गैंगरेप पीड़िता बोली बीजेपी विधायक के हाथ में है पूरा प्रशासन

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली रेप पीड़िता के पिता की मौत हो गई है। पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उसके पिता से मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में रेप पीड़िता ने बीजेपी विधायक पर गंभीर इल्जाम लगाए। पीड़िता ने एक प्राइवेट चैनल को बताया, ये घटना चार जून 2017 की की रात आठ बजे की है। उस रात एक महिला हमें विधायक कुलदीप सेंगर के पास ले गई थी। जो बीजेपी के नेता हैं। जहां उन्होंने मेरे साथ रेप किया।

पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया तो बीजेपी विधायक ने परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी। जब वो थाने में गई तो पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं लिखी गई। इसके बाद तहरीर बदल दी गई।

पीड़िता ने बताया, मैं जून 2017 में सीएम योगी से मिली थी। उन्होंने कहा था कि बेटा इंसाफ मिलेगा, लेकिन एक साल हो चला है और अब तक कुछ नहीं हुआ। मैंने हर जगह तहरीर भेजी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

पीड़िता ने बताया कि उनके पापा छोटे बच्चे को देखने के लिए घर आए थे। जिसके बाद विधायक के लोगों ने मेरे पिता को बहुत मारा। पीड़िता ने बताया, पुलिस पहुंच गई तब भी उन्होंने मेरे पापा को मारा। हमारा दरवाजा खोलकर पापा को घसीटकर ले गए और खूब पिटाई की। पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक से मामले की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार और कानून इस घटना के दोषियों के साथ कोई रियायत नहीं करेगा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिये तफ्तीश को लखनऊ स्थानान्तरित कर दिया गया है।

चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि ने बताया कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया है। जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।

अपना प्रभाव दिखाते तो लाखों की नौकरी करता बेटाः प्रेमचंद

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे अपूर्व अग्रवाल को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) से जलसंस्थान में सहायक अभियंता के पद तैनाती मिली थी। यह मामला प्रकाश में आने के बाद काफी बड़ा मसला खड़ा हो गया था। राज्य के विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन व विस अध्यक्ष के पुतले तक आग के हवाले किये जा रहे थे। इस बीच विवाद को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष के बेटे अपूर्व अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके बेटे ने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और अब इस विषय को यहीं समाप्त किया जाए।

पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल इस पूरे प्रकरण पर व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपूर्व उपनल में सहायक अभियंता के पद पर 11 माह के लिए अस्थायी नियुक्ति हुआ था। उनके बेटे ने इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया गया था। इस नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके लिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। यदि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते तो उनका बेटा दो-तीन लाख की नौकरी करता, न कि 15 हजार रुपये की अस्थायी नौकरी। उनके बेटे की यदि अपनी योग्यता व मेहनत के बूते नौकरी लगी है, इसके बाद भी ऐसी बातें कही जा रही हैं, इसका उन्हें कष्ट है।

उन्होंने कहा कि मेेरे राजनीतिक जीवन में अभी तक आरोप नहीं लगे हैं। वे राज्य आंदोलन समेत तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत रहे हैं। उनकी छवि व संवैधानिक पद पर उनकी मर्यादा को तार-तार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे ने इस्तीफा दे दिया है तो इस प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए।

विहिप नेता ने मांस की बिक्री पर खुद को किया आग के हवाले

धर्मनगरी हरिद्वार में मांस की दुकानों को हटाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेता ने खुद को आग लगा ली। मौके पर पुलिस ने दरी डाल आग बुझाई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच विहिप नेता के खिलाफ आत्मदाह का मुकदमा भी दर्ज हो गया।

ज्वालापुर रेल चौकी के समीप विहिप नेता कार्यकर्ताओं के संग पहुंचे। इस बीच विहिप नेता चरणजीत पाहवा ने अपने शरीर पर तेल छिड़क स्वयं पर आग लगा दी। मौके पर पुलिस पहुंची और जैसे-तैसे वहां पहले से पड़ी एक दरी के जरिये आग पर काबू पाया। पाहवा को झुलसी हालत में हरिद्वार जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बर्न यूनिट न होने के चलते उन्हें देहरादून स्थित कोरेनेशन अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टर के अनुसार पाहवा का शरीर 40 फीसदी जल चुका है।

विदित हो कि विहिप नेता चरणजीत पाहवा नगर निगम क्षेत्र में मांस की अवैध बिक्री को बंद कराने की मांग कर रहे है। उन्होंने दो दिन पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर रविवार को आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। वहीं कार्यकर्ताओं ने कहा कि चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने मामला को हल्के में लिया। वहीं पुलिस ने आत्मदाह के प्रयास में चरणजीत पाहवा के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जनता की खुशहाली के लिये एकजुट होंगे भारत और नेपाल

