सैन्य धाम में शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सैन्य धाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भव्य सैन्यधाम बनाया जायेगा। इसमें सभी शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाई जायेगी। इसका स्वरूप भव्य होगा। हमारे सैनिकों का शौर्य एवं पराक्रम की गाथा का यह जीता जागता उदाहरण होगा। सैन्यधाम के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की अगली बैठक जल्द आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहीद सम्मान यात्रा के लिए सभी तैयारियां जल्द पूर्ण की जाय। शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के आश्रितों को सम्मान पत्र भी दिया जायेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, चंद्रा पंत, प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल. फैनई, सचिव वी. षणमुगम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

संसदीय जीवन पर चर्चा के साथ कोश्यारी के योगदान को सराहा

सोमवार को राजपुर रोड स्थित होटल में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के लोकसभा व राज्यसभा में दिए गए भाषणों एवं याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में दिए गए निर्णयों पर आधारित पुस्तक “भारतीय संसद में भगत सिंह कोश्यारी“ पुस्तक के संबंध में उनकी उपस्थिति में परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, रेखा आर्या, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल, विधायक एवं भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, बलवंत सिंह भोर्याल, भाजपा नेता श्याम जाजू, साहित्यकार लक्ष्मी नारायण भाला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परिचर्चा में सभी वक्ताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के भारतीय संविधान में विहित सदनों, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद में उनके द्वारा उठाए गए जनहित एवं राष्ट्रहित से संबंधित मुद्दों की सराहना की। सभी ने कोश्यारी को युगदृष्टा बताते हुए उन्हें आम आदमी से जुड़ा उदार व्यक्तित्व वाला महान व्यक्ति बताया, सभी ने कोश्यारी के ‘‘वन रैंक वन पेंशन’’ की भूमिका तैयार करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्हें सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रभक्त एवं राष्ट्रभाषा का समर्थक भी बताया।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान, गौरव एवं राष्ट्रीय अस्मिता को बचाने का दायित्व हम सबका है। इसमें हमारे सांसदों एवं विधायकों की विशेष जिम्मेदारी है। यह कार्य संसद एवं विधानसभाओं में स्वस्थ परिचर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए। ग्राम सभा से लेकर लोक सभा तक लोग कैसे देश को आगे बढ़़ाने में अपना योगदान दे सकें इस पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने हाल में उत्तराखण्ड विधानसभा में हुई स्वस्थ परिचर्चा को जनता के बेहतर हित में बताया।
उन्होंने कहा कि वर्षों पहले रेडियो में संसद समीक्षा हम बड़े ध्यान से सुनते थे जिसमें देश के पक्ष एवं विपक्ष के योग्य सांसदों की बहस की समीक्षा होती थी। ऐसी ही स्वस्थ परिचर्चा हमारी संसद एवं विधान सभाओं में भी होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सभा में गुलाम नबी आजाद की विदाई की घटना को देश में सहिष्णुता का वातावरण बनाने वाला बताया। कोश्यारी ने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा पर अभिमान होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रम अंग्रेजी में होते थे उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को मातृभाषा व राष्ट्रभाषा में आयोजित करने की पहल की तो आज महाराष्ट्र में मराठी में कार्यक्रम आयोजित होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भी हिंदी में बोलने का अवसर मिला। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उन्हें भगत सिंह कोश्यारी के सानिध्य में रहकर सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकाशित पुस्तक के माध्यम से कोश्यारी के जीवन दर्शन के अनेक अनछुए पहलू समाज के सामने लाये गये हैं। यह पुस्तक उनके विशाल व्यक्तित्व का भी विश्लेषण करती है। उन्होंने सामान्य परिवेश में रहकर शिखर छूने का कार्य किया है तथा अपने पुरुषार्थ से महानता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 वर्षों से लम्बित टिहरी डैम को उसके पूर्ण स्वरूप में लाने का श्रेय भी कोश्यारी को है। प्रदेश में ऊर्जा मंत्री रहते उन्होंने इसके लिये राजनैतिक नफा नुकसान की चिंता न करते हुए बांध बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि कोश्यारी सभी नीतिगत विषयों के जानकार, दृढ निश्चय वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने उन्हें सीख दी कि अपनी ही विधानसभा नहीं पूरे प्रदेश को समझने, जन समस्याओं को जानने का प्रयास करो, वक्त आने पर व्यक्ति के अच्छे कार्यों को पहचान मिलती है।
देश में वन रैंक वन पेंशन को लागू करने की भूमिका तैयार करने में कोश्यारी के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिता भी पूर्व सैनिक थे जब देश में यह लागू हुआ तो उनके साथ ही क्षेत्र के सभी पूर्व सैनिकों ने खटीमा में कोश्यारी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के उनके अनुरोध को भी कोश्यारी ने पूरा किया। सबको साथ लेकर चलना, छोटे-बड़े का भेदभाव न कर सभी को आगे बढ़ाने में मदद करने की भी सीख हमें कोश्यारी से मिली है। उनका जीवन हम सबके लिये निश्चित रूप में अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि आज के राजनैतिक परिवेश में पढ़े लिखे डिग्रीधारी तो सभी हैं लेकिन वास्तव में जिन्होंने समृद्ध साहित्य, उपनिषद आदि का गहराई से अध्ययन किया है कोश्यारी जी ऐसे वास्तविक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। राष्ट्र के प्रमुख राज्य महाराष्ट्र में उनकी उपस्थिति हमें गौरवान्वित करती है। उन्होंने कहा कि जो अतीत को समझता है वही वर्तमान को संवार सकता है। कोश्यारी अच्छे विचारक एवं मनीषी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र भाषा के विकास में भी कोश्यारी का बड़ा योगदान है। राष्ट्रभाषा हिंदी का पहाड़ के विकास में बड़ा योगदान है। इस भाषा ने हमें अभिव्यक्ति एवं आत्मिक आजादी देने का कार्य किया है। उन्होंने कामना की कि हमारी युवा पीढ़ी को कोश्यारी का मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहेगा।
प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य द्वारा प्रेषित अपने संदेश में प्रकाशित पुस्तक को देश प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं जनता के लिये उपयोगी बताया है।
इस अवसर पर जिन लोगों ने अपने विचार रखे उनमें लक्ष्मी नारायण भाला, श्याम जाजू, पुस्तक के लेखक अमित जैन शामिल थे।

राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली नई खेल नीति लाएगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क से ’नीरज चोपड़ा ग्लोरी क्रॉस कंट्री रन’ को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने भी इसमें जॉगिंग करते हुए प्रतिभाग किया। इसका आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल विभाग उत्तराखण्ड और उत्तराखण्ड एथलेटिक्स संघ द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री ने हॉकी खिलाङी मेजर ध्यानचंद का स्मरण करते हुए खेल दिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रकार की नई खेल नीति लाएगी जिसमेँ खिलाड़ियों को तैयारी के लिए संसाधनों की कमी न रहे। राज्य सरकार की कोशिश है कि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। अभावों के कारण खेल प्रतिभा दबी न रहे। आगे बढने के पूरे अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों ओलम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हम सभी को गौरवान्वित करने वाला रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल भावना सर्वाेपरि है। जीवन के हर क्षेत्र में स्पोर्ट्समैन शिप होनी चाहिये। जीवन में भी खेल की तरह कभी आगे बढते हैं कभी पीछे हटते हैं। जीवन में बहुत से अभावों का सामना करना पड़ता है। परन्तु अगर हम ठान लें और संकल्प लेकर प्रयास करें तो सफलता जरूर मिलती है। मेहनत करने से मंजिल मिलती है। अगर संकल्प लिया है तो दूसरे विकल्प के बारे में नहीं सोचना चाहिए। मन में उत्साह होना चाहिए। उत्साह है तो ऊर्जा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, खेल विभाग के अधिकारी, खिलाङी और खेल प्रेमी मौजूद थे।

