सीएम ने की राज्य मेधावी छात्रवृत्ति धनराशि में बढ़ोतरी की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों से वर्चुअल संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की। उन्होंने श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की भी घोषणा की।

1 से 14 सितम्बर तक प्रवेश पखवाड़ा और 15 सितम्बर को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव
मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों सहित सभी शासकीय विद्यालयों में 1 से 14 सितम्बर 2021 तक प्रवेश पखवाड़ा एवं 15 सितंबर 2021 को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव मनाये जाने की भी घोषणा की।

व्यावसायिक शिक्षा में 8 ट्रेड प्रारंभ
मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनायें देते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम में 8 ट्रेड प्रारंभ किये गये हैं। इससे हमारे बच्चों का स्किल डेवलपमेंट होगा जो कि उनके कैरियर में सहायक होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रारंभ नई शिक्षा नीति में भी स्किल डेवलपमेंट पर बल दिया गया है।

आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिये अच्छे से अच्छा जो भी हो सकता है, सरकार कर रही है। कोशिश है कि आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच बने। कोविड काल में आनलाईन एजुकेशन की महत्ता बढी है। सरकार राज्य के राजकीय विद्यालयों के 10 वीं और 12 वीं के छात्र छात्राओं को प्री लोडेड कंटेंट के साथ मोबाईल टैबलेट जल्द उपलब्ध कराएगी। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की स्थापना की गई है जबकि 600 और विद्यालयों में वर्चुअल क्लास प्रस्तावित हैं। सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। 189 विद्यालय सीबीएसई मान्यता के साथ इंग्लिश मीडियम में प्रारंभ किये गये हैं।

पूर्ण मनोयोग से करें परिश्रम तो सफलता मिलेगी
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि अपनी रूचि के अनुसार कैरियर का चयन करें और फिर पूरे मनोयोग से परिश्रम करें। सामान्य परिस्थितियों से उठे लोगों ने अपने संघर्ष से आसमान को छूआ है। स्वर्गीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने रामेश्वरम से राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया। प्रधानमंत्री का जीवन भी हम सभी के लिए अनुकरणीय है। परिश्रम, संकल्प और दृढ इच्छाशक्ति हो तो कोई काम असम्भव नहीं है। विकल्प रहित संकल्प होना चाहिए। भगवान भी उसी का साथ देते हैं जो खुद का साथ देते हैं। कहा भी गया है कि मन के जीते जीत है, मन के हारे हार। स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि मनुष्य की सीमाएं अनंत हैं।

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2017 से उत्तराखण्ड में स्कूल एजुकेशन मे काफी काम किया गया है। विषयवार अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार रूपये से बढाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता मे उत्तराखण्ड को चौथे स्थान पर रखा गया है।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर सचिव राधिका झा, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक सीमा जौनसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जानें, धामी कैबिनेट किन मुद्दों पर लगाई मुहर

विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संम्पन हुई। इस बैठक में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर मुहर लगी।
पंतनगर विश्वविद्यालय को केन्द्रिय दर्जा देने के लिए प्रस्ताव केन्द्र को भेजा जायेगा। इससे सम्बन्धित सम्पत्ति के सम्बन्ध में मुख्य सचिव की अघ्यक्षता में समिति बनाई जायेगी।
समस्त स्थानीय निकाय में दोहरी लेखा प्रणाली लागू करने के लिए उत्तराखण्ड मैनुअल एकाउटिंग में संशोधन किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को कार्यदायी सस्था के रूप में चयनित किया जायेगा।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायलय विधिक सेवा समिति, तहसील विधिक सेवा समिति, स्थायी लोक अदालत एवं वैकल्पिक विवाद समाधान के लिए केन्द्रीय कर्मचारी सेवा नियमावली प्रख्यापित किया गया।
उत्तराखण्ड भू सम्पदा (विनियमन तथा विकास) (सामान्य) नियमावली 2017 को प्रख्यापित किया गया।
स्वामित्व योजना के कार्याे को त्वरित गति से करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और संक्रिया नियमावली 2020 के नियम 14(5) और 18(2) में संशोधन किये जाने के लिए और उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और संक्रिया नियमावली 2021 बनाई जायेगी।
केदारनाथ एवं बद्रीनाथ के पुर्ननिमाण हेतु बड़ी एजेन्सी चयन कर कार्य कराने की अनुमति दी जायेगी।
खनन सम्बन्धी मामले का सरलीकरण कर स्व मूल्यांकन सम्बन्धी मामले में शासन की जगह निदेशालय स्तर पर निर्णय लिया जायेगा।
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत तकनीकी परीक्षण के बाद दो से पॉच करोड के कार्य कराने हेतु जिलाधिकारियों को अधिकार दिया गया।
सभी अर्बीटेशन सम्बन्धी मामले के निपटारे के लिए उच्च न्यायलय के सेवा निवृत्त न्यायधीश की अघ्यक्षता में तीन सदस्य समिति के माध्यम से निर्णय किया जायेगा।

