मुनिकीरेती में सीडीओ ने किया आवारा पशुओं के लिए भूमि का निरीक्षण

मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल नमामि बंसल द्वारा नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ढालवाला क्षेत्र में आवारा पशुओ के शरण हेतु 100 गोबंशीय पशुओ के लिए गौशाला निर्माण हेतु 5 नाली भूमि का निरीक्षण किया गया व उक्त भूमि पर गौशाला निर्माण हेतु डीपीआर के संबंध में पालिका के अधिशाषीअधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि शासन को 36.01 लाख के डीपीआर प्रेषित की गई है। 

1- भूमि का प्रस्ताव पूर्व में राजस्व उपनिरीक्षक के माध्यम से जिला प्रशासन को प्रेषित किया गया है साथ ही भूमि पालिका को हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया गया।

2- नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत  स्वीकृत डीपीआर की अनुसार हो रहे कार्य की जानकारी ली गई।

3- नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती क्षेत्र के सीवर के निस्तारण व सेप्टेज मैनेजमेंट के निस्तारण हेतु चोरपानी में नमामि गंगे योजना से 5MLD निर्मित STP प्लांट रु-80.45 करोड़  का निरीक्षण किया  गया एवम उक्त कार्य के सराहना की गई साथ ही पालिका मुनिकीरेती को कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलेशन वेस्ट के निस्तारण हेतु प्रस्ताव प्रेषित किये जाने के निर्देश दिए गये।

इस दौरान जल निगम के इंजीनियर रविंद्र गंगारी राजस्व उपनिरीक्षक पवन कुमार पालिका से स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार आदि उपस्थित रहे।

अगर आप ने रजिस्ट्रेशन कराया है तो समय से पहले भी कर सकेंगे दर्शन

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए पंजीकृत यात्री अब यात्रा के लिए तय किए गए दिन से पूर्व भी दर्शन कर सकेंगे। एक दिन में तय संख्या से कम यात्रियों के चारधाम पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट ने बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को दर्शन की इजाजत दी है। लेकिन देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेने वाले सभी यात्री दर्शन को नहीं पहुंच रहे हैं।
इसलिए अब सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। सचिव धर्मस्व एवं तीर्थाटन हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी धाम में एक दिन के लिए तय सीमा में श्रद्धालु नहीं पहुंचते तो ऐसे तीर्थ यात्रियों को दर्शन का मौका दिया जाएगा जिन्होंने आगे के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि एक दिन में धाम में दर्शन करने वालों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संदर्भ में गढ़वाल आयुक्त व सीईओ देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के डीएम और एसपी को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप-भ्रष्ट मंत्रियों को बचा रहे मुख्यमंत्री

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पिछले दिनों मुक्त विश्वविद्यालय में बैकडोर से नियुक्तियां की गईं, हरिद्वार महाकुंभ में टेस्टिंग घोटाला और सहकारिता विभाग में बाहरी एजेंसियों के माध्यम से नियुक्तियां की गईं, इन सबमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। ऐसा लगता है मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों को भ्रष्टाचार की खुली छूट दे रखी है।
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में नियुक्तियों के मामले में हुए भ्रष्टाचार को सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत कर रही है। जबकि बैकडोर से हुई 56 नियुक्तियों के मामले में तत्कालीन राज्यपाल सवाल उठा चुकी हैं। सहकारिता विभाग में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों विभाग में हुई नियुक्तियों को उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग से न कराकर आनन फानन में दिल्ली, नोयडा की एजेंसियों से परीक्षा करा दी गई। कुंभ में कोरोना टेस्टिंग घोटाले पर सरकार की ओर से जांच एजेंसियों का गठन न करना, सरकार की संलिप्ता को दर्शाता है।
समाज कल्याण विभाग में हुए छात्रवृति घोटाले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी प्रकार से कर्मकार कल्याण बोर्ड में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ, जिसकी कोई जांच नहीं की गई। उन्होंने इन तमाम घोटालों की जांच के लिए विधानसभा स्तर नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में समिति गठित कर जांच कराए जाने की मांग की है। प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी, गढवाल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चमोली, दीप बोहरा, एवं सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कै. बलबीर सिंह रावत, सचिव महेश जोशी आदि उपस्थित थे।

