पूर्व पीएम व भारत रत्न अटल बिहारी को सीएम ने किया याद, दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। कहा कि भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप मे मनाया जा रहा है। श्रद्धेय वाजपेयी जी ने ही दशकों से चले आ रहे उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के संघर्ष का सम्मान करते हुए अलग राज्य का सपना साकार किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति पर चलते हुए सुशासन के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन के लिए ईमानदारी से किये गये हमारे प्रयासों से शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है।

सी.एम. हैल्पलाईन ’1905’ में अभी तक 35 हजार से अधिक शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का 24 घण्टे लेकर एक सप्ताह के भीतर समाधान किया जा चुका है। विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी की सीधी जिम्मेवारी तय की गई है। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने तक शिकायत का निस्तारण नहीं माना जाता है।

सेवा का अधिकार के अंतर्गत वर्ष 2017 तक केवल 10 विभागों की 94 सेवाएं आती थी, जिन्हें कि हमने ने बढ़ाकर 27 विभागों की 243 सेवाएं किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफर एक्ट बनाते हुए इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है । ई-कैबिनेट का उद्देश्य समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करना, पेपर लेस व्यवस्था को प्रोत्साहित करना और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखना है।

ई-ऑफिस के जरिए फाइलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी। ई-ऑफिस हेतु सचिवालय के अंतर्गत 54 विभागों के 828 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा 140 अनुभागों में ई-ऑफिस शुरू किया जा चुका है। 3773 फाइलें ई-आफिस के माध्यम से बना दी गई है।

सचिवालय के साथ ही 27 विभाग, ई-आफिस प्रणाली के अन्तर्गत आ चुके हैं। देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर व ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली शुरू हो चुकी है। राज्य के हर न्याय पंचायत से ई-पंचायत सेवा उपलब्ध कराने वाला उत्तराखण्ड देश का तीसरा राज्य है।

मुख्य नगर आयुक्त ऋषिकेश को मिलेगा मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार

उत्तराखंड शासन के द्वारा सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को हर वर्ष मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार दिया जाता है। शासन ने 2019 20 के लिए ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को चयनित किया है। चयन समिति ने दो श्रेणियों में अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन किया है। चयन समिति ने ऋषिकेश नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल को उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए चुना गया है। मुख्य नगर आयुक्त का मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार के लिए चयन होने पर निसंदेह नगर निगम ऋषिकेश का कद बढ़ा है, जिसका लाभ आने वाले समय में नगर निगम को मिलेगा।

ऋषिकेश नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त का चयन होने पर नगर निगम प्रशासन ने खुशी जाहिर की है। गौरतलब है कि मुख्य नगर आयुक्त का दायित्व संभाल रहे नरेंद्र सिंह क्वींरियाल उत्तराखंड शासन के सीनियर अधिकारी हैं। उन्हें तहसील स्तर से लेकर पर्यटन एवं स्थानीय निकाय का अच्छा अनुभव है। उनकी गिनती एक स्वच्छ और ईमानदार अधिकारी के रूप में की जाती है। उनके नगर आयुक्त बनने के बाद ऋषिकेश नगर निगम के द्वारा कई सराहनीय कार्य भी किए गए हैं। वही विगत कई वर्षों से चली आ रही समस्याओं का भी उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर निराकरण किया है। शासन के सूत्रों की माने तो उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर उनका समिति ने चयन किया है। स्थानीय स्तर पर लोगों का मानना है कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारी को समय-समय पर सम्मानित किया जाना जरूरी होता है। इससे ना केवल अधिकारी का मनोबल बढ़ता है बल्कि अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छा कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।

अपने छोटे बच्चों का सर्दियों में ऐसे रखें विशेष ख्याल

सर्दियों में छोटे बच्चों का विशेष खयाल रखने की जरूरत है। खासतौर से इस वर्ष कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सर्दियों के दौरान बरती गई लापरवाही उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इस बाबत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सर्दियों में बच्चों की देखभाल व खानपान को लेकर आवश्यक सुझाव दिए हैं।

