ऋषिकेश कांग्रेस में शामिल हुए दो दर्जन युवा, कार्यकर्ताओं को मिले दायित्व

जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक श्यामपुर स्थित कांग्रेस जनसहायता कार्यालय में हुई। बैठक अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गौरव चैधरी ने की। इसमें गजेन्द्र शाही को जिला परवादून के सदस्यता व बूथ कमेटी गठन की जिम्मेदारी के साथ पूर्व सैनिक अमन पोखरियाल को जिला महासचिव, रीना चैहान जिला सचिव व कुंवर सिंह गुसांई को जिला सचिव मनोनीत किया। साथ ही मानवेन्द्र बिष्ट के नेतृत्व में दो दर्जन युवाओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। नवनियुक्त ब्लॉक प्रभारी गोकुल रमोला व सतीश रावत का माला पहनाकर स्वागत किया।

जिलाध्यक्ष गौरव चैधरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की संस्तुति पर कुछ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी है और आगामी विधानसभा चुनाव पार्टी का हर कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर संगठन की मजबूती के लिये काम करेगा साथ ही नये जुड़े युवाओं की भी हम स्वागत करते हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज देश में बेरोजगारी का आलम चरम पर है इसलिये आज युवा अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। इसलिये पूरे हिन्दुस्तान का युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर अपने भविष्य को देख रहा है जिस कारण आज पूरे देश के साथ साथ हमारे ऋषिकेश क्षेत्र में युवा लगातार कांग्रेस से जुड़ने का काम कर रहा है आने वाले समय में यह सदस्यता का सिलसिला जारी रहेगा और संगठन की मजबूती के लिये कार्य होते रहेंगे।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, डा एस राणा, जय सिंह रावत, बरफ सिंह पोखरियाल, रामस्वरूप रणाकोटी, देव पोखरियाल, धीरज थापा, धर्मराज पुण्डीर, देवी प्रसाद व्यास, सत्येन्द्र रावत, आशा सिंह चैहान, सतीश रावत, गोकुल रमोला, राजेन्द्र गैरोला, भगवती प्रसाद सेमवाल, विनोद चैहान, जितेन्द्र त्यागी, विनोद पोखरियाल, मनोज गुसाईं, गजेंद्र विक्रम साही, सेवादल अध्यक्ष सत्येन्द्र पंवार, धर्मेंद्र गुलियाल, करण सिंह, केके थापा, सत्येंद्र सिंह, आशा सिंह चैहान, रीना चैहान, प्रताप सिंह पोखरियाल, कुंवर सिंह गुसाईं, तेजपाल सिंह कलुडा, अनीश पूनिया , रोहित नेगी, आनंद सिंह रावत, राकेश गौड, अमन पोखरियाल, गिरीश रौथाण, सोहन सिंह गोरेला, निर्मल रांगढ, धर्मेन्द्र गुलियाल, संदीप बसनेट, राजकुमार राठौड़, विजेंद्र सिंह, योगी क्षेत्री, दीपक, सत्यम, मनीष चंद्र, सोनू रावत, सूरज, वंश राणा, अनुज राणा, अरुण कश्यप, राहुल सैनी, शुभम कुमार, विवेक, नीरज चैहान, राहुल सैनी, सुरेश थापा, धूम राज सिंह, राहुल रावत, हिमांशु राणा, आशीष बिष्ट, मानवेंद्र बिष्ट, मनोज, दिनेश, गब्बर कैंतूरा, देवेन्द्र बावला, आदि उपस्थित थे।

व्यापार प्रतिनिधि मंडल के चुनाव को ललित मोहन मिश्र और प्रदीप गुप्ता ने तेज किया डोर टू डोर अभियान


नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के चुनाव 10 अप्रैल को होने जा रहे है। इस बार पहली बार आम व्यापारी भी इस चुनाव में अपने मत का प्रयोग करेगा। इस व्यापारिक चुनावी मैदान में ललित मोहन मिश्र अध्यक्ष और प्रदीप गुप्ता महामंत्री पद पर अपनी किस्मत आजमा रहे है। दोनों की दावेदारों को नगर के व्यापारियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। ऐसे व्यापारी भी दोनों प्रत्याशियों की जीत को अपनी जीत मान रहे हैं, जो प्रशासन के द्वारा किसी न किसी रूप में सताये जाते है।

