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उद्योगों से संबंधित लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण तत्परता एवं समयबद्धता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के हित में लिए गए निर्णयों की भी जानकारी उद्यमियों को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं निवेशकों से संवाद से निवेश संवर्धन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने युवाओं में उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति अभिरुचि पैदा करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी, मेगा टेक्सटाइल पॉलिसी, क्रय वरीयता नीति, एम.एस.एम.ई. इकाइयों को दी जाने वाली सहूलियतों से संबंधित नियमों में किए जाने वाले आवश्यक संशोधनों पर त्वरित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन विषयों पर त्वरित निर्णय हेतु मुख्य सचिव के स्तर पर सभी सम्बन्धित विभागों की बैठक आयोजित किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने औद्योगिक विकास योजना को विस्तारित किये जाने, जनपद हरिद्वार मे इन लेण्ड कन्टेनर डिपो की स्थापना, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के अन्तर्गत कल्स्टर विकास योजनाओं, अमृतसर-कोलकता इंडस्ट्रियल कोरिडोर, खटीमा एवं टनकपुर में सिड़कुल की स्थापना से सम्बन्धित प्रस्तावों के क्रियान्वयन मे भी तेजी लाये जाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिकरण को बढ़ावा देना है। राज्य में उद्योगों के अनुकूल माहौल है। कानून व्यवस्था की भी कोई समस्या नहीं है। बिजली की उपलब्धता है, इनके साथ ही राज्य का शान्त एवं स्वच्छ वातावरण उद्यमियों के अनुकूल है। इसके लिये सभी विभागों को समेकित प्रयासों पर ध्यान देना होगा। राज्य का औद्योगिक वातावरण प्रदेश की आर्थिकी एवं रोजगार सृजन में भी मददगार है।
बैठक में सचिव उद्योग राधिका झा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में उद्योगों की स्थिति विभागीय कार्यों एवं प्रदेश में व्यापक औद्योगीकरण के लिये किये जा रहे प्रयासों, नीतियों कार्यक्रमों के साथ ही सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र हरिद्वार पंतनगर, सेलाकुई, कोटद्वार,आईटी पार्क देहरादून, सितारगंज एस्कॉर्ट फार्म में उपलब्ध एवं आवंटित भूमि आदि की भी जानकारी दी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रबन्ध निदेशक सिड़कुल रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उप निदेशक अनुपम द्विवेदी एवं अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के महाप्रबन्धक उद्योग उपस्थित थे।

