राजकीय पाॅलीटेक्निक में आनलाईन से युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय टेक्निकल स्किल


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में आज सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग एवं एजुस्किल के मध्य में समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। उत्तराखण्ड सरकार एवं एजुस्किल द्वारा संयुक्त रूप से सभी राजकीय पॉलीटेक्निक में ऑनलाईन माध्यम से युवाओं को विश्वस्तरीय टेक्निकल स्किल उपलब्ध कराएगी। इसके माध्यम से मल्टीनेशनल कंपनियों के एकेडमिक प्रोग्राम तक छात्र-छात्राओं की पहुंच संभव होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के साथ ही प्रशिक्षकों को भी लगातार अपग्रेड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका लगातार मूल्यांकन और अनुश्रवण किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इससे छात्र छात्राओं को इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप कोर्सेज करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे इससे कितना ग्रहण कर पा रहे हैं, इस पर भी फोकस किया जाना चाहिए। एमओयू, निदेशक तकनीकी शिक्षा डॉ. हरी सिंह एवं निदेशक म्क्न्ैापसस, शुभजीत जगदेव के मध्य हस्ताक्षरित किया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी एवं मुख्यमंत्री के आई.टी. सलाहकार रविन्द्र दत्त पेटवाल आदि उपस्थित थे।

संत समाज ने की नागरिकों से अपील, गंगा में न डालें पूजन सामाग्री

गंगा में राफ्टिंग का संत समाज विरोध नहीं करता है, मगर राफ्टिंग की आड़ में गंगा में मादक पदार्थ लेकर पर्यटकों का जाना से अमर्यादित है। इससे गंगा तो दूषित हो ही रही है, साथ ही आस्था पर भी ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोग जो गंगा में मादक पदार्थ लेकर आते है, इसका विरोध संत समाज करता है। संत समाज सरकार से यह भी मांग करता है कि इसके लिए कानून बनाया जाए। यह बात महामंडलेश्वर ईश्वरदार महाराज ने कही।

आज नमामि गंगे और अखिल भारतीय संत समिति की महाकुंभ 2021 को लेकर मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में आयोजित की गई। इसमें नमामि गंगे के प्रदेश प्रमुख कपिल गुप्ता व उनकी टीम ने संत समाज के साथ एक स्वर में ऋषिकेश में भी महाकुंभ को लेकर विकास कार्य किए जाने पर सहमति बनाई। साथ ही गंगा की अविरलता को बनाए रखने के लिए लोगों से भी अपील की। संत समाज ने कहा कि गंगा में पूजन सामग्री न प्रवाहित की जाए। संतों की ओर से निश्चित तिथि पर गंगा की सफाई के लिए प्रयास किए जाएं। कुंभ में स्नान के लिए त्रिवेणी घाट का विस्तार किया जाए।

इस मौके पर महामंडलेश्वर दयाराम दास, महामंडलेश्वर गणेश दास, महंत केशव स्वरूव ब्रह्मचारी, महंत बलवीर सिंह, महंत सुखवीर सिंह, महंत स्वामी अखंडानंद महाराज, महंत गोपाल गिरी, महंत लोकेश दास, पंडित रवि शास्त्री, जुगल किशोर शर्मा, संतोष मुनि, अभिषेक शर्मा, हर्षित गुप्ता, मिंटू तिवारी, पंकज गुप्ता, प्रदीप कोहली, सिमरन गाबा, दिनेश शर्मा, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

महिला मोर्चा में दायित्व मिलने पर पदाधिकारियों का मेयर अनिता ने किया स्वागत

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रीय पार्टी है जो कार्यकर्ताओं का सम्मान करना जानती है। पार्टी में अनुशासित रहकर संगठन की रीतियों नीतियों को आगे बढ़ाने वालों को दायित्व सोंप कर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना पार्टी की परम्परा रही है।

