संत समाज दें सीएम त्रिवेन्द्र को अपना आशीर्वादः योगी

अपने गुरू गोरक्षनाथ के ऋषिकेश स्थित मंदिर पहुंच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरू गोरक्षनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर मौजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की योगी ने सराहना की। उन्होंने संत समाज से सीएम त्रिवेन्द्र सिंह को अपना आशीर्वाद देने को कहा। तभी सीएम त्रिवेन्द्र ने भी योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुये कहा कि योगी के सीएम बनने के बाद से ही गुंडाराज समाप्त हो गया है। राज्य की जनता अब सुकुन से रह पा रही है, तो वह सीएम योगी की बदौलत ही।

ऋषिकेश स्थित श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गुरु की मूर्ति का अनावारण यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड में जन्मभूमि रही है। मेरी भावनात्मक यादें यहां से जुड़ी है। उन्होंनें कहा कि पूरे देश को गंगा और यमुना उत्तराखंड की ही देन है।

उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की सराहना कर योगी बोले कि उत्तराखंड किस तरह से आध्यात्मिक और भौतिक रूप से समृद्ध बने इसके लिये प्रदेश सरकार गंभीर है। उन्होंने संत समाज से त्रिवेन्द्र सिंह रावत को अपना आशीर्वाद देने को कहा।

वहीं उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा योगी आदित्यनाथ समस्या के समाधान में विश्वास रखते हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के एक वर्ष के भीतर उन्होंने यूपी से गुंडाराज का खात्मा कर दिया। उन्होंने कहा कि संत किसी एक का नहीं, सबका होता है। पूरे देश में योगी हिंदुत्व की ध्वज पताका फैला रहे हैं।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ की बहन शशि को भाई के यहां आने की खबर मिली। तो वह अपने को रोक न सकी और पहुंच गयी अपने भाई यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने। योगी भी अपनी बहन को देख भावुक हो उठे और उन्हें अपने पास बुलाकर बातचीत कर हाल जाना। योगी बहन शशि ने बताया कि योगी के यहां आने की सूचना उन्हें मीडिया के जरिये मिली।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऋषिकेश पहुंच कर सर्वप्रथम श्री गोरक्षनाथ मंदिर में नाथ परंपरा के गुरु योगेंद्र शैलेंद्र शीलनाथ की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने बताया कि गुरु शील नाथ ने ऋषिकेश में समाधि ली।

एससी का एचसी को निर्देश, जल्द निपटाये यौन उत्पीड़न मामला

बच्चों में आए दिन हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को निर्देश दिये है। एससी ने कहा कि बच्चों के यौन उत्पीड़न संबंघी मामलों का त्वरित निपटारा किया जाये।
अब बच्चों में यौन उत्पीड़न संबंधी मामले की त्वरित सुनवाई और निपटारा हो सकेगा। इसके लिये उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों के उच्च न्यायालय को निर्देश दिये है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिए हैं। याचिका में पॉक्सो कानून कड़ाई से लागू करने के साथ बाल यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित जांच और ट्रायल के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। याचिका दिल्ली में आठ महीने की बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद दाखिल की गई थी।

प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्र ने सभी उच्च न्यायालयों को दिशा निर्देश देते हुये कहा कि हाई कोर्ट देखें कि पॉक्सो कानून के तहत सुनवाई कर रही विशेष अदालतें तय नियमों के मुताबिक मामलों का निपटारा कर रही है।

साथ ही संबंधित हाईकोर्ट ’विशेष अदालतों को निर्देश जारी करें कि सुनवाई में गैर जरूरी स्थगन आदेश न दिए जाएं।

’मामलों की सुनवाई बच्चों के अनुकूल माहौल में हो सके। ’पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों की जल्द जांच व गवाहों की अदालत में पेशी सुनिश्चित करने को डीजीपी टास्क फोर्स तैनात करें।

नशे में धूत चालक ले जा रहा था बच्चों को घर, पुलिस ने पकड़ा

एक ऑटो चालक स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को ऑटो में बिठाकर आ रहा था। तभी सीपीयू पुलिस ने चालक को रोक कर जांच की तो पता चला कि चालक शराब के नशे में चूर था। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर ऑटो को सीज किया। बच्चों को दूसरे वाहन से घर पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर के समय सीपीयू कांस्टेबिल अनुराग कौशल ड्यूटी के बाद पुलिस लाइंस की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनकी नजर एमकेपी चौक के पास एक ऑटो पर पड़ी। ऑटो में स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। जबकि चालक वाहन को बेतरतीब तरीके से चला रहा था। शक होने पर ऑटो को रुकवाया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला।

