चेतावनी रेखा 339.50 मीटर के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर, तटीय इलाकों में अलर्ट


ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने की वजह से गंगा का जलस्तर रात्रि में ओर भी बढ़ने की आशंका है। इसको देखते हुए प्रशासन और पुलिस सकते में आ गई है और पुलिस ने गंगा नदी से सटे इलाकों को खाली करवा दिया है। वहीं, गंगा घाटों को भी पूरी तरह से खाली किया जा रहा है।

इस समय गंगा का जलस्तर नापने पर वह चेतावनी रेखा से आधा मीटर नीचे पाया गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से करीब आधा मीटर नीचे है। आयोग ने गंगा का जलस्तर रात्रि में बंढ़ने की आशंका जताई है। ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट का आरती स्थल पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।

ऋषिकेशः एक माह के भीतर निराश्रित गौवंश को कृष्णायन गौरक्षाशाला भेजने की व्यवस्था होगी

नमामि गंगे कार्यों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में गठित जिला गंगा सुरक्षा समिति की पाक्षिक वर्चुअल बैठक आज संपन्न हुई। बैठक में समिति के नामित सदस्य पर्यावरण विद विनोद जुगलान ने ग्राम सभा खदरी खड़क माफ व आसपास के गांवों में एक दाँत हाथी की आमद का मुद्दा रखा। उन्होंने समस्या के निदान के लिए वीरभद्र वन बीट कक्ष संख्या दो डी में लक्कड़ घाट के समीप सौर ऊर्जा बाड़ फौरी तौर पर कराने का सुझाव दिया।

उपप्रभागीय वनाधिकारी बीबी मर्तोलिया ने बताया कि सुझाव को वरीयता के आधार ले लिया गया है। जुगलान ने जिलाधिकारी देहरादून से कहा कि आजकल निरन्तर हर रात श्यामपुर क्षेत्र में एक जंगली हाथी स्वतंत्र रूप से घूम रहा है जिससे फसलों के नुकसान कम और आवासीय क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हो रहा है वन विभाग की ओर से भी लगातार गश्त जारी है। अगर लक्कड़ घाट के समीप डेढ़ किमी सौर ऊर्जा बाड़ करने से गाँव में शाम ढलते हाथी की आमद को स्थाई तौर पर रोका जा सकता है।

इसके अतिरिक्त सदस्य द्वारा पिछली बैठक में उठाये गये मुद्दों पर जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष श्रीवास्तव ने स्वयं संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। जिसमें सर्वहारा नगर में लम्बित पड़ी एसटीपी लाईन बिछाने, संजय झील के अंतर्गत सौंदर्यीकरण निर्माण करने, स्मृतिवन ऋषिकेश में शौचालय निर्माण की व्यवस्था करने, लक्कड़ घाट स्थित 26 एमएलडी एसटीपी के निकट खाली पड़े तालाबों में साहसिक खेल केंद व मत्स्य पालन केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्यों की वर्तमान स्थिति सहित ऋषिकेश क्षेत्र में डेंगू नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयास शामिल हैं। अठुर भागीरथी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित स्मृतिवन के संरक्षक विनोद जुगलान द्वारा स्मृतिवन ऋषिकेश में नौ ग्रह वाटिका की स्थापना को लेकर डीएम देहरादून ने वन विभाग को वाटिका की स्थापना के निर्देश दिए। प्रभारी वनाधिकारी राजीव धीमान ने आस्वस्त किया कि शीघ्र ही नौ ग्रह वाटिका की स्थापना स्मृतिवन में की जाएगी। सौंग नदी में बाढ़ नियंत्रण को लेकर डीएम देहरादून अतिसंवेदनशील दिखे उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यो में अधिकारी प्रो एक्टिव होकर काम करें।इस सन्दर्भ में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश चंद्र उनियाल ने बताया कि समिति के सदस्यों सहित विभागीय टीम सौंग नदी में किये जा रहे कार्यों का लगातार निरीक्षण कर रही है।इस सप्ताह के अंदर बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा।