सर्दियां आने पर हवा में ठिठुरन पैदा हो जाती है। मौसम में ठंडक अधिक बढ़ने से माता-पिता अक्सर अपने छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित रहते हैं। वैसे भी सर्दियों में, बच्चों और बूढ़े लोगों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इस मौसम में बच्चे बीमार भी ज्यादा होते हैं। सर्दी का यह मौसम और भी हानिकारक हो सकता है, वजह कोविडकाल में यदि हम हाथों की सफाई की ओर ठीक प्रकार से ध्यान नहीं दे पाते हैं, तो कोरोना वायरस हाथों से नाक और मुहं के जरिए भी शरीर में सीधे प्रवेश कर सकता है। लिहाजा ऐसी स्थिति में हम कोविड संक्रमण के जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने कहा कि यह एक आम मिथक है कि ठंड का मौसम सर्दी लगने का कारण बनता है, लेकिन ऐसा नहीं है। फ्लू और जुकाम की शिकायत मुख्यतौर से वायरस के कारण होती है। इन रोगों के रोगाणुओं के प्रसार को कम करने के लिए नियमितरूप से हाथ धोने से फ्लू को रोका जा सकता है। बच्चों को छींकते और खांसते समय शिष्टाचार भी सिखाना उतना ही जरूरी है, जितना उन्हें हाथों और मुहं की स्वच्छता के प्रति जागरुक रखना होता है। छींकते और खांसते समय कोहनी मोड़कर मुहं को ढका जा सकता है। ऐसे में किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए इस मौसम में मास्क का उपयोग भी बेहद जरूरी है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि हाथ या मुहं की साफ-सफाई नहीं रखने पर कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है। बच्चों के हाथ यदि गंदे रहेंगे तो फिर जो कुछ भी वह छूते हैं, उनसे बीमारियों के कीटाणु फैलना शुरू हो जाते हैं, यह स्थिति कोरोना संक्रमण को देखते हुए खतरनाक साबित हो सकती है।

संस्थान के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. एनके बट्ट जी ने बताया कि अभिभावकों को सबसे पहले सर्दियों में अपने बच्चों को गर्म कपड़ों को पहनाना सुनिश्चित करना चाहिए। मौसम के अनुसार उपयोग में लाए गए गर्म वस्त्र आपके बच्चों को गर्म, आरामदायक व सर्दी के दुष्प्रभावों से महफूज रखेंगे। उन्होंने बताया कि शीतकाल में बच्चों के लिए सर्दी से सुरक्षा के मद्देनजर उपयुक्त वस्त्रों का चुनाव भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बच्चों के कपड़ों खासतौर से सर्दियों में अधिकांशतरू उपयोग में लाए जाने वाले गर्म वस्त्रों ऊनी वस्त्र स्वैटर, जैकेट आदि की नियमितरूप से साफ सफाई की ओर ध्यान देना चाहिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है। इस वजह से भी जरुरी है कि इन वस्त्रों में धूल के साथ कीटाणु भी चिपक जाते हैं। लिहाजा समय समय पर उनकी धुलाई की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों के लिए व्यायाम भी लाभकारी है, व्यायाम हमारे शरीर की स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली में योगदान देता है। इसके अलावा यदि मौसम साफ होने से अच्छी धूप निकली है तो अपने बच्चों को बाहर धूप में अवश्य ले जाएं। सूर्य के ताप से हमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन- डी मिलती है। धूप विटामिन- डी का सबसे अच्छा स्रोत है। सर्दियों में बच्चों पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. बट्ट ने बताया कि सर्दियों के दौरान त्वचा अक्सर शुष्क हो जाती है, इससे बच्चों के होंठ और गाल सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इससे बचाव के लिए पेट्रोलियम जैली (वैसलीन) का उपयोग करना लाभकारी होता है। उनका सुझाव यह भी है कि पर्याप्त मात्रा में पानी के सेवन से अपने बच्चे को हाइड्रेट करना न भूलें। यदि आपका बच्चा पानी कम मात्रा में लेता है, तो उसे गर्म पेय पदार्थ दिया जा सकता है।

