ऋषिकेश पुलिस ने दवाओं की कालाबाजारी करने व आरटीपीसीआर टेस्ट में ज्यादा पैसे लेने पर लैब संचालक को पकड़ा


ऋषिकेश में एक ओर जहां पुलिस कर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की मदद कर रहे है, निशुल्क घर जाकर आक्सीजन उपलब्ध करवा रहे है, यही नहीं कुछ संस्थाएं भी लोगों की मदद कर रही हैं। वहीं, ऐसे लोग भी बेनकाब हो रहे है, जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जीवन रक्षक दवाओ, उपकरणों की ओवर रेटिंग व कालाबाजारी कर, आटीपीसीआर टैस्ट के एवज में ओवर रेटिंग कर रहे है। ऐसा ही एक वाक्या सामने आने पर पुलिस ने एक लैब संचालक को हरिद्वार रोड स्थित लैब से गिरफ्तार किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान एसएसपी देहरादून की ओर से ऐसे व्यक्तियो पर सर्तक दृष्टि रखने को कहा गया है, जो कालाबाजारी और ओवर रेटिंग कर रहे हैं। इसी क्रम में विगत 10 दिनो से ऋषिकेश क्षेत्र में ओवर रेटिंग व कालाबाजारी करने वाले व्यक्तियो के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही थी।

बताया कि बीते रोज कोतवाली ऋषिकेश पुलिस व एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर के संचालक द्वारा लोगो से आरटीपीसीआर टैस्ट के एंवज में 1200 से 1500 रूपये लेकर ओवर रेटिंग की जा रही है, जबकि शासन द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट का शुल्क 700 रुपये निर्धारित किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम को सादे वस्त्रो में आरटीपीसीआर टैस्ट कराने हेतु उक्त अलग-अलग लैबो में भेजा गया। उक्त कर्मचारियो से भी पैथोलोजी लैब संचालको द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट के एवज में 1200 रुपये शुल्क लिया गया, जिसका भुगतान उक्त कर्मचारियों द्वारा गूगल पे से किया गया।

इसके बाद पुलिस ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम व धारा 3 महामारी अधिनियम अधिनियम के तहत आरोपी व लैब संचालक (संचालक पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर) डॉ. नवीन गोयल पुत्र पुरुषोत्तम दास निवासी अयोध्या गंज, दादरी, थाना दादरी जिला गौतम बुद्ध नगर, उ0प्र0 हाल किरायेदार म0न0 453 गली नंबर 06 हनुमंत पुरम गंगा नगर, ऋषिकेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक 01 रजिस्टर, 01 स्वैप मशीन, 02 मोबाइल फोन, गूगल पे क्यू0आर0 कोड स्लिप, 78400 रुपये नगद बरामद किए है।

वहीं पुलिस टीम में उप निरीक्षक ओमकान्त भूषण, नवनीत सिंह नेगी, कांस्टेबल सोनी कुमार, गौरव पाठक, सचिन कुमार, अनित शामिल रहे।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगाः सुबोध उनियाल

विकासखंड नरेंद्रनगर में कृषक सामग्री वितरण में लापरवाही बरतने की गाज नमामि गंगे की कार्यदायी संस्था बायोसर्ट इंटरनेशनल प्रा.लि. के एक अधिकारी के उपर गिरी है। इसके तहत उच्चाधिकारियों ने तत्काल कार्यवाही कर उक्त लापरवाह अधिकारी को कार्य से मुक्त कर दिया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा, जिसके तहत यह कार्यवाही की गई है।

बता दें कि विकासखंड नरेंद्रनगर दोगी पट्टी के ग्राम सभा कोटर में कृषक सामग्री(जैविक खाद एवं कीटनाशक) वितरण में लापरवाही का एक मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से की थी। इस पर कैबिनेट मंत्री ने मुख्य कृषि अधिकारी, टिहरी गढ़वाल को मामले की जांच कर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया था। जांच में पाया गया कि न्याय पंचायत बैराइ गांव के समस्त ग्राम सभाओं में कृषक सामग्री के वितरण कार्य का जिम्मा नमामि गंगे, टिहरी गढ़वाल बायोसर्ट इंटरनेशनल प्रा.लि. इंदौर, मध्यप्रदेश में कार्यरत फील्ड समन्वयक अरूण नेगी को सौंपा गया था। जिस पर उक्त कंपनी के जिला समन्वयक महादेव मिश्रा ने कृषक सामग्री वितरण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में फील्ड समन्वयक अरूण नेगी को तत्काल कार्य से हटा दिया है। जिला समन्वयक ने बताया कि कृषक सामग्री वितरण में लापरवाही बरतने के मामले में कैबिनेट मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई है।

