महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न


कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

सरकारी भूमि में बनी मलिन बस्तियों का होगा विनियमितिकरण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 130वें जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी, महान नेता और समाज सुधारक डा. भीमराव अम्बेडकर ने सामाजिक असमानता को दूर करने तथा वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने भारत के संविधान में तत्कालीन सामाजिक भेद भाव मिटाने तथा सभी को अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी गरीब एवं वंचितों के विकास के लिए कृत्संकल्प है। सरकारी भूमि में स्थित मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण एवं सौंदर्यीकरण की घोषणा को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समाज के गरीब तथा वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोअर तुनवाला में स्थित रविदास भवन एवं डॉ. अम्बेडकर बारात घर के चारदीवारी निर्माण एवं मरम्मत कार्य की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर आजीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का यह सपना था कि भारत में जातिवाद खत्म हो, सामाजिक समानता के अवसर हों, अधिकारों की रक्षा हो। हमारे संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय या पंथ से हो, समानता का अधिकार प्राप्त है। आज एक लोकतंत्र और समतावादी समाज के रूप में हम जो भी हैं और जहाँ तक आगे बढ़े हैं, इस मुकाम तक पहुँचने में हमारे संविधान और उसके मुख्य निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की बहुत बड़ी भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस से लड़ाई में हर संभव प्रयास कर रही है। टेस्टिंग के साथ ही वैक्सीनेशन को भी बढ़ाया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन उत्सव के रूप में तेजी से टीकाकरण का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण के लिए ही सम्भव व्यवस्थाएं की गई हैं। टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक एवं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ भी उपस्थित थे।

जयंती पर याद किए गए बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर

भारतीय संविधान के रचयिता, गरीबों के मसीहा, देश को नई दिशा देने वाले बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

प्रकान्त कुमार (प्रदेश सह संयोजक भाजयुमो) के नेतृत्व में युवा मोर्चा कार्यकर्ता अम्बेडकर चैक पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। साथ ही जोरदार नारो के साथ बाबा साहब के प्रति अपनी निष्ठा व समपर्ण वक्त करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

प्रकान्त कुमार ने कहा कि बाबा साहब समस्त मानव जाति को एक ऐसा सविधान दिया है जिसमे समाज में खड़ा अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकता है, ये हमारा सौभाग्य है जो ऐसे महापुरूष ने हमारे देश मे जन्म लिया। उन्होंने संविधान के रूप में देश को एक पवित्र ग्रंथ भेंट किया। जो हम सभी का मार्गदर्शक है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष अक्षय खैरवाल, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष आनंद शर्मा, पूर्व मंडल मंत्री दुर्गेश कुमार, अनुज कुमार, देवकुमार, शुभ गुप्ता राहुल कुमार, उपकार सिंह, करण शाह आदि उपस्थित रहे।

कृष्णानगर कॉलोनी में तीन करोड़ 66 लाख की लागत से पेयजल योजना का हुआ शुभारंभ

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णानगर कॉलोनी में लंबे समय से पेयजल की समस्या का अब निदान हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज कृष्णनगर कॉलोनी में 3 करोड़ 66 लाख 23 हजार रुपये की लागत से कृष्णा नगर पेयजल योजना का शिलान्यास विधिवत पूजा अर्चना के संग किया।

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम कार्यक्रम के अंतर्गत कृष्णनगर पेयजल योजना के शिलान्यास का कार्यक्रम कृष्णनगर कॉलोनी के अंतर्गत रखा गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने नारियल फोड़कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कृष्णानगर कॉलोनी में विगत कई समय से पानी की समस्या बनी हुई थी। जिसके लिए वह कृष्णानगर में पेयजल आपूर्ति के लिए योजना के संबंध में प्रयासरत थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कृष्णनगर कॉलोनी में वर्तमान समय में बिजली, सड़क एवं अब पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से हजारों की संख्या में कॉलोनी के परिवार लाभान्वित होंगे एवं हर घर नल लगाकर पानी की आपूर्ति पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना से कृष्णानगर कॉलोनी क्षेत्र के आसपास के हजारों लोगों को लाभ होगा। योजना के अंतर्गत 3 करोड 66 लाख रुपए की लागत से ट्यूबवेल, उच्च जलाशय (विशाल टैंक), पंप हाउस, स्टाफ क्वार्टर्स, राइजिंग मेन के कार्य किए जाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मानक एवं गुणवत्ता के क्रम में निर्माण कार्यों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय में कार्य को पूर्ण कर क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान वीर भद्र मंडल के मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता हेमचंद जोशी, रमेश चंद शर्मा, सदानंद यादव, आरती दुबे, मनोरमा देवी, पुरुषोत्तम, निर्मला उनियाल, करण सिंह, तिलक चैहान, जोगेंद्र सैनी, सुनील यादव, राजकुमार भारती, चंद्रदेव पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पार्षद सुंदरी कंडवाल ने किया।