नगर आयुक्त ऋषिकेश नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने जिलाधिकारी को बताया कि कांजी हाउस की गुमानी वाला स्थित तीन बीघा जमीन में जिला पंचायत की ओर से सुरक्षा चहारदीवारी पहले ही करा दी गयी है। जिस पर काँजी हाउस का निर्माण किया जाना है। डीएम देहरादून ने अगली में जिला पंचायत के एएमओ को भी बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम ऋषिकेश की ओर से सदन को बताया गया कि कृष्णायन गौ रक्षा शाला के परमाध्यक्ष से निराश्रित पशुओं की देख रेख के प्रबन्ध पर वार्ता हो चुकी है। एक माह के अंदर ऋषिकेश क्षेत्र के निराश्रित गायों और गौ वंश को कृष्णायन गौ रक्षाशाला भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

राइफलमैन जसवंत सिंह कोविड सेंटर में ब्लैक फंगस का इलाज भी मिलेगा


आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह कोविड केयर सेंटर में अब म्यूकर माइकोसिस के मरीजों का उपचार भी किया जाएगा। सेंटर में पहुंचने वाले म्यूकर ग्रसित रोगियों की भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है।
एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित राइफलमैन जसवंत सिंह एमवीसी कोविड केयर सेंटर में म्यूकर माइकोसिस के मरीजों का इलाज भी शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि अभी तक यहां केवल कोरोना संक्रमित मरीजों को ही भर्ती किए जाने की सुविधा थी। विशेषरूप से कोविड मरीजों के उपचार के लिए तैयार किए गए 500 बेड की सुविधा वाले इस कोविड केयर सेंटर का उद्घाटन बीते माह 26 मई को सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जी द्वारा किया गया था।

एम्स निदेशक रविकांत ने इस बाबत बताया कि म्यूकर माइकोसिस के मरीजों का इलाज करने के लिए एम्स में उच्च अनुभवी चिकित्सकों की टीम और पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं। महामारी को देखते हुए संस्थान तथा आईडीपीएल स्थित राइफलमैन जसवंत सिंह कोविड केयर सेंटर में कोविड और म्यूकर माइकोसिस के मरीजों का उपचार करना एम्स की पहली प्राथमिकता है। जिसके तहत एम्स के कुशल चिकित्सकों की टीम 24 घंटे मरीजों की सेवा में जुटी है।
इस बाबत जानकारी देते हुए राइफलमैन जसवंत सिंह कोविड केयर सेंटर के प्रभारी और एम्स के ट्राॅमा सर्जन डाॅ. मधुर उनियाल ने बताया कि म्यूकर माइकोसिस के रोगियों को कोविड केयर सेंटर की इमरजेंसी के माध्यम से तत्काल भर्ती किए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सेंटर में भर्ती प्रक्रिया के लिए मरीजों को एम्स पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी मरीज के उपचार में मेजर ओटी की आवश्यकता हुई, तो उसे एम्स तक पहुंचाने के लिए सेंटर पर 24 घंटे एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। जो कि सभी मरीजों के लिए निःशुल्क है।
डाॅ. उनियाल ने बताया कि सेंटर में मरीजों के लिए इलाज, भोजन, तमाम तरह के परीक्षण, दवा और एम्बुलेंस आदि सुविधाएं पूरे तौर से निःशुल्क रखी गई हैं। मरीज के तीमारदार सांय 6 से 8 बजे तक रैबार’ डेस्क के माध्यम से अपने मरीज के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अस्पताल में मेडिकल सुविधाओं से संबंधित पूछताछ हेतु 76690 62536 और 76690 62537 टेलीफोन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

ग्रामीणों ने जयेंद्र रमोला को किया सम्मानित, फागिंग कार्य शुरू करवाने से हुए उत्साहित

ग्रामसभा गुमानीवाला और भट्टोवाला में पिछले 16 दिनों से लगातार फागिंग अभियान शुरू करवाने पर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। अभियान की शुरूआत करने वाले एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला की ग्रामीणों ने खुले मन से प्रशंसा की है। आज ग्रामीणों ने जयेंद्र रमोला को माला पहनाकर उनका आभार प्रकट किया।