अब खिलाड़ियों को भी परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड स्थित बहुउद्देशीय क्रीडा हॉल में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज देहरादुन के उदीयमान खिलाड़ियों, टेबल टेनिस एवं बेडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के प्रति अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अनेक घोषणायें भी की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बेटमिंटन खेल कर प्रतियोगिता की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 8 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के 50-50 बालक बालिकाओं को उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार चिन्हित कर उन्हें प्रति वर्ष मुख्यमंत्री खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर रू0 225/- किया जायेगा। महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद उधमसिंह नगर में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालयों, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत का उत्कृष्ट खिलाड़ी खेल कोटा प्रदान किया जाएगा। नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को भी एशियन/कामनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलंपिक पदक विजेताओं की भाँति सरकारी सेवा प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उत्कृष्टता लाने हेतु, वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तकनीक को सुनिश्चित करने हेतु ’खेल विज्ञान केंद्र’ की स्थापना राज्य खेल विकास संस्थान में की जायेगी। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने हेतु कोच की व्यवस्था की जाएगी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून में ’स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी’ बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा। नेशनल गेम्स/एशियन/कॉमनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलम्पिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल दुर्घटनाओं/खेल इंजरी एवं अन्य खेल आकस्मिकताओं के दृष्टिगत बीमा/आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कांपलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ’मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु खिलाड़ियों को यात्रा मार्ग व्यय, स्पोर्टस किट्स इत्यादि की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। टेबल टेनिस के खिलाड़ियों के लिये अलग से हॉल की व्यवस्था की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के व्यापक हित में बेहतर खेलनीति बनायी जायेगी ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया गया है। उनके पदचिन्हों पर चल कर हम भी अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को 25 लाख की धनराशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मिशन को सफल बनाने के लिये ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने उन्होंने खिलाड़ियों का आहवान किया कि उन्हें अपनी मेहनत, मनोयोग एवं संकल्प के साथ मैदान में जीतकर आसमान छूने के लिये प्रयत्नशील बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से बात कर उन्हें बधाई दी तथा उत्तराखण्ड आने के लिये आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में साधारण परिवेश से निकले महापुरूषों ने साधारण से असाधारण कार्य कर इतिहास बनाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की महानता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे खेल के प्रति प्रतिबद्ध तो थे ही राष्ट्र के प्रति भी उनका श्रेष्ठ आदर भाव रहा। जब हिटलर ने उनसे जर्मनी की नागरिकता ग्रहण करने की बात की तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया।
इस अवसर पर विधायक खजान दास ने खेल दिवस पर खिलाड़ियों को बधाई दी। इस अवसर पर उत्तराखण्ड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरंग, संयुक्त निदेशक खेल डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट, उप क्रीडाधिकारी सेफाली गुरंग, प्रिंस विपिन, डीएम लखेड़ा, नवनीत सेठी, देवेन्द्र बिष्ट, राकेश डोभाल एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।

फारेंसिक मूवी टीम ने सीएम को मूवी की शूटिंग पर किया आंमत्रित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को सांय मुख्यमंत्री आवास में फारेंसिक मूवी टीम के सदस्यों ने भेंट की। फिल्म के प्रोड्यूसर कृष्णा मुकुट ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि फारेन्सिक मूवी की शूटिंग मसूरी-देहरादून में की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्मकारों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। राज्य के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति अधिक से अधिक फिल्मकार आकर्षित हों इसके लिये प्रयास किये जा रहे हैं।
फिल्म के प्रोड्यूसर कृष्णा मुकुट ने कहा कि उत्तराखण्ड का सौंदर्य फिल्मांकन के अनुकूल है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा फिल्मांकन में दिये जा रहे सहयोग के लिये मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंन मुख्यमंत्री से 2 सितम्बर को मसूरी में मूवी की शूटिंग पर भी आमंत्रित किया।
इस अवसर पर फिल्म अभिनेता विक्रांत मेसी, विन्दुदारा सिंह, अभिनेत्री राधिका आप्टे, प्राची देसाई, रोहित राय, शैलेन्द्र मन्दोवारा, वरूण वागला, विशाल फुरिया, समित अदलखा आदि उपस्थित थे।

अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाने पर धन्यवाद

देहरादून के गुरूद्वारों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाए जाने पर मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने सिक्ख समाज का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विधानसभा कार्यालय में पहली बार अरदास सम्पन्न की गई और कढाह प्रसाद बांटा गया। मुख्यमंत्री को शॉल और कृपाण भी भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में देश का मान बढा है। अफगानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखण्ड के लोगों को वहां से सुरक्षित लाने के लिए राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में है। बहुत से लोग वापिस लाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर पल सिक्ख समाज के साथ हैं। जब भी जरूरत होगी, उन्हें अपने साथ पाएंगे।
इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, उत्तराखण्ड सिक्ख विकास परिषद के अध्यक्ष बलजीत सोनी, गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, गुलजार सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेन्द्र बत्रा, जगमिंदर सिंह छाबड़ा, चरणजीत सिंह, सेवा सिंह मठारू सहित अन्य उपस्थित थे।

विकास की धारा को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना है सरकार का लक्ष्य-सीएम

समग्र विकास के लिए ‘सतत विकास लक्ष्य’ पर सदन में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकास की धारा को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के अभियान पर चल रही है। इसके लिए सरकार ने तीन बिंदु निर्धारित किये हैं जो सरलीकरण, समाधान और निस्तारण हैं। सतत विकास लक्ष्य पर सदन में स्वस्थ परिचर्चा करवाने के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि परिचर्चा में भाग लेने के लिए सदस्यों में काफी उत्साह दिखा। उनकी ओर से कई महत्त्वपूर्ण सुझाव मिले जिन्हें सरकार भविष्य में अमल में लाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार यह देखने में आता है कि सरकारी प्रक्रिया जटिल होने से जनहित के काम प्रभावित हो जाते हैं। पत्रावलियां अनावश्यक रूप से सिस्टम में घूमती रहती हैं। आगे ऐसा न हो इसके लिए जनहित और विकास से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। उसके बाद उनका समाधान ढूंढा जायेगा और फिर तत्काल उसका निस्तारण किया जायेगा। इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि जो अधिकारी जिस काम के लिए है वो अपने स्तर से ही उसे पूरा करे, इसके लिए उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। किसी भी कीमत पर प्रकरणों को लंबित नहीं रहने दिया जायेगा। सरकार का ‘नो पेंडेंसी’ पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और दिशानिर्देशन में हमारे देश ने कोरोना के खिलाफ मजबूती से जंग लड़ी। इस चुनौती से लड़ते वक्त देश कई मामलों में आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा। पीपीई किट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और मास्क व तमाम जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण में हमने लंबी लकीर खींची है। देश में दुनिया का सबसे बड़ा वेक्सिनेशन अभियान चल रहा है। उत्तराखण्ड में भी यह अभियान सफलतापूर्वक लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी से इस संबंध में मैंने आग्रह किया था तो उसके बाद उत्तराखण्ड को इस माह अब तक 20 लाख टीके मिल चुके हैं। जबकि पहले हमको 5-6 लाख टीके प्रति माह मिलते थे। इस गति से हम आगामी दिसंबर माह तक पूरे राज्य में टीकाकरण अभियान को 100 फीसद पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण योजना के तहत लंबे समय से करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन मुहैया करवाया जा रहा है। सरकार की यह उपलब्धि तब है कि जब कुछ पड़ोसी देश सीमा पर अशांति फैलाने के असफल प्रयास जारी रखे हुए हैं।