आज दोनों प्रत्याशियों ने नगरभर में रैली आयोजित की। इसमें आम व्यापारियों ने भी हिस्सा लिया। व्यापारियों ने कहा कि दोनों प्रत्याशियों मिलनसार है और सबसे बड़ी बात प्रत्येक व्यक्ति के बुलावे पर हाजिर होने वाले है। ऐसे ही प्रत्याशियों को मैदान में उतरने का हक है। आम व्यापारियों ने खुले मन से कहा कि व्यापारिक नेता अगर हो तो ललित मोहन मिश्र और प्रदीप गुप्ता के जैसे है। बतादें कि इस वर्ष व्यापारिक चुनाव का माहौल एक आम चुनाव की तरह हो गया है। इसमें पूर्व महामंत्री ललित मोहन मिश्र और प्रदीप गुप्ता का पलड़ा भारी पड़ता दिख रहा है। वहीं, दोनों दावेदारों ने अपने पक्ष में मतदान की व्यापारियों से अपील की।

रैली में युवा व्यापारी पवन शर्मा, शैलेन्द्र बिष्ठ, पार्षद राकेश मिया, पूर्व पार्षद रवि जैन, राजेश अग्रवाल, दीपक बंसल, अजीत सिंह गोल्डी, नितिन गुप्ता, विजेंदर गौर, पंकज चावला, रजत भोला, ललित अग्रवाल, आशु डंग, आशु अरोरा, सुनील तिवारी, अजय ब्रेजा, विकास अग्रवाल, राजू गुप्ता, जगमीत सिंह, इंदरजीत सिंह, घनश्याम डंग, प्रमोद अरोरा, हेमंत सुनेजा, हरदेव पनेसर, अभिषेक शर्मा, रघु भटनागर, विनीत जैन, अमित सूरी, रोहन खुराना, जगदीश जोशी, दिनेश अरोरा, सरदार हरजीत सिंह, पवन अरोड़ा, जोगेंदर पाल, कपिल गुप्ता, नरेंद्र, अनुज जैन, योगेश गोयल, अशोक सिक्री, हेमंत सुनेजा, दीपेश कोहली, जगमोहन मिश्र, अनुराग वर्मा, अमित तुषार, अंकित कौशिक, राकेश बत्रा, अजय भारद्वाज, गजेन्द्र पाल, मित्र पाल, चंद्रिका त्रिपाठी, विनीत गुलाटी, हितेश सडाना, अंकित कालरा, बद्री शास्त्री, अवनीश गुप्ता, अमर गुप्ता आदि मौजूद थे।

व्यापार प्रतिनिधि मंडल के चुनाव को संजय व्यास और प्रतीक कालिया ने शुरू किया डोर टू डोर अभियान

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के चुनाव में अध्यक्ष पद पर संजय व्यास और महामंत्री पर प्रतीक कालिया ने आज से अपना डोर टू डोर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। त्रिवेणी घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर उन्होंने इस जनसंपर्क अभियान की शुरूआत की। इसमें व्यापारियों का भरपूर समर्थन मिला। बुजुर्ग व्यापारियों ने दोनों प्रत्याशियों को अपना आशीर्वाद दिया तो युवा व्यापारियों ने माला व पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का चुनाव बेहद हाईटेक होता जा रहा। पोस्टर बैनर युद्ध के बाद अब चुनाव में शक्ति प्रदर्शन का दौर भी शुरू हो गया। इन सबके बीच निगम चुनाव की तर्ज पर व्यापार मंडल के चुनाव के सियासी घमासान में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय व्यास व महामंत्री पद के प्रत्याशी प्रतीक कालिया ने सर्मथकों की भीड़ जुटाकर चुनावी माहौल को पूरी तरह से गर्मा दिया है। दिलचस्प बात यह रही की शक्ति प्रदर्शन के जरिए चुनावी रणक्षेत्र में हुंकार भर रहे दोनों प्रत्याशियों के समर्थन मे नगर निगम में कई सारे पार्षद और भाजपा नेता भी जुटे।