विभाग के डाॅ. ऋषि बोलिया ने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों को बच्चों के नियमित आहार में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा गाजर, हरी बीन्स और संतरे में इम्युनिटी बढ़ाने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन- सी और कैरोटेनॉयड्स होते हैं। यह सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि फ्लू, जुकाम और गले में खराश जैसे संक्रामक रोग मुख्यरूप से वायरस के कारण होते हैं। इससे बचाव के लिए अभिभावक अपने बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों और बड़े सामाजिक समारोहों में ले जाने से बचें। यदि बहुत जरूरी हो तो, उन्हें पर्याप्त कपड़े और मास्क पहनाकर ही अधिक भीड़ वाले स्थानों पर ले जाएं। उनका सुझाव है कि यदि आपके बच्चे को 3 दिनों से अधिक समय तक बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश च सांस तेज चलने की शिकायत है तो तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।

ऋषिकेश के प्रथम हाईटेक शौचालय का मेयर अनिता ने किया उद्धाटन

स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में सबसे बेहतरीन शौचालयों में शामिल हुए इन्द्रमणि बडोनी चैक स्थित प्रथम हाईटेक शौचालय का आज दोपहर मेयर अनिता ममगाई ने उद्वाटन किया।

आज दोपहर मेयर उत्तराखंड के प्रणेता स्व इन्द्रमणि बडोनी की जंयती पर उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए मेयर ने हाईटेक शौचालय को जनता के सुपुर्द कर दिया। मेयर ने कहा कि ऋषिकेश के प्रथम हाईटेक शौचालय ने ही स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में सबसे बेहतरीन और हाईटेक सुविधाओं से लैस शौचालय की लिस्ट में अपना नाम शामिल करा कर हमारे प्रयासों पर सफलता की मुहर लगा दी है। इसका लाभ तो यहांआने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा ही साथ ही इसका सार्थक संदेश भी पूरे देश भर में जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में तीर्थाटन और पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए जहां अनेकों योजनाओं को मूर्त रूप देने में निगम जुटा हुआ है वहीं देवभूमि के समग्र विकास के लिए भी कटिबद्वता के साथ कार्य किया जा रहा है।

बताया कि शौचालय पूरी तरह से सेंसर बेस्ड यूरिनल सिस्टम से युक्त है,जिसमें 24 घंटे सुविधा मिलेगी।उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम चरण में एक वर्ष में शहर के 10 प्रमुख स्थलों में हाईटेक शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है। सभी शौचालय 30 साल के मेंटेनेंस में दिया जा रहा है ताकि इनकी सुंदरता बरकरार रहे।नगर निगम आयुक्त ने बेहद शानदार शौचालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था की सराहना की।साथ ही उम्मीद जताई की इसमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जायेगा। सुरभि लोक संस्था निर्माण एवं संचालक चेयरमैन आशीष तिवारी, प्रांतीय प्रबंधक विक्रम सिंह, मैनेजर संजय वर्मा, मैनेजर वीरेंद्र वर्मा, स्थानीय पार्षद राकेश सिंह मियां, विजय बडोनी, बिजेंद्र मोगा, बीरेंद्र रमोला, विपिन पंत, अनीता रैना, मनीष बनवाल, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, प्रदीप कोहली, राजू नरसिंभा, मनीष शर्मा, जगत सिंह नेगी, अजीत गोल्डी, गुरविंदर सिंह, हितेंद्र पंवार, अनिल ध्यानी, प्रतीक कालिया, राजपाल ठाकुर, राजीव गुप्ता, पंकज शर्मा ,संजय व्यास, मनु कोठारी ,दीपक तायल, रविंद्र सिंह राणा, संजय पवार, संजय वर्मा, राजकुमारी जुगलान, सुनीता नौटियाल, सुजीत यादव, गौरव कैंथोला ,विपिन कुकरेती ,जॉनी लांबा, प्रिंस गुप्ता ,विकास सेमवाल, गोविंद चैहान, अभिषेक मल्होत्रा, राजेश गौतम, ममता नेगी आदि उपस्थित थे।