मौके पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि वह अमृतुल्य ग्रुप के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूँ कि वे लोग चुने जनप्रतिनिंधि न होने के बावजूद आगे बढ़कर अपने गाँव के विषय में सोचा। बताया कि वह पिछले वर्ष से ही बरसात शुरू होने से पहले ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में फोंगिग के लिये कार्य कर रहे हैं। क्योंकि ऋषिकेश विधानसभा में डेंगू के मच्छरों का प्रकोप पिछले कुछ वर्षों से बहुत अधिक रहा है उसको देखते हुऐ हमारे द्वारा गठित कांग्रेस कंट्रोल रूम के माध्यम से मुफ्त में फोगिंग की व्यवस्था की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।

अमृतुल्य ग्रुप के अध्यक्ष रमेश भट्ट ने कहा कि हमारी ग्रामसभा का अधिकतर हिस्सा जंगल से सटा है जिसके कारण मच्छरों व कीट पंतगों का प्रकोप बरसात में अधिक होने लगता है जिस कारण हमारे ग्रुप ने फोंगिग करवाने के लिये जयेन्द्र रमोला से आग्रह किया और उनके माध्यम से हमने यह कार्य पिछले सोलह दिनों में पूर्ण करवाया।

पूर्व प्रधान सतीश रावत ने कहा कि हमारा ग्रुप व हमारी ग्रामसभा के सभा सदस्य जयेन्द्र रमोला का आभार व्यक्त करते हैं और हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी जनहित के कार्यों के लिये वह हमारी मदद करते रहेंगे।

आभार स्वागत कार्यक्रम में अमृतुल्य ग्रुप के सदस्य अरुण बिष्ट, देवेन्द्र बैलवाल, विनोद पोखरियाल, राजेन्द्र रावत, हीरा सिलस्वाल, चन्द्रमोहन पोखरियाल, दिनेश गुसाँई, धर्मेंद्र, विनोद भट्ट, संदीप राणा, बलदेव झाबा, रणबीर राणा, अभय आदि उपस्थित थे।

‘आप’ ने चलाया उत्तराखंड सरकार के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम, 100 दिन के कार्यकाल पर किया कटाक्ष

मुख्यमंत्री के तौर पर तीरथ सिंह रावत के 100 दिन पूरे होने पर आम आदमी पार्टी ने कटाक्ष किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए इस कार्यकाल को निराशाजनक बताया।

संगठन मंत्री दिनेश असवाल के नेतृत्व में एकत्र हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने नेपाली फार्म तिराहे पर राज्य सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदशर्नकारियों ने कहा कि अनेकों गंभीर मुद्दों पर सरकार के मुखिया की जिस प्रकार जबान लड़खड़ाई है कुछ वही झलक सरकार के निर्णयों में भी दिखाई दे रही है। भाजपा ने प्रदेश में मुख्यमंत्री का मुखौटा बदलकर जनता को गुमराह करने की जो चाल चली है उसे प्रदेश की आवाम समझ चुकी है। तीरथ रावत सरकार के सौ दिन पर पार्टी के जिला मिडिया प्रभारी डा राजे सिंह नेगी ने कहा कि प्रचंड बहुमत के बाद भी मुख्यमंत्री को बदलना राज्य के लिए चिंता का विषय है। अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा ने मुख्यमंत्री का मुखौटा बदल दिया।

अब तीरथ सरकार की सौ दिन की गाथा ऐसे गाई जा रही है जैसे नया जनादेश मिला हो। तीरथ सरकार की बड़ी उपलब्धि राज्य की महंगाई दर को राष्ट्रीय महंगाई दर से भी आगे ले जाना है। प्रदशर्नकारियों में अमित बिश्नोई, धनपाल रावत, चंद्रमोहन भट्ट, नरेंद्र सिंह, सेम डिसूजा, सुनील कुमार, उत्तम सिंह पंवार, गणेश बिजल्वाण, दिनेश कुलियाल, विनायक गिरी, विक्रांत भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