ऐसे में चुनाव पर राजनीतिक रंग पूरी तरह से चड़ना अब तय हो गया है। जनसंपर्क करने वालों ने दोनों प्रत्याशियों के चुनाव के संयोजक जगमोहन सकलानी, पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र मोघा, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सजवाण, दिनेश कोठारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पार्षद शिव कुमार गोतम, हरीश तिवाड़ी, प्रदीप कोहली, ऋषिकांत गुप्ता, विकास तेवतिया, राजू नरसिम्हा, राजेश दिवाकर, गोविंद अग्रवाल, नितिन गुप्ता, ललित मनचंदा, जितेंद्र अग्रवाल, निशांत मलिक, श्रवण जैन, धीरज मखीजा, मनोज कालड़ा, गोपाल सती, दीपक धमीजा, पंकज चंदनानी, कमल जैन, दीप सुनेजा, गिरीश छाबड़ा, कमल ढंग, प्रदीप दुबे, रमेश अरोड़ा, पंकज चावला आदि शामिल रहे।

राज्य आपदा मोचन निधि की मुख्य सचिव ने ली बैठक, दिए निर्देश

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में आज राज्य आपदा मोचन निधि की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति द्वारा राज्य में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को अहेतुक सहायता, गृह अनुदान एवं अनुग्रह अनुदान आदि के लिए कुम्भ को देखते हुए हरिद्वार को 15 करोड़ एवं अन्य जनपदों को 5-5 करोड़ रूपए की धनराशि प्रदान किए जाने पर सहमति प्रदान की गयी।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने आगामी मानसून सत्र में आपदा एवं बचाव कार्यों हेतु गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में 15 मई से 30 सितम्बर तक हैलीकाप्टर सेवा सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 मई से 30 सितम्बर तक बाउजर सहित हैलीकाप्टर गढ़वाल क्षेत्र हेतु गौचर एवं कुमाऊं क्षेत्र हेतु पिथौरागढ़ में ही रखा जाए ताकि आकस्मिक स्थिति में शीघ्र से शीघ्र हैली सेवा उपलब्ध करायी जा सके।

समिति द्वारा राज्य में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय एवं सार्वजनिक सम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण इत्यादि कार्यों हेतु राज्य आपदा मोचन निधि से लोक निर्माण विभाग को 30.00 करोड़ रूपए एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान को 20.00 करोड़ रूपए प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की गयी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव अमित नेगी, कमिश्नर कुमाऊं अरविन्द सिंह ह्यांकि, सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, एस.ए. मुरूगेशन आदि अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये जाय। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय। जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, उनमें तेजी लाई जाय।

मुख्यमंत्री ने 75 दिनों के अंतर्गत चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी संवर्गों की सेवा नियमावली बनाने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। न्याय पंचायत स्तर तक एएनएम की व्यवस्था की जाय एवं उन्हें आवश्यक दवाइयों का किट भी उपलब्ध कराया जाय। मातृ मुत्यु दर एवं शिशु मृत्युदर में और कमी लाने के प्रयास किये जाय। राज्य के जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात में पिछले कुछ सालों में कमी आई है, ऐसे जनपदों में बाल लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए ऐसे क्षेत्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि सीएचसी, पीएचसी तक दवाइयों का पर्याप्त उपलब्धता हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाय। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आगामी 100 दिनों के अन्दर टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की जाय। मेडिकल कॉलेज में जल्द भर्तियां की जाय। कोविड टीकाकरण में और तेजी लाई जाय। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रा मार्गों पर 108 एम्बुलेंस सेवा की पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाय। जिन परिवारों के अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके भी जल्द कार्ड बनाये जाय। जिला अस्पतालों में सुपर स्पेशिलिस्ट-स्पेशिलिस्ट डॉक्टरर्स की नियुक्ति की जाय। सभी को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिले इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाय। डेंगू, मलेरिया तथा अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए वर्षाकाल से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ ने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की कार्य प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में जानकारी दी गई की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अभी तक 43 लाख 16 हजार गोल्डन कार्ड जारी किये जा चुके हैं। 02 लाख 55 हजार से अधिक लोगों ने अभी तक इस योजना का लाभ लिया है। अस्पतालों का भुगतान एक सप्ताह के अन्दर किया जा रहा है।

बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूणेन्द्र सिंह चैहान, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसके गुप्ता, एनएचएम निदेशक डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्र की गाईडलाईन के अक्षरशः पालन के साथ संतों और श्रद्धालुओं की हर सुविधा का ख्याल


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वर्चुअल प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि दिव्य, सुंदर, स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ का आयोजन कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। भारत सरकार की गाईडलाईन का पूरा पालन किया जाएगा, साथ ही इस बात की भी पूरी कोशिश की जा रही है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को गैरजरूरी रोकटोक का सामना न करना पड़ा। साधु संतों और श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से चाकचैबंद की गई है। बसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं से संत महात्मा और श्रद्धालु उत्साहित हैं। पिछले स्नान में पहली बार हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

केंद्र से मिला पूरा सहयोग, सैंकडों करोड़ के अवस्थापनात्मक और विकास कार्य हुए

कुम्भ मेले के तहत कराए गए विभिन्न कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही भारत सरकार द्वारा कुम्भ मेला के लिए 700 करोड़ रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। नमामि गंगे द्वारा सफाई व्यवस्था (शौचालय तथा डस्टबिन) के दृष्टिगत रू 58 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गयी, जिसके अन्तर्गत 11800 अस्थाई शौचालय एवं 6674 अस्थाई मूत्रालयों की स्थापना की गयी है। नमामि गंगे द्वारा सुन्दर कुम्भ मेला की दृष्टि से 01 करोड़ की धनराशि पेन्ट माई सिटी कैम्पेन के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गयी। नमामि गंगे द्वारा 78 चेजिंग रूम हेतु रू0 50 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थाई रूप से 09 स्नान घाटों एवं आस्था पथ हरिद्वार व मुनिकीरेती लागत रु0 4964.65 लाख का निर्माण कराया गया, घाटों की कुल लम्बाई है 1133 मी0 एवं आस्था पथ की लम्बाई 2405 मी0 है। आस्थापथ ऋषिकेश का पुनरोद्धार एवं बाढ़ सुरक्षा कार्य-लागत रू० 1157.65 लाख का कार्य कराया गया है, जिसकी कुल लम्बाई 2.08 कि०मी० है। स्थाई रूप से कुल 157.65 कि0मी0 सड़कों लागत रू0 12751.26 लाख का निर्माण कराया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थाई रूप से 08 स्थाई सेतुओं लागत रू0 6398.50 लाख का निर्माण कराया गया है, जिनकी कुल लम्बाई 541 मीटर है। पेयजल व्यवस्था के लिए 04 आई वैल, 01 आर०बी०एफ० तथा 04 ट्यूबवैल कुल लागत रू0 1216 लाख का निर्माण कराया गया, जिससे कुल 19.18 एम. एल.डी. अतिरिक्त पेयजल प्राप्त होगा। 8.5 किमी नई सीवर लाईन लागत रू0 487 लाख की बिछाई गयी, जिससे 2312 परिवार लाभान्वित हुये। 25 कि0मी0 भूमिगत केबल परियोजना लागत रू0 301 करोड़ का कार्य कराया गया जिससे 22500 उपभोगक्ता लाभान्वित हुयें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौन्दर्यीकरण के दृष्टि से 15 चैराहों लागत रू0 600 लाख तथा 123 पार्को लागत रू0 1100 लाख का सौन्दर्यीकरण कार्य कराया गया। सफाई व्यवस्था के दृष्टिगत लगभग 9000 स्वच्छकों की तैनाती मेलावधि में की जा रही है। हर की पैडी का जीर्णोद्धार एवं रोडी बेलवाला का स्थल विकास लागत रू0 34 करोड का कार्य कराया गया। मीडिया कर्मियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त मीडिया सैन्टर लागत रु0 257.51 लाख की स्थापना की गयी है।

कुम्भ में स्वास्थ्य सुविधाओं और क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। 150 बैड अस्पताल लागत रु 222.02 लाख की स्थापना की गयी है। उ0प्र0 से डाक्टर, नर्स एवं अन्य मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की गयी है। 463 बैड क्षमता के 39 अस्थाई चिकित्सालयों हेतु उपकरण, दवाईयां, मक्खी – मच्छर नियंत्रण एवं अस्थाई कार्मिकों, श्रमिकों की व्यवस्था हेतु लगभग रु0 7015.83 लाख की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्राउड मैनेजमेंट पर भी खासतौर पर फोकस किया गया है। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा हेतु पुलिस सर्विलांस सिस्टम लागत 17.34 करोड़ की स्थापना की गयी है। कुम्भ मेला अवधि हेतु लगभग लागत रु० 118.39 लाख से अस्थाई नेत्र कुम्भ की स्थापना की गयी है।