सामूहिक सहभागिता से दूर होगी बेरोजगारी की समस्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की तरफ से वर्तमान में लगभग 22 हजार से ज़्यादा सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या सामूहिक सहभागिता से ही हल हो सकेगी जिसके लिए हमें स्वरोजगार की तरफ भी रुख करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के लिए बहुत सी योजना राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं लिहाजा युवाओं को इसके लिए प्रोत्साहित करना होगा।

दून-दिल्ली एलिवेटेड रोड के लिए 12000 करोड़ स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग समेत तमाम सड़कों का कार्य प्रदेश में तेजी से चल रहा है। देहरादून से दिल्ली की दूरी आने वाले समय में महज 2 घंटे में पूरी हो जाएगी, इसके लिए एलिवेटेड रोड बनकर तैयार हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए 12000 करोड़ रुपए की स्वीकृति हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात कम होने के बाद आगामी 15 सितंबर से प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। सड़कों की मरम्मत के लिए अधिकारियों को पहले ही डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं।

बदरीनाथ धाम के लिए 250 करोड़ की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम के विकास को लेकर हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में कहा कि केदारपुरी में पुनर्निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम के लिए 250 करोड़ रुपए सीएसआर के माध्यम से प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम का निर्माण कार्य सबसे दक्ष निर्माण एजेंसी को दिया जाएगा।

पूरे होंगे सभी कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जो घोषणाएं की गई हैं उनका शिलान्यास भी किया जाएगा और समय व तरीके से वह काम पूरे भी होंगे। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं सरकार के स्तर पर की जा रही हैं उनका लोकार्पण जल्द से जल्द किया जाए सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है।

करोड़ों के पेकेज से दी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में कई लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। राज्य सरकार ने पर्यटन, परिवहन कारोबार से जुड़े व्यवसायों को 200 करोड़, आजीविका मिशन व महिला स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ के आर्थिक पैकेज जारी कर राहत पहुंचाई है। समूह ख व ग की नौकरियों के आवेदन के लिए आयु सीमा में एक वर्ष की छूट प्रदान की गई है।

सुखरो नदी पर बने पुल के समीप हुए कटाव को लेकर मंत्री ने दिए निर्देश

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बाढ सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इससे पूर्व उन्होंने आपदा से हुए लालढांग-चिलरखाल मार्ग पर हुए कटान का निरीक्षण जेसीबी मशीन में बैठकर किया। उन्होंने सुखरो नदी पर बने पुल के समीप हुए कटाव का देखते हुए अपने आवास पर अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को कटाव के कारण पुल को उत्पन्न खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही जेसीबी मशीन लगाकर चैनलाइज कर नदी का बहाव बीच में करने के निर्देश दिए। साथ ही पुल के पिलर की सुरक्षा के लिए वायरक्रेट लगा सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बरसात बंद होने का इंतजार किए बगैर तुरंत बाढ सुरक्षा कार्य शुरू कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही विधानसभा क्षेत्र में सभी जगहों का निरीक्षण कर जहां जहां नुकसान हुआ है, वहां भूकटाव रोकने और आपदा से नुकसान को रोकने के प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शिवराम जगूडी, लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी संजय कुमार, जेई अखिलेश खंडूडी, मीडिया प्रभारी धर्मवीर गुसाई आदि मौजूद रहे।

