पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, फोन हैकिंग का है मामला

पेगासन फोन हैकिंग मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका। वहीं, यूथ कांग्रेस ने भी प्रदर्शन कर गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की। साथ ही चेताया कि सरकार ने मामले में कार्रवाई न की तो आंदोलन किया जायेगा।

युवा कांग्रेस कार्यकर्ता त्रिवेणीघाट पहुंचे और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अजय धीमान ने कहा कि जिस प्रकार सरकार विपक्ष के नेताओं के फोन टैपिंग और साफ्टवेयर के जरिये जासूसी करवा रही है, वह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। नगर अध्यक्ष अमरजीत धीमान ने कहा कि विदेशी कंपनी पेगासस साफ्टवेयर की मदद से केंद्र सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं की जासूसी कराई है, यह केंद्र सरकार की नीयत और मंशा पर सवाल खड़े करता है। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में चैथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया तक की जासूसी सरकार करा रही है। सरकार के इस कदम का युवा कांग्रेस विरोध करती है। प्रदर्शन में श्याम शर्मा, अभिषेक पारस, शिवा सिंह, जितेंद्र पाल पाठी, गौतम नौटियाल, दीपक वर्मा, विशाल स्नेह, शुभम सारस्वत, हिमांशु, भावेश, रविंद्र, बुरहान, सन्नी प्रजापति आदि शामिल रहे।

विपक्ष के नेताओं की जासूसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्यामपुर नेपालीफार्म तिराहे पर पुतला फूंककर देश के गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान ने कहा कि देश के प्रबुद्ध नागरिकों की जासूसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जासूसी प्रकरण की संपूर्ण कार्रवाई संविधान का खुला उल्लंघन है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी सत्ता में बने रहने के लिए हर प्रकार का हथकंडा अपना रहे हैं। उन्होंने संपूर्ण जासूसी प्रकरण को व्यक्तिगत निजता का हनन बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों में पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव भगवती प्रसाद सेमवाल, सोहनलाल रतूड़ी, कृपाल सिंह रावत, देवी प्रसाद व्यास, मनोज गुसाईं, सतीश रावत, देव पोखरियाल, शोभा भट्ट, दीपक नेगी, कुंवर सिंह गुसाईं, अमन पोखरियाल, आर्यन गिरी, कमल राणा आदि शामिल रहे।

उत्तराखंडः पर्यटन से जुड़े 50 हजार लाभार्थियों को 200 करोड़ रूपए का राहत पैकेज की घोषणा


देहरादून। प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज घोषणा की कि विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व व्यवसायरत् व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। वहीं पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से भी छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालकध्परिचालकध्क्लीनर को रू० 2000 की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का रूपये 2000 प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

कोरोनाकाल के चलते प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे में संकट की इस घड़ी में 200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देकर सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल मालिकों, सड़क किनारे के ढाबों, यात्राओं पर ले जाने वाले संचालकों और इस क्षेत्र से जुड़े हजारों अन्य लोगों को बड़ी राहत देने का काम किया है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और व्यापारियों की ओर से हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

– सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री

पर्यटन से प्रदेश भर के लाखों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। सरकार का 200 करोड़ रुपये का यह राहत पैकेज संकट की इस घड़ी में पर्यटन उद्योग में जान फूंकने का काम करेगा। जिसका लाभ पर्यटन से जुड़े टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों, बोट संचालकों, राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं सहित लाखों लोगों को सीधे तौर पर मिलेगा और पर्यटन को गति मिलेगी।

– दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

जिलाधिकारियों को सीएम का निर्देश, जिलों में ही जन समस्याओं का करें निराकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के बाद मीडियाकर्मियों से वार्ता की। कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ हैं। प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। यह सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जन समस्याओं का समाधान जिलों में ही करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिलों की समस्यायें यदि शासन स्तर पर प्राप्त होगी तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी उतरदायी माना जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित समाधान करना हमारे लिये जरूरी है इसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं। विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायरत व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपए प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टुअर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टुअर ऑपरेटरों को 10,000 रूपए की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। कुल पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत कुल 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालक, परिचालक व क्लीनर को 2000 रूपए की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000.00 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का 2000 रूपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड अधिनियम 15 जून, 2020 के गैजेट में अधिसूचित होने पर अस्तित्व में आया है। अधिनियम के अंतर्गत रावल, पंडे, पुजारी, हक-हकूकधारी, स्थानीय हितधारकों के पारंपरिक, धार्मिक एवं आर्थिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात रहने के बावजूद भी इन पवित्र धामों के कतिपय हितधारकों के मन में संशय एवं अनिश्चितता प्रतीत होती है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है एवं उससे राज्य के सभी वर्गों का हित व विकास जुड़ा है। उनका मानना है कि इस आर्थिक गतिविधि को नए आयाम देते हुए स्थानीय उद्देश्य व्यवसायियों एवं हक-हकूकधारियों के हकों को प्रतिकूल प्रभाव ना पढ़ने देने के उद्देश्य से कोई भी नई व्यवस्था को खरा उतरना होगा। अतः सर्व हितधारकों से प्रभावी विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य सरकार सकारात्मक परिवर्तन-संशोधन करने के पक्ष में है। अतः इस अधिनियम से हुई व्यवस्था परिवर्तन से हितधारकों पर हुए परिणामों का आंकलन करने और व्यवस्था विचलन के विधिक परिणामों के आकलन हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। समिति की संस्तुति के आधार पर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की व्यवस्था के संदर्भ में अग्रिम निर्णय लिया जायेगा।

सीएम ने किया उत्तरकाशी के आपदा ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण, गदेरे के दोनों और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित मांडो व कंकराडी गांव का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मांडो गांव पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की और आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने आपदा में मृतक लोगों के परिजनों से मिलकल शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी तथा ढांढस बंधाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीणों की मांग पर माण्डो गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश डीएम को दिए हैं। वहीं जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने के बाद विस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मृतक के पति देवानन्द भट्ट सर्प जोगत गांव में बेसिक स्कूल में अध्यापक है उनकी माता अनपूर्णा देवी द्वारा उनका स्थानान्तरण जिला मुख्यालय की नजदीकी स्कूल में करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में करने के निर्देश डीएम को दिए। मांडो गांव के बाद मुख्यमंत्री कंकराड़ी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक सुमन के परिजनों से मुलाकात की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। और हर सम्भव मदद का भरोसा दिया।


मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को आपदा राहत की मद से रूपये 04 लाख के अतिरिक्त 01 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिये जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित गांवों के विस्थापन, क्षतिग्रस्त पुलों व आन्तरिक मार्गों के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिये।

इस दौरान काबीना व जिला प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, प्रभारी सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र कोहली, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ गौरव कुमार आदि मौजूद थे।

कांग्रेस नेता पर दर्ज मुकदमें के विरोध में कार्यकर्ताओं का कोतवाली में प्रदर्शन

एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला पर दर्ज मुकदमें के विरोध में आज कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा निगम की ओर से कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला पर मुकदमा दर्ज करवाएं जाने पर आक्रोश जताया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई।

बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता ऋषिकेश कोतवाली में एकत्रित हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता यहां सत्याग्रह पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से भी नोक-झोंक हुई। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर रायव और पूर्व काबीना मंत्री शूरबीर सिंह सजवाण ने कहा कि पुलिस ने स्थानीय विधायक के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई की है। कहा कि विद्युत पोलों पर नाम लिखा होना जुर्म है तो यह नियम सब पर लागू होना चाहिए। विद्युत पोलों पर मुख्यमंत्री के कट आउट लगाना और विधायक ऋषिकेश के हाइटेंशन पोलों पर होर्डिंग लगाना भी जुर्म है। इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि पोल पर पेंटिंग कर प्रचार करने पर ऊर्जा निगम के अधिकारी ने मुकदमा दर्ज करवाया है। यह मुकदमा क्षेत्रीय विधायक के दबाव में हुआ है। विधायक द्वारा विभागीय अधिकारियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि सत्ता के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश सचिव विजय पाल सिंह रावत, मदन मोहन शर्मा, नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज देवराडी, दीपक जाटव, पार्षद मनीष शर्मा, राकेश सिंह मियां, देवेंद्र प्रजापति, जगत सिंह नेगी, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव मधु जोशी, मनोज गुंसाईं, नवीन चंद रमोला, एकांत गोयल, प्रसाद पप्पू, लल्लन राजभर, विवेक तिवारी, दीपक भारद्वाज, जितेंद्र पाल पाठी आदि शामिल रहे।

कैबिनेट मंत्री से मिले परिवहन व्यवसायी, आर्थिक पेैकेज देने की लगाई गुहार

उत्तराखंड परिवहन महासंघ के सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर परिवहन व्यवसायियों को राहत देने की मांग की। इस पर मंत्री गणेश जोशी ने उन्हें आश्वास्त किया कि जल्द ही इस संदर्भ में आर्थिक पैकेज की घोषणा होने वाली है।

मुलाकात के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने वाहनों की समर्पण अवधि बढ़ाने, आर्थिक मदद देने, इंश्योरेंस व परमिट की अवधि बढ़ाने सहित कई मांगें रखीं। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जल्द ही परिवहन व्यवसायियों के लिए राहत पैकेज घोषित किया जाने वाला है। इससे सभी परिवहन व्यवासियों को लाभ होगा। अन्य मांगों पर भी सकारात्मक कार्यवाही जल्द की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय, यातायत पर्यटन विकास सहकारी संघ के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र रमोला, टीजीएमओसी के पूर्व अध्यक्ष बलवीर सिंह रौतेला, संचालक मेघ सिंह चैहान, रोटेशन यात्रा प्रभारी मदन कोठारी आदि शामिल रहे।

एमडीडीए अधिकारियों के साथ स्पीकर ने प्रस्तावित कार्यों को लेकर की समीक्षा


ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एमडीडीए के माध्यम से किए जा रहे विभिन्न निर्माण एवं प्रस्तावित कार्यों को लेकर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने एमडीडीए के अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक की।

स्पीकर ने बैठक के दौरान एमडीडीए के माध्यम से क्षेत्र के अंतर्गत हरिपुर कला, गुमानीवाला, श्यामपुर, मोतीचूर, गढ़ी मयचक सहित अन्य क्षेत्रों की प्रस्तावित 32 से अधिक आंतरिक सड़क मार्गो की प्रगति के संबंध में समीक्षा की

स्पीकर ने इस दौरान त्रिवेणी घाट के सौंदर्यकरण कार्य एवं आईडीपीएल से श्यामपुर क्रॉसिंग तक प्रकाश पथ व्यवस्था कार्य की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से समीक्षा की।

इस अवसर पर स्पीकर ने एक ओर पूर्व में प्रस्तावित क्षेत्र के आवास विकास, गंगानगर, आईएसबीटी, ऋषिलोक कॉलोनी के पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। इस सम्बंध में एमडीडीए के सचिव हरजीत सिंह ने अवगत किया कि पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए नगर निगम, ऋषिकेश को एनओसी हेतु एमडीडीए द्वारा पत्र भेजा गया है जिसपर अभी तक नगर निगम से एनओसी नहीं प्राप्त हुई हैं। सचिव ने कहा कि एनओसी मिलने के बाद ही पार्कों का सौन्दर्यीकरण कार्य प्रारम्भ हो पायेगा।

स्पीकर ने निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी के लिए एमडीडीए के अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की। कहा कि सभी स्वीकृत आंतरिक सड़क निर्माण कार्य, विभिन्न पार्को एवं चैराहों के सौंदर्यीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य संबंधित कार्यवाही एवं टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ कराये जाए, वहीं विभिन्न प्रस्तावित सड़कों के लिए आगणन तैयार कर स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित की जाए।

