मां गंगा की पूजा अर्चना कर सीएम तीरथ ने जग कल्याण की कामना

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत आज हरकी पैड़ी पहुंचे। यहां पर उनका विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द्र अग्रवाल, राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चैहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चैहान, जिला महामंत्री विकास तिवारी, मेला अधिष्ठान के अधिकारियों और श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, उज्ज्वल पंडित सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया।

इसके बाद श्रीगंगा सभा के आचार्य अमित शास्त्री ने मंत्रोउच्चारण के साथ मुख्यमंत्री श्री रावत से मां गंगा की पूजा-अर्चना ओर आरती कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां गंगा से कुम्भ की सफलता और सभी के कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रीगंगा सभा कार्यालय में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गंगाजलि, प्रसाद भेंट किया।

ग्रामीण क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहींः डा. राजे नेगी

अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने फस्र्ट नेशनल स्कूल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

बता दें कि फिट इंडिया कार्यक्रम अंतर्गत आगरा में विगत 6 मार्च से 8 मार्च तक तीन दिवसीय चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था। जिसमें देशभर के विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। चैंपियनशिप में ऋषिकेश के विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से आयोजकों बल्कि चैंपियनशिप देखने आये दर्शकों का भी दिल जीत लिया। नेशनल चैंपियनशिप में अरीना स्पोर्ट्स एकेडमी के छह खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें चार खिलाड़ी फुटबॉल के एक एथलेटिक और एक बॉक्सिंग का था। फुटबॉल की टीम गोल्ड मैडल हासिल करने में कामयाब रही।जबकि एथलेटिक और बॉक्सिंग में खिलाडियों ने सिल्वर मैडल हासिल किए। इस अवसर पर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि कि खेलों में गहरी रुचि रखनेवालों के लिए अपनी पहचान बनाने के अनेकों अवसर हैं। हाल के वर्षों मे छोटे छोटे गांवों से आए तमाम युवा खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा से सभी को चैंकाया है।

सम्मान पाने वाले खिलाड़ियों में अमर ज्योति सरस्वती निलायम हाई स्कूल बायपास श्यामपूर के प्रियांशु नेगी, शिवम शाह, विनय सिंह, प्रियांशु चैधरी, एनडीएस स्कूल के प्रियांशु पैन्यूली एवं पीजी कॉलेज ऋषिकेश के हिमांशु गोस्वामी शामिल रहे। इस मौके भारतीय जूनियर फुटबाल टीम के कप्तान एवं कोच अभिषेक रांगड़, अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के महामंत्री उत्तम सिंह असवाल, अरविंद जोशी, प्रवीन असवाल, सुनील सेमवाल, महावीर अमोला, मयंक भट्ट, मोनिका पंवार, अंजली वर्मा उपस्थित थे।

नींद पूरी होने पर न्यूरोलाॅजिकल बीमारियों का खतरा होने की संभावना कमः प्रो. रविकांत

नींद का हमारे शरीर के संतुलित व्यवहार और देखरेख के लिए अत्यधिक महत्व है। हालांकि यह एक रहस्य ही है कि नींद क्यों, कैसे और कहां से संचालित होती है और किस प्रकार उपरोक्त कार्य को निष्पादित करती है, मगर काफी हद तक इसमें मस्तिष्क के कुछ अहम हिस्सों जैसे हाइपोथालामस, पीनियल ग्रंथि और रेटिकूलर एक्टिवेटिंग सिस्टम और उनसे निकलने वाले न्यूरो केमिकल मैसेंजेर का जटिल सूचना तंत्र संलग्न है, लिहाजा जाहिर सी बात है कि न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से नींद का गहरा संबंध है, जो कि दोतरफा है यानि कि एक तरफ जहां न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में नींद प्रभावित होती है वहीं दूसरी ओर नींद की गड़बड़ी कई न्यूरोलॉजिकल बीमारियों को या तो जन्म देती है या उनकी गंभीरता को कई गुना बढ़ा देती है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रो. रविकांत ने न्यूरोलॉजी विभाग एवं निद्रा रोग प्रभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उम्मीद जताई कि निद्रा रोग प्रभाग आने वाले वर्षों में उत्तराखंड एवं आसपास के राज्यों के निद्रा रोग से ग्रसित मरीजों के लिए एक वरदान साबित होगा।