हरिद्वार ग्रामीण में विकास कार्यों के लिए धामी ने दी कई सौगातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा रूपराज पैलेस, शाहपुर शीतलाखेड़ा, हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों की एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगायी गयी विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की, कि लालढांग क्षेत्र में झूला पुल का निर्माण किया जायेगा। बहादरपुर जट में एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। लालढांग के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा तथा जनपद हरिद्वार में प्रदेश स्तरीय किसान भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये बहुत सारे उत्पाद बाजारों में बिक नहीं पाये, हमारी सरकार स्वयं सहायता समूह, जो स्वरोजगार योजनाओं को चला रही हैं, उनकी सहायता के लिये आगे आई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु कुल 1451 स्वयं सहायता समूहों को रू0 111.2749 लाख बटन डिजिटल माध्यम जारी किये।
कार्यक्रम में कोरोना महामारी से प्रभावित शंकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा कुल 14 सीएलएफ को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र तथा स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले बैंकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कोरोना महामारी में अपने रोजगार से प्रभावित कुल 3128 स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती दिये जाने के उद्देश्य से पूर्व घोषित 06 माह तक प्रतिमाह रूपये 2000/ की किस्त के हिसाब से 3 माह हेतु रूपये 6000/ की धनराशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उज्जवला योजना लेकर आये, जिसके तहत महिलाओं को गैस का चूल्हा दिया गया। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान शुरू किया, जिससे बालक-बालिकाओं में असमानता दूर हुई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक साढ़े तीन लाख लोग इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब कई गम्भीर बीमारियों का इलाज भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर को नल से जल योजना के तहत वर्ष 2023 तक हर घर को स्वच्छ जल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत केवल एक रुपये में कनेक्शन दिया जाएगा। जबकि शहरी क्षेत्रों में 100 रू. में कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जितनी घोषणाएं करेंगे, उनको पूरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के तीन मंत्र है, सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारण। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10 से 12 बजे तक उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा तथा उत्तराखण्ड की हर व्यवस्था विश्व स्तरीय होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनको सादर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को हर क्षेत्र में कैसे मजबूत किया जाए, कैसे उनके बनाये उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में विधायक खानपुर कुंवर प्रणय सिंह चौम्पियन, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक-झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. जयपाल सिंह चौहान, चेयरमेन नगर पालिका लक्सर अम्बरीष गर्ग जिला महामंत्री विकास तिवारी, अपर सचिव/आयुक्त ग्रामीण विभाग आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत सहित पदाधिकारीगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सरकार का प्रयास अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित महिला आई.टी.आई. परिसर में मेगा स्वरोजगार शिविर का शुभारम्भ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित भी किये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वरोजगार शिविर के माध्यम से अनेक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए उद्योग पॉलिसी का सरलीकरण किया जा रहा है। जन समस्याओं का समाधान जल्द हो इसके लिए कार्यों के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार एक अच्छा माध्यम है। स्वरोजगार के माध्यम से एक व्यक्ति अपने साथ कई लोगों को रोजगार से जोड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्वरोजगार योजनाओं से संबंधित सभी विभागों एवं बैंकर्स को स्टॉल लगाने के निर्देश दिये गये हैं। लोगों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो, इसके प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान त्वरित हो इसके लिए अधिकारियों प्रत्येक कार्यदिवस में 2 घण्टे जन सुनवाई कर उनका समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक 113 करोड़ रूपये के ऋण स्वीकृत किये जा चुके हैं। 10 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून नितिका खण्डेलवाल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने मंगलवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए, इसे राज्य की प्राथमिकता बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाए। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने फूड टेस्टिंग लैब बढ़ाए जाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी राज्य में एक ही फूड टेस्टिंग लैब है, जो कि रूद्रपुर में है। उन्होंने अधिकारियों को देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में भी फूड टेस्टिंग लैब खोले जाने के नर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊं हेतु एक-एक मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा।

मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का अनुपालन हो सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने होटल व्यवसायियों को स्वच्छता रेटिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाए, इसके लिए होने वाले व्यय को सरकार द्वारा वहन किए जाने हेतु प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। होटल व्यवसायियों को इसके लिए जागरूक किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई के अभाव में मिलावट पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए लगातार सघन निरीक्षण अभियान के साथ ही मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाए ताकि लोगों में मिलावटखोरी के प्रति भय हो, और इसे रोका जा सके।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कांग्रेस ने हमेशा दलितों का उत्थान किया-खरोला

उत्तराखंड कांग्रेस के महासचिव राजपाल खरोला ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की संवेदनहीनता के कारण आज दलितों का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि दलितों के उत्थान के लिए कोई ठोस नीति इन सरकारों द्वारा नहीं बनाई गई है। जिससे यह पता चलता है कि दलितों के प्रति इनकी नीयत साफ नहीं है।
खरोला ने कहा कि उत्तराखंड में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगो पर साल दर साल लगातार अत्याचार बढ़ रहे है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड व्यूरो (एनसीआरवी) के आकड़ो के मुताबिक,़ 2018 से 2019 तक अनुसूचित जाति पर अत्याचार बढे है। जबकि वर्ष 2018 में जहां दलितों के खिलाफ 58 अपराध हुए है। वहीं, 2019 में बढ़ कर वह 84 और 2000 में बढ़ कर 87 हो गये।
खरोला ने कहा कि कांग्रेस ने दलित समुदाय के व्यक्तियों को राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री के पद पर पहुंचने का मौका दिया और हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री की कमान भी दलित व्यक्ति के हाथ में सौपी है। पिछले 70 वर्षों में दलित उत्थान के लिए जितनी कल्याणकारी योजनाए बनाई गई हैं, वह कांग्रेस की सरकार द्वारा संभव हो पाया है। देश को आजाद कराने वाली कांग्रेस और बाबा साहेब अम्बेडकर ने दलितों को बराबरी का अधिकार दिलाया और उन्हें लोकतंत्र की ताकत देकर सर्वाेच्च पदों पर आसीन करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
खरोला ने शिक्षित दलित युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे डॉ अम्बेडकर की विचारधारा से प्रेरित होकर दलितों पर जमीनी स्तर पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाऐं।