डोईवाला में विश्राम के बाद शनिवार को सीएम आवास पहुंचेगे परिवहन व्यवसायी


उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने चारधाम यात्रा शुरू करवाने और टैक्स में राहन देने के अलावा वाहन स्वामी, चालक व परिचालकों की समस्याओं को लेकर सीएम आवास के लिए पदयात्रा आज से शुरू की। सभी व्यवसायी एक साथ सीएम आवास के लिए पैदल ऋषिकेश से निकले, शाम होने तक पदयात्रा डोईवाला गुरूद्वारा पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को पदयात्रा सीएम आवास के लिए प्रस्थान करेगी।

महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोरेाना महामारी के चलते परिवहन व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो चुका है। मगर, सरकार ने अभी तक परिवहन व्यवसायियों की सुध नहीं ली है। चार धाम की यात्रा न संचालित होने से परिवहन व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति तक डगमगा गई है। इसके बावजूद यात्रा पर प्रतिबंध सरकार द्वारा लगाया हुआ है। उन्होंने बताया कि आज पदयात्रा डोईवाला तक पहुंच सकी है। यहां गुरूद्वारे में रात्रि विश्राम के बाद महासंघ सदस्य शनिवार को सीएम आवास पहुंचेगे और वहां सीएम तीरथ सिंह को यात्रा शुरू करने, दो वर्ष का टैक्स छोड़ने, वाहनों की आयु सीमा बढ़ाने सहित अन्य मांगों पर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

पदयात्रा में टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, संचालक बलवीर सिंह रौतेला, यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ के उपाध्यक्ष नवीन चंद रमोला, संयुक्त रोटेशन के प्रभारी मदन कोठारी, ऋषिकेश डीलक्स टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत डंग, जीप कमांडर यूनियन अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, ललित सक्सेना, चंदन सिंह पंवार, दाताराम रतूड़ी, प्यार सिंह गुनसोला, मनोज आर्य, योगेश उनियाल, नवीन तिवारी, राम सिंह फरस्वान, नवीन चंद रमोला, बलवीर सिंह रौतेला, मेघ सिंह चैहान, आशुतोष शर्मा आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की जनपद बागेश्वर व अल्मोड़ा जनपदो के लिये की गई घोषणाओं की समीक्षा


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद बागेश्वर एवं अल्मोड़ा जनपदों के लिये मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणा के तहत अपूर्ण योजनाओं से सम्बन्धित डीपीआर 15 जुलाई तक तैयार कर दी जाय। इसके लिये सचिव एवं विभागाध्यक्ष आपसी समन्वय से योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करे योजनायें समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो यह विभागीय प्रमुखों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बहाने बाजी नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घोषित योजनायें जब धरातल पर दिखाई दे तभी वह पूर्ण मानी जाय इसमें कार्यवाही गतिमान जैसे शब्दो का उल्लेख किये जाने के बजाय वास्तविक स्थिति का उल्लेख होना चाहिए।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कहा कि सड़को, पुलो, पेयजल सिंचाई की योजनाओं, स्कूल व अन्य भवनों के निर्माण, खेल मैदानों पार्किंग स्थलांे के विकास आदि से सम्बन्धित योजनाओं के लम्बित प्रस्तावों की डीपीआर 15 जुलाई तक हर हालात में तैयार की जाय ताकि उनके लिये धनराशि की स्वीकृति के साथ टेण्डर प्रक्रिया भी अविलम्ब प्रारम्भ की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में धनराशि की कमी नही होने दी जायेगा।

उन्होंने सल्ट विधानसभा क्षेत्र की पंपिंग पेयजल योजना तथा अल्मोड़ा की खत्याड़ी ग्राम सभा समूह पेयजल योजना के प्रस्ताव अविलम्ब जल जीवन मिशन के तहत प्रेषित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड ताकुला जाने वाले मार्ग के निर्माण के लिये वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग से आपसी विचार विमर्श के बाद इस सम्बन्ध में दो सप्ताह में निर्णय लेने को कहा ताकि सड़क का निर्माण शीघ्र हो सके।