आज दोपहर महिला मोर्चा की नव मनोनित जिला उपाध्यक्ष रोमा सहगल एवं जिला मंत्री ममता नेगी ने मेयर अनिता ममगाई से शिष्टाचार भेंट की। मेयर ने दोनों पद्दाधिकारियों बधाई देते हुए माल्यार्पण कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। मेयर अनिता ने कहा कि निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा करने वाले सदैव सम्मानित होते हैं। पदाधिकारियों का भी कर्तव्य है कि वह तमाम कार्यकर्ताओं के साथ एक मजबूत टीम बनाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि इसका लाभ आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने में पार्टी को मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी द्वारा जिन लोगों को नए दायित्व सौंपा गए हैं वह उन पर पूरी तरह से खरा उतरेंगे। इस दौरान पार्षद कमलेश जैन, पंकज शर्मा, प्रमिला त्रिवेदी, हेमलता चैहान, राजेश गौतम, राजीव गुप्ता, नवीन नौटियाल आदि उपस्थित थे।

ऋषिकेश में आवारा पशुओं से निजात दिला पाने में नगर निगम नाकामः यूथ कांग्रेस

आज यूथ कांग्रेस ऋषिकेश के कार्यकर्ताओं ने नगर अध्यक्ष अमरजीत धीमान के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और निगम पर विभिन्न आरोप लगाते हुए उसकी जांच की मांग की। इस बावत कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल को ज्ञापन भी सौंपा।

नगर अध्यक्ष अमरजीत सिंह धीमान ने ज्ञापन के जरिए मांग की, कि नगर निगम में हो रहे व्याप्त भ्रष्टाचार की जाँच की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा कि नगर निगम बोर्डों की राजनीति कर रहा है, काम कब पूरा होगा। इसकी जानकारी निगम के पास नहीं है, मगर निर्माण वाली जगह पर बोर्डों की राजनीति हो रही है। महापुरुषों की कुछ मूर्तियों पर निगम प्रशासन की गलतियों के कारण बार बार सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिला पाने में निगम नाकाम है, इस दौरान निगम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। साथ ही नगर आयुक्त नरेंद्र क्वींरियाल को ज्ञापन देकर जल्द अनियमिताओं और भ्रष्टाचार की जाँच की माँग की। साथ ही मांग पूरा न होने पर आन्दोलन करने की चेतावनी भी दी है।

इस दौरान विवेक तिवारी, श्याम शर्मा, अजय धीमान, दक्षेस मनचंदा, दीपक वर्मा, जितेंद्र पाल पाठी, अभिषेक पारस, राहुल पांडेय, प्रिंस मनचंदा, विशाल, विपिन कुमार, आकाश कुमार, संदीप यादव, हिमांशु कश्यप, अजय पाल, शीशपाल भंडारी, अतुल कुमार, कृष्णा राजभर, राजेश भट्ट, कार्तिक वाधवा आदि उपस्थित रहे।

सफलता का कोई शार्ट कट नहींः ब्रिगेडियर रविंद्र गुरंग

महाविद्यालय ऋषिकेश के एनसीसी विभाग के एएनओ कैप्टेन डॉ सतेन्द्र कुमार के निर्देशन में एनसीसी कैडेटस ने रुड़की ग्रुप के ग्रुप कमांडेंट ब्रिगेडियर रविन्द्र गुरुंग को महाविद्यालय आगमन पर गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।

ग्रुप कमांडेंट सरकारी दौरे पर कॉलेज पधारे व साथ ही उन्होंने कैडेटस से भी वार्तालाप कि जिनमें आर डी सी परेड के लिए चयनित कैडेटस भी मौजूद थे।।

सभी कैडेटस ने एनसीसी से जुड़े अपने अनुभव उनके समक्ष रखे व उनसे नवीन ज्ञान प्राप्त किया। ब्रिगेडियर गुरुंग ने कहा सफलता के लिए आपको मेहनत करनी होगी और कोई शॉर्टकट नहीं है वहीं उन्होंने कहा कि आप के बैग में हमेशा एक किताब जरूर होनी चाहिए या नोबेल ज्ञान प्राप्त करने के लिए आप को पढ़ना बहुत जरूरी है और किताबें पढ़ना बहुत जरूरी है और इंटरनेट और गूगल आजकल के समय में जो है वह खतरनाक बताया क्योँकि किताबें पढ़ना कम कर दिया।