म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के निदान के लिए एम्स ऋषिकेश की नीतियां


अत्यधिक संक्रामक बीमारी म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के निदान के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में अलग से एक विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। जिसमें ब्लैक फंगस से ग्रसित रोगियों का उपचार विभिन्न विभागों के 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जाएगा।

निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस एक घातक एंजियोइनवेसिव फंगल संक्रमण है, जो मुख्यरूप से नाक के माध्यम से हमारी श्वास नली में प्रवेश करता है। मगर इससे घबराने की नहीं बल्कि सही समय पर इलाज शुरू कराने की आवश्यकता है। संस्थान के नोडल ऑफिसर कोविड डाॅ. पी.के. पण्डा ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के उपचार के लिए गठित 15 सदस्यीय चिकित्सकीय दल इस बीमारी का इलाज, रोकथाम और आम लोगों को जागरुक करने का कार्य करेगी। टीम के हेड और ईएनटी के विशेषज्ञ सर्जन डा. अमित त्यागी जी ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के रोगियों के इलाज के लिए अलग से एक म्यूकर वार्ड बनाया गया है। जिसमें सीसीयू बेड, एचडीयू बेड और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

म्यूकोर के प्रमुख लक्षण-

तेज बुखार, नाक बंद होना, सिर दर्द, आंखों में दर्द, दृष्टि क्षमता क्षीण होना, आंखों के पास लालिमा होना, नाक से खून आना, नाक के भीतर कालापन आना, दांतों का ढीला होना, जबड़े में दिक्कत होना, छाती में दर्द होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है, जिन्हें डायबिटीज की समस्या है।

उच्च जोखिम के प्रमुख कारण-

1- कोविड-19 का वह मरीज जिसका पिछले 6 सप्ताह से उपचार चल रहा हो।
2- अनियंत्रित मधुमेह मेलिटस, क्रोनिक ग्रेनुलोमेटस रोग, एचआईवी, एड्स या प्राथमिक इम्युनोडेफिशिएंसी स्टेटस।
3. स्टेरॉयड द्वारा इम्यूनोसप्रेशन का उपयोग (किसी भी खुराक का उपयोग 3 सप्ताह या उच्च खुराक 1 सप्ताह के लिए ), अन्य इम्युनोमोड्यूलेटर या प्रत्यारोपण के साथ इस्तेमाल की जाने वाली चिकित्सा।
4. लंबे समय तक न्यूट्रोपेनिया।
5. ट्रॉमा, बर्न, ड्रग एब्यूजर्स।
6. लंबे समय तक आईसीयू में रहना।
7. घातक पोस्ट ट्रांसप्लांट ।
8. वोरिकोनाजोल थैरेपी, डेफेरोक्सामाइन या अन्य आयरन ओवरलोडिंग थैरेपी।
9. दूषित चिपकने वाली धूल, लकड़ी का बुरादा, भवन निर्माण और अस्पताल के लिनेन।
10. कम वजन वाले शिशुओं, बच्चों व वयस्कों में गुर्दे का काम नहीं करना और दस्त तथा कुपोषण।

बचाव एवं सावधानियां-

1- अपने आस-पास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए ब्रेड, फलों, सब्जियों, मिट्टी, खाद और मल जैसे सड़ने वाले कार्बनिक पदार्थों से दूर रहना।
2- हायपरग्लेमिया को नियं​त्रित रखना।
3- स्टेरॉयड थैरेपी की आवश्यकता वाले कोविड- 19 रोगियों में ग्लूकोज की निगरानी करना।
4- स्टेरॉयड के उपयोग के लिए सही समय, सही खुराक और सही अवधि का निर्धारण।
5- ऑक्सीजन थैरेपी के दौरान ह्यूमिडिफायर के लिए स्वच्छ व शुद्ध जल का उपयोग करें।
6- एंटीबायोटिक्स व एंटीफंगल का प्रयोग केवल तभी करें, जब चिकित्सक द्वारा परामर्श दिया गया हो।
7- बंद नाक वाले सभी मामलों को बैक्टीरियल साइनसिसिस के मामलों के रूप में नहीं मानें।
8- म्यूकोर के लक्षण महसूस होने पर मेडिसिन, ईएनटी और नेत्र विशेषज्ञों को दिखाना चाहिए।

कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग में ट्यूशन पढ़ा रहा टीचर अरेस्ट

तीर्थनगरी में कोविड कर्फ्यू के दौरान एक कोचिंग संस्थान में टीचर को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भारी पड़ गया। कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक बुधवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग पर थे। इसी बीच श्यामपुर क्षेत्र में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट खुला मिला। इसमें 25 से 30 छात्र मौजूद थे। पुलिस ने कोचिंग संस्थान के टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आशीष कुमार पुत्र स्व. राम लखन निवासी बंदरामऊ, राही थाना मिल एरिया, जिला बरेली, यूपी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

केंद्र व प्रदेश सरकार महामारी से निपटने में पूरी तरह फ्लॉपः प्रीतम सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आज कांग्रेस भवन ऋषिकेश में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने शिरकत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड नियंत्रण में नहीं है और इसकी जिम्मेदारी सरकार की है, इसी के चलते यहां ज्यादा मौते हो रही है।

नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत की अध्यक्षता में रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 59 लोगों द्वारा रक्तदान हेतु अपना पंजीकरण करवाया गया। जिसमें से 32 लोग रक्तदान हेतु योग्य पाया गए, जबकि अन्य रक्त देने में अयोग्य पाए गए।

कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार महामारी से निपटने में पूरी तरह फ्लॉप हो गई है। जिसके परिणाम स्वरूप इतनी अधिक मौतें हुई हैं। कहा कि पूरे भारत में कांग्रेस कमेटी अपने स्तर से कोविड-19 के मरीजों हेतु सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है इसी परिपेक्ष में प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड भी पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे प्रदेश में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इसके अलावा जगह-जगह पर एंबुलेंस की फ्री सेवा दे रही है। जरूरतमंद लोगों को राशन व भोजन भी दिया जा रहा है। संकट की घड़ी में कांग्रेस हर प्रकार से लोगों का सहयोग कर रही है।

नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने बताया रक्तदान शिविर में भारी बारिश के बावजूद तथा कोरोना महामारी के बीच युवाओं में जो आगे आकर रक्तदान किया है। उसके लिए वह उन सभी का धन्यवाद देते हैं सभी कांग्रेसियों से अपील की कि अपने-अपने स्तर से जरूरतमंदो की सेवा करते रहें। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने बताया कि पुण्यतिथि पर नगरभर में जरूरतमंदों को राशन, मास्क वितरित किए जाएंगे। जरूरतमंदों को इमरजेंसी सेवा एंबुलेंस भी दी जाएगी।

पुण्यतिथि पर नगरभर में सैनिटाइजेशन और निशुल्क एंबुलेंस सेवा होगी शुरू
कार्यक्रम संयोजक ललित मोहन मिश्र ने कहा कि 21 मई को पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर सुबह नगर भर में सैनिटाइजर व मास्क वितरित किए जाएंगे। तत्पश्चात कोरोना के मरीजों की सुविधा हेतु एक निशुल्क एंबुलेंस आरंभ की जाएगी तथा शाम को गरीबो कों भोजन त्रिवेणी घाट पर करवाया जाएगा उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह सेवा कार्य लगातार जारी रहेगा और जनता को संभव सहयोग देने का प्रयास रहेगा।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवान, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, पार्षद दल के नेता मनीष शर्मा, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, पार्षद राधा रमोला, पार्षद बिजय लक्ष्मी शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज देवरानी, गौतम नौटियाल, मधु जोशी, पूर्व प्रधान वेद प्रकाश शर्मा, सेवादल के नगर अध्यक्ष राम कुमार, सुधीर राय, चंदन सिंह पवार, शैलेन्द्र बिष्ट, विक्रम भंडारी, रुक्कम पोखरियाल, अभिषेक शर्मा, संजय भारद्वाज, नंदकिशोर जाटव, राहुल पाण्डेय, राजेन्द्र जाटव, शुभम सारस्वत, अशोक शर्मा, पुरन्जय राजभर, मोहित शर्मा, राघव भटनागर, हर्ष शर्मा, राजेश गोयल, हरिराम वर्मा, जीतू मुखर्जी आदि उपस्थित थे।

व्यापारी नेता प्रतीक कालिया ने की शासन से अपील, श्रमिकों को टीकाकरण के पंजीकरण को सरल प्रक्रिया लाई जाएं

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया ने नगर भर के श्रमिकों के टीकाकरण में पंजीकरण के लिए सरल प्रक्रिया अपनाने की अपील उप जिलाधिकारी ऋषिकेश से की है।