धामी ने नाकाम किए विपक्ष के सभी वार, जनहित और विकास से जुड़े कई फैसले लिये

उत्तराखण्ड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धमाकेदार रहा। शुरुआत से अन्त तक मुख्यमंत्री ने जमकर बैटिंग की। उन्होंने न सिर्फ विपक्ष के हर वार को नाकाम किया बल्कि ऑन स्पॉट कई लोकप्रिय फैसले किए। 6 भविष्य के तय रोड मैप को धरातल पर उतारने के लिए 5762 करोड़ का अनुपूरक बजट भी पारित करवाया। खासी तवज्जो मिलने से विपक्ष भी मुख्यमंत्री का मुरीद हो गया। पांच दिन के सत्र में कई बार ऐसे मौके भी आए कि विपक्ष के विधायकों ने सीएम धामी की दिल खोलकर सराहना की।
विधानसभा का पांच दिवसीय सत्र मुख्यमंत्री धामी का बतौर मुख्यमंत्री पहला सत्र था। चूंकि 18 मार्च 2022 से पहले राज्य में नई सरकार का गठन होना है, लिहाजा यह मौजूदा सरकार का अंतिम सत्र भी माना जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी पर सत्र के दौरान अपनी परफॉर्मेंस को लेकर काफी दवाब था, लेकिन उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्य संस्कृति के बूते इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। सदन में धामी ने ग्रेड पे के मामले में पुलिस कर्मियों को वचन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। एक झटके में उन्होंने नंदा गौरा कन्याधन योजना की राशि पाने से वंचित तकरीबन 33 हजार कन्याओं के लिए 50 करोड़ की राशि देने का ऐलान कर दिया। केंद्र की तर्ज पर उन्होंने राज्य के लगभग तीन लाख राज्य कर्मियों व पेंशनर्स का 11 फीसदी डीए बढ़ाने में कोई लागदृलपेट नहीं की। राज्य की वित्तीय स्थिति से जुड़े ये निर्णय मुख्यमंत्री धामी की त्वरित निर्णायक क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं बिजली उपभोक्ताओं को बिल का एकमुश्त लंबित भुगतान करने पर फिक्स्ड और विलम्ब शुल्क की छूट दे दी। सत्र के दौरान सदन में पर्याप्त मौजूदगी के साथ ही शासन स्तर की बैठकों पर भी उनका फोकस रहा।
सदन के बाहर और भीतर विपक्ष की बातों को भी उन्होंने पूरा सम्मान दिया। अपने मांगों को मानने के लिए पोस्टर और नारे का सहारा लेने वाले विपक्ष के विधायकों को दुलारते हुए उनकी मांगों के निस्तारण का गंभीर प्रयास किया। अधिकारियों को बुलाकर उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। संभवतया उत्तराखण्ड में किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह की पहल पहली बार की है। भले ही धामी पहली बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन सत्र के दौरान उनमें कहीं भी आत्मविश्वास और अनुभव की कमी नजर नहीं आई।