देवभूमि आटो रिक्शा एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर राजेंद्र लांबा का कब्जा

देवभूमि ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ऋषिकेश के चुनाव प्राथमिक विद्यालय ऋषिकेश निकट कोतवाली में संपन्न हुए। चुनाव में कुल 265 मतों में से 195 मत पड़े। जिसमें अध्यक्ष पद पर राजेंद्र लांबा को 119 वोट व श्याम जाटव को 64 मत प्राप्त हुए। सचिव पद पर बेचन गुप्ता ने 136 मत प्राप्त किए, जबकि प्रकाश जाटव को 52 मत प्राप्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर अजय मोहन गुप्ता निर्विरोध निर्वाचित हुए। सह सचिव पद पर अजय सिंह व कोषाध्यक्ष पद पर नवीन जैन निर्विरोध निर्वाचित हुए। चुनाव आईसीएमआर की गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हुआ। चुनावों का संचालन संरक्षक विनोद शर्मा, आशुतोष शर्मा, टेंपो यूनियन तपोवन के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह भंडारी, पंचानन पंचम, विजेंद्र कंडारी की निगरानी में हुआ। चुनाव निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी का निर्वहन संदीप शास्त्री द्वारा किया गया।

स्टर्डिया फैक्ट्री की झाड़ियों में लगी आग को तीन घंटे बाद बुझाने में मिली सफलता

आज शाम करीब चार बजे बंद स्टर्डिया फैक्ट्री की झाड़ियों में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की भीषण लपटों को देख लोगों ने पुलिस व फायरकर्मियों को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर पहुंचे फायर कर्मियों को तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफलता मिल सकी।

करीब चार बजे स्टर्डिया फैक्ट्री के अंदर से आग की भीषण लपटें उड़ती दिखाई दी। आसपास के लोगों में यह मंजर देख हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने अपना और भी विकराल रूप धारण कर लिया। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर आईडीपीएल चैकी इंचार्ज चिंतामणि मैठाणी मौके पर पहुंचे। वहीं, करीब साढ़े चार बजे दलकल विभाग की एक गाड़ी पहुंची।

एफएसओ बीरबल ने बताया कि आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया जलती बीड़ी, माचिस से प्रतीत हो रहा है, फिर भी इसके कारणों को जानने का प्रयास किया किया जा रहा है। बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि इसके बुझाने के लिए एक अन्य वाहन को बुलाना पड़ा। बताया कि काफी जोर आजमाइश के बाद आग को बुझाने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा।

सड़कों की दयनीय स्थिति को लेकर विधायक प्रेमचंद के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला के नेतृत्व में रायवाला मुख्य मार्ग पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। मौके पर राजपाल खरोला ने कहा विगत 4 वर्षों से क्षेत्र की सड़कों के बुरे हाल हैं एक तरफ केंद्र सरकार चीन के बॉर्डर पर सड़क बनाने की बात कर रही है और दूसरी तरफ ऋषिकेश के विधायक आर्मी कैंट एरिया रायवाला की सड़क नहीं बना पा रहे हैं। पिछले 5 वर्षों से क्षेत्र की जनता सड़क बनने की बाट जो रही है जहां एक तरफ रायवाला मुख्य मार्ग 4 ग्राम सभाओं को जोड़ने का कार्य करता है वहीं दूसरी ओर इसी मुख्य मार्ग से आर्मी कैंट एरिया के सभी रास्ते खुलते हैं इन रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिन्हें देखकर यह पता लगाना मुश्किल है सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क।