ब्रिगेडियर गुरंग ने एलओसी के अलावा जम्मू और कश्मीर और देश के कई जगह कई कमांड में सेवा दी है। उन्होंने एनसीसी को कहा यह एक महत्वपूर्ण अंग है। वे खुद स्कूल और काॅलेज में 6 सांल एनसीसी के कैडेट्स रहे हैं। अभी रुड़की ग्रुप कमांडर है। ब्रिगेडियर गुरु ने एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर ड्रिल पायलट और अन्य कैडेट्स के डिसिप्लिन और उनके काम को भी सराहा। साथ ही कैडेट्स ने प्रश्लात भी किए। ब्रिगेडियर गुरंग ने कहा मोटिवेट करना अहम है। मोईवेशन जरूरी है। कोविड काल में दबब की फिजिकल ट्रेनिंग नहीं हो रही है लेकिन ऑनलाइन तरीके से जानकारियां दी रहे हैं। उन्होंने बताया आने वाले समय में दबब शिक्षा का अभिन्न अंग हो सकता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय ऋषिकेश की प्राचार्या प्रो सुधा भारद्वाज, एडम ऑफिसर कर्नल प्रवीण भट्ट, एस एम थापा, डॉ रूबी तब्बसुम, डॉ पूनम पाठक, डॉ वीके गुप्ता, इशिका, ममता और महाविद्यालय एनसीसी के सभी कैडेटस मौजूद थे।

वोकल फॉर लोकल की थीम पर एक विंडो उपलब्ध कराई जाएः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के 11 उद्यमियों को ‘परियोजना आवंटन पत्र‘ वितरित किए। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने एलईडी ग्राम लाईट योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘‘एनर्जी वॉरियर्स‘‘ के रूप में सम्मानित किया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘ऊर्जा दक्ष ग्राम‘ के प्रधानों को भी प्रशस्ति पत्र वितरित कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सभी स्वयं सहायता समूहों को ऊर्जा संरक्षण दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारा अगला फोकस अपनी माँ-बहनों के सिर से घास-लकड़ी का बोझा उतारना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को भी इस दिशा में विचार कर योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं स्वयं सहायता समूहों से इस सम्बन्ध में अपने सुझाव देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने एल.ई.डी. निर्माण में लगे सभी स्वयं सहायता समूहों के लिए 50-50 हजार के रिवॉल्विंग फण्ड की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों से बात भी की। उन्होंने कहा कि इनका ‘दरांती से सॉल्डरिंग रोड के बीच का सफर‘ अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक है। स्वरोजगार से जुड़कर महिलाओं का आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ी है। उनके मन में विश्वास पैदा हुआ है कि वे उद्यम के क्षेत्र में भी बहुत कुछ कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेंटर स्वरोजगार के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में भी ग्रोथ सेंटर्स की अपार सम्भावनाएं हैं। स्कूल ड्रेस, डॉक्टर्स-नर्स आदि के लिए ड्रेसिज तैयार करने पर भी फोकस किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड कैबिनेट ने अभी निर्णय लिया है कि जिलाधिकारी स्तर पर 05 लाख तक की खरीद में, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में अनेकों मंदिर हैं। मंदिरों के कपाट खुलने व बंद होने, व अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में सजावटी कार्यों के लिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, जो अपने साथ क्षेत्र की स्मृति चिन्ह ले जाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वयं सहायता समूहों से भी क्रिएटिव होकर राज्य से जुड़ी हुयी अलग-अलग थीम पर स्मृति चिन्ह बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेंटर्स में फैंसी आईटम पर भी फोकस किया जाना चाहिए। इसके लिए स्पेशिफिक प्रशिक्षण भी कराया जा सकता है। इसके साथ ही, भ्रमण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा सकता है, ताकि स्वयं सहायता समूह कुछ नई चीजें सीख सकें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि स्थानीय दुकानदारों से बातचीत कर स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने कार्यालयों, हैलीपैड, स्थानीय बाजारों में ‘वोकल फॉर लोकल‘ का प्रचार-प्रसार करते हुए, एक विंडो उपलब्ध करायी जानी चाहिए, ताकि इनके उत्पादों को बाजार मिल सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऊर्जा संरक्षण विषय पर सभी जनपदों में छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया। ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर प्रदेश के चयनित विद्यालयों में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चित्रकला प्रतियोगिता में विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन विजेता छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार पेंटिंग को वर्ष 2021 के कैलेंडर के रूप में प्रकाशित किया गया है, जिसका मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा विमोचन किया गया। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने ‘‘ऊर्जा संरक्षण पुस्तिका‘‘ का विमोचन भी विमोचन किया।

