कास्टिंग काउच से संसद भी अछूती नहींः रेणुका चौधरी

पूर्व राज्यसभा सदस्य व कांग्रेसी नेता रेणुका चौधरी अपने बड़बोले बयान के लिये मशहूर है। ऐसा ही एक और बड़ा बयान उन्होंने दिया है। उन्होंने कास्टिंग काउच पर कहा कि सिर्फ फिल्म उद्योग ही नहीं, बल्कि सभी कार्यस्थलों की सच्चाई है। उन्होंने कास्टिंग काउच को संसद से जोड़ते हुये कहा कि संसद भी इससे अछूती नहीं है।

पत्रकार वार्ता के दौरान रेणुका चौधरी ने कहा यह कड़वी सच्चाई है। यह सिर्फ फिल्म उद्योग में ही नहीं है। यह कार्यस्थलों पर भी हर जगह होता है। यह मत सोचिए कि संसद इससे अछूती है या कोई अन्य कार्यस्थल इससे बचा हुआ है। अगर आज आप पश्चिमी दुनिया की ओर देखें तो स्थापित शीर्ष अभिनेत्रियों ने भी ‘मी टू’ (मैं भी) कहने में काफी समय लिया। अब समय आ गया है कि भारत भी आगे आकर कहे- मी टू।

यहां आपको बताना जरूरी हो जाता है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुयी सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर रेणुका चौधरी ने अपने बयान में कहा था कि दुष्कर्म तो चलते ही रहते हैं। मालूम हो कि दक्षिण भारत की एक संघर्षरत अभिनेत्री रेड्डी के हाल ही में दिए गए बयान की वजह से कास्टिंग काउच पर काफी बहस हो रही है।

मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने मांगी माफी
बॉलीवुड की कोरियोग्राफर सरोज खान ने कास्टिंग काउच संस्कृति का बचाव करने संबंधी अपने बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा था इंडस्ट्री में लड़की को दुष्कर्म करके छोड़ नहीं देते, रोजी-रोटी भी देते हैं। इसलिए सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के पीछे नहीं पड़ना चाहिए। ये सारी चीजें लड़की के ऊपर है कि वह क्या करना चाहती है। तुम ऐसे लोगों के हाथ में नहीं आना चाहते तो मत आओ। तुम्हारे पास कला है तो खुद को इंडस्ट्री में बेचने की क्या जरूरत है।

जॉर्जिया नागरिक ने किया 30 लाख के हीरे पर हाथ साफ

तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक अमेरिकी नागरिक द्वारा बड़ी चतुराई से हाथ साफ करने की घटना सामने आई है। दरअसल, ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक जेम्स एंड ज्वेलरी की दुकान है। ज्वेलरी विक्रेता ने बताया कि जॉर्जिया निवासी एक विदेशी हर रोज उनकी दुकान पर हीरा देखने आता था। करीब तीन से चार दिन तक लगातार हीरा देखने के बाद उसने वह हीरा बदलकर नकली हीरा उसकी जगह रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रूपये बतायी जा रही है। उन्होंने जॉर्जिया निवासी इस विदेशी नागरिक के खिलाफ मुदकमा दर्ज कराया है।

थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि लक्ष्मणझूला में उप्र को-ऑपरेटिव हैंडीक्राफ्ट के नाम से रत्नों का व्यापार करने वाले नरेंद्र धाकड़ ने पीजीओ शानिडी निवासी टवलिसी शहर जॉर्जिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में व्यापारी ने अवगत कराया कि यह विदेशी पर्यटक पिछले कुछ दिनों से उनकी दुकान में आ रहा था और हमेशा हीरों की डिमांड करता था। पुलिस ने बताया कि आखिरी वक्त 22 अप्रैल को यह विदेशी इस व्यापारी की दुकान में आया।

