खुरूड़ी डांडा को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करेंगेः सतपाल

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने खुरुड़ी पौराणिक बिस्सू महोत्सव में पहुंचकर कहा कि खुरुड़ी बिस्सू महोत्सव को राज्य स्तर के मेले में शामिल किया जाएगा। साथ ही खुरुड़ी डांडा को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने खुरुड़ी मेले के आयोजन के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

विकासशील युवा समिति खत विशायल द्वारा खुरुड़ी थात में आयोजित महोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पर्यटन मंत्री ने कहा कि खुरुड़ी पौराणिक बिस्सू महोत्सव को राज्य स्तरीय मेले में शामिल करने व खुरुड़ी पर्यटन स्थल को विकसित करने की योजना बनाई गई है। विदेशों की तर्ज पर उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।

जौनसार-बावर को महासू सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सौ करोड़ रुपये भी मिल चुके हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि वे संत हैं, जो कहते हैं करते भी हैं। उन्होंने रंगकर्मी नंदलाल भारती द्वारा लिखे नमन उत्तराखंड गीत की प्रशंसा भी की। साथ ही रीति रिवाज पर आधारित सांस्कृतिक लोक कला मंच की सीडी का विमोचन भी किया।

राज्य सरकार के लेटलतीफी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 23 अप्रैल तक निकायों के परिसीमन की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को देने के आदेश दिए है। अगली सुनवाई 24 अप्रैल की नियत की है।

इस मामले में सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ में हुई। निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने बताया कि कोर्ट ने परिसीमन, आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची आदि की मौजूदा स्थिति के अनुसार चुनाव कराने व बेवजह चुनाव न टालने को कहा है।

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार चुनाव को पूरी तरह तैयार है। 12 मई को चुनाव कार्यक्रम आयोग को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले परिसीमन, आरक्षण निर्धारण व अन्य कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

यहां बता दें कि राज्य में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी ना करने पर चुनाव आयोग द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। जिसमें कहा है कि तीन मई से पहले राज्य में निकाय कराना संवैधानिक बाध्यता है, इसलिये राज्य सरकार को निर्देश दिये जाएं कि चुनाव की अधिसूचना जारी की जाए।

राज्य में चुनाव की अधिसूचना जारी करने का अधिकार राज्य सरकार को है। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग की इस याचिका का जवाब दाखिल किया था। हाईकोर्ट ने सरकार से 23 अप्रैल तक चुनाव को लेकर अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

इस ऐप के जरिए केदारनाथ की जानकारी मिल सकेगी

अब देश के विभिन्न प्रांतो से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ही भाषा में केदारनाथ मंदिर व उसके आसपास की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर एक मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है। इसको श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

भविष्य में केदारपुरी के स्वरूप की जानकारी देने के लिए एक प्रतिकृति तैयार कर केदारनाथ में रखने की भी है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियां तकरीबन पूरी हैं। इस बार सरकार की मंशा देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी भाषा में ही केदारनाथ के संबंध में जानकारी देने की है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो निकट भविष्य में इसमें अन्य धाम व तीर्थ स्थलों को भी जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा केदारनाथ में लेजर शो के जरिये केदारनाथ की कहानी प्रदर्शित की जाएगी। इतना ही नहीं, आपदा के बाद अब तक केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्यो के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ आने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है।

मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी के गंगोरी में हाल ही में टूटे पुल के संबंध मे कहा कि बीआरओ के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस जगह ऐसी व्यवस्था की जाएगी। जिससे वाहनों के आवागमन में अव्यवस्था न हो। इसके अलावा पुलिस की व्यवस्था भी रहेगी, ताकि ओवरलोडेड ट्रक न जा सकें।

जंगलों के संरक्षण व संवर्धन में कार्यशाला की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 10वीं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन ऐसोसिएशन (जायका) राष्ट्रीय कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने अखरोट की बागवानी एवं अवनत वनों के सुधारीकरण पर पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।