इस अवसर पर एमडीडीए के सचिव हरवीर सिंह, अधिशासी अभियंता श्याम शर्मा, सहायक अभियंता पीएन बहुगुणा एवं अवर अभियंता प्रमोद मेहरा उपस्थित थे।

प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन को लेकर सीएम धामी ने की समीक्षा बैठक, सभी अधिकारियों को अल्र्ट मोड में करने के निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए हमेशा अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिये। किसी भी घटना की स्थिति में जल्द से जल्द राहत व बचाव कार्य संचालित हो। रेस्पोंस टाईम को कम से कम किया जाए। कहीं कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता को महसूस होना चाहिए कि शासन प्रशासन को उनकी चिंता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पङे। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि तहसील स्तर की समस्याओं का समाधान तहसील स्तर पर और जिला स्तर की समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। किसी भी स्तर पर कोई पेनडेंसी न रहे। जीरो पेंडेंसी कार्यप्रणाली का मूलमंत्र हो। फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया में सुधार लाया जाए। जनहित के कामों में शिथिलता न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों में पूरा समन्वय हो। किसी तरह का कम्यूनिकेशन गैप न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में मॉक ड्रिल का बहुत महत्व है। समय समय पर मॉक ड्रिल अवश्य की जाए। आपदा कंट्रोल रूम निरंतर एक्टिव रहे। अवरूद्ध मार्गों, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा प्रभावितो को मुआवजे की राशि तुरंत मिले और उन्हें सुरक्षित आवास, भोजन, पेयजल, दवाईयों की उपलब्धता हो। संचार की सुचारू व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में आई आपदाओं में किये गये राहत व बचाव कार्यों की भी जानकारी लेते हुए कहा कि इनकी भी लगातार मानिटरिंग की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन किया जाना है, उनमें प्रक्रियाओं में किसी तरह का विलम्ब न हो। रैणी में आपदा की जद में आए परिवारों का विस्थापन कराया जाना है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को आराकोट जाकर वहां के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिये। प्रदेश में स्वीकृत डाप्लर राडार की स्थापना में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को हाल ही में स्वीकृत राहत राशि का वितरण तत्काल करवाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक संख्या में जिओलाजिस्ट की नियुक्ति कर ली जाए। आपदा राहत कार्यों के लिए तैनात हेलीकाप्टरो का उपयोग करें ताकि आम लोगों तक राहत जल्द से जल्द पहुंच सके। इनका उपयोग मेडिकल इमरजेन्सी व अन्य आपदा संबंधित कामों में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी से हाल ही में देवप्रयाग क्षेत्र में सक्रिय हुए बाघ के बारे में भी जानकारी ली।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव नितेश झा, सचिव दिलीप जावलकर, एसए मुरूगेशन, सहित शासन, आर्मी, एनडीआरएफ, बीआरओ, आईटीबीपी, आईएमडी के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी की ओपीडी एम्स ऋषिकेश में शुरू

विश्व की पहली रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी की डिवीजन जो कि एम्स ऋषिकेश में स्थापित है ने हर सप्ताह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपनी ओपीडी शुरू की है। पूर्व में विभाग की ओपीडी सेवाएं कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण भारत सरकार के नियमानुसार स्थगित की गई थी।
रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन के प्रमुख डा. नवनीत मग्गो ने बताया कि अपनी ओपीडी सेवाओं के माध्यम से नारी सेवा करना उनके लिए बहुत गौरव की बात है। गौरतलब है कि डा. मग्गो एक सुप्रसिद्ध अंतराष्ट्रीय कॉस्मेटिक शल्य चिकित्सक हैं, जो कि अमेरिका और यूरोप से इस चिकित्सा में प्रशिक्षित हैं, लिहाजा उन्होंने अपना जीवन महिलाओं की निजी चिकित्सकीय समस्याओं के मद्देनजर नारी कल्याण के लिए समर्पित किया है।
उन्होंने जुलाई सन 2019 में निदेशक प्रो. रविकांत के मागर्दशन में संस्थान में रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन की स्थापना की थी। यह डिवीजन एक सुपर स्पेशलिटी डिवीजन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की निजी स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण करना है। ऐसी समस्याओं में स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस, संबंध बनाने में परेशानी, योनि के रास्ते से शरीर के हिस्से का बाहर आना, फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन आदि मुख्यरूप से शामिल हैं।

