पीएनबी बैंक का आरोपी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता साफ

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के बाद भगोड़ा घोषित हुए हीरा कारोबारी नीरव मोदी को अब भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी को भारत भेजने की मंजूरी दी है।

लंदन की कोर्ट के जज सैमुअल गुजी ने कहा कि मामला रुपये की देनदारी में धोखाधड़ी का है, लिहाजा ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी, ऐसा संकेत नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि नीरव के खिलाफ पर्याप्त सबूत है और उन्हें भारत जाकर ही इसका जवाब देना होगा।

इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिटेन की कोर्ट से फैसला आने के बाद उसके प्रत्यर्पण को जल्द संपर्क किया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक हुई संपन्न, सात प्रस्ताव हुए पास

त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल की ओर से कैबिनेट बैठक आज आयोजित की गई। इसमें सात प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

1. मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को मंजूरी, योजना के तहत टोटल मिक्स्ड एनिमल राशन को लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा। एक लाख से अधिक लाभार्थियों को रियायती दरों पर सायलेज और टोटल मिक्स्ड एनिमल राशन के ब्लॉक उपलब्ध कराया जाएगा।
2. जल जीवन मिशन कार्यक्रम के संरचनात्मक ढांचे में अपर परियोजना निदेशक एवं अधीक्षण अभियंता के दो पदों को मंजूरी मिलीष
3. महाकुंभ के मद्देनजर हजार बेड के हॉस्पिटल के बजाए अब 600 बेड का 50 आईसीयू बेड युक्त अस्पताल बनेगा।
4. पुलिस दूरसंचार सेवा नियमावली में प्रमोशन को लेकर संशोधन हुआ है। अब 2 साल की जगह 10 साल के बाद प्रमोशन होगा।
5. संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत ऐसे 57 शिक्षकों को जो विद्यालय में सृजित पदों के सापेक्ष कार्यरत नहीं थे लेकिन पाठ्यक्रम में निर्धारित विषयों को पढ़ा रहे थे, को भी 155 शिक्षकों की भांति बढ़ा हुआ वेतन देने को मंजूरी मिली है।
6. वन भूमि पर दी गई लीज के वार्षिक लीज रेंट के निर्धारण में बदलाव किया गया है।
7. उत्तराखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन प्रोत्साहन एवं सुविधा अधिनियम में संशोधन किया गया३मंडी अध्यक्ष का पद नॉमिनेट करने के लिए किया गया संशोधन अब एक बार के लिए सरकार मंडी अध्यक्ष को नामित कर सकेगी।

वनाग्नि रोकने के लिये किए जाएं समेकित प्रयासः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड कैम्पा की बैठक आयोजित हुयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वनों के विकास के लिए वनाग्नि रोकने के लिये प्रभावी प्रयास किये जायें। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वन प्रहरियों की व्यवस्था, स्वयं सेवी संस्थाओं, वन पंचायतों तथा इको डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वन रक्षक चैकियों, रेस्क्यू सेन्टरों के निर्माण तथा अन्य अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण कार्यों में आरईएस तथा आरडब्लूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया जाय ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लायी जा सके। उन्होंने हाथियों के आवागमन के रास्तों पर विद्युत तारों को अण्डर ग्राउण्ड करने अथवा उनकी ऊंचाई बढ़ाये जाने पर बल दिया ताकि बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं से उनका बचाव हो सके।

उन्होंने कहा कि कैम्पा के तह सृजित कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार सृजन के क्षेत्र में प्रभावी पहल की जाय। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन सम्पत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भेला, ढेला, सुसवा, पिलखर, नन्धौर तथा कल्याणी नदियों में अग्रिम मृदा कार्य के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन से सम्बन्धित कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लायी जाय। मुख्यमंत्री ने बुग्यालों के संवर्द्धन के लिए कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग बहुत ही कारगर है परन्तु सोलर फेंसिंग की सुरक्षा के लिए लोगों को भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कैम्पा के तहत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के लिये भी उन्होंने निर्देश दिये।

कैम्पा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे.एस.सुहाग ने बताया कि कैम्पा के तहत इस वर्ष की कार्य योजना में 225 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गई है। जबकि अगले वर्ष के लिये कैम्पा के तहत 675 करोड़ प्राविधानित है।

इस अवसर पर पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एवं सलाहकार मुख्यमंत्री एस.एस.नेगी, प्रमुख सचिव वन आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी एवं वन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से कुंभ में पहुंचेंगे लोग, किसी की जिंदगी के साथ रिस्क नहीं लेना होगा

