’लोक संस्कृति के उत्थान के लिए नगर निगम कटिबद्धः मेयर

ऋषिकेश का गंगा का तट आज गढ संस्कृति के ऐतिहासिक कार्यक्रमों का गवाह बना। एक से एक दिलकश उत्तराखंडी प्रस्तुतियों से कलाकारों ने हर किसी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर अनिता ममगाई ने कहा गढ़वाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम सदैव प्रयासरत रहेगा। महा गंगा आरती के बाद महाकुंभ के मौके पर त्रिवेणी घाट पर हिमालय निनाद कार्यशाला के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तूतियों के साथ उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की लाजवाब प्रस्तूतियां दी गई। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी की गरिमामयी मोजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर ने कहा अपनी संस्कृति को बचाने और इसे आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।

उन्होंने प्रवासियों से गांव में जाकर अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने की अपील भी की। इससे पूर्व गंगा स्तूति के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में उत्तराखंडी पोशाकों ने कलाकारों ने अपनी अविरल प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मोजूद हर किसी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कल्याण सिंह रावत, महंत लोकेश दास, कृष्ण आचार्य, शंकर तिलक, सुरेंद्र मोघा, संजीव चैहान, दिव्या बेलवाल, पंकज शर्मा, रामरतन रतूड़ी, कमलेश जैन, कमला गुनसोला, ज्योति सजवाण, डॉ सर्वेश उनियाल, गणेश कुकशाल, विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, बंशीधर पोखरियाल, सुनील थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्प अर्पित कर किया जवानों को नमन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों को नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कालेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से और बारह हजार वर्गफीट में नवनिर्मित भवन एच ब्लॉक (स्मार्ट क्लास रूम) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि संत पूरे समाज को दिशा देने का काम करते हैं। महाकुंभ में अखाड़ा परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आगामी स्नान पर्वों पर भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड से प्रभावित होने के दौरान भी मैं कुंभ के कार्यों की समीक्षा वर्चुअल रूप से लेता रहा। कोविड संक्रमण से स्वस्थ होते ही 06 अप्रैल को गंगा सभा और अखाड़ा परिषद की ओर सै आयोजित गंगा पूजन करके महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ों और साधु संतों की मांग पर आगामी कुंभ के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि साधु संतों के लिए कुंभ से बड़ा कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को शाही स्नान के दिन गंगा तट पर आने और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के लिए साधुवाद दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने धन्यवाद ज्ञापित कर उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद दिया।

महंत रविंद्र पुरी महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महंत लखन गिरि, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आनंद पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ, रूद्राक्ष की माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। संतों ने उनके सुखमय जीवन एवं दीर्घायु की कामना की।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, कालेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, मुख्य छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरस्वती पाठक आदि मौजूद थे।

पुलिस सर्विलांस के कंट्रोल सेंटर को अल्प समय में बनाना सराहनीयः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) में आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के आदर्श बैरक, कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत निर्मित पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का लोकार्पण किया।

मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को अल्प समय में ही जो आधुनिक रूप दिया है, वह सराहनीय है। इसके लिये उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कण्ट्रोल रूम समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसका डिजीटलीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किया गया है। पुलिस स्मार्ट, आधुनिक तथा संवेदनशील होनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के 70 बेड वाले आदर्श बैरक में दी गयी सुविधाओं और व्यवस्थाओं, साफ-सफाई आदि की प्रशंसा करते हुये कहा कि अच्छा वातावरण व अच्छी सुविधायें मिलने से जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण पर कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुये महाकुम्भ को सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे प्रयास करने हैं कि उत्तराखण्ड की पुलिस का नाम देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में गर्व के साथ लिया जायेगा, क्योंकि महाकुम्भ में पूरे विश्व से श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कोविड के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट बनाया है। यह कण्ट्रोल रूम इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम महाकुम्भ में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि स्थानीय लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने देवभूमि रक्षक पत्रिका, दो प्रमुख गीतों-’’ये व्योम कुम्भ, धर्म ध्वजा का एवं गायक कैलाश खेर द्वारा गाया गया ’’ये धर्म कुम्भ, ये कर्म कुम्भ …. ये मानवता का कुम्भ तथा कौन सा स्नान घाट आपके नजदीक है आदि की जानकारी देने वाले एप का विमोचन किया। मेलाधिकारी दीपक रावत ने इस एप के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सहित मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कुंभ में अखाड़ों, महामंडलेश्वर, संत समाज के लिए अगले कुंभ में अभी से होगी भूमि चिन्हित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। उन्होंने साधु संतो का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ उपासना का केंद्र एवं भावना का विषय है। हरिद्वार कुंभ दिव्य, भव्य और सुंदर हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए गए हैं। कुंभ में आने वाले संत समाज, अखाड़ों एवं श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के लिए स्नान पर्वों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ में कोविड गाइडलाइन का भी पूरा पालन हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।