आइए कुछ महत्वपूर्ण न्यूरोलॉजिकल रोगों से नींद के संबध को बिंदुवार एक-एक कर समझते हैं। एम्स ऋषिकेश के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं निद्रा रोग प्रभाग के सदस्य डा. नीरज कुमार के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत स्ट्रोक के मरीज नींद की समस्या से ग्रसित होते हैं. इतनी बड़ी संख्या क्यों? मोटापा, खून में वसा की मात्रा, निष्क्रिय दिनचर्या, धुम्रपान यह सब जिस प्रकार से धमनियों की बीमारियों को बढ़ाते हैं, वैसे ही ओब्सट्रकटिव स्लीप एपनिया की संभावना को भी बढ़ा देते हैं। करीब 20 फीसदी स्ट्रोक के मरीजों को शिकायत होती है कि उन्हें नींद का नहीं आने, नींद के जल्दी टूट जाने या दिन में भी सुस्ती आने आदि समस्याएं हैं। यानि कुल मिलाकर नींद की संपूर्ण प्रणाली का ही त्रुटिपूर्ण हो जाना। इसकी मूल वजह में स्ट्रोक के बाद होने वाले अवसाद या दवाइयों के साइड इफेक्ट हो सकते हैं। थैलामस और ब्रेन स्टेम में होने वाले स्ट्रोक भी नींद के नियंत्रण केंद्र को क्षति पहुंचाकर नींद के क्रम को बिगाड़ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के मरीजों में नींद की समस्या आम रहती है, मगर निदान या उपचार गिने चुने लोगों का ही हो पाता है, इसका कारण चाहे स्ट्रोक से ग्रसित मरीज के बोलने की शक्ति का कम होना हो या अपाहिज होकर बिस्तर पर पड़े रहने के चलते उनकी नींद से जुड़ी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं जाना हो, मरीज का उपचार करने वाले चिकित्सक भी कई बार उसकी नींद से संबंधित समस्या से अन​भिज्ञ होते हैं या कभी- कभी उसे नजरअंदाज कर देते हैं, मगर ध्यान रहे कि नींद की गड़बड़ी दोबारा स्ट्रोक अटैक की आशंका को करीब 25 फीसदी तक बढ़ा देती है। विशेषज्ञ चिकित्सक डा. नीरज कुमार जी का कहना है कि मिर्गी या मूर्छा का भी नींद से सीधा- सीधा संबंध है। सुप्तावस्था में इलेक्ट्रो इनसेफलोग्राम में दौरों को दर्शाने वाले विद्युत तरंग ज्यादा दृष्टिगोचर होते हैं, करीब 50 फीसदी जेनेरलाइज्ड एपिलेप्सी के अटैक रात के समय ही ज्यादा आते हैं। इसकी वजह से भी मरीज पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पाता। किशोरावस्था से शुरू होने वाली मयोक्लोनिक एपिलेप्सी के अटैक बढ़ जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ मिर्गी के मरीजों की नींद अक्सर प्रभावित हो जाती है, अब चाहे वह दवाइयों की वजह से हो या बीमारी से उपन्न होने वाले अवसाद, घबराहट या डर के कारण से अथवा फिर मिर्गी की बीमारी के मूल कारण इसकी प्रमुख वजह हो। कईबार तो निद्रा विकार जिनमें स्वप्न विकार भी शामिल हैं, इन विकारों व मिर्गी के दौरों से अंतर करना बहुत मुश्किल काम होता है, नतीजतन अक्सर मरीज जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए उपचार कराने की बजाए वर्षों तक झाड़-फूंक का सहारा लेते रहते हैं।