चुनाव से ठीक पहले साढ़े चार साल बाद अब आई टैबलेट देने की याद
भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और स्मार्टफोन देने का वादा किया था, लेकिन चाढ़े चार साल सोए रहने के बाद अब उसे चुनाव से ठीक पहले अपने वादे की याद आई है। अब जल्दबाजी में टैबलेट खरीदकर छात्रों को दिए जाएंगे। जिसमें टैबलेट से पहले ही घोटाले की बू आ रही है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को बिना अपनाए सरकार यह काम पीएसयू के माध्यम से करा रही है। आनन फानन में बडे पैमाने पर टैबलेट और स्मार्टफोन खरीदने जा रही है। समय कम होने के कारण नियम कानूनों को ताक पर रखकर सरकार द्वारा ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को पीएसयू के माध्यम से इन्हें खरीदना है तो वह नियमों और सीवीसी गाइडलाइंस का पालन करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो इसे नियमों का अतिक्रमण और भ्रष्टाचार ही समझा जाएगा।

रेल परियोजना में स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा काम
गणेश गोदियाल ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियाजना के कामों पर  भाजपा के बड़े नेताओं का कब्जा है, जबकि स्थानीय ठेकेदारों से काम छीना जा रहा है। इतना ही नहीं निर्माण के काम में लगी कंपनियों की ओर से भी स्थानीय लोगों को काम न देकर बाहारी लोगों को काम पर लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे स्थानीय लोगों के साथ धोखा बताया है।

उपाध्याय जी की सोच रही कि अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचे-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय जंयती समारोह में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के बारे मे बोलना सूर्य को दीपक दिखाने जैसा है। उन्होंने हमें सिखाया है कि समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुचाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए, और इसी सोच को लेके हम आगे बढ़े हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस स्वपन को साकार किया जा रहा है। उनका सम्पूर्ण जीवन सादगी से भरा था। उनके सिद्धान्तों पर चलकर पिछड़ो तथा समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्तियों के हित मे योजनायें बनायी गई है। अटल आयुष्मान भारत जैसी योजना पं. दीनदयाल उपाध्याय के स्वप्नों को साकार कर रही है, उत्तराखण्ड में भी 3.5 लाख लोगों ने अब तक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिनपर 460 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है। प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाना भी निशुल्क कर दिया गया है। यह दुनिया में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जवला योजना तथा स्वच्छ भारत जैसी योजना भी केन्द्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही है जो कि समाज में एक नई क्रांति लाने का कार्य रही है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना भी गरीबों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। यह सारी योजना अन्त्योदय भारत के स्वप्न को पूरा करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में जल जीवन मिशन योजना भी है। हमारी पूरी कोशिश है कि 2022 तक प्रदेश में इस योजना के तहत हर घर को जल की प्राप्ति हो सकेगी। हमने इस योजना के तहत प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में तथा शहरी क्षेत्रों में 100 रूपये में कनेक्शन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा स्वयं को स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार देने वाले बनें इसके लिये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आदि के तहत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में 24 हजार सरकारी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है, सभी प्रक्रियायें जल्द ही पूर्ण की जायेंगी। 31 मार्च, 2022 तक जो भी भर्ती की परीक्षायें होंगी, उनमें कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। युवाओं को समूह ‘ग’ की परीक्षा में शामिल होने के लिये अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार लाखों लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है, जिसके लिए जगह-जगह कैम्प लगाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है। पयर्टन, परिवहन, राफ्टिंग व्यवसाय को उभारने के लिए इन व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में 200 करोड़ का पैकेज दिया गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने 205 करोड़ का पैकेज दिया है। यह धनराशि सीधे उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य को आवश्यकतानुसार वेक्सीन उपलब्ध कराने में राज्य की बड़ी मदद की है। हमारा प्रयास राज्य के सभी लोगों को दिसम्बर, 2021 तक सभी का वैक्सीनेशन कराने का है।
इस अवसर मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान के कार्यालय एवं शोध संस्थान आदि के लिये भूमि की व्यवस्था के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही का भी आश्वासन दिया।
समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित करते हुए विश्व संवाद केन्द्र के निदेशक विजय ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन यात्रा एवं विचार यात्रा के दो पक्ष है। उन्होंने अन्त्योदय एकात्म मानववाद एवं धर्म अधर्म के सम्बन्ध में पं. दीनदयाल के विचारों की स्पष्टता के साथ व्याख्या की। श्री विजय ने कहा कि पं0 दीनदयाल का उत्तराखण्ड से भी गहरा सम्बन्ध रहा है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल एवं सांसद नरेश बंसल ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक हरवंश कपूर, मेयर देहरादून सुनिल उनियाल गामा, पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान की अध्यक्षा शुभा वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पंत आदि उपस्थित थे।