इसके बाद जब सीपीयू कर्मी ने उसे शराब पीकर ऑटो चलाने से मना किया तो वह भड़क गया और सीपीयू कर्मी से गालीगलौच करने लग। जिसकी सूचना उसने तुरंत कंट्रोल रूम को दी गई। जिस पर सीपीयू में नियुक्त उनि. ललित मोहन बोरा और अनिल राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने एल्कोमीटर से चेक किया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला। इसके बाद सीपीयू द्वारा स्कूल की
शिक्षिका को बुलाकर सभी बच्चों को ऑटो से उतरवाया और दूसरे वाहन से बच्चों को घर भिजवाया। बाद में ऑटो को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित चालक की पहचान किशनचंद पुत्र श्री ज्ञानचन्द निवासी नालापानी चौक के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के विकास-योजनाओं को जनता के सामने रखा

ऊधमसिंह नगर में सात करोड़ 60 लाख 41 हजार की लागत से निर्मित शक्तिफार्म से तीन पानी तक के मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य के विकास पर फोकस डाला। उन्होंने सरकारी की योजनाओं को जनता के सामने रखा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री शक्तिफार्म (टैगोर नगर), उधमसिंहनगर के दुर्गा पूजा मंदिर प्रांगण में सात करोड़ 60 लाख 41 हजार रूपये की लागत के शक्तिफार्म से तीनपानी मार्ग का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भूमि विनियमितीकरण वर्ग-4, वर्ग-8, वर्ग-20 की भूमि की विनियमितीकरण कर 24 पात्र लोगों को भूमिधारी अधिकार प्रदान किये।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के राजस्व में बढ़ोत्तरी हुयी है, आने वाले साल में ऊर्जा से 300 करोड रूपये का मुनाफा कमायेंगे। रोडवेज को घाटे से उबारने के उपाय किये जा रहे है। इस वर्ष सरकार को खनन से 400 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, अगले वर्ष इसे बढ़ाकर 800 करोड़ किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का अगला फोकस रोजगार सृजन पर रहेगा। इसके लिए ब्लॉक व जिला स्तर पर गोष्ठियां आयोजित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत व सुझाव 1905 नम्बर पर दर्ज करा सकते हैं। पिछले दिनों आई अतिवृष्टि से जिन किसानों की फसल नष्ट हुई है, उन्हें दो माह के भीतर मुआवजे का भुगतान कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील भी की जिनकी भूमि का विनियमितीकरण किया जाना है, वह 19 अगस्त, 2018 तक करा लें। भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2000 के सर्किल रेट पर किया जा रहा है, उसके बाद यह वर्तमान सर्किल रेट पर किया जायेगा। उन्हांेने कहा कि ग्राम गोठा व बग्घा मे वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव शीघ्र बनाये, ताकि वहां सड़क निर्माण कराया जा सके। कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ई-टेंडरिंग से कार्य आवंटित किये जा रहे है। शराब के ठेकों का ई-टेंडरिंग कराने से 11 गुना तक बढे़ हुए टेंडर प्राप्त हुए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सिरसा से शक्तिफार्म तक 13 किमी की सड़क बनाने, सूखी नदी में पुल निर्माण, गोठा में दो किमी की सड़क निर्माण, सितारगंज मे बस अड्डा निर्माण तथा शक्तिफार्म मंे 108 इमरजेंसी सेवा चलाने की घोषणा की।

मुजफ्फरनगर कांड की परत खुलेगी, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

राज्य के निर्माण के वक्त हुयी आंदोलनकारियों की हत्या व बलात्कार की घटना पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने जिला जज देहरादून से दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकार, सीबीआई और जिला जज देहरादून को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल को भी कहा है।

अधिवक्ता रमन शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मुजफ्फरनगर कांड की पुनः सुनवाई हो। साथ ही मामले के दोषियों को सजा मिलने और सीबीआई जांच हो। याचिका में कहा गया है कि मामले से जुड़ी फाइल गायब करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।

विदित हो कि उत्तराखंड राज्य के गठन से पूर्व आंदोलनकारियों ने आंदोलन किया था। जिन्हें मुजफ्फरनगर के आगे जाने ही नहीं दिया गया था। इस दौरान 28 आंदोलनकारियों की हत्या कर दी गयी थी। साथ ही महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटना भी सामने आई थी। 17 आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड की घटना सीबीआइ की रिपोट में सामने आई है। हांलाकि 1996 में सीबीआइ ने तत्कालीन डीएम मुजफ्फरनगर अनंत कुमार सिंह समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की।