महामंत्री प्रतीक कालिया ने बताया कि आरोग्य सेतु और कोविन ऐप पर शासन की एसओपी के चलते श्रमिक अपना पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं इसके चलते ऋषिकेश नगर के करीब 7000 से अधिक पंजीकृत मजदूर टीका लगाने से वंचित हो रहे हैं उन्होंने बताया कि इन श्रमिकों को टीका ना लगने के कारण हम कोरोना की दूसरी लहर को नगर भर में पूरी तरह से नहीं रोक सकेंगे।

महामंत्री प्रतीक कालिया ने उप जिलाधिकारी से मजदूरों एवं श्रमिकों के टीकाकरण के पंजीकरण के लिए नई एवं सरल प्रक्रिया को लाने की अपील की है।

सैनिटाइजेशन पर ताकत झौंक जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने मोर्चा संभाला

जिला पंचायत सदस्य हरिपुर कलां दिव्या बेलवाल की अगुवाई में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति की जिलाध्यक्ष चन्द्र कांता बेलवाल, समाजसेवी डा राजे सिंह नेगी, सुनील जुगरान, मनमोहन नेगी ऋषि राज कुकरेती, अजय रावत,ग्राम पंचायत सदस्य विनायक गिरी, अमृत सिसोदिया ने मोर्चा संभालते हुए कोराना के खिलाफ जंग मैं सैनिटाइजेशन को हथियार बनाकर एक्शन शुरू कर दिया है। प्रत्येक घर पर सैनेटाइजेशन के साथ ग्रामीणों को वैश्विक महामारी से बचने के तमाम आवश्यक उपाय भी बताए जा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बैलवाल ने क्षेत्रवासियों से घरों से बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की ।उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी को देखते हुए उनका फोकस सैनेटाइजेशन पर रहा है। अब जबकि कोरोना का विकराल रूप देखने को मिल रहा है तो लोगों को और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच दूरी घटाएगा सिंघटाली पुल

ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच व्यासी से आगे सिंघटाली में बनने वाले पुल को अब पूर्व में चयनित स्थान पर ही बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इस पुल के निर्माण को लेकर जनता बीते कई वर्षों से मांग उठा रही थी, जिसके निर्माण का अब रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता की मांग पर इस पुल को पूर्ववर्ती स्थान पर ही बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुल की डीपीआर व बजट तैयार है। उन्होंने जल्दी से जल्दी इस पुल का निर्माण शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस पुल का निर्माण होने से न केवल टिहरी, पौड़ी जिलों के लोगों को लाभ होगा बल्कि यह पुल प्रदेश के दोनों मंडलों गढ़वाल व कुमाऊं के बीच की दूरी भी घटाएगा। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच व्यासी से आगे सिंघटाली गांव में इस पुल का निर्माण किया जाएगा। सिंघटाली, व्यासी, सतपुली, सिद्धखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा, रामनगर होते हुए यह मार्ग कुमाऊँ को भी जोड़ने का कार्य करेगा।

गौरतलब है कि इस पुल का निर्माण टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लॉक के सिंघटाली व जनपद पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के ढांगूगढ़ में गंगा नदी के ऊपर किया जाना है।

सिंचाई और शिक्षा विभाग की सीएम ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सिंचाई विभाग एवं शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम घोषणाओं के तहत कार्य प्रगति की स्पष्ट जानकारी दी जाय। शासनादेश हो चुके कार्यों, जिन कार्यों की डीपीआर बन चुकी है एवं कार्यों की भौतिक प्रगति क्या है, इस सब की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाय। दीर्घावधि के कार्यों के लिए 15 जून तक सारे पेपर वर्क पूर्ण कर लिये जाय, ताकि मानसून सीजन के बाद कार्यों में तेजी लाई जा सके। अधिकारी कार्यों का निरंतर स्थलीय भ्रमण कर निरीक्षण करें।

सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश कि सीएम घोषणाओं के तहत जो भी कार्य किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाए की कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो। कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो घोषणा विभाग द्वारा अन्य विभागों को स्थांतरित की जा रही हैं, वे जल्द स्थांतरित की जाय। कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। ग्रीष्मकाल एवं आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्यों में तेजी लाई जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाय।

शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में अभी पेयजल, शौचालय एवं फर्नीचर की पूर्ण व्यवस्था नहीं है, शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर इन स्कूलों ये व्यवस्थाएं कराई जाय। जिला योजना का 15 प्रतिशत बजट स्कूलों में विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु खर्च किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