मंगलवार को जब व्यापारी ने अपनी दुकान में रखे रत्नों का मिलान किया तो कीमती हीरों के बाक्स में एक हीरा देखकर उनका माथा ठनक गया। जब जांच की गई तो यह हीरा नकली था। व्यापारी के मुताबिक गायब हीरे को वह विदेशी पर्यटक अक्सर परखता था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि इस विदेशी पर्यटक ने असली हीरे की जगह नकली हीरा बॉक्स में रख दिया। हीरे की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर संबंधित दूतावास को सूचना भेज दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि उक्त विदेशी तपोवन के एक गेस्ट हाउस में ठहरा था। मगर, जब पुलिस वहां पहुंची तो वह वहां नहीं मिला।

राज्य के तीव्र विकास के लिये अनुभवियों के सुझाव जरूरी

सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड के चतुर्थ प्रांतीय महाधिवेशन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पेंशनर्स भवन की मांग देहरादून में विचारणीय है। उन्होंने संगठन के अधिवेशन के लिये एक लाख रूपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की।

संगठन के महाधिवेशन में पहुंचे मुख्यमंत्री के सम्मुख संगठन ने 14 सूत्रीय मांग पत्र रखा। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मांगों का परीक्षण किया जायेगा। जो मांग पूरी हो सकती है, उसे पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदों एवं विधायकों से एक घण्टे के संवाद में उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए हम सबको आधुनिक तकनीक के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं नीतियों से अपडेट रहना जरूरी है। सरकार के नीतिगत निर्णय, शासनादेश सब वेबसाइट पर अपलोड हो जाती हैं। किसी भी समस्या की शिकायत, उसके समाधान और सुझाव के लिए सीधे मुख्यमंत्री ऐप एवं टोल फ्री नम्बर 1905 पर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिकायत या सुझाव मिलने पर उसे सीधा सम्बन्धित विभागों को भेजा जाता है। जिस पर सम्बन्धित विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाती है।

उन्होंने बताया कि घेस व हिमनी गांवों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से दिल्ली के अपोलो अस्पताल से जोड़ा गया है। चमोली के सुदूर बलाड गांव में कम उम्र में ही महिलाओं के दांत गिरने की समस्या पायी गयी थी, इसकी जांच करने पर यह जानकारी मिली कि प्रसव के दौरान उन्हें ठीक से आहार न मिलने के कारण यह समस्या पैदा हो रही है। इसके लिये गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त राज्य बनाने लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहल करते हुए प्रदेश में 47 ई-अस्पताल स्थापित किये गये है। जबकि पूरे देश में इनकी संख्या 144 है। सरकार का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक सेवाएं दी जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के वरिष्ठ पेंशनर्स को सम्मानित भी किया।

इस दौरान मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारियों को अपने अनुभवों से सरंक्षक की भूमिका निभानी होगी। राज्य के तीव्र विकास के लिए अनुभवी लोगों का सुझाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य कर रही है। पिछले एक साल में परिवहन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को घाटे से उभारा गया है।

मानसरोवर यात्रा पर माना चीन, नाथुला के रास्ते होगी यात्रा

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को सुधारने की बात कही। दोनों ने भारत-चीन के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की सराहना की। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तारीफ करते हुये वांग ने कहा, इस साल हमारे नेताओं के मार्गदर्शन में चीन-भारत संबंधों ने अच्छा विकास किया है और विदेश मंत्री सुषमा ने उसमें बहुत अहम योगदान दिया है, जिसकी हम सराहना करते हैं। वहीं सुषमा स्वराज ने वांग को स्टेट काउंसलर और भारत के साथ सीमा मुद्दे पर चीन के विशेष प्रतिनिधि बनने की बधाई दी।

यात्रा पर सहमति

भारत और चीन ने सिक्किम में नाथूला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमति जता दी है। करीब 10 महीने पहले डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद यात्रा रोक दी गयी थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की यहां चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत के दौरान यह निर्णय लिया गया।