भारत और नेपाल एक दूसरे के नागरिकों की खुशहाली और गरीबी दूर करने के लिये एकजुट होकर कार्य करेंगे। कृषि क्षेत्र में यह कार्य सार्थक सिद्ध होगा। यह बात नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पंतनगर विवि में कार्यक्रम के दौरान कही।

पंतनगर एयरपोट पर पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुके देकर स्वागत किया। परंपरागत कुमाऊं के रीति रिवाज के तहत प्रधानमंत्री केपीएस ओली का स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के सम्मान में कलाकारों ने छोलिया नृत्य एयरपोर्ट पर प्रस्तुत किया। इसके उनका काफिला पंतनगर विवि के लिए रवाना हो गया।

ओली अपनी धर्मपत्नी राधिका शाक्य और नेपाल के 33 सदस्यीय दल के साथ उत्तराखंड दौरे पर आए हुए हैं। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कृषि तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ाना है। रविवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि, पंतनगर के गांधी हॉल में राज्यपाल केके पाल ने उन्हें विज्ञान वारिधि की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि हमारी धार्मिक आस्थाएं एक-दूसरे के साथ हैं। नेपाल की जनता भी भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है। पीएम ओली ने कहा कि नेपाल की दो तिहाई जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, लेकिन आधुनिकीकरण एवं यांत्रिकीकरण में काफी पीछे हैं। हमारे दो कृषि विवि हैं, लेकिन वे अभी प्रारंभिक अवस्था में हैं। उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए पंतनगर विवि का सहयोग लिया जाएगा।

जीबी पंत कृषि विवि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां बहुत कुछ सीखने को है। बोले, विवि ने जो सम्मान उनको दिया, वह उनके लिए नई प्रेरणा का काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने जो पहल की है, नेपाल उसमें अपना पूरा योगदान देगा। इससे पहले ओली ने विवि के ब्रीडर सीड्स प्रोसेसिंग यूनिट और बीज अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया।

राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने कहा कि नेपाल एवं उत्तराखंड इतिहास, संस्कृति, व्यापार के साथ-साथ अन्य बहुत सी समानताएं रखते हैं। चुनौतियां भी एक जैसी हैं तथा दोनों मिलकर अपने लोगों की बेहतरी, वातावरण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने नेपाल एवं उत्तराखंड की समान परिस्थितियों को देखते आपसी सहयोग के पांच बिंदुओं का उल्लेख किया।

हमने पारदर्शी आबकारी नीति लागू कीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक बयान में कहा है कि शराब बिक्री के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही है, वह निराधार है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारी सरकार ने एक पारदर्षी आबकारी नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार एफएल-5एम/डीएस के नाम से एक पॉलिसी लाई थी। जिसके अंतर्गत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर में 02 लाख रूपए का शुल्क देकर लाइसेंसधारियों को विदेषी शराब बेचने का अधिकार दिया गया था। हमारी सरकार ने इस पॉलिसी के दुरूपयोग को रोकने हेतु नए कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर का लाइसेंस शुल्क 02 लाख से 05 लाख कर दिया गया है। साथ ही ये प्रावधान भी किया गया है कि यह लाइसेंस तब दिया जाएगा, जब उस स्टोर का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक हो। इससे वास्तविक डिपार्टमेंटल स्टोर ही उक्त अनुज्ञापन प्राप्त कर सकेंगे।

सीएम ने मीडिया व जनता से अपील की है कि इस मुद्दे पर भ्रामक खबरों या दुष्प्रचार से बचें। एफएल-5एम/डीएस पॉलिसी में किए गए संषोधन परचून किराना स्टोर में शराब बेचने के लिए नहीं है बल्कि पहले से चली आ रही पॉलिसी का दुरूपयोग रोकने का एक ईमानदार एवं पारदर्षी कदम है।

सरकार शराब को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसके लिए बनाये नियमों का पारदर्षी तरीके से लागू करने का प्रयास कर रही है।

भारत बंद के बाद दलितों पर हो रहा अत्याचारः उदित राज

उत्तर प्रदेश के भाजपा के चार दलित सांसदों की प्रदेश सरकार के विरूद्ध नाराजगी को पीएम नरेंद्र मोदी ने बहुत गंभीरता से लिया है। पिछले दिनों सावित्रीबाई फुले, छोटे लाल, इटावा के सांसद अशोक कुमार, नगिना के यशवंत सिंह दलितों के मसले पर राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं।