बैठक में जानकारी दी गई कि सिंचाई विभाग की 193 सीएम घोषणाओं में से 105 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है। शिक्षा विभाग की 137 सीएम घोषणाओं में से 103 पूर्ण हो चुकी हैं, 34 घोषणाओं पर प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, एस.ए मुरुगेशन, सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, अपर सचिव आर राजेश कुमार, शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय आदि उपस्थित थे।

जानें, कोविड काल में गर्भवती महिलाओं को इन बातों का रखना होगा ध्यान


कोरोना की दूसरी लहर गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक है। कोरोना से संक्रमित होने पर ऐसी महिलाओं की श्वसन प्रणाली प्रभावित हो सकती है और उनका जीवन जोखिम में पड़ सकता है। एम्स ऋषिकेश ने इस मामले में उन्हें विशेष एतिहात बरतने की सलाह दी है।

गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है। वायरस के संक्रमण से उनको और उनके गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। इस बाबत निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कान्त जी ने बताया कि गर्भवती महिला को यदि पहले से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर अथवा हृदय संबंधी बीमारी है तो जोखिम बढ़ने से उन दोनों के जीवन को ज्यादा खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस के कारण इन महिलाओं की श्वास नलियों में संक्रमण तेजी से फैलने लगता है। साथ ही उसे आईसीयू और वेन्टिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कान्त जी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से विशेष सचेत रहने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही मां और शिशु दोनों के जीवन पर भारी पड़ सकती है।

स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जया चतुर्वेदी जी ने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला कोरोना ग्रसित हो जाए, तो उसे अति शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेकर कोविड उपचार शुरू करना चाहिए। उपचार लेने में देरी होने पर उनका जीवन जोखिम में पड़ सकता है। उन्होंने आगाह किया कि गर्भवती महिलाएं चिकित्सीय परामर्श के बिना दवाओं का सेवन बिल्कुल नहीं करें। गर्भवती महिलाओं की देखभाल और कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना संक्रमण इतना खतरनाक है कि समय पर उपचार शुरू नहीं किए जाने पर पेट में पल रहे शिशु की मृत्यु भी हो सकती है। इसके अलावा महिला की सर्जरी कर जन्म के तुरन्त बाद नवजात शिशु को एनआईसीयू में रखने की स्थिति भी आ सकती है। ऐसे हालातों में प्रसूता को वेन्टिलेटर सपोर्ट में रखने की संभावना दोगुनी बढ़ जाती है। डाॅ. जया चतुर्वेदी जी ने ऐसी महिलाओं के लिए निम्न बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई है।

उपाय और सावधानियां-

1. अधिक उम्र वाली गर्भवती महिलाओं को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस कारण उन्हें सांस लेन में परेशानी बढ़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ज्यादा देखभाल की आवश्यकता होती है।
2- सामाजिक दूरी बनाकर बार-बार हाथ धोना नहीं भूलें।
3- घर पर भी मास्क का अनिवार्य इस्तेमाल करें।
4- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
5- श्वसन संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करें।
6- अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
7- खांसी या छींक आने पर अपनी मुड़ी हुई कोहनी या टिश्यू पेपर से अपने मुंह और नाक को ढकें।
8- सुरक्षित रहें। लगातार खांसी और तेज बुखार होना कोरोना संक्रमण के संकेत हैं। इन लक्षणों वाले व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें।
7- ताजा भोजन खाएं और खूब पानी पिएं।

गर्भस्थ शिशु पर प्रभाव और जोखिम-

1- भ्रूण पर प्रभाव- प्रसव का समय से पहले होना, सर्जरी की आवश्यकता पड़ना और नवजात की देखभाल करने में जोखिम होना।
2- कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला गर्भावस्था या प्रसव के दौरान बच्चे को भी संक्रमित कर सकती है।

चिकित्सक की सलाह-

1- कोविड लक्षणों वाली गर्भवती महिलाओं को परीक्षण के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2- लक्षण नजर आने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
3- चिकित्सक के पास बार-बार जाने के बजाए संभव हो तो फोन द्वारा परामर्श लेें।
4- डिलीवरी का समय नजदीक है, तो तनाव में न रहें। ईमेल, संदेश या वीडियो चैट के माध्यम से अपने प्रियजनों और रिश्तेदारों के संपर्क में रहें। अत्यधिक काम न करें और अधिकाधिक आराम करें।
5- स्तनपान करवाते समय हर बार हाथ धोना नहीं भूलें।