लेकिन इसके खिलाफ 2003 में डीएम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने डीएम को राहत देते हुए मामले पर स्टे लगा गिया। जिसके बाद 22 अगस्त 2003 को हाई कोर्ट की एकलपीठ ने अपने फैसले को रिकॉल कर लिया। फिर मामले में सुनवाई नहीं हो सकी तो मामले से जुड़ी फाइल भी गायब हो गई। अब 24 साल बाद एक बार पुनः हाईकोर्ट ने मामले को उजागर किया है।

पैतृक गांव पहुंच सेना प्रमुख ने खिंचवाई पुराने साथियों के साथ फोटो

अपने पैतृक गांव पहुंचे सेना प्रमुख जनरल रावत ने कुलदेवता गूल के दर्शन किये। इस दौरान उन्होंने न केवल गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। साथ ही गंाव के पलायन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंनंे गांव के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।

जनरल रावत ने परिजनों से गांव की समस्याओं पर चर्चा की। गांव के लोगों से उन्होंने खेती, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर बात की। जनरल रावत के परिवार के लोगों से बातचीत में उन्होंने गांव में घर बनाने की इच्छा जताई तो उनके चाचा भरत सिंह रावत ने उन्हें गांव में जमीन भी दिखायी। जनरल ने चाचा भरत सिंह के आवास के समीप ही एक खेत में घर बनाने पर सहमति जताई।

गांव में करीब दो घंटे का वक्त गुजारने के बाद जनरल रावत रात के लिए लैंसडाउन लौट गए। गांव से लौटते हुए जब जनरल रावत पत्नी मधुलिका के साथ बाहर सड़क पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं से हालचाल पूछा और दोबारा गांव आने की बात कही। जनरल रावत ने बच्चों के लिए कोटद्वार में आर्मी पब्लिक स्कूल खोलने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने अपने गांव तक सड़क बनाने के लिए भी राज्य सरकार से बात करने की बात कही। कोटद्वार में जनरल रावत और उनकी पत्नी ने गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों के लिए आवास बनाने की योजना की आधारशिला भी रखी।

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल विकासखंड में स्थित सैण गांव में जनरल रावत का पैतृक गांव है। जनरल रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए रोजगार देने वाली योजनाओं को गांवों में लाना होगा। उनकी पत्नी मधुलिका रावत ने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वो गांव आएंगी तो तब उनके गांव तक सड़क बन जाएगी।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड के किसानों की दी मिशाल

प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में कुमांऊ मंडल के बागेश्वर जिले के किसानों की मिशाल दी गयी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां के किसानों की मेहनत से उगने वाली फसल को संगठित होकर वैल्यू एडिशन के रूप में लिया है। साथ ही स्वरोजगार में भी इजाफा हुआ है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में मंडुवा, चोलाई, मक्का, जौ की फसल को ग्रामीणों ने बाजार मूल्य अच्छा न मिलने से नई तरकीब ढूंढ़ी है। कपकोट के ग्रामीणों ने फसल को बाजार में बेचने की जगह इन फसलों से बिस्किट्स और दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार किए हैं। लौह तत्वों से भरपूर यह क्षेत्र इन बिस्किटों के माध्यम से देशभर में स्वरोजगार के लिए उदाहरण बन गया है।

प्रधानमंत्री ने मुनार गांव में ग्रामीणों की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि आजीविका, आर्थिकी और स्वरोजगार के क्षेत्र में ग्रामीणों के इस कदम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी इस अभियान को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़ दिया है। अब ग्रामीण संगठित होकर न केवल हर साल 10 से 15 लाख रुपए कमा रहे हैं, बल्कि 900 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

किसानों की यह मेहनत पलायन को कम करने में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के संगठित प्रयास को देशभर के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। साथ ही कहा कि इससे न केवल किसानों ने अपना बल्कि अपने क्षेत्र का भाग्य बदल डाला है।

आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले किसानों की तारीफ करी। जिसपर सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने पहाड़ के गांव के किसानों की मेहनत का संज्ञान लिया।

श्रद्धालुओं के लिये बद्रीनाथ धाम में लगा हारपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर

यात्रियों की आमद को देखते हुये सूबे के सीएम ने श्रद्धालुओं के चिकित्सा सुविधा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए है। इसके तहत बद्रीनाथ धाम में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर लगाया गया है, जबकि केदारनाथ धाम, गंगोत्री व यमुनोत्री में भी यह सुविधा जल्द शुरू होने वाली है।