सर दर्द –
सर दर्द खासकर माइग्रेन का नींद से गहरा सम्बन्ध है। तेज सर दर्द के वक्त नींद नहीं आती और अक्सर नींद पूरी नहीं होने पर सर दर्द कईगुना अधिक बढ़ जाता है। कईदफा दवाइयों से भी ठीक नहीं होने वाले सर दर्द सिर्फ नींद के इलाज से ही ठीक हो जाते हैं। वैज्ञानिकों ने यह खोज निकाला है कि माइग्रेन और नींद के नियंत्रण केंद्र आसपास ही होते हैं। इस कारण से भी दोनों का परस्पर संबंध होता है। .
मल्टीपल स्क्लेरोसिस –
मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस जैसे इम्युनिटी सिस्टम( प्रतिरक्षा तंत्र) के रोगों में रेस्टलेस लेग सिंड्रोम, सेंट्रल स्लीप एपनिया, दिनभर की थकान-सुस्ती, दिन में भी नींद की अधिकता और नींद के क्रम के टूटने जैसी बीमारियां आम हैं, कभी कभी नींद में चलने ,बोलने या चलते-चलते नींद के आगोश में चले जाना जिसे नार्कोलेपसी भी कहते हैं, इन लक्षणों से मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस की पहचान होती है। आश्चर्यजनक बात यह है कि अबुझ पहेली से लगने वाले यह लक्षण सही समय पर इलाज लेने से पूरी तरह ठीक भी हो जाते हैं।
पार्किन्सन व डेमेंटिया – पार्किन्सन और डेमेंटिया जैसे रोग जिनमें मस्तिष्क धीरे- धीरे सूखने लगता है या समय से पहले वृद्ध होने लगता है, इनमे नींद की समस्या काफी अधिक मिलती हैं। इसका कारण कभी दवाइयों का दुष्प्रभाव होता है तो कभी अवसाद के कारण से ऐसी समस्या उत्पन्न होती है। मगर अक्सर यह बीमारियां खुद ही नींद की समस्या को साथ लाती हैं। रेस्टलेस लेग सिंड्रोम या नींद में बोलने लगना – हाथ पैर चलाना यह ऐसे लक्षण हैं जो, कई बार पार्किन्सन रोग के मुख्य लक्षण आने से वषों पहले से ही व्यक्ति में दिखने लगते हैं, ऐसे में सजग न्यूरोलॉजिस्ट इस तरह के रोगों की सटिक पहचान करके बीमारी को शुरुआती दौर में ही पहचान लेते हैं।
नसों और मांसपेशियों के मरीजों में फेफड़ों की शक्ति भी क्षीण हो जाती है। अक्सर यह मरीज नींद के दौरान जबकि श्वसन की सहायक मांसपेशियां शिथिल हो जाती है, ऐसे में वह अपने शरीर में ऑक्सीजन की सही मात्रा बनाए रखने में विफल होते हैं. कईबार इस अवस्था में मरीजों की मौत भी हो जाती है, पर अगर समय से इनकी पहचान हो जाए और सी-पैप जैसी साधारण मशीन जो कि सांस अंदर खींचने में मदद करती है, का प्रयोग किया जाए तो ऐसी अप्रिय घटनाओं को टाला जा सकता है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि नींद न सिर्फ खूबसूरत सपनों के लिए आवश्यक हैं बल्कि शरीर को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भी उतनी ही जरुरी क्रिया है। न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए तो न सिर्फ रोग की गंभीरता को रोकने के लिए बल्कि नए रोगों को उत्पन्न होने से रोकने व उनसे बचने के लिए साफ सुथरी, स्वस्थ निद्रा की और भी अधिक आवश्यक है।

तीरथ सिंह रावत के महिला टिप्पणी मामले में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन

महिलाओ पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में भले ही सीएम तीरथ सिंह रावत ने खुलकर माफी मांग ली हो। मगर, कांग्रेस इसे आज भी निशाना बना रही है। आज चंद्रभागा पुल समीप यूथ कांग्रेस मुनिकीरेती अध्यक्ष रोहित चैहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएम का पुतला आग के हवाले कर दिया।

रोहित चैहान ने कहा कि सीएम का बयान भाजपा और आरएसएस की महिलाओं के प्रति सोच को दिखाता है। यूथ कांग्रेस इसकी निंदा करता है। प्रदेश सचिव आईटी संतोष पैन्यूली ने कहा सीएम प्रदेश की बिगड़ती हालत को सुधारने का काम करे, न कि महिलाओं पर नजर रखे।

पुतला फूंकने वालो में सौरभ पोरियाल, अनिल रावत, पर्वत बहुगुणा, रोहित पोखरियाल, अभिषेक सेमवाल, आयुष पंवार, अभिषेक कालूरा, संदीप चैहान, अमन, तुषार आदि मौजूद रहे।

राजाजी की चीला रेंज में शावक गुलदार की मौत

राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक गुलदार के शावक के मृत मिलने से हड़कम्प मच गया। घटना राजाजी पार्क की चीला रेंज में वन कर्मियों को पावर हाउस के पीछे शव बरामद हुआ।

मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने बताया कि मृतक गुलदार के शावक की उम्र तकरीबन 25 माह तक ही है। बताया कि यह शावक कुछ दिन पूर्व ही अपनी मां से अलग हुआ था। संभवतया मृतक शावक और बाघ के बीच संघर्ष हुआ है, मृतक शावक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले है। पशु चिकित्सक व वार्डन के अनुसार शावक गुलदार और बाघ के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। मृतक शावक के शरीर में कई जगह बाघ के दांत के निशान पाए गए। बताया कि शावक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि होगी।

दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में बड़ी तादाद में पहुंचे उत्तराखण्ड मूल के लोग, सीएम का किया स्वागत

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे तीरथ सिंह रावत का उत्तराखण्ड सदन में भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में सदन में मौजूद उत्तराखण्ड मूल के लोगों ने मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जनभवनाओं के अनुरूप कार्य करेगी। जनता जो चाहेगी वही किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखण्ड का चहुमुंखी विकास किया जाएगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री के अपार लगाव की बदौलत ही यहां चारधाम ऑल वैदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट्, केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्निर्माण समेत तमाम परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बने अभी एक सप्ताह का ही समय हुआ है। इस दौरान उन्होंने जनभावनाओं के अनुरूप फैसले लिये। सबसे पहले कोरोनाकाल में जिन 4500 लोगों पर महामारी एक्ट के तहत मकदमे दर्ज किए गए थे, उन मुकदमों को सरकार ने वापस लिया। इनमें से अधिकांश मुकदमे उन लोगों पर दर्ज थे जो कारोनाकाल में जरूरतमंदों की मद्द में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों की मनमानी से पहाड़ी क्षेत्र के लोग त्रस्त थे। हमारी सरकार ने देर लगाए बगैर पहाड़ी जिलों में प्राधिकारणों का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। कुंभ स्नान के लिए देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आंमंत्रित किया गया है। कुम्भ मेले के लिए केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का ध्यान रखा जाएगा परंतु अनावश्यक रोक टोक नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रभाव से घर लौटे प्रवासी उत्तराखण्डियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए ब्याज रहित ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। उनकी हर समस्या का समाधान सरकार करेगी। उन्होंने उत्तराखण्ड मूल के लोगों से आग्रह किया कि वे भी उत्तराखण्ड राज्य के विकास और जनकल्याण में अपना योगदान दें। इस मौके पर नैनीताल के सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री अरविन्द पाण्डेय, पूर्व सांसद बलराज पासी आदि उपस्थित थे।