एम्स निदेशक ने किया कुंभ के तहत बनाए गए सैक्टर चिकित्सालय में व्यवस्थाओं का निरीक्षण

महाकुंभ 2021 मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की टीमें चैबीस घन्टे उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा मुख्य स्नान पर्वों पर किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स ऋषिकेश में डिजास्टर वार्ड और आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं का एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार के सैक्टर चिकित्सालय पहुंचकर जायजा लिया और इस बाबत उन्होंने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कुम्भ स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को एम्स ऋषिकेश द्वारा चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए हरिद्वार स्थित बैरागी कैम्प में बने सैक्टर चिकित्सालय में एम्स के चिकित्सकों की टीमें तैनात की गई हैं। व्यवस्थाओं को परखने और तैयारियों के मद्देनजर एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बृहस्पतिवार को बैरागी कैम्प में बने सैक्टर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में बनाए गए कोविड टेस्टिंग एरिया, ओपीडी, आईपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, डिस्पेंसरी, एमआई रूम आदि क्षेत्रों को सघन जायजा लिया और इस बाबत अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गौरतलब है कि कुम्भ के लिए विशेष तौर से तैयार किए गए 50 बेड वाले सैक्टर अस्पताल का संचालन एम्स ऋषिकेश द्वारा किया जा रहा है। इस बाबत जानकारी देते हुए निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि कुम्भ में किसी भी तरह की आपात स्थिति अथवा गंभीर किस्म के मरीजों के उपचार के लिए एम्स द्वारा एडवासं लाइफ सपोर्ट एएलएस और बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने बताया कि सैक्टर चिकित्सालय में एम्स द्वारा प्राथमिक चिकित्सा की सभी सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर गंभीर किस्म के रोगियों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाकर तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालुओं को हरसंभव स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए 24 घन्टे चिकित्सकों की टीमें लगाई गई गई हैं। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य है कि महाकुम्भ में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को मेडिकल सुविधा की कोई कमी नहीं हो।
मौके पर मौजूद एम्स के नोडल ऑफिसर सैक्टर चिकित्सालय डा. मधुर उनियाल ने बताया कि मुख्य स्नान पर्वों पर किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स में आईसीयू बेड और ऑपरेशन थिएटर रिजर्व रखे जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि एम्स में एहतियातन एक डिजास्टर वार्ड भी तैयार रखा गया है। इस अवसर पर संस्थान के डीन ऐकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता और डीन अस्पताल प्रशासन प्रोफेसर यूबी मिश्रा भी मौजूद थे।

नगर निगम ऋषिकेश में राज्य वित्त आयोग की धनराशि बढ़ाने को मेयर ने दिया ज्ञापन

नगर निगम क्षेत्रांतर्गत छोटे भवनों को कर मुक्त कराकर आम आदमी को राहत दिलाने के लिए मेयर ने अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में मेयर ने शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत से मुलाकात कर उन्हें इस बाबत एक ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा शहर के विकास में धन की कमी आड़े ना आए इसके लिए मेयर द्वारा नगर विकास मंत्री से राज्य वित्त आयोग से निगम की वित्तीय धनराशि बढ़ाने की मांग भी की।

मेयर अनिता ममगाई शहरी विकास मंत्री द्वारा देहरादून के नगर निगम सभागार में मेयरों के लिए आहूत बैठक में सम्मिलित हुई। जहां निगमों में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को दिए आदेश के लिए नगर विकास मंत्री का तमाम मेयरों सहित ऋषिकेश मेयर द्वारा आभार जताया गया। इससे पूर्व मेयर ने नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया कि कोरोनाकाल की वजह से मध्यम वर्गीय लोगों को भवन कर देने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसको देखते हुए 1000 स्क्वायर फीट से कम वाले भवनों को कर मुक्त किया जाना चाहिए। जिस पर नगर विकास मंत्री द्वारा नियम अनुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

इस दौरान ऋषिकेश नगर निगम की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए मेयर द्वारा राज्य वित्त आयोग से निगम के फंड को बढ़ाने की मांग भी की गई। इस पर भी नगर विकास मंत्री द्वारा जल्द ही ठोस कार्रवाई का आश्वासन मेयर को दिया गया।

जनता दर्शन हॉल में मुख्यमंत्री रावत ने सुनीं जनता की समस्याएं

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएम कैम्प कार्यालय परिसर स्थित जनता दर्शन हॉल में आम जनता की समस्याएं सुनीं और मौके से ही उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का यथा समय निस्तारण करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। जन समस्याओं को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