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने कोविड घोटाले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने कोरोना जांच घोटाले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। न्यायिक जांच पूरी होने तक चिकित्सकों पर कार्रवाई न करने की भी मांग संघ ने की है। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव व स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजे ज्ञापन में संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सभी कमियों या जांच में ठीकरा हमेशा चिकित्सकों पर ही फोड़ा जाता रहा है। इस एक तरफा कार्रवाई का संघ विरोध करता है। भविष्य में संबंधित चिकित्सकों की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए प्रकरण में उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों से ही जांच कराई जाए।
संगठन के प्रांतीय महासचिव डॉ. मनोज वर्मा ने कहा कि सीडीओ हरिद्वार की जांच के आधार पर मेलाधिकारी डॉ. एएस सेंगर व अपर मेलाधिकारी डा एनके त्यागी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। संघ का मानना है कि डॉ. सेंगर व डॉ. त्यागी ने जो भी निर्णय लिए या कार्य किए वह उच्चाधिकारियों के लिखित व मौखिक निर्देशों के बगैर नहीं किए गए होंगे। ऐसे में संघ इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करता है। कोविड नियंत्रण की विषम परिस्थितियों में इन अधिकारियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए न्यायिक जांच पूरी होने तक उनपर कार्रवाई ना की जाए। उन्होंने कहा कि एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस तोमर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया था। फिर संयुक्त चिकित्सालय, नरेंद्रनगर में दो चिकित्सकों के पूरे कोविड-19 नियंत्रण में कार्य करने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख दिया गया। अन्य मामलों में भी चिकित्सकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही रही है। जबकि कोविड नियंत्रण में सभी चिकित्सकों ने संक्रमण के खतरे के बावजूद, सीमित संसाधनों के साथ पूरे समर्पण से अनवरत अपनी सेवाएं दी है। अभी तीसरी लहर की संभावना भी बनी हुई हैं। इस तरह कार्रवाई से चिकित्सकों का मनोबल गिरेगा और तीसरी लहर के प्रभावी नियंत्रण में भी समस्याएं आएंगी।
बैठक में डॉ नरेश नपलच्याल, डॉ एसएन सिंह, डॉ प्रदीप राणा, डॉ आशुतोष भारद्वाज, डॉ प्रताप रावत, डॉ पंकज शर्मा, डॉ पीयूष त्रिपाठी, डॉ मनु जैन, डॉ आलोक जैन, डॉ आरके टम्टा, डॉ मुकेश राय, डॉ संजीव कटारिया, डॉ परमार्थ जोशी आदि उपस्थित रहे।

रानीपोखरी पुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी

ऋषिकेश से रानीपोखरी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर जाखन नदी पर बना पुल पानी के तेज बहाव में गिर गया। दोपहर करीब 12 बजे नदी में पानी का तेज बहाव था और यातायात उसके ऊपर से चल रहा था। उसी दौरान पानी के तेज बहाव को कुछ लोग पुल पर खड़े होकर देख रहे थे।
उसी समय पुल का एक बॉक्स कॉलम गिरने लगा, इसे देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद उसके साथ लगा दूसरा बॉक्स का पुल का गिर गया। उस समय पुल के ऊपर से दो लोडर और एक कार जा रही थी, जो पुल के साथ नीचे नदी में जा गिरी। इस घटना में दो लोगों को गंभीर चोटें आई। जिसे अस्पताल ले जाया गया है।
घटना के करीब 45 मिनट बाद देहरादून डीएम डॉ राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और जैसे ही वह टूटे हुए फुल के हिस्से को देख रहे थे उसी दौरान पुल का एक बॉक्स कॉलम और गिर गया। करीब 4 से 5 बॉक्स कॉलम पानी के भाव में टूट कर गिर चुके थे बताया जा रहा है कि यह पुल वर्ष 1980 के आसपास बनाया गया था।

नेपाली फार्म सांग नदी का बढ़ा जलस्तर, टापू में फंसे ब्यक्तियों को निकाला
करीब साढ़े आठ बजे लगभग टीम को सूचना मिली कि नेपाली फार्म में सांग नदी में कुछ ब्यक्तियों की टापू में फंसे हैं। डीप डाइविंग टीम शीघ्र ही घटना स्थल के लिए रवाना हुई। उस जगह की रेकी की गई। इसके बाद राफ्ट को सांग नदी में उतारकर टापू तक पहुंचे। फंसे ब्यक्तियों एक महिला व 3 पुरुष को लाइफ जैकेट पहनाई गयी व सभी को सुरक्षित स्थान में लाया गया।
टीम में एसआई कवीन्द्र सजवाण, किशोर कुमार, संदीप सिंह, अनूप सिंह, रविन्द्र सिंह, दीपक जोशी, अमित कुमार, दबास आदि मौजूद रहे।