सीमान्त क्षेत्रों में सड़क संचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को विधानसभा में सेन्ट्रल कमांड के जी.ओ.सी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ए.वी.एस.एम. वीएस.एम ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में संचार सुविधाओं एवं सड़कों के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली तक सड़क चौड़ीकरण, पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों तक सड़क निर्माण एवं सुधारीकरण की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने तथा संचार सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सैनिकों के कल्याण के लिये अनेक योजनायें संचालित की गई हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों का सेवायोजित करने की व्यवस्था राज्य में की गई है। उन्होंने सीमान्त क्षेत्रों में सड़कों, संचार सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सेना को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बनबसा की भांति खटीमा में भी सीएसडी कैन्टीन खोले जाने की अपेक्षा की।
ले.जन योगेन्द्र डिमरी ने मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली सड़क के चौड़ीकरण के साथ ही पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों के मानसरोवर मार्ग को सड़क से जोड़ने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, बागेश्वर आदि स्थलों पर सेना द्वारा सीजीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना के लिये भूमि उपलब्ध कराने की भी अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में स्थित सीएसीडी डिपो को शहर में अन्यत्र कहीं उपयुक्त स्थल पर्याप्त भूमि उपलब्ध करायी जाये तो इसे स्थानान्तरित किये जाने पर विचार किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, जीओसी सब एरिया मे.ज. एस खत्री आदि उपस्थित थे।

अनुराधा पौडवाल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में पद्मश्री अनुराधा पौडवाल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने पौडवाल से राज्य के पारम्परिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों एवं स्थलों का विश्व पटल पर लाने तथा इनके व्यापक प्रचार में सहयोग की अपेक्षा की।
पौडवाल ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य में आयोजित होने वाले पौराणिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूप रेखा निर्धारण में अपना सहयोग देने की बात कही।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सुमित अदलखा, मनु गौड आदि उपस्थित थे।

डीएम देहरादून पहुंचे चंद्रभागा नदी किनारे, अवैध बस्ती को हटाने को कहा

जिलाधिकारी देहरादून डा. आर राजेश कुमार आज चंद्रभागा नदी किनारे पहुंचे। यहां बीते रोज गंगा का जलस्तर और चंद्रभागा नदी के उफान में होने के चलते अलर्ट जारी किया गया था। साथ ही तट पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। जिलाधिकारी ने यहां अवैध रूप से बसे परिवारों को साफ तौर पर कहा कि आप सभी को यहां से जाना होगा। आपके पुनर्वास के लिए भी योजना पर काम शुरू किया जाएगा।

जिलाधिकारी देहरादून डा. आर राजेश कुमार को निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी डा. अपूर्वा सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से यहां 90 परिवारों को चिन्हित किया गया है। हर वर्ष मानसून में इन पर खतरा मंडराता है। प्रशासन की मुनादी के बावजूद यह लोग यहां से जाने को तैयार नहीं होते हैं। उप जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे के सभी क्षेत्र शासन के आदेशानुसार रिहायशी क्षेत्र नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए नगर निगम के यात्रा अड्डा स्थित रैन बसेरा और कबीर चौरा आश्रम में इनके रहने की व्यवस्था की गई है।

इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन चंद्रभागा नदी किनारे बसे परिवारों का सत्यापन करें। जो लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं उनके विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके लिए सरकारी भूमि का सर्वे करने के लिए तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रतिदिन बाढ़ का अपडेट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे।