सुषमा ने कहा, ‘हम इस बात से खुश हैं कि इस साल नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस साल चीनी पक्ष के पूरे सहयोग से यात्रा भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए संतोष देने वाला अनुभव होगी।

विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग रास्तों से जून से सितंबर तक यात्रा का आयोजन करता है। इन दो मार्गों में लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) है। धार्मिक महत्व वाली इस तीर्थयात्रा का सांस्कृतिक महत्व भी है, जिसमें हर साल सैकड़ों लोग कैलाश मानसरोवर जाते हैं।
विदेश मंत्री ने वार्ता के बाद कहा कि साल 2018 में चीन, सतलज और ब्रह्मपुत्र नदी के डेटा भारत को उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा भारत और चीन के बीच आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे अहम मुद्दों पर भी बातचीत हुई है।

चीन जाएंगे पीएम

सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को चीन दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात होगी।

क्षेत्रीय समन्वय समिति के जरिये अनुभवों को करें साझा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में अपराध बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है। सूचना तकनीक के विकास से विश्व में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। बढ़ते अपराधों की रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों की पुलिस में आपसी समन्वय और तालमेल की जरूरत बढ़ती जा रही है। यह बात सीएम ने पुलिस विभाग द्वारा अयोजित चतुर्थ उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक का शुभारंभ कर कहा कि समन्वय समिति की बैठक में जिन आठ राज्यों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। उनमें से पांच राज्यों की सीमायें अन्तराष्ट्रीय सीमाओं से लगी हैं। यह बैठक हमारे लिए महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के जरिये अलग-अलग राज्यों से आये पुलिस एवं सतर्कता एवं अभिसूचना विभाग के अधिकारी अपने-अपने अनुभवों को आपस में साझा करेंगे।

उन्होंने कहा कि पुलिस को विभिन्न समस्याओं का समाधान कुशलतापूर्वक करना होगा। समाजिक विविधता के दृष्टिगत पुलिस को व्यवस्थाओं और मर्यादाओं को कायम रखते हुए कार्य करना होगा। अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं पर भारत सरकार से सामंजस्य एवं अनुमति की जरूरत होती है। इसके लिए हमें समन्वय, बेहतर संवाद एवं सामंजस्य स्थापित करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सतर्कता एवं अभिसूचना तंत्र को तकनीकि एवं प्रशिक्षण की दृष्टि से सशक्त होना जरूरी है।

प्रमुख सचिव गृह आनन्द वर्द्धन ने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति के इस सम्मेलन में पुलिस एवं सुरक्षा से संबधित उच्च अधिकारियों को अपने विचारों और अनुभवों को आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा। वर्तमान परिस्थितियों में विभिन्न मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा होगी और आपसी सामंजस्य भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, कम्यूनिकेशन एवं सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों से साइबर क्राइम बढ़ा है। इन अपराधों को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है, इन विषयों पर अधिकारी अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि वैश्वीकरण एवं संचार क्रांति के वर्तमान दौर में राज्यों को अनैक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें अन्तर्राज्यीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की बाहरी एवं आन्तरिक सुरक्षा की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की चुनौतियों के मुकाबले के लिए राज्यों के संसाधन सीमित हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्यों की पुलिस व्यवस्था को उसी के अनुकूल सक्षम बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए दिन-प्रतिदिन की सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा अपराध की चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत एवं अभिसूचना तंत्र की मजबूती पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अर्न्तराज्यीय सम्मेलन से समस्याओं के समाधान तथा सुधार की दिशा में दूरगामी परिणाम प्राप्त होते हैं।

अब बच्ची से रेप करने पर रेपिस्ट को मिलेगी फांसी

भारत सरकार मासूम बेटियों के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिये अध्यादेश लाने जा रही है। इस अध्यादेश के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2018’ को मंजूरी दे दी गई। जिसके तहत फांसी का प्रावधान किया गया हैं। यह अध्यादेश राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और गजट में अधिसूचना जारी होने के बाद कानून के तौर पर लागू हो जाएगा।