रेल सुविधाओं में विकास के लिए राज्य मंत्री से मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में केंद्रीय रेल एवं टेक्सटाइल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य में रेल परियोजनाओं के विकास संचालन एवं आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के संबंध में विचार विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से राज्य हित में टनकपुर-बागेश्वर ब्रॉड गेज लाइन के सर्वे में तेजी लाने, लालकुआं-सितारगंज-सिडकुल-खटीमा, धामपुर-काशीपुर-जसपुर रेल लाइन निर्माण, रुड़की-देवबंद रेल लाइन निर्माण में तेजी लाए जाने के अनुरोध के साथ ही टनकपुर से दिल्ली के लिए नियमित ट्रेन, हरिद्वार, हल्द्वानी तथा टनकपुर से अयोध्या के लिए सीजनल ट्रेन के संचालन का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है, बड़ी संख्या में यहां के लोग सेना में है। अतः सैनिक हित को देखते हुए एक सैनिक स्पेशल ट्रेन का संचालन का भी अनुरोध उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून, हर्रावाला, हरिद्वार रेलवे स्टेशनों के विस्तारीकरण की भी अपेक्षा की। उन्होंने सिडकुल हरिद्वार इकबालपुर को कंटेनर रेल लिंक से जोड़ने तथा फ्राइट कैरीडोर के निर्माण के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से राष्ट्रीय महत्व के ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल निर्माण में तेजी लाये जाने के साथ ही चार धाम रेल परियोजना के कार्यों को भी गति प्रदान करने का अनुरोध किया।
केन्द्रीय रेल एवं टेक्सटाइल राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में तीर्थाटन के साथ पर्यटन की अपार संभावनायें हैं। राज्य के हित से जुड़ी रेल परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास मे पूर्ण सहयोग का आश्वासन उन्होंने मुख्यमंत्री को दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी वन्दे भारत ट्रेन का संचालन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का देवभूमि के रूप में अपना महत्व है। राज्य की जरूरतों के दृष्टिगत प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वय की भी उन्होंने बात कही। राज्य में टेक्सटाइल पार्क के विकास के साथ ही उन्होंने राज्य के हस्तशिल्प एवं हेण्डलूम को बढ़ावा देने के लिये भी सहयोग का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव डॉ. रणजीत सिन्हा, जीएम नादर्न रेलवे आशुतोष गंगल, डीजीएम मुरादाबाद अजय नन्दन, निदेशक रेलवे जन शिकायत सुहानी मिश्रा आदि उपस्थित थे।