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में निर्मित होने वाली सड़को व पुलो के निर्माण में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के अभी टेण्डर नही हुए हैं उनके शीघ्र टेण्डर कर लिये जाये ताकि बरसात के तुरन्त बाद उनपर कार्य आरम्भ किया जा सके।

बैठक में बताया गया है कि विधानसभा क्षेत्र कपकोट के लिये कुल 37 घोषणाये की गई हैं जिनमें से 20 पूर्ण हो चुकी है शेष पर कार्यवाही गतिमान है। इसी प्रकार बागेश्वर के लिये 29 घोषणाओं में 19 पूर्ण हो चुकी है। अल्मोड़ा अन्तर्गत 32 घोषणाओं में 16, सल्ट के लिये की गई 76 घोषणाओं में से 49, द्वारहाट की 16 में से 15 तथा सोमेश्वर की 74 में 37 घोषणाये पूर्ण हो चुकी है तथा शेष में कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघन सिंह, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनन्द वर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, आर मीनाक्षी सुन्दरम, एस.ए.मुरूगेशन, डाॅ. रणजीत सिन्हा आदि उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह चैहान, विधायक श्री चन्दन रामदास, श्री महेश जीना आदि के साथ ही जिलाधिकारी अल्मोड़ा व बागेश्वर उपस्थित रहे।

केंटोनमेंट जनरल अस्पताल का सीएम तीरथ सिंह ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने छावनी परिषद् गढ़ी कैन्ट में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्निर्मित केन्टोनमेंट जनरल हॉस्पिटल का शुभारम्भ किया। इस हॉस्पिटल में 150 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था है। जिसमें 10 बेड में आईसीयू एवं 11 वेंटिलेटर की व्यवस्था भी है। इस अस्पताल का पुनर्निर्माण मात्र 45 दिन में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छावनी परिषद द्वारा बहुत कम समय में आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल का पुनर्निर्माण किया गया, इसके लिए उन्होंने छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एसएन सिंह एवं सीईओ तनु जैन का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी संभावित लहर के दृष्टिगत राज्य में सभी तैयारियां की गई है। राज्य में ऑक्सीजन बैड, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था है। जिला अस्पतालों के अलावा सीएचसी स्तर तक भी ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। डीआरडीओ के सहयोग से ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में आधुनिक कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि छावनी परिषद में इस अस्पताल के पुनर्निर्माण से मरीजों को ईलाज के लिए अन्यत्र नहीं भटकना पड़ेगा। पिछले कुछ समय में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है। देहरादून में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की संख्या में काफी वृद्धि की गई है।

इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरवंश कपूर, छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एस.एन सिंह, सीईओ तनु जैन, महन्त कृष्ण गिरी, महन्त भरत गिरी आदि उपस्थित थे।

‘सेवा समर्पण और विश्वास के 100 दिन’ विकास पुस्तिका का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संक्षिप्त व सादगीपूर्ण कार्यक्रम में ‘सेवा, समर्पण और विश्वास के 100 दिन’ विकास पुस्तिका का विमोचन किया। पुस्तिका का प्रकाशन सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा किया गया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरबंस कपूर, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चैहान, उमेश शर्मा काउ, खजानदास, सहदेव सिंह पुंडीर, राजकुमार ठुकराल, रामसिंह कैड़ा, विनोद कण्डारी, सूचना महानिदेशक रणबीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर निदेशक डा. अनिल चंदोला ने किया।