विधायक गणेश जोशी ने कहा कि पहाड़ की आर्थिकी महिलाओं पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने हेतु आगे आना चाहिए।

निर्धन बच्चों के प्रशिक्षण के वालंटियर्स को श्री गंगा सभा ने किया सम्मानित

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में त्रिवेणी घाट पर निर्धन बच्चों का पिछले सात दिन का प्रशिक्षण शिविर का असर आज देखने को मिला। ट्रस्ट की ओर से सोमवार की शाम त्रिवेणी घाट पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें सात दिन में प्रशिक्षण पाए बच्चों की पेटिंग को आम जनता के लिए रखा गया। सांध्यकालीन गंगा घाट पर पहुंचे लोगों ने प्रदर्शनी को न सिर्फ अवलोकन किया, बल्कि पेंटिंग और नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट की सराहना की। व्यापारी विनोद अग्रवाल ने कहा कि नीरजा देवभूमि ट्रस्ट लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है, इस ट्रस्ट में निर्धनों, दिव्यांगों की मदद भी की आर्थिक रूप से मदद भी की जाती है, तो प्रत्येक शुक्रवार को अपना रोटी बैंक के जरिए जरूरतमंद व भिक्षुक प्रवृत्ति के लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है, इसके अलावा ट्रस्ट ने जो निर्धन बच्चों को पेटिंग, नैतिक व्यवहार, दैनिक दिनचर्या का प्रशिक्षण दिया है, वह सराहनीय है।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने बताया कि प्रदर्शनी में बच्चों ने पेंटिंग के जरिए नदी घाटों पर सफाई, पेड़ न काटने का संदेश, कचरे की गाड़ी, कूड़ा डस्टबिन में डालने संबंधी जागरूकता संदेश, कोरोना से बचना है तो मास्क पहनें, मास्क पहना व्यक्ति आदि का संदेश दिया। इस मौके पर श्री गंगा सभा ने कृष्णा दास, संदीप, भूमिका जायसवाल, याशिका जायसवाल, निशा सोनी, तन्वी, सोनिया, सोनाली खत्री, साक्षी रावत, मीनाक्षी डबराल, कविता, प्रवेश, राहुल, मन्नु, रानी, अमित जायसवाल, रीना जायसवाल वालंटियर्स को सम्मानित किया। आप को बता दें कि प्रशिक्षण शिविर में 40 बच्चों ने प्रतिभाग किया था।

इस मौके पर श्री गंगा सभा की ओर से नरेश चैहान, रमन शर्मा, विजेंद्र शर्मा, शिवेंद्र ध्यानी, लक्ष्मी नारायण, विनोद अग्रवाल, चंद्रशेखर शर्मा, धीरेंद्र जोशी, राहुल शर्मा, डीपी रतूड़ी, ट्रस्ट की ओर से नुपूर गोयल, मनीष अग्रवाल, आचार्य संतोष व्यास, दिवाकर मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

गठिया का दर्द से परेशान लोगों को इस बातों का रखना होगा ख्याल…

हड्डी से संबंधित रोगों में गठिया का दर्द सबसे ज्यादा कष्टकारी होता है, विशेषज्ञों की मानें तो गठिया कोई एक बीमारी नहीं बल्कि यह 100 से अधिक बीमारियों का समूह है। आम भाषा में इसे जोड़ों का दर्द भी कहते हैं। जोड़ शरीर के ऐसे भाग में होते हैं, जहां हड्डियां हमारे घुटनों की तरह होती हैं। इससे अक्सर जोड़ों में आकार और संरेखण में बदलाव होता है। चिकित्सकीय भाषा में गठिया को ऑस्टियो आर्थराइटिस कहा जाता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में इस बीमारी के निदान के लिए सभी आधुनिकतम तकनीक से उपचार उपलब्ध हैं।

घरों के भीतर सीमित रहकर काम करने वाली गृहिणियों को सूरज की रोशनी नहीं मिल पाती है, इससे विटामिन डी की कमी से उनकी मांशपेशियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसी महिलाओं में पीठ दर्द की समस्या उत्पन्न होने लगती है। सर्दियों में कमरों के भीतर के तापमान की कमी से मांशेपेशियां सख्त होने का खतरा भी रहता है। ऐसे में यह जरूरी है कि नियमिततौर से व्यायाम कर मांशपेशियों को मजबूत रखा जाए। इसके अलावा कंप्यूटर के सामने लगातार काम करने वाले लोगों को भी जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है। खासतौर से गर्दन और पीठ का दर्द उन्हें ज्यादा परेशान करता है।

लिहाजा ऐसे लोगों को अपनी गर्दन और पीठ की मांसपेशियों की मजबूती पर ध्यान देने के साथ ही समय -समय पर फिजियोथैरेपी भी कररनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार इस श्रेणी के लोगों को अल्ट्रासाउंड थैरेपी, गर्म सिकाई और दर्द से राहत के लिए दवाएं लेना उचित रहता है।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि यदि हमारी जीवनशैली स्वस्थ होगी तो हमारा जीवन भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में इस तरह के रोगों से ग्रसित मरीजों के समुचित उपचार की सभी आधुनिकतम मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके लिए संस्थान के आॉर्थोेपैडिक विभाग में आधुनिक प्रणाली की उन्नत गैट लैब के अलावा अल्ट्रासाउंड थैरेपी, दर्द प्रबंधन क्लीनिक, पूरी तरह से सुसज्जित भौतिक चिकित्सा व भर्ती करने की सुविधाएं शामिल हैं। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि घुटने के प्रत्यारोपण समेत ऑर्थो की कई अन्य बीमारियों का इलाज आयुष्मान भारत योजना में शामिल है।

ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष अपर आचार्य डाॅ. पंकज कंडवाल ने बताया कि गठिया रोग विशेषकर सर्दियों के मौसम में ज्यादा कष्टकारी होता है। सूर्य से मिलने वाली धूप कम मिलने से लोगों में विटामिन डी की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है। विटामिन डी की कमी से ही हड्डियों में दर्द की शिकायत को बढ़ने लगती है। उन्होंने बताया कि नियमिततौर पर संतुलित आहार लेने से विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी इसमें लाभकारी होता है।
संस्थान के जनरल मेडिसिन विभाग में गठिया रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ. वेंकटेश एस. पाई ने बताया कि गठिया 2 प्रकार का होता है। पहला जिसे दवाइयों से ठीक किया जा सकता है, जबकि दूसरा जिसके उपचार के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में होने वाले गठिया में जोड़ों में सूजन और दर्द बने रहने की शिकायत रहती है। इसके अलावा गठिया रोगी सुबह जब सोकर उठता है तो उसके हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत बनी रहती है। जबकि बढ़ती उम्र में होने वाले गठिया में जोड़ों के काॅटलेज घिस जाते हैं। ऐसी स्थिति में इसका समस्या का एकमात्र समाधान सर्जरी से ही हो सकता है। लिहाजा इस दशा में घिस चुके काॅटलेज के रिप्लेसमेंट के लिए सर्जरी करनी पड़ती है। डाॅ. वेंकटेश एस. पाई ने बताया कि छोटे बच्चों में गठिया रोग के उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में आधुनिक तकनीक पर आधारित बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

गठिया रोगियों के लिए आहार प्रबंधन-

● विटामिन, खनिज, एंटीअक्सिडेंट और अन्य पोषक तत्वों को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त संतुलित आहार का सेवन करें।

● विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां, प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ, डेयरी, नट्स, दालें और अनाज को भोजन में शामिल करें। यह अच्छे स्वास्थ्य और वजन को संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा।

● भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।

● अपने वजन को बढ़ने न दें। शरीर का अतिरिक्त वजन जोड़ों पर तनाव बढ़ाता है। विशेषरूप से घुटनों और कूल्हों जैसे वजन वाले जोड़ों पर इसका ज्यादा असर होता है।

● यदि आपको चिकित्सकीय मदद की आवश्यकता महसूस होती है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक अथवा आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

व्यायाम-
जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों की मजबूती व हड्डियों की ताकत बनाए रखने में व्यायाम खासतौर से मदद करता है। यह अधिक ऊर्जा देने के साथ ही वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है।