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में कोविड-19 वैक्सिनेशन हेतु स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी हरिद्वार को सख्त निर्देश दिए कि कुम्भ ड्यूटी में लगे लोगों का 100 प्रतिशत वैक्सिनेशन करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर अन्य रिफ्यूजल पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश से कुम्भ में लोग आएंगे, उनकी जिंदगी के साथ किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर जो अधिकारी कर्मचारी वैक्सिनेशन नहीं करवा रहे हैं, उन्हें हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र में न रखा जाए। कुम्भ को देखते हुए उनका स्थानान्तरण किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले पुलिस और पैरामिलिट्री कार्मिकों का भी तुरंत वैक्सिनेशन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश से भी 100 डॉक्टर्स एवं 148 पैरामेडिकल स्टाफ पहुंच जाएगा, उनके रहने की व्यवस्था भी अस्पतालों के आसपास सुनिश्चित की जाए। दुधाधारी आश्रम में बनाए जाने वाले अस्पताल को 15 मार्च तक फंक्शनल किया जाए। उन्होंने हरिद्वार में अन्य जनपदों से आने वाले कार्मिकों के वैक्सिनेशन स्टेटस का पता कर उनका भी वैक्सिनेशन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून में प्राईवेट सेक्टर के हेल्थ वर्कर्स के वैक्सीनेशन में गति लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, पंकज कुमार पाण्डेय एवं महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमिता उप्रेती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

18 मार्च को सभी विधान सभा क्षेत्रों में एक साथ आयोजित होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आगामी 18 मार्च 2021 को राज्य सरकार के 4 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर ‘विकास के चार साल रू बातें कम काम ज्यादा’ कार्यक्रम के आयोजन से सम्बन्धित बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी मंत्रीगण विधायक, शासन के उच्चाधिकारी, सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी 18 मार्च को राज्य सरकार के चार साल पूर्ण होने के अवसर पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के लच्छीवाला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री द्वारा सभी विधान सभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों को वर्चुवली सम्बोधित किया जायेगा। इसके लिये विधायकों की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जायेगा। दायित्वधारी कार्यक्रम आयोजन समिति के उपाध्यक्ष होंगे। इस अवसर पर विधान सभा वार विकास पुस्तिकाओं का भी प्रकाशन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों में जानकारी 28 फरवरी तक महानिदेशक सूचना को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कार्यक्रम हेतु स्थल का निर्धारण तथा आयोजन समिति गठित कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा का निर्धारण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा डोईवाला क्षेत्र से लगभग अपराह्न 12ः30 बजे सजीव प्रसारण के द्वारा समस्त विधानसभा क्षेत्रों को संबोधित किया जायेगा। सजीव प्रसारण के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में एलईडी/डिश आदि की व्यवस्था सूचना विभाग के माध्यम से की जाएगी और इसके अनुश्रवण के लिए प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एनआईसी तथा अन्य तकनीकी स्टॉफ की तैनाती की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक कार्यक्रम स्थल में परम्परागत वाद्य यंत्रों की रैली निकाली जाने तथा कार्यक्रम में लगभग 100 वाद्ययंत्रों को बजाने वाले कलाकारों को शामिल किये जाने के निर्देश दिये। इस पर होने वाले व्यय हेतु धनराशि सूचना विभाग द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जायेगी। कार्यक्रम के समन्वय के लिए प्रत्येक जनपद के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से भी एक समन्वयक नामित किया जायेगा।

कार्यक्रम में जन-सामान्य की जानकारी के लिए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री भी सूचना विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों व सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आमंत्रित किया जायेगा। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतो का कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व हो। इसके साथ ही जिन लोगोंध्स्वयं सहायता समूह ने कोई विशिष्ट कार्य किया हो, उन्हें भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जायेगा। विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का पूर्व में व्यापक प्रचार – प्रसार भी सुनिश्चित कराये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

सचिव सूचना दिलीप जावलकर ने ’बातें कम काम ज्यादा“ कार्यक्रम के आयोजन के सम्बन्ध में सूचना विभाग के स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के साथ ही विधान सभा वार प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम 18 मार्च, 2021 को राज्य के समस्त 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक ही समय पर आयोजित किया जाएगा। सम्पूर्ण कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपादित कराने के लिए आयोजन समिति के अध्यक्ष संबंधित क्षेत्र के विधायक होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र हेतु आयोजन समिति गठित की जायेगी, जिसमें उपजिलाधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया जायेगा। सदस्य सचिव का नाम, पदनाम व मोबाईल नं. सूचना विभाग की ई-मेल infodirector.uk@gmail.com पर प्रेषित किये जाने की उन्होंने अपेक्षा की, ताकि तद्नुसार आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने में सुविधा हो सके।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, राज्य मंत्री रेखा आर्या, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, विशेष सचिव मुख्यमंत्री पराग मधुकर धकाते, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य लोग जुड़े थे।