विकास पुस्तिका के विमोचन से पूर्व दो मिनिट का मौन रख कर 2013 की केदारनाथ आपदा व केाविड में प्राण गंवाने वाले लेागों को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि पिछले 100 दिन में सरकार ने कोविड से सफलतापूर्वक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिन में ही वे स्वयं कोविड संक्रमित हो गए। इस पर गाईडलाईन का पूरी तरह से पालन करते हुए उन्हें एक कक्ष में ही कई दिनों तक रहना पड़ा। परंतु इस अवधि में भी उन्होंने अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग कीं। दूर दराज के क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण के लिए वर्चुअल चैपालों का आयेाजन किया। इनमें वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए लोगों की समस्याओं को सुना और उनका निदान करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। बड़ी संख्या में लोगों की शिकायतों को दूर किया गया। जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने मौके पर ही जनता की समस्याओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे गांव की मिट्टी से जुड़े हैं और ग्रामीणों व आम जन के दुख दर्द को भली भांति जानते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से विकास प्राधिकरणों को हटाया ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में परेशान न होना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास की रणनीति बना रहे थे तो कोविड की दूसरी लहर पूरे देश में आ गई। किसी को पता नहीं था कि कोविड की दूसरी लहर इस तरह का रूप लेगी। परंतु जल्द ही हमने स्थिति को पूरी तरह से सम्भाल लिया। पिछले लगभग तीन माह में हमने आईसीयू बेड, आक्सीजन बेड, वेंटिलेटर आदि की संख्या कई गुना तक बढ़ा दी। प्रत्येक जिला अस्पताल में आक्सीजन प्लांट स्थापित किए। सीएससी तक भी आक्सीजन प्लांट लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के निर्देशों पर डीआरडीओ ने ऋषिकेश में 500 बेड का कोविड अस्पताल 14 दिन में तैयार कर दिया जबकि हल्द्वानी में 21 दिन में तैयार कर दिया। हमने राज्य में काफी तैयारी कर ली हैं। हम केाविड की तीसरी लहर के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों की आजीविका पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़ी है। केाविड के प्रभाव से पर्यटन व्यवसायियों को हुए नुकसान की भरपायी के लिये उन्हें 5 हजार रूपये की एकमुस्त आर्थिक सहायता दिये जाने का निर्णय लिया है। इससे लगभग 50 हजार पर्यटन उद्योग भी लाभान्वित होंगे। यही नहीं पर्यटन सेक्टर से जुड़े टूर ऑपरेटरों, एडवेंचर टूर ऑपरेटरों और राफ्टिंग गाइडों को भी 10-10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दिये जाने का निर्णय लिया है। पर्यटन स्वरोजगार के लाभार्थियों को ब्याज में छूट के साथ ही लाइसेंस फीस को माफ करने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने 18-44 वर्ष वालों को निशुल्क टीकाकरण और गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 45 से अधिक उम्र वालों में लगभग 65 फीसदी का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। कोविड को देखते हुए प्रदेश में हम विशेष खाद्यान्न सहायता दे रहे हैं। साढ़े सात किलो प्रति राशन कार्ड खाद्यान्न मिलता था जिसको बढ़ाकर बीस किलो प्रतिमाह कर दिया है। आपदा में पहली बार चीनी उपलब्ध कराई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री और अनेक केंद्रीय मंत्रियों से भेंट कर राज्य के विकास पर विचार विमर्श किया। उन्हें राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष आस्था है। कहा कि उत्तराखण्ड को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिल्ली दौरे में हम पूरी तैयारी से गए। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से भेंट के दौरान मंत्रालयों के और राज्य के अधिकारी भी साथ बैठते थे। इससे मौके पर ही उत्तराखण्ड के हित में बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हर मंत्रालय ने कुछ न कुछ दिया ही है।

आईडीपीएल, ऋषिकेश को स्पेशल टूरिज्म जोन के रूप में विकसित किए जाने की योजना को स्वीकृति दी गई है। दिल्ली-रामनगर कार्बेट इको ट्रेन चलाने की सैद्धांतिक सहमति के साथ ही, टनकपुर-बागेश्वर और डोइवाला से गंगोत्री-यमनोत्री के रेललाइन के सर्वे की भी सहमति दी गई है। हरिद्वार में हेलीपैड बनाने के लिए बीएचईएल द्वारा 4 एकड़ भूमि राज्य सरकार को दिये जाने की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। कुमायूं में एम्स के लिए भी केंद्र सरकार से अनुरोध किया है।