अधिकारियों को 75 दिन का वर्कप्लान बनाने के निर्देश

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों की जवाबदेही तय।

अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए हर विभाग तय करे लक्ष्य।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि 15 अगस्त, 2022 को भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अमृत महोत्सव का अयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत राज्य में लोकहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल, सुगम व पारदर्शी बनाये जाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों की जबावदेही तय की जायेगी। योजनाओं से जनता को अधिक से अधिक लाभान्वित किये जाने का प्रयास किया जायेगा। अधिकारियों को साफ कर दिया गया है कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम समय में सरलता से पहुँचाना है।

शासन स्तर से मुख्य सचिव द्वारा शासन के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सचिव ( प्रभारी) एवं अपर सचिव स्तर तक के अधिकारियों को उनके दायित्वों के अनुरूप (जनहित से जुड़े प्रकरणों के सम्बन्ध में ) 75 दिन की कार्ययोजना बनाते हुए योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करायेंगे तथा सम्बन्धितों की जबावदेही तय की जायेगी।

समस्त विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ सक्षम अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन हेतु सम्बन्धित विभाग में जनहित से जुड़ी योजनाओं से सम्बन्धित 75 दिन की कार्ययोजना तैयार करते हुए इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभाग से जुड़ी जनकल्याणकारी योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जबावदेह होगा।

मण्डलायुक्त, अपने-अपने मण्डल के अन्तर्गत जिलाधिकारियों को उनके मूल दायित्वों के अनुरूप कार्ययोजना का निरूपण करने हेतु 75 दिन की कार्ययोजना तैयार करते हुए इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करायेंगे तथा सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारियों की जबावदेही तय होगी।

राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये जाने एवं आम जनता की सुरक्षा हेतु पुलिस महानिदेशक द्वारा अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, अपर पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को उनके दायित्वों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करते हुए योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करायेंगे तथा इस हेतु पुलिस महानिदेशक की जबावदेही होगी।

समस्त अधिकारियों का वर्क प्लान 75 घण्टे के भीतर मुख्यमंत्री सचिवालय प्रेषित किया जायेगा। प्रत्येक 30 दिनों के बाद मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक व अन्य विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ अधिकारियों के वर्क प्लान क्रियान्वयन का अनुश्रवण करेंगे।

कार्ययोजना में सम्बन्धित विभाग की कम से कम 05 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को सम्मिलित किया जाना अनिवार्य होगा तथा इन योजनाओं के क्रियान्वयन को सरल, सुगम व पारदर्शी बनाये जाने हेतु विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।

वनाग्नि प्रबंधन के लिए व्यवस्थाएं की गईं

प्रदेश में वनाग्नि प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वन विभाग द्वारा जनपद स्तरीय फायर प्लान तैयार कर लिया गया है। उसी के अनुरूप फायर लाईनो का अनुश्रवण, फायर क्रू स्टेशनों की स्थापना आदि काम किए गए हैं। लगभग 2000 फोरेस्ट फायर किट का क्रय, और फोरेस्ट फायर कंट्रोल रूम की स्थापना के लिए 180 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि विभिन्न वन प्रभागों को अवमुक्त कराई गई है। वनाग्नि सुरक्षा कार्य के लिए उपलब्धतानुसार फायर क्रू स्टेशनों पर 4 से 6 फायर वाचर रखे जाएंगे। जंगल से पिरूल संग्रहण के लिए सभी डीएफओ को निर्देशित किया गया है।

रात्रि चौपाल में सीएम ने वर्चुअल माध्यम से सुनी आम जन की समस्या

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। चैपाल में आई 21 समस्याओं से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता की समस्याओं को दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी-मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दुरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर चैपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। कोई भी समस्या समाधान हेतु 01 माह से उपर का समय नही लगना चाहिए। राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए गये हैं।