यह अध्यादेश लागू होने पर दुष्कर्म के मामलों में न्यूनतम सात साल के सश्रम कारावास को बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है। अधिकतम इसे आजीवन भी किया जा सकेगा। वहीं 16 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के दोषियों को न्यूनतम 20 साल की सजा का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को मृत्युदंड मिलेगा। अध्यादेश के तहत दो माह में पूरी करनी होगी दुष्कर्म कांड की जांच। दो माह के अंदर ट्रायल पूरा करना होगा। 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपी को नहीं मिल सकेंगी अग्रिम जमानत।

स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिकाः सीएम

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले कि सभी जिलाधिकारियों को वर्षाकाल से पूर्व आपदा से निपटने के लिये पांच-पांच करोड़ रूपये दे दिये जाये। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका रहती है। स्थानीय लोगों को आपदा से निपटने को प्रशिक्षण दिया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला मंगल दलों एवं युवा मंगल दलों को आपदा से राहत व बचाव की ट्रेनिंग दी गई हैं, उन्हें समय-समय पर पुनः प्रशिक्षित किया जाए। स्थानीय स्तर पर आपदा राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। अर्ली वार्निग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने भूकम्प की दृष्टि से अति संवेदनशील संस्थानों को चिन्हित करने एवं उससे बचाव के लिए प्रभावी उपाय तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधा को बढ़ाने के लिए बैलून तकनीक विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रात्रि के समय आपदा राहत एवं बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बैठक के दौरान उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की वेबसाइट व लोगो का विमोचन किया तथा आईआरएस से संबंधित मोबाईल एप्लीकेशन को लॉच किया। इसके अलावा उन्होंने सैन्डई रूपरेखा, आईआरएस के कॉफी टेबल बुक, युवक एवं महिला मंगल दल प्रशिक्षण, एनडीएम के सहयोग से संचालित आपदा सुरक्षा मित्र योजना एवं आईआरएस चेकलिस्ट पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लोगो के डिजाइन के लिए कंपीटिशन जीतने वाले नरेन्द्र तोमर को 25 हजार रूपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। आपदा में सर्च एवं रेसक्यू में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।

चीन सीमा को जाने वाला गंगोरी बेली ब्रिज तैयार

भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला गंगोत्री हाइवें पर बना गंगोरी बेली ब्रिज तनकर तैयार हो गया है। सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर वीएसएम एएस राठौर ने पुल का उद्घाटन किया।

उन्होंने बताया कि 1.3 करोड़ रुपये की लागत से 190 फीट लंबे इस बेली ब्रिज को बीआरओ के जवानों ने सात दिन में तैयार किया है। पुल की भार क्षमता 18 टन से बढ़कर 40 टन होगी। तय समय से पहले पुल का निर्माण होने पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बीआरओ की टीम को बधाई दी।

विदित हो कि एक अप्रैल को भारत-चीन सीमा पर स्थित गंगोत्री धाम व भटवाड़ी ब्लाक के 42 गांवों को जोड़ने वाला असी गंगा नदी पर बना गंगोरी बेली ब्रिज टूट गया था। ब्रिज बीआरओ ने आठ जनवरी 2018 में बनाया था, लेकिन उसकी भार क्षमता सिर्फ 18 टन थी। बीती एक अप्रैल को एक रेत से भरे डंफर के भार से ही पुल टूट गया था।

इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के लिए बीआरओ ने असी गंगा नदी में ह्यूम पाइप डालकर मार्ग तैयार किया। ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे। बरसात से पहले नया पुल तैयार करने के दबाव के बीच बीआरओ ने इस टूटे पुल को हटाने और नया पुल बनाने की योजना तैयार की। इसके लिए पठानकोट, चंडीगढ़, भारत-चीन सीमा के रिमझिम बॉर्डर, जोशीमठ और ऋषिकेश से सामान एकत्र किया गया। 12 अप्रैल तक सामान एकत्र होने के बाद 13 अप्रैल से बीआरओ के जवानों ने ब्रिज को जोड़ने का कार्य शुरू किया। ब्रिज के निर्माण में बीआरओ ने आर्मी से भी तकनीकी सहयोग लिया।