गंगा से बेहोशी की हालत में व्यक्ति को जल पुलिस ने सकुशल निकाला


जल पुलिस ने आज एक व्यक्ति को बेहोशी की हालत में गंगा नदी से बाहर निकाला। जिसे तुंरत सीपीआर देकर होश में लाया गया।

दरअसल, 47 वर्षीय मुरादाबाद यूपी निवासी गोविंद पुत्र ताराचंद नावघाट पर गंगा स्नान कर रहे थे। तभी उनका संतुलन बिगड़ा और वह गंगा नदी में जा गिरे। मौके पर चीख पुकार मच गई। जल पुलिस के जवानों ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद गोविंद को गंगा नदी से बाहर बेहोशी की हालत में निकाला गया। बाहर लाकर उसे तुरंत सीपीआर देकर होश में लाया गया। जल पुलिस की टीम में कांस्टेबल सतपाल पवार, कांस्टेबल मुकेश नेगी, कांस्टेबल हरीश गुसाईं, गोताखोर सुनील शामिल रहे।

ऋषिकेशः एडीजे प्रथम देखेंगे एनडीपीएस एक्ट के मामले

बार एसोसिएशन ऋषिकेश के अनुरोध पर अब एनडीपीएस एक्ट के मामले ऋषिकेश न्यायालय से ही देखे जाएंगे। हाईकोर्ट नैनीताल की सहमति तथा राज्यपाल की ओर से इस पर निर्देश जारी किए गए है।

दरअसल, बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष सूरत सिंह रौतेला और महासचिव सुनील नवानी ने बीते चार जनवरी को जिला जज के माध्यम से उत्तराखंड हाईकोर्ट को ऋषिकेश में एनडीपीएस कोर्ट खोलने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद 16 मार्च को जिला जज के ऋषिकेश आगमन पर एसोसिएशन के सदस्य उनके समक्ष यह बात पुनः रखी।

महासचिव व अधिवक्ता सुनील नवानी ने बताया कि राज्यपाल के निर्देश पर सचिव प्रेम सिंह खिमाल ने आदेश पत्र जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट नैनीताल की सहमति पर एनडीपीएस मामलों की सुनवाई हेतु प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकेश उक्त मामलों देखेंगे।

वहीं, ऋषिकेश में एनडीपीएस एक्ट के मामलों का निस्तारण होने की सूचना के बाद बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट व राज्यपाल का आभार जताया है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने वर्चुअली प्रेसवार्ता कर दी शाही स्नान को लेकर अपडेट

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ संपंन हो गया है। सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार।

सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा। सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे। वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की विपरीत परिस्थितियों में हो रहे कुंभ के आयोजन में चुनौतियां बहुत हैं। लेकिन हमारी सरकार ने उस चुनौती का स्वीकार किया है और कुंभ को दिव्यता और भव्यता के साथ सुरक्षित ढंग से संपंन कराया जा रहा है। कहा कि मेले में संत समाज की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके स्वागत में कोई कमी नहीं है। किसी श्रद्धालू को भी कहीं परेशानी का सामना ना करना पड़े इसका अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय निर्धारित है। और श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में टीका उत्सव के लिए व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं। और टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कहा कि टीकाकरण को लेकर अन्य प्रांतों की अपेक्षा हम बहुत बेहतर स्थिति में हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने हृदय से आभार जताया।

स्किल इंडिया पैवेलियन कौशल मेला का हुआ वर्चुअल शुभारंभ

Need to link skill development program with self-reliant India and vocal for local: CM

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्री भारत सरकार, डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने हरिद्वार कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन-कौशल मेला का वर्चुअल उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, भारत सरकार आरके सिंह, उत्तराखण्ड के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत एवं विधायक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन का डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने स्किल इंडिया के मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से बातचीत कर युवाओं को कौशल विकास के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिये जाने और कौशल विकास कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने हरिद्वार कुम्भ मेले में स्किल इंडिया पैवेलियन-कौशल मेला के वर्चुअल उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस स्किल इंडिया पैवेलियन के द्वारा देश के युवाओं का कौशल विकास होगा और वे एक नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सम्पूर्ण विश्व में यह कुम्भ मेला भारत की आध्यात्मिक ताकत का बोध कराता है उसी प्रकार हम सभी का एकजुट प्रयास हो कि स्किल इंडिया पैवेलियन देश के युवाओं को आने वाले भविष्य के अनुरूप कौशल का निर्माण करने में एक दिशा दे और हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कुम्भ मेले में केंद्र सरकार से बहुत महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। हमारे कुशल कार्यबल की ही लगन और मेहनत का फल है कि इस महाकुम्भ का आयोजन ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी किया जा सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों से देश को एक नई दिशा दी है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है कौशल विकास कार्यक्रम। भारत युवाओं का देश है। हमारे युवाओं में देश को आगे ले जाने की योग्यता और क्षमता है। आज का विश्व प्रतिस्पर्धा का विश्व है। हमें अपने युवाओं को इस प्रतिस्पर्धा में जीतने योग्य बनाना है। इसके लिए बाजार की मांग के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर खास ध्यान देना है। कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कौशल विकास कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जोङने की जरूरत है। इसके लिए जरूरत है, स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता और भविष्य के बाजार की मांग के अनुसार रूपरेखा तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन विशेष तौर पर साहसिक पर्यटन और आईटी पर फोकस किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में कौशल विकास के कार्यक्रम चलाए जाएं। इनकी मार्केटिंग पर भी ध्यान देना होगा। प्रदेश में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और इनमें भी महिला स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास से जोड़ें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 में उत्तराखंड को अधिक लक्ष्य आवंटित किये जाने का अनुरोध किया।

कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री, भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि कुंभ मेला हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग रहा है। कुभ में आने का लोगों का मुख्य उद्देश्य धर्म एवं मोक्ष से होता है, वहीं स्किल इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य अर्थ और काम की प्राप्ति करना है। उन्होंने कहा कि मेलों का आयोजन भारतीय परम्पराओं का अभिन्न अंग रहा है। मेलों में खेती एवं कारोबार से संबंधित यंत्रों की प्रदर्शनी की भारत में पहले से ही परंपरा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कौशल विकास एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा आगे बढ़ने के लिए जो देशवासियों से आह्वाहन किया है, आज देश उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश को शीर्ष स्तर पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री जी प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जरूरतों के हिसाब से राज्य में कौशल विकास के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। एडवेंचर, आर्गेनिक खेती, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए उत्तराखण्ड को केन्द्र की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कुंभ दुनिया का आकर्षण का केन्द्र होता है, कुंभ के समय कौशल विकास की दृष्टि से लोगों में जागृति फैलाने का यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, कौशल विकास से उनकी प्रतिभाएं उजागर होंगी। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कौशल विकास विभाग द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, भारत सरकार आरके सिंह ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट विकास का मुख्य आधार रहा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एवं लोगों में कार्य करने के हुनर को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता नया मंत्रालय बनाया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। व्यवस्थाओं में सुधार की गुंजाइश हमेशा होती है। इसके लिए राज्यों से जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उन पर गम्भीरता से विचार किया जायेगा।

प्रदेश के कौशल विकास मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री के कौशल भारत एवं कुशल भारत के संकल्प को लेकर हरिद्वार कुंभ के दौरान यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं के हाथों में हुनर देकर हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से राज्य में युवाओं को स्किल से जोड़ा जा रहा है। एडवेंचर, ईको टूरिज्म, आर्गेनिक खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ ही राज्य सरकार द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव अतुल कुमार तिवारी, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सीईओ डॉ. मनीष कुमार, सचिव कौशल विकास, डी. सेंथिल पांडियन एवं निदेशक कौशल विकास आर राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

गंगा में डूब रहे युवक को जल पुलिस ने सकुशल बचाया

आज गंगा घाट पर स्नान के दौरान तेज धारा की चपेट में आकर एक युवक फिसल गए। यह देख मौके पर चीख पुकार मच गई। लोगों की सेवा में तत्पर जल पुलिस के जवानों ने बिना कुछ सोचे गंगा नदी में छलांग लगा दी और युवक को समय रहते गंगा नदी से बाहर निकाला।

घटना करीब सुब 08ः45 बजे की है, जब नाव घाट के समीप टिहरी गढ़वाल निवासी जनार्दन जोशी पुत्र लाखीराम जोशी गंगा नदी में नहा रहा था। गंगा की तेज धारा में वह बहने लगा। मौके पर समय रहते जल पुलिस के जवानों ने उसे बचा लिया। मौके पर लोगों ने जल पुलिस को देवदूत बताया। जल पुलिस के जवानों में कांस्टेबल हरीश गुंसाई, कांस्टेबल मुकेश नेगी, कांस्टेबल सत्यपाल और गोताखोर सुनील कुमार शामिल रहे।

200 लोगों को ही विवाह समारोह में मिल सकेगी एंट्री, सरकार ने जारी की एसओपी

उत्तराखंड सरकार ने विवाह समारोह में अधिकतम 200 लोगों के शामिल होने को लेकर अनुमति प्रदान की है। मुख्य सचिव ने एक आदेश के तहत यह बात कही है।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश के एक आदेश में साफ लिखा गया है कि वर्तमान में राज्य भर में बढ़ते हुए कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत कोविड-19 कंटेनमेंट जोन के बाहर आयोजित होने वाले विवाह समारोह में अधिकतम 200 लोगों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए जैसे कि मास्क पहनना तथा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की जा सकती है। इस दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।