पीएम मोदी ने शनिवार को चारों दलित सांसदों की नाराजगी की चिंता करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुलाया और इस विषय पर न केवल चर्चा की बल्कि इस मसले पर विस्तृत रिपोर्ट भी यूपी बीजेपी से मांगी है।

दरअसल, बीजेपी आलाकमान पहले ही गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव में हार से पहले परेशान था। अब एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पार्टी के एक के बाद एक यूपी के चार बीजेपी दलित सांसदों की नाराजगी पीएम मोदी के लिए भी सिरदर्द बन गई है।

सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने योगी आदित्यनाथ को साफ तौर से ये बता दिया है कि इस मसले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए। साथ ही इस बात की भी हिदायत दी कि जरूरत पड़े तो नाराज सांसद से पार्टी बैठकर बात करे और इनकी समस्या का समाधान किया जाए। इनके अलावा बीजेपी सांसद उदित राज ने शनिवार रात आरोप लगाया कि इस सप्ताह के शुरू में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में दलित समुदाय के सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

उदित राज ने इस बारे में सिलसिलेवार ट्वीट किए। उन्होंने कहा, दो अप्रैल को हुए आंदोलन में हिस्सा लेने वाले दलितों पर अत्याचार की खबरें मिल रही हैं और यह रुकना चाहिए।

पलायन को रोकने का काम करेगा आयोगः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद पौड़ी में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की पहली बैठक आयोजित हुई। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन आयोग के गठन का मुख्य उद्देष्य ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कर पलायन को रोकना है और आयोग के गठन के बाद हम इसमें सफल होंगे। उन्होंने कहा कि जो गांव पलायन के कारण खाली हुए हैं और जिन गांव में रिवर्स माइग्रेषन हुआ है, इसका भी अध्ययन किया जाए। राज्य सरकार ने स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू किया है इसका माइग्रेषन पर क्या असर हुआ, अध्ययन में इस बात को भी जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हम अपनी न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित कर रहे हैं, इससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेषन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने-अपने क्षेत्र की विषेषताओं पर भी ध्यान देना होगा। जैसे कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल के पास के क्षेत्र में मैंगो जिंजर बहुत अच्छी मात्रा में उत्पादित होता है, टौंस वैली में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है, इसको प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ऐसी फसलों का उत्पादन किया जाना चाहिए। जिन्हें जंगली पषु नुकसान ना पहुंचा पाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें माइग्रेषन के प्रकार और उसके कारणों की जांच पर ध्यान देना होगा। स्थानीय माइग्रेषन किन कारणों से हो रहा है, इस पर भी ध्यान देने की आवष्यकता है। वहां पर ऐसी कौन-कौन सी अवस्थापना सुविधाओं की कमी है इसका भी अध्ययन होना चाहिए।

तीर्थनगरी से मेरा पुराना नाताः एलके आडवाणी

पूर्व उप प्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के 38वें स्थापना दिवस के मौके पर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने सभी से राष्ट्रभक्ति व देश प्रेम को प्राथमिकता देने की बात कही। आडवाणी बोले निष्ठा, समर्पण, सेवा इत्यादि से भाजपा आज सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी के रूप में है।

शुक्रवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी निजी कार्यक्रम के तहत तीर्थनगरी में परमार्थ निकेतन पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पुत्री प्रतिभा आडवाणी, पुत्र जयंत आडवानी, पुत्रवधू गीतिका व अन्य भी थे। परमार्थ पहुंचने पर ऋषिकुमारों ने मंत्रोच्चर व पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती व लालकृष्ण आडवाणी के बीच पर्यावरण प्रदूषण, निर्मल व अविरल गंगा के अस्तित्व में आने वाली चुनौतियों के विषय पर गहन चर्चा हुई। साथ ही मां गंगा, गंगोत्री ग्लेशियर से गंगा सागर तक गंगा के तटों को हरा-भरा बनाने एवं दोनों ओर के क्षेत्रों को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त करने, हर परिवार को मिले मकान एवं पराली जलाने से हो रहे प्रदूषण को समाप्त करने पर विचार विमर्श किया।