श्री भरत मंदिर के एनएसएस स्वयंसेवियों को दी नैतिक दायित्व की जानकारी

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस पर स्वयंसेवियों को आयुर्वेद की जानकारी दी गई।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. डीके श्रीवास्तव ने शिविर के बौद्धिक सत्र में जीवन के महत्वपूर्ण तथ्यों से स्वयंसेवियों को अवगत कराया। डॉ श्रीवास्तव ने कहा जीवन एक महत्वपूर्ण ईश्वरीय वरदान है। जिस को स्वस्थ एवं बेहतरीन रखना, हम सब का नैतिक दायित्व है। एक स्वस्थ शरीर की विशेषता हमेशा प्रसन्नचित रहना, मन मस्तिष्क को एकाग्रचित रखना। इन दोनों का होना अत्यंत आवश्यक है, दोनों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। हम सब का कर्तव्य है कि अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा आहार-विहार और सदाचार बनाकर नियमों को पालन करना है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने मुख्य अतिथि डॉ डीके श्रीवास्तव को उत्तरीय एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है जो केवल निरंतर आहार विचार व सदाचार से ही मिलता है। कार्यक्रम अधिकारी जयकृत रावत ने प्रातः कालीन सत्र में स्वयंसेविओं के द्वारा अपने सेवित क्षेत्र में कोविड-19 के प्रति जागृत किया। कोराना से बचाव की जानकारी दी गई। इसके साथ अनेक उपयोगी प्रशिक्षण दिए गए।

इस अवसर पर विनीत सिंघल, नीलम जोशी, सुशीला बडथ्वाल, ज्योति शर्मा, डॉ सुनील थपलियाल, किशोर कुमार, सुरेश चंद्र, राजेंद्र चैहान, सोहन सिंह आदि उपस्थित थे।

राज्य के युवाओं को मिलेगी थियेटर की क्लासः मृदुनदक्ष भट्ट


उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र के बच्चों, युवाओं और कलाकारों को थिएटर की गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। स्थानीय भाषा गढ़वाली में भी थिएटर संबंधी क्रियाकलापों को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह बात पंजाबी और हिंदी सीरियलों के अभिनेता मृदुनंदक्ष भट्ट ने ऋषिकेश आगमन पर कही। उन्होंने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग के सुदूरवर्ती गांव में अलंकार थिएटर चंडीगढ़ की शाखा खोली जा रही है। मृदुनदक्ष भट्ट जिला रुद्रप्रयाग के निवासी हैं।

वर्ष 2018 में आई फिल्म ननकाना में गुरदास मान के छोटे भाई लालू का उनके द्वारा निभाया गया किरदार खूब सराहा गया था।वह स्टार भारत के सीरियल काल भैरव रहस्य 2 सोनी टीवी के सीरियल मेरे साईं मैं भी अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुके हैं। सीरियल खस्मा नू खानी पंजाबी सीरियल के जरिए अपनी छाप छोड़ने वाले मृदुनदक्ष भट्ट ने थिएटर के माध्यम से 200 से भी अधिक नाटकों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं।उनके ऋषिकेश आगमन पर अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा की और से उनका जोरदार अभिनंदन किया गया।महासभा के देहरादून रोड़ स्थित कार्यालय में एक संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र के बच्चों युवाओं और कलाकारों को थिएटर की गतिविधियों से जुड़ने का अवसर देने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय भाषा गढ़वाली में भी थिएटर संबंधी क्रियाकलापों को लेकर कलाकारों को महत्वपूर्ण जानकारियां देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। उनके द्वारा उत्तराखंड के सुदूरवर्ती गांव में थिएटर की शाखा शीघ्र खोल दी जायेगी जोकि स्थानीय कलाकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस मौके पर महासभा के उत्तम सिंह असवाल,गणेश बिजल्वाण, अंजली वर्मा, आल्या बिजल्वाण, मोनिका पंवार मनोज नेगी उपस्थित थे।