रात्रि चैपाल में ब्लॉक प्रमुख रूची कैन्तुरा की दुग्गड्डा में आ रही मोबाईल कनेक्टीविटी प्राब्लम की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अन्दर सर्वे कराकर उक्त समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिये। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया, मुख्यमंत्री तीरथ द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों हेतु कई योजनायें चला रही है। बीज एवं कृषि यन्त्रों में सब्सीडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये किये जाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य हेतु सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

हरिद्वार में अपर मेला अधिकारी पर संतों ने किया हमला

हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां अपर मेला अधिकारी पर संतों ने हमला कर दिया। साथ ही पुलिसकर्मी को भी जख्मी कर दिया। घटना कनखल में बैरागी कैंप की है।

अखाड़े की जगहों पर विद्युत व्यवस्था ना होने से संत नाराज बताए जा रहे थे। अपर मेला अधिकारी हरवीर सिंह संतो से वार्ता के लिए बैरागी कैंप पहुंचे। उसी दौरान कुछ संतो ने उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव कराने आए उनके गनर को भी बुरी तरह पीटा गया। अपर मेलाधिकारी और उनका गनर घायल हुए हैं। अपर जिलाधिकारी से मारपीट की सूचना पर मेला अधिष्ठान में हड़कंप मच गया। मेला पुलिस व अधिष्ठान के अधिकारी बैरागी कैंप पहुंच गए हैं और हरवीर सिंह से जानकारी ले रहे हैं। घटना को लेकर अधिकारियों में नाराजगी बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि घटना श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा में हुई है। मारपीट में अपर मेला अधिकारी का गनर बेहोश हो गया। जिसे अस्पताल ले गए हैं। अखाड़े में अधिकारियों के पहुंचने का क्रम जारी है। कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, उप मेलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, प्रत्यूष सिंह, सीओ सिटी अभय सिंह आदि अखाड़े पहुंचे। वहीं, अखाड़े के संत की अधिकारियों को वार्ता चल रही है। अधिकारियों ने संतों के अलावा बाकी व्यक्तियों को अंदर नहीं जाने दिया। परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात है।

10 को होने वाले चुनाव में व्यापारिक संगठन का नाम नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल

नगर उद्योग व्यापार मंडल ऋषिकेश के चुनाव के संबंध में जिला अध्यक्ष व मुख्य चुनाव अधिकारी नरेश अग्रवाल ने पूर्व में जारी किए गए चुनाव कैलेंडर के चलते चुनाव प्रक्रिया को जारी रखे जाने का ऐलान किया है तथा चुनाव की तिथि पूर्व की भांति 10 अप्रैल ही रहेगी।

नरेश अग्रवाल ने आज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि पूर्व में ऋषिकेश व्यापारियों के बीच संगठनात्मक चुनाव को लेकर हुए समझौते के तहत नगर उद्योग व्यापार महासंघ के बैनर तले एकीकरण के चलते चुनाव कराए जाने का निर्णय लिया गया था। जिसके लिए 11 सदस्य संचालन समिति का गठन भी किया गया था जिसके अंतर्गत 4 सहायक चुनाव अधिकारियों की घोषणा भी की गई थी परन्तु किन्हीं कारणों के चलते व्यापारियों के किए गए एकीकरण का समझौता अपनी शर्तों पर खरा नहीं उतर पाया। जिसके कारण अब प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अपने बैनर पर ही संगठन का चुनाव लड़ेगा संगठन का नाम पूर्व की भांति नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी नरेश अग्रवाल ने कहा कि चुनाव में प्रतिभाग करने वाले सभी व्यापारियों को भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। जिसकी संशोधित मतदाता सूची शुक्रवार को जारी कर दी जाएगी। बैठक में सभी ने पूर्व के महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा किया गया वशिष्ठ और अशोभनीय व्यवहार पर निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर सहायक चुनाव अधिकारी दीपक तायल, सुनील अग्रवाल, प्रांतीय वरिष्ठ पदाधिकारी सुभाष कोहली, श्रवण जैन, हर गोपाल अग्रवाल आदि मौजूद थे।