10वीं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन ऐसोसिएशन (जायका) राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन पर 13 राज्यों के प्रतिनिधियों तथा भारत सरकार के अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जंगलो के संरक्षण व संर्वद्धन में कार्यशाला व प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यशाला मंे साझा किए गए अनुभव व ज्ञान से विभागीय प्रगति के लिए काम किए जाते है। कार्यशाला के माध्यम से जंगलों की गतिविधियों के संचालन व संरक्षण में सहायता मिलती है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में लगभग 11000 वन पंचायतें है। जायका द्वारा भी वन पंचायतों को वित्तीय सहायता दी जाती है। राज्य में भूमि क्षरण की समस्या अधिक है क्योंकि राज्य का हिमालयी क्षेत्र दलदली है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन ऐसोसिएशन (जायका) द्वारा दी जा रही तकनीकी सहयोग से भूक्षरण रोकने में सहायता मिलेगी। जायका की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन द्वारा वन सरंक्षण, भू-क्षरण रोकने तथा मिटटी की गुणवत्ता में सुधार व मिट्टी में खनिजो की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में वनाग्नि की समस्या को रोकने के लिए जागरूकता व सामाजिक सहभागिता को बढ़ाना होगा। स्कूली छात्र-छात्राओं में वनों के प्रति अपनत्व व दायित्व बोध पैदा करना होगा। सिविक सेन्स की तरह ही बच्चों में स्कूली जीवन से ही जंगलों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करनी होगी। वन अधिकारियों को स्कूलों में जाकर बच्चों से वनों के महत्व व सरंक्षण पर चर्चा करनी चाहिए।

शांति की तलाश में तीर्थनगरी पहुंची लोस अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन अपने दिन दिवसीय प्रवास पर उत्तराखंड में है। बुधवार को तीर्थनगरी स्थित परमार्थ निकेतन में भागवत कथा में पहुंची सुमित्रा महाजन ने यहां से अपना पुराना नाता बताया। उन्होंने कहा कि आत्म शांति की अनुभूति के लिये वह गंगा के पावन तट का रूख करती है। यहां स्वयं को जानने में मदद मिलती है।

एक सवाल के जवाब में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बोली, मेरी नजर में आध्यात्म और राजनीति एक ही है। यदि हम आध्यात्मिक यात्रा पर भी होते हैं, तो मन में राजनीतिक बातें चलती ही रहती है। परमार्थ निकेतन में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि माँ गंगा की निर्मल लहरें मन को शान्ति, शीतलता और पवित्रता प्रदान करती हैं। कहा कि, उत्तराखंड से उनका पुराना लगाव है, जब भी समय मिलता है वह गंगा के तट पर शांति के लिए जरूर पहुंचती हैं। इस बार मैं लंबे समय बाद यहां भागवत कथा में शामिल होने आई हूं। कुछ दिन शांति से ऐसे माहौल में बैठना भी जरूरी होता है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुलाकात कर वर्तमान में नारियों की दशा और उनके विरूद्ध बढ़ते अपराधों की ओर लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान में नारियों की भूमिका, योग को समष्टि में समर्पित करना, महिला सशक्तीकरण, नदियों की स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण जैसे अनेक सामाजिक विषयों पर चर्चा की।

इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने स्वागत किया। सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन को मां नंदा राजजात यात्रा पर लिखी अपनी पुस्तक भेंट की। लोकसभा अध्यक्ष ने इसके लिए डॉ. निशंक का आभार व्यक्त किया।

तेल उत्पादक देशों को खरीददार देशों का भी ख्याल रखना होगा

ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल इनर्जी फोरम-16 (आईईएफ-16) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर समाज के सभी वर्ग को किफायती दरों पर ऊर्जा नहीं उपलब्ध कराया गया, तो तेल उत्पादक देशों का ही घाटा होगा। मोदी जब यह बात कह रहे थे तब उनके आस-पास ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) के महत्वपूर्ण सदस्य सउदी अरब, इरान, नाइजीरिया, कतर के मंत्री बैठे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 25 वर्षो तक भारत में ऊर्जा की मांग में सालाना 4.2 फीसद की बढ़ोतरी होगी जो विश्व में और कहीं नहीं होगी।

आईईएफ में वैसे तो 72 देश सदस्य हैं, लेकिन इस बैठक में 92 देशों के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में जहां ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को मजबूती से रेखांकित किया। वहीं तेल उत्पादक देशों को साफ तौर पर संकेत दिया कि अब तेल खरीददार देशों के हितों का भी ख्याल रखना होगा। सिर्फ तेल उत्पादक देशों के हितों से यह बाजार नहीं चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, बहुत दिनों से तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव चल रहा है। अब हमें कीमत ज्यादा समझदारी से तय करनी होगी जो उत्पादकों के साथ ही ग्राहकों के हितों में हो। ऐसा होने पर ही हम समूचे मानव समाज की ऊर्जा जरुरत को पूरा कर सकेंगे। पूर्व में जब भी तेल कीमतों को बाहरी दबाव बना कर बदला गया है तब यह उत्पादकों के लिए भी उल्टा साबित हुआ है। पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को संरक्षित रखने के लिए चार सूत्रीय मंत्र भी दिया।

भारत अभी कच्चे तेल का सबसे बड़े खरीददार देशों में है। यहां अभी भी कुल खपत का 80 फीसद से ज्यादा आयात होता है। यह एक वजह है कि तमाम बड़े तेल उत्पादक देश भारत में उम्मीद खोज रहे हैं। तकरीबन चार वर्षो तक क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद अभी यह 71 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। दो साल पहले यह 42 डॉलर था। इसका असर यह हुआ है कि भारत में अभी पेट्रोल व डीजल की कीमतें पिछले चार वर्षो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। नई दिल्ली में पेट्रोल 73.98 रुपये प्रति लीटर व डीजल 64.96 रुपये है। इसके लिए उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि भी जिम्मेदार है। जिसे घटाने के लिए सरकार अभी तैयार नहीं दिखती है। यह एक वजह है कि मोदी तेल उत्पादक देशों को भारत में तेल व गैस की बढ़ती मांग का हवाला दे रहे हैं। अगर कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी तो इनकी खपत भारत में कम हो सकती है जिसका खामियाजा तेल उत्पादक देशों की मांग पर पड़ेगा।

सपा-बसपा के एक होने से मुझे दिल्ली पहुंचने से कोई रोक नहीं सकताः मुलायम

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायक सिंह यादव ने सपा-बसपा गठबंधन को अच्छी कोशिश बताया। उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट उपचुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को मिली सफलता के बाद दोनों पार्टियों फूले नहीं समा रही है।

मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी के किशनी में सपा-बसपा के गठबंधन की ताकत का एहसास कराते हुए ये उम्मीद जताई कि अब लोकसभा चुनाव में इन्हें कोई रोक नहीं सकेगा।
अपने संबोधन में मुलायम सिंह ने कहा कि जो पहल की गई है, उसे जारी रखा जाना चाहिए। दोनों के एक होने से लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल्ली पहुंचने से कोई नहीं रोक सकेगा।

बसपा का धन्यवाद किया

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के पास जो नीतियां हैं, वे देश की किसी पार्टी के पास नहीं हैं। उन्होंने लोकसभा उपचुनाव में सपा का सहयोग करने के लिए बसपा को धन्यवाद भी दिया। साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार साथ-साथ चल रहे हैं। महिलाएं समझदार हैं और वे समझ रही हैं कि किसे वोट देना है।
बता दें कि उपचुनाव में अखिलेश यादव और मायावती ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसमें बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी थी। इसके बाद राज्यसभा चुनाव में हालांकि, बसपा के उम्मीदवार को जिता पाने में अखिलेश यादव कामयाब नहीं हो सके थे, जिसके बाद गठबंधन टूटने की अटकलें लगने लगी थीं। लेकिन मायावती ने खुद मीडिया के सामने आकर इस बात की पुष्टि की थी कि गठबंधन आगे भी जारी रहेगा।

प्रत्येक सप्ताह करें नमामि गंगे की समीक्षाः निशंक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वप्निल परियोजना नमामि गंगे के कार्य में हो रही धीमी गति पर लोकसभा सांसद व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने अधिकारियों को फटकारा। उन्होंने सख्त तेवर दिखाते हुये कहा परियोजना के निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने नमामि गंगे स्टेट प्रोग्राम ग्रुप तथा परियोजना से संबंधित अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की कार्य प्रगति पर चर्चा की। नमामि गंगे के परियोजना निदेशक डॉ. राघव लंगर ने बताया कि उत्तराखंड में नमामि गंगे परियोजना के तहत 42 घाटों का निर्माण किया जाना है। जिनमें से बीस घाटों का काम सिंचाई विभाग ने शुरू कर दिया है। जबकि ऋषिकेश व हरिद्वार के घाटों के निर्माण व विस्तार का काम नमामि गंगे के बजाय गंगा फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत किया जा रहा है। जिसके बाद सांसद निशंक ने विभागवार अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अधिकांश विभागों का कहना था कि अभी तक कोई भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर सांसद का पारा आसमान चढ़ गया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व बजट मिल जाने के बावजूद अभी तक नाममात्र के काम धरातल पर हुए हैं। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए योजना के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सांसद डॉ. निशंक ने नमामि गंगे के परियोजना निदेशक डॉ. राघव लंगर को प्रत्येक सप्ताह नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा करने के निर्देश दिये।

तीन जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने शराब की दुकानों से हो रही राजस्व की हानि के लिये तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। पंत ने इन तीनों आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह को दिए है।

पंत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी देहरादून मनोज कुमार उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी हरिद्वार प्रशांत कुमार व जिला आबकारी अधिकारी चंपावत राजेंद्र लाल को निलंबित कर आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही शासन ने नई तैनाती तक तीनों जिलों के अपर जिला अधिकारी को अतिरिक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है। सरकार ने उक्त मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्णय भी लिया।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लाइसेंस समाप्त होने के बाद शासन ने इन जिलों में एक माह के लिए शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी किए थे। हर जिले के लिए बकायदा राजस्व लक्ष्य भी तय किया गया। इन दुकानों के आवंटन के बाद ये तथ्य सामने आए कि इनमें से कई दुकानें निर्धारित से कम कीमत पर आवंटित की गई। इससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई।

कुछ दिनों पहले आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने निर्धारित से कम कीमतों पर दुकानों का आवंटन व इससे राजस्व में हुए नुकसान पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। अब शासन ने देहरादून, हरिद्वार और चंपावत जिलों में हुए नुकसान को देखते हुए तीनों जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन्हें निलंबन के दौरान आधा वेतन दिया जाएगा। इन्हें आरोप पत्र अलग से दिए जाएंगे।

शासन ने इन अधिकारियों के निलंबन के बाद देहरादून में एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार पांडेय, हरिद्वार में एडीएम वित्त ललित नारायण मिश्र और चंपावत में एडीएम प्रशासन एवं वित्त हेमंत कुमार वर्मा को संबंधित जिलों के जिला आबकारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि अपर मुख्य सचिव आबकारी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच अधिकारी वे ही नियुक्त करेंगे।

ग्रोथ सेंटरों से पहाड़ों में प्रति व्यक्ति आए बढ़ेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘‘ग्रोथ सेन्टर्स’’ के लिये एक नीति बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार यह वर्ष रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स पलायन रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्व समावेशी विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेन्टरों द्वारा पहाड़ो में प्रति व्यक्ति आय में सुधार होगा तथा क्षेत्रीय विषमताएं कम होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिये सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर्स से आच्छादित किया जायेगा। यह ग्रोथ सेंटर बहुउद्देशीय आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र होंगे। इसके लिये इस वर्ष बजट में एमएसएमई विभाग हेतु 15 करोड़ रूपये की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभाग यथा कृषि, उद्यान, डेरी, पशुपालन, आयुष, एमएसएमई आदि अपनी गतिविधियों के अनुसार प्रदेश में ग्रोथ सेन्टर एक्टिविटी चयनित कर लें।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि पॉलिसी की प्रतीक्षा किये बिना वे अपनी प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स की स्थापना ‘आउटकम’ बेस्ड होनी चाहिए। ग्रोथ सेन्टर्स के लाभ को देखने के लिये ‘इण्डिकेटर्स’ भी बनाये जायें।

प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि ग्रोथ सेन्टर्स को लेकर हुई प्रारम्भिक बैठकों में प्रसंस्करण, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां चिन्हित करने का निर्णय लिया गया है। हर ग्रोथ सेन्टर में एक लीड एक्टिविटी (प्रमुख गतिविधि) को चिन्हित कर उसके अनुरूप उत्पादन एवं विपणन ‘चेन’ को प्रोत्साहित किया जायेगा।