उन्होंने विधायक पर रायवाला क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कहा कि यदि जल्द ही सरकार द्वारा यह सड़क नहीं बनाई गई, तो अगला प्रदर्शन क्षेत्रीय विधायक के घर के बाहर होगा। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बर्फ सिंह पोखरियाल, देवेंद्र रावत, सतीश रावत, संदीप ध्यानी, प्रकाश पांडे, रमेश रांगड़, शंभू शंकर, विनोद कुमार, वीरपाल, विजयपाल पवार, कीर्ति सिंह, जगबीर नेगी, स्वरूप भंडारी, मुकेश रयाल, मेहरबान चैहान, प्रवीण बिष्ट, अजीत सिंह, मनीष व्यास, मानसिंह तोपतवाल, मनदीप कुमार, धनपाल, गजेंद्र, प्रवीण बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

हिमांशु संगतानी को मिली भाजपा प्रदेश आईटी सेल के संयोजक की जिम्मेदारी

ऋषिकेश भाजपा मंडल महामंत्री हिमांशु संगतानी को भाजपा प्रदेश आईटी सेल में संयोजक की नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर आज भाजपा कार्यालय में पदाधिकारियों ने उनका पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया।

आज मंडल कार्यालय में मंडल अध्यक्ष दिनेश सती के नेतृत्व में 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई के जन्म दिवस को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उक्त दिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। मौके पर हिमांशु संगतानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर अध्यक्ष दिनेश सती ने कहा प्रदेश आईटी का दायित्व मिलने से हमारे मंडल का भी सम्मान बढ़ा है। इसके लिए मंडल अध्यक्ष ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

मौके पर हिमांशु संगतानी ने कहा कि वह एक साधारण कार्यकर्ता बनकर सदैव पार्टी का कार्य करते रहेंगे। उनकी यह जिम्मेदारी से संगठन को मजबूती दिलाने पर काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पार्टी के प्रति सदैव निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ भी ली।

बैठक में वरिष्ठ नेता बृजेश शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, महामंत्री सुमित पवार, ऋषि राजपूत, अनीता तिवारी, महिला मोर्चा की अध्यक्ष उषा जोशी, राकेश चंद्र, सचिन अग्रवाल, सुजीत यादव, चंदू यादव, हरिशंकर प्रजापति, राजेश दिवाकर, नितिन सक्सेना, सिद्धार्थ डंगवाल आदि उपस्थित थे।

सरकार चारों धामों में मास्टर प्लान के जरिए स्थानीय को करना चाहती है बेघरः तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी

चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक घाटी महापंचायत की एक अनौपचारिक बैठक कृष्णकांत कोठियाल जी की अध्यक्षता में भगवान आश्रम में संपन्न हुई जिसमें निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई सर्वप्रथम सरकार हमारे लोगों को आपस में तोड़ने की जो कोशिश कर रही है, महापंचायत उसका घोर विरोध करती है हमारे लोग-बगाहे सरकार हमारे लोगों को प्रलोभन दे रही है ऐसा हम होने नहीं देंगे। चार धाम के लोग सरकार की भाषा का विरोध करेंगे सरकार सभी चारों धामों में मास्टर प्लान ठोक कर वहां के स्थानीय लोगों को बेघर करना चाहती है उनके रोजगार को सुनना चाहती है।

स्थानीय स्तर पर चारों धामों में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया जाएगा सरकार तानाशाही रवैया के अनेक काले कानून बना रही है। लेकिन चारों धामों में स्थानीय लोगों से कोई भी खुश नहीं है तानाशाही रवैया द्वारा सरकार अपनाएं अपनाया जा रहा है जो ठीक नहीं है नहीं है जनता इसका घोर विरोध कर रही है। भविष्य में आगे की रणनीति के लिए शीघ्र महापंचायत की विशाल बैठक बुलाई जाएगी और हक हकूक दार महापंचायत सभी जनमानस को एकत्र कर इसका घोर विरोध करेगी।