भैंस के आगे बीन बजाकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने रखी अपनी मांग

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माणसाला के सिडकुल स्थानांतरण और इस संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को 2 माह से अधिक समय से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में आज भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम का आयोजन सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा किया गया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रबंधक वर्ग द्वारा कर्मचारियों को बिना विश्वास में लिए फैक्ट्री का सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरित करना व उनको वेतन रजिस्टर पर लगातार हाजिरी लगवाने के बाद भी उनके खाते में 2 माह से अधिक समय से वेतन ना देना कर्मचारियों व उनके परिवार को जीवित ही मार देने के समान है। जिसका की सभी जनप्रतिनिधि व क्षेत्र वासी विरोध करते हैं और सभी यह चाहते हैं की प्रबंधक वर्ग व कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में यथाशीघ्र वार्ता हो, जिससे इस समस्या का यथोचित समाधान निकले।

नगर पंचायत स्वर्ग आश्रम के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगे उचित है। प्रबंधक वर्ग को चाहिए कि वह शीघ्र ही अपने कार्मिकों की समस्या का समाधान करें जिसके लिए आज प्रबंधकों को नींद से जगाने हेतु भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम भी किया गया है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, सभासद नवीन राणा, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश सचिव बृजेश चतुर्वेदी, मुरलीधर शर्मा, सुरेंद्र थापा, कर्मचारी अध्यक्ष हेमंत सिंह, बेचन गुप्ता, विजेंद्र, मानव राय, राजेश पासवान, चंद्रमोहन कंडवाल, अरुण चैबे, राधेश्याम, प्यारेलाल बड़थ्वाल, भोला यादव, रामप्रवेश जयकुमार आदि उपस्थित थे।

एम्स के चिकित्सकों की टीम की सफलता, दो बच्चों की सफल सर्जरी को दिया अंजाम

अ​खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के कॉर्डियक थोरसिक सर्जरी विभाग ने हाल ही में दो बच्चों की जन्मजात टैट्रोलोजी ऑफ फैलोट (टीओएफ) बीमारी की सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया गया। बताया गया कि दोनों बच्चे तीन साल से इस बीमारी से ग्रसित थे। इस सफलता के लिए एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने चिकित्सकीय टीम की सराहना की है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी प्रोग्राम सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। यह मेडिकल विभाग की सबसे जटिल ब्रांच है, जिसमें किसी भी केस को करते समय आधुनिक मशीनों के साथ साथ संपूर्ण टीम का सहयोग जरुरी होता है। इससे जुड़े ऑपरेशन काफी जटिल एवं नाजुक होते हैं तथा आपरेशन के दौरान पेशेंट की जान जाने का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके दिल की अनेक जन्मजात बीमारियां हैं जो कि जानलेवा हैं, सर्जरी के बिना इनका इलाज असंभव होता है, मगर सर्जरी के पश्चात अच्छा जीवन संभव हो जाता है। सीटीवीएस विभाग के कॉर्डियक थोरेसिक सर्जन डा. अनीश गुप्ता के अनुसार एम्स में पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 100 से अधिक मरीज अपनी जन्मजात हृदय की बीमारियों से निजात पा चुके हैं,जिसमें शिशु, किशोर व युवा भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि टैट्रोलॉजी ऑफ फैलोट एक गंभीर बीमारी है,जिसमें धीरे धीरे हार्ट फेल हो जाता है। हाल में संस्थान में 3 साल के दो बच्चों का सफल टीओएफ रिपेयर किया गया है, जिसमें एक चकराता, देहरादून निवासी बच्ची व रुड़की हरिद्वार का एक बच्चा शामिल हैं।
डा. अनीश के मुताबिक कई बार इस ऑपरेशन में फेफड़े की नली का रास्ता खोलते वक्त पल्मोनी वाल्व काटना पड़ता है, जिससे ऑपरेशन की जटिलता बढ़ जाती है। साथ ही कुछ दशकों बाद मरीज को वाल्व बदलने की आवश्यकता प आवश्यकता पड़ती है। जटिलतम शल्य क्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देने पर दोनों बच्चों के परिजनों ने इसके लिए एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने बतया कि संस्थान निदेशक प्रो. रवि कांत के सतत प्रयासों से ही उत्तराखंड में पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो पाई है, जिससे उनके बच्चों को नवजीवन मिल सका है।
क्या है टेट्रोलोजी ऑफ फैलोट (टीओएफ) 1- हृदय की जन्मजात बीमारी जिसमें दिल में छेद होने के साथ साथ फेफड़े में खून ले जाने वाला रास्ता सिकुड़ा होता है। 2-गंदा खून दिल के छेद से होते हुए साफ खून में मिल जाता है,जिससे मरीज का शरीर नीला पड़ जाता है। 3- इस जन्मजात बीमारी के कारण सांस फूलना, बलगम में खून आना, दिमाग में मवाद भरना, दौरा पड़ना, लकवा आदि भी हो सकता है।