प्रेस वार्ता में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि गंगा के तट पर आकर उन्हें असीम सुख प्राप्त होता है। उनकी दिवंगत पत्नी कमला आडवाणी की यादों भी तीर्थनगरी से जुड़ी है और उन्हीं की प्रेरणा से वह सबसे पहले यहां आए थे। उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम स्थित योगा विलेज की रूद्राक्ष ध्यान वाटिका में एक वर्ष पूर्व स्वर्गीय कमला आडवानी की स्मृति में रोपित किए गए रूद्राक्ष के पौधों का अवलोकन किया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दिवंगत कमला आडवानी को याद करते हुए कहा कि वह ममता और करूणा की मूद्दत थी। वह लालकृष्ण आडवानी की सहधर्मिणी ही नहीं बल्कि पग-पग पर साथ देने वाली मार्गदर्शिका भी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा व भारत को शिखर पर ले जाने में लालकृष्ण आडवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक कार्यो में उनका उत्कृष्ठ योगदान रहा। उन्होंने सदैव एक कुशल मार्गदर्शक एवं प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती व साध्वी भगवती सरस्वती ने लालकृष्ण आडवाणी व उनके परिजनों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

ऋषिकेश एम्स में रोबोटिक सर्जरी से दो का सफल ऑपरेशन

ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इन दिनों रोबोटिक सर्जरी का लाभ कई मरीजों को मिल रहा है। इस सर्जरी के जरिये एक महिला का मूत्राशय में रसौली व एक व्यक्ति में पाए गये कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स की देखरेख में सम्पन्न हुआ।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रविकांत गुप्ता ने बताया कि इस सर्जरी का सर्वाधिक उपयोग किडनी व मूत्राशय संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन में किया जाता है। यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डाक्टर अंकुर मित्तल व सुनील कुमार ने 65 वर्ष की एक महिला जो ब्लैडर कैंसर की समस्या से जुझ रही थी। उनका ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल रहा। इस ऑपरेशन में कैंसर से ग्रस्त मूत्राशय को निकालकर कृत्रिम मूत्राशय बनाया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व में चीरा लगाकर ऑपरेशन किये जाते थे।

विदित हो कि मूत्राशय कैंसर धूम्रपान, विकिरण, रसायनिक कारणों, रंजक, रबड़, पेंट आदि के निर्माण में प्रयोग में लाये जाने वाले रसायन से होता है।

दूसरा सफल ऑपरेशन में एक व्यक्ति की किडनी में कैंसर था। रोबोटिक सर्जरी के जरिये रसौली को निकाल दिया गया और किडनी को बचा लिया गया। जबकि, पूर्व में किडनी को ही निकाल दिया जाता था।

आबकारी विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, जांच शुरू

देहरादून में एक मामला ऐसा सामने आया है जहां आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान गयी टीम को अपनी जान की खातिर संघर्ष करना पडा़। इस दौरान अधिकारियों के वाहन को जलाने का भरपूर प्रयास किया गया।

रायपुर रोड स्थित शराब के एक अवैध गोदाम पर छापा मारने की गई आबकारी विभाग की टीम पर वहां के कर्मचारियों ने धावा बोल दिया। इतना ही नहीं आबकारी अधिकारियों के वाहन को जलाने का भी प्रयास भी हुआ। जब इसकी सूचना आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को मिली तो हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीओ डालनवाला जया बलूनी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचीं तो उस समय गोदाम कर्मियों ने टीम को घेर रखा था।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर आबकारी अधिकारियों को मुक्त कराया गया। इस दौरान आबकारी सिपाही विनीत कुमार को चोटें भी आईं। पुलिस ने सहायक आबकारी आयुक्त रेखा जुयाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपित दिनेश मलहोत्र और बलवीर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इससे पूर्व आबकारी मुख्यालय को सूचना मिली थी कि रायपुर रोड पर चूना भट्टा स्थित देशी शराब की दुकान के पास शराब का अवैध गोदाम बनाया गया है। आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम के निर्देश पर गुरुवार दोपहर बाद सहायक आयुक्त राजीव सिंह, रेखा जुयाल व मीनाक्षी टम्टा के नेतृत्व में पहले दुकान के स्टॉक की जांच की गई और फिर दुकान से काफी दूर बनाए गए गोदाम पर छापा मारा गया। इससे पहले कि टीम गोदाम तक पहुंच पाती, वहां पहले से मौजूद कर्मचारियों ने टीम पर धावा बोल दिया। एक व्यक्ति मिट्टी तेल की बोतल लेकर टीम के वाहन की तरफ दौड़ा। हालांकि, आबकारी निरीक्षक आनंद सिंह व ज्योति वर्मा ने उन्हें विफल कर दिया। तभी कुछ और लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने टीम को घेर लिया। गनीमत रही कि पुलिस फोर्स कुछ ही देर में वहां पहुंच गई।