जनता दर्शन हॉल में मुख्यमंत्री ने आम जन से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने हर एक फरियादी को पूरा समय दिया और पूरे इत्मीनान से उनकी समस्याओं को सुना। यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कहा कि ऐसी कोशिश होने चाहिए कि लोगों को अपनी समस्या के निदान के लिए अनावश्यक चक्कर ना लगाने पड़ें। गांव से लेकर ब्लाक या जनपद स्तर पर ही शिकायतों का निस्तारण करने का प्रयास करें।

घनसाली विधायक के पैतृक गांव में आयोजित श्रीराम कथा में पहुंचे सीएम तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह के पैतृक गांव हुलानाखाल में आयोजित श्री राम कथा आनंद महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शक्तिलाल शाह के स्वर्गीय माता-पिता की आत्मा के लिए शांति की ईश्वर से कामना की।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक द्वारा सौंपे गए 26 सूत्रीय मांग पत्र पर कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दे जिनमें क्षेत्र में सिंचाई, नहरों के निर्माण को प्रमुखता से किये जाने के साथ ही सड़क, विद्युत व पेयजल की मांगे भी पूरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने व्यास पीठ द्वारा संचालित श्री राम कथा आनंद महोत्सव में उपस्थित क्षेत्रीय जनता को संबोधित करते हुए हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र घनसाली आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जरूर है लेकिन यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता को भी अपने अंदर समेटे हुए है। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्रीय जनता की कुशलता हेतु शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक धन सिंह नेगी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी तृप्ति भट्ट आदि उपस्थित रहे।

नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग को डेढ़ लेन करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज सड़क को डेढ़ लेन करने की मांग कर रहे नंदप्रयाग घाट क्षेत्र के ग्रामीणों की मुराद पूरी कर दी है। इस सड़क के चैड़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने आज घोषणा कर दी है। इसके लिए संबंधित विभाग को निर्देश भी जारी हो गए हैं। पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री ने यह एक अहम फैसला लिया है, जिसकी मांग के लिए स्थानीय ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे।

जनपद चमोली के नंद्रप्रयाग घाट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करीब 70 गांवों के ग्रामीण अपने विकास खंड की सड़क को डेढ़ लेन करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। सड़क से हजारों लोगों के हित जुड़े हैं।

क्षेत्र की इस मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक मुन्नी देवी शाह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बातया कि सिंगल लेन सड़क होने के कारण नंदप्रयाग घाट क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि संकरे मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है।

क्षेत्र की समस्या पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने समस्या का समाधान कर दिया है। उन्होंने थराली विधान सभा के अंतर्गत आने वाले नंदप्रयाग से घाट बाजार तक की सड़क को डेढ लेन करने की घोषणा कर दी है। इसके लिए वित्त व नियोजन से लेकर लोक निर्माण विभाग को भी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये जनता सबसे बढ़कर है। जो जनता चाहेगी और जो जनता के हित में होगा वह किया जाएगा। जनहित में हर मुमकिन काम किया जाएगा।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख घाट भारती देवी फरस्वाण, जिला पंचायत सदस्य बूरा वार्ड 25 नन्दिता रावत, मण्डल अध्यक्ष घाट खिलाप सिंह नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख घाट अब्बल सिंह कठैत, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन सिंह फरस्वाण, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश रावत तथा कर्नल हरेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।

सीएम ने कुंभ एवं पूर्णगिरी मेले को लेकर मातृशक्ति को दी शानदार सौगात


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सूबे की मातृशक्ति को एक शानदार सौगात दी है। कुंभ के मुख्य पर्व दिवसों पर यहां महिलाओं को उत्तराखंड परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। मातृशक्ति के सम्मान की दिशा में मुख्यमंत्री का यहा कदम बेहद अहम है।

इन दिनों देवभूमि की धर्मनगरी में महाकुंभ की धूम है। बड़ी तादाद में देश विदेश के श्रद्धालू यहां पुण्य लाभ के लिए पहुंच रहे हैं। संतों के अखाड़ों का वैभव यहां की रौनक बढ़ा रहे हैं। सरकार के बेहतर प्रबंधन में संचालित हो रहे इस भव्य आयोजन में गंगा मैया के जयकारों व मंत्रोच्चार से धर्मनगरी गुंजायमान हो रही है। कुंभ का विशेष महत्व होता है। इस दौरान यहां बड़ी तादाद में श्रद्धालू स्नान के लिए पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर हरिद्वार आने वाली महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में आवाजाही की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूर्णागिरी में आने वाली महिलाओं को भी बसों में आवाजाही की निशुल्क सेवा उपलब्ध रहेगी।