ब्लड बैंक को सांई भक्तों ने शिविर लगाकर दिया 15 यूनिट रक्त

श्री साईं गंगा सेवा समिति ने राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के ब्लड बैंक विभाग को रक्तदान शिविर के जरिए 15 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया है।

समिति अध्यक्ष व भाजपा युवा नेता प्रकांत कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक की ओर से जरूरतमंदों को निशुल्क रक्त दिया जाता है। ब्लड बैंक से कोई भी जरूरतमंद बिना रक्त के न जाए। इसके लिए सांई भक्तों ने मिलकर समिति के तत्वावधान में ब्लड बैंक को रक्तदान शिविर के जरिए ब्लड उपलब्ध कराने का मन बनाया।

आज संपन्न हुए शिविर में साईं भक्तों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। साईं भक्तों ने कहा कि समाज को जागृत करने के लिए साई सेवक हर संभव कार्य करते हैं। उन्होंने सभी लोगों से रक्तदान करने की अपील की। रक्तदान करने वालों में प्रकांत कुमार, राहुल शर्मा, अनुज कुमार, आनंद शर्मा, दीपक प्रोथि, सागर शर्मा, प्रदीप शर्मा, हरिओम तलरेजा, विक्की जुनेजा, ओम पाल आदि उपस्थित रहे।

भगवान बद्रीनाथ की हुई ध्वजा स्थापना, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

महाकुंभ 2021 में देवडोलियों के स्नानार्थ आगमन के उपलक्ष्य में त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में परमाध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड तथा भद्रकाली मंदिर ढालवाला में सुबोध उनियाल कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड द्वारा श्री बद्रीनाथ जी के पावन ध्वजा की स्थापना की।

श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति द्वारा हरिद्वार महा कुम्भ पर्व में 24 व 25 अप्रैल को आयोजित होने वाले देवत्व स्नान एवं शोभायात्रा के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में देव प्रतीक चिन्हों के साथ देव डोलियां के स्नानार्थ अमृतमय कुम्भ पहुचेगी। जिनके आगमन के उपलक्ष्य में त्रिवेणी घाट ऋषिकेश तथा श्रीभद्रकाली मंदिर ढालवाला मुनि की रेती में भगवान श्री बद्रीनाथ जी की पावन ध्वज स्थापना समारोह का आयोजन किया गया।

समिति के परमाध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी व उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल द्वारा महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास महाराज, स्वामी विजयानंद महाराज, स्वामी गोपालचार्य महाराज, स्वामी लोकेश दास, स्वामी प्रदीप दास, स्वामी नागेंद्र पूरी, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद, महंत सध्वागिरी, स्वामी कृष्णकांत महाराज, महंत सुखबीर सिंह, पंडित रवि शास्त्री, प्रदीप शर्मा आदि संत-महात्माओं का माल्यार्पण व अंगवस्त्रम प्रदान कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

इस अवसर पर ध्वजा पूजन, विष्णुसहस्रनाम के पाठ के उपरान्त आमन्त्रित पूज्य संत-महात्माओं द्वारा श्री बद्रीनाथ व श्री हनुमानजी के ध्वज का आरोहण किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ व पूजन कार्य पं.रमेश पैन्यूली ने किया।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, राजपाल खरोला, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, राज्यमंत्री भगतराम कोठारी, प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मुनि की रेती पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, संयोजक संजय शास्त्री, ज्योति सजवाण, गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़, हुक्म सिंह रावत, प्यारेलाल जुगलान, जयेन्द्र रमोला, ब्रह्मानंद भट्ट, बीसी पंत, पीताम्बर दत्त पैन्यूली, सुशील नौटियाल, धनसिंह रांगड़, दर्शनलाल आर्य, प्रताप सिंह सजवाण, विनोद शर्मा, चेतन शर्मा, आशाराम व्यास, कमला प्रसाद भट्ट, राहुल शर्मा, सुरेश उनियाल, लक्ष्मी सजवाण, सरोज डिमरी, शाकम्बरी बिष्ट, उषा भंडारी, विमला रावत, द्वारिका बिष्ट, पुष्पा ध्यानी, शीलू पंत, मीना गौड़, गुड्डू जोशी, रुक्मणी रौतेला, कुसुम जोशी, प्रमिला जोशी, तनु रस्तोगी, परमेश्वरी जोशी, मीनाक्षी जोशी, नंदन टोडरिया, रामबल्लभ भट्ट, ज्योति पंवार, मनोहर रौतेला, सुनील थपलियाल, विशाल मणि पैन्यूली, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।

विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कर सीएम ने अल्मोड़ा में की 14 घोषणाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विधानसभा की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कुल 38 करोड, 44 लाख, 44 हजार रूपये की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया, जिसमें 35.13 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण तथा 3.31 करोड की योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 घोषणाएं भी की। जिसमें मरचूला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रत्येक वर्ष पर्यटन विभाग के सहयोग से स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना की स्मृति में एडवेंचर मीट का आयोजन किये जाने, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मानिला कुणीधार का नाम स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के नाम पर रखे जाने तथा उनकी मूर्ति सहित स्मारक का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मरचूला में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर का निर्माण किये जाने, मोलेखाल सल्ट स्थित तहसील परिसर में स्थित भवनों का सुदृढ़ीकरण किये जाने, मछोड़ उप तहसील में तहसील भवन एवं आवासीय भवनों का निर्माण किये जाने, भिकियासैंण से मरचूला तक रामगंगा नदी के किनारे के क्षेत्र को एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने, सल्ट विधानसभा के समस्त प्राथमिक विद्यालयों का रूपान्तरण कार्यक्रम के अन्तर्गत कायाकल्प किये जाने, विकासखण्ड सल्ट खुमाड़ के विकासखण्ड कार्यालय एवं आवासीय भवन का सुदृढ़ीकरण करने, राजकीय इण्टर कॉलेज पैसिया का भवन निर्माण किया जायेगा। रतखाल से हनेड़-बसेड़ी तक मोटर मार्ग का निर्माण किये जाने, हरड़ा-नगचूला मोटर मार्ग का भिकियासैंण तक मिलान किये जाने, हरड़ा में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोले जाने, राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ के भवन का निर्माण करने तथा राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ को करगिल शहीद गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 18 मार्च को सरकार के चार साल पूर्ण हो जायेंगे। इन चार सालों में हमारी सरकार ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किये गये। जिसमें सड़को के निर्माण, रेल लाईन से संबंधित कार्य ऑल वेदर रोड, ग्राम और शहरी कनेक्टिविटी, नेटवर्किंग के क्षेत्र में अनेक कार्य किये गये। रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में भी विशेष प्रयास किये गये। जल जीवन मिशन, ग्रामीण आजीविका से जुड़े हुए क्षेत्रों में केन्द्र सरकार से राज्य को भरपूर सहयोग मिला है। राज्य के विकास के लिये 01 लाख करोड़ से अधिक की योजनाये भारत सरकार से लाने में सफल हुए हैं। पिछले चार वर्ष में राज्य में 11 हजार किमी सड़को का निर्माण एवं पुनर्निमाण किया है। गांवों को सडक कनेक्टिविटी से जोड़ने का रिकार्ड कार्य किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत मात्र एक रूपये में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। शहरी गरीबों को भी 100 रूपये में पानी का कनेक्शन देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत अधिकतम पानी के कनेक्शन देने वाले राज्यों में उत्त्राखण्ड देश में पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है। 14 लाख 61 हजार कनेक्शन राज्य में दिये जाने हैं, अभी तक 06 लाख 30 हजार कनेक्शन दिये जा चुके हैं। पानी की पर-कैपिटा मात्रा 40 लीटर से बढ़ाकर 55 लीटर किया जायेगा। इसके लिए 100 जूनियर इंजीनियर की आउटसोर्सिंग से भर्ती की जायेगी। राज्य में महिलाओं को पति की पैतृक सम्पति में सह खातेदार बनाया गया है। इससे आने वाले समय में महिलाओं की प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री घस्यिरी कल्याण योजना राज्य में लाई जा रही है। महिलाओं के सिर से घास के बोझ को हटाने के लिय यह योजना लाई जा रही है। इस बार हरेला पर्व पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। इसलिए 16 जुलाई को राज्य में अवकाश घोषित किया गया है। इस दृष्टि से सभी जनपद अपनी योजना बनायेंगे। वृक्षारोपण में फलदार, चारे वाले वृक्षारोपण भी किया जायेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री व अल्मोड़ा जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदौरिया उपस्थित थे।