पीटीसी नरेंद्र नगर से 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पास किया प्रशिक्षण, उत्तराखंड पुलिस में हुए शामिल

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीटीसी नरेन्द्र नगर में पुलिस उपाधीक्षक आधारभूत प्रशिक्षण दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणरत पुलिस उपाधीक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री द्वारा जिन पुलिस उपाधीक्षकों को सम्मानित किया गया उनमें रीना राठोर, नताशा सिंह, अभिनय चैधरी, स्वप्निल मुयाल, सुमित पाण्डे शामिल हुए। इस बार 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पीटीसी नरेन्द्र नगर से अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पी.टी.सी में आडिटोरियम का निर्माण किया जायेगा। साइबर क्राइम को रोकने हेतु कोर्सेज शुरू किये जायेंगे। पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण भत्ता दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रशिक्षण के उपरांत पास आउट होने वाले सभी पुलिस उपाधीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी विशेष उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दी जाने वाली शिक्षा ही प्रशिक्षण है। प्रशिक्षण कोई एक दिन में पूर्ण होने वाला वन टाइम टास्क नहीं है, अपितु उसके अनुरूप खुद को बदलना पड़ता है। प्रशिक्षण ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम अपने पेशेवर कार्यों को तेजी व दक्षता से करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि पी.टी.सी प्रशिक्षुओं को कानूनों की जानकारी के अलावा शस्त्र संचालन आदि अनेक प्रकार के जरूरी कौशल का प्रशिक्षण भी दिया गया होगा, परंतु क्षमताओं का वास्तविक आकलन तो तभी होगा जब हम अपने सीखे हुए ज्ञान एवं कौशल को अपने व्यवहारिक जीवन सही व सहज तरीके से प्रयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की कई विविधताएं हैं, कठिन भौगोलिक परिस्थिति एक सबसे बड़ी चुनौती है जहां – बाढ़, बादल फटना, भू-स्खलन, भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं का यदा-कदा सामना करना पड़ता है, ऐसे में हमारी राज्य पुलिस की भूमिका अन्य राज्यों की तुलना में और भी चुनौतीपूर्ण होजाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्यटक एवं धार्मिक स्थल बहुल राज्य है, यहां बाहर से प्रतिवर्ष उसकी कुल आबादी दोगुने से भी अधिक पर्यटक एवं श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन उद्योग राज्य की आय का प्रमुख स्रोत भी है, ऐसे में राज्य पुलिस की भूमिका अत्यन्त ही महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस को न केवल पर्यटकों के आवागमन को सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभानी है, अपितु पर्यटकों को सुरक्षित भी महसूस करवाना होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में साईबर एवं डिजिटल तकनीकी के माध्यम से होने वाले आर्थिक अपराधों, साईबर अपराधों एवं सामाजिक अपराधों से निपटना पुलिस के लिए प्रमुख चुनौती है। इसको भी ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधों से निपटने की भी जानकारी उन्हें दी गई होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पुलिस अन्य अपराधों के अलावा साइबर और संगठित अपराधों पर रोक लगाकर राज्य में चैतरफा सुरक्षा का माहौल तैयार करेंगे। कोरोना संकट के इस दौर में उत्तराखण्ड पुलिस ने कई नई-नई चुनौतियों का सामना किया है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस के सामने अनैक चुनौतियां हैं। पुलिस को नई-नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह कठिन प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस में जन सेवक के गुण होने बहुत जरूरी हैं। हमारा मकसद पीड़ित केन्द्रित होना चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि समाज के ऐसे लोगों को न्याय दिलाया जाए जो सुविधाओं से वंचित हैं। पुलिस के पास यूनिफार्म के साथ ही कानूनी अधिकार भी है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, अपर पुलिस महानिदेशक, डॉ. पीवीके प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण पूरन सिंह रावत, निदेशक पी०टी०सी० राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी टिहरी तृप्ति भट्ट आदि उपस्थित थे।