उत्तराखंड सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सा अधिकारी/फार्मेसिस्ट एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप वाले लोगों एवं वरिष्ठ नागरिक को आकस्मिक उपचार के लिए इकोस्प्रिन एवं सोर्बिट्रेट दवाओं की व्यवस्था की गई है। अधिक ऊचाँई पर होने वाले रोगों के उपचार हेतु प्रशिक्षित ‘सिक्स सिगमा हेल्थ केयर’, नई दिल्ली द्वारा उत्तराखण्ड में चारांे धाम के यात्रा मार्गों पर 21 जून तक विशिष्ठ सेवाएं दी जायेगी। इस हेल्थ केयर सेंटर द्वारा केदारनाथ धाम में कार्डियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यमुनोत्री धाम में भी शीघ्र ही कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराये जाएंगे। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर-104 को भी सुदृढ़ किया गया है। जिसके माध्यम से सभी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सूचना दी जायेगी तथा शिकायत एवं सुझाव भी लिए जायेंगे। हेल्प लाइन के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्गो पर श्रद्धाुलुओं को स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जायेगी।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों में कुल 20 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाये गये हैं। 08 स्थानों पर फर्स्ट मेडिकल रिस्पोन्डर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 103 स्थानों पर चिकित्सा इकाईयां बनाई गई हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं स्टाफ नर्स की समुचित व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा मार्ग में 50 प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड व यूपी सरकार की अपीलें की खारिज

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपीलों को नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खारिज कर दिया। खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन संबंधी लाभ देने वाले एकलपीठ के आदेश को सही पाया है।

विदित हो कि उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष पांच जून को दिए एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा की एकलपीठ ने लोनिवि और सिंचाई विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारियों की समस्त सेवा को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन सहित अन्य लाभ देने के आदेश पारित किए थे।

नैनीताल लोक निर्माण विभाग में कार्यरत गिरीश जोशी, पौड़ी गढ़वाल के विक्रम सिंह समेत अन्य लोगों ने इस संबंध में याचिका दायर करते हुये कहा कि उनके वर्कचार्ज की सर्विसेज को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन समेत अन्य लाभ देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान उप्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र कुमार सिंह तथा उत्तराखंड सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने दलीलें देकर एकलपीठ के आदेश को निरस्त करने की मांग की। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के खिलाफ दायर विशेष अपीलों को खारिज कर मामला निस्तारित कर दिया। मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने वन विभाग के 14 अस्थायी कर्मियों के मामले में एकलपीठ के फैसले के खिलाफ सरकार की अपील स्वीकार कर ली हैं।

खुशखबरी! सरकार ने पीआरडी जवानों के मानदेय में की वृद्धि

त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार ने पीआरडी के तीन हजार से अधिक जवानों के मानदेय में प्रतिदिन 50 रूपये की वृद्धि करने पर मुहर लगाई है। सरकार के इस फैसले के बाद पीआरडी जवानों को अब 450 रूपये मानदेय मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उपनल के माध्यम से राज्य सरकार के निगमों, निकायों, महकमों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 18371 और केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 2677 समेत कुल 21048 कार्मिकों के मूल वेतन में प्रतिमाह 1500 रुपये की वृद्धि करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उपनल के जरिये सभी चार श्रेणियों अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च प्रशिक्षित कार्मिकों के लिए यह वृद्धि लागू होगी। उन्होंने बताया कि उक्त चारों श्रेणियों में कार्मिकों को अभी मूल वेतन के रूप में क्रमशरू 5608 रुपये, 6655 रुपये, 7540 रुपये व 8540 रुपये निर्धारित हैं। अन्य भत्ते शामिल करने के बाद कुल मानदेय की राशि बढ़कर क्रमशरू 8680 रुपये, 10187 रुपये, 11461 रुपये, 12899 रुपये होती है। लेकिन इस मानदेय में श्रेणीवार क्रमशरू 1884 रुपये, 2229 रुपये, 2522 रुपये व 2851 रुपये की राशि की कटौती के बाद उपनल कार्मिकों को मानदेय का भुगतान किया जाता है।

मंत्रिमंडल ने उपनल के साथ ही पीआरडी जवानों को भी राहत देने का निर्णय लिया। हालांकि, पीआरडी जवानों के मानदेय में वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया था, लेकिन मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में भी प्रति दिन 50 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया। पीआरडी में फिलवक्त तीन हजार से ज्यादा जवान कार्यरत हैं। इन जवानों को अभी प्रतिदिन 400 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।