निदेशक ने बताया कि रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन की ओपीडी सेवाएं महिलाओं के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऋषिकेश एम्स में दुनियाभर में अपनी तरह की इस पहली चिकित्सा ओपीडी में इस तरह की समस्याओं से पीड़ित महिलाएं आएंगी और विशेषज्ञों को अपनी निजी परेशानियों से अवगत कराकर इन सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का लाभ लेंगी। यह सेवाएं ग्रसित महिलाओं को नवजीवन प्रदान करेंगी।
जानें, कब कौन सी ओपीडी होगी संचालित

इस सुपरस्पेशलिटी विभाग की पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स क्लिनिक सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलेगा। बताया गया कि उत्तराखंड में बहुत सी महिलाएं बच्चेदानी के बाहर निकलने की समस्या से पीड़ित हैं, क्योंकि यह पहाड़ी क्षेत्र है। लिहाजा इस तकलीफ का सबसे आधुनिक उपचार उत्तराखंड में पहली बार एम्स ऋषिकेश द्वारा स्थापित रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन में उपलब्ध कराया गया है, जिसे साइट स्पेसिफिक रिपेयर कहते हैं, इसमें चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा अमेरिका से दक्षता हासिल की गई है।
फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन क्लिनिक, मंगलवार दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलेगा। बताया गया कि समाज के कुछ समुदाय इस समस्या से ग्रसित हैं, जिसमें एक महिला के बाहरी यौन अंग नष्ट करके उसका जीवन नष्ट कर दिया जाता है। डॉक्टर नवनीत मग्गो अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या का उपचार करने के लिए दक्षता हासिल हैं, जो कि इस तरह की समस्या से पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान है।

फीमेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन क्लिनिक, बुधवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग की ओपीडी में संचालित किया जाएगा। बताया गया है कि समाज में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं वैवाहिक परस्पर संबंध बनाने की परेशानी से ग्रस्त हैं, मगर वह चुप्पी साधे रहती हैं। जिसका दुष्प्रभाव अमूमन पारिवारिक ढांचे पर पड़ता है और परिवार टूट जाते हैं। विभाग के चिकित्सकों का इस समस्या से ग्रसित महिलाओं से अनुरोध किया है कि वह अपनी समस्या का समय रहते संपूर्ण इलाज कराएं।

वजाइनल रिजूवनेशन क्लिनिक, शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक संचालित होगा। जिन महिलाओं की योनि का रास्ता बच्चा होने या उम्र के साथ साथ ढीला हो जाता है, वह रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी के इस क्लिनिक का लाभ उठा सकती हैं। बताया गया कि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा रेडियोफ्रीक्वेंसी और लेजर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके महिलाओं की इस समस्या का स्थायी निवारण किया जाएगा।
स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटिनेंस क्लिनिक, शुक्रवार दोपहर 2 से 4 बजे तक शुरू किया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस की समस्या में महिलाओं के खांसने, छींकने, हंसने, वजन उठाने पर पेशाब स्वतरू छूट जाता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तीन में से एक महिला इस परेशानी से पीड़ित है और विज्ञान के अनुसार, इसका सबसे आधुनिक इलाज रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी में उपलब्ध है। डॉ. नवनीत मग्गो के द्वारा इस विषय में लिखे गए विज्ञान पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स और पुस्तकों में प्रकाशित हुए हैं।