इस बैठक में कृष्ण कांत कोठियाल अध्यक्ष चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक जाति महापंचायत, हरीश डिमरी सचिव, विनोद शुक्ला उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष केदार सभा, लक्ष्मीनारायण कोषाध्यक्ष, विनोद उपाध्यक्ष पंचायत, आचार्य नरेश आनंद ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित, पुरुषोत्तम तिवारी महामंत्री केदार सभा, पंडित रवि शास्त्री अध्यक्ष तुलसी मानस मंदिर, अभिषेक शर्मा अध्यक्ष आश्रम धर्मशाला प्रबंधन समिति, रमाकांत भारद्वाज महामंत्री आश्रम प्रबंधन समिति, नरोत्तम दास, आनंद तिवारी, संतोष तिवारी, प्रकाश कोटियाल आदि उपस्थित थे।

एम्स ऋषिकेश में हो रही है बिना हार्ट- लंग मशीन के बीटिंग हार्ट में बाईपास सर्जरी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में कोरोनरी आर्टरी डिजिज का सफलतापूर्वक इलाज उपलब्ध है। हार्ट ब्लॉकेज या कोरोनरी आर्टरी डिजिज के उपचार में कई मरीजों को बाईपास सर्जरी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई मरीजों को इस ऑपरेशन के लिए दिल्ली आदि महानगरों में बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता था, जहां उन्हें अधिक खर्चे के साथ साथ अन्य तरह की दिक्कतें भी उठानी पड़ती थी। लिहाजा एम्स प्रशासन द्वारा ऐसे मरीजों को अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अस्पताल में यह जोखिमभरी जटिल शल्य क्रिया बिना दिल की गति को रोके की जा रही है।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने जटिल शल्य क्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाने व मरीजों को बेहतर ढंग से समुचित उपचार देने वाली टीम की प्रशंसा की है। हृदय शल्य चिकित्सक डा. राजा लाहिड़ी ने बताया कि कुछ समय पूर्व अस्पताल में शुरू हुई इस सुविधा के तहत अब तक हमने उत्तराखंड के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान तथा हरियाणा आदि क्षेत्रों से आए कई मरीजों की सफलतापूर्वक बाईपास सर्जरी को अंजाम दिया है।
उन्होंने बताया कि इनमें कई ऐसे मरीज भी शामिल हैं जिनकी हृदय की कार्यक्षमता काफी कम हो गई है। ऐसे मरीजों की हम आईएबीपी मशीन की सहायता से सफलतापूर्वक सर्जरी करते हैं। बताया कि संस्थान में श्टोटल आर्टेरियल बाईपासश् विधि से भी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कोरोनरी आर्टरी रोग के बाबत जानकारी देते हुए काॅर्डियक ऐनेस्थेटिस्ट डॉ. अजय कुमार ने बताया कोरोनरी धमनियों में रुकावट होने से दिल के दौरे का खतरा बना रहता है। ऐसे में मरीज को चलने फिरने या काम करने पर छाती में दर्द की शिकायत, तेज पसीना आना, घबराहट होना अथवा सांस फूलने जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में मरीज की समय से जांच एवं इलाज कराने से हृदयाघात के खतरे को टाला जा सकता है तथा इससे मरीज के कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है।

उन्होंने बताया कि ऐसी समस्याओं से ग्रसित रोगी की पहले काॅर्डियोलॉजिस्ट जांच व इसके बाद एंजियोग्राफी की जाती है। इसके उपरांत रोगी की चिकित्सा का निर्णय काॅर्डियोलॉजिस्ट, काॅर्डियक ऐनेस्थेटिस्ट एवं काॅर्डियक सर्जन एक साथ मिलकर लेते हैं। इसे विदेशों में आमतौर पर श् हार्ट – टीम एप्रोच श् कहा जाता है। इस विधि से रोगी को उसके रोग के अनुरूप उचित उपचार प्राप्त हो जाता है।
कोरोनरी आर्टरी रोग के लक्षणः
० छाती में दर्द
० सांस फूलना
० सूजन
० मिचली
० अनियमित दिल की धड़कन

बाईपास सर्जरी के बाद क्या करें-
० दवा लेना ना भूलें
० नियमितरूप से व्यायाम करें
० वसायुक्त भोजन ना लें
० वजन को नियंत्रण में रखें
० शुगर और बी. पी. की नियमिततौर पर जांच कराएं ।