अत्याधुनिक हीमोडायलिसिस यूनिट का केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने एम्स में किया लोकार्पण

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चैबे ने नवनिर्मित अत्याधुनिक हीमोडायलिसिस यूनिट व एडवांस यूरोलॉजी सेंटर का ​लोकार्पण किया। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश एम्स गंगा तट पर स्थित होने के कारण आम मरीजों के लिए पर्यावरण व स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभदायक है व संस्थान बेहतर कार्य कर रहा है। इस दौरान उन्होंने एम्स अस्पताल प्रशासन की ओर से आयोजित स्वच्छता पखवाड़े का पौधरोपण कर ​विधिवत शुभारभ किया।
बृहस्पतिवार को एम्स ऋषिकेश पहुंचने पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चैबे का निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने संस्थान के अधिकारियों व फैकल्टी मेंबर्स के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड19 का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड महामारी से बचाव के लिए दिए गए मूलमंत्रों को दोहराया और कहा कि देश में जो कोविड महामारी की दूसरी लहर तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। केंद्रीय राज्यमंत्री चैबे ने एम्स के 87 प्रतिशत हैल्थ केयर वर्करों का कोविड वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण होने पर प्रसन्न जताई।

केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चैबे ने यूरोलॉजी विभाग में एडवांस सेंटर व नैफ्रोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक हीमोडायसिस कक्ष का लोकार्पण कहा कि एडवांस यूरोलॉजी सेंटर में लेटेस्ट तकनीकों की मशीनें आम मरीजों के उपचार में सुविधाजनक व लाभकारी सिद्ध होगी। जबकि हीमोडायसिस यूनिट किडनी के मरीजों के उपचार में कारगर सिद्ध होगा।

प्रो. रवि कांत ने बताया कि हीमोडायलिसिस सेंटर व एडवांस यूरोलॉजी सेंटर स्थापित होने से उत्तराखंड सहित वि​​ भिन्न प्रांतों के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी उच्च तकनीक पर आधारित उपचार सुलभ कराया जाएगा। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर मित्तल ने बताया कि संस्थान में स्थापित एडवांस यूरोलॉजी सेंटर स्थापित होने से मरीजों को आधुनिक तकनीक बिना सर्जरी के पथरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस केंद्र में कारपोरल शॉक वेब लीथोट्रिप्सी सुविधा भी मिल सकेगी। इस सुविधा द्वारा किडनी की अधिकतम डेढ़ सेमी आकार की पथरी को बिना ऑपरेशन के तोड़ा जा सकता है।

सेंटर में मूत्र पथ की बीमारियों की जांच के लिए यूरो डायनेमिक्स परीक्षण की सुविधा के अलावा एडवांस वीडियो और एंबुलैट्री यूरोडायमिक्स सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही लैब में इमेजिंग उपकरण ट्रांसरैक्टल अल्ट्रासाउंड, मिक्यूरेटिंग सिस्टोयूरेथोग्राम मशीन तथा सीआर्म फ्लोरोस्कोपी मशीनें भी स्थापित की गई हैं।
उधर, नैफ्रोलॉजी विभाग के डा. गौरव शेखर शर्मा ने बताया कि डायलिसिस प्रक्रिया में शरीर के अंदर इकट्ठा हुए जहर को मशीन द्वारा बाहर निकाला जाता है। जरूरत के अनुसार मरीज को डायलिसिस के विभिन्न सत्रों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हीमोडायलिसिस प्रक्रिया का एक सत्र साधारणतरू 2-4 घंटे का होता है।

बताया कि संस्थान में यह इकाई पी.पी.पी मॉडल पर विकसित की गई है। जिसमें सभी अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इस इकाई के प्रारंभ होने से मरीजों को हीमोडायलिसिस प्रदान करने की क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी। यह सुविधा 24 ’ 7 उपलब्ध रहेगी।उन्होंने बताया कि यह सुविधा आयुष्मान योजना के अंतर्गत आती है।

इस दौरान डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, एमएस बीके बस्तिया, प्रो. बीना रवि, यूरोलॉजी विभाग के प्रो. एके मंडल, डा. विकास पंवार, प्रो. वर्तिका सक्सेना, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, डा. बलरामजी ओमर, डा. अनुभा अग्रवाल आदि मौजूद थे।