इस मौके पर तहसीलदार डा. अमृता शर्मा, नायब तहसीलदार विजय पाल सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त एलम दास, कर अधीक्षक निसात अंसारी, सहायक अभियंता सिंचाई अनुभव नौटियाल, अवर अभियंता एएस रावत आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः एनवीपी एवं भूमि अधिग्रहण मद के भुगतान हेतु 102 करोड़ की धनराशि को मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत एनवीपी एवं भूमि अधिग्रहण मद के भुगतान हेतु 102 करोड़ की धनराशि को स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अन्तर्गत विभिन्न 05 कार्यों हेतु 02 करोड़ 81 लाख, विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 03 करोड़, विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के अन्तर्गत जाजल शिवपुरी मोटर मार्ग के अवशेष भाग के निर्माण हेतु 87.38 लाख, विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के अन्तर्गत घोड़ीखाल-कण्डारा-नौसेलू मोटर मार्ग का निर्माण एवं 24 मीटर स्पान स्टील गार्डर पुल के निर्माण हेतु 34.51 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 03 निर्माण कार्यों हेतु 4 करोड़ 97 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत विभिन्न 03 निर्माण कार्यों हेतु 6 करोड़ 24 लाख, विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के अन्तर्गत दुर्गापुरी-जीवानन्दपुर एवं खूनीबड़ में विभिन्न मोटर मार्गों का इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण हेतु 1 करोड़ 21 लाख, विधानसभा क्षेत्र लालकुऑ के अन्तर्गत 14 निर्माण कार्यों हेतु 6 करोड़ 15 लाख, विधानसभा क्षेत्र लक्सर के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 4 करोड़ 94 लाख, विधानसभा क्षेत्र बाजपुर के अन्तर्गत 09 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 17 लाख, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अन्तर्गत ग्राम ज्ञनपुरगोढ़ी के पीपलगोला (बरकीडांडी) मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 06 करोड़ 57 लाख, विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत विभिन्न 08 निर्माण कार्यों हेतु 1 करोड़ 78 लाख, जनपद पिथौरागढ़ में जल संवर्द्धन एवं पेयजल विकास हेतु थरकोट झील निर्माण की पुनरीक्षित लागत 32 करोड़, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत ग्राम दौलाघाट सिलौनीबगड़ से लक्ष्मीपुर तक होते हुये रा.प्रा.वि.पनकोट लिंक मोटर मार्ग हेतु 13 लाख 65 हजार, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत शीप फार्म कर्मी से ग्रामसभा डोला तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 69 लाख रूपये की स्वीकृति के साथ ही विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अन्तर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 01 करोड़ 12 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

टिहरी निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत में लाने का अनुरोध

टिहरी जिले के कंदीसौड़ स्थित थौलधार ब्लाक निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को नाइजीरिया से भारत वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस जय शंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि भारत सरकार इस मसले पर गंभीरता से प्रयास करे।

ज्ञातव्य है कि टिहरी जनपद के कंदीसौड़ गांव के निवासी जबर सिंह नाइजीरिया स्थित ताज रेस्टोरेंट में काम में कार्यरत थे, बीते 24 अगस्त को देर रात को अचानक उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था। जबर सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा उनका पार्थिव शरीर अपने गाँव लाये जाने हेतु नाइजीरिया सरकार से सम्पर्क किया गया, लेकिन उनके द्वारा स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजे जाने में असमर्थता व्यक्त कर दी गई। स्व. जबर सिंह के परिवारजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं के संसाधनों से वे मृतक का शरीर भारत वापस लाने में असमर्थ है।

इस बात का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के विदेश मंत्री से विशेष अनुरोध करते हुए इस मामले की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर भारत वापस लाये जाने हेतु केन्द्र सरकार से आग्रह किया है. विदेश मंत्रालय से इस सम्बन्ध में राज्य सरकार को सकारात्मक आश्वासन मिला है।

सीएम धामी की प्रदेशवासियों को बड़ी राहत, की अहम घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र में प्रतिभाग करते हुए बड़ी सौगात दी है। उन्होंने सदन में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

ऊर्जा विभाग

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत बिलों के फिक्स्ड चार्ज को 03 माह हेतु छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 2,24,604 लोग लाभान्वित होंगे जिस पर अनुमानित व्यय राशि रू0 2463.81 लाख होगी। विद्युत बिलों के विलम्ब भुगतान अधिभार पर 03 माह के लिए छूट प्रदान की जायेगी। इस पर लगभग रू0 3642.00 लाख का व्यय भार आएगा।

परिवहन विभाग

परिवहन विभाग के अंतर्गत सेवायान कर में 06 माह के लिए छूट प्रदान की जायेगी। इसमें लाभार्थियों की अनुमानित संख्या 96380 है जबकि अनुमानित व्यय भार रू0 7580.00 लाख होगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नवीनीकरण पर विलंब शुल्क पर 06 माह के लिए छूट प्रदान की जायेगी। इस पर अनुमानित व्यय भार रू0 3250.00 लाख आएगा।