प्रदेश के मुखिया का पुतला फूंक महिला कांग्रेस ने जताया विरोध

महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष अंशुल त्यागी के नेतृत्व में महिलाओं पर अशोभनीय दृष्टि से टिप्पणी करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का श्यामपुर पुलिस चैकी के समीप पुतला दहन किया गया।

महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष अंशुल त्यागी ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी जबान पर लगाम लगानी चाहिये व अपनी नजरों को प्रदेश में गरीबी बेरोजगारी की ओर लगाना चाहिये न कि महिलाओं के कपड़ों पर। कहा कि शर्मनाक बात है कि प्रदेश का मुखिया जो अपनी जबान पर लगाम नहीं लगा पाता है वह क्या बेरोजगारी और अपराधियों पर लगाम कस पायेगा। मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर में बैठकर प्रदेश में टूटी सड़कों, बाढ़ से ग्रसित क्षेत्रों व स्वास्थ्य की लचर व्यवस्थाओं पर अपनी नजरें डालनी चाहिये। ताकि वे इनका समाधान कर सकें। मुख्यमंत्री को इस टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। अन्यथा हमें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

लक्ष्मी क्षेत्री ने कहा कि ऐसी स्थितियां जो देश में हो रही है वह नहीं दिखती सिर्फ उन्हें केवल महिलाओं के कपड़े दिखाई देते हैं उनके घुटने दिखाई देते हैं महिलाओं के लिये जो उन्होंने अशोभनीय बातें उन्होंने कहीं हम इसकी घोर आलोचना करते हैं।

पुतला दहन करने वालों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला, गजेन्द्र विक्रम साही, विजयपाल रावत, राधा देवी, आरती, अंजली, लक्ष्मी क्षेत्री, लक्ष्मी थापा, सीमा थापा, रमा थापा, गौरी थापा, कृष्णा राणा, ममता बिष्ट, लक्ष्मी कुलियाल, लक्ष्मी उनियाल, मीना देवी, अलका, बीना भट्ट, जितेंद्र जोशी, योगी क्षेत्री, आशीष बिष्ट, मनोज बिष्ट, राहुल सैनी, सूरज थापा, बिट्टू शर्मा, वंशु राणा, सोनू रावत, दीपक थापा, उज्वल नकपाल, मनीष चंद, आदित्य व्यास, राकेश सिंह कंडियाल, देवी प्रसाद व्यास, जितेन्द्र त्यागी, हिमांशु जाटव, नीरज कुमार आदि मौजूद थे।

आमजन को सरकारी सेवाएं समय व गुणवत्ता पूर्वक मिलेंः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सुराज व सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मुख्य उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को सरकारी सेवाएं समय से एवं गुणवत्ता पूर्वक मिल सकें इसके लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि सिटिजन सेंट्रिक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुभागों के निरीक्षण की भी व्यवस्था की जाए। विभागों एवं अनुभागों से फीडबैक लेते हुए उनकी समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी इसके साथ ही कार्यों की गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट आदि का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके इसके लिए मंत्रीगणों के स्टाफ को भी ट्रेनिंग उपलब्ध करायी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने डार्क विलेजेज में मोबाईल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी बढ़ने से युवाओं को आई.टी. के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि ई-ऑफिस सिस्टम की दिशा में आईटीडीए, जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय, शहरी विकास एवं वन विभाग का पीसीसीएफ ऑफिस ने 100 प्रतिशत ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर लिया है। बाकी विभाग भी तेजी से ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय में इस सम्बन्ध में लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिस भी अनुभाग में कोई समस्या आ रही है। 20 मिनट के अन्दर हमारी टीम वहां पहुंच कर उन्हें आवश्यक जानकारी देते हुए उनकी समस्या का निराकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा का अधिकार के तहत 29 विभागों की 268 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है।

इस अवसर पर आईटी मंत्री बंशीधर भगत, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, एन.आई.सी. के एस.आई.ओ. के नारायणन आदि उपस्थित थे।