सीएम त्रिवेन्द्र को मिलेगा राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार

सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा द मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड के अंतर्गत उत्तराखंड को स्पेशल मेंशन सार्टिफिकेट फॉर फिल्म फ्रेंडली इनवायरमेंट पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार राज्य में फिल्म शूटिंगों के लिए निर्माता/निर्देषकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए दिया गया है।

चूंकि उत्तराखण्ड अभी नया राज्य है और वहां पर चुनौतियां भी काफी है, इसके बावजूद उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा किये गये सकारात्मक प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई है। प्रतिवर्ष दिये जाने वाले इस पुरस्कार के लिए सभी राज्यों से आवेदन आमंत्रित किये जाते है। जिसके बाद पुरस्कार चयन हेतु गठित समिति द्वारा पुरस्कार के लिए राज्यों का चयन किया जाता है। इस वर्ष इस चयन समिति के अध्यक्ष प्रसिद्ध फिल्म निर्माता/निर्देषक रमेश सिप्पी थे। पुरस्कारों की घोषणा सिप्पी द्वारा की गई। यह पुरस्कार आगामी 03 मई, 2018 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में प्रदान किये जायेंगे।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रदेष के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में परिषद के कार्यों में तेजी लायी गयी है। ज्ञातव्य है कि उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं है। डॉ.पाण्डेय ने बताया कि परिषद के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को अधिक से अधिक सुविधा मिले, इसके लिए पूरे प्रयास किये गये है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में प्रदेष में निर्मित होने वाली फिल्मों की शूटिंग में शुल्क को समाप्त किया गया है। इससे भी प्रदेष में फिल्म निर्माता एवं निर्देषकों को शूटिंग के प्रति रूझान बढ़ा है। डॉ.पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए उत्तराखण्ड राज्य का चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। परिषद का गठन वर्ष 2015 में ही हुआ है और अपने इस अल्प कार्यकाल में देष के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखण्ड राज्य का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

उल्लेखनीय है कि सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष द मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड का आयोजन किया जाता है, जिसमें इस वर्ष 16 राज्यों ने प्रतिभाग किया था।

सस्ता उपचार देगा ऋषिकेश एम्सः चौबे

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा राष्ट्रीय आरोग्य निधि में एम्स ऋषिकेश को शामिल किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक और परिसर का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।

वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह एम्स बनाने की योजना बनाई थी। जिसमें सबसे अच्छी प्रगति ऋषिकेश एम्स की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस एम्स को राष्ट्रीय आरोग्य निधि में शामिल करने जा रहा है। इस नीति से गरीबों को सस्ता उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि एम्स विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ और रैनबसेरे के लिए 100 एकड़ भूमि की मांग राज्य सरकार से की है। इस कार्य को गति दी जाएगी। यहां आइडीपीएल की खाली भूमि पर भी विचार होगा। सरकार यहां सीआरसी खर्चे रैनबसेरे का निर्माण कराएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सरकार 1300 करोड़ का हेल्थ पैकेज देगी। बीते वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड को स्टेट प्लान के तहत 368 लाख रुपया दिया गया है। यहां 323 स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड कर इसी वर्ष वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। जिसमें एनएचएम से 90 प्रतिशत बजट दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना ने वर्ष 2022 तक कुल आबादी के 40 प्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शामिल है। पांच वर्ष में इस योजना से डेढ़ लाख हेल्थ सेंटर को 1300 करोड़ की लागत से मॉडल बनाए जाने का प्रावधान है। कहा कि टीबी के मरीजों को नमो केयर के रूप में प्रतिमाह 500 रुपया दिया जा रहा है।