कांग्रेस मनाई शहीद भगत सिंह की जयंती

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद सरदार भगत सिंह की जयन्ती पर नगर निगम परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने ही देश के नौजवानों में ऊर्जा का ऐसा गुबार भरा कि विदेशी हुकूमत को इनसे डर लगने लगा। हाथ जोड़कर निवेदन करने की जगह लोहे से लोहा लेने की आग के साथ आजादी की लड़ाई में कूदने वाले भगत सिंह की दिलेरी की कहानियां आज भी हमारे अंदर देशभक्ति की आग जलाती हैं। देश के एक नौजवान क्रांतिकारी को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दे दी। लेकिन मरने के बाद भी भगत सिंह मरे नहीं, वह आज भी देश के हर शख्स के हृदय में हैं। हर देशवासी के लिये भगत सिंह एक आदर्श शख्सियत हैं, जिनसे हम सबको सीख लेनी चाहिए।
प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा ने कहा कि जिस देश की आज़ादी के लिये भगत सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिये। वहीं आज का अन्नदाता सड़कों पर कई महीनों से आंदोलन कर रहा है, जो कि देश की गद्दी पर बैठे लोगों के लिये शर्मसार करने वाली बात है। हम आज भी शहीद भगत सिंह के बलिदान को सलाम करते हैं और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ।
श्रद्धांजलि देने वालों में जितेन्द्र पाल, राकेश सेमवाल, प्रिंस सक्सेना, यश अरोड़ा, आदित्य झा, हिमांशु जाटव, इमरान सैफी, बुरहान अली, नीरज चौहान, जगजीत सिंह, अमरजीत सिंह आदि मौजूद थे ।

स्वयं सहायता समूह का गठन कर पहाड़ी भुली नाम रखा

ऋषिकेश श्यामपुर की न्याय पंचायत ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ में डोईवाला ब्लॉक के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के समूहों का गठन किया गया।
ग्राम सभा खदरी के प्रगतिपुरम के राणा कांपलेक्स में एक सामूहिक बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता डोईवाला ब्लॉक की सीनियर सीआरपी आशा नेगी कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल (एरिया कोऑर्डिनेटर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीना चौहान (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनोद चौहान के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सीनियर सीआरपी आशा नेगी के द्वारा स्वयं सहायता समूहों के विभिन्न कार्यों के बारे में संक्षिप्त में बताया गया। उसके तत्पश्चात स्वयं सहायता समूह का गठन संयुक्त रूप व सबकी सहमति से किया गया। गठन का नाम ’पहाड़ी भुली’ रखा गया। ग्राम संगठन में कुल 9 स्वयं सहायता समूह बनाए गए।
उसके बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओ के द्वारा चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई और पद चुने गए, जिसमें अध्यक्ष पद ईशा कलूड़ा चौहान, उपाध्यक्ष मनजीत पटवाल, सचिव अभिलाषा ज़ख्मोला, कोषाध्यक्ष संगीता देवी उपसचिव सावित्री देवी, पुस्तक संचालक पुष्पा देवी को चुना गया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि आप लोग अपने पद पर खड़े जरूर उतरेंगे और संगठन के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा कलूड़ा चौहान ने कहा जिस विश्वास के साथ हमें पदाधिकारीयों के द्वारा चयनित किया गया, हम क्षेत्र की महिलाओं को आजीविका मिशन के तहत जोड़ने का प्रयास करेंगे है रोजगार का साधन उपलब्ध कराने का प्रयास भी करेंगे।
बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान, वार्ड मेंबर लक्ष्मण राणा राजेंद्र चौहान, विनोद चौहान, समाजसेवी नवीन नेगी, अनिल रावत, अनूप रावत, आशा नेगी (सीनियर सीआरपी) कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