एरोबिक व्यायाम-
एरोबिक व्यायाम संपूर्ण फिटनेस में मदद करने के साथ साथ हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है। यह वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है और अधिक सहनशक्ति व ऊर्जा प्रदान करता है।

कम प्रभाव वाले एरोबिक व्यायाम-

इसमें पैदल चलना, साइकिल चलाना, तैरना और एक अंडाकार मशीन का उपयोग करना शामिल है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द में योगाभ्यास भी लाभकारी परिणाम देता है।

ठंड के मौसम से जोड़ों का दर्द बढ़ने की शिकायत पर निम्न उपाय करें-

– चिकित्सीय परामर्श से दर्द की दवा लें।

– शरीर में गर्माहट रखें, गर्म कपड़े पहनें, अपने घर को गर्म रखें। गर्म भोजन का ही सेवन करें। गर्म तौलिए व गर्म शॉवर का उपयोग करें।

– सूजन को रोकें-
जोड़ों को सूजन से बचाने के लिए अच्छी तरह से फीटिंग वाले दस्तानों का उपयोग करें। घुटने के बैंड या ब्रेसिज का उपयोग सूजन को कम करने और घुटने की स्थिरता में सुधार लाने के लिए किया जा सकता है।

– सक्रिय रहें-
स्वयं को किसी न किसी कार्य में व्यस्त रखें। ऐसा करने से शरीर के जोड़ वाले अंग मजबूत रहेंगे। धीमी और आसान चाल के साथ व्यायाम करें। दर्द महसूस करने पर विराम लें। तेज दर्द होने पर रुक जाएं, जोड़ों में सूजन या लालिमा नजर आने पर इसे रोक दें।

जलस्तर बढ़ने पर गंगा के बीच बना टापू कराया खाली

बीते रोज गंगा का जलस्तर बढ़ने से नोएडा से ऋषिकेश पहुंचे डेढ़ साल के बच्चे के साथ छह लोगों की सांसे अटक गई थी। त्रिवेणी घाट पर इस घटना से पुलिस प्रशासन के भी हाथ पांव एक बार के लिए फूल गए थे। मगर, इस घटना से पुलिस ने सबक लिया और आज दोपहर गंगा का जलस्तर जैसे ही धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हुआ। जल पुलिस की एक टीम घाट पहुंची और यहां टापू में टहल रहे लोगों को जाने को कहा। बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जलस्तर के बढ़ने से टापू कभी भी चपेट में आ सकता है, इससे टापू पर मौजूद लोगों के साथ जानमाल का खतरा भी पैदा हो सकता है। पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने टापू को खाली कर दिया। वहीं, कुछ एक लोगों को पुलिस ने चेतावनी देकर भी समझाया।

अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी का ग्रामीणों ने किया घेराव

जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान के नेतृत्व में आज ग्रामीणों ने उप खंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखंड का घेराव किया। अपनी मांगों को स्पष्ट शब्दों में रखते हुए इस पर जल्द ही कार्रवाई की मांग भी की।

जिपंस संजीव चैहान ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान बिजली का बिल बिना मीटर चेक किए दिया जा रहा था जो कई गुना अधिक है, अभी तक इसका निस्तारण नहीं किया गया। रजिस्ट्री की जमीन पर 1400 रूपए का होम कनेक्शन होता है, उसके लिए लोगों से छह से सात हजार रूपए तक वसूल किए गए। रसीद कटवाने के छह माह बाद भी कनेक्शन नहीं दिया गया। बताया कि क्षेत्र में कई विद्युत पोल खराब है, इसे लिखित में अवगत कराया गया है, मगर निस्तारण नहीं हो रहा आदि मांगों को लेकर जिपंस संजीव चैहान ने कहा कि जल्द ही इन बिंदुओं पर कार्रवाई की जाए।
घेराव करने वालों में रामरतन रतूड़ी, हरिकृष्ण नौटियाल, दयाल सिंह सजवाण, राहुल, सतपाल सिंह, विरेंद्र प्रसाद लिस्याल, शीशलपाल सिंह, पुष्पा देवी, रेशमा देवी, सुनील चंदोला, हेमंत, रोशन सिंह आदि उपस्थित रहे।