पर्वतीय शिल्प कला के अनुरूप हो ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के स्टेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री के सलाहकार भाष्कर खुल्बे ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों तथा बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण से सम्बन्धित मास्टर प्लान पर चर्चा की। खुल्बे ने मुख्यमंत्री से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अन्तर्गत निर्मित होने वाले स्टेशनों को पर्वतीय शिल्प कला के अनुरूप बनाये जाने की बात कही, उन्होंने कहा कि इससे पर्वतीय क्षेत्र के शिल्पियों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से विश्वस्तरीय टिहरी झील जाने हेतु मसूरी-चम्बा कोटी कालोनी मोटर मार्ग के द्वारा कुल 105 किमी० की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें सम्पूर्ण मार्ग पर्वतीय क्षेत्र में होने के कारण लगभग 3.30 घण्टे का समय लगता है। उक्त टनल देहरादून के राजपुर के निकट से प्रस्तावित है, जो कि टिहरी झील के निकट कोटी कालोनी में समाप्त होगी। टनल की कुल लंबाई लगभग 35 किमी० आयेगी। टनल के निर्माण की अनुमानित लागत 8750 करोड़ रूपए आयेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश होने के पश्चात भी राज्य के पर्वतीय दूरदराज कुमाऊं मंडल के इलाके, भौगोलिक दूरी होने के कारण सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। राज्य के कुमाऊं मंडल में एम्स की स्थापना करने से कुमाऊं के नागरिकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती जनपदों के लोगों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। एम्स के लिए भूमि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व में भी एक राज्य में दो एम्स जैसे विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित किए गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के क्षेत्रीय सामाजिक सांस्कृतिक तथा पर्यटन के विकास और सामरिक दृष्टिकोण से रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टनकपुर और बागेश्वर के बीच नैरो गेज रेलवे लाइन हेतु सर्वे का आदेश निर्गत किया गया है। यह लाइन ब्राडगेज में होनी चाहिये। चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह रेल लाइन सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही यह नये व्यापार केन्द्रों को भी जोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक उद्देश्य और सीमांत जनपदों के विकास की आवश्यकता को देखते हुए टनकपुर बागेश्वर रेलवे लाईन का नैरोगेज की बजाय ब्राडगेज लाईन का सर्वे किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम सड़क परियोजना के साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना प्रधानमंत्री की उत्तराखण्ड को बड़ी देन है। वह समय दूर नहीं, जब पहाड़ में रेल का सपना पूरा होगा। इससे राज्य की आर्थिकी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मार्च 2024 तक परियोजना को पूर्ण किए जाने के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। ऋषिकेश के बाद परियोजना मुख्यतः अंडरग्राउंड है। भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है। इस रेल लाइन पर 12 स्टेशन और 17 टनल बनाये जा रहे हैं। काम निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर एक साथ काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर को जौलीग्रांट, देहरादून में बने नये टर्मिनल का लोकार्पण किया जायेगा। हेली समिट के दौरान देहरादून-पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर- देहरादून हवाई सेवा का फ्लैग ऑफ भी किया जायेगा। यह सेवा पवनहंस द्वारा दी जायेगी। देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा को जल्द स्वीकृति दिये जाने तथा नैनीसेनी हवाई पट्टी के विस्तार की उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में उड़ान के तहत देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून- गौचर- देहरादून, हल्द्वानी-हरिद्वार हल्द्वानी, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा-चिन्यालीयौड़, गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर, हल्द्वानी-धारचूला-हल्द्वानी तथा गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर हेली सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए जो 13 हेलीपोर्ट चिन्हित किये गये हैं, उनमें से 11 की डीपीआर तैयार हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा शुरू होने से सीमान्त क्षेत्र पिथौरागढ़ के विकास के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. क्षतिपूर्ति दिये जाने की अवधि जून 2022 में समाप्त हो रही है, राज्य की आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिये जी.एस.टी कन्सेसन की अवधि को बढ़ाया जाना राज्य हित में है। इस सम्बन्ध में आवश्यक सहयोग का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्रधानमंत्री कार्यालय के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल भी उपस्थित थे।

सीएम ने भाजपा की मीडिया कार्यशाला में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी

भारतीय जनता पार्टी की राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि जिस प्रकार पूर्व में नारद स्वर्ग लोक, धरालोक एवं पाताल लोक में समन्वय स्थापित करते थे उसी प्रकार आज आधुनिक भारत में पार्टी की मीडिया टीम, जनपक्ष, पार्टी पक्ष एवं सरकार का पक्ष समन्वय के साथ विभिन्न संचार माध्यमों के समक्ष रखते हैं। धामी ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री ने जब कहा था कि आने वाला समय डिजिटल है और सारा कार्य मोबाइल से किया जाने लगेगा तो लोगों ने विश्वास नहीं किया पर आज वही स्थिति आ गई है। मोबाइल जीवन का सबसे दैनिक महत्वपूर्ण अंग बनता जा रहा है बहुत सारे कार्य इसी से संपादित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि वह सर्वप्रथम कार्यकर्ता हैं, तत्पश्चात मुख्य सेवक। उन्होंने कहा कि मीडिया टीम द्वारा मिल रही सूचनाओं का संज्ञान लेकर वे कार्यवाही करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 24000 भर्ती निकाली है जिस पर 15 अगस्त से कार्य आरंभ हो गया है और 3 माह के अंदर इनमें से आधी भर्तियां हो जाएंगी साथ ही हम स्वरोजगार के लिए विभिन्न स्थानों पर कैंप लगा रहे हैं हमने न सिर्फ प्रार्थी यों को आयु में 1 वर्ष की छूट दी है बल्कि आवेदन किए जाने वाले सभी फॉर्म को निशुल्क कर दिया है द्य धामी ने कहा कि विपक्ष उनकी घोषणाओं पर सवाल उठा रहा है पर वह विभिन्न विभागों तथा वित्त विभाग से आकलन करवा कर ही घोषणाएं कर रहे हैं जो निश्चित तौर पर धरातल पर आएंगी।
धामी ने कहा कि हमने पर्यटन क्षेत्र को 2000 करोड़ का आर्थिक पैकेज के साथ ही आजीविका योजना में पुलिस को तथा राजस्व के लोगों को भी पैकेज दिया है मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आयुष्मान भारत तथा अटल आयुष्मान योजना के बनने वाले कार्यों को जिन पर पहले 30 रुपये लगता था निशुल्क कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक आप लोगों के माध्यम से पहुंचकर उस तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा कर उसका जीवन स्तर बढ़ाना है।
प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता संगठन मंत्री अजेय कुमार ने प्रदेशभर से आए हुए मीडिया प्रभारियों को टिप्स देते हुए बताया कि किस प्रकार विरोधियों के आरोपों का शालीनता से जवाब देते हुए अपना पक्ष रखना है। संगठन मंत्री ने मीडिया प्रभारियों को संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनसे आने वाले विधानसभा चुनाव तक पूर्णकालिक के रूप में कार्य करने को कहा।
प्रथम सत्र को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने संबोधित करते हुए नियमित तौर से मीडिया कार्यशाला आयोजित करने, मीडिया कर्मियों से मधुर संबंध बनाने और संगठन एवं सरकार को अधिक से अधिक कवरेज दिलाने पर जोर दिया।
सत्र के अंत में संत्र अध्यक्ष प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी न्यूज़ सभी का आभार व्यक्त किया।
सत्र में प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सहित प्रदेश मीडिया टीम के सभी सदस्य, प्रदेश के सभी जिलों से आए हुए मीडिया प्रभारी तथा महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के मीडिया प्रभारी उपस्थित रहे।

सम्प्रदाय विशेष के दबाव में मकान, सम्पति बेचने व पलायन की सूचना पर बड़े एक्शन की तैयारी

शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जननांकीय (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं जिसका कुप्रभाव ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। इतना ही नहीं इससे वहां का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की संभावना भी बनी हुई है। इस संबंध में चिंता जताते हुए शासन ने डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को इस समस्या के निदान के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में जनपद स्तरीय एक समिति गठित की जाए। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों में शांति समितियों का भी गठन किया जाए तथा समयदृसमय पर इन समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं। निर्देश दिए हैं कि जिलों में इस प्रकार के क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए वहां निवास कर रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर करवाई की जाए। इसके साथ ही जिलेवार ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो अन्य राज्यों से आकर यहां रह रहे हैं और उनका अपराधिक इतिहास है। ऐसे लोगों का व्यवसाय और मूल निवास स्थान का सत्यापन करके उनका रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को कहा गया है कि इन क्षेत्र विशेष में भूमि की अवैध ख़रीददृफरोख्त पर विशेष निगरानी रखी जाए। इस पर रोक लगाते हुए यह देखा जाए कि कोई व्यक्ति किसी के डर या दवाब में अपनी संपत्ति न बेच रहा हो। निर्देश दिए गए हैं कि जिले निवास कर रहे विदेश मूल के उन लोगों के खिलाफ सख्त करवाई करें जिन्होंने धोखे से भारतीय वोटर कार्ड अथवा पहचान पत्र बनवाए हैं। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाए।

कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजति हुई। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल के सम्मुख 29 प्रस्ताव आये थे, जिसमे से 24 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने सहमति जताई है।
इनमें इन प्रस्तावों पर लगी मुहर-
विश्व बैंक की योजना समाप्त होने से 31 मार्च 2022 तक शिक्षकों को राज्य सरकार वेतन देगी। इससे 146 सहायक प्रोफेसर को फायदा होगा।
राज्य कर्मचारियों के हित में राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते को 11 फ़ीसदी तक बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है। जिससे राज्य कोष पर 150 करोड़ रुपए पर महीना भार पड़ेगा। 1 जुलाई 2021 से देय होगा।
एविएशन फ्यूल वैट किया गया कम। पेट्रोल पंप के मांगों में दी गई रियायत।
ऊधमसिंह नगर के नगला ग्राम पंचायत को नगर पालिका परिषद बनाए जाने पर मंजूरी।
सरकार ने नगर पालिका परिषद श्रीनगर को नगर निगम बनाये जाने का निर्णय लिया है।
चिकित्सा इकाइयों में पुनर्गठन को लेकर किया गया संशोधन।
विधानसभा के सत्र के सत्रावसान की घोषणा।
पेट्रोल पम्पो को खोलने के मानकों में ढील दी गई।
लोक सेवा आयोग ने मनीष बिष्ट नाम के युवक को नियुक्ति देने का फैसला लिया गया था, न्यायालय ने एक अतिरिक्त पद सृजित किया जाएगा ताकि मनीष भी समायोजित हो सके।
स्वास्थ केंद्रों को 5 वर्गाे में किया गया विभाजित, पहले 10 कैटेगिरी थी।

उत्तराखंड में अल्ट्रा लक्जरी वैन कैरवानं के साथ कर सकेंगे पर्यटक सैर

उत्तराखंड के दूरस्थ स्थानों पर अब पर्यटक अल्ट्रा लक्जरी वैन कैरवान से अपने परिवार और दोस्तों के साथ सफर कर सकेंगे। अत्याधुनिक विशेषताओं से लैस विशेष वाहन कैरवान का शुक्रवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के परिसर में रिबन काटकर शुभारंभ किया।
कैरवान इन्वेस्टर प्रमोशन सेल की नोडल अधिकारी पूनम चंद ने बताया कि कैरवान को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में शामिल किया गया है। राज्य सरकार की पर्यटन नीति के तहत एमएसएमई के अंतर्गत कैरवान खरीद सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से तय अनुदान भी दिया जा रहा है। इसका पर्यटकों और उत्तराखंड़ वासियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यात्रा के शौकीन पर्यटकों के लिए यह कैंपिंग वाहन घर जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस वाहन के साथ आप सोशल डिस्टेंसिंग को मेंनटेंन करते हुए सड़क के रास्ते कहीं भी यात्रा कर सकते हैं। कैरवान के जरिए पर्यटक अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर सड़क यात्रा कर आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस वाहन में एलसीडी टीवी, सैटेलाइट टीवी, जीपीआरएस नेविगेशन सिस्टम, वॉशरूम, पेंट्री, कॉफी मेकर, माइक्रो वेव आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कैरवान से ट्रैवल करने का एक बड़ा फायदा ये है कि इसमें बैठकर आपको कभी ऐसा अनुभव नहीं होगा कि आप घर से बाहर आए हुए हैं। कैरवान के जरिए पर्यटक दूरदराज के इलाकों, जंगलों और नदियों के किनारे अपनी उत्तराखंड यात्रा को यादगार बना सकते हैं। कैरवान में घर जैसा ही वातावरण मिलता है, इसमें आप अपने परिवार, दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए आराम से यात्रा कर सकते हैं। वहीं यह स्थानीय लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वावलम्बी बनाने की दिशा में एक अच्छी पहल है। कैरवान के माध्यम से पर्यटक सड़क यात्रा कर अपनी पसंदीदा स्थल पर पहुंच सकेंगे। कैरवान में आवास भोजन की सुविधा होने के चलते पर्यटकों को अलग से होटल की बुकिंग नहीं करानी पड़ेगी।
इस अवसर पर युगल किशोर पंत, अपर सचिव पर्यटन, कर्नल अश्विनी पुंडीर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन), विवेक सिंह चौहान अपर निदेशक, योगेंद्र सिंह गंगवार उप निदेशक, एस.एस. सामंत वरिष्ठ शोध अधिकारी समेत विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।