दर्शन करने आ रहे यात्रियों की संख्या बढ़ाने का सरकार हाईकोर्ट से करेगी अनुरोध

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में चार धाम यात्रा से जुड़े सभी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी एवं देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण कराये जाने हेतु अभिलेख एवं शर्तें दोनों पोर्टलों में समान हैं। यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत देवस्थानम् बोर्ड के ई-पास होल्डर को स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता को एसओपी से हटाये जाने पर विचार किया जाय।
देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाईट / पोर्टल खालने में उत्पन्न हो रही समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाय। धामों के चैक प्वाइंट पर ई-पास की चैकिंग हेतु क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाय। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण हेतु One Phone number, one booking, one adhar number की व्यवस्था की जाय। चारों धामों में समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चत करते हुये मन्दिर खुलने के निर्धारित समय के अन्तर्गत धाम एवं मन्दिर परिसर की वास्तविक क्षमता का आंकलन वीडियोग्राफी सहित शासन को उपलब्ध करायी जाय। माननीय उच्च न्यायालय में अंतरिम एप्लीकेशन दायर करते हुए तत्काल यात्रियों की प्रतिदिन दर्शन की अनुमन्य संख्या को बढ़ाये जाने हेतु अनुरोध किया जाय।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ई-पास को निर्गत किये जाने एवं ई-पास की चैकिंग व्यवस्था को अत्यन्त सरलीकृत किया जाय, जिससे कि तीर्थ यात्रियों को ई-पास हेतु पंजीकरण कराने में किसी तरह की असुविधा न हो। बैठक में बताया गया कि निर्धारित यात्रियों के सापेक्ष पूर्व से पंजीकृत यात्रियों में से अपेक्षाकृत कम यात्री चार धामों में दर्शन आ रहे हैं, इस स्थिति में सम्बंधित जिलाधिकारियों द्वारा उक्त यात्रियों के स्थान पर अन्य पंजीकृत यात्रियों को दर्शन की अनुमति दे सकते हैं। बैठक में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रविनाथ रमन ने बताया कि चार धाम यात्रा हेतु पंजीकरण एवं ई-पास देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट से निर्गत किये जा रहे हैं। वेबसाइट पर तक चार धाम यात्रा हेतु यात्रियों द्वारा पंजीकरण करा लिया गया चारों धाम में पूजा प्रातः 4.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक संचालित की जा रही है।
बैठक सचिव पर्यटन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, चार धाम देवस्थानम् बोर्ड / आयुक्त, गढ़वाल मण्डल, सचिव, आपदा, सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूकाडा, उपमहानिरीक्षक, पुलिस, गढ़वाल परिक्षेत्र, अपर सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, जिलाधिकारी चमोली एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी, जिलाधिकारी, रूद्रप्रयाग, पुलिस अधीक्षक, उत्तरकाशी / रूद्रप्रयाग (वीसी के माध्यम से) सम्मिलित थे।

आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस को लेकर सीएम की आध्यात्मिक गुरु सदगुरु से चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदगुरु से जीवन दर्शन से जुड़े विषयों के साथ ही आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस आदि के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दुनिया का खूबसूरत प्रदेश है जहां पहाड़, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां, वन संपदा की भरमार है, हमारा प्रयास पर्यटन और आध्यात्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को शिखर पर ले जाने का है। उत्तराखण्ड दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बने इसके लिये भी हम प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति अलग-अलग ज़िम्मेदारी के साथ काम करता है और समय समय पर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी भी बदलती हैं। हमें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरे मनोयोग तथा प्राण प्रण से निभाना है। अन्त्योदय के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं का हमें लाभ पहुंचाना है। हमारे लिये नर सेवा नारायण सेवा है। सभी जरूरतमंदों की मदद करना ही हमारे लिये आध्यात्मिकता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने कहा कि उत्तराखंड तमाम प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर राज्य है। इस राज्य में एशिया का सबसे बेहतर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन राज्य बनने की क्षमता है। एशिया का स्विट्जरलैंड भी यह बन सकता है। स्वदेशी तौर-तरीकों को विकसित कर इसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ की प्रकृति और पहाड़ों की जीवटता को महसूस करना चाहिए। हिमालय विभिन्न संस्कृतियों का जनक रह है। सद्गुरु ने कहा कि यहां की संस्कृति अपने आप में श्रेष्ठ है इसकी तुलना देश दुनिया में किसी से नहीं की जा सकती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रश्नोत्तर के माध्यम से आध्यात्मिक व जीवन दर्शन से सम्बन्धित अनेक प्रश्नों के भी उत्तर दिये।
सद्गुरु ने वर्तमान में विश्वव्यापी चुनौती कोविड-19 संक्रमण को लेकर भी चर्चा करते हुए कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए हम सबको जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करना होगा। अगर हम सब जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार नहीं करेंगे तो सरकार अपने स्तर पर कुछ नहीं कर पाएगी। समस्याओं के समाधान में आम जनता का भी सहयोगी बनना होगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, शासन प्रशासन के उच्चाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।