शहरी विकास विभाग

शहरी विकास विभाग के अंतर्गत पर्यावरण मित्रों को रू0 2000 की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 8300 पर्यावरण मित्र लाभान्वित होंगे। इस पर लगभग रू0 830.00 लाख का व्यय भार आएगा।
पीएम स्वनिधि में पंजीकृत सभी लाभार्थियों को 05 माह तक 2-2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। इसमें लाभार्थियों की अनुमानित संख्या 25000 है तथा अनुमानित व्यय भार रू0 2500.00 लाख होगा।

पेयजल विभाग

पेयजल विभाग के अंतर्गत राज्य के समस्त जल / सीवर उपभोक्ताओं द्वारा 31 दिसंबर, 2021 तक अवशेष देयों का एकमुश्त भुगतान करने की दशा में विलम्ब शुल्क की राशि शत प्रतिशत माफ किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा कार्यकत्रियों ने बहुत महत्वपूर्ण योगदान किया है। कोविड की विषम परिस्थितियों में उन्होंने जिस प्रकार से काम किया है, वह प्रशंसनीय है। हम आशा बहनों को पांच माह तक 2-2 हजार रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। साथ ही एक-एक टेबलेट भी दिया जाएगा। आशा बहनों की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संवेदनशील है।

एम्स ऋषिकेश में शुरू हुआ 11वां एटीसीएन प्रशिक्षण कार्यक्रम

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में 13वां विश्वस्तरीय एटीएलएस एवं 11वां एटीसीएन प्रशिक्षण कार्यक्रम विधिवत शुरू हो गया। जिसमें एम्स के साथ ही अन्य मेडिकल संस्थानों के 16 चिकित्सक एवं 16 सीनियर नर्सिंग ऑफिसर व नर्सिंग ऑफिसर टर्सरी केयर सेंटर में भर्ती होने वाले दुर्घटना में घायल ट्रॉमा मरीजों के उपचार संबंधी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

आज एडवांस सेंटर फॉर कंटिनिवस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (एसीसीपीडी विभाग) में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत की देखरेख में तीन दिवसीय एटीएलएस एवं एटीसीएन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। निदेशक ने कहा कि दुनिया का कोई भी ट्रॉमा सिस्टम ट्रेंड ट्रॉमा चिकित्सकों एवं नर्सिंग ऑफिसर्स के बिना प्रभावी नहीं हो सकता। बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए इस तरह का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नितांत आवश्यक है, इसकी सबसे मुख्य वजह यह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में विभिन्न तरह की दुर्घटनाओं के कारण ट्रॉमा के मामले सर्वाधिक होते हैं, लिहाजा प्रत्येक हैल्थ केयर वर्कर को टर्सरी केयर लेवल पर चिकित्सा कार्य करने के लिए यह प्रशिक्षण लेना जरुरी है, तभी वह दुर्घटना में घायल मरीजों की ठीक प्रकार से देखभाल कर सकते हैं।
उनका कहना है कि ट्रॉमा मैनेजमेंट एक टीमवर्क है, लिहाजा उसकी ट्रेनिंग भी विश्वस्तरीय मानकों के तहत कराई जानी जरुरी है। ट्रेनिंग प्रोग्राम डा. अजय कुमार व दीपिका कांडपाल के संयोजन में आयोजित किया जा रहा है।
ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम की अगुवाई में आयोजित एटीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर प्रोग्राम डायरेक्टर डा. मधुर उनियाल व ट्रेनिंग फैकल्टी डा. फरहान उल हुदा, डा. अजय कुमार,डा. जितेंद्र चतुर्वेदी, डा. दिवाकर कोयल, डा. अंकिता काबि, दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर से डा. दिनेश बगराई ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया, जबकि एटीसीएन कोर्स में महेश देवस्थले, डा. राजेश कुमार, चंदू राज बी., अरुण वर्गीस, जोमोन चाको ने प्रशिक्षणार्थियों को ट्रॉमा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया।