निकाय चुनावः फिर से आमंत्रित होंगी आपत्ति, होगी सुनवाई

अब ऋषिकेश और कोटद्वार का नगर निगम बनना बिल्कुल तय है। अब इन पर आपत्ति आमंत्रित की जायेगी। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी हो जायेगी। राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस बात की पुष्टि की है।

राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार और गठन से संबंधित अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें पांच नगर निगम व 19 नगर निकाय शामिल हैं। शासन की ओर से किए गए सीमा विस्तार पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार व गठन को लेकर नए सिरे से आपत्तियां आमंत्रित की थीं। इन निकायों में नगर निगम देहरादून, काशीपुर, हरिद्वार, हल्द्वानी व रुद्रपुर, नगर पालिका परिषद कोटद्वार व ऋषिकेश (पूर्व में नगर निगम के रूप में उच्चीकृत), नगर पालिका परिषद भवाली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टनकपुर, विकासनगर, डोईवाला, पिथौरागढ़, किच्छा, चंबा, खटीमा, नगर पंचायत भीमताल, लंबगांव, चिन्यानौला (रानीखेत), नंदप्रयाग, तिलवाड़ा, चमियाला व सेलाकुई शामिल थे। इन सभी स्थानों से मिली आपत्तियों को सुनने और इनका निस्तारण करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इनका शासन में परीक्षण चल रहा था। इस मामले में कोर्ट में 11 अप्रैल को सुनवाई होनी है।

सरकार ने अपनी तैयारियों को पुख्ता रूप देते हुए गुरुवार देर शाम इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस अधिसूचना पर भी आपत्तियां मांगी जाएंगी। माना जा रहा है कि इनके निस्तारण में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसमें बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अनंतिम अधिसूचना से संबंधित पत्रवली पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावांे को लेकर सरकार दस मई तक अपनी ओर से सारी तैयारियां पूरी कर लेगी।

नोडल अधिकारी के जरिये इस नदी का होगा पुनरूद्धार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनरूद्धार के संबंध में बैठक की। उन्होंने कहा कोसी नदी के पुनरूद्धार में आम जन की सहभागिता हो, इस बात का हमें विशेष ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर एक अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी जो कोसी नदी पुनरूद्धार के कार्यों में सहयोग प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कोसी नदी के पुनरूद्धार के लिए कोसी कैचमेंट एरिया से जुड़े ग्रामीण जिन्हें अभी भी रसोई गैस कनैक्शन उपलब्ध नहीं हुए है, उन्हें रसोई गैस कनैक्शन प्राथमिकता से उपलब्ध कराये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोसी कैचमेंट एरिया में जहां पर भी चैकडैम बनाये गये हैं, वहां पर देसी गुलाब के पेड़ लगाये जाय। इससे एक ओर जहां चैकडैमो को मजबूती मिलेगी वहीं दूसरी ओर मधुमक्खी पालन मंे भी यह उपयोगी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को कोसी कैचमेंट एरिया में खस घास लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोसी नदी के चारों तरफ चौड़ी पत्ती के पेड़ सहित फलदार पौधरोपण अधिकाधिक हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाना होगा।

उन्होंने कहा कि कोसी कैचमेंट एरिया से जुड़े प्रत्येक ग्राम का हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़े इसकी हमें विशेष पहल करनी होगी। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों द्वारा भी सहयोग प्रदान करने की बात की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर हमें मनरेगा के माध्यम से इस कार्य को आगे बढ़ाना होगा। भविष्य में इसके लिए बजट प्राविधानित किया जायेगा ताकि इस अभियान को और अधिक गति मिल सकें। उन्होंने कहा कि कोसी कैचमेंट एरिया के विकास के लिये कार्य योजना बनायी जा रही है।

राज्य के चहुंमुखी विकास के लिये सरकार कृत संकल्पः त्रिवेन्द्र

त्रिवेन्द्र ने सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में जन सहयोग से अच्छी सुविधायें लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए ’’रूपान्तरण अभियान’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 06 से 12 तक के गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिये गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डलों में एक-एक विशेष विद्यालय खोले जायेंगे। कुमाऊं मण्डल में यह विद्यालय अल्मोडा में खोला जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालय के लिये भूमि चयनित कर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को उपलब्ध करायें।

’’रूपान्तरण अभियान’’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को भौतिक संसाधनों से युक्त बनाना तथा फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, पंखा, हीटर, क्रीड़ा सामग्री व्यवस्था, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन, सुरक्षित व सुसज्जित भवन, विद्यार्थियों की अन्य मूलभूत आवश्यकताएं, शिक्षकों अभिप्रेरण जिससे वे अपना अधिकतम योगदान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में दे सकें, छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता, सृजनशीलता एवं मानवता की भावनाओं का विकास, समाज को सरकारी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोग हेतु प्रेरित करना मुख्य हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व विद्यालयी शिक्षा द्वारा अल्मोड़ा में चलाये गये इस अभियान की प्रशंसा की। संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना व उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा किये गये इस रूपान्तरण कार्यक्रम के लिए उन्होंने अधिकारियों की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुॅमुखी विकास के लिए सरकार कृत संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के चार धामों को टेल-मेडिसन सुविधा से शीघ्र जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं एचपी कम्प्यूटर कम्पनी द्वारा भी राज्य के चिकित्सालयों में अपनी सुविधाएं देने की बात की गयी है ताकि चिकित्सालय भी तकनीक के क्षेत्र में समृद्ध हो सकें।

यूपी में 500 एकड़ भूमि पर बनेगी नई अयोध्या

उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा की योजना बनाने और यहां नई अयोध्या बसाने की तैयारी में जुटी हुयी है।

योगी आदित्यनाथ सरकार की योजना अयोध्या में नई अयोध्या टाउनशिप बसाने की है। यह टाउनशिप करीब 500 एकड़ जमीन में फैली होगी और इसके निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनौपचारिक तौर से इस प्रोजेक्ट के लिए अपना काम शुरू कर दिया है, हालांकि औपचारिक तौर पर महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को क्षेत्रीय स्तर पर सहमति मिलने के बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। अयोध्या फैजाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से अनुमति मिलने के बाद यह योजना आगे बढ़ेगी।

कार्यकारी इंजीनियर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि नई अयोध्या टाउनशिप की योजना को लेकर प्रारंभिक सहमति हाल ही में कमिश्नर और जिलाधिकारी की बैठक में मिल गई थी। अब इस प्रस्ताव को अथॉरिटी के पास भेजा जाना है जो 13 अप्रैल को होने वाली बैठक में फैसला ले सकती है, इसके बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

सरयू नदी के दाईं ओर बनेगा टाउनशिप

नई अयोध्या टाउनशिप को कई चरणों में सरयू नदी के दाईं तरफ बसाया जाएगा। जो 500 एकड़ के दायरे में फैला होगा। निर्माण के पहले चरण में 100 एकड़ में टाउनशिप बनाई जाएगी जिस पर 110 करोड़ का खर्च आने की संभावना है। इस खर्च में जमीन की कीमत भी शामिल है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ आंकी जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के शुरू के बाद टाउनशिप के पहले चरण का निर्माण पूरा होने में 12 से 18 महीने का वक्त लगेगा। अथॉरिटी प्रोजेक्ट के लिए लोन लेने की योजना बना रही है।

नई अयोध्या टाउनशिप लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर माझा बरहटा और जयसिंह मऊ गांव के पास बसाया जाएगा। इस टाउनशिप में आवासीय क्षेत्रों के अलावा मंदिर, सार्वजनिक कार्यस्थल, पार्क, होटल और शॉपिंग गलियारे होंगे ही, साथ में विश्व स्तर के पेयजल और सीवर सुविधाएं भी होंगी।

इससे पहले योगी राज में राज्य सरकार ने अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव रखा है जिसके निर्माण पर 330 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए निजी कंपनियों से भी निवेश करने का अनुरोध किया है।

रबी विपणन सत्र की बैठक में सीएम ने दिये ये निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में रबी विपणन सत्र 2018-19 की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिये कि गेहूं की फसल कटाई से पूर्व सहकारिता विभाग को अपेक्षित धनराशि उपलब्ध करा दी जाय ताकि किसानों को गेहूं क्रय मूल्य का भुगताल समय पर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि गेहूं क्रय हेतु नामित विभाग एवं संस्थान आपसी समन्वय से गेहूं क्रय के लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने क्रय नीति को भी शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी 2.21 लाख मीटरटन गेहूं क्रय लक्ष्य निर्धारित करने तथा गेहूं का समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर 1735 प्रति कुन्तल निर्धारित किये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने गेहूं भण्डारण क्षमता व भण्डारण एंजेसियों से सम्बन्धित कार्ययोजना पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गेहूं क्रय केन्द्रों पर कोई कठिनाई न हो तथा गेहूं का मूल्य किसानों को समय पर उपलब्ध हो जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय।

प्रमुख सचिव खाद्य आनन्द बर्धन ने अवगत कराया कि प्रदेश में रबी विपणन सत्र 2018-19 हेतु 05 क्रय एजेन्सियां नामित की गई है, जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (विपणन शाखा), उत्तराखण्ड राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड, भारतीय राष्ट्रीय कृषक उपज उपार्जन, प्रसंस्करण एवं रिटेलिंग सहकारी संघ मर्यादित (एनएसीओएफ), भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ), उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड शामिल है। साथ ही प्रदेश में गढ़वाल व कुमाऊं मण्डलों में कुल 194 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है तथा चैक के माध्यम से कृषकों को किये जाने वाले भुगतान व क्रय गेहूं की स्टेटपूल डिपोज पर डिलिवरी हेतु सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।

संतुलन खो एमआई-17 हुआ क्षतिग्रस्त

केदारनाथ में सेना का एक एम-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत चार लोग घायल हो गए। लैंडिंग के वक्त हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। बताया जा रहा है कि पायलट निर्माणाधीन पुल के लोहे को बचाने में संतुलन खो बैठा और हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।

भारतीय वायुसेना के इस हेलीकॉप्टर में निर्माण कार्यों से जुड़ा मैटेरियल भरा हुआ था। गुप्तकाशी से ये हेलीकॉप्टर केदारनाथ जा रहा था, जहां निर्माण के लिए सामान पहुंचाना था। हादसे से हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उससे धुंआ निकलने लगा। समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया।

बता दें कि केदारनाथ आपदा के दौरान 2013 में भी एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। उस वक्त हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी। भारतीय वायुसेना ने कहा कि एमआई-17 केदारनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इसमें सवार सभी पैसेंजर्स सुरक्षित हैं। हादसे की जांच की जा रही है।

आईडीपीएल की भूमि पर बनेगा इंटरनेशनल कन्वेंशनः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित मिलेनियम वोटर महा अभियान-2018 में मिलेनियम वोटरों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और नए भारत के संकल्प को लेकर कार्य कर रहे हैं। भारत के भविष्य के तय करने में युवा वोटरों को महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। देश और राज्य के समग्र विकास के लिए भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य किया है। एनएच घोटाले में अभी तक 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसकी जाँच अभी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में पर्यटन का अच्छा भविष्य है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिए रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। उड़ान योजना के अन्तर्गत 27 हेलीपैड में सस्ती हवाई सेवाएं प्रारम्भ की जायेंगी। उन्होंने कहा कि पॉवर सेक्टर में प्रदेश को पिछले साल 288 करोड़ रूपये का घाटा हुआ था, जो इस वर्ष केवल 88 करोड़ रूपये है। इस वर्ष पावर सेक्टर में 200 करोड़ रूपये का घाटा कम किया गया। परिवहन में एक साल प्रदेश में एक साल में डेढ़ सौ करोड़ की आय बढ़ी। खनन में भी 28 प्रतिशत राजस्व की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि 2020 तक राज्य के राजस्व को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आगे कहा कि पलायन को रोकने के लिए सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार के बजट में प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में आईडीपीएल की 800 एकड़ भूमि पर इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में बाल लिंगानुपात में कमी चिंता का विषय है। इसे संतुलित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं।

उत्तराखंड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेशः त्रिवेन्द्र

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुलाकात कर अर्धसैनिकों के लिये भर्ती केंद्र की स्थापना के विषय पर चर्चा की। त्रिवेन्द्र ने उत्तराखंड में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने का राजनाथ से निवेदन भी किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक सैनिक प्रदेश है। यहां के युवा देश सेवा को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में एक अतिरिक्त अर्धसैनिक प्रशिक्षण संस्थान एवं भर्ती केंद्र की स्थानों से नवयुवकों को सेना एवं अर्धसैनिक बलों से जुड़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत चल रही योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी और पलायन की समस्या का समाधान होगा।

कई मुस्लिम भाई भी राम मंदिर के पक्ष मेंः श्रीश्री

आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिये आपसी सौहार्द की आवश्यकता है। क्योंकि राम जन्मभूमि से देश के करोड़ों लोंगो की आस्था जुड़ी हुयी है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समुदाय के कई लोग भी यही चाहते है कि अयोध्या की राम जन्म भूमि पर प्रभु राम का ही मंदिर बने।

तीन दिवसीय प्रवास पर शुक्रवार को तीर्थनगरी पहुंचे श्रीश्री रविशंकर ने यहां सत्संग में कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में मंदिर बनाने का वे लोग विरोध कर रहे हैं, जिनका अस्तित्व ही संघर्ष करना है। राम जन्मभूमि मामले का मध्यस्थता के जरिये समाधान निकालने को लेकर चर्चा में आए श्रीश्री रविशंकर ने तीर्थनगरी में शीशमझाड़ी गंगा तट पर स्थित गंगाश्रय आश्रम में अनुयायियों की जिज्ञासा को दूर किया।

श्रीश्री ने बताया कि एक संत रामचंद्र दास उनके पास आए और बोले पिछले 30 वर्ष से वह राम मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई मुस्लिम भाई, उनकी संस्था के युवा और इमाम भी राम जन्मभूमि मामले में उनसे मिले। सभी से उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपसी सौहार्द से ही राम जन्मभूमि में मंदिर का निर्माण होगा। क्यों कि सौ करोड़ लोगों की आस्था राम मंदिर से जुड़ी है।

फीस वृद्धि वापस होने से होगा छात्रों को फायदा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के निजी मेडिकल संस्थानों से हुयी वार्ता के बाद उनके द्वारा फीस वृद्धि का निर्णय वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी मेडिकल संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में उनसे भेंट कर अवगत कराया था कि उन्हें संस्थानों की अवस्थापना सुविधाओं आदि के विकास के लिये बड़ी धनराशि व्यय करनी पडती है। इसके लिये उनके द्वारा मेडिकल छात्रों की फीस में वृद्धि का अनुरोध किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस में कई गुना वृद्धि किये जाने तथा कई अभिभावकों द्वारा उन्हें फीस वृद्धि के संबंध में अवगत कराये जाने पर मेडिकल छात्रों के हित में संस्थानों को फीस वृद्धि वापस लेने को निर्देशित किया गया। जिस पर उनके द्वारा फीस वृद्धि वापस लेने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल संस्थानों द्वारा फीस वृद्धि वापस लिया जाना मेडिकल छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल के छात्रों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी को भी मनमानी नही करने दी जायेगी। यदि कोई मनमानी करेगा तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मेडिकल कॉलेज के छात्रों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जायेगा।

एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्रदेश के विद्यालयों में लागू करने के निर्णय के संबंध में निजी स्कूल प्रबंधकों के असंतोष के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि इस संबंध